NCERT Solutions for Class 9 – Complete Chapter-wise Study Material

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14. प्राकृतिक संसाधन - Class 9 Science Hindi NCERT Solutions

14. प्राकृतिक संसाधन

अध्याय -समीक्षा

Class 9 Science Hindi Updated : 06 March 2026

अध्याय-समीक्षा 

  • पृथ्वी पर जीवन मृदा, वायु, जल तथा सूर्य से प्राप्त ऊर्जा जैसी संपदाओं पर निर्भर करता है |
  • हमें अपनी प्राकृतिक संपदाओं को संरक्षित रखने की आवश्यकता है और उन्हें संपूषनीय रूपों में उपयोग करने की आवश्यकता है |
  • यूकैरियोटिक कोशिकाओं और बहुत-सी प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं को ग्लूकोज अणुओं को तोड़ने तथा उससे ऊर्जा प्राप्त करने के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है | 
  • वायु, जल तथा मृदा का प्रदुषण जीवन की गुणवता और जैव विविधताओं को हानि पहुँचाता है |
  • वायु जो पूरी पृथ्वी को कंबल की भांति ढके रहती है वायुमंडल कहलाता है | 
  • जीवन को आश्रय देने वाला पृथ्वी का घेरा जहाँ वायुमंडल, स्थलमंडल तथा जल मंडल एक दुसरे से मिलकर जीवन को संभव बनाते हैं उसे जीवमंडल कहते है | 
  • जीवमंडल के सभी सजीवों को जैव घटक कहा जाता हैं | जैसे- पेड़-पौधे, जंतु एवं सूक्ष्मजीव आदि |
  • जीवमंडल के वायु, जल, और मृदा आदि निर्जीव घटकों को अजैव घटक कहते हैं | 
  • कार्बन डाइऑक्साइड दो विधियों से अलग होती है: (i) हरे पेड़ पौधे सूर्य की किरणों की उपस्थिति में कार्बन डाइऑक्साइड को ग्लूकोज में बदल देते हैं | (ii) बहुत-से समुद्री जंतु समुद्री जल में घुले कार्बोनेट से अपने कवच बनाते हैं |
  • जीवमंडल के जैविक और अजैविक घटकों के बीच का सामंजस्य जीवमंडल को गतिशील और स्थिर बनाता है | 
  • वायु ऊष्मा का कुचालक है |
  • वायुमंडल पृथ्वी के औसत तापमान को दिन के समय और यहाँ तक कि पूरे वर्षभर लगभग नियत रखता है |
  • वायुमंडल दिन में तापमान को अचानक बढ़ने से रोकता है और रात के समय ऊष्मा को बाहरी अंतरिक्ष में जाने की दर को कम करता है | 
  • स्थलीय  भाग जलीय भाग की तुलना में अधिक जल्दी गर्म एवं ठंढा होता है | 
  • स्थलीय भाग या जलीय भाग से होने वाले विकिरण के परावर्तन तथा पुनर्विकिरण के कारण वायुमंडल गर्म होता है | गर्म होने पर वायु में संवहन धाराएँ उत्पन्न होती है |
  • स्थल के ऊपर की वायु तेजी से गर्म होकर होकर ऊपर उठना शुरू करती है और ऊपर उठते ही वहाँ कम दाब का क्षेत्र बन जाता है और समुद्र के ऊपर की वायु कम दाब वाले क्षेत्र की ओर प्रवाहित होने लगता है | 
  • एक क्षेत्र से दुसरे क्षेत्र में वायु की गति पवनों का निर्माण करती है |  
  • पृथ्वी के विभिन्न भागों का तापमान, पृथ्वी की घूर्णन गति एवं पवन के मार्ग में आने वाली पर्वत श्रृंखलाएँ पवन को प्रभावित करने वाली कारकें हैं |
  • वर्षा का पैटर्न, पवनों के पैटर्न पर निर्भर करता है |
  • जीवाश्मी ईंधन जैसे कोयला एवं पेट्रोलियम में सल्फर एवं नाइट्रोजन कम मात्रा में पाई जाती हैं जिनको जलाने से सल्फर एवं नाइट्रोजन के ऑक्साइड जैसे प्रदूषक निकलते है जो वर्षा में मिलकर अम्लीय वर्षा करते हैं |
  • जीवाश्मी ईंधनों का दहन वायु में निलंबित कणों की मात्रा को बढ़ा देता है | ये निलंबित कण बिना जले कार्बन कण या पदार्थ हो सकते हैं जिन्हें हाइड्रोकार्बन कहा जाता है | 
  • जैविक और अजैविक घटकों के बीच का सामंजस्य के द्वारा जीवमंडल के विभिन्न घटकों के बीच पदार्थ और ऊर्जा का स्थानांतरण होता है | 
  • जल चक्र, नाइट्रोजन चक्र, कार्बन चक्र एवं ऑक्सीजन चक्र आदि को जैव रासायनिक चक्रण कहते हैं |
  • जैव रासायनिक चक्रों में अनिवार्य पोषक; जैसे- नाइट्रोजन, कार्बन, ऑक्सीजन एवं जल एक रूप से दुसरे रूप में बदलते हैं |
  • जीवन की विभिन्न प्रक्रियाओं में स्थलीय जीव-जंतु और पौधे जल का उपयोग करते हैं | 
  • वायु या कोहरे में प्रदूषकों का भारी मात्रा में उपस्थिति दृश्यता (Visibility) को कम करता है, इसे धूम कोहरा कहते है | धूम कोहरा वायु प्रदुषण की ओर संकेत करता है | 
  • वायु में हानिकारक पदार्थों की वृद्धि को वायु प्रदुषण कहते हैं | 
  • सभी कोशिकीय प्रक्रियाएँ जलीय माध्यम में होती हैं |
  • सभी प्रतिक्रियाएँ जो हमारे शरीर में या कोशिकाओं के अन्दर होती हैं, वह जल में घुले हुए पदार्थों में होती हैं |
  • शरीर के एक भाग से दुसरे भाग में पदार्थों का संवहन घुली हुई अवस्था में होता है | 
  • स्थलीय जीवों को जीवित रहने के लिए शुद्ध जल की आवश्यकता होती है, क्योंकि खारे जल में नमक किमत्र अधिक होने के कारण जीवों का शरीर सहन नहीं कर पाता है | 
  • मृदा के ऊपरी परत (भू-पृष्ठ) में पाए जाने वाले खनिज जीवों को विभिन्न प्रकार के पालन-पोषण करने वाले तत्व प्रदान करते हैं |
  • शैलों के टूटने से मृदा का निर्माण होता है | 
  • सूर्य, जल, वायु एवं लाइकेन जैसे जीव, ये सभी मृदा के निर्माण में सहायक कारक हैं | 
  • मृदा के सबसे ऊपरी परत में सड़े-गले जीवों के अवशेष भी मिले होते है जो मृदा को उपजाऊ बनाते है, मृदा के इस भाग को ह्यूमस कहा जाता है | 
  • ह्यूमस मृदा को सरंध्र बनाते है जिससे इसमें जल को धारण करने की क्षमता सबसे अधिक होती है |
  • कुछ उपयोगी पदार्थों का मृदा से हटना एवं हानिकारक पदार्थों को मृदा में मिलना जो मृदा की उर्वरता को कम करते हैं और उसमें स्थित जैव विविधता को नष्ट कर देते हैं इसे भूमि-प्रदुषण कहते हैं | 
  • मृदा से मृदा के ऊपरी एवं उपजाऊ भाग का हटना मृदा अपरदन कहलाता है | 
  • जंगलों का कटना मृदा अपरदन को बढाता है | 
  • पौधों की जड़ें मृदा अपरदन को रोकती हैं, ये मिट्टी को बांधे रखती हैं | 
  • जीवन को स्थल पर निर्धारित करने वाले कारकों में जल, तापमान एवं मिट्टी की प्रकृति महत्वपूर्ण कारक हैं |
  • जिस चक्र के द्वारा जीव मंडल के विभिन्न घटकों के बीच पदार्थ एवं ऊर्जा का स्थानांतरण होता है | उसे जैव रासायनिक चक्र कहते है | 
  • जलीय-चक्र, नाइट्रोजन-चक्र, कार्बन-चक्र एवं ऑक्सीजन चक्र ये सभी जैव-रासायनिक चक्र के भाग है | 
  • जैव रासायनिक  चक्रों के द्वारा जीव मंडल के विभिन्न घटकों के बीच पदार्थ एवं ऊर्जा का स्थानांतरण होता है |  
  • नदी द्वारा बहा कर लाया गया बहुत से  पोषक तत्व समुद्र में समुद्री जीवों द्वारा उपयोग किया जाता है |
  • विभिन्न जलाशयों जैसे नदियाँ, समुद्रों एवं महासागरों का जल सूर्य की ऊष्मा प्राप्त कर जल वाष्प बन जाते हैं और वर्षा के रूप में पुन: सतह पर गिरते है, फिर सतह से नदियों द्वारा समुद्र या महासागरों में पहुँच जाते है, यह प्रक्रिया जलीय चक्र कहलाता है | 
  • हमारे वायुमंडल का 78 प्रतिशत भाग नाइट्रोजन गैस है | 
  • नाइट्रोजन जीवन के लिए आवश्यक बहुत सारे अणुओं जैसे - प्रोटीन, न्युक्लीक अम्ल, डी.एन.ए., आर. एन. ए. तथा कुछ विटामिन का भाग है | 
  • नाइट्रोजन सभी प्रकार के जीवों के लिए एक आवश्यक पोषक है |  

