कोशिका: जीवन की निर्माण इकाई - Class 9 Science Exploration Hindi CBSE Notes
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CBSE Notes for Class 9 – Chapter-wise Revision Notes
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कोशिका: जीवन की निर्माण इकाई - Class 9 Science Exploration Hindi CBSE Notes
कोशिका: जीवन की निर्माण इकाई
अध्याय 2. कोशिका: जीवन की निर्माण इकाई (Cell: The Building Block of Life)
पृथ्वी पर उपस्थित प्रत्येक जीवित प्राणी असंख्य सूक्ष्म इकाइयों से मिलकर बना होता है, जिन्हें कोशिका (Cell) कहा जाता है। कोशिका जीवन की सबसे छोटी संरचनात्मक (Structural) एवं क्रियात्मक (Functional) इकाई है। इस अध्याय में कोशिका की खोज, कोशिका सिद्धांत, कोशिका की संरचना, कोशिका झिल्ली, कोशिका भित्ति, कोशिकांग (Cell Organelles), केंद्रक (Nucleus), जंतु एवं पादप कोशिकाओं के अंतर तथा कोशिका विभाजन जैसी महत्वपूर्ण अवधारणाओं का अध्ययन किया गया है। यह अध्याय हमें समझाता है कि एक सूक्ष्म कोशिका किस प्रकार पूरे जीव के जीवन और विभिन्न जैविक प्रक्रियाओं का संचालन करती है।
Chapter Review (अध्याय पुनरावलोकन)
परिचय
- कोशिका (Cell) सभी जीवित प्राणियों की मूल संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है।
- सभी जीव एक या अनेक कोशिकाओं से मिलकर बने होते हैं।
- प्रत्येक कोशिका अपने भीतर अनेक महत्वपूर्ण जैविक क्रियाएँ संपन्न करती है।
- कोशिकाओं की संरचना और कार्य के आधार पर जीवों के जीवन को समझा जा सकता है।
महत्वपूर्ण परिभाषाएँ
| शब्द | सरल परिभाषा |
|---|---|
| कोशिका (Cell) | जीवन की सबसे छोटी संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई। |
| एककोशिकीय जीव (Unicellular Organism) | ऐसा जीव जो केवल एक कोशिका से बना हो। |
| बहुकोशिकीय जीव (Multicellular Organism) | ऐसा जीव जो अनेक कोशिकाओं से मिलकर बना हो। |
| ऊतक (Tissue) | समान कार्य करने वाली कोशिकाओं का समूह। |
| कोशिका झिल्ली (Cell Membrane) | कोशिका को घेरने वाली चयनात्मक पारगम्य (Selectively Permeable) झिल्ली। |
| कोशिका भित्ति (Cell Wall) | पादप कोशिका की कठोर बाहरी परत। |
| केंद्रक (Nucleus) | कोशिका का नियंत्रण केंद्र, जिसमें आनुवंशिक पदार्थ होता है। |
| कोशिकांग (Cell Organelles) | कोशिका के भीतर उपस्थित विशेष संरचनाएँ, जो अलग-अलग कार्य करती हैं। |
| कोशिका विभाजन (Cell Division) | एक कोशिका से नई कोशिकाओं के बनने की प्रक्रिया। |
महत्वपूर्ण वैज्ञानिक शब्द
- Cell (कोशिका)
- Microscope (सूक्ष्मदर्शी)
- Cell Theory (कोशिका सिद्धांत)
- Cell Membrane (कोशिका झिल्ली)
- Cell Wall (कोशिका भित्ति)
- Cytoplasm (कोशिकाद्रव्य)
