NCERT Solutions for Class 9 – Complete Chapter-wise Study Material
4. परमाणु की संरचना is one of the most important chapters in the Class 9 Science Hindi NCERT Solutions curriculum. This chapter plays a significant role in helping students build a strong conceptual foundation while preparing for school examinations, class tests, unit tests, half-yearly examinations, annual examinations, and CBSE board assessments. The chapter has been carefully designed according to the latest NCERT syllabus, making it an essential part of every student's study plan.
The 4. परमाणु की संरचना - Class 9 Science Hindi NCERT Solutions available on ATP Education explain every question in a simple, accurate, and step-by-step manner. Each answer is prepared according to the latest CBSE guidelines so that students can understand the concepts clearly without confusion. Whether you are completing your homework, revising before examinations, or strengthening your understanding of the subject, these solutions provide reliable academic support throughout your learning journey.
One of the biggest advantages of studying 4. परमाणु की संरचना is that it helps students understand important concepts, definitions, examples, and textbook exercises in an organized way. Instead of memorizing answers, students learn how to develop logical thinking, improve analytical skills, and write well-structured answers in examinations. This chapter also helps improve problem-solving ability and encourages conceptual learning, which is essential for scoring higher marks in school and competitive examinations.
Our Class 9 Science NCERT Solutions cover all textbook questions, important exercise questions, and chapter-wise explanations in Hindi Medium. Every solution is written in easy-to-understand language, allowing students to revise the chapter quickly before examinations. Regular practice of these solutions improves confidence, strengthens subject knowledge, and reduces examination stress.
Students preparing for school assessments should carefully study 4. परमाणु की संरचना because questions from this chapter are frequently asked in objective questions, short answer questions, long answer questions, competency-based questions, and case-study questions. Understanding the concepts explained in this chapter also helps students connect related topics from other chapters, making overall learning more effective and meaningful.
At ATP Education, we continuously update our Class 9 Science Hindi NCERT Solutions according to the latest NCERT textbooks and CBSE curriculum. Students can confidently use these chapter-wise solutions for daily study, homework assistance, quick revision, examination preparation, and self-learning. By studying 4. परमाणु की संरचना thoroughly and practising every question regularly, students can strengthen their concepts, improve writing skills, and achieve better academic performance in both school and board examinations.
4. परमाणु की संरचना - Class 9 Science Hindi NCERT Solutions
4. परमाणु की संरचना
अध्याय-समीक्षा
- पदार्थ के सबसे सूक्ष्मतम एवं अविभाज्य कण को परमाणु कहते हैं |
- परमाणु के अन्दर तीन अवपरमाणुक कण होते हैं: (i) प्रोट्रॉन (Protron) (ii) न्यूट्रॉन (Neutron) (iii) इलेक्ट्रान (Electron)|
- प्रोट्रॉन (Protron) : यह धन आवेशित (+) कण होता है जो परमाणु के नाभिक (भीतरी भाग ) में रहता है | यह तत्व के सभी रासायनिक गुण धर्म को प्रदर्शित करता है | परमाणु में प्रोट्रान के घटने या बढ़ने से उसके रासायनिक गुणधर्म भी बदल जाते हैं |
- न्यूट्रॉन (Neutron) : परमाणु: यह ऋण आवेशित (-) कण है जो नाभिक के चारों ओर भिन्न-भिन्न और निश्चित कक्षाओं में चक्कर काटते हैं |
- इलेक्ट्रान (Electron) : न्यूट्रॉन परमाणु के नाभिक में उपस्थित बिना आवेश वाला कण है जिस पर कोई आवेश नहीं होता है |
- हाइड्रोजन को छोड़कर ये सभी परमाणुओं के नाभिक में होते हैं।
- समान्यतः, न्यूट्राॅन को 'n' से दर्शाया जाता है।
- परमाणु का द्रव्यमान नाभिक में उपस्थित प्रोटाॅन और न्यूट्रॉन के द्रव्यमान के योग के द्वारा प्रकट किया जाता है।
- उदासीन परमाणु: समान्यत: कोई भी परमाणु उदासीन होता है क्योंकि परमाणु में धन प्रोट्रानो की संख्या ऋण इलेक्ट्रानों की संख्या के बराबर होता है यही कारण है कि किसी भी परमाणु पर नेट आवेश शून्य होता है और परमाणु उदासीन होते है |
- केनाल किरणें : केनाल किरणें विसर्जन नलिका के एनोड से निकलने वाले धन आवेशीत कणों की धारा है, जब बहुत ही कम दाब पर गैस में से विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है।
- नाभिक की खोज रदरफोर्ड ने किया था |
- परमाणु का धन आवेशित भाग नाभिक होता है |
- परमाणु में इलेक्ट्राॅनो की संख्या प्रोट्राॅनो की संख्या के बराबर होता है।
- इलेक्ट्रान नाभिक के चारो ओर निश्चित कक्षाओं में चक्कर लगाते है।
- जब इलेक्ट्राॅन इस विविक्त कक्षा में चक्कर लगाते है तो उनकी उर्जा का विकिरण नहीं होता।
- परमाणु के नाभिक के चारों ओर इलेक्ट्रोनों के चक्कर लगाने के लिए विभिन एवं निश्चित कक्षाएँ होती हैं इन्हें कोश (Shell) भी कहते हैं इन्ही कक्षाओं को ऊर्जा स्तर कहते है |
- किसी परमाणु के विभिन्न कोशों में इलेक्ट्रोनों के वितरण को इलेक्ट्रोनिक विन्यास कहते हैं |
- किसी परमाणु के बाह्यतम कक्षा में उपस्थिति संयोजी इलेक्ट्रॉन्स की संख्या को उस तत्व की संयोजकता कहते हैं |
- किसी परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोट्रॉनों की कुल संख्या को परमाणु संख्या कहते है |
- किसी परमाणु के नाभिक में उपस्थिति कुल प्रोट्रॉनों तथा न्यूट्रॉनों की संख्या के योगफल को परमाणु द्रव्यमान संख्या कहते हैं |
- समस्थानिक किसी तत्व के वे परमाणु होते है जिनकी परमाणु संख्या तो बराबर होती है परन्तु परमाणु द्रव्यमान भिन्न - भिन्न होता है।
- ऐसे परमाणु जिनकी द्रव्यमान संख्या समान परन्तु परमाणु संख्या भिन्न - भिन्न होती है।
4. परमाणु की संरचना
पाठगत प्रश्नोत्तर :
Page No. 53:
Q1. केनाल किरणें क्या है ?