14. प्राकृतिक संसाधन

पाठगत प्रश्न

Class 9 Science Hindi Updated : 06 March 2026

पाठगत-प्रश्न:


पृष्ठ संख्या: 217 

Q1.  शुक्र और मंगल ग्रहों के वायुमंडल से हमारा वायुमंडल कैसे भिन्न है ? 

उत्तर: पृथ्वी के वायुमंडल में जीवन के लिए उपयोगी सभी तत्व मौजूद है | जैसे- नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड तथा जलवाष्प आदि घटकों का मिश्रण ही पृथ्वी पर जीवन का आधार हैं | जबकि शुक्र तथा मंगल जैसे ग्रहों जहाँ कोई जीवन नहीं है, वायुमंडल का मुख्य घटक कार्बन डाइऑक्साइड है, यहाँ के वायुमंडल में 95 से 97 प्रतिशत तक कार्बन डाइऑक्साइड ही है | 

Q2.  वायुमंडल एक कंबल की तरह कैसे कार्य करता है ?

उत्तर: वायुमंडल पृथ्वी के औसत तापमान को दिन के समय और यहाँ तक कि पूरे वर्षभर लगभग नियत रखता है | वायुमंडल दिन में तापमान को अचानक बढ़ने से रोकता है और रात के समय ऊष्मा को बाहरी अंतरिक्ष में जाने की दर को कम करता है | यही कारण है कि पृथ्वी का वायुमंडल कंबल की तरह कार्य करता है |  

Q3.  वायु प्रवाह (पवन) के क्या  कारण है ? 

