कार्य का महत्त्व - Class 6 Social Science Hindi CBSE Notes

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CBSE Notes for Class 6 – Chapter-wise Revision Notes

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कार्य का महत्त्व - Class 6 Social Science Hindi CBSE Notes

कार्य का महत्त्व

Class 6 Social Science Hindi Updated : 19 September 2026

अध्याय 13. कार्य का महत्त्व

हमारे आसपास के लोग अनेक प्रकार के कार्य और गतिविधियाँ करते हैं। इस अध्याय में आर्थिक तथा गैर-आर्थिक गतिविधियों, उनके महत्व, पारिश्रमिक, मूल्य संवर्धन और सामुदायिक सहभागिता को समझाया गया है।

कार्य और गतिविधियाँ

  • मनुष्य अपने दैनिक जीवन में अनेक प्रकार के कार्य करता है।
  • कुछ कार्य आय या धन प्राप्त करने के लिए किए जाते हैं।
  • कुछ कार्य बिना किसी मौद्रिक लाभ के सेवा, प्रेम, सम्मान या कर्तव्य की भावना से किए जाते हैं।
  • इस आधार पर गतिविधियों को मुख्य रूप से आर्थिक गतिविधियाँ और गैर-आर्थिक गतिविधियाँ में बाँटा जाता है।

आर्थिक गतिविधियाँ

आर्थिक गतिविधियाँ वे गतिविधियाँ हैं जिनमें धन या मौद्रिक मूल्य शामिल होता है अथवा जिन्हें अर्थोपार्जन के लिए किया जाता है।

  • व्यापारी द्वारा वस्तुओं की बिक्री।
  • किसान द्वारा अपनी उपज बेचना।
  • वकील द्वारा सेवाओं के बदले शुल्क लेना।
  • ट्रक चालक द्वारा सामान एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाना।
  • कारखाने में श्रमिक द्वारा काम करना।
  • शिक्षक द्वारा शुल्क लेकर पढ़ाना।
  • किसी कर्मचारी द्वारा वेतन प्राप्त करना।

गैर-आर्थिक गतिविधियाँ

गैर-आर्थिक गतिविधियाँ वे गतिविधियाँ हैं जिनसे आय या संपत्ति अर्जित करना मुख्य उद्देश्य नहीं होता। इन्हें प्रेम, सेवा, कृतज्ञता, स्नेह और आदर जैसी भावनाओं से किया जाता है।

  • अभिभावकों द्वारा परिवार के लिए भोजन बनाना।
  • बच्चों को विद्यालय के कार्य में सहायता करना।
  • दादा-दादी या नाना-नानी की सेवा करना।
  • परिवार के सदस्यों द्वारा घर के नवीनीकरण में सहायता करना।
  • किसी को स्वेच्छा से निःशुल्क पढ़ाना।
  • सामुदायिक सेवा में स्वयंसेवा करना।

आर्थिक और गैर-आर्थिक गतिविधियों में अंतर

आधार आर्थिक गतिविधियाँ गैर-आर्थिक गतिविधियाँ
मुख्य उद्देश्य आय या मौद्रिक मूल्य प्राप्त करना सेवा, प्रेम, कर्तव्य, सम्मान आदि
धन का संबंध मौद्रिक मूल्य शामिल होता है आमतौर पर मौद्रिक भुगतान नहीं होता
उदाहरण व्यापार, नौकरी, मजदूरी परिवार की सेवा, स्वयंसेवा

वस्तु का नकद मूल्य

वस्तु का नकद मूल्य किसी वस्तु का वह मौद्रिक मूल्य है जिसे व्यक्ति उस वस्तु से मिलने वाले लाभ के आधार पर निर्धारित करता है।

बाजार

बाजार वह स्थान है जहाँ व्यक्ति वस्तुओं और सेवाओं का लेन-देन करते हैं। वस्तुओं और सेवाओं का आदान-प्रदान अन्य वस्तुओं या सेवाओं के बदले भी हो सकता है, लेकिन अधिकांश बाजारों में इनका लेन-देन धनराशि के लिए किया जाता है।

शुल्क

शुल्क किसी व्यावसायिक परामर्श या सेवा के लिए किसी व्यक्ति या संगठन को किया गया भुगतान है।

उदाहरण: चिकित्सक या वकील को उनकी सेवा के बदले दिया गया भुगतान।

वेतन

वेतन किसी नियोक्ता द्वारा कर्मचारी को नियमित रूप से, सामान्यतः प्रतिमाह, किया जाने वाला निश्चित भुगतान है।

उदाहरण: भारतीय वायुसेना की पायलट गीता मौसी और सॉफ्टवेयर इंजीनियर रोहन को उनके कार्य के बदले वेतन मिलता है।

मजदूरी

मजदूरी किसी विशेष समय अवधि के लिए नियोक्ता द्वारा श्रमिक को किया जाने वाला भुगतान है।

मजदूरी दैनिक, साप्ताहिक या कार्य की निर्धारित अवधि के आधार पर दी जा सकती है।

वस्तु के रूप में भुगतान

वस्तु के रूप में भुगतान वह गैर-मौद्रिक भुगतान है जो किए गए कार्य के बदले वस्तु के रूप में प्राप्त होता है।

अध्याय में साहिल का उदाहरण दिया गया है, जिसे खेत में ट्रैक्टर चलाने के कार्य के बदले कुछ धनराशि तथा शेष भुगतान आमों के रूप में प्राप्त होता है। आम के रूप में प्राप्त भुगतान वस्तु के रूप में भुगतान है।

आर्थिक गतिविधियों के उदाहरण

व्यक्ति/कार्य गतिविधि प्राप्ति
पायलट विमान चलाना वेतन
सॉफ्टवेयर इंजीनियर कंप्यूटर से संबंधित कार्य वेतन
दुकानदार वस्तुओं की बिक्री बिक्री से आय
किसान उपज बेचना मौद्रिक आय
वकील कानूनी सेवा शुल्क
श्रमिक कारखाने में कार्य वेतन/मजदूरी

स्वैच्छिक कार्य

किसी व्यक्ति द्वारा बिना मौद्रिक भुगतान की अपेक्षा के अपनी इच्छा से किया गया कार्य स्वैच्छिक कार्य हो सकता है।

अध्याय में रोहन का उदाहरण दिया गया है। वह सप्ताहांत में युवा विकास कार्यक्रम में विद्यार्थियों को कंप्यूटर संबंधी कौशल स्वेच्छा से सिखाता है। यह उसकी गैर-आर्थिक गतिविधि है।