उत्तर : केनाल किरणें, विसर्जन नलिका के एनोड से निकलने वाले धनावेशित विकिरणों कि धारा है जब बहुत ही कम दाब पर गैस में से विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है | इसकी खोज ई० गोल्डस्टीन ने किया था |
Q2. यदि किसी परमाणु में एक इलेक्ट्रान और एक प्रोट्रोन है, तो इसमें कोई आवेश होगा या नहीं ?
उत्तर : जब किसी परमाणु में धन आवेश और ऋण आवेश बराबर हो तो परमाणु विद्युत रूप से उदासीन होता है | इसलिए इस पर कोई आवेश नहीं होगा |
Page No. 56 :
Q1. परमाणु उदासीन है, इस तथ्य को टॉमसन के मॉडल के आधार पर स्पष्ट कीजिए |
ऊत्तर : टॉमसन के परमाणु मॉडल के अनुसार परमाणु एक धनावेशित गोला है, जिसमें इलेक्ट्रान क्रिसमस केक में लगे सूखे मेवे कि तरह धंसे रहते है | चूँकि इस मॉडल के अनुसार ऋणात्मक और धनात्मक आवेश परिणाम में समान होते हैं | इसलिए परमाणु वैद्युत रूप से उदासीन होते हैं |
Q2. रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल के अनुसार, परमाणु के नाभिक में कौन सा अवपरमाणुक कण विद्यमान है ?
उत्तर : रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल के अनुसार, परमाणु के नाभिक में धनावेशित अवपरमाणुक कण प्रोट्रोन विद्यमान है |
Q3. तीन कक्षाओं वाले बोर के परमाणु मॉडल का चित्र बनाइए |
उत्तर :
Q4. क्या अल्फा कणों का प्रकीर्णन प्रयोग सोने के अतिरिक्त दूसरी धातु की पन्नी से संभव होगा ?
उत्तर : यदि सोने की बजाय अन्य किसी धातु को सोने की पन्नी जितना यदि पतली चादर बनाई जा सकती है तो परिणाम सोने जैसे ही आ सकते है | परन्तु सोने जितना अघात्वर्ध्य धातु कोई दूसरा नहीं जिसकी इतनी पतली चादर बनाई जा सके |
Page No. 56:
Q1. परमाणु के तीन अवपरमाणुक कणों के नाम लिखें |
उत्तर: परमाणु के तीन अवपरमाणुक कण निम्नलिखित हैं -
(i) इलेक्ट्रान (e- ) - ये ऋण आवेशित कण होते हैं |
(ii) प्रोटॉन (p+) - ये धन आवेशित कण होते हैं |
(iii) न्यूट्रॉन (n) - न्यूट्रॉन पर कोई आवेश नहीं होता है |
Q2. हीलियम परमाणु का परमाणु द्रव्यमान 4u है और उसके नाभिक में दो प्रोट्रोंन होते हैं | इसमें कितने न्यूट्रॉन होंगे ?
उत्तर : हीलियम का द्रव्यमान = 4u
प्रोटॉन की संख्या = 2
परमाणु द्रव्यमान = प्रोटॉन की संख्या + न्यूट्रॉन की संख्या
4 = 2 + न्यूट्रॉन की संख्या
न्यूट्रॉन की संख्या = 4 - 2
= 2
अत: हीलियम में 2 न्यूट्रॉन होंगे !
Page No. 57:
Q1. कार्बन और सोडियम के परमाणुओं के लिए इलेक्ट्रान-वितरण लिखिए |
उत्तर : कार्बन का इलेक्ट्रान-वितरण : 2, 4
सोडियम का इलेक्ट्रोनिक-वितरण : 2, 8, 1
Q2. अगर किसी परमाणु का K और L कोश भरा है, तो उस परमाणु में इलेक्ट्रानों की संख्या क्या होगी ?
