आधारभूत लोकतंत्र भाग 3: नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार - Class 6 Social Science Hindi CBSE Notes

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आधारभूत लोकतंत्र भाग 3: नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार - Class 6 Social Science Hindi CBSE Notes

आधारभूत लोकतंत्र भाग 3: नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार

Class 6 Social Science Hindi Updated : 19 September 2026

अध्याय 12. आधारभूत लोकतंत्र — भाग 3: नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार

इस अध्याय में नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार, नगरीय स्थानीय निकायों की संरचना, वार्ड समितियों, उनके कार्यों तथा नागरिकों की भूमिका का अध्ययन किया गया है।

नगरीय स्थानीय निकाय

नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार की संस्थाओं को नगरीय स्थानीय निकाय कहा जाता है। इन निकायों को अपने क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं और आवश्यकताओं के प्रबंधन में स्वायत्तता प्राप्त होती है।

  • नगरीय स्थानीय निकाय स्थानीय स्तर पर शासन करते हैं।
  • इनका उद्देश्य नागरिकों से संबंधित स्थानीय समस्याओं का समाधान करना है।
  • इनमें स्थानीय नागरिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले निर्वाचित सदस्य होते हैं।
  • ये स्थानीय स्तर पर सहभागी लोकतंत्र को मजबूत करते हैं।

स्थानीय से राष्ट्रीय स्तर तक शासन

भारतीय शासन व्यवस्था को स्थानीय स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक एक पिरामिड के रूप में समझा जा सकता है। इसका आधार स्थानीय सरकार है, जो जनता के सबसे निकट होती है।

स्तर शासन की संस्था
राष्ट्रीय स्तर संघ सरकार
राज्य स्तर राज्य सरकार
स्थानीय स्तर स्थानीय सरकार
ग्रामीण क्षेत्र पंचायती राज संस्थाएँ
नगरीय क्षेत्र नगरीय स्थानीय निकाय

नगरों और कस्बों की विविधता

गाँवों की तुलना में बड़े नगर सामान्यतः अधिक जटिल और विविध होते हैं। नगरों में अलग-अलग क्षेत्रों, व्यवसायों और समुदायों के लोग रहते हैं तथा यहाँ जनसंख्या और गतिविधियाँ अधिक होती हैं। इसलिए नगरीय शासन भी कई प्रकार की आवश्यकताओं और समस्याओं से संबंधित होता है।

नगरीय स्थानीय निकायों के प्रकार

नगरों और कस्बों की जनसंख्या के आधार पर अलग-अलग प्रकार के नगरीय स्थानीय निकाय होते हैं।

जनसंख्या नगरीय स्थानीय निकाय
10 लाख से अधिक नगर निगम / महानगर निगम
1 लाख से 10 लाख के बीच नगरपालिका
1 लाख से कम नगर पंचायत

नगर निगम

नगर निगम बड़े नगरों में नगरीय स्थानीय निकाय का सर्वोच्च स्तर का निकाय होता है। अध्याय के अनुसार 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरों में नगर निगम होते हैं।

उदाहरण के रूप में अध्याय में चेन्नई और इंदौर के नगर निगमों का उल्लेख किया गया है।

नगरपालिका

1 लाख से 10 लाख के बीच जनसंख्या वाले नगरों में नगरपालिका सर्वोच्च नगरीय स्थानीय निकाय होती है। इसे अंग्रेजी में Municipal Council भी कहा जाता है।

नगर पंचायत

1 लाख से कम जनसंख्या वाले नगरों और कस्बों में नगर पंचायत होती है।

वार्ड

नगरों और कस्बों को छोटी-छोटी प्रशासनिक इकाइयों में विभाजित किया जाता है, जिन्हें वार्ड कहा जाता है।

  • वार्ड स्थानीय प्रशासन की छोटी इकाई है।
  • प्रत्येक वार्ड में रहने वाले लोगों की स्थानीय समस्याओं पर ध्यान दिया जाता है।
  • वार्ड के लोग स्थानीय प्रतिनिधियों के माध्यम से अपनी समस्याएँ सामने रखते हैं।

वार्ड समिति

वार्ड समितियाँ वार्ड से संबंधित विभिन्न गतिविधियों और समस्याओं पर ध्यान देती हैं। इनके कार्यों की निश्चित कार्यप्रणाली अलग-अलग राज्यों में अलग हो सकती है।

वार्ड समितियाँ निम्नलिखित कार्यों में सहायता कर सकती हैं:

  • स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन में सहायता।
  • एकल उपयोग वाले प्लास्टिक के विरुद्ध अभियान।
  • जल रिसाव की जानकारी अधिकारियों तक पहुँचाना।
  • नाली जाम होने की समस्या की सूचना देना।
  • टूटी हुई सड़क जैसी समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराना।

नगरीय स्थानीय निकायों के प्रमुख कार्य

नगरीय स्थानीय निकाय नागरिकों के दैनिक जीवन से जुड़े अनेक कार्य करते हैं।

  • आधारभूत ढाँचे की देखभाल।
  • अपशिष्ट का संग्रहण एवं निपटान।
  • कब्रगाहों का रख-रखाव।
  • सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन पर ध्यान देना।
  • स्थानीय कर एवं अर्थदंड प्राप्त करना।
  • क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास की योजना में योगदान देना।
  • नागरिकों को विभिन्न स्थानीय सेवाएँ उपलब्ध कराना।

इंदौर नगर निगम की सेवाएँ

अध्याय में इंदौर नगर निगम की सेवाओं के उदाहरण दिए गए हैं। इनमें संपत्ति कर, जल शुल्क, सूखा कूड़ा प्रबंधन, व्यवसाय एवं व्यापार लाइसेंस, विवाह प्रमाणपत्र, अग्निशमन सेवाएँ, विभिन्न लाइसेंस, जल टैंकर, मलबा हटाना, शिकायतें तथा सेवा के लिए अनुरोध जैसी सेवाएँ शामिल हैं।