- Nucleus (केंद्रक)
- Chromosome (गुणसूत्र)
- DNA
- Gene (जीन)
- Ribosome (राइबोसोम)
- Mitochondria (माइटोकॉन्ड्रिया)
- Golgi Apparatus (गोल्जी उपकरण)
- Endoplasmic Reticulum (एंडोप्लाज़्मिक जालिका)
- Lysosome (लाइसोसोम)
- Plastid (प्लास्टिड)
- Chloroplast (हरितलवक)
- Vacuole (रिक्तिका)
- Mitosis (समसूत्री विभाजन)
- Meiosis (अर्धसूत्री विभाजन)
मुख्य अवधारणाएँ
- कोशिका जीवन की मूल इकाई है।
- रॉबर्ट हुक (Robert Hooke) ने सबसे पहले कोशिका का अवलोकन किया।
- सूक्ष्मदर्शी (Microscope) की सहायता से सूक्ष्म कोशिकाओं का अध्ययन किया जाता है।
- कोशिका झिल्ली पदार्थों के आवागमन को नियंत्रित करती है।
- पादप कोशिका में कोशिका भित्ति होती है, जबकि जंतु कोशिका में नहीं होती।
- केंद्रक कोशिका की सभी गतिविधियों का नियंत्रण करता है।
- कोशिकांग विभिन्न जैविक कार्यों को संपन्न करते हैं।
- कोशिका विभाजन जीवों की वृद्धि, मरम्मत और जनन के लिए आवश्यक है।
त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)
- ✔ सभी जीव कोशिकाओं से बने होते हैं।
- ✔ कोशिका जीवन की सबसे छोटी जीवित इकाई है।
- ✔ एककोशिकीय जीव केवल एक कोशिका से बने होते हैं।
- ✔ बहुकोशिकीय जीवों में कोशिकाएँ मिलकर ऊतक, अंग और अंग तंत्र बनाती हैं।
- ✔ कोशिका झिल्ली चयनात्मक पारगम्य होती है।
- ✔ पादप कोशिका में कोशिका भित्ति उपस्थित होती है।
- ✔ केंद्रक में DNA एवं गुणसूत्र पाए जाते हैं।
- ✔ माइटोकॉन्ड्रिया कोशिका का ऊर्जा केंद्र (Powerhouse of the Cell) कहलाता है।
- ✔ हरितलवक (Chloroplast) केवल पादप कोशिकाओं में पाया जाता है।
- ✔ कोशिका विभाजन से नई कोशिकाओं का निर्माण होता है।
Key Concepts
- कोशिका (Cell)
- कोशिका सिद्धांत (Cell Theory)
- सूक्ष्मदर्शी (Microscope)
- कोशिका झिल्ली (Cell Membrane)
- कोशिका भित्ति (Cell Wall)
- कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm)
- केंद्रक (Nucleus)
- कोशिकांग (Cell Organelles)
- गुणसूत्र (Chromosome)
- DNA एवं जीन (Gene)
- पादप एवं जंतु कोशिका
- कोशिका विभाजन (Cell Division)
कोशिका: जीवन की निर्माण इकाई
अध्याय 2. कोशिका: जीवन की निर्माण इकाई (Cell: The Building Block of Life)
पृथ्वी पर पाए जाने वाले सभी जीव—चाहे वे सूक्ष्म जीवाणु (Bacteria) हों, पौधे हों या मनुष्य—कोशिकाओं (Cells) से मिलकर बने होते हैं। कोशिका जीवन की सबसे छोटी जीवित इकाई है, जो जीवों की संरचना बनाने के साथ-साथ उनके सभी आवश्यक कार्य भी करती है। इस भाग में हम कोशिका की खोज, कोशिका सिद्धांत (Cell Theory), एककोशिकीय एवं बहुकोशिकीय जीवों तथा जीवों के संगठन के स्तरों का अध्ययन करेंगे।
कोशिका की खोज एवं जीवन की मूल इकाई
कोशिका (Cell) क्या है?