उत्तर : यदि किसी परमाणु का K और L कोश भरा है तो उसमें इलेक्ट्रॉन्स की संख्या 2 + 8 = 10 है |
Page No 58:
Q1. क्लोरीन, सल्फर और मैग्नेशियम की परमाणु संख्या से आप इसकी संख्या संयोजकता कैसे प्राप्त करेंगे ?
उत्तर :
(i) क्लोरीन की परमाणु संख्या = 17
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास = 2, 8, 7
अत : बाह्य कक्षा में संयोजी इलेक्ट्रान 8 - 7 = 1 है | अत: संयोजकता 1 है |
(ii) सल्फर का परमाणु संख्या = 16
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास = 2, 8, 6
अत: बाह्य कक्षा में संयोजी इलेक्ट्रान 8 - 6 = 2 है | अत: संयोजकता 2 है |
(iii) मैग्नेशियम का परमाणु संख्या = 12
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास = 2, 8, 2
संयोजी इलेक्ट्रान कि संख्या 2 है | अत: संयोजकता 2 है |
Page No. 59:
Q1. यदि किसी परमाणु में इलेक्ट्रानों की संख्या 8 है और प्रोटॉनों की संख्या भी 8 है तब,
(a) परमाणु की परमाणुक संख्या क्या है ?
(b) परमाणु का क्या आवेश है ?
उत्तर : (a) परमाणु कि परमाणु संख्या = प्रोटॉन की संख्या
= 8
अत: परमाणु संख्या 8 है |
(b) परमाणु का आवेश 0 है क्योंकि धन आवेश (प्रोटॉन की संख्या) = 8 और ऋण आवेश (इलेक्ट्रान की संख्या) = 8 अत: विद्युत रूप से परमाणु उदासीन है | इस पर कोई आवेश नहीं है |
Q2. सारणी 4.1 की सहायता से ऑक्सीजन और सल्फर-परमाणु की द्रव्यमान संख्या ज्ञात कीजिए |
उत्तर :
ऑक्सीजन का द्रव्यमान संख्या = प्रोटॉन की संख्या + न्यूट्रॉन कि संख्या
= 8 + 8 = 16
अत: ऑक्सीजन का द्रव्यमान संख्या 16 है |
सल्फर का द्रव्यमान संख्या = प्रोटॉन की संख्या + न्यूट्रॉन कि संख्या
= 16 + 16
= 32
अत: सल्फर का परमाणु द्रव्यमान = 32 है |
Page No. 60:
Q1. चिन्ह H, D और T के लिए प्रत्येक में पाए जाने वाले तीन अवपरमाणुक कणों को सारणीबद्ध कीजिए |
उत्तर :

Q2. समस्थानिक और समभारिक के किसी एक युग्म का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए |
उत्तर :
कार्बन के दो समस्थानिकों का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास

4. परमाणु की संरचना
अभ्यास :
Q1. इलेक्ट्रान, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन के गुणों की तुलना कीजिए |
उत्तर :

Q2. जे. जे. टॉमसन के परमाणु मॉडल की क्या सीमाएँ हैं ?
उत्तर - टामसन के मॉडल से परमाणु के उदासीन होने की व्याख्या तो हो गई , परन्तु इस मॉडल के द्वारा दूसरे वैज्ञानिकों द्वारा किये गये प्रयोगों के परिणामों को समझाया नहीं जा सका।
Q3. रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल की क्या सीमाएँ है ?
उत्तर - रदरफोर्ड ने बताया कि इलेक्ट्रान परमाणु के चरों और वर्तुलाकार चक्कर लगाते और और उर्जा क्षयित करते रहते है | यदि ऐसा है तो इलेक्ट्रान चक्कर लगाते हुए नाभिक से टकरा जायेंगे जिससे परमाणु अस्थिर हो जायेगा | वैद्युत चुम्कीय सिद्धांत के अनुसार रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल, परमाणु को अस्थिर बनाता है जबकि परमाणु स्थायी होता है।
Q4. बोर के परमाणु मॉडल की व्याख्या कीजिए |
उत्तर - नील्स बोर अपने परमाणु मॉडल की निम्न अवधारणाएॅ प्रस्तुत कीं -
(i) इलेक्ट्रॉन केवल कुछ निश्चित कक्षाओं में ही चक्कर लगा सकते है, जिन्हें इलेक्ट्रॉन की विविक्त कक्षा कहते है।
(ii) जब इलेक्ट्रॉन इस विविक्त कक्षा में चक्कर लगाते है तो उनकी उर्जा का विकिरण नहीं होता।

Q5. इस अध्याय में दिए गए सभी परमाणु मॉडल की तुलना कीजिए |
उत्तर :
(i) जे. जे. टॉमसन का परमाणु मॉडल :
टॉमसन ने परमाणुओं की संरचना से संबंधित एक मॉडल प्रस्तुत किया , जो तरबुज कि तरह था । उन्होंने इसके लिए निम्न मॉडल प्रास्तावित किया।
