आधारभूत लोकतंत्र भाग 1: शासन - Class 6 Social Science Hindi CBSE Notes
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CBSE Notes for Class 6 – Chapter-wise Revision Notes
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आधारभूत लोकतंत्र भाग 1: शासन - Class 6 Social Science Hindi CBSE Notes
आधारभूत लोकतंत्र भाग 1: शासन
अध्याय 10. आधारभूत लोकतंत्र — भाग 1: शासन
इस अध्याय में हम शासन, सरकार, लोकतंत्र तथा नागरिकों की भूमिका को समझते हैं। इसमें सरकार के तीन अंग और भारत में सरकार के तीन स्तरों की कार्यप्रणाली भी समझाई गई है।
शासन का अर्थ
- शासन – निर्णय लेने की प्रक्रिया, नियमों के विभिन्न समूहों से सामाजिक जीवन को व्यवस्थित करना और उनका पालन सुनिश्चित करना शासन कहलाता है।
- समाज में व्यवस्था और सद्भाव बनाए रखने के लिए नियम आवश्यक होते हैं।
- घर, विद्यालय, सड़क और कार्यस्थल आदि सभी जगह अलग-अलग नियम होते हैं।
- कुछ अधिक महत्वपूर्ण नियमों को कानून कहा जाता है।
- नियम और कानून समय के साथ बदले भी जा सकते हैं।
सरकार क्या है?
- सरकार – उन व्यक्तियों के समूह या तंत्र को सरकार कहते हैं जो नियम बनाते हैं और इन नियमों का पालन सुनिश्चित करते हैं।
- सरकार का उद्देश्य समाज में व्यवस्था बनाए रखना और लोगों के लिए आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध कराना है।
- नागरिक भी कानूनों और नियमों के निर्माण तथा उनमें बदलाव के संबंध में अपनी बात रख सकते हैं।
सरकार के तीन अंग
| सरकार का अंग | मुख्य कार्य |
|---|---|
| विधायिका | कानून बनाना, पुराने कानूनों में संशोधन करना और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें निरस्त करना। |
| कार्यपालिका | कानूनों को लागू करना और प्रशासन चलाना। |
| न्यायपालिका | कानून के उल्लंघन पर निर्णय करना तथा न्याय प्रदान करना। |
विधायिका
- विधायिका वह अंग है जो कानून बनाती है।
- जनता के प्रतिनिधियों की सभा द्वारा कानूनों पर चर्चा की जाती है।
- राष्ट्रीय स्तर पर भारत की विधायिका में लोक सभा और राज्य सभा शामिल हैं।
- राज्य स्तर पर विधान सभा तथा कुछ राज्यों में विधान परिषद भी होती है।
कार्यपालिका
- कार्यपालिका का मुख्य कार्य कानूनों को लागू करना है।
- राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री कार्यपालिका के प्रमुख होते हैं।
- राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री कार्यपालिका के प्रमुख होते हैं।
- कार्यपालिका में मंत्री तथा कानूनों को लागू करने वाली विभिन्न एजेंसियाँ भी शामिल होती हैं।
न्यायपालिका
- न्यायपालिका न्यायालयों की प्रणाली है।
- यह निर्णय करती है कि किसी व्यक्ति ने कानून तोड़ा है या नहीं।
- कानून तोड़ने पर उचित कार्रवाई या दंड का निर्णय न्यायपालिका कर सकती है।
- न्यायपालिका कार्यपालिका के निर्णयों और विधायिका द्वारा बनाए गए कानूनों की भी समीक्षा कर सकती है।
शक्तियों का पृथक्करण
- सरकार के तीनों अंगों को एक-दूसरे से पृथक रखा जाता है।
- फिर भी ये तीनों अंग एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं और मिलकर कार्य करते हैं।
- इस व्यवस्था को शक्तियों का पृथक्करण कहा जाता है।
- इसका उद्देश्य शासन व्यवस्था में नियंत्रण और संतुलन बनाए रखना है।
- प्रत्येक अंग दूसरे अंग के कार्यों की निगरानी कर सकता है।
सरकार के तीन स्तर
| स्तर | सरकार | मुख्य क्षेत्र |
|---|---|---|
| स्थानीय स्तर | स्थानीय सरकार | नगर या ग्राम स्तर |
| राज्य स्तर | राज्य सरकार | राज्य स्तर के विषय |
| राष्ट्रीय स्तर | केंद्र सरकार | पूरे देश से संबंधित विषय |
बाढ़ की स्थिति में सरकार के तीन स्तर
- छोटे क्षेत्र में बाढ़ होने पर स्थानीय प्रशासन स्थिति को संभाल सकता है।
- कई नगरों और गाँवों में बाढ़ फैलने पर राज्य सरकार बचाव दल भेजती है।
- बहुत बड़े क्षेत्र में गंभीर बाढ़ आने पर केंद्र सरकार राहत सामग्री और सेना आदि भेजकर सहायता कर सकती है।
केंद्र सरकार के प्रमुख कार्य
- रक्षा
- विदेशी मामले
- परमाणु ऊर्जा
- संचार
- मुद्रा
- अंतरराज्यीय वाणिज्य
- राष्ट्रीय नीतियों का प्रतिपादन
राज्य सरकार के प्रमुख कार्य
- पुलिस और कानून-व्यवस्था
- जन-स्वास्थ्य
- शिक्षा
- कृषि
- सिंचाई
- स्थानीय सरकार
औपचारिक और वास्तविक कार्यपालिका
- राष्ट्रपति भारत के औपचारिक प्रमुख होते हैं।
- प्रधानमंत्री कार्यपालिका के प्रमुख होते हैं।
- राज्यपाल राज्य के औपचारिक प्रमुख होते हैं।