गैर-आर्थिक गतिविधियों का महत्व

  • इन गतिविधियों में धन का प्रत्यक्ष भुगतान नहीं होता।
  • फिर भी इनसे उत्पन्न मूल्य हमारे जीवन में महत्वपूर्ण होता है।
  • ये परिवार के सदस्यों के बीच सहयोग और स्नेह बढ़ाती हैं।
  • ये सामाजिक कल्याण में योगदान देती हैं।
  • सेवा और स्वयंसेवा समाज के लिए उपयोगी होती हैं।
  • ये व्यक्तिगत और सामाजिक कल्याण में योगदान देती हैं।

मूल्य संवर्धन

मूल्य संवर्धन वह प्रक्रिया है जिसमें किसी वस्तु को दूसरे रूप में बदलने के प्रत्येक चरण पर उसके मूल्य में वृद्धि होती है।

उदाहरण: लकड़ी से कुर्सी बनाने पर लकड़ी का मूल्य बढ़ जाता है क्योंकि उसमें श्रम, कौशल, समय और प्रयास शामिल होते हैं।

राजेश का उदाहरण

  • राजेश एक बढ़ई हैं।
  • उन्होंने बाजार से ₹600 की लकड़ी खरीदी।
  • उन्होंने उस लकड़ी से कुर्सी बनाई।
  • कुर्सी को ₹1000 में बेचा।
  • लकड़ी की लागत = ₹600।
  • कुर्सी का बिक्री मूल्य = ₹1000।
  • अंतर = ₹400।
  • यह ₹400 राजेश के कौशल, समय और प्रयास के मौद्रिक मूल्य को दर्शाता है।
  • लकड़ी से फर्नीचर बनाकर राजेश ने लकड़ी का मूल्य संवर्धन किया।

मूल्य संवर्धन की प्रक्रिया

किसी वस्तु के उत्पादन और बिक्री की प्रक्रिया में अलग-अलग चरण हो सकते हैं। प्रत्येक चरण में श्रम, कौशल, संसाधन या सेवा जुड़ने के कारण वस्तु के मूल्य में वृद्धि हो सकती है।

उदाहरण: लकड़ी → फर्नीचर का निर्माण → तैयार कुर्सी → बाजार में बिक्री

सेवा

सेवा ऐसी गतिविधि है जिसमें किसी व्यक्ति या समुदाय की सहायता की जाती है। सेवा कार्यों में आर्थिक भुगतान आवश्यक नहीं होता।

  • मंदिरों में सेवा कार्य।
  • गुरुद्वारों में लंगर।
  • मस्जिदों और गिरजाघरों में विभिन्न सेवा कार्य।
  • समाज के जरूरतमंद लोगों की सहायता।

लंगर

गुरुद्वारों में श्रद्धालुओं को सामुदायिक रसोई के माध्यम से निःशुल्क भोजन कराया जाता है। यह सेवा और सामुदायिक सहभागिता का उदाहरण है।

सामुदायिक सहभागिता

सामुदायिक सहभागिता का अर्थ है किसी समुदाय के लोगों का मिलकर ऐसे कार्यों में भाग लेना जिनसे समुदाय और समाज को लाभ हो।

  • लोग मिलकर सार्वजनिक स्थानों की सफाई कर सकते हैं।
  • वृक्षारोपण कार्यक्रमों में भाग ले सकते हैं।
  • सामुदायिक सेवा कार्य कर सकते हैं।
  • त्योहारों और सामुदायिक कार्यक्रमों में मिलकर कार्य कर सकते हैं।
  • समाज के कल्याण के लिए सामूहिक प्रयास कर सकते हैं।

स्वच्छ भारत अभियान

स्वच्छ भारत अभियान को अध्याय में सामुदायिक सहभागिता के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसमें नागरिक अपने घरों के साथ-साथ गलियों, सड़कों, पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने के लिए सामूहिक प्रयास करते हैं।

वन महोत्सव

वन महोत्सव भारत में वृक्षों के महत्व और वन संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक उदाहरण है। इसमें समुदाय के सदस्य वृक्षारोपण अभियानों में एक साथ भाग लेते हैं।

त्योहार और सामुदायिक सहभागिता

  • त्योहारों के अवसर पर लोग मिलकर अनेक गतिविधियाँ करते हैं।
  • लोग मिलकर स्थानों की सजावट करते हैं।
  • मिलकर विभिन्न व्यंजन तैयार करते हैं।
  • ऐसी गतिविधियाँ सामाजिक सहयोग और सामुदायिक भावना को बढ़ाती हैं।

आर्थिक गतिविधियों के प्रमुख पारिश्रमिक

पारिश्रमिक का प्रकार अर्थ
वेतन कर्मचारी को नियमित रूप से दिया जाने वाला निश्चित भुगतान।
मजदूरी विशिष्ट समय अवधि के कार्य के लिए श्रमिक को किया गया भुगतान।
शुल्क व्यावसायिक परामर्श या सेवा के बदले किया गया भुगतान।
वस्तु के रूप में भुगतान धन के बजाय किसी वस्तु के रूप में किया गया भुगतान।

महत्वपूर्ण अंतर

आर्थिक गतिविधि गैर-आर्थिक गतिविधि
मौद्रिक मूल्य से संबंधित होती है। मुख्य रूप से सेवा, प्रेम, कर्तव्य आदि से संबंधित होती है।
आय या अर्थोपार्जन किया जा सकता है। आय अर्जित करना मुख्य उद्देश्य नहीं होता।
उदाहरण: नौकरी, व्यापार, मजदूरी। उदाहरण: परिवार की सेवा, स्वयंसेवा।

महत्वपूर्ण शब्द

  • आर्थिक गतिविधि: धन या मौद्रिक मूल्य से संबंधित गतिविधि।
  • गैर-आर्थिक गतिविधि: ऐसी गतिविधि जिसमें आय अर्जित करना मुख्य उद्देश्य नहीं होता।
  • बाजार: वस्तुओं और सेवाओं के लेन-देन का स्थान।
  • शुल्क: सेवा या व्यावसायिक परामर्श के बदले किया गया भुगतान।
  • वेतन: कर्मचारी को नियमित रूप से किया जाने वाला निश्चित भुगतान।
  • मजदूरी: श्रमिक को किसी विशेष समय अवधि के कार्य के बदले किया गया भुगतान।
  • वस्तु के रूप में भुगतान: कार्य के बदले वस्तु के रूप में प्राप्त गैर-मौद्रिक भुगतान।
  • मूल्य संवर्धन: उत्पादन या परिवर्तन के विभिन्न चरणों में वस्तु के मूल्य में वृद्धि।
  • सामुदायिक सहभागिता: समुदाय के लोगों द्वारा मिलकर समाजोपयोगी कार्यों में भाग लेना।