(i) परमाणु धनआवेशित गोलेे का बना होता है और इलेक्ट्रॉन उसमें धंसे होते है।
(ii) ऋणात्मक और धनात्मक आवेश परिणाम में समान होते है। इसलिए परमाणु वैद्युतीय रूप से उदासीन होता है।
(ii) रदरफोर्ड का परमाणु मॉडल :
रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल के अनुसार, परमाणु में धनावेशित भाग उसके केंद्र में है जिसे नाभिक कहा जाता है | इस नाभिक में परमाणु का समस्त द्रव्यमान स्थित है | इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर स्थित रिक्त स्थान में चक्कर लगाते हैं | नाभिक का आकार परमाणु के आकार कि तुलना में अत्यंत कम या उपेक्षनीय है | ठीक वैसे ही जैसे एक बड़े से मैदान के बीच में रखा फूटबाल |
(iii) बोर का परमाणु मॉडल :
इलेक्ट्रॉन केवल कुछ निश्चित कक्षाओं में ही चक्कर लगा सकते है, जिन्हें इलेक्ट्रॉन की विविक्त कक्षा कहते है। जब इलेक्ट्रॉन इस विविक्त कक्षा में चक्कर लगाते है तो उनकी उर्जा का विकिरण नहीं होता।
Q6. पहले अठारह तत्वों के विभिन्न कक्षों में इलेक्ट्रान वितरण के नियम को लिखिए |
उत्तर : किसी भी परमाणु के विभिन्न कक्षाओं में इलेक्ट्रानों की संख्या निश्चित होती है जो सूत्र 2n2 के द्वारा ज्ञात किया जाता है | जहाँ n इलेक्ट्रानों के क्वांटम संख्या को प्रदर्शित करता है |
अत: इस सूत्र से परमाणु के विभिन्न कक्षाओं K, L, M और N में इलेक्ट्रानों की अधिकतम संख्या निम्न होगी |
प्रथम (K) कक्ष में 2 x 12 = 2
द्वितीय (L) कक्ष में 2 x 22 = 8
तृतीय (M) कक्ष में 2 x 32 = 18
चतुर्थ (N) कक्ष में 2 x 42 = 32
कक्ष K में अधिकतम 2 इलेक्ट्रान रह सकते हैं |
कक्ष L में अधिकतम 8 इलेक्ट्रान रह सकते हैं |
कक्ष M में अधिकतम 8 या 18 इलेक्ट्रान रह सकते हैं |
कक्ष N में अधिकतम 8, 18 या 32 इलेक्ट्रान रखा जा सकता है |
Q7. सिलिकॉन और ऑक्सीजन का उदाहरण लेते हुए संयोजकता की परिभाषा दीजिए |
उत्तर : किसी परमाणु के बाह्यतम कक्षा में उपस्थित संयोजी इलेक्ट्रान की संख्या को उस परमाणु कि संयोजकता कहते है |
संयोजी इलेक्ट्रान किसी परमाणु के इलेक्ट्रान त्यागने की क्षमता या इलेक्ट्रान ग्रहण करने की क्षमता होती है जिससे वह परमाणु अंतिम कक्षा में अपना अष्टक पूरा कर सके |
जैसे - (i) सिलिकॉन में परमाणु सख्या 14 है इसलिए इसमें इलेक्ट्रान कि संख्या = 14
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास होगा - 2, 8, 4
अंतिम कक्षा में इलेक्ट्रान 4 है |
अत: सिलिकॉन चार इलेक्ट्रान का त्याग भी सकता है और चार इलेक्ट्रान ग्रहण भी कर सकता है इसलिए इसकी संयोजकता 4 है |
(ii) ऑक्सीजन की परमाणु संख्या 8 है तो इलेक्ट्रान भी 8 होंगे |
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास - 2, 6
अब बाह्यतम कक्षा में इलेक्ट्रान 6 है |
अत: ये सिर्फ (8 - 6 = 2) 2 ही इलेक्ट्रान ग्रहण कर सकता है | अर्थात इसके संयोजी इलेक्ट्रान 2 है | अत: इसकी संयोजकता 2 है |
Q8. उदाहरण के साथ व्याख्या कीजिए-परमाणु संख्या, द्रव्यमान, समस्थानिक और समभारिक समस्थानिकों के कोई दो उपयोग लिखिए |
उत्तर :
(i) परमाणु-संख्या - किसी परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या उस परमाणु की परमाणु-संख्या कहलाती है |
अर्थात - परमाणु संख्या = प्रोटॉन की संख्या
(ii) द्रव्यमान संख्या - किसी परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या और न्यूट्रॉनों की संख्या के कुल योग को द्रव्यमान संख्या कहते है |
अर्थात - द्रव्यमान संख्या = प्रोटॉनों की संख्या + न्यूट्रॉनों की संख्या
(iii) समस्थानिक : किसी तत्व के वे परमाणु जिनकी परमाणु संख्या समान हो परन्तु परमाणु द्रव्यमान भिन्न-भिन्न हो | वे परमाणु उस तत्व के समस्थानिक कहलाते हैं |