- मुख्यमंत्री राज्य की कार्यपालिका के प्रमुख होते हैं।
डिजिटल तकनीक और शासन
- डिजिटल तकनीक ने लोगों के दैनिक जीवन और सरकारी कार्यप्रणाली को प्रभावित किया है।
- आज धन भेजने के लिए डिजिटल माध्यम उपलब्ध हैं।
- डिजिटल तकनीक के कारण साइबर क्राइम जैसी नई आपराधिक गतिविधियाँ भी सामने आई हैं।
- साइबर अपराधों को रोकने के लिए सरकार नए कानून बना सकती है और कानून लागू करने वाली एजेंसियाँ कार्रवाई करती हैं।
- इस उदाहरण से सरकार के तीनों अंगों के साथ मिलकर काम करने की प्रक्रिया समझी जा सकती है।
लोकतंत्र का अर्थ
- लोकतंत्र का अंग्रेजी शब्द Democracy है।
- Democracy शब्द ग्रीक भाषा के Demos और Kratos से बना है।
- Demos का अर्थ है – लोग।
- Kratos का अर्थ है – शासन प्रणाली, तंत्र या शक्ति।
- इस प्रकार लोकतंत्र का शाब्दिक अर्थ लोक-शासन अर्थात लोगों का शासन है।
जन-प्रतिनिधि आधारित लोकतंत्र
- सभी लोग एक साथ शासन नहीं कर सकते, इसलिए लोग अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं।
- चुनाव के माध्यम से जनता अपने प्रतिनिधियों का चयन करती है।
- राज्य स्तर पर चुने गए प्रतिनिधियों को सामान्यतः विधायक कहा जाता है।
- राष्ट्रीय स्तर पर चुने गए प्रतिनिधियों में सांसद शामिल होते हैं।
- प्रतिनिधि विधान सभा या लोक सभा में कानूनों और समस्याओं पर चर्चा करते हैं।
प्रत्यक्ष लोकतंत्र
- जब किसी निर्णय में प्रत्येक व्यक्ति सीधे अपनी राय देता है, तो इसे प्रत्यक्ष लोकतंत्र कहा जाता है।
- पाठ में कक्षा के विद्यार्थियों द्वारा मतदान करके पिकनिक का स्थान चुनने का उदाहरण दिया गया है।
- इस प्रक्रिया में प्रत्येक विद्यार्थी सीधे अपनी राय देता है।
आधारभूत या धरातलीय लोकतंत्र
- आधारभूत/धरातलीय लोकतंत्र उस व्यवस्था की ओर संकेत करता है जिसमें सामान्य नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित और सुनिश्चित किया जाता है।
- नागरिक अपने जीवन को प्रभावित करने वाले निर्णयों पर अपनी बात रख सकते हैं।
- यह लोकतंत्र की उस भावना को दर्शाता है जिसमें नागरिकों की भागीदारी महत्वपूर्ण होती है।
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम
- डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जन्म 1931 में रामेश्वरम, तमिलनाडु में हुआ था।
- वे प्रसिद्ध वैज्ञानिक थे और भारत के अंतरिक्ष तथा मिसाइल कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- उन्हें ‘मिसाइल मैन’ के नाम से भी जाना जाता है।
- उन्होंने 2002 से 2007 तक भारत के 11वें राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया।
- वे शिक्षा, नई खोज, बड़े सपने देखने और कठिन परिश्रम के लिए युवाओं को प्रेरित करते थे।
महत्वपूर्ण शब्द
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| शासन | नियमों और निर्णयों के माध्यम से सामाजिक जीवन को व्यवस्थित करना। |
| सरकार | नियम बनाने और उनका पालन सुनिश्चित करने वाला तंत्र। |
| विधायिका | कानून बनाने वाला अंग। |
| कार्यपालिका | कानून लागू करने वाला अंग। |
| न्यायपालिका | न्यायालयों की प्रणाली जो कानून के उल्लंघन पर निर्णय करती है। |
| लोकतंत्र | लोगों का शासन। |
| प्रत्यक्ष लोकतंत्र | जिसमें लोग किसी निर्णय में सीधे भाग लेते हैं। |
| शक्तियों का पृथक्करण | सरकार के तीन अंगों को अलग-अलग भूमिकाओं में रखना तथा नियंत्रण और संतुलन बनाए रखना। |
महत्वपूर्ण अंतर
| विधायिका | कार्यपालिका | न्यायपालिका |
|---|---|---|
| कानून बनाती है। | कानून लागू करती है। | कानून के उल्लंघन पर निर्णय करती है। |
| प्रत्यक्ष लोकतंत्र | प्रतिनिधि लोकतंत्र |
|---|---|
| लोग किसी निर्णय में सीधे भाग लेते हैं। | लोग अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं। |
| पाठ में कक्षा द्वारा मतदान का उदाहरण दिया गया है। | भारत में जनता चुनाव के माध्यम से प्रतिनिधियों का चयन करती है। |
Exam Booster
- शासन: नियमों और निर्णयों के माध्यम से सामाजिक जीवन को व्यवस्थित करना।
- सरकार: नियम बनाने और उनका पालन सुनिश्चित करने वाला तंत्र।
- सरकार के तीन अंग: विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका।
- शक्तियों का पृथक्करण: सरकार के तीनों अंगों के बीच शक्तियों का विभाजन।
- सरकार के तीन स्तर: स्थानीय, राज्य और राष्ट्रीय।
- लोकतंत्र: लोगों का शासन।
- प्रत्यक्ष लोकतंत्र: नागरिकों द्वारा सीधे निर्णय में भाग लेना।
- प्रतिनिधि लोकतंत्र: जनता द्वारा प्रतिनिधियों का चुनाव करके शासन में भाग लेना।