नगरीय स्थानीय निकायों के संसाधन

नगरीय स्थानीय निकायों को अपने कार्यों के लिए संसाधनों की आवश्यकता होती है। अध्याय में स्थानीय कर, अर्थदंड तथा विभिन्न सेवाओं से संबंधित भुगतान को संसाधन जुटाने के उदाहरणों के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

नागरिकों के कर्तव्य

नगरीय स्थानीय निकायों को प्रभावी ढंग से कार्य करने में नागरिकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। लोकतंत्र सहभागी होने के कारण नागरिकों को अपने क्षेत्र की देखभाल में सहयोग करना चाहिए।

  • कूड़े के पृथक्करण के निर्देशों का पालन करना।
  • जल का अनावश्यक अपव्यय रोकना।
  • जल रिसाव की तुरंत सूचना देना।
  • अपने आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखना।
  • स्थानीय समस्याओं की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाना।
  • स्थानीय निकायों के कार्यों में सहयोग करना।

मद्रास कॉरपोरेशन का इतिहास

29 सितंबर 1688 को मद्रास कॉरपोरेशन की स्थापना हुई, जिसे अब ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन कहा जाता है। अध्याय के अनुसार यह भारत की सबसे प्राचीन नगर निगम संस्था है।

1792 के एक संसदीय अधिनियम ने मद्रास कॉरपोरेशन को नगर में स्थानीय कर लगाने की शक्ति प्रदान की। इससे स्थानीय नगरीय स्वशासन को आगे बढ़ने में सहायता मिली।

नगरीय स्थानीय शासन और लोकतंत्र

नगरीय स्थानीय शासन सहभागी लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्थानीय नागरिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्य निर्वाचित होते हैं और वे स्थानीय समस्याओं तथा आवश्यकताओं को प्रशासन के सामने रखते हैं।

  • नागरिकों की भागीदारी बढ़ती है।
  • स्थानीय समस्याओं पर ध्यान दिया जाता है।
  • लोग अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से अपनी बात रखते हैं।
  • स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया मजबूत होती है।

ग्रामीण और नगरीय स्थानीय शासन

आधार ग्रामीण स्थानीय शासन नगरीय स्थानीय शासन
क्षेत्र गाँव और ग्रामीण क्षेत्र नगर और कस्बे
मुख्य संस्थाएँ ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, जिला परिषद नगर पंचायत, नगरपालिका, नगर निगम
प्रतिनिधित्व स्थानीय लोगों द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधि स्थानीय लोगों द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधि
मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास एवं स्थानीय समस्याओं का समाधान नगरीय विकास एवं स्थानीय समस्याओं का समाधान

लोकतंत्र में प्रत्येक व्यक्ति के मत का महत्व

अध्याय में गाँव और शहर के बीच संवाद के माध्यम से बताया गया है कि ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों की परिस्थितियाँ अलग हो सकती हैं, लेकिन लोकतंत्र का मूल विचार समान रहता है—प्रत्येक व्यक्ति का मत महत्वपूर्ण है।

महत्वपूर्ण शब्द

  • नगरीय स्थानीय निकाय: नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय शासन करने वाली संस्थाएँ।
  • वार्ड: नगर या कस्बे की छोटी प्रशासनिक इकाई।
  • वार्ड समिति: वार्ड की स्थानीय समस्याओं और गतिविधियों पर ध्यान देने वाली समिति।
  • नगर निगम: बड़े नगरों का सर्वोच्च नगरीय स्थानीय निकाय।
  • नगरपालिका: 1 लाख से 10 लाख के बीच जनसंख्या वाले नगरों की स्थानीय संस्था।
  • नगर पंचायत: 1 लाख से कम जनसंख्या वाले नगरों और कस्बों की स्थानीय संस्था।
  • सहभागी लोकतंत्र: ऐसी लोकतांत्रिक व्यवस्था जिसमें नागरिक शासन और निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय भाग लेते हैं।

महत्वपूर्ण अंतर

नगर निगम नगरपालिका
10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरों में 1 लाख से 10 लाख के बीच जनसंख्या वाले नगरों में
बड़े नगरों के लिए मध्यम आकार के नगरों के लिए

Exam Booster

  • अध्याय संख्या — 12
  • अध्याय — आधारभूत लोकतंत्र — भाग 3: नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार
  • नगरीय स्थानीय सरकार की संस्थाएँ — नगरीय स्थानीय निकाय
  • नगरों की छोटी प्रशासनिक इकाई — वार्ड
  • 10 लाख से अधिक जनसंख्या — नगर निगम
  • 1 लाख से 10 लाख जनसंख्या — नगरपालिका
  • 1 लाख से कम जनसंख्या — नगर पंचायत
  • भारत की सबसे प्राचीन नगर निगम संस्था — मद्रास कॉरपोरेशन
  • मद्रास कॉरपोरेशन की स्थापना — 29 सितंबर 1688
  • 1792 — मद्रास कॉरपोरेशन को स्थानीय कर लगाने की शक्ति मिली।
  • नगरीय स्थानीय निकायों में स्थानीय नागरिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्य निर्वाचित होते हैं।
  • नागरिकों की सक्रिय भागीदारी नगरीय स्थानीय शासन को प्रभावी बनाने में सहायक होती है।

Quick Revision

  • नगरीय क्षेत्र → नगरीय स्थानीय निकाय
  • नगर/कस्बा → वार्डों में विभाजित
  • वार्ड → वार्ड समिति
  • 10 लाख से अधिक → नगर निगम
  • 1–10 लाख → नगरपालिका
  • 1 लाख से कम → नगर पंचायत
  • नगरीय निकाय → स्थानीय समस्याओं का समाधान और सेवाएँ
  • नागरिक → स्थानीय निकायों के कार्यों में सहयोग
  • स्थानीय शासन → सहभागी लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार

आधारभूत लोकतंत्र भाग 3: नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार

Class 6 Social Science Hindi Updated : 19 September 2026

अध्याय 12. आधारभूत लोकतंत्र — भाग 3: नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार

इस भाग में नगरीय स्थानीय सरकार की मूल संरचना, नगरीय स्थानीय निकाय, वार्ड तथा उनके प्रमुख कार्यों को समझेंगे।

नगरीय स्थानीय सरकार

  • नगरों और कस्बों में स्थानीय स्तर पर शासन करने वाली संस्थाओं को नगरीय स्थानीय निकाय कहा जाता है।
  • इनका उद्देश्य स्थानीय समस्याओं का समाधान करना और नागरिकों के लिए आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध कराना है।
  • नगरीय स्थानीय निकाय स्थानीय नागरिकों के लिए स्वशासन का माध्यम हैं।
  • इन संस्थाओं के माध्यम से नागरिक स्थानीय प्रशासन में भाग लेते हैं।

नगरीय स्थानीय निकाय की आवश्यकता

  • बड़े नगरों में जनसंख्या और गतिविधियाँ अधिक होती हैं।
  • नगरों में अनेक प्रकार के समुदाय और व्यवसाय पाए जाते हैं।
  • नगरों की समस्याएँ गाँवों की तुलना में अधिक जटिल और विविध हो सकती हैं।
  • इसलिए स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए स्थानीय स्तर पर शासन आवश्यक है।

स्थानीय से राष्ट्रीय स्तर तक शासन

स्तर सरकार/संस्था
राष्ट्रीय स्तर संघ सरकार
राज्य स्तर राज्य सरकार
स्थानीय स्तर स्थानीय सरकार
ग्रामीण क्षेत्र पंचायती राज संस्थाएँ
नगरीय क्षेत्र नगरीय स्थानीय निकाय

नगरीय स्थानीय निकाय की विशेषताएँ

  • ये नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय शासन की संस्थाएँ हैं।
  • इनके पास अपने क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं पर निर्णय लेने की स्वायत्तता होती है।
  • स्थानीय नागरिकों का प्रतिनिधित्व निर्वाचित सदस्यों द्वारा किया जाता है।
  • इनका कार्य स्थानीय लोगों के हितों और आवश्यकताओं से जुड़ा होता है।
  • इनका कार्य सहभागी लोकतंत्र को मजबूत करना है।

नगरीय स्थानीय निकाय के प्रकार

नगर की जनसंख्या नगरीय स्थानीय निकाय
10 लाख से अधिक नगर निगम / महानगर निगम
1 लाख से 10 लाख के बीच नगरपालिका / नगर परिषद
1 लाख से कम नगर पंचायत

नगर निगम

  • बड़े नगरों में सर्वोच्च नगरीय स्थानीय निकाय नगर निगम होता है।
  • अध्याय के अनुसार 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरों में नगर निगम होते हैं।
  • नगर निगम को महानगर निगम भी कहा जाता है।
  • अध्याय में चेन्नई और इंदौर के नगर निगमों का उदाहरण दिया गया है।

नगरपालिका

  • 1 लाख से 10 लाख के बीच जनसंख्या वाले नगरों में नगरपालिका होती है।
  • इसे Municipal Council भी कहा जाता है।
  • यह नगर के स्थानीय प्रशासन और विकास से संबंधित कार्य करती है।

नगर पंचायत

  • 1 लाख से कम जनसंख्या वाले नगरों और कस्बों में नगर पंचायत होती है।
  • यह छोटे नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय शासन की संस्था है।

वार्ड

  • नगरों और कस्बों को छोटी-छोटी इकाइयों में बाँटा जाता है।
  • इन छोटी इकाइयों को वार्ड कहा जाता है।
  • वार्ड स्थानीय प्रशासन को छोटे क्षेत्रों की समस्याओं पर ध्यान देने में सहायता करते हैं।
  • वार्ड के लोग अपनी स्थानीय समस्याओं को संबंधित प्रतिनिधियों और अधिकारियों तक पहुँचा सकते हैं।

वार्ड समिति

  • वार्ड समिति वार्ड से संबंधित स्थानीय समस्याओं और गतिविधियों पर ध्यान देती है।
  • वार्ड समितियाँ स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन में सहायता कर सकती हैं।
  • ये एकल उपयोग वाले प्लास्टिक के विरुद्ध अभियान में सहायता कर सकती हैं।
  • जल रिसाव, जाम नाली और टूटी सड़क जैसी समस्याओं की सूचना अधिकारियों तक पहुँचाई जा सकती है।
  • वार्ड समितियों की कार्यप्रणाली अलग-अलग राज्यों में अलग हो सकती है।

नगरीय स्थानीय निकायों के प्रमुख कार्य

  • आधारभूत ढाँचे की देखभाल करना।
  • अपशिष्ट का संग्रहण और निपटान करना।
  • कब्रगाहों का रख-रखाव करना।
  • सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन पर ध्यान देना।
  • स्थानीय कर और अर्थदंड प्राप्त करना।
  • क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास की योजना में भूमिका निभाना।

आधारभूत ढाँचे की देखभाल

नगरीय स्थानीय निकाय अपने क्षेत्र में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं और सार्वजनिक ढाँचे की देखभाल करते हैं। नागरिकों से संबंधित स्थानीय समस्याओं पर ध्यान देना इनके कार्यों का महत्वपूर्ण भाग है।

अपशिष्ट प्रबंधन

  • नगरों में बड़ी मात्रा में कचरा उत्पन्न होता है।
  • स्थानीय निकाय अपशिष्ट के संग्रहण और निपटान की व्यवस्था करते हैं।
  • नागरिकों द्वारा कूड़े का उचित पृथक्करण करने से संग्रहण और निपटान अधिक आसान होता है।

स्थानीय कर और अर्थदंड

  • नगरीय स्थानीय निकाय अपने कार्यों के लिए संसाधन जुटाते हैं।
  • स्थानीय कर और अर्थदंड इनके संसाधनों के स्रोतों में शामिल हैं।
  • कुछ स्थानीय सेवाएँ भुगतान आधारित भी हो सकती हैं।