जैसे -

(iv) समभारिक : किसी तत्व के वे परमाणु जिनकी द्रव्यमान संख्या समान हो परन्तु परमाणु संख्या भिन्न-भिन्न हो वे परमाणु समभारिक कहलाते हैं |
जैसे -

(v) समस्थानिकों के उपयोग :
1. यूरेनियम के एक समस्थानिक का उपयोग परमाणु भट्टी में ईंधन के रूप में किया जाता है।
2. कैंसर के उपचार में कोबाल्ट के समस्थानिक का उपयोग किया जाता है।
3. घेंघा रोग के इलाज में आयोडिन के समस्थानिक का उपयोग किया जाता हैै।
Q9. Na+ के पूरी तरह से भरे हुए K व L कोश होते हैं - व्याख्या कीजिए |
उत्तर : सर्वप्रथम, सोडियम का परमाणु संख्या 11 है, इसलिए इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास होगा –

अब Na+ (सोडियम धनायन) तब बनाएगा जब सोडियम अपने अंतिम कक्ष (M) में उपस्थित 1 इलेक्ट्रान त्याग दे | इलेक्ट्रान त्यागने से धनायन बनता है और इलेक्ट्रान ग्रहण करने से ऋणायन बनता है | जब सोडियम परमाणु 1 इलेक्ट्रान त्याग करता है तो इसका M कोश विलुप्त हो जाता है |
और यह अपने निकटम उत्कृष्ट गैस के विन्यास को प्राप्त करता है और Na+ बनाता है | जैसे –

चूँकि कोश K अधिकतम 2 इलेक्ट्रान धारण कर सकता है और कोश L अधिकतम 8 धारण कर सकता है | अत: Na+ में K व L कोश भरे हुए होते हैं |



Q14. निम्नलिखित वक्तव्यों में गलत के लिए F और सही के लिए T लिखें |
(a) जे. जे. टॉमसन ने यह प्रस्तावित किया था कि परमाणु के केन्द्रक में केवल न्युक्लियांस होते हैं |
(b) एक इलेक्ट्रान और एक प्रोटॉन मिलकर न्यूट्रॉन का निर्माण करते हैं इसलिए यह अनावेशित होता है |
(c) इलेक्ट्रान का द्रव्यमान प्रोटॉन से लगभग 12000 गुणा होता है |
(d) आयोडीन के समस्थानिक का इस्तेमाल टिंक्चर आयोडीन बनाने में होता है | इसका उपयोग दवा के रूप में होता है |
उत्तर :
(a) F
(b) F
(c) T
(d) F
Q15. रदरफोर्ड का अल्फ़ा कण प्रकीर्णन प्रयोग किसकी खोज के लिए उत्तरदायी था –
(a) परमाणु केन्द्रक
(b) इलेक्ट्रान
(c) प्रोटॉन
(d) न्यूट्रॉन
उतर : (a) परमाणु केन्द्रक
Q16. एक तत्व के समस्थानिक में होते हैं –
(a) समान भौतिक गुण
(b) भिन्न रासायनिक गुण
(c) न्यूट्रॉनों की अलग-अलग संख्या
(d) भिन्न परमाणु संख्या
उत्तर : (c) न्यूट्रॉनों की अलग-अलग संख्या
Q17. Cl- आयन में संयोजकता-इलेक्ट्रानों की संख्या है –
(a) 16 (b) 8 (c) 17 (d) 18
उत्तर : (b) 8
Q18. सोडियम का सही इलेक्ट्रॉनिक विन्यास निम्न में कौन सा है ?
(a) 2, 8 (b) 8, 2, 1 (c) 2, 1, 8 (d) 2, 8, 1
उत्तर : (d) 2, 8, 1
4. परमाणु की संरचना
अतिरिक्त प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1- केनाल किरणें क्या है ?
उत्तर - केनाल किरणे विसर्जन नलिका के एनोड से निकलने वाले धन आवेशीत कणो की धारा है, जब बहुत ही कम दाब पर गैस में से विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है।
प्रश्न 2- किसी परमाणु पर उदासीन आवेश कब होता है ?
उत्तर - जब किसी परमाणु में इलेक्ट्रॉनो की संख्या प्रोट्रॉनो की संख्या के बराबर हो तो परमाणु पर उदासीन आवेश होता हैं। अर्थात ऋणआवेश तथा धनआवेश समान हो तो परमाणु पर उदासीन आवेश होता हैं।
प्रश्न 3- परमाणु उदासीन है, इस तथ्य को टॉमसन के मॉडल के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर - परमाणु धन आवेशित गोले का बना होता है, और इलेक्ट्रान उसमें धंसे होते है। ऋण तथा धन आवेश परमाणु में समान होते है। इसलिए परमाणु वैद्युतीय रूप से उदासीन होते है।
प्रश्न 4- परमाणु के तीनों अवपरमाणुक कणों के नाम लिखो।
उत्तर -
1. इलेक्ट्रान
2. प्रोट्रान
3. न्युट्रान
प्रश्न 5- अल्फा कण क्या होते है ?