कोशिका (Cell) सभी जीवित प्राणियों की सबसे छोटी संरचनात्मक (Structural) एवं क्रियात्मक (Functional) इकाई है। प्रत्येक जीव का शरीर एक या अनेक कोशिकाओं से मिलकर बना होता है। कोशिकाएँ ही भोजन ग्रहण करती हैं, ऊर्जा उत्पन्न करती हैं, वृद्धि करती हैं, विभाजित होती हैं तथा जीवन की सभी आवश्यक क्रियाएँ संपन्न करती हैं। इसलिए कोशिका को जीवन का निर्माण खंड (Building Block of Life) कहा जाता है।
- कोशिका सभी जीवों की मूल इकाई है।
- जीवन की प्रत्येक जैविक क्रिया कोशिका के भीतर होती है।
- नई कोशिकाएँ पहले से उपस्थित कोशिकाओं से बनती हैं।
- जीव का आकार चाहे छोटा हो या बड़ा, उसका निर्माण कोशिकाओं से ही होता है।
कोशिका की खोज (Discovery of Cell)
सन् 1665 में अंग्रेज़ वैज्ञानिक रॉबर्ट हुक (Robert Hooke) ने स्वयं निर्मित सूक्ष्मदर्शी (Microscope) की सहायता से कॉर्क (Cork) के पतले टुकड़े का अध्ययन किया। उन्होंने उसमें अनेक छोटे-छोटे खाने (Compartments) देखे, जिन्हें उन्होंने Cell नाम दिया। बाद में वैज्ञानिकों ने जीवित कोशिकाओं का अध्ययन किया और पाया कि कोशिका ही जीवन की मूल इकाई है।
| वैज्ञानिक | योगदान |
|---|---|
| रॉबर्ट हुक (Robert Hooke) | 1665 में पहली बार कॉर्क में कोशिकाओं का अवलोकन किया। |
| एंटोनी वॉन ल्यूवेनहॉक (Antonie van Leeuwenhoek) | सबसे पहले जीवित कोशिकाओं एवं सूक्ष्मजीवों का अवलोकन किया। |
| श्लाइडेन (Schleiden) | बताया कि सभी पौधे कोशिकाओं से बने होते हैं। |
| श्वान (Schwann) | बताया कि सभी जंतु भी कोशिकाओं से बने होते हैं। |
| रुडोल्फ विरखो (Rudolf Virchow) | नई कोशिकाएँ केवल पहले से उपस्थित कोशिकाओं से बनती हैं। |
कोशिका सिद्धांत (Cell Theory)
अनेक वैज्ञानिकों के शोध के आधार पर कोशिका सिद्धांत (Cell Theory) विकसित किया गया। यह सिद्धांत जीवों की संरचना और जीवन प्रक्रियाओं को समझने का आधार है।
- सभी जीव कोशिकाओं से बने होते हैं।
- कोशिका जीवन की मूल संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है।
- नई कोशिकाएँ पहले से मौजूद कोशिकाओं से बनती हैं।
एककोशिकीय एवं बहुकोशिकीय जीव
कुछ जीव केवल एक कोशिका से बने होते हैं, जबकि कुछ जीवों का शरीर लाखों-करोड़ों कोशिकाओं से मिलकर बना होता है। कोशिकाओं की संख्या के आधार पर जीवों को दो प्रमुख वर्गों में बाँटा जाता है।
| एककोशिकीय जीव (Unicellular Organisms) | बहुकोशिकीय जीव (Multicellular Organisms) |
|---|---|
| केवल एक कोशिका से बने होते हैं। | अनेक कोशिकाओं से बने होते हैं। |
| एक ही कोशिका सभी जीवन क्रियाएँ करती है। | विभिन्न कोशिकाएँ अलग-अलग कार्य करती हैं। |
| उदाहरण – अमीबा (Amoeba), पैरामीशियम (Paramecium) | उदाहरण – मनुष्य, आम का पेड़, कुत्ता |
जीवों में संगठन के स्तर (Levels of Organisation)
बहुकोशिकीय जीवों में समान कार्य करने वाली कोशिकाएँ मिलकर ऊतक (Tissue) बनाती हैं। अनेक ऊतक मिलकर अंग (Organ), अनेक अंग मिलकर अंग तंत्र (Organ System) तथा सभी अंग तंत्र मिलकर एक पूर्ण जीव (Organism) का निर्माण करते हैं। यही जीवों के शरीर की संगठनात्मक व्यवस्था कहलाती है।
| संगठन का स्तर | उदाहरण |
|---|---|
| कोशिका (Cell) | पेशी कोशिका (Muscle Cell) |
| ऊतक (Tissue) | पेशी ऊतक (Muscle Tissue) |
| अंग (Organ) | हृदय (Heart) |
| अंग तंत्र (Organ System) | परिसंचरण तंत्र (Circulatory System) |
| जीव (Organism) | मनुष्य (Human) |
Our Concept Builder
जिस प्रकार एक भवन हजारों ईंटों से बनता है, उसी प्रकार जीवित शरीर लाखों-करोड़ों कोशिकाओं से मिलकर बनता है। यदि ईंट भवन की मूल इकाई है, तो कोशिका (Cell) जीवित शरीर की मूल इकाई है। इसी कारण कोशिका को जीवन का निर्माण खंड (Building Block of Life) कहा जाता है।
Exam Booster
- कोशिका (Cell) जीवन की सबसे छोटी संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है।
- 1665 में रॉबर्ट हुक (Robert Hooke) ने पहली बार कोशिका का अवलोकन किया।
- कोशिका सिद्धांत (Cell Theory) परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- एककोशिकीय एवं बहुकोशिकीय जीवों में अंतर अवश्य याद रखें।
- कोशिका → ऊतक → अंग → अंग तंत्र → जीव का क्रम महत्वपूर्ण है।
कोशिका: जीवन की निर्माण इकाई
अध्याय 2. कोशिका: जीवन की निर्माण इकाई (Cell: The Building Block of Life)
कोशिकाएँ इतनी सूक्ष्म होती हैं कि अधिकांश कोशिकाओं को हम अपनी खुली आँखों से नहीं देख सकते। इनके अध्ययन के लिए विशेष उपकरणों की आवश्यकता होती है। समय के साथ सूक्ष्मदर्शी (Microscope) के विकास ने वैज्ञानिकों को कोशिका की आंतरिक संरचना और उसके विभिन्न भागों को समझने में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की। इस भाग में हम कोशिका अध्ययन, सूक्ष्मदर्शी, आवर्धन तथा विभेदन क्षमता के बारे में जानेंगे।
कोशिका अध्ययन एवं सूक्ष्मदर्शी
कोशिकाओं का अध्ययन क्यों आवश्यक है?