Exam Booster

  • कार्य और गतिविधियाँ → आर्थिक एवं गैर-आर्थिक गतिविधियाँ।
  • आर्थिक गतिविधि → धन/मौद्रिक मूल्य या अर्थोपार्जन से संबंधित।
  • गैर-आर्थिक गतिविधि → सेवा, प्रेम, कर्तव्य, सम्मान आदि से संबंधित।
  • बाजार → वस्तुओं और सेवाओं का लेन-देन।
  • शुल्क → सेवा या व्यावसायिक परामर्श का भुगतान।
  • वेतन → नियमित निश्चित भुगतान।
  • मजदूरी → विशेष समय अवधि के कार्य का भुगतान।
  • वस्तु के रूप में भुगतान → गैर-मौद्रिक भुगतान।
  • मूल्य संवर्धन → वस्तु के मूल्य में वृद्धि।
  • राजेश के उदाहरण में ₹600 की लकड़ी से ₹1000 की कुर्सी बनी।
  • ₹400 राजेश के कौशल, समय और प्रयास के मौद्रिक मूल्य को दर्शाता है।
  • लंगर → सेवा और सामुदायिक सहभागिता का उदाहरण।
  • स्वच्छ भारत अभियान → सामुदायिक सहभागिता का उदाहरण।
  • वन महोत्सव → वृक्षारोपण और वन संरक्षण के प्रति सामुदायिक जागरूकता का उदाहरण।

Quick Revision

  • काम → अनेक प्रकार की गतिविधियाँ
  • आर्थिक गतिविधि → आय/मौद्रिक मूल्य
  • गैर-आर्थिक गतिविधि → सेवा/प्रेम/कर्तव्य
  • बाजार → वस्तु एवं सेवा का लेन-देन
  • वेतन → नियमित भुगतान
  • मजदूरी → समय अवधि के कार्य का भुगतान
  • शुल्क → सेवा का भुगतान
  • वस्तु के रूप में भुगतान → वस्तु द्वारा पारिश्रमिक
  • मूल्य संवर्धन → वस्तु के मूल्य में वृद्धि
  • सेवा → बिना मौद्रिक लाभ के समाजोपयोगी कार्य भी हो सकता है
  • सामुदायिक सहभागिता → मिलकर समाजोपयोगी कार्य करना

कार्य का महत्त्व

Class 6 Social Science Hindi Updated : 19 September 2026

अध्याय 13. कार्य का महत्त्व 

इस भाग में हम अपने आसपास होने वाली विभिन्न गतिविधियों, आर्थिक एवं गैर-आर्थिक गतिविधियों तथा उनके महत्व को समझेंगे। साथ ही वेतन, शुल्क और मजदूरी जैसे प्रमुख शब्दों का अध्ययन करेंगे।

कार्य का महत्त्व

  • मनुष्य अपने दैनिक जीवन में अनेक प्रकार के कार्य करता है।
  • लोग अलग-अलग व्यवसायों, नौकरियों और सेवाओं में लगे होते हैं।
  • कुछ कार्यों से आय प्राप्त होती है, जबकि कुछ कार्य बिना आर्थिक लाभ के किए जाते हैं।
  • हर प्रकार का कार्य व्यक्ति, परिवार और समाज के जीवन में किसी न किसी रूप में योगदान देता है।

हमारे आसपास होने वाले विभिन्न कार्य

  • पायलट के रूप में कार्य करना।
  • दुकान चलाना और वस्तुओं की बिक्री करना।
  • किसान द्वारा फसल उगाना और बेचना।
  • सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्य करना।
  • सिलाई करना और सिलाई सिखाना।
  • श्रमिक के रूप में कारखाने में काम करना।
  • बच्चों को पढ़ाना।
  • परिवार के सदस्यों की सहायता करना।
  • बुजुर्गों की सेवा करना।
  • स्वेच्छा से किसी को कोई कौशल सिखाना।

आर्थिक और गैर-आर्थिक गतिविधियाँ

हमारे आसपास होने वाली विभिन्न गतिविधियों को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बाँटा जा सकता है:

  • आर्थिक गतिविधियाँ
  • गैर-आर्थिक गतिविधियाँ

आर्थिक गतिविधियाँ

आर्थिक गतिविधियाँ वे गतिविधियाँ हैं जिनमें धन या मौद्रिक मूल्य शामिल होता है, जिन्हें अर्थोपार्जन के लिए किया जाता है या जिनका संबंध वस्तु के नकद मूल्य से होता है।

  • व्यापारी द्वारा वस्तुओं को बेचना।
  • किसान द्वारा अपनी उपज बाजार में बेचना।
  • वकील द्वारा सेवा के बदले शुल्क लेना।
  • ट्रक चालक द्वारा सामान एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाना।
  • कारखाने में श्रमिक द्वारा काम करना।
  • कर्मचारी द्वारा नौकरी के बदले वेतन प्राप्त करना।

गैर-आर्थिक गतिविधियाँ

गैर-आर्थिक गतिविधियाँ वे गतिविधियाँ हैं जिनमें आय या संपत्ति अर्जित करना मुख्य उद्देश्य नहीं होता। इन्हें प्रेम, स्नेह, सेवा, कृतज्ञता और आदर जैसी भावनाओं के साथ किया जाता है।

  • अभिभावकों द्वारा परिवार के लिए भोजन बनाना।
  • बच्चों को विद्यालय के कार्य में सहायता करना।
  • दादा-दादी या नाना-नानी की सेवा करना।
  • परिवार के सदस्यों द्वारा घर के नवीनीकरण में सहायता करना।
  • किसी को स्वेच्छा से निःशुल्क पढ़ाना।

आर्थिक और गैर-आर्थिक गतिविधियों में अंतर

आधार आर्थिक गतिविधियाँ गैर-आर्थिक गतिविधियाँ
मुख्य उद्देश्य आय या मौद्रिक मूल्य प्राप्त करना सेवा, प्रेम, स्नेह, कर्तव्य आदि
धन का संबंध धन या मौद्रिक मूल्य शामिल होता है आय अर्जित करना मुख्य उद्देश्य नहीं होता
उदाहरण नौकरी, व्यापार, खेती, मजदूरी परिवार की सेवा, बुजुर्गों की देखभाल, स्वयंसेवा

वस्तु का नकद मूल्य

वस्तु का नकद मूल्य किसी वस्तु का वह मौद्रिक मूल्य है जिसे व्यक्ति उस वस्तु से मिलने वाले लाभ के आधार पर निर्धारित करता है।