उत्तर - अल्फा कण द्विआवेशित हिलीयम कण होते हेै, और ये धन आवेशित होते है।
प्रश्न 6- टामसन की परमाणु मॉडल की सीमाए लिखिए।
उत्तर - टामसन के मॉडल से परमाणु के उदासीन होने की व्याख्या तो हो गई , परन्तु इस मॉडल के द्वारा दूसरे वैज्ञानिकों द्वारा किये गये प्रयोगों के परिणामों को समझाया नहीं जा सका।
प्रश्न 7- इलेक्ट्रॉनीक विन्यास किसे कहते है ?
उत्तर - परमाणुओ के विभिन्न कक्षाओ में इलेक्ट्रॉनो के वितरण को इलेक्ट्रॉनीक विन्यास कहते है।
प्रश्न 8- इलेक्ट्रॉनीक विन्यास किसे कहते है ?
उत्तर - परमाणुओ के विभिन्न कक्षाओ में इलेक्ट्रॉनो के वितरण को इलेक्ट्रॉनीक विन्यास कहते है।
प्रश्न 9- कौन सा ऐसा तत्व है जिसके नाभिक में न्युट्रान नहीं होते है ?
उत्तर - हाइड्रोजन।
प्रश्न 10- परमाणु संख्या को परिभाषित कीजिए।
उत्तर - किसी तत्व में उपस्थित प्रोट्रॉनो की संख्या उस तत्व की परमाणु संख्या कहलाती है। जैसे -
1. हाइड्रोजन में 1 प्रोट्रॉन होता है इसलिए हाइड्रोजन का परमाणु संख्या भी 1 होगी।
2. कार्बन में 6 प्रोट्रॉन होता है इसलिए कार्बन का परमाणु संख्या भी 6 होगी।
प्रश्न 11- परमाणु द्रव्यमान को परिभाषित कीजिए।
उत्तर - किसी तत्व में उपस्थित प्रोट्रॉनो तथा न्युट्रॉनो की संख्याओं के योग को परमाणु द्रव्यमान कहते है। जैसे -
1. हीलियम के एक परमाणु में प्रोट्रॉनो की संख्या 2 तथा न्युट्रॉनो की संख्या भी 2 होती है, इसलिए हीलियम का परमाणु द्रव्यमान 2़ + 2 = 4 होगी।
प्रश्न 12- समस्थानिक किसे कहते है ?
उत्तर - समस्थानिक किसी तत्व के वे परमाणु होते है जिनकी परमाणु संख्या तो बराबर होती है परन्तु परमाणु द्रव्यमान भिन्न - भिन्न होता है।
प्रश्न 13- समस्थानिक किसे कहते है ?
उत्तर - समस्थानिक किसी तत्व के वे परमाणु होते है जिनकी परमाणु संख्या तो बराबर होती है परन्तु परमाणु द्रव्यमान भिन्न - भिन्न होता है।
प्रश्न 14- हाइड्रोजन के तीन समस्थानिकों के नाम लिखिए और इनकी संकेत सूत्र, परमाणु संख्या और परमाणु द्रव्यमान का सारणी बनाइए |
उत्तर -

प्रश्न 15- समभारिक किसे कहते है ? उदाहरण सहित समझाइए |
उत्तर - ऐसे परमाणु जिनकी द्रव्यमान संख्या समान परन्तु परमाणु संख्या भिन्न - भिन्न होती है।
जैसे - कैल्सियम के परमाणु संख्या 20 तथा ऑर्गन के परमाणु संख्या 18 है जबकि दोनो तत्वो के परमाणु द्रव्यमान 40 है। अतः ये दोनों तत्व कैल्सियम तथा ऑर्गन समभारिक है।
प्रश्न 16- परमाणु का समस्त भार कहाँ हेाता है ?
उत्तर - परमाणु का समस्त भार उसके नाभिक में होता हैै।
प्रश्न 17- परमाणु के नाभिक में उपस्थित अवपरमाणुक कणो के नाम लिखे।
उत्तर - परमाणु के नाभिक दो परमाणुक कण ही होते है -
1. प्रोट्रॉन एवं 2. न्युट्रॉन
प्रश्न 18- परमाणु में इलेक्ट्रॉन कहाँ उपस्थित रहते है ?
उत्तर - परमाणु में इलेक्ट्रॉन उसके नाभिक के चारों ओर विभिन्न और निश्चित कक्षाओं में चक्कर काटते रहते हैै।
4. परमाणु की संरचना
4 अंक के प्रश्न :
प्रश्न 1- संयोजकता क्या है ? इसे कैसे ज्ञात किया जाता है | उदाहरण सहित समझाइए |
उत्तर - परमाणु के बाह्यतम कक्ष में उपस्थित इलेक्ट्रॉनो को अपना अष्टक पूरा करने के लिए जितने इलेक्ट्रॉनो की साझेदारी या स्थानांतरण होता है, वही उस तत्व का संयोजन - शक्ति या संयोजकता कहते है।
किसी तत्व का संयोजकता उसके बाह्यतम कक्ष में उपस्थित इलेक्ट्रॉनो की संख्या पर निर्भर करता है। यदि बाह्यतम कक्ष में उपस्थित इलेक्ट्रॉनो की संख्या 1, 2, 3, और 4 हो तो उनकी संयोजकता क्रमशः 1, 2, 3, और 4 होंगी। यदि बाह्यतम कक्ष में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या 5, 6, 7 और 8 हो तो उनकी संयोजकता क्रमशः 3, 2, 1 और 0 होंगी ।
प्रश्न 2- परमाणु के उस अनावेशित कण का नाम बताये जो परमाणु के नाभिक में उपस्थित होता है।
उत्तर - न्युट्रान।
प्रश्न 3- अगर किसी परमाणु का K और L कोश भरा हो तो उस परमाणु में
1. इलेक्ट्रॉनो की संख्या क्या होगी?