- भारत: जन-प्रतिनिधि आधारित लोकतंत्र का उदाहरण।
- भारत में मतदान की आयु: 18 वर्ष से ऊपर के भारतीय नागरिकों को चुनाव में मतदान का अधिकार है।
Quick Revision
- व्यवस्था बनाए रखने के लिए समाज में नियम आवश्यक हैं।
- नियमों और निर्णयों के माध्यम से सामाजिक जीवन को व्यवस्थित करना शासन कहलाता है।
- सरकार नियम बनाती है और उनका पालन सुनिश्चित करती है।
- विधायिका कानून बनाती है, कार्यपालिका कानून लागू करती है और न्यायपालिका न्याय करती है।
- शक्तियों का पृथक्करण शासन में नियंत्रण और संतुलन बनाए रखने में सहायता करता है।
- भारत में सरकार स्थानीय, राज्य और राष्ट्रीय—तीन स्तरों पर कार्य करती है।
- लोकतंत्र का अर्थ लोगों का शासन है।
- भारत में जनता चुनाव के माध्यम से अपने प्रतिनिधियों का चयन करती है।
- आधारभूत लोकतंत्र में सामान्य नागरिकों की भागीदारी महत्वपूर्ण है।
आधारभूत लोकतंत्र भाग 1: शासन
अध्याय 10. आधारभूत लोकतंत्र — भाग 1: शासन
इस भाग में शासन और सरकार की आवश्यकता, नियम-कानून तथा सरकार के तीन अंगों की भूमिका को समझाया गया है।
समाज में नियमों की आवश्यकता
- जब बहुत से लोग एक साथ रहते हैं, तो असहमति और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
- समाज में व्यवस्था और सद्भाव बनाए रखने के लिए नियम आवश्यक होते हैं।
- घर, विद्यालय, सड़क और कार्यस्थल आदि सभी जगह कुछ नियम होते हैं।
- नियमों का पालन न होने पर सामाजिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
शासन का अर्थ
- शासन – निर्णय लेने की प्रक्रिया, नियमों के विभिन्न समूहों से सामाजिक जीवन को व्यवस्थित करना और उनका पालन सुनिश्चित करना शासन कहलाता है।
- शासन का मुख्य उद्देश्य समाज में व्यवस्था बनाए रखना है।
- शासन में नियम बनाना, निर्णय लेना और नियमों का पालन सुनिश्चित करना शामिल है।
नियम और कानून
- समाज को व्यवस्थित रखने के लिए अलग-अलग प्रकार के नियम बनाए जाते हैं।
- कुछ अधिक महत्वपूर्ण नियमों को कानून कहा जाता है।
- नियम और कानून हमेशा के लिए अपरिवर्तनीय नहीं होते।
- आवश्यकता के अनुसार नियमों और कानूनों में बदलाव किया जा सकता है।
- नागरिक भी नियमों और कानूनों में बदलाव के लिए अपनी बात रख सकते हैं।
सरकार क्या है?
- सरकार – उन व्यक्तियों के समूह या तंत्र को सरकार कहते हैं जो नियम बनाते हैं और इन नियमों का पालन सुनिश्चित करते हैं।
- सरकार समाज को व्यवस्थित ढंग से चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
- सरकार कानून बनाती है और उन्हें लागू करवाती है।
- सरकार नागरिकों के लिए विभिन्न सार्वजनिक सेवाओं और व्यवस्थाओं से संबंधित कार्य करती है।
सरकार के तीन अंग
| अंग | मुख्य कार्य |
|---|---|
| विधायिका | कानून बनाना तथा पुराने कानूनों में संशोधन या उन्हें निरस्त करना। |
| कार्यपालिका | कानूनों को लागू करना। |
| न्यायपालिका | कानून के उल्लंघन पर निर्णय करना और न्याय प्रदान करना। |
विधायिका
- विधायिका सरकार का वह अंग है जो कानून बनाता है।
- जनता के प्रतिनिधियों की सभा में कानूनों पर चर्चा की जाती है।
- विधायिका पुराने कानूनों में संशोधन कर सकती है।
- आवश्यकता पड़ने पर किसी कानून को निरस्त भी किया जा सकता है।
- राष्ट्रीय स्तर पर भारत की विधायिका में लोक सभा और राज्य सभा शामिल हैं।
कार्यपालिका
- कार्यपालिका का मुख्य कार्य कानूनों को लागू करना है।
- कानूनों को लागू करने के लिए विभिन्न विभाग और अभिकरण कार्य करते हैं।
- राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री कार्यपालिका के प्रमुख होते हैं।
- राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री कार्यपालिका के प्रमुख होते हैं।
- साइबर पुलिस जैसी एजेंसियाँ भी कानूनों को लागू करने में भूमिका निभाती हैं।
न्यायपालिका
- न्यायपालिका न्यायालयों की प्रणाली है।
- यह निर्णय करती है कि किसी व्यक्ति ने कानून तोड़ा है या नहीं।
- कानून तोड़ने पर क्या कार्रवाई या दंड होना चाहिए, इसका निर्णय न्यायपालिका कर सकती है।
- न्यायपालिका कार्यपालिका के किसी निर्णय की भी समीक्षा कर सकती है।
- यह विधायिका द्वारा बनाए गए कानून की भी जाँच कर सकती है कि वह सभी के हित में है या नहीं।
साइबर अपराध और सरकार के तीन अंग
- डिजिटल तकनीक के विकास के साथ साइबर अपराध जैसी नई आपराधिक गतिविधियाँ सामने आई हैं।
- साइबर अपराधों को रोकने के लिए सरकार नए कानून बना सकती है।
- विधायिका नए कानून बनाती है।
- कार्यपालिका कानूनों को लागू करती है और अपराधियों पर कार्रवाई करती है।