उत्तर: स्थल और जलाशयों के ऊपर विषम रूप में वायु के गर्म होने के कारण पवने उत्पन्न होती हैं | स्थल के ऊपर की वायु तेजी से गर्म होकर होकर ऊपर उठना शुरू करती है और ऊपर उठते ही वहाँ कम दाब का क्षेत्र बन जाता है और समुद्र के ऊपर की वायु कम दाब वाले क्षेत्र की ओर प्रवाहित होने लगता है | एक क्षेत्र से दुसरे क्षेत्र में वायु की गति पवनों का निर्माण करती है |पृथ्वी के विभिन्न भागों का तापमान, पृथ्वी की घूर्णन गति एवं पवन के मार्ग में आने वाली पर्वत श्रृंखलाएँ पवन को प्रभावित करने वाली कारकें हैं |

Q4.  बादलों का निर्माण कैसे होता है ?  

उत्तर: दिन के समय जब जलीय भाग गर्म हो जाते हैं, तब बहुत बड़ी मात्रा में जलवाष्प बन जाती है | जलवाष्प की कुछ मात्रा विभिन्न जैविक क्रियाओं के कारण वायुमंडल में चली जाती हैं | यह गर्म वायु के साथ मिलकर ये ऊपर की ओर उठ जाती हैं | ऊपर जाकर ये फैलती हैं और ठंठी हो जाती हैं |  

Q5.  मनुष्य के तीन क्रियाकलापों का उल्लेख करें जो वायु प्रदुषण में सहायक है ?

उत्तर: मनुष्य के तीन क्रियाकलाप जो वायु प्रदुषण में सहायक हैं वो निम्नलिखित हैं | 

(i) जीवाश्मी ईंधनों का उपयोग वायु प्रदुषण का बहुत बड़ा कारण हैं ये वायु में कार्बन डाइऑक्साइड, सल्फर एवं नाइट्रोजन के ऑक्साइड जैसे प्रदूषकों को छोड़ते हैं |

(ii) वाहनों द्वारा निकलने वाला धुआं प्रदुषण फैलाता है |

(iii) कारखानों से निकलने वाला विषैला धुआं | 

 

पृष्ठ संख्या: 219 

 

Q1.  जीवो को जल की आवश्यकता क्यों होती है ?

उत्तर: जीवों को जल की आवश्यकता होती है क्योंकि -

(i) सभी कोशिकीय प्रक्रियाएँ जलीय माध्यम में होती हैं |

(ii) सभी प्रतिक्रियाएँ जो हमारे शरीर में या कोशिकाओं के अन्दर होती हैं, वह जल में घुले हुए पदार्थों में होती हैं |

(iii) शरीर के एक भाग से दुसरे भाग में पदार्थों का संवहन घुली हुई अवस्था में होता है | 

 

Q2.  जिस गाँव/शहर/नगर में आप रहते है वहाँ पर उपलब्ध शब्द जल का मुख्य स्रोत क्या है ?

उत्तर: जलाशय अथवा नदियाँ | 

Q3.  क्या आप किसी क्रियाकलाप के बारे में जानते है जो इस जल के स्रोत को प्रदुषित कर रहा है ?   

उत्तर:

(i) घर एवं कारखानों (कागज उद्ध्योग ) द्वारा छोड़ा गया विषैला एवं रसायन युक्त पानी | 

(ii) कृषि कार्य में उपयोग होने वाले पीड़कनाशी या उर्वरक आदि का जलशयों में मिल जाना | 

(iii) नदियों में मरे हुए जीवों को प्रवाहित करना आदि | 

 

पृष्ठ संख्या: 222

Q1.  मृदा (मिट्टी) का निर्माण किस प्रकार होता है ? 

ऊतर: मृदा का निर्माण प्राकृतिक एवं सतत प्रक्रिया है जो पत्थरों के बारीक़ कणों में टूटने से होता है | पृथ्वी की सतह के समीप पाई जाने वाली  चट्टानें विभिन्न प्रकार के भौतिक रासायनिक और कुछ जैव प्रक्रमों के द्वारा महीन कणों में टूट जाते है जिससे मृदा का निर्माण होता है | मृदा के निर्माण में  कुछ कारक जैसे सूर्य की गर्मी जो दिन में पत्थरों को गर्म करती है और रात में ठंठा करती है इससे चट्टानों में संकुचन एवं प्रसार होता है और वे छोटे-छोटे कणों में टूट जाते हैं, जल का तेज बहाव जो पत्थरों को छोटे-छोटे कणों में तोड़ती हैं, तेज वायु जिससे पत्थर एक दुसरे से टकराते हैं एवं कुछ जीव जैसे लाइकेन मृदा के बनने की प्रक्रिया में सहायता करते हैं | 

Q2.  मृदा-अपरदन क्या है ?

उत्तर: ऊपरी मृदा का तेज वायु अथवा जल के बहाव द्वारा हटना अथवा किसी दुसरे स्थान पर पहुँचना ही मृदा का अपरदन कहलाता है | मृदा के महीन कण जो उसका उपजाऊ भाग होता है बहते हुए जल के साथ चले जाते हैं | तेज वायु भी मृदा के कणों को उड़ा ले जाती है |   

Q3.  अपरदन को रोकने और कम करने के कौन-कौन से तरीके हैं ? 

उत्तर: पौधों की जड़ें मृदा के कटाव को रोकती हैं | ये मृदा के कणों को बांधे रखती हैं | अत: मृदा अपरदन रोकने के उपाय निम्न हैं |

(i) भूमि को अधिक से अधिक हरा-भरा रखना चाहिए | 

(ii) अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाना चाहिए |

(iii) पहाड़ी इलाकों में सीढ़ीनुमा खेती भी मृदा अपरदन को रोकता है | 

 

पृष्ठ संख्या:226 

Q1.  जल-चक्र के क्रम में जल के कौन-कौन से अवस्थाएँ पाई जाती है ?