2. उस तत्व का नाम लिखे।
3. जिस किसी भी तत्व के बाह्यतम कोश भरा हो तो उस तत्व की प्रकृति क्या होगी?
उत्तर -
1. इलेक्ट्रॉनो की संख्या 2़ + 8 = 10 होगी।
2. निऑन
3. जिस किसी भी तत्व के बाह्यतम कोश भरा हो तो वह तत्व अक्रिय गैस होता है वह किसी परमाणु से साझेदारी नही करता है।
प्रश्न 4- समस्थानिकों के तीन अनुप्रयोग लिखे ।
उत्तर - समस्थानिको के उपयोग हम विभिन्न क्षेत्रो में करते है।
1. यूरेनियम के एक समस्थानिक का उपयोग परमाणु भट्टी में ईंधन के रूप में किया जाता है।
2. कैंसर के उपचार में कोबाल्ट के समस्थानिक का उपयोग किया जाता है।
3. घेंघा रोग के इलाज में आयोडिन के समस्थानिक का उपयोग किया जाता हैै।
प्रश्न 5- रदरफोर्ड के प्रयोगो के आधार पर परमाणु का नाभकीय - मॉडल के क्या लक्षण थे ?
उत्तर - रदरफोर्ड के प्रयोगो के आधार पर परमाणु का नाभकीय-मॉडल के निम्नलिखित लक्षण थे।
1. परमाणु का केन्द्र धन आवेशीत होता है जिसे नाभिक कहा जाता है।
2. एक परमाणु का लगभग सम्पूर्ण द्रव्यमान नाभिक में होता है।
3. इलेक्ट्रान नाभिक के चारो ओर निश्चित कक्षाओं में चक्कर लगाते है।
4. नाभिक का आकार परमाणु की तुलना में काफी कम होता हैं।
5. परमाणु में इलेक्ट्रॉनो की संख्या प्रोट्रॉनो की संख्या के बराबर होता है।
प्रश्न 6- परमाणु केन्द्रक या नाभिक की खोज किसने, और कैसे की ?
उत्तर - परमाणु केन्द्रक की खोज रदरफोर्ड ने की, उन्होने तेज गति से चल रहे अल्फा कणों को सोने की पतली पन्नी पर टकराया गया । जिसके परिणाम से पता चला कि परमाणु में अधिकांश भाग खाली है जहाँ से अल्फा कण बीना टकराये पन्नी से सीधे निकल गये परन्तु कुछ अल्फा कण पन्नी के द्वारा बहुत छोटे कोण से विक्षेपित हुए। जहाँ से ये कण विक्षेपित हुए थे | दरअसल वह परमाणु का नाभिक अर्थात केन्द्रक था । इसप्रकार रदरफोर्ड ने नाभिक की खोज की ।
प्रश्न 7- टामसन की परमाणु मॉडल की व्याख्या कीजिए।
उत्तर - टॉमसन ने परमाणुओं की संरचना से संबंधित एक मॉडल प्रस्तुत किया , जो तरबुज कि तरह था । उन्होंने इसके लिए निम्न मॉडल प्रास्तावित किया।
(i) परमाणु धनआवेशित गोलेे का बना होता है और इलेक्ट्रॉन उसमें धंसे होते है।
(ii) ऋणात्मक और धनात्मक आवेश परिणाम में समान होते है। इसलिए परमाणु वैद्युतीय रूप से उदासीन होता है।
प्रश्न 8- रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल की व्याख्या कीजिए।
उत्तर - रदरफोर्ड ने जो परमाणु मॉडल प्रस्तुत किया उसके अनुसार:
(i) परमाणु के भीतर का अधिकतर भाग खाली है क्योंकि अधिकतर अल्फा कण बिना विक्षेपित हुए सोने की पन्नी से बाहर निकल जाते है।
(ii) बहुत कम कण अपने मार्ग से विक्षेपित होते है जिससे यह ज्ञात होता है कि परमाणु में धन आवेशित भाग बहुत कम होता है।
(iii) ये धन आवेशित भाग परमाणु का नाभिक होता है।
(vi) इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर चक्कर लगाते है।
प्रश्न 9- रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल की सीमाए लिखिए।
उत्तर - रदरफोर्ड ने बताया कि इलेक्ट्रान परमाणु के चरों और वर्तुलाकार चक्कर लगाते और और उर्जा क्षयित करते रहते है | यदि ऐसा है तो इलेक्ट्रान चक्कर लगाते हुए नाभिक से टकरा जायेंगे जिससे परमाणु अस्थिर हो जायेगा | वैद्युत चुम्कीय सिद्धांत के अनुसार रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल, परमाणु को अस्थिर बनाता है जबकि परमाणु स्थायी होता है।
प्रश्न 10- नील्स बोर के परमाणु मॉडल की व्याख्या कीजिए।
उत्तर - नील्स बोर अपने परमाणु मॉडल की निम्न अवधारणाएॅ प्रस्तुत कीं -
(i) इलेक्ट्रॉन केवल कुछ निश्चित कक्षाओं में ही चक्कर लगा सकते है, जिन्हें इलेक्ट्रॉन की विविक्त कक्षा कहते है।
(ii) जब इलेक्ट्रॉन इस विविक्त कक्षा में चक्कर लगाते है तो उनकी उर्जा का विकिरण नहीं होता।
NCERT Book Solutions
Chapter-wise NCERT Solutions for Class 6 to 12 prepared according to the latest CBSE syllabus.