नागरिकों की भूमिका

नगरीय स्थानीय निकायों को कुशलतापूर्वक कार्य करने के लिए नागरिकों का सहयोग आवश्यक है। अध्याय नागरिकों की जिम्मेदारी को सहभागी लोकतंत्र से जोड़ता है।

  • कूड़े के पृथक्करण के निर्देशों का पालन करना।
  • जल का अपव्यय रोकना।
  • जल रिसाव की तुरंत सूचना देना।
  • अपने क्षेत्र की साफ-सफाई और रख-रखाव में सहयोग करना।
  • स्थानीय समस्याओं की जानकारी संबंधित अधिकारियों को देना।

जल संरक्षण में नागरिकों की भूमिका

  • यदि किसी गली या रास्ते में जल रिसाव दिखाई दे तो इसकी तुरंत सूचना देनी चाहिए।
  • जल रिसाव की सूचना देने से बहुमूल्य जल के अपव्यय को रोका जा सकता है।
  • इस प्रकार नागरिकों की छोटी-सी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन के कार्य को अधिक प्रभावी बना सकती है।

मद्रास कॉरपोरेशन

  • मद्रास कॉरपोरेशन की स्थापना 29 सितंबर 1688 को हुई थी।
  • अब इसे ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन कहा जाता है।
  • अध्याय के अनुसार यह भारत की सबसे प्राचीन नगर निगम संस्था है।
  • 1792 के एक संसदीय अधिनियम ने मद्रास कॉरपोरेशन को नगर में स्थानीय कर लगाने की शक्ति प्रदान की।
  • इससे स्थानीय नगरीय स्वशासन को सुचारु रूप से आगे बढ़ने में सहायता मिली।

महत्वपूर्ण शब्द

  • नगरीय स्थानीय निकाय: नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय शासन करने वाली संस्थाएँ।
  • वार्ड: नगर या कस्बे की छोटी स्थानीय इकाई।
  • वार्ड समिति: वार्ड की स्थानीय समस्याओं और गतिविधियों पर ध्यान देने वाली समिति।
  • नगर निगम: बड़े नगरों में कार्य करने वाला प्रमुख नगरीय स्थानीय निकाय।
  • नगरपालिका: 1 लाख से 10 लाख के बीच जनसंख्या वाले नगरों की स्थानीय संस्था।
  • नगर पंचायत: 1 लाख से कम जनसंख्या वाले नगरों और कस्बों की स्थानीय संस्था।
  • सहभागी लोकतंत्र: ऐसी लोकतांत्रिक व्यवस्था जिसमें नागरिक शासन की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं।

महत्वपूर्ण अंतर

नगर निगम नगरपालिका नगर पंचायत
10 लाख से अधिक जनसंख्या 1 लाख से 10 लाख के बीच 1 लाख से कम
बड़े नगर मध्यम आकार के नगर छोटे नगर और कस्बे

Exam Facts

  • नगरीय स्थानीय शासन → नगरीय स्थानीय निकायों के माध्यम से।
  • नगर की छोटी इकाई → वार्ड।
  • वार्ड से संबंधित संस्था → वार्ड समिति।
  • 10 लाख से अधिक → नगर निगम।
  • 1 लाख से 10 लाख → नगरपालिका।
  • 1 लाख से कम → नगर पंचायत।
  • मद्रास कॉरपोरेशन → 29 सितंबर 1688।
  • मद्रास कॉरपोरेशन → अब ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन।
  • 1792 → स्थानीय कर लगाने की शक्ति मिली।
  • नागरिकों की भागीदारी → सहभागी लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा।

Quick Revision

  • नगरीय क्षेत्र → नगरीय स्थानीय निकाय
  • नगर/कस्बा → वार्ड
  • वार्ड → वार्ड समिति
  • 10 लाख से अधिक → नगर निगम
  • 1–10 लाख → नगरपालिका
  • 1 लाख से कम → नगर पंचायत
  • स्थानीय निकाय → स्थानीय समस्याओं का समाधान
  • नागरिक → स्थानीय निकायों के कार्यों में सहयोग
  • सहभागी लोकतंत्र → नागरिकों की सक्रिय भागीदारी
  • मद्रास कॉरपोरेशन → 1688

आधारभूत लोकतंत्र भाग 3: नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार

Class 6 Social Science Hindi Updated : 19 September 2026

अध्याय 12. आधारभूत लोकतंत्र — भाग 3: नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार 

इस भाग में हम नगरीय स्थानीय निकायों की सेवाओं, नागरिकों की जिम्मेदारियों, नगर निगमों की भूमिका, इंदौर और मद्रास के उदाहरण तथा ग्रामीण और नगरीय स्थानीय शासन के बीच संबंध को समझेंगे।

नगरीय स्थानीय निकायों की सेवाएँ

  • नगरीय स्थानीय निकाय नागरिकों के दैनिक जीवन से जुड़ी अनेक सेवाएँ उपलब्ध कराते हैं।
  • इन सेवाओं में जल, स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और अग्निशमन जैसी आवश्यक सेवाएँ शामिल हो सकती हैं।
  • स्थानीय निकाय नागरिकों की शिकायतों और सेवा संबंधी अनुरोधों पर भी कार्य करते हैं।

इंदौर नगर निगम की सेवाएँ

अध्याय में इंदौर नगर निगम द्वारा दी जाने वाली विभिन्न सेवाओं का उदाहरण दिया गया है।

सेवा/कार्य उदाहरण
कर एवं शुल्क संपत्ति कर, जल शुल्क
कचरा प्रबंधन सूखा कूड़ा प्रबंधन
लाइसेंस व्यवसाय, विज्ञापन और व्यापार लाइसेंस
प्रमाणपत्र विवाह प्रमाणपत्र
आपातकालीन सेवा अग्निशमन सेवा
जल एवं सफाई जल टैंकर, सेप्टिक टैंकर, मलबा हटाना
नागरिक सेवा शिकायतें एवं सेवा के लिए अनुरोध
अन्य सेवाएँ चल शौचालय, एम्बुलेंस तथा अंत्येष्टि संबंधी वाहन

सी.आर.एम. क्या है?