- न्यायपालिका अपराध से संबंधित मामलों पर निर्णय करती है।
शक्तियों का पृथक्करण
- सरकार के तीनों अंगों को निश्चित रूप से पृथक रखा जाता है।
- तीनों अंग एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं और आवश्यकतानुसार साथ मिलकर कार्य करते हैं।
- सरकार की शक्तियों को अलग-अलग अंगों में बाँटने की व्यवस्था को शक्तियों का पृथक्करण कहा जाता है।
- इसका उद्देश्य शासन व्यवस्था में नियंत्रण और संतुलन बनाए रखना है।
- प्रत्येक अंग दूसरे अंग के कार्यों की निगरानी कर सकता है।
- यदि कोई अंग अपनी निर्धारित भूमिका से आगे जाता है, तो संतुलन पुनः स्थापित किया जा सकता है।
सरकार के तीन अंग — एक नजर में
| सरकार का अंग | मुख्य कार्य | याद रखने का तरीका |
|---|---|---|
| विधायिका | कानून बनाना | कानून बनाए |
| कार्यपालिका | कानून लागू करना | कानून चलाए |
| न्यायपालिका | न्याय करना और कानून के उल्लंघन पर निर्णय देना | न्याय करे |
महत्वपूर्ण शब्द
- शासन: नियमों और निर्णयों के माध्यम से सामाजिक जीवन को व्यवस्थित करना।
- सरकार: नियम बनाने और उनके पालन को सुनिश्चित करने वाला तंत्र।
- कानून: समाज के लिए बनाए गए महत्वपूर्ण नियम।
- विधायिका: कानून बनाने वाला अंग।
- कार्यपालिका: कानून लागू करने वाला अंग।
- न्यायपालिका: न्यायालयों की प्रणाली।
- शक्तियों का पृथक्करण: सरकार के तीन अंगों के बीच शक्तियों का विभाजन।
- नियंत्रण और संतुलन: सरकार के अंगों द्वारा एक-दूसरे के कार्यों की निगरानी और संतुलन बनाए रखना।
महत्वपूर्ण अंतर
| विधायिका | कार्यपालिका | न्यायपालिका |
|---|---|---|
| कानून बनाती है। | कानून लागू करती है। | कानून के उल्लंघन पर निर्णय करती है। |
| कानूनों में संशोधन या निरस्तीकरण कर सकती है। | कानूनों के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी निभाती है। | कानूनों और सरकारी निर्णयों की समीक्षा कर सकती है। |
Exam Facts
- समाज में व्यवस्था और सद्भाव बनाए रखने के लिए नियम आवश्यक हैं।
- कुछ महत्वपूर्ण नियमों को कानून कहा जाता है।
- सरकार नियम बनाती है और उनका पालन सुनिश्चित करती है।
- सरकार के तीन अंग हैं—विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका।
- विधायिका का मुख्य कार्य कानून बनाना है।
- कार्यपालिका का मुख्य कार्य कानून लागू करना है।
- न्यायपालिका कानून के उल्लंघन पर निर्णय करती है।
- शक्तियों का पृथक्करण शासन में नियंत्रण और संतुलन बनाए रखता है।
Quick Revision
- नियम → व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक।
- शासन → नियमों और निर्णयों से सामाजिक जीवन को व्यवस्थित करना।
- सरकार → नियम बनाती है और उनका पालन सुनिश्चित करती है।
- विधायिका → कानून बनाती है।
- कार्यपालिका → कानून लागू करती है।
- न्यायपालिका → कानून के उल्लंघन पर न्याय करती है।
- शक्तियों का पृथक्करण → तीनों अंगों के बीच शक्तियों का विभाजन।
- नियंत्रण और संतुलन → तीनों अंग एक-दूसरे के कार्यों की निगरानी करते हैं।
आधारभूत लोकतंत्र भाग 1: शासन
अध्याय 10. आधारभूत लोकतंत्र — भाग 1: शासन
इस भाग में भारत में सरकार के तीन स्तर, लोकतंत्र, जन-प्रतिनिधि आधारित लोकतंत्र, मतदान और आधारभूत लोकतंत्र को समझाया गया है।
सरकार के तीन स्तर
- भारत सहित अनेक देशों में सरकार कई स्तरों पर कार्य करती है।
- भारत में सरकार के तीन स्तर हैं—स्थानीय स्तर, राज्य स्तर और राष्ट्रीय स्तर।
- प्रत्येक स्तर अलग-अलग विषयों और आवश्यकताओं पर कार्य करता है।
| सरकार का स्तर | सरकार | क्षेत्र |
|---|---|---|
| स्थानीय स्तर | स्थानीय सरकार | नगर या ग्राम स्तर |
| राज्य स्तर | राज्य सरकार | राज्य स्तर |
| राष्ट्रीय स्तर | केंद्र सरकार | पूरे देश का स्तर |
सरकार के तीन स्तरों की आवश्यकता
- अलग-अलग समस्याओं को उनके स्तर के अनुसार हल करने के लिए सरकार के विभिन्न स्तर आवश्यक हैं।
- स्थानीय समस्याओं को स्थानीय सरकार अधिक प्रभावी ढंग से संभाल सकती है।
- बड़े क्षेत्र को प्रभावित करने वाली समस्याओं में राज्य या केंद्र सरकार की भूमिका बढ़ जाती है।
बाढ़ के उदाहरण से सरकार के तीन स्तर
- यदि बाढ़ किसी छोटे क्षेत्र तक सीमित है, तो स्थानीय प्राधिकारी स्थिति संभाल सकते हैं।
- यदि बाढ़ कई नगरों और गाँवों को प्रभावित करती है, तो राज्य सरकार बचाव दल भेज सकती है।
- यदि बाढ़ बहुत बड़े क्षेत्र में गंभीर रूप ले लेती है, तो केंद्र सरकार राहत सामग्री और सेना आदि भेजकर सहायता कर सकती है।