उत्तर: जल-चक्र के क्रम में जल के निम्न अवस्थाएँ पाई जाती है |

(i) द्रव (ii) गैस (iii) ठोस 

Q2.  जैविक रूप से महत्वपूर्ण दो यौगिकों के नाम दीजिए जिनमें ऑक्सीजन एवं नाइट्रोजन दोनों पाएं जाते हैं ?

उत्तर: जैविक रूप से महत्वपूर्ण दो यौगिक निम्न है जिनमें ऑक्सीजन एवं नाइट्रोजन दोनों पाए जाते हैं | 

(i) एमिनो अम्ल (Amino acid)

(ii) डी-ऑक्सीराइबो न्यूक्लिक अम्ल (DNA) एवं राइबोन्यूक्लिक अम्ल (RNA)   

Q3.  मनुष्य की किन्हीं तीन गतिविधियों को पहचानें जिनसे वायु में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ती है |

उत्तर: 

(i) जीवाश्मी ईंधनों जैसे कोयला एवं पेट्रोलियम पदार्थों का अधिक प्रयोग जो वायु में कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं | 

(ii) वाहनों से निकलने वाला धुआं |

(iii) वनों की कटाई जिससें वायु से कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण कम होता है और मात्रा बढती है | 

Q4.  ग्रीन हाउस प्रभाव क्या है ?

उत्तर: वायुमंडल मे उपस्थित कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) और जलवाष्प आदि पृथ्वी से परावर्तित होने वाली उष्मीय प्रभाव वाली अवरक्त किरणो को अवशोषित कर लेती है जिससे वायुमंडल का सामान्य तापमान बढ़ जाता है | वायुमंडल के हो जाने को ग्रीन हाउस प्रभाव कहते है । 

Q5.  वायुमंडल में पाए जाने वाले ऑक्सीजन के दो रूप कौन-कौन से है ? 

उत्तर: वायुमंडल में पाए जाने वाले ऑक्सीजन के दो रूप निम्न है :

(i) द्वि-परमाणुक अणु (O2) : जो कि एक जीवन दायिनी गैस है, इसका उपयोग हम साँस लेने के लिए करते है | 

(iii) त्रि-परमाणुक अणु (O3): यह एक विषैला पदार्थ है इससे वायुमंडल के ऊपरी परत में ओजोन का एक परत बना है जो सूर्य से आने वाली हानिकारक विकिरणों जैसे अल्ट्रावोइलेट किरण को पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने से  रोकता है | 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

14. प्राकृतिक संसाधन

अभ्यास प्रश्नावली

Class 9 Science Hindi Updated : 06 March 2026

अभ्यास : 

प्रश्न1: जीवन के लिए वायुमंडल क्यों आवश्यक है ? 

उत्तर: जीवन के लिए जल निम्न कारणों से आवश्यक है | 

(i) यह पृथ्वी को कंबल के समान ढके हुए है |

(ii) वायुमंडल पृथ्वी के औसत तापमान को दिन के समय और यहाँ तक की पूरे वर्षभर लगभग नियत रखता है | 

(iii) इस वायुमंडल की की ओजोन परत सूर्य से आने वाली हानिकारक विकिरणों जैसे अल्ट्रावोइलेट से हमारी रक्षा करता है | 

प्रश्न2: जीवन के लिए जल क्यों अनिवार्य है ? 

उत्तर: जीवन के लिए जल इसलिए अनिवार्य है क्योंकि :

(i) सभी कोशिकीय प्रक्रियाएँ जलीय माध्यम में होती हैं |

(ii) हमारे शरीर या कोशिकाओं में होने वाली सभी प्रक्रियाएँ जल में घुले हुए पदार्थों से पूरी होती है | 

(iii) शरीर के एक भाग से दुसरे भाग में पदार्थों का संवहन घुली हुई अवस्था में होता है | 

(iv) जीवन के लिए जल एक बहुत ही महत्वपूर्ण संपदा है, प्राणियों को जीवित रहने के लिए अपने शरीर में जल की मात्रा को संतुलित बनाए रखना पड़ता है | 

प्रश्न3: जीवित प्राणी मृदा पर कैसे निर्भर हैं ? क्या जल में रहने वाले जीव संपदा के रूप में मृदा पूरी तरह स्वतंत्र हैं ? 

उत्तर: जीवित प्राणियों के मृदा पर निर्भर होने के निम्न कारण है : 

(i) मृदा एक महत्वपूर्ण संपदा है जो किसी क्षेत्र में जीवन कोई विविधता को निर्धारित करता है | 

(ii) मृदा के ऊपरी परत में पाए जाने वाले खनिज जीवों को विभिन्न प्रकार के पालन-पोषण करने वाले तत्व प्रदान करते है | 

(iii) मृदा में भी विभिन्न प्रकार के सूक्ष्म-जीवन पाया जाता  है जो पूरी तरह अपनी जरुरत की चीजें मृदा से ही प्राप्त  करते है | 

(iv) सभी हरे पौधें मृदा में ही उगते है जो जंतुओं को भोजन के रूप में ऊर्जा प्रदान करते है | 

जल में रहने वाले जीव, संपदा के रूप में मृदा पूरी तरह स्वतंत्र नहीं है |  

प्रश्न4: आपने टेलीविज़न पर और समाचार पत्र में मौसम संबंधी रिपोर्ट को देखा होगा | आप क्या सोंचते हैं कि हम मौसम के पूर्वानुमान में सक्षम हैं? 