  • किसी वस्तु का मूल्य धन के रूप में व्यक्त किया जा सकता है।
  • वस्तु का मौद्रिक मूल्य उसके उपयोग और उससे मिलने वाले लाभ से संबंधित हो सकता है।

बाजार

बाजार वह स्थान है जहाँ व्यक्ति वस्तुओं और सेवाओं का लेन-देन करते हैं।

  • बाजार में वस्तुओं और सेवाओं का आदान-प्रदान होता है।
  • वस्तु या सेवा के बदले दूसरी वस्तु या सेवा का लेन-देन किया जा सकता है।
  • अधिकांश बाजारों में वस्तुओं और सेवाओं का लेन-देन धनराशि के लिए किया जाता है।

शुल्क

शुल्क किसी व्यावसायिक परामर्श या सेवा के लिए किसी व्यक्ति या संगठन को किया गया भुगतान है।

उदाहरण: चिकित्सक या वकील को उनकी सेवा के बदले दिया गया भुगतान शुल्क कहलाता है।

वेतन

वेतन किसी नियोक्ता द्वारा कर्मचारी को नियमित रूप से, सामान्यतः प्रतिमाह, किया जाने वाला निश्चित भुगतान है।

उदाहरण: भारतीय वायुसेना में पायलट के रूप में कार्य करने वाली गीता मौसी को उनके कार्य के बदले वेतन मिलता है।

मजदूरी

मजदूरी किसी विशेष समय अवधि के लिए नियोक्ता द्वारा श्रमिक को किया जाने वाला भुगतान है।

  • मजदूरी कार्य की निर्धारित अवधि के आधार पर दी जा सकती है।
  • यह श्रमिक द्वारा किए गए कार्य के बदले प्राप्त पारिश्रमिक है।

वस्तु के रूप में भुगतान

वस्तु के रूप में भुगतान किए गए कार्य के लिए प्राप्त किया गया गैर-मौद्रिक भुगतान है।

अध्याय में साहिल का उदाहरण दिया गया है। वह खेत में ट्रैक्टर चलाता है और उसे कुछ धनराशि के साथ शेष भुगतान आमों के रूप में मिलता है। आम के रूप में प्राप्त भुगतान वस्तु के रूप में भुगतान कहलाता है।

पारिश्रमिक के प्रमुख रूप

पारिश्रमिक अर्थ उदाहरण
वेतन नियमित रूप से किया जाने वाला निश्चित भुगतान कर्मचारी को मासिक भुगतान
मजदूरी विशेष समय अवधि के कार्य का भुगतान श्रमिक को कार्य के बदले भुगतान
शुल्क सेवा या व्यावसायिक परामर्श का भुगतान चिकित्सक या वकील को भुगतान
वस्तु के रूप में भुगतान धन के बजाय वस्तु के रूप में भुगतान कार्य के बदले आम प्राप्त करना

गीता मौसी का कार्य

  • गीता मौसी भारतीय वायुसेना में पायलट हैं।
  • उन्हें अपने कार्य के लिए वेतन मिलता है।
  • उनका पायलट के रूप में कार्य आर्थिक गतिविधि है।
  • वह देश की सेवा भी करती हैं।

रोहन का कार्य

  • रोहन एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है।
  • वह कंप्यूटर एप्लीकेशन बनाने वाली कंपनी में काम करता है।
  • उसे अपने कार्य के लिए वेतन मिलता है।
  • सप्ताहांत में वह युवा विकास कार्यक्रम में स्वेच्छा से कंप्यूटर संबंधी कौशल सिखाता है।
  • स्वेच्छा से निःशुल्क कौशल सिखाने की गतिविधि गैर-आर्थिक गतिविधि है।

गैर-आर्थिक गतिविधियों का मूल्य

  • गैर-आर्थिक गतिविधियों में धन का प्रत्यक्ष भुगतान नहीं होता।
  • फिर भी इन गतिविधियों से उत्पन्न मूल्य हमारे जीवन में महत्वपूर्ण होता है।
  • परिवार में सहयोग और प्रेम बढ़ाने में इनका योगदान होता है।
  • सेवा और स्वैच्छिक कार्य समाज के लिए उपयोगी होते हैं।

महत्वपूर्ण परिभाषाएँ

  • आर्थिक गतिविधि: धन या मौद्रिक मूल्य से संबंधित गतिविधि।
  • गैर-आर्थिक गतिविधि: ऐसी गतिविधि जिसमें आय अर्जित करना मुख्य उद्देश्य नहीं होता।
  • बाजार: वस्तुओं और सेवाओं के लेन-देन का स्थान।
  • शुल्क: किसी सेवा या व्यावसायिक परामर्श के लिए किया गया भुगतान।
  • वेतन: कर्मचारी को नियमित रूप से किया जाने वाला निश्चित भुगतान।
  • मजदूरी: किसी विशेष समय अवधि के कार्य के लिए श्रमिक को किया गया भुगतान।
  • वस्तु के रूप में भुगतान: कार्य के बदले वस्तु के रूप में प्राप्त गैर-मौद्रिक भुगतान।

Exam Facts

  • गतिविधियों की दो प्रमुख श्रेणियाँ → आर्थिक और गैर-आर्थिक।
  • आर्थिक गतिविधियाँ → मौद्रिक मूल्य या अर्थोपार्जन से संबंधित।
  • गैर-आर्थिक गतिविधियाँ → सेवा, प्रेम, स्नेह, कृतज्ञता और आदर से संबंधित।
  • बाजार → वस्तुओं और सेवाओं का लेन-देन।
  • वेतन → नियमित निश्चित भुगतान।
  • मजदूरी → विशेष समय अवधि के कार्य का भुगतान।
  • शुल्क → व्यावसायिक सेवा या परामर्श का भुगतान।
  • वस्तु के रूप में भुगतान → गैर-मौद्रिक भुगतान।
  • रोहन का कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर का कार्य → आर्थिक गतिविधि।
  • रोहन का सप्ताहांत में स्वेच्छा से कंप्यूटर कौशल सिखाना → गैर-आर्थिक गतिविधि।
  • परिवार के लिए भोजन बनाना → गैर-आर्थिक गतिविधि का उदाहरण।
  • किसान द्वारा अपनी उपज बेचना → आर्थिक गतिविधि का उदाहरण।