केंद्र सरकार के प्रमुख कार्य
- रक्षा
- विदेशी मामले
- परमाणु ऊर्जा
- संचार
- मुद्रा
- अंतरराज्यीय वाणिज्य
- राष्ट्रीय नीतियों का प्रतिपादन
राज्य सरकार के प्रमुख कार्य
- पुलिस और कानून-व्यवस्था
- जन-स्वास्थ्य
- शिक्षा
- कृषि
- सिंचाई
- स्थानीय सरकार
आदर्श वाक्य
- भारत सरकार का आदर्श वाक्य: “सत्यमेव जयते”।
- सत्यमेव जयते का अर्थ है—“सत्य की ही विजय होती है।”
- सर्वोच्च न्यायालय का आदर्श वाक्य: “यतो धर्मस्ततो जयः”।
- इसका अर्थ है—“जहाँ धर्म है, वहाँ विजय है।”
औपचारिक और वास्तविक कार्यपालिका
- राष्ट्रपति भारत के औपचारिक प्रमुख हैं।
- प्रधानमंत्री भारत की कार्यपालिका के प्रमुख हैं।
- राज्यपाल राज्य के औपचारिक प्रमुख हैं।
- मुख्यमंत्री राज्य की कार्यपालिका के प्रमुख हैं।
लोकतंत्र का अर्थ
- लोकतंत्र का अंग्रेजी शब्द Democracy है।
- Democracy शब्द ग्रीक भाषा के दो शब्दों Demos और Kratos से बना है।
- Demos का अर्थ है—लोग।
- Kratos का अर्थ है—शासन प्रणाली, तंत्र या शक्ति।
- इस प्रकार लोकतंत्र का शाब्दिक अर्थ लोगों का शासन है।
जन-प्रतिनिधियों की आवश्यकता
- सभी लोग एक साथ शासन नहीं कर सकते हैं।
- इसलिए लोग चुनाव के माध्यम से अपने प्रतिनिधियों का चयन करते हैं।
- चुने गए प्रतिनिधि जनता की ओर से निर्णय लेने और समस्याओं पर चर्चा करने में भाग लेते हैं।
- विद्यालय में कक्षा का प्रतिनिधि चुनने का उदाहरण इसी सिद्धांत को समझाता है।
जन-प्रतिनिधि आधारित लोकतंत्र
- भारत में जन-प्रतिनिधि आधारित लोकतंत्र है।
- जनता चुनाव के माध्यम से अपने प्रतिनिधियों का चयन करती है।
- राज्य स्तर पर चुने गए प्रतिनिधियों को सामान्यतः विधायक कहा जाता है।
- राष्ट्रीय स्तर पर चुने गए प्रतिनिधियों में सांसद शामिल होते हैं।
- प्रतिनिधि विधान सभा और लोक सभा में कानूनों तथा समस्याओं पर चर्चा करते हैं।
- मतभेद होने पर संवाद, तर्क-वितर्क और विचार-विमर्श के माध्यम से समाधान खोजने का प्रयास किया जाता है।
भारत और लोकतंत्र
- भारत में जन-प्रतिनिधि आधारित लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था है।
- अध्याय के अनुसार 2024 के संदर्भ में भारत में लगभग 97 करोड़ मतदाता थे।
- भारत में कानून के अनुसार 18 वर्ष से ऊपर के भारतीय नागरिकों को चुनाव में मतदान करने का अधिकार है।
मतदान
- मतदान वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से लोग किसी विकल्प या प्रतिनिधि के पक्ष में अपनी राय देते हैं।
- अधिक मत प्राप्त करने वाले विकल्प को चुना जा सकता है।
- अध्याय में कक्षा के विद्यार्थियों द्वारा पिकनिक का स्थान चुनने के लिए हाथ उठाकर मतदान करने का उदाहरण दिया गया है।
प्रत्यक्ष लोकतंत्र
- जिस लोकतांत्रिक प्रक्रिया में प्रत्येक व्यक्ति सीधे निर्णय में अपनी राय देता है, उसे प्रत्यक्ष लोकतंत्र कहा जाता है।
- कक्षा में विद्यार्थियों द्वारा हाथ उठाकर पिकनिक का स्थान चुनना प्रत्यक्ष लोकतंत्र का उदाहरण है।
प्रतिनिधि लोकतंत्र
- जब जनता स्वयं शासन के प्रत्येक निर्णय में सीधे भाग लेने के बजाय अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करती है, तो यह प्रतिनिधि लोकतंत्र कहलाता है।
- भारत में राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जन-प्रतिनिधियों के माध्यम से लोकतांत्रिक शासन चलता है।
प्रत्यक्ष और प्रतिनिधि लोकतंत्र में अंतर
| प्रत्यक्ष लोकतंत्र | प्रतिनिधि लोकतंत्र |
|---|---|
| लोग किसी निर्णय में सीधे भाग लेते हैं। | लोग अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं। |
| प्रत्येक व्यक्ति की राय सीधे ली जाती है। | चुने गए प्रतिनिधि जनता की ओर से कार्य करते हैं। |
| कक्षा में मतदान इसका सरल उदाहरण है। | भारत की शासन व्यवस्था इसका उदाहरण है। |
आधारभूत या धरातलीय लोकतंत्र
- आधारभूत/धरातलीय लोकतंत्र उस व्यवस्था की ओर संकेत करता है जिसमें सामान्य नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित और सुनिश्चित किया जाता है।
- इसमें नागरिक अपने जीवन को प्रभावित करने वाले निर्णयों पर अपनी बात रख सकते हैं।
- यह लोकतंत्र में सामान्य नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को महत्व देता है।
- अध्याय में इसे लोकतंत्र के पिरामिड के आधार के रूप में समझाया गया है।
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम
- डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जन्म 1931 में रामेश्वरम, तमिलनाडु में हुआ था।
- वे प्रसिद्ध वैज्ञानिक थे।