HINDI MEDIUM
NCERT Solutions Class 9
Chapter 1. हमारे आस-पास के पदार्थ Solutions
1. हमारे आस-पास के पदार्थ Open Chapters
Explore Now →
NCERT Solutions Class 9
Chapter 2. क्या हमारे आस-पास के पदार्थ शुद्ध है Solutions
2. क्या हमारे आस-पास के पदार्थ शुद्ध है Open Chapters
Explore Now →
NCERT Solutions Class 9
Chapter 3. परमाणु एवं अणु Solutions
3. परमाणु एवं अणु Open Chapters
Explore Now →
NCERT Solutions Class 9
Chapter 4. परमाणु की संरचना Solutions
4. परमाणु की संरचना Open Chapters
Explore Now →
NCERT Solutions Class 9
Chapter 5. जीवन की मौलिक इकाई Solutions
5. जीवन की मौलिक इकाई Open Chapters
Explore Now →
NCERT Solutions Class 9
Chapter 7. जीवों में विविधता Solutions
7. जीवों में विविधता Open Chapters
Explore Now →
NCERT Solutions Class 9
Chapter 9. बल और गति का नियम Solutions
9. बल और गति का नियम Open Chapters
Explore Now →
NCERT Solutions Class 9
Chapter 10. गुरुत्वाकर्षण Solutions
10. गुरुत्वाकर्षण Open Chapters
Explore Now →
NCERT Solutions Class 9
Chapter 11. कार्य और उर्जा Solutions
11. कार्य और उर्जा Open Chapters
Explore Now →
NCERT Solutions Class 9
Chapter 13. हम बीमार क्यों होते है Solutions
13. हम बीमार क्यों होते है Open Chapters
Explore Now →
NCERT Solutions Class 9
Chapter 14. प्राकृतिक संसाधन Solutions
14. प्राकृतिक संसाधन Open Chapters
Explore Now →
NCERT Solutions Class 9
Chapter 15. खाद्ध्य संसाधनों में सुधार Solutions
15. खाद्ध्य संसाधनों में सुधार Open Chapters
Explore Now →NCERT Book Solutions
Chapter-wise NCERT Solutions for Class 6 to 12 prepared according to the latest CBSE syllabus.
ENGLISH MEDIUM
NCERT Solutions Class 9 Mathematics
Class 9 Mathematics Book Solutions
Mathematics Open Book
Explore Now →
NCERT Solutions Class 9 Beehive (English)
Class 9 Beehive (English) Book Solutions
Open Book
Explore Now →
NCERT Solutions Class 9 Mathematics Ganita Manjari
Class 9 Mathematics Ganita Manjari Book Solutions
GANITA MANJARI Open Book
Explore Now →Benefits of Studying NCERT Solutions
Studying from NCERT Solutions helps students build strong conceptual understanding and improve problem-solving skills. These solutions are especially useful for revision because every answer is written according to the marking scheme followed by CBSE.
- Improve conceptual understanding.
- Learn correct answer-writing techniques.
- Prepare effectively for school examinations.
- Complete syllabus revision in less time.
- Practice important textbook questions.
- Build confidence before examinations.
Prepared According to the Latest CBSE Syllabus
All NCERT Book Solutions for Class 9 available on ATP Education are updated according to the latest CBSE curriculum. Whenever NCERT introduces changes in textbooks or syllabus, our study materials are revised accordingly so that students always receive accurate and updated content.
Helpful for Competitive Examinations
NCERT textbooks form the foundation of many competitive examinations. Students preparing for Olympiads, NTSE, CUET, UPSC Foundation, SSC and several entrance examinations can strengthen their basics through these chapter-wise solutions. Understanding NCERT concepts also improves analytical thinking and logical reasoning.
Simple and Student-Friendly Explanations
Our experts prepare every answer in a simple, clear and student-friendly format. Difficult concepts are explained step by step with proper reasoning so that students of every learning level can understand them easily. This approach helps students remember concepts for a longer period and perform confidently during examinations.
Start Learning with ATP Education
Explore the complete collection of NCERT Solutions for Class 9 and begin your preparation with confidence. Every chapter is available online for free and can be accessed anytime. Whether you want to complete homework, revise important chapters or prepare for examinations, ATP Education provides reliable and high-quality study resources to help you achieve academic success.