उत्तर:  (i) जलवाष्प से भरी हवा उच्च दाब वाले क्षेत्र से कम दाब वाले क्षेत्र में अथवा इसके विपरीत जाती हैं|

(ii) वर्षा का पैटर्न वायु के पैटर्न पर निर्भर करता हैं|

(iii) वायु का दाब कम होने के कारण वर्षा होती हैं|

अतः हम मौसम के पूर्वानुमान में सक्षम हैं|

प्रश्न5: हम जानते हैं कि बहुत सी मानवीय गतिविधियाँ वायु, जल एवं मृदा के प्रदुषण के स्तर को बढ़ा रही हैं| क्या आप सोचते हैं कि इन गतिविधियों को कुछ विशेष क्षेत्रो में सीमित कर देने से प्रदूषण के स्तर को घटाने में सहायता मिलेंगी ?

उत्तर: हाँ| मानवीय क्रियाकलापों के द्वारा हवा, जल, मृदा के प्रदूषण के स्तर को कम किया जा सकता हैं| उर्वरको एवं पीडकनाशियों के स्थान पर खाद का प्रयोग किया जाए तो केंचुए भूमि में ह्यूमस बनाने में मददगार सिद्ध होंगे| मृदा का उपजाऊ बना रहेगा| मृदा का अपरदन रोकने पर जैव विविधता को बनाए रखा जा सकेगा| जलाशयों में अनैच्छिक पदार्थ न मिलाया जाए| जीवाश्म इंधनों के स्थान पर ऊर्जा के वैकल्पिक साधनों का उपयोग किया जाए जैसे सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा| 

प्रश्न6: जंगल वायु, मृदा तथा जलीय स्रोत की गुणवत्ता को कैसे प्रभावित करते हैं ? 

उत्तर: जंगलो का पर्यावरण संतुलन से घनिष्ठ सम्बन्ध हैं| यें वायु, मृदा और जलीय स्रोतों को प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से प्रभावित करते हैं|

(i)वृक्ष उत्पादक का कार्य करते हैं|वृक्ष प्रकाश - संश्लेषण क्रिया द्वारा कार्बन डाईऑक्साइड का उपयोग करके ऑक्सीजन मुक्त करते हैं| इससे वायुमंडल में CO2 तथा O2 का संतुलन बना रहता हैं|

(ii) वृक्षों का जलचक्र से सीधा संबंध होता हैं | वृक्ष मृदा से जल शोषित करके वाष्पोत्सर्जन क्रिया द्वारा जलवाष्प के रूप में इसे वायुमंडल से मुक्त करते हैं| जहाँ पर जंगल अधिक होते हैं, वहां वर्षा अधिक होती हैं और जहाँ वृक्ष नहीं होते , वर्षा बहुत कम होती हैं| कम वर्षा के कारण जलीय स्रोत प्रभावित एवं प्रदूषित हो जाएंगे| कम वर्षा के कारण वायुमंडल शुष्क हो जायेगा| शुष्क मंडल में वनस्पतियां कम उगती हैं| वनस्पतियों की कमी के कारण प्राणी विविधता में भी कमी पाई जाती हैं| 

(iii) वृक्ष मृदा की संरचना प्रभावित करते हैं| वृक्षों से गिरने वाले पत्ते आदि सड़-गलकर ह्यूमस बनाते है| ह्यूमस के कारण मृदा उपजाऊ होती हैं | इसकी जल धारण करने की क्षमता में वृद्धि होती हैं एवं इस मृदा में वायु संचार अच्छा होता हैं| वृक्षों के आभाव में मृदा में ह्यूमस की कमी हो जाती हैं तथा मृदा की जलधारण करने की क्षमता क्षीण हो जाती हैं| शुष्क तथा रेतीली मृदा उपजाऊ नही होती | वृक्ष जल तथा वायु अपरदन को रोकते हैं| 

       इससे यह स्पष्ट होता हैं कि जंगल (वन या वृक्ष ) वायु,मृदा एवं जलीय स्रोतों की गुणवता को प्रभावित करते हैं| 

14. प्राकृतिक संसाधन

अतिरिक्त प्रश्नोतर : लघु उत्तरीय

Class 9 Science Hindi Updated : 06 March 2026

अति-लघुत्तरिय प्रश्न: 

Q1. मृदा में पाए जाने वाले खनिज पोषक तत्व किस बात पर निर्भर करते हैं ?

उत्तर: उन पत्थरों पर जिससे यह मृदा बनी है क्योंकि किस चट्टान में कितनी खनिज या पोषक तत्व है यह उस चट्टान पर ही निर्भर करता है | 

Q2. कौन अधिक तेजी से गर्म होता है भूमि या जल ? 

उत्तर: भूमि |

Q3. कौन अधिक तेजी से ठंडा होता हैं भूमि या जल ?

उत्तर: भूमि | 

Q4. ओजोन का अणु ऑक्सीजन के अणु से कैसे अलग है ? 
उत्तर: त्रि-परमाणुक अणु वाला ओजोन एक विषैला पदार्थ है जबकि द्वि-परमाणुक वाला अणु ऑक्सीजन जीवन दायिनी तत्व है | 

Q5. एक मानव निर्मित रासायनिक पदार्थ का नाम बताइए जो ओजोन परत के लिए नुकसान दायक है ? 

उत्तर: क्लोरो-फ्लुरों कार्बन (CFCs) | 

Q6. ओजोन परत के किस भाग में छिद्र पाया गया है ? 

उत्तर: ओजोन में छिद्र अन्टार्टिक महाद्वीप के ऊपर पाया गया है | 

Q7. एक वायुमंडलिय परिघटना का नाम बताइए जिसमे कुछ गैसें पृथ्वी के ताप को बाहर जाने से रोकती है ? 