जीवित शरीर की सभी महत्वपूर्ण क्रियाएँ कोशिकाओं के भीतर होती हैं। इसलिए किसी भी जीव की संरचना, वृद्धि, रोग तथा जीवन प्रक्रियाओं को समझने के लिए कोशिकाओं का अध्ययन आवश्यक है। चूँकि अधिकांश कोशिकाएँ अत्यंत सूक्ष्म होती हैं, इसलिए उनके अध्ययन के लिए सूक्ष्मदर्शी (Microscope) का उपयोग किया जाता है।
- जीवों की संरचना को समझने में सहायता मिलती है।
- रोगों के कारणों का अध्ययन किया जा सकता है।
- नई दवाओं और उपचार विधियों के विकास में सहायता मिलती है।
- जीवन प्रक्रियाओं को वैज्ञानिक रूप से समझा जा सकता है।
सूक्ष्मदर्शी (Microscope)
सूक्ष्मदर्शी (Microscope) एक ऐसा वैज्ञानिक उपकरण है, जिसकी सहायता से अत्यंत छोटी वस्तुओं और कोशिकाओं को बड़ा करके देखा जाता है। इसके आविष्कार ने जीव विज्ञान (Biology) के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
| सूक्ष्मदर्शी का उपयोग | लाभ |
|---|---|
| कोशिकाओं का अध्ययन | सूक्ष्म संरचनाएँ स्पष्ट दिखाई देती हैं। |
| सूक्ष्मजीवों का अवलोकन | रोगों के अध्ययन में सहायता मिलती है। |
| वैज्ञानिक अनुसंधान | नई खोजों का मार्ग प्रशस्त होता है। |
आवर्धन (Magnification) क्या है?
आवर्धन (Magnification) वह क्षमता है, जिसके द्वारा सूक्ष्मदर्शी किसी वस्तु को उसके वास्तविक आकार से कई गुना बड़ा दिखाता है। अधिक आवर्धन से वस्तु बड़ी दिखाई देती है, लेकिन केवल आवर्धन बढ़ जाने से हमेशा अधिक विवरण दिखाई दें, यह आवश्यक नहीं है।
- वस्तु का आकार बड़ा दिखाई देता है।
- आवर्धन का मान गुणा (×) में व्यक्त किया जाता है।
- अधिक आवर्धन का अर्थ हमेशा अधिक स्पष्टता नहीं होता।
विभेदन क्षमता (Resolution)
विभेदन क्षमता (Resolution) सूक्ष्मदर्शी की वह क्षमता है, जिससे दो अत्यंत निकट स्थित बिंदुओं को अलग-अलग पहचाना जा सकता है। यदि विभेदन क्षमता अधिक होगी, तो कोशिका की सूक्ष्म संरचनाएँ अधिक स्पष्ट दिखाई देंगी। इसलिए वैज्ञानिक अध्ययन में विभेदन क्षमता का विशेष महत्व होता है।
| आवर्धन (Magnification) | विभेदन क्षमता (Resolution) |
|---|---|
| वस्तु का आकार बड़ा दिखाती है। | सूक्ष्म विवरणों को स्पष्ट दिखाती है। |
| आकार बढ़ाने से संबंधित है। | स्पष्टता बढ़ाने से संबंधित है। |
| केवल बड़ा चित्र मिल सकता है। | अधिक स्पष्ट एवं अलग-अलग संरचनाएँ दिखाई देती हैं। |
सूक्ष्मदर्शी के प्रमुख प्रकार
विज्ञान में आवश्यकता के अनुसार विभिन्न प्रकार के सूक्ष्मदर्शियों का उपयोग किया जाता है। सामान्य अध्ययन के लिए प्रकाश सूक्ष्मदर्शी (Light Microscope) तथा अत्यंत सूक्ष्म संरचनाओं के अध्ययन के लिए इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी (Electron Microscope) का उपयोग किया जाता है।
| प्रकार | विशेषता |
|---|---|
| प्रकाश सूक्ष्मदर्शी (Light Microscope) | प्रकाश की सहायता से कोशिकाओं का अध्ययन किया जाता है। |
| इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी (Electron Microscope) | इलेक्ट्रॉनों की सहायता से अत्यंत सूक्ष्म संरचनाएँ स्पष्ट दिखाई देती हैं। |