सी.आर.एम. का अर्थ Citizen Relationship Management अर्थात नागरिक संबंध प्रबंधन है। अध्याय में इसे शिकायतों, सेवा अनुरोधों और विभिन्न नागरिक सेवाओं से संबंधित व्यवस्था के संदर्भ में दिखाया गया है।

स्थानीय निकायों के लिए नागरिकों का सहयोग

  • स्थानीय निकाय अकेले सभी समस्याओं का प्रभावी समाधान नहीं कर सकते।
  • नागरिकों को भी अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।
  • नागरिकों के सहयोग से स्थानीय सेवाओं का संचालन अधिक प्रभावी हो सकता है।
  • स्थानीय क्षेत्र की समस्याओं की समय पर सूचना देना नागरिकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

कचरे का पृथक्करण

  • नागरिकों को कूड़े के पृथक्करण से संबंधित निर्देशों का पालन करना चाहिए।
  • कूड़े का उचित पृथक्करण उसके संग्रहण और निपटान को आसान बनाता है।
  • इससे स्थानीय निकायों के अपशिष्ट प्रबंधन कार्य में सहायता मिलती है।

जल रिसाव की सूचना

  • यदि किसी गली या रास्ते में पानी का रिसाव दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत देनी चाहिए।
  • जल रिसाव की सूचना देने से बहुमूल्य जल की बर्बादी को रोका जा सकता है।
  • यह नागरिक जिम्मेदारी और स्थानीय प्रशासन के बीच सहयोग का उदाहरण है।

इंदौर और स्वच्छता

अध्याय में बताया गया है कि मध्य प्रदेश के इंदौर को सरकारी ‘स्वच्छ सर्वेक्षण’ योजना के अंतर्गत लगातार सात वर्षों तक भारत के सर्वाधिक स्वच्छ नगर का पुरस्कार दिया गया। अध्याय इस उपलब्धि में नागरिकों की भूमिका पर विचार करने के लिए प्रेरित करता है।

नगरीय स्थानीय निकायों के संसाधन

  • स्थानीय निकायों को अपनी गतिविधियों के संचालन के लिए संसाधनों की आवश्यकता होती है।
  • स्थानीय कर और शुल्क संसाधन जुटाने के साधनों में शामिल हो सकते हैं।
  • कुछ सेवाएँ भुगतान आधारित हो सकती हैं।
  • इन संसाधनों से स्थानीय सेवाओं और विकास कार्यों को संचालित करने में सहायता मिलती है।

नगर और गाँव में अंतर

आधार गाँव नगर
वातावरण अध्याय के संवाद में अपेक्षाकृत शांत वातावरण बताया गया है। अधिक व्यस्त और भीड़-भाड़ वाला वातावरण हो सकता है।
सामाजिक संबंध लोग एक-दूसरे को अधिक जानते और सहायता करते हुए दिखाए गए हैं। लोग अपने पड़ोसियों को हमेशा न जानते हों, फिर भी सामुदायिक सहयोग के उदाहरण मिलते हैं।
मुख्य स्थानीय संस्था ग्राम पंचायत नगरीय स्थानीय निकाय

नगरों में सामुदायिक सहयोग

नगरों में भी लोगों में सामुदायिक भावना दिखाई देती है। अध्याय में भारी वर्षा के बाद एक मकान गिरने की घटना का उदाहरण दिया गया है, जिसमें आसपास के लोग मलबा हटाने और किसी व्यक्ति के मलबे में फँसे होने की संभावना को दूर करने के लिए एकजुट हुए।

स्थानीय प्रतिनिधि

  • नगरीय क्षेत्रों में नागरिकों का प्रतिनिधित्व निर्वाचित सदस्य करते हैं।
  • ये प्रतिनिधि नागरिकों और उनके हितों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
  • नागरिक अपनी स्थानीय समस्याओं और आवश्यकताओं को अपने प्रतिनिधियों के सामने रख सकते हैं।

लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी

  • लोकतंत्र केवल प्रतिनिधियों के चुनाव तक सीमित नहीं है।
  • नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है।
  • स्थानीय समस्याओं की पहचान और उनकी सूचना देना नागरिक भागीदारी का एक रूप है।
  • स्थानीय निकायों के कार्यों में सहयोग करना सहभागी लोकतंत्र को मजबूत करता है।

बच्चों की भागीदारी

अध्याय के संवाद में बच्चों द्वारा बिजली के एक खतरनाक ढंग से लटके तार की समस्या को पहचानने और उसकी सूचना देने का उदाहरण दिया गया है। इसके बाद संबंधित व्यक्ति को बिजली के खंभे को कुछ दूरी पर स्थानांतरित करने का सुझाव दिया गया और ऐसा किया गया।

यह उदाहरण दिखाता है कि स्थानीय समस्याओं की पहचान करने और उन्हें उचित माध्यम तक पहुँचाने में बच्चों की आवाज भी महत्वपूर्ण हो सकती है।

प्रत्येक व्यक्ति का मत महत्वपूर्ण है

अध्याय के संवाद का निष्कर्ष है कि शहर का स्थानीय शासन गाँव की तुलना में अधिक जटिल हो सकता है, लेकिन लोकतंत्र का मूल विचार समान रहता है—प्रत्येक व्यक्ति का मत महत्व रखता है।

विकेंद्रीकृत शासन

नगरीय क्षेत्रों में विभिन्न नगरीय स्थानीय निकायों के माध्यम से विकेंद्रीकृत शासन चलता है। इससे नागरिकों के जीवन को प्रभावित करने वाले विभिन्न स्थानीय कार्यों को स्थानीय स्तर पर पूरा करने में सहायता मिलती है।

नगरीय स्थानीय निकाय और निर्वाचित प्रतिनिधि

  • नगरीय स्थानीय निकायों में नागरिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्य निर्वाचित होते हैं।
  • निर्वाचित प्रतिनिधि स्थानीय लोगों की आवश्यकताओं और समस्याओं को सामने रखते हैं।
  • स्थानीय स्तर पर निर्वाचित प्रतिनिधियों की उपस्थिति लोकतांत्रिक भागीदारी को बढ़ाती है।