- भारत के अंतरिक्ष और मिसाइल कार्यक्रमों में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- उन्हें ‘मिसाइल मैन’ के नाम से भी जाना जाता है।
- उन्होंने 2002 से 2007 तक भारत के 11वें राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया।
- उन्होंने युवाओं को बड़े सपने देखने, ज्ञान प्राप्त करने और कठिन परिश्रम करने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. कलाम के प्रेरणादायक विचारों से सीख
- बड़ा लक्ष्य रखना चाहिए।
- ज्ञान प्राप्त करने का निरंतर प्रयास करना चाहिए।
- अपने लक्ष्य के प्रति एकाग्रचित्त और निष्ठावान रहना चाहिए।
- असफलता मिलने पर हार नहीं माननी चाहिए।
- कठिन परिश्रम और सतत प्रयास करते रहना चाहिए।
- सकारात्मक सोच के साथ अगले अवसर के लिए तैयार रहना चाहिए।
महत्वपूर्ण शब्द
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| लोकतंत्र | लोगों का शासन। |
| मतदान | किसी विकल्प या प्रतिनिधि के पक्ष में अपनी राय देना। |
| जन-प्रतिनिधि | जनता द्वारा चुना गया प्रतिनिधि। |
| प्रत्यक्ष लोकतंत्र | जिसमें नागरिक सीधे निर्णय में भाग लेते हैं। |
| प्रतिनिधि लोकतंत्र | जिसमें जनता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करती है। |
| आधारभूत लोकतंत्र | जिसमें सामान्य नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित और सुनिश्चित किया जाता है। |
| सदन | ऐसी सभा जहाँ कानूनों पर चर्चा की जाती है या उन्हें पारित किया जाता है। |
Exam Facts
- भारत में सरकार के तीन स्तर हैं—स्थानीय, राज्य और राष्ट्रीय।
- स्थानीय सरकार नगर या ग्राम स्तर पर कार्य करती है।
- राज्य सरकार राज्य स्तर पर कार्य करती है।
- केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्तर पर कार्य करती है।
- लोकतंत्र का शाब्दिक अर्थ लोगों का शासन है।
- भारत में जन-प्रतिनिधि आधारित लोकतंत्र है।
- 18 वर्ष से ऊपर के भारतीय नागरिकों को चुनाव में मतदान का अधिकार है।
- प्रत्यक्ष लोकतंत्र में नागरिक सीधे निर्णय में भाग लेते हैं।
- प्रतिनिधि लोकतंत्र में नागरिक अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं।
- आधारभूत लोकतंत्र में सामान्य नागरिकों की भागीदारी महत्वपूर्ण है।
- “सत्यमेव जयते” भारत सरकार का आदर्श वाक्य है।
Quick Revision
- सरकार के तीन स्तर → स्थानीय, राज्य और राष्ट्रीय।
- राष्ट्रीय स्तर → केंद्र सरकार।
- राज्य स्तर → राज्य सरकार।
- स्थानीय स्तर → नगर या ग्राम स्तर की सरकार।
- लोकतंत्र → लोगों का शासन।
- मतदान → अपनी राय देने की प्रक्रिया।
- प्रत्यक्ष लोकतंत्र → जनता सीधे निर्णय में भाग लेती है।
- प्रतिनिधि लोकतंत्र → जनता प्रतिनिधियों का चुनाव करती है।
- आधारभूत लोकतंत्र → सामान्य नागरिकों की भागीदारी पर जोर।
- भारत → जन-प्रतिनिधि आधारित लोकतंत्र।
आधारभूत लोकतंत्र भाग 1: शासन
अध्याय 10. आधारभूत लोकतंत्र — भाग 1: शासन — Assignment
इस अभ्यास-पत्र में शासन, सरकार, सरकार के तीन अंग, सरकार के तीन स्तर, लोकतंत्र, मतदान और जन-प्रतिनिधि आधारित लोकतंत्र से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न दिए गए हैं।
1. बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
-
शासन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- केवल कानून बनाना
- सामाजिक जीवन को व्यवस्थित करना
- केवल चुनाव कराना
- केवल न्यायालय चलाना
-
सरकार किसे कहा जाता है?
- केवल न्यायालयों के समूह को
- केवल जनता के समूह को
- नियम बनाने और उनका पालन सुनिश्चित करने वाले तंत्र को
- केवल अधिकारियों के समूह को
-
निम्नलिखित में से कौन सरकार का एक अंग है?
- विधायिका
- विद्यालय
- परिवार
- समुदाय
-
कानून बनाने का मुख्य कार्य किसका है?
- कार्यपालिका
- न्यायपालिका
- विधायिका
- स्थानीय प्रशासन
-
कानूनों को लागू करने का कार्य किस अंग का है?
- विधायिका
- कार्यपालिका
- न्यायपालिका
- नागरिक समाज
-
कानून के उल्लंघन पर निर्णय करने का कार्य किसका है?
- विधायिका
- कार्यपालिका
- न्यायपालिका
- मीडिया
-
सरकार के तीन अंगों के बीच शक्तियों के विभाजन को क्या कहा जाता है?
- शक्तियों का केंद्रीकरण
- शक्तियों का पृथक्करण
- शक्तियों का विस्तार
- शक्तियों का विलय
-
शक्तियों के पृथक्करण का उद्देश्य क्या है?
- केवल कार्यपालिका को शक्तिशाली बनाना
- नियंत्रण और संतुलन बनाए रखना
- न्यायपालिका को समाप्त करना
- कानूनों को समाप्त करना
-
भारत में सरकार कितने स्तरों पर कार्य करती है?