Quick Revision

  • गतिविधियाँ → आर्थिक + गैर-आर्थिक
  • आर्थिक → आय/मौद्रिक मूल्य
  • गैर-आर्थिक → सेवा/प्रेम/कर्तव्य
  • बाजार → वस्तु एवं सेवा का लेन-देन
  • वेतन → नियमित निश्चित भुगतान
  • मजदूरी → विशेष समय के कार्य का भुगतान
  • शुल्क → सेवा का भुगतान
  • वस्तु के रूप में भुगतान → वस्तु द्वारा पारिश्रमिक

कार्य का महत्त्व

Class 6 Social Science Hindi Updated : 19 September 2026

अध्याय 13. कार्य का महत्त्व

इस भाग में कार्य के आर्थिक पक्ष से आगे बढ़कर मूल्य संवर्धन, कौशल और श्रम के महत्व, सेवा तथा सामुदायिक सहभागिता को समझेंगे।

मूल्य संवर्धन

मूल्य संवर्धन वह प्रक्रिया है जिसमें किसी वस्तु को उपयोगी या अधिक मूल्यवान रूप में बदलने पर उसके मूल्य में वृद्धि होती है।

  • वस्तु के निर्माण में कच्चे माल के साथ श्रम, कौशल, समय और प्रयास जुड़ते हैं।
  • इन प्रक्रियाओं के कारण तैयार वस्तु का मूल्य बढ़ सकता है।
  • मूल्य संवर्धन आर्थिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण भाग है।

राजेश का उदाहरण

  • राजेश एक बढ़ई हैं।
  • उन्होंने बाजार से ₹600 की लकड़ी खरीदी।
  • उन्होंने विशेष उपकरणों की सहायता से लकड़ी से कुर्सी बनाई।
  • प्रत्येक कुर्सी को उन्होंने ₹1000 में बेचा।
  • लकड़ी की लागत = ₹600।
  • कुर्सी का बिक्री मूल्य = ₹1000।
  • अंतर = ₹400
  • यह ₹400 उनके कौशल, समय और प्रयास के मौद्रिक मूल्य को दर्शाता है।
  • लकड़ी से फर्नीचर बनाकर राजेश ने लकड़ी का मूल्य संवर्धन किया।

मूल्य संवर्धन और कौशल

  • किसी वस्तु को उपयोगी रूप में बदलने के लिए कौशल की आवश्यकता होती है।
  • कार्यकर्ता का समय और श्रम भी उत्पादन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण होते हैं।
  • कौशल, समय और प्रयास वस्तु के अंतिम मूल्य में योगदान कर सकते हैं।

आर्थिक गतिविधि और भुगतान

राजेश के उदाहरण में लकड़ी खरीदने से लेकर तैयार कुर्सी बेचने तक की गतिविधियों में भुगतान शामिल है। इसलिए ये गतिविधियाँ आर्थिक गतिविधियों का हिस्सा हैं।

  • कच्चे माल की खरीद → भुगतान
  • वस्तु का निर्माण → श्रम और कौशल
  • तैयार वस्तु की बिक्री → आय
  • वस्तु का मूल्य → उत्पादन प्रक्रिया के साथ बढ़ सकता है

सेवा का महत्त्व

सेवा का अर्थ किसी व्यक्ति या समुदाय की सहायता करना या उसके लिए उपयोगी कार्य करना है। सेवा का उद्देश्य हमेशा धन प्राप्त करना नहीं होता।

  • किसी जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करना।
  • बच्चों को निःशुल्क पढ़ाना।
  • सामुदायिक कार्यों में स्वयंसेवा करना।
  • परिवार के सदस्यों की सहायता करना।
  • सार्वजनिक हित के कार्यों में सहयोग करना।

स्वैच्छिक कार्य

स्वैच्छिक कार्य वह कार्य है जिसे व्यक्ति अपनी इच्छा से करता है और जिसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक लाभ प्राप्त करना नहीं होता।

  • रोहन सप्ताहांत में युवा विकास कार्यक्रम में स्वेच्छा से कंप्यूटर संबंधी कौशल सिखाता है।
  • उसे इस कार्य के लिए आर्थिक भुगतान नहीं मिलता।
  • इसलिए यह गैर-आर्थिक गतिविधि का उदाहरण है।

परिवार में कार्य और सहयोग

  • परिवार के सभी सदस्य अलग-अलग प्रकार के कार्य कर सकते हैं।
  • कुछ सदस्य घर के बाहर आर्थिक गतिविधियों में लगे हो सकते हैं।
  • परिवार के सदस्य घर के कामों में भी एक-दूसरे की सहायता करते हैं।
  • घर का काम आर्थिक भुगतान के बिना किया जा सकता है, फिर भी उसका परिवार के जीवन में महत्वपूर्ण मूल्य होता है।

माता-पिता के कार्य

  • अध्याय की कहानी में माता-पिता दुकान चलाते हैं।
  • पिता सुबह दुकान जाते हैं।
  • माँ विद्यालय जाने के बाद दुकान में सहयोग करती हैं।
  • माँ एक स्वैच्छिक समूह के साथ भी कार्य करती हैं, जहाँ महिलाओं को सिलाई सिखाई जाती है।

आर्थिक और गैर-आर्थिक कार्य साथ-साथ

एक व्यक्ति अपने जीवन में आर्थिक और गैर-आर्थिक दोनों प्रकार की गतिविधियों में शामिल हो सकता है। किसी व्यक्ति का एक कार्य आर्थिक हो सकता है, जबकि उसी व्यक्ति का दूसरा कार्य सेवा या स्वयंसेवा के कारण गैर-आर्थिक हो सकता है।

व्यक्ति कार्य गतिविधि का प्रकार
गीता मौसी वायुसेना में विमान चालक आर्थिक
रोहन सॉफ्टवेयर कंपनी में कार्य आर्थिक
रोहन युवा विकास कार्यक्रम में स्वेच्छा से कौशल सिखाना गैर-आर्थिक
माँ स्वैच्छिक समूह में महिलाओं को सिलाई सिखाना गैर-आर्थिक

सेवा और आर्थिक गतिविधि में अंतर

आधार आर्थिक गतिविधि सेवा/गैर-आर्थिक गतिविधि
मुख्य उद्देश्य आय या मौद्रिक मूल्य सहायता, सेवा या सामाजिक योगदान
भुगतान आमतौर पर भुगतान शामिल होता है आर्थिक भुगतान आवश्यक नहीं
उदाहरण नौकरी, व्यापार, फर्नीचर बेचना निःशुल्क पढ़ाना, स्वयंसेवा

सामुदायिक सहभागिता

सामुदायिक सहभागिता का अर्थ है समुदाय के लोगों का मिलकर ऐसे कार्यों में भाग लेना जिनसे समुदाय या समाज को लाभ हो।