अच्छे नगरीय स्थानीय निकाय की विशेषताएँ

  • नागरिकों की आवश्यकताओं पर ध्यान देना।
  • स्थानीय समस्याओं का समय पर समाधान करना।
  • स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन की उचित व्यवस्था करना।
  • जल जैसी आवश्यक सेवाओं की देखभाल करना।
  • नागरिकों की शिकायतों और सेवा अनुरोधों पर ध्यान देना।
  • नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करना।
  • स्थानीय विकास की योजना बनाना।
  • उपलब्ध संसाधनों का उचित उपयोग करना।

ग्रामीण और नगरीय स्थानीय शासन में समानताएँ

  • दोनों स्थानीय स्तर पर शासन की व्यवस्था हैं।
  • दोनों में स्थानीय लोगों की भागीदारी महत्वपूर्ण है।
  • दोनों में स्थानीय समस्याओं के समाधान पर ध्यान दिया जाता है।
  • दोनों में नागरिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले निर्वाचित सदस्य होते हैं।
  • दोनों का उद्देश्य स्थानीय क्षेत्र के विकास और लोगों की आवश्यकताओं को पूरा करना है।

ग्रामीण और नगरीय स्थानीय शासन में अंतर

आधार ग्रामीण स्थानीय शासन नगरीय स्थानीय शासन
क्षेत्र गाँव और ग्रामीण क्षेत्र नगर और कस्बे
मुख्य संस्थाएँ ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, जिला परिषद नगर पंचायत, नगरपालिका, नगर निगम
स्थानीय इकाई ग्राम वार्ड
मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र का स्थानीय विकास नगरीय क्षेत्र का स्थानीय विकास

अध्याय के महत्वपूर्ण तथ्य

  • नगरीय स्थानीय निकाय → नगरों और कस्बों में स्थानीय शासन की संस्थाएँ।
  • नगर और कस्बे → वार्डों में विभाजित किए जाते हैं।
  • वार्ड → नगरीय स्थानीय क्षेत्र की छोटी इकाई।
  • वार्ड समितियाँ → स्थानीय समस्याओं और गतिविधियों पर ध्यान देती हैं।
  • 10 लाख से अधिक → नगर निगम।
  • 1 लाख से 10 लाख → नगरपालिका।
  • 1 लाख से कम → नगर पंचायत।
  • मद्रास कॉरपोरेशन की स्थापना → 29 सितंबर 1688।
  • मद्रास कॉरपोरेशन → अब ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन।
  • 1792 → मद्रास कॉरपोरेशन को स्थानीय कर लगाने की शक्ति मिली।
  • स्थानीय निकायों के प्रभावी संचालन में नागरिकों का सहयोग आवश्यक है।
  • विकेंद्रीकृत शासन → स्थानीय स्तर पर निर्णय और कार्यों को संचालित करने की व्यवस्था।

Quick Revision

  • नगरीय स्थानीय शासन → नगरीय स्थानीय निकाय
  • नगर → वार्ड
  • वार्ड → वार्ड समिति
  • बड़ा नगर → नगर निगम
  • मध्यम नगर → नगरपालिका
  • छोटा नगर/कस्बा → नगर पंचायत
  • स्थानीय निकाय → स्थानीय सेवाएँ और विकास
  • नागरिक → सहयोग, सूचना और जिम्मेदारी
  • स्थानीय प्रतिनिधि → नागरिकों का प्रतिनिधित्व
  • लोकतंत्र → प्रत्येक व्यक्ति के मत का महत्व

आधारभूत लोकतंत्र भाग 3: नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार

Class 6 Social Science Hindi Updated : 19 September 2026

अध्याय 12. आधारभूत लोकतंत्र — भाग 3: नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार — Assignment

इस अभ्यास में नगरीय स्थानीय निकाय, वार्ड, वार्ड समिति, नगर निगम, नगरपालिका, नगर पंचायत, नागरिकों के कर्तव्य, स्थानीय सेवाएँ तथा सहभागी लोकतंत्र से संबंधित प्रश्न दिए गए हैं।

1. बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

प्रश्न 1. नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार की संस्थाओं को क्या कहा जाता है?

(A) पंचायती राज संस्थाएँ
(B) नगरीय स्थानीय निकाय
(C) जिला परिषद
(D) ग्राम सभा

प्रश्न 2. नगरों और कस्बों को छोटी-छोटी इकाइयों में किस नाम से विभाजित किया जाता है?

(A) जिले
(B) ब्लॉक
(C) वार्ड
(D) ग्राम

प्रश्न 3. वार्ड समितियाँ किस प्रकार की गतिविधियों में सहायता कर सकती हैं?

(A) स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन
(B) संसद का संचालन
(C) राज्य सरकार बनाना
(D) राष्ट्रीय चुनाव कराना

प्रश्न 4. 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरों में सर्वोच्च नगरीय निकाय कौन-सा होता है?

(A) नगर पंचायत
(B) नगरपालिका
(C) नगर निगम
(D) ग्राम पंचायत

प्रश्न 5. 1 लाख से 10 लाख के बीच जनसंख्या वाले नगरों में कौन-सा निकाय होता है?

(A) नगर निगम
(B) नगरपालिका
(C) नगर पंचायत
(D) ग्राम सभा

प्रश्न 6. 1 लाख से कम जनसंख्या वाले नगरों और कस्बों में कौन-सा निकाय होता है?

(A) नगर पंचायत
(B) नगर निगम
(C) जिला परिषद
(D) पंचायत समिति

प्रश्न 7. निम्नलिखित में से कौन-सा नगरीय स्थानीय निकाय का कार्य है?

(A) अपशिष्ट संग्रहण और निपटान
(B) राष्ट्रीय रक्षा
(C) विदेश नीति बनाना
(D) मुद्रा जारी करना

प्रश्न 8. भारत की सबसे प्राचीन नगर निगम संस्था के रूप में अध्याय में किसका उल्लेख है?