- एक
- दो
- तीन
- चार
-
निम्नलिखित में से कौन भारत में सरकार का एक स्तर है?
- राष्ट्रीय स्तर
- पारिवारिक स्तर
- व्यक्तिगत स्तर
- विद्यालय स्तर
-
Democracy शब्द किन ग्रीक शब्दों से बना है?
- Demos और Kratos
- Demo और Logos
- Kratos और Polis
- Demos और Polis
-
Democracy का शाब्दिक अर्थ क्या है?
- राजा का शासन
- अधिकारियों का शासन
- लोगों का शासन
- न्यायालय का शासन
-
भारत में जनता अपने प्रतिनिधियों का चयन किस माध्यम से करती है?
- नामांकन द्वारा
- चुनाव द्वारा
- न्यायालय द्वारा
- सरकार द्वारा नियुक्ति से
-
18 वर्ष से ऊपर के भारतीय नागरिकों को क्या अधिकार प्राप्त है?
- केवल सरकारी नौकरी का अधिकार
- चुनाव में मतदान का अधिकार
- केवल कानून बनाने का अधिकार
- केवल न्यायाधीश बनने का अधिकार
-
जब नागरिक किसी निर्णय में सीधे अपनी राय देते हैं, तो यह किसका उदाहरण है?
- प्रतिनिधि लोकतंत्र
- प्रत्यक्ष लोकतंत्र
- राजतंत्र
- तानाशाही
MCQ Answer Key
| प्रश्न | उत्तर | प्रश्न | उत्तर | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | B | 6 | C | 11 | A |
| 2 | C | 7 | B | 12 | C |
| 3 | A | 8 | B | 13 | B |
| 4 | C | 9 | C | 14 | B |
| 5 | B | 10 | A | 15 | B |
2. रिक्त स्थान भरिए
- समाज में व्यवस्था और सद्भाव बनाए रखने के लिए __________ आवश्यक होते हैं।
- कुछ अधिक महत्वपूर्ण नियमों को __________ कहा जाता है।
- कानून बनाने का कार्य __________ करती है।
- कानूनों को लागू करने का कार्य __________ करती है।
- न्यायालयों की प्रणाली को __________ कहा जाता है।
- सरकार के तीन अंगों को अलग-अलग भूमिकाओं में रखने की व्यवस्था को __________ कहा जाता है।
- भारत में सरकार __________ स्तरों पर कार्य करती है।
- भारत में __________ स्तर की सरकार पूरे देश से संबंधित विषयों पर कार्य करती है।
- Democracy शब्द ग्रीक भाषा के __________ और __________ शब्दों से बना है।
- भारत में 18 वर्ष से ऊपर के नागरिकों को चुनाव में __________ करने का अधिकार है।
3. सही या गलत लिखिए
- समाज में व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियम आवश्यक होते हैं।
- सरकार केवल कानून बनाती है और उन्हें लागू नहीं करती।
- विधायिका कानून बनाती है।
- कार्यपालिका कानूनों को लागू करती है।
- न्यायपालिका न्यायालयों की प्रणाली है।
- शक्तियों का पृथक्करण नियंत्रण और संतुलन बनाए रखने में सहायता करता है।
- भारत में सरकार केवल राष्ट्रीय स्तर पर कार्य करती है।
- लोकतंत्र का अर्थ लोगों का शासन है।
- भारत में जनता चुनाव के माध्यम से अपने प्रतिनिधियों का चयन करती है।
- प्रत्यक्ष लोकतंत्र में नागरिक सीधे निर्णय में भाग लेते हैं।
4. एक शब्द या एक वाक्य में उत्तर दीजिए
- सामाजिक जीवन को नियमों के माध्यम से व्यवस्थित करने की प्रक्रिया क्या कहलाती है?
- सरकार के तीन अंगों के नाम लिखिए।
- कानून बनाने वाला अंग कौन-सा है?
- कानून लागू करने वाला अंग कौन-सा है?
- कानून के उल्लंघन पर निर्णय करने वाला अंग कौन-सा है?
- भारत में सरकार के तीन स्तर कौन-कौन से हैं?
- Democracy का शाब्दिक अर्थ क्या है?
- मतदान की न्यूनतम आयु कितनी है?
5. लघु उत्तरीय प्रश्न
- समाज में नियमों की आवश्यकता क्यों होती है?
- शासन से आप क्या समझते हैं?
- सरकार की आवश्यकता क्यों होती है?
- विधायिका के कोई दो कार्य लिखिए।
- कार्यपालिका का मुख्य कार्य क्या है?
- न्यायपालिका की भूमिका समझाइए।
- शक्तियों के पृथक्करण से क्या अभिप्राय है?
- भारत में सरकार के तीन स्तरों के नाम लिखिए।
- लोकतंत्र का अर्थ समझाइए।
- जन-प्रतिनिधियों की आवश्यकता क्यों होती है?