उत्तर: ग्रीन हाउस प्रभाव | 

Q8. एक प्रमुख ग्रीन हाउस गैस का नाम बताइए |

उत्तर: कार्बन डाइऑक्साइड | 

Q9. चार प्रमुख ग्रीन हाउस गैसों की सूची बनाइए |

उत्तर: कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन, कार्बन मोनो ऑक्साइड और नाइट्रस ऑक्साइड | 

Q10. दो प्रदूषकों का नाम बताइए जो अम्लीय वर्षा के कारण हैं ? 

उत्तर: नाइट्रोजन ऑक्साइड एवं सल्फर ऑक्साइड | 

Q11. नाइट्रोजन ऑक्साइड एवं सल्फर ऑक्साइड जैसे प्रदूषकों का मुख्य स्रोत क्या है ? 

उत्तर: जीवाश्मी ईंधन जैसे कोयला और पेट्रोलियम | 

Q12. किसी स्थान की मृदा की संरचना का मुख्य कारक क्या है ? 

उत्तर: वहाँ की मृदा में उपस्थित ह्यूमस की मात्रा | 

Q13. ह्यूमस क्या है ?

उत्तर: मृदा के ऊपरी भाग में सड़े-गले जीवों के टुकड़े भी मिले होते हैं, जिसे ह्यूमस (Humus) कहते हैं | 

Q14. मृदा निर्माण में सहायक एक जैविक कारक का नाम बताइए ? 

उत्तर: लाइकेन | 

Q15. मृदा निर्माण में सहायक तीन अजैविक कारक का नाम बताइए ?

उत्तर: तापमान, वायु एवं जल | 

Q16. मृदा का कौन सा भाग मृदा को सरंध्र बनाता है ?

उत्तर: ह्यूमस | 

Q17. किस मृदा में कौन-सा पौधा होगा यह किन बातों पर निर्भर करता है ? 

उत्तर: किस मृदा में कौन-सा पौधा होगा यह निम्न बातों पर निर्भर करता है |

(i) मृदा में पोषक तत्व की मात्रा |

(ii) ह्यूमस की मात्रा |

(iii) तथा मृदा की गहराई | 

Q18. मृदा की उर्वरता एवं उसमें स्थित जैव विविधता का होने की अवस्था को क्या कहते है ? 

उत्तर: भूमि-प्रदुषण | 

Q19. मृदा को स्थानांतरित करने वाले कारकों का नाम लिखिए |

उत्तर: वायु एवं जल | 

Q20. मृदा अपरदन का प्रमुख कारण लिखिए |

उत्तर: वनविनाश | 

Q21. समुद्री जंतु अपना कवच किस पदार्थ से बनाते है ? 

उत्तर: समुद्री जंतु अपना कवच समुद्री जल में घुले कार्बोनेट से बनाते है | 

Q22. हरे पेड़ पौधे सूर्य की किरणों की उपस्थिति में कार्बन  डाइऑक्साइड को किस पदार्थ में बदलते है ? 

उत्तर: ग्लूकोज में | 

Q23. धूम कोहरा किसे कहते है ?

उत्तर: सर्दियों में वायु के साथ जल भी संधनित होता है तथा उसके साथ कुछ हाइड्रोकार्बन से बने प्रदूषक भी मिले होते है इसे धूम कोहरा कहते है | 

Q24. वायु प्रदुषण किसे कहते है ? 

उत्तर: वायु में हानिकारक पदार्थों की वृद्धि वायु प्रदुषण कहलाता है | 

Q25. नाइट्रोजन स्थिरीकरण करने वाले बैक्टीरिया वायुमंडलीय नाइट्रोजन को किस पदार्थ में बदलते हैं ? 

उत्तर: नाइट्रेट्स तथा नाइट्राईट्स में |

Q26. नाइट्रोजन स्थिरीकरण क्या है ? 

उत्तर: नाइट्रोजन का नाइट्रेट्स तथा नाइट्राईट्स में बदलने की प्रक्रिया को नाइट्रोजन स्थिरीकरण कहते है | 

Q27. पौधे नाइट्रेट्स तथा नाइट्राईट्स को किस पदार्थ में बदल देते है ? 

उत्तर: अमीनो अम्ल में | 

Q28. अमीनो अम्ल क्या है ? 

उत्तर: अमीनो अम्ल प्रोटीन का एक सूक्ष्मतम रूप है | 

Q29. हरे पौधे जंतुओं को ऊर्जा किस रूप में प्रदान करते है ?

उत्तर: ग्लूकोज के रूप में | 

Q30. जंतु पौधों से प्राप्त ऊर्जा का उपयोग किस कार्य के लिए करते है ?

उत्तर: जंतु पौधों से प्राप्त ऊर्जा का उपयोग कोशिकीय श्वसन (Cellular Respiration) में करते है, जहाँ ग्लूकोज को कार्बन डाइऑक्साइड में बदला जाता है | 

Q31. उस प्रक्रिया का नाम बताइए जिसके द्वारा ऑक्सीजन पुन: वायुमंडल में वापस लौटती है ? 

उत्तर: प्रकाश संश्लेषण के द्वारा |

Q32. उस तीन प्रमुख प्रक्रियाओं का नाम बताइए जिसमें ऑक्सीजन का उपयोग होता है ?

उत्तर: श्वसन, दहन तथा नाइट्रोजन के ऑक्साइड निर्माण में |  

Q33. भौतिक प्रक्रियाओं द्वारा नाइट्रोजन का स्थिरीकरण कैसे होता  है ? 