(A) मुंबई कॉरपोरेशन
(B) मद्रास कॉरपोरेशन
(C) दिल्ली नगर निगम
(D) इंदौर नगर निगम

प्रश्न 9. मद्रास कॉरपोरेशन की स्थापना कब हुई थी?

(A) 15 अगस्त 1947
(B) 26 जनवरी 1950
(C) 29 सितंबर 1688
(D) 2 अक्टूबर 1865

प्रश्न 10. 1792 के संसदीय अधिनियम ने मद्रास कॉरपोरेशन को कौन-सी शक्ति प्रदान की?

(A) स्थानीय कर लगाने की शक्ति
(B) सेना बनाने की शक्ति
(C) राज्य सरकार बनाने की शक्ति
(D) संसद भंग करने की शक्ति

प्रश्न 11. नागरिकों द्वारा कूड़े के उचित पृथक्करण का क्या लाभ है?

(A) कचरे का संग्रहण और निपटान आसान होता है
(B) जल की मात्रा बढ़ जाती है
(C) सड़कें अपने आप बन जाती हैं
(D) कर समाप्त हो जाते हैं

प्रश्न 12. यदि किसी गली में जल रिसाव हो रहा हो तो नागरिकों को क्या करना चाहिए?

(A) उसे अनदेखा करना चाहिए
(B) तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना देनी चाहिए
(C) सड़क बंद कर देनी चाहिए
(D) पानी को बहने देना चाहिए

प्रश्न 13. अध्याय में इंदौर को किस योजना के अंतर्गत स्वच्छ नगर का पुरस्कार मिलने का उल्लेख है?

(A) स्वच्छ सर्वेक्षण
(B) स्मार्ट ग्राम योजना
(C) हरित भारत योजना
(D) जल जीवन योजना

प्रश्न 14. नगरीय स्थानीय निकायों में नागरिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्य कैसे आते हैं?

(A) नियुक्त किए जाते हैं
(B) निर्वाचित होते हैं
(C) केवल अधिकारियों द्वारा चुने जाते हैं
(D) केवल न्यायालय द्वारा चुने जाते हैं

प्रश्न 15. अध्याय के अनुसार लोकतंत्र का मूल विचार क्या है?

(A) केवल सरकार का निर्णय महत्वपूर्ण है
(B) प्रत्येक व्यक्ति का मत महत्व रखता है
(C) केवल बड़े नगरों के लोगों की राय महत्वपूर्ण है
(D) केवल अधिकारियों की राय महत्वपूर्ण है

उत्तरमाला

प्रश्न उत्तर प्रश्न उत्तर प्रश्न उत्तर
1 B 2 C 3 A
4 C 5 B 6 A
7 A 8 B 9 C
10 A 11 A 12 B
13 A 14 B 15 B

2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

1. नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार की संस्थाओं को __________ कहा जाता है।

2. नगरों और कस्बों को छोटी-छोटी इकाइयों में बाँटा जाता है, जिन्हें __________ कहते हैं।

3. 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरों में __________ होते हैं।

4. 1 लाख से 10 लाख के बीच जनसंख्या वाले नगरों में __________ होती है।

5. 1 लाख से कम जनसंख्या वाले नगरों और कस्बों में __________ होती है।

6. वार्ड समितियाँ __________ शिविरों के आयोजन में सहायता करती हैं।

7. 29 सितंबर __________ को मद्रास कॉरपोरेशन की स्थापना हुई थी।

8. मद्रास कॉरपोरेशन को अब __________ कॉरपोरेशन कहा जाता है।

9. नागरिकों द्वारा कूड़े का उचित __________ करने से कचरे का संग्रहण और निपटान आसान होता है।

10. नगरीय स्थानीय शासन में __________ लोकतंत्र की भावना महत्वपूर्ण है।

3. सही या गलत लिखिए

1. नगरीय स्थानीय निकाय नगरों और कस्बों में स्थानीय शासन करते हैं।

2. नगरों को वार्डों में विभाजित किया जाता है।

3. 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरों में नगर पंचायत होती है।

4. वार्ड समितियाँ स्थानीय समस्याओं पर ध्यान देने में सहायता करती हैं।

5. नगरीय स्थानीय निकायों का कोई विकास संबंधी कार्य नहीं होता।

6. नागरिकों को जल रिसाव की सूचना संबंधित अधिकारियों को देनी चाहिए।

7. मद्रास कॉरपोरेशन की स्थापना 29 सितंबर 1688 को हुई थी।

8. 1792 में मद्रास कॉरपोरेशन को स्थानीय कर लगाने की शक्ति मिली थी।

9. स्थानीय निकायों में नागरिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्य निर्वाचित होते हैं।

10. लोकतंत्र में केवल कुछ लोगों का मत महत्वपूर्ण होता है।

4. एक शब्द या एक वाक्य में उत्तर दीजिए

1. नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय शासन की संस्थाओं को क्या कहा जाता है?

2. नगर की छोटी प्रशासनिक इकाई क्या कहलाती है?

3. 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरों का स्थानीय निकाय कौन-सा है?

4. 1 लाख से 10 लाख के बीच जनसंख्या वाले नगरों का स्थानीय निकाय कौन-सा है?

5. 1 लाख से कम जनसंख्या वाले नगरों और कस्बों का स्थानीय निकाय कौन-सा है?

6. मद्रास कॉरपोरेशन की स्थापना कब हुई?

7. मद्रास कॉरपोरेशन का वर्तमान नाम क्या है?

8. वार्ड से संबंधित स्थानीय समस्याओं पर ध्यान देने वाली समिति का नाम क्या है?

5. लघु उत्तरीय प्रश्न

1. नगरीय स्थानीय निकाय से आप क्या समझते हैं?

2. नगरों को वार्डों में क्यों विभाजित किया जाता है?

3. वार्ड समिति के कोई चार कार्य लिखिए।

4. नगर निगम और नगरपालिका में क्या अंतर है?