6. अंतर स्पष्ट कीजिए
| विधायिका | कार्यपालिका |
|---|---|
| कानून बनाती है। | कानूनों को लागू करती है। |
| कानूनों में संशोधन या उन्हें निरस्त कर सकती है। | कानूनों के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी निभाती है। |
| प्रत्यक्ष लोकतंत्र | प्रतिनिधि लोकतंत्र |
|---|---|
| नागरिक सीधे निर्णय में भाग लेते हैं। | नागरिक अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं। |
| कक्षा में हाथ उठाकर किसी विकल्प का चयन इसका उदाहरण है। | भारत में जनता चुनाव के माध्यम से प्रतिनिधियों का चयन करती है। |
| राष्ट्रीय स्तर | राज्य स्तर | स्थानीय स्तर |
|---|---|---|
| केंद्र सरकार | राज्य सरकार | नगर या ग्राम स्तर की सरकार |
| पूरे देश से संबंधित विषय | राज्य से संबंधित विषय | स्थानीय आवश्यकताओं से संबंधित विषय |
7. मिलान कीजिए
| कॉलम A | कॉलम B |
|---|---|
| 1. विधायिका | (a) कानून लागू करना |
| 2. कार्यपालिका | (b) लोगों का शासन |
| 3. न्यायपालिका | (c) कानून बनाना |
| 4. लोकतंत्र | (d) न्यायालयों की प्रणाली |
| 5. मतदान | (e) अपनी राय देने की प्रक्रिया |
8. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
-
शासन क्या है? समाज में शासन की आवश्यकता को उदाहरण सहित समझाइए।
-
सरकार के तीन अंगों—विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका—के कार्यों को विस्तार से समझाइए।
-
शक्तियों के पृथक्करण से क्या अभिप्राय है? यह शासन में नियंत्रण और संतुलन बनाए रखने में किस प्रकार सहायता करता है?
-
भारत में सरकार के तीन स्तरों की आवश्यकता को बाढ़ की स्थिति के उदाहरण से समझाइए।
-
लोकतंत्र क्या है? प्रत्यक्ष लोकतंत्र और प्रतिनिधि लोकतंत्र में अंतर स्पष्ट कीजिए।
9. परिस्थिति आधारित प्रश्न
स्थिति: आपके विद्यालय की कक्षा में विद्यार्थी पिकनिक के लिए दो स्थानों में से किसी एक स्थान का चयन करना चाहते हैं। शिक्षक दोनों स्थानों के लाभ और हानि पर चर्चा करवाते हैं और फिर विद्यार्थियों से हाथ उठाकर मतदान करने को कहते हैं।
- यह किस प्रकार के लोकतंत्र का उदाहरण है?
- इस स्थिति में विद्यार्थियों की क्या भूमिका है?
- मतदान के माध्यम से निर्णय कैसे लिया जाएगा?
- इस उदाहरण से लोकतंत्र की कौन-सी विशेषता समझ में आती है?
10. परिस्थिति आधारित प्रश्न — बाढ़
स्थिति: किसी क्षेत्र में भारी वर्षा के कारण बाढ़ आ जाती है। प्रारंभ में स्थानीय प्रशासन स्थिति को संभालता है। बाढ़ कई नगरों और गाँवों में फैलने पर राज्य सरकार बचाव दल भेजती है। यदि बाढ़ बहुत बड़े क्षेत्र को प्रभावित करती है, तो केंद्र सरकार राहत सामग्री और अन्य सहायता भेजती है।
- इस उदाहरण में सरकार के कितने स्तर दिखाई देते हैं?
- स्थानीय सरकार की क्या भूमिका हो सकती है?
- राज्य सरकार कब आगे आती है?
- केंद्र सरकार किस प्रकार सहायता कर सकती है?
11. गतिविधि आधारित प्रश्न
- अपने विद्यालय के पाँच महत्वपूर्ण नियम लिखिए और बताइए कि वे क्यों आवश्यक हैं।
- अपने घर में मौजूद तीन नियम लिखिए और बताइए कि उनका पालन क्यों किया जाता है।
- अपने विद्यालय में किसी एक समस्या की पहचान कीजिए और बताइए कि उसे हल करने के लिए किस प्रकार निर्णय लिया जा सकता है।
- कक्षा में मतदान करवाकर किसी एक विषय पर निर्णय लेने की गतिविधि तैयार कीजिए।
12. विचार कीजिए
- यदि समाज में कोई नियम न हो तो क्या समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं?
- यदि सरकार के तीनों अंगों की शक्तियाँ एक ही समूह के नियंत्रण में आ जाएँ, तो क्या समस्या उत्पन्न हो सकती है?
- स्थानीय समस्या को स्थानीय स्तर पर हल करना क्यों उपयोगी हो सकता है?
- क्या लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी आवश्यक है? अपने विचार के कारण लिखिए।
13. परियोजना कार्य
विषय: आपके स्थानीय क्षेत्र में सरकार की भूमिका
- अपने क्षेत्र में सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली पाँच सेवाओं की सूची बनाइए।
- प्रत्येक सेवा किस स्तर की सरकार से संबंधित है, यह पता कीजिए।
- किसी दो सेवाओं के बारे में अपने परिवार के सदस्यों से चर्चा कीजिए।
- अपने निष्कर्षों को एक तालिका के रूप में प्रस्तुत कीजिए।
14. Quick Exam Practice
- शासन: नियमों और निर्णयों के माध्यम से सामाजिक जीवन को व्यवस्थित करना।
- सरकार: नियम बनाने और उनके पालन को सुनिश्चित करने वाला तंत्र।
- सरकार के तीन अंग: विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका।
- विधायिका: कानून बनाती है।
- कार्यपालिका: कानून लागू करती है।
- न्यायपालिका: कानून के उल्लंघन पर निर्णय करती है।
- शक्तियों का पृथक्करण: सरकार के तीन अंगों के बीच शक्तियों का विभाजन।
- सरकार के तीन स्तर: स्थानीय, राज्य और राष्ट्रीय।
- लोकतंत्र: लोगों का शासन।
- प्रत्यक्ष लोकतंत्र: नागरिकों की सीधे निर्णय में भागीदारी।
- प्रतिनिधि लोकतंत्र: जनता द्वारा प्रतिनिधियों का चुनाव।
- मतदान: अपनी राय देने की प्रक्रिया।
- भारत में मतदान: 18 वर्ष से ऊपर के भारतीय नागरिकों को चुनाव में मतदान का अधिकार है।
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