  • सामुदायिक कार्यों में लोगों का सहयोग।
  • सार्वजनिक स्थानों की सफाई।
  • वृक्षारोपण में भाग लेना।
  • जरूरतमंद लोगों की सहायता करना।
  • सामूहिक कार्यक्रमों में सहयोग करना।

सेवा और सामुदायिक जीवन

  • सेवा की भावना लोगों को एक-दूसरे की सहायता करने के लिए प्रेरित करती है।
  • सामुदायिक कार्यों में कई लोग मिलकर योगदान दे सकते हैं।
  • ऐसे कार्यों से समुदाय के सदस्यों के बीच सहयोग की भावना विकसित होती है।
  • सामुदायिक सहभागिता समाज के कल्याण में योगदान देती है।

लंगर और सेवा

गुरुद्वारों में सामुदायिक रसोई के माध्यम से लोगों को भोजन कराया जाता है। यह सामूहिक सेवा और सहयोग का उदाहरण है।

  • लोग मिलकर भोजन तैयार करते हैं।
  • लोग भोजन परोसने और अन्य कार्यों में सहयोग करते हैं।
  • सेवा में सामुदायिक भागीदारी दिखाई देती है।

स्वच्छ भारत अभियान

स्वच्छ भारत अभियान के संदर्भ में सामुदायिक सहभागिता का महत्व समझा जा सकता है। जब नागरिक अपने घरों के साथ-साथ सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता में सहयोग करते हैं, तो सामूहिक प्रयास से स्वच्छ वातावरण बनाने में सहायता मिलती है।

वन महोत्सव

वन महोत्सव वृक्षारोपण और पेड़ों के महत्व के प्रति जागरूकता से संबंधित गतिविधियों का उदाहरण है। इसमें सामुदायिक स्तर पर लोग मिलकर वृक्षारोपण जैसे कार्यों में भाग ले सकते हैं।

कार्य का व्यक्तिगत महत्त्व

  • कार्य व्यक्ति को अपने कौशल का उपयोग करने का अवसर देता है।
  • कार्य के माध्यम से व्यक्ति अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आय प्राप्त कर सकता है।
  • कार्य से व्यक्ति परिवार और समाज में योगदान देता है।
  • सेवा और गैर-आर्थिक कार्य व्यक्ति के सामाजिक जीवन में योगदान करते हैं।

कार्य का सामाजिक महत्त्व

  • विभिन्न लोग अलग-अलग कार्य करके समाज की आवश्यकताओं को पूरा करते हैं।
  • किसान भोजन उपलब्ध कराने में योगदान देता है।
  • शिक्षक शिक्षा प्रदान करता है।
  • चिकित्सक स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करता है।
  • कारीगर उपयोगी वस्तुओं का निर्माण करता है।
  • स्वयंसेवक सामाजिक कार्यों में योगदान देता है।

कार्य और परस्पर निर्भरता

समाज में अलग-अलग लोग अलग-अलग प्रकार के कार्य करते हैं। इसलिए हमारी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए हम अनेक लोगों के कार्यों पर निर्भर रहते हैं।

  • किसान → खाद्य पदार्थों का उत्पादन।
  • कारीगर → उपयोगी वस्तुओं का निर्माण।
  • व्यापारी → वस्तुओं की बिक्री।
  • शिक्षक → शिक्षा।
  • चिकित्सक → स्वास्थ्य सेवा।
  • चालक → परिवहन सेवा।

महत्वपूर्ण परिभाषाएँ

  • मूल्य संवर्धन: किसी वस्तु को अधिक उपयोगी या मूल्यवान रूप में बदलने पर उसके मूल्य में होने वाली वृद्धि।
  • सेवा: किसी व्यक्ति या समुदाय के लिए सहायता या उपयोगी कार्य करना।
  • स्वैच्छिक कार्य: अपनी इच्छा से बिना मुख्य आर्थिक लाभ के किया गया कार्य।
  • सामुदायिक सहभागिता: समुदाय के लोगों द्वारा मिलकर समाजोपयोगी कार्यों में भाग लेना।
  • वेतन: कर्मचारी को नियमित रूप से दिया जाने वाला निश्चित भुगतान।
  • मजदूरी: किसी विशेष समय अवधि के कार्य के लिए श्रमिक को दिया जाने वाला भुगतान।
  • शुल्क: किसी सेवा या व्यावसायिक परामर्श के बदले किया गया भुगतान।

महत्वपूर्ण अंतर

मूल्य संवर्धन मूल्य
वस्तु के रूप या उपयोग में परिवर्तन के कारण उसके मूल्य में वृद्धि की प्रक्रिया। वस्तु का मौद्रिक मूल्य या उससे मिलने वाला लाभ।

 

वेतन मजदूरी
कर्मचारी को नियमित रूप से, सामान्यतः प्रतिमाह, किया जाने वाला निश्चित भुगतान। विशेष समय अवधि के कार्य के लिए श्रमिक को किया जाने वाला भुगतान।

 

Exam Facts

  • आर्थिक गतिविधियाँ → धन या मौद्रिक मूल्य से संबंधित।
  • गैर-आर्थिक गतिविधियाँ → सेवा, प्रेम, स्नेह, कर्तव्य आदि से संबंधित।
  • वस्तु का नकद मूल्य → वस्तु का व्यक्ति द्वारा तय किया गया मौद्रिक मूल्य।
  • बाजार → वस्तुओं और सेवाओं के लेन-देन का स्थान।
  • शुल्क → सेवा या व्यावसायिक परामर्श का भुगतान।
  • वेतन → नियमित निश्चित भुगतान।
  • मजदूरी → विशेष समय अवधि के कार्य का भुगतान।
  • वस्तु के रूप में भुगतान → धन के बजाय वस्तु के रूप में भुगतान।
  • राजेश ने ₹600 की लकड़ी से ₹1000 की कुर्सी बनाई।
  • राजेश के उदाहरण में ₹400 उनके कौशल, समय और प्रयास के मौद्रिक मूल्य को दर्शाते हैं।
  • लकड़ी से फर्नीचर बनाना → मूल्य संवर्धन।
  • रोहन का सप्ताहांत में स्वेच्छा से कंप्यूटर कौशल सिखाना → गैर-आर्थिक गतिविधि।
  • सेवा और स्वयंसेवा → सामुदायिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान।