उत्तर: बिजली चमकने के समय वायु में पैदा हुआ उच्च ताप तथा दाब नाइट्रोजन को नाइट्रोजन के ऑक्साइड में बदल देता है | ये ऑक्साइड जल में घुलकर नाइट्रिक तथा नाइट्रस अम्ल बनाते है और वर्षा से साथ मिलकर भूमि पर गिरते है | 

Q34. नाइट्रोजन सभी प्रकार के जीवों के लिए एक आवश्यक पोषक है कैसे ? 

उत्तर: यह गैस जीवन के लिए आवश्यक बहुत सारे अणुओं का भाग है; जैसे - प्रोटीन, न्युक्लीक अम्ल, डीएनए और आर.एन.ए तथा कुछ विटामिन | नाइट्रोजन दुसरे जैविक यौगिक में भी पाया जाता है; जैसे - एल्केलोइड तथा यूरिया | इसलिए नाइट्रोजन सभी प्रकार के जीवों के लिए एक आवश्यक पोषक है | 

Q35. जलवाष्प कैसे बनती हैं ? 

उत्तर: जलवाष्प जीवित प्राणियों के क्रिया कलापों और जल के गर्म होने के कारण बनती हैं | 

Q36. संवहन धाराएँ कैसे उत्पन्न होती हैं ? 

उत्तर: वायु के गर्म होने से संवहन धाराएँ उत्पन्न होती हैं | 

Q37. दिन के समय हवा की दिशा किस ओर होती है ? 

उत्तर: दिन के समय हवा की दिशा स्थल से समुद्र की ओर होती है | 

Q38. पवन का निर्माण कैसे होता हैं ? 

उत्तर: स्थल के ऊपर की वायु तेजी से गर्म होकर उठता है जैसे ही ये और ऊपर उठता है वहाँ कम दाब का क्षेत्र बन जाता है और समुद्र के ऊपर की वायु कम दाब वाले क्षेत्र की ओर प्रवाहित हो जाता है | एक क्षेत्र से दुसरे क्षेत्र में वायु की गति पवन का निर्माण करती हैं | 

Q39. वायुमंडल के किस गैस का उपयोग पौधे प्रोटीन संश्लेषण के लिए करते हैं | 

उत्तर: नाइट्रोजन 

Q40. उस एक जैविक क्रिया का नाम बताओं जिसके कारण जलवाष्प की मात्रा वायुमंडल में चली जाती है |

उत्तर: वाष्पोत्सर्जन |  

Q41. वायुमंडल में जल की मात्रा किस रूप में पाई जाती है |

उत्तर: जलवाष्प | 

Q42. वायु में हानिकारक पदार्थों की वृद्धि को क्या कहते हैं ? 

उत्तर: वायु प्रदुषण | 

Q43. शरीर के एक भाग से दुसरे भाग में पदार्थों का संवहन किस अवस्था में होता है ? 

उत्तर: घुली हुई अवस्था में | 

Q44. जलीय जीव श्वास लेने के लिए ऑक्सीजन का उपयोग कहाँ से करते हैं ? 

उत्तर: जल में घुली हुई ऑक्सीजन से | 

Q45. जीवों में प्रजनन की प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले एक अजैव घटक का नाम बताइए | 

उत्तर: तापमान | 

Q46. एक जैव कारक का नाम बताइए जो मृदा के निर्माण में सहायक है |

उत्तर: लाइकेन | 

Q47. मृदा के उस भाग को क्या कहते है जिसमें सड़े-गले जीवों के टुकड़े भी मिले रहते हैं ? 

उत्तर: ह्यूमस | 

Q48. किसी स्थान के मृदा के गुण का निर्धारण मृदा के किस कारक के आधार पर क्रिया जाता है ? 

उत्तर: ह्यूमस और सूक्ष्मजीव | 

Q49. मृदा को संरंध्र बनाने वाले कारक का नाम बताइए |

उत्तर: ह्यूमस | 

Q50. किसी क्षेत्र की जैविक विविधता को निर्धारित करने वाले मृदा का महत्वपूर्ण कारक कौन सा है ? 

उत्तर: उपरिम्रिदा का गुणवता | 

Q51. मृदा को प्रदूषित करने वाले एक पदार्थ का नाम बताओं | 

ऊतर: पीडकनाशी , उर्वरक, पोलीथिन | 

Q52. एक जैव कारक का नाम बताओं जो मृदा अपरदन को रोकते हैं |

उत्तर: पेड़-पौधे | 

Q53. एक शुद्ध जल के स्रोत का नाम बताओं | 

उत्तर: भौम-जल | 

Q54. उन अजैव कारक का नाम बताओं जो मृदा अपरदन के लिए उत्तरदायी है |

उत्तर:जल तथा वायु | 

Q55. उस जैव रासायनिक चक्रण का नाम बताओं जिसमें विभिन्न प्रक्रियाओं के द्वारा ऑक्सीजन का आदान प्रदान होता है | 

उत्तर:ऑक्सीजन-चक्र | 

 

लघु-उत्तरीय प्रश्न: 

Q1. किस मृदा में कौन-सा पौधा होगा यह मृदा के किस गुण पर निर्भर करता है ? 

उत्तर: मृदा के गुण जिसमें किसी पौधा का उगना निर्भर करता है :

(i) मृदा में पोषक तत्व की उपस्थिति |

(ii) उपस्थित ह्यूमस की मात्रा |

(iii) उपस्थित ह्यूमस की गहराई | 

Q2. ऊपरीमृदा किसे कहते हैं ?

उत्तर: मृदा की सबसे उपरी परत जिसमें मृदा के कणों के अतिरिक्त ह्यूमस और सजीव स्थित होते हैं उसे ऊपरी मृदा कहते हैं |

Q3. किसी क्षेत्र की ऊपरीमृदा की गुणवता वहाँ किस बात को निर्धारित करती है ?