Our Concept Builder
यदि आप किसी छोटी तस्वीर को मोबाइल में केवल ज़ूम (Zoom) करते हैं, तो उसका आकार तो बड़ा दिखाई देता है, लेकिन कभी-कभी वह धुंधली भी हो जाती है। यही अंतर आवर्धन (Magnification) और विभेदन क्षमता (Resolution) के बीच है। केवल आकार बड़ा होना पर्याप्त नहीं है, चित्र स्पष्ट भी होना चाहिए।
Exam Booster
- सूक्ष्मदर्शी (Microscope) कोशिकाओं के अध्ययन का प्रमुख उपकरण है।
- आवर्धन (Magnification) वस्तु का आकार बड़ा दिखाता है।
- विभेदन क्षमता (Resolution) सूक्ष्म विवरणों को स्पष्ट दिखाती है।
- प्रकाश सूक्ष्मदर्शी और इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी में अंतर याद रखें।
- परीक्षा में Magnification और Resolution का अंतर अक्सर पूछा जाता है।
कोशिका: जीवन की निर्माण इकाई
अध्याय 2. कोशिका: जीवन की निर्माण इकाई (Cell: The Building Block of Life)
प्रत्येक कोशिका एक पतली झिल्ली से घिरी होती है, जो उसके आंतरिक भाग की रक्षा करती है और यह नियंत्रित करती है कि कौन-से पदार्थ कोशिका के भीतर प्रवेश करेंगे तथा कौन-से बाहर निकलेंगे। कोशिका के भीतर एक जैली जैसे पदार्थ में अनेक कोशिकांग (Cell Organelles) उपस्थित रहते हैं, जो विभिन्न जैविक क्रियाओं को संपन्न करते हैं। इस भाग में हम कोशिका झिल्ली, कोशिकाद्रव्य तथा पदार्थों के आवागमन की प्रक्रियाओं का अध्ययन करेंगे।
कोशिका झिल्ली: संरचना एवं कार्य
कोशिका झिल्ली (Cell Membrane / Plasma Membrane)
कोशिका झिल्ली (Cell Membrane / Plasma Membrane) कोशिका की सबसे बाहरी जीवित एवं लचीली परत होती है। यह कोशिका को बाहरी वातावरण से अलग करती है तथा कोशिका के भीतर और बाहर होने वाले पदार्थों के आवागमन को नियंत्रित करती है। इसी कारण इसे वर्णात्मक/चयनात्मक पारगम्य झिल्ली (Selectively Permeable Membrane) कहा जाता है।
- यह कोशिका को सुरक्षा प्रदान करती है।
- कोशिका का आकार बनाए रखने में सहायता करती है।
- आवश्यक पदार्थों को कोशिका के भीतर प्रवेश करने देती है।
- अनावश्यक एवं अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में सहायता करती है।
- कोशिका और बाहरी वातावरण के बीच संतुलन बनाए रखती है।
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| पतली एवं लचीली | कोशिका को सुरक्षा एवं आकार प्रदान करती है। |
| जीवित परत | कोशिका की विभिन्न क्रियाओं में सक्रिय भाग लेती है। |
| चयनात्मक पारगम्य | केवल आवश्यक पदार्थों का आवागमन नियंत्रित करती है। |
चयनात्मक पारगम्यता (Selective Permeability)
कोशिका झिल्ली सभी पदार्थों को समान रूप से आने-जाने की अनुमति नहीं देती। यह केवल आवश्यक पदार्थों, जैसे जल, ऑक्सीजन और पोषक तत्वों को नियंत्रित मात्रा में भीतर आने देती है तथा अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालती है। इसी गुण को चयनात्मक पारगम्यता (Selective Permeability) कहते हैं।
- केवल आवश्यक पदार्थों को प्रवेश मिलता है।