Quick Revision

  • आर्थिक गतिविधि → आय/मौद्रिक मूल्य
  • गैर-आर्थिक गतिविधि → सेवा/प्रेम/कर्तव्य
  • वेतन → नियमित निश्चित भुगतान
  • मजदूरी → विशेष समय के कार्य का भुगतान
  • शुल्क → सेवा का भुगतान
  • वस्तु के रूप में भुगतान → वस्तु द्वारा पारिश्रमिक
  • मूल्य संवर्धन → वस्तु के मूल्य में वृद्धि
  • सेवा → दूसरों की सहायता या उपयोगी कार्य
  • स्वैच्छिक कार्य → अपनी इच्छा से किया गया गैर-आर्थिक कार्य
  • सामुदायिक सहभागिता → मिलकर समाजोपयोगी कार्य करना

कार्य का महत्त्व

Class 6 Social Science Hindi Updated : 19 September 2026

अध्याय 13. कार्य का महत्त्व — Assignment

इस अभ्यास में आर्थिक एवं गैर-आर्थिक गतिविधियाँ, पारिश्रमिक, बाजार, मूल्य संवर्धन तथा सामुदायिक सहभागिता से संबंधित प्रश्न दिए गए हैं।

भाग A — बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

1. आर्थिक गतिविधि की प्रमुख विशेषता क्या है?

  1. इसमें केवल मनोरंजन होता है
  2. इसमें मौद्रिक मूल्य शामिल होता है
  3. इसमें कोई कार्य नहीं किया जाता
  4. इसमें केवल पारिवारिक कार्य होते हैं

2. निम्नलिखित में से कौन-सी गैर-आर्थिक गतिविधि है?

  1. दुकान में सामान बेचना
  2. कारखाने में काम करना
  3. दादा-दादी की सेवा करना
  4. वकील को शुल्क देना

3. बाजार किसे कहा जाता है?

  1. केवल वह स्थान जहाँ भोजन मिलता है
  2. वह स्थान जहाँ वस्तुओं और सेवाओं का लेन-देन होता है
  3. केवल वह स्थान जहाँ खेती होती है
  4. वह स्थान जहाँ लोग पढ़ाई करते हैं

4. किसी वस्तु का नकद मूल्य किससे संबंधित होता है?

  1. उसके रंग से
  2. उससे मिलने वाले लाभ पर आधारित मौद्रिक मूल्य से
  3. उसके आकार से ही
  4. उसके वजन से ही

5. डॉक्टर या वकील को दी जाने वाली राशि को क्या कहा जाता है?

  1. मजदूरी
  2. वेतन
  3. शुल्क
  4. कर

6. कर्मचारी को नियमित रूप से प्रतिमाह किया जाने वाला निश्चित भुगतान क्या कहलाता है?

  1. शुल्क
  2. वेतन
  3. दान
  4. वस्तु के रूप में भुगतान

7. श्रमिक को किसी विशेष समय अवधि के लिए नियोक्ता द्वारा किया गया भुगतान क्या कहलाता है?

  1. मजदूरी
  2. शुल्क
  3. कर
  4. दान

8. कार्य के बदले गैर-मौद्रिक भुगतान को क्या कहा जाता है?

  1. वेतन
  2. वस्तु के रूप में भुगतान
  3. शुल्क
  4. मौद्रिक मूल्य

9. साहिल को ट्रैक्टर से खेत जोतने के कार्य के लिए कुछ धनराशि और शेष आमों के रूप में मिलता है। आम किस प्रकार का भुगतान है?

  1. वेतन
  2. शुल्क
  3. वस्तु के रूप में भुगतान
  4. कर

10. रोहन सप्ताहांत में महाविद्यालय के युवा विकास कार्यक्रम में कंप्यूटर कौशल सिखाता है। यह किस प्रकार की गतिविधि है?

  1. आर्थिक गतिविधि
  2. गैर-आर्थिक गतिविधि
  3. व्यापारिक गतिविधि
  4. बाजार गतिविधि

11. गीता मौसी वायुसेना में विमान चालक हैं और उन्हें वेतन मिलता है। उनका कार्य किस प्रकार की गतिविधि है?

  1. गैर-आर्थिक गतिविधि
  2. आर्थिक गतिविधि
  3. केवल सामुदायिक गतिविधि
  4. घरेलू गतिविधि

12. लकड़ी से फर्नीचर बनाने पर लकड़ी के मूल्य में वृद्धि को क्या कहा जाता है?

  1. मूल्य संवर्धन
  2. मूल्य ह्रास
  3. शुल्क
  4. मजदूरी

13. राजेश ने ₹600 की लकड़ी खरीदकर कुर्सी ₹1000 में बेची। ₹400 किसका मौद्रिक मूल्य है?

  1. केवल लकड़ी का
  2. राजेश के कौशल, समय और प्रयास का
  3. बाजार का
  4. कर का

14. निम्नलिखित में से कौन सामुदायिक सहभागिता का उदाहरण है?

  1. अकेले वस्तु खरीदना
  2. सामुदायिक रूप से वृक्षारोपण अभियान में भाग लेना
  3. दुकान से सामान खरीदना
  4. किसी सेवा के लिए शुल्क देना

15. वन महोत्सव का प्रमुख उद्देश्य किससे संबंधित है?

  1. केवल व्यापार बढ़ाना
  2. वृक्षों के महत्त्व और वन संरक्षण के प्रति जागरूकता
  3. केवल खेल प्रतियोगिता आयोजित करना
  4. बाजार का विस्तार करना

भाग B — रिक्त स्थान भरिए

1. जिन गतिविधियों में मौद्रिक मूल्य शामिल होता है, उन्हें __________ गतिविधियाँ कहा जाता है।

2. जिन गतिविधियों में आय या संपत्ति अर्जित नहीं होती और जिन्हें सेवा, स्नेह या आदर की भावना से किया जाता है, उन्हें __________ गतिविधियाँ कहते हैं।

3. वस्तुओं और सेवाओं के लेन-देन का स्थान __________ कहलाता है।

4. किसी व्यावसायिक परामर्श या सेवा के लिए किया गया भुगतान __________ कहलाता है।

5. कर्मचारी को नियमित रूप से प्रतिमाह किया जाने वाला निश्चित भुगतान __________ कहलाता है।

6. श्रमिक को किसी विशेष समय अवधि के लिए किया गया भुगतान __________ कहलाता है।

7. कार्य के बदले प्राप्त गैर-मौद्रिक भुगतान को __________ कहते हैं।

8. किसी वस्तु के रूपांतरण के प्रत्येक चरण पर उसके मूल्य में होने वाली वृद्धि को __________ कहते हैं।