उत्तर: वहाँ की जैव-विविधता को | 

 

 

14. प्राकृतिक संसाधन

अतिरिक्त प्रश्नोत्तर : दीर्घ उत्त

Class 9 Science Hindi Updated : 06 March 2026

अतिरिक्त प्रश्नोत्तर

Q1. नाइट्रोजन स्थिरीकरण की प्रक्रिया कुछ जीवाणुओं द्वारा ऑक्सीजन की उपस्थिति में क्यों नहीं होता है ?

उत्तर: कुछ जीव जैसे जीवाणु तात्विक ऑक्सीजन की उपस्थिति में विषाक्त हो जाते है यही कारण है कि नाइट्रोजन स्थिरीकरण की प्रक्रिया कुछ जीवाणुओं द्वारा ऑक्सीजन की उपस्थिति में क्यों नहीं होता है | 

Q2. ओजोन क्या है ? 

उत्तर: वायुमंडल के सबसे ऊपरी परत में ऑक्सीजन के तीन परमाणुओं वाला एक अणु की परत पायी है, जिसे ओजोन कहा जाता है | 

Q3. मृदा एक महत्वपूर्ण संपदा है कैसे ?

उत्तर:

(i)  मृदा एक महत्वपूर्ण संपदा है जो किसी भी क्षेत्र के जीवन की विविधता को निर्धारित करता है | 

(ii) मृदा के ऊपरी परत में बहुत से पालन पोषण करने वाले खनिज पाया जाता है जो उन्हें मृदा से प्राप्त होते हैं | 

(iii) सभी हरे पेड़ पौधे मृदा में ही उगते है जो जंतुओं को ऊर्जा भोजन के रूप में प्रदान करते हैं |

Q4. ओजोन परत का प्रमुख कार्य क्या है ? 

उत्तर: ओजोन परत का प्रमुख कार्य है : 

(i) यह सूर्य से  आने वाली हानिकारक विकिरणों को पृथ्वी की सतह पर आने से रोकता है जो कई जिंदगियों को नुकसान पहुँचा सकता है |  

Q5. पीडकनाशकों और उर्वरकों का बड़ी मात्रा में उपयोग उस परितंत्र के जैव एवं अजैव घटकों के लिए किस प्रकार हानिकारक हैं ? 

उत्तर: जैव घटक: 

(i) लंबे समय तक इन पदार्थो के उपयोग करने से मृदा के सूक्ष्म जीव मृत हो जाते है |

(ii) ह्यूमस बनाने में मदद करने वाले केंचुओं को भी ये समाप्त कर सकते हैं | 

(iii) ये जैविक विविधता को धीरे-धीरे नष्ट कर देते है |

अजैव घटक :

(i) ये मृदा के संरचना को नष्ट कर देते हैं |

(ii) उपजाऊ मृदा जल्द ही बंजर भूमि में बदल सकती है |

(iii) ये मृदा के लिए हानिकारक होते है जो बाद में मृदा के उर्वरता को प्रभावित करते हैं |

Q6. मृदा अपरदन क्या है ? 

उत्तर: मृदा का सबसे ऊपरी  भाग काफी उपजाऊ एवं ह्यूमस से परिपूर्ण होता है | यह हल्का भी होता है, कई बार ये बहते हुए वायु या जल के साथ एक जगह से दुसरे जगह स्थानांतरित हो जाते है | मृदा का इस प्रकार स्थानांतरित होना मृदा अपरदन कहलाता है | 

Q7. नाइट्रोजन चक्र क्या है ? इसका वर्णन कीजिए |

उत्तर: नाइट्रोजन गैस प्रोटीन, न्यूक्लिक अम्ल, डी.एन.ए. और आर. एन. ए. तथा कुछ विटामिनों जैसे अणुओं का भाग है | यह दुसरे जैविक यौगिकों में भी पाया जाता है | फलीदार पौधों की जड़ों की एक विशेष संरचना में पाए जाने वाले बैक्टीरिया वायुमंडल में व्याप्त नाइट्रोजन के अणुओं को नाइट्रेट्स तथा नाइट्राईट्स जैसे अणुओं में बदल देते है | इन अणुओं के अलावा नाइट्रोजन परमाणु अन्य भौतिक क्रियाओं के द्वारा नाइट्रेट्स तथा नाइट्राईट्स में बदलते हैं तथा बिजली चमकने के समय वायु में पैदा हुआ उच्च ताप तथा दाब नाइट्रोजन को नाइट्रोजन के ऑक्साइड में बदल देता है | ये ऑक्साइड जल में घुलकर नाइट्रिक तथा नाइट्रस अम्ल बनाते है और वर्षा से साथ मिलकर भूमि पर गिरते है जिसे विभिन्न जीवों द्वारा उपयोग कर लिया जाता है | पौधे नाइट्रेट्स तथा नाइट्राईट्स को ग्रहण कर उन्हें अमीनो अम्ल में बदल देते है जिनका उपयोग वे प्रोटीन बनाने में करते हैं | इस प्रोटीन एवं दुसरे जटिल यौगिकों का उपयोग जंतु अपने भोजन के लिए करते है और जब इन जंतुओं या पौधों की मृत्यु होती है तो मिट्टी में मौजूद जीवाणु इनका निम्नीकरण कर इसके यौगिक में स्थित नाइट्रोजन को नाइट्रेट्स तथा नाइट्राईट्स में बदल देते है | फिर ये साधारण परमाणु के रूप में वायुमंडल में आ जाता है | इस प्रकार प्रकृति में एक चक्र का निर्माण होता है जिसे नाइट्रोजन चक्र कहते है | 

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