5. नगरीय स्थानीय निकायों के कोई पाँच कार्य लिखिए।

6. नागरिकों के कौन-कौन से कर्तव्य स्थानीय निकायों को कुशलता से कार्य करने में सहायता करते हैं?

7. जल रिसाव की सूचना देना नागरिक का महत्वपूर्ण कर्तव्य क्यों है?

8. सहभागी लोकतंत्र से क्या समझते हैं?

6. अंतर स्पष्ट कीजिए

आधार नगर निगम नगरपालिका
जनसंख्या 10 लाख से अधिक 1 लाख से 10 लाख के बीच
क्षेत्र बड़े नगर मध्यम आकार के नगर

 

आधार नगरपालिका नगर पंचायत
जनसंख्या 1 लाख से 10 लाख के बीच 1 लाख से कम
क्षेत्र नगर छोटे नगर और कस्बे

 

 

आधार ग्रामीण स्थानीय शासन नगरीय स्थानीय शासन
क्षेत्र गाँव और ग्रामीण क्षेत्र नगर और कस्बे
मुख्य संस्थाएँ ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, जिला परिषद नगर पंचायत, नगरपालिका, नगर निगम
स्थानीय इकाई ग्राम वार्ड

 

7. मिलान कीजिए

कॉलम A कॉलम B
1. नगर निगम (a) 1 लाख से कम
2. नगरपालिका (b) 10 लाख से अधिक
3. नगर पंचायत (c) 1 लाख से 10 लाख
4. वार्ड (d) नगर की छोटी इकाई
5. मद्रास कॉरपोरेशन (e) 29 सितंबर 1688

8. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

1. नगरीय स्थानीय निकायों की संरचना और उनके विभिन्न प्रकारों को विस्तार से समझाइए।

2. नगरीय स्थानीय निकायों के प्रमुख कार्यों का विस्तार से वर्णन कीजिए।

3. नागरिक नगरीय स्थानीय निकायों को कुशलतापूर्वक कार्य करने में किस प्रकार सहायता कर सकते हैं?

4. ग्रामीण पंचायती राज व्यवस्था और नगरीय स्थानीय निकायों के बीच समानताएँ एवं विभिन्नताएँ समझाइए।

9. उदाहरण आधारित प्रश्न

प्रश्न 1. विद्यालय जाते समय आपको सड़क के किनारे पानी का पाइप टूटा हुआ दिखाई देता है और बहुत सारा पानी व्यर्थ बह रहा है। आप और आपके मित्र इस स्थिति में क्या करेंगे?

प्रश्न 2. किसी वार्ड में नाली जाम है और सड़क भी टूट गई है। बताइए कि इन समस्याओं को स्थानीय प्रशासन तक पहुँचाने में वार्ड समिति किस प्रकार सहायता कर सकती है।

प्रश्न 3. किसी नगर में 12 लाख लोग रहते हैं। अध्याय में दिए गए वर्गीकरण के अनुसार वहाँ किस प्रकार का नगरीय स्थानीय निकाय होगा? कारण सहित लिखिए।

प्रश्न 4. किसी नगर के नागरिक कूड़े को उचित रूप से अलग करते हैं और जल रिसाव की तुरंत सूचना देते हैं। इससे स्थानीय निकाय के कार्य में किस प्रकार सहायता मिल सकती है?

10. विचार कीजिए और उत्तर दीजिए

1. बड़े नगरों में स्थानीय शासन अधिक जटिल क्यों हो सकता है?

2. यदि नागरिक स्थानीय समस्याओं की सूचना न दें तो स्थानीय निकायों के सामने क्या कठिनाई हो सकती है?

3. नगरों में भी सामुदायिक भावना किस प्रकार दिखाई दे सकती है?

4. “प्रत्येक व्यक्ति का मत महत्व रखता है।” इस कथन का लोकतंत्र के संदर्भ में अर्थ समझाइए।

11. गतिविधि आधारित प्रश्न

गतिविधि 1: अपने नगर या कस्बे के किसी स्थानीय निकाय का नाम लिखिए और उसके द्वारा दी जाने वाली पाँच सेवाओं की सूची बनाइए।

गतिविधि 2: अपने क्षेत्र के किसी वार्ड की जानकारी प्राप्त कीजिए और वहाँ की तीन प्रमुख स्थानीय समस्याएँ लिखिए।

गतिविधि 3: अपने परिवार और पड़ोस के वयस्क लोगों से चर्चा करके नगरीय स्थानीय निकायों से उनकी अपेक्षाओं की सूची तैयार कीजिए।

गतिविधि 4: अपने नगर के स्थानीय निकाय की पाँच ऐसी विशेषताएँ लिखिए जो उसे नागरिकों के लिए उपयोगी बनाती हैं।

12. Quick Exam Practice

  • नगरीय स्थानीय शासन → नगरीय स्थानीय निकाय।
  • नगर/कस्बा → वार्डों में विभाजित।
  • वार्ड → नगरीय स्थानीय क्षेत्र की छोटी इकाई।
  • वार्ड समिति → स्थानीय समस्याओं और गतिविधियों पर ध्यान देती है।
  • 10 लाख से अधिक → नगर निगम।
  • 1 लाख से 10 लाख → नगरपालिका।
  • 1 लाख से कम → नगर पंचायत।
  • मद्रास कॉरपोरेशन → 29 सितंबर 1688।
  • मद्रास कॉरपोरेशन → अब ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन।
  • 1792 → मद्रास कॉरपोरेशन को स्थानीय कर लगाने की शक्ति मिली।
  • स्थानीय निकाय → आधारभूत ढाँचा, अपशिष्ट प्रबंधन, स्थानीय सेवाएँ और विकास संबंधी कार्य।
  • नागरिक → स्थानीय निकायों के कार्यों में सक्रिय सहयोग करते हैं।
  • सहभागी लोकतंत्र → नागरिकों की सक्रिय भागीदारी।
  • लोकतंत्र का मूल विचार → प्रत्येक व्यक्ति के मत का महत्व।

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