9. राजेश ने लकड़ी से फर्नीचर बनाकर लकड़ी का __________ किया।

10. वन महोत्सव में समुदाय के सदस्य __________ अभियानों के लिए एक साथ आते हैं।

भाग C — सही या गलत लिखिए

1. आर्थिक गतिविधियों में मौद्रिक मूल्य शामिल हो सकता है।

2. परिवार के लिए भोजन बनाना हमेशा आर्थिक गतिविधि है।

3. बाजार में वस्तुओं और सेवाओं का लेन-देन होता है।

4. शुल्क डॉक्टर या वकील को दी जाने वाली राशि हो सकती है।

5. वेतन कर्मचारी को नियमित रूप से प्रतिमाह दिया जाने वाला भुगतान है।

6. वस्तु के रूप में भुगतान हमेशा धनराशि में किया जाता है।

7. रोहन का सप्ताहांत में स्वेच्छा से कंप्यूटर कौशल सिखाना गैर-आर्थिक गतिविधि का उदाहरण है।

8. मूल्य संवर्धन का अर्थ वस्तु के मूल्य में वृद्धि होना है।

9. सामुदायिक सहभागिता में लोग मिलकर कार्य कर सकते हैं।

10. वन महोत्सव का संबंध वृक्षारोपण और वन संरक्षण से है।

भाग D — एक शब्द या एक वाक्य में उत्तर दीजिए

1. मौद्रिक मूल्य वाली गतिविधि को क्या कहते हैं?

2. सेवा और स्नेह की भावना से की जाने वाली गतिविधि को क्या कहते हैं?

3. वस्तु और सेवा के लेन-देन का स्थान क्या कहलाता है?

4. डॉक्टर को दी जाने वाली राशि क्या कहलाती है?

5. कर्मचारी को नियमित मासिक भुगतान क्या कहलाता है?

6. श्रमिक को कार्य के लिए किया गया भुगतान क्या कहलाता है?

7. कार्य के बदले गैर-मौद्रिक भुगतान क्या कहलाता है?

8. लकड़ी से फर्नीचर बनाने पर लकड़ी के मूल्य में हुई वृद्धि को क्या कहते हैं?

भाग E — लघु उत्तरीय प्रश्न

1. आर्थिक गतिविधि से क्या समझते हैं?

2. गैर-आर्थिक गतिविधियाँ आर्थिक गतिविधियों से किस प्रकार भिन्न हैं?

3. बाजार की परिभाषा दीजिए।

4. शुल्क क्या है? एक उदाहरण दीजिए।

5. वेतन और मजदूरी में अंतर बताइए।

6. वस्तु के रूप में भुगतान से क्या समझते हैं?

7. मूल्य संवर्धन क्या है?

8. राजेश के उदाहरण से मूल्य संवर्धन को समझाइए।

भाग F — अंतर स्पष्ट कीजिए

आर्थिक गतिविधियाँ गैर-आर्थिक गतिविधियाँ
मौद्रिक मूल्य शामिल होता है। आय या संपत्ति अर्जित करना उद्देश्य नहीं होता।
भुगतान से संबंधित होती हैं। सेवा, स्नेह, कृतज्ञता या आदर की भावना से की जा सकती हैं।

 

वेतन मजदूरी
कर्मचारी को नियमित रूप से प्रतिमाह किया जाने वाला निश्चित भुगतान। विशेष समय अवधि के लिए श्रमिक को किया गया भुगतान।

 

भाग G — मिलान कीजिए

स्तंभ A स्तंभ B
1. बाजार क. नियमित मासिक भुगतान
2. शुल्क ख. वस्तु और सेवाओं का लेन-देन
3. वेतन ग. व्यावसायिक सेवा के लिए भुगतान
4. मूल्य संवर्धन घ. वस्तु के मूल्य में वृद्धि
5. वस्तु के रूप में भुगतान ङ. गैर-मौद्रिक भुगतान

भाग H — दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

1. आर्थिक और गैर-आर्थिक गतिविधियों को उदाहरण सहित समझाइए।

2. लोगों को उनके विभिन्न आर्थिक कार्यों के लिए किन-किन प्रकार से पारिश्रमिक दिया जा सकता है? समझाइए।

3. राजेश के उदाहरण की सहायता से मूल्य संवर्धन की प्रक्रिया समझाइए।

4. सामुदायिक सहभागिता का हमारे समाज में क्या महत्त्व है? उदाहरण सहित समझाइए।

भाग I — गतिविधि आधारित प्रश्न

1. अपने घर से विद्यालय जाने के मार्ग में दिखाई देने वाली कम-से-कम पाँच आर्थिक गतिविधियों की सूची बनाइए और बताइए कि उनमें लोगों को किस प्रकार भुगतान किया जाता है।

2. अपने परिवार में की जाने वाली पाँच गैर-आर्थिक गतिविधियों की सूची बनाइए।

3. अपने विद्यालय या आसपास आयोजित किसी सामुदायिक कार्यक्रम का उदाहरण लिखिए और उसमें लोगों की सहभागिता का वर्णन कीजिए।

4. अपने आसपास होने वाली ऐसी गतिविधियों की पहचान कीजिए जिनमें लोग मिलकर सड़कों, पार्कों या सार्वजनिक स्थानों को साफ रखते हैं।

भाग J — सोचिए और उत्तर दीजिए

1. यदि किसी व्यक्ति को अपने कार्य के बदले धन के स्थान पर वस्तु प्राप्त होती है, तो उसे किस प्रकार का भुगतान कहा जाएगा? उदाहरण सहित बताइए।

2. क्या एक ही व्यक्ति आर्थिक और गैर-आर्थिक दोनों प्रकार की गतिविधियों में शामिल हो सकता है? अध्याय में दिए गए रोहन के उदाहरण से समझाइए।

3. यदि ₹600 की लकड़ी से बनी कुर्सी ₹1000 में बेची जाती है, तो ₹400 की राशि किससे संबंधित है?

4. त्योहारों के अवसर पर लोग मिलकर स्थान की सजावट करते हैं और व्यंजन बनाते हैं। ऐसी गतिविधियों में कौन-कौन से जीवन-मूल्य दिखाई दे सकते हैं?

भाग K — Quick Exam Practice

1. आर्थिक गतिविधि — ____________________

2. गैर-आर्थिक गतिविधि — ____________________

3. बाजार — ____________________

4. शुल्क — ____________________

5. वेतन — ____________________

6. मजदूरी — ____________________

7. वस्तु के रूप में भुगतान — ____________________

8. मूल्य संवर्धन — ____________________

MCQs — Answer Key

प्रश्न उत्तर प्रश्न उत्तर प्रश्न उत्तर
1 b 6 b 11 b
2 c 7 a 12 a
3 b 8 b 13 b
4 b 9 c 14 b
5 c 10 b 15 b

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