- हानिकारक पदार्थों के प्रवेश पर नियंत्रण रहता है।
- कोशिका का आंतरिक वातावरण स्थिर बना रहता है।
विसरण (Diffusion)
विसरण (Diffusion) वह प्रक्रिया है, जिसमें किसी पदार्थ के कण अधिक सांद्रता (Higher Concentration) वाले क्षेत्र से कम सांद्रता (Lower Concentration) वाले क्षेत्र की ओर स्वतः गति करते हैं। इस प्रक्रिया में किसी अतिरिक्त ऊर्जा की आवश्यकता नहीं होती।
- अधिक सांद्रता से कम सांद्रता की ओर गति होती है।
- ऊर्जा (Energy) की आवश्यकता नहीं होती।
- ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का आदान-प्रदान विसरण द्वारा होता है।
| उदाहरण | व्याख्या |
|---|---|
| इत्र (Perfume) की सुगंध | सुगंध के कण पूरे कमरे में स्वतः फैल जाते हैं। |
| श्वसन | ऑक्सीजन कोशिकाओं में तथा कार्बन डाइऑक्साइड बाहर विसरण द्वारा जाती है। |
परासरण (Osmosis)
परासरण (Osmosis) जल (Water) के अणुओं का चयनात्मक पारगम्य झिल्ली (Selectively Permeable Membrane) के माध्यम से अधिक जल सांद्रता वाले क्षेत्र से कम जल सांद्रता वाले क्षेत्र की ओर जाना है। यह जीवित कोशिकाओं में जल के संतुलन को बनाए रखने की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है.
- केवल जल के अणुओं का आवागमन होता है।
- चयनात्मक पारगम्य झिल्ली आवश्यक होती है।
- पौधों और जंतुओं दोनों की कोशिकाओं में यह प्रक्रिया होती है।
- कोशिका में जल का संतुलन बनाए रखने में सहायता करती है।
विभिन्न प्रकार के विलयन (Solutions)
| विलयन | कोशिका पर प्रभाव |
|---|---|
| समपरासारी (Isotonic Solution) | जल का आवागमन संतुलित रहता है, कोशिका के आकार में विशेष परिवर्तन नहीं होता। |
| अल्पपरासारी (Hypotonic Solution) | जल कोशिका के भीतर प्रवेश करता है, जिससे कोशिका फूल सकती है। |
| अतिपरासारी (Hypertonic Solution) | जल कोशिका से बाहर निकलता है, जिससे कोशिका सिकुड़ सकती है। |
कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm)
कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) कोशिका झिल्ली और केंद्रक (Nucleus) के बीच पाया जाने वाला जैली जैसा अर्धद्रव (Semi-fluid) पदार्थ है। इसमें विभिन्न कोशिकांग (Cell Organelles) उपस्थित रहते हैं, जो कोशिका की विभिन्न जैविक क्रियाओं को संपन्न करते हैं।
- कोशिकांगों को सहारा प्रदान करता है।
- अनेक जैव-रासायनिक क्रियाएँ यहीं होती हैं।
- कोशिका के भीतर पदार्थों के परिवहन में सहायता करता है।
- कोशिका के आंतरिक वातावरण को बनाए रखता है।
Our Concept Builder
किसी विद्यालय के मुख्य द्वार पर सुरक्षा गार्ड केवल पहचान वाले लोगों को ही प्रवेश देता है। उसी प्रकार कोशिका झिल्ली (Cell Membrane) भी यह तय करती है कि कौन-से पदार्थ कोशिका के भीतर जाएँगे और कौन-से बाहर रहेंगे। यही उसका चयनात्मक पारगम्यता (Selective Permeability) का गुण है।
Exam Booster
- कोशिका झिल्ली (Cell Membrane) चयनात्मक पारगम्य (Selectively Permeable) होती है।
- विसरण (Diffusion) में कण अधिक सांद्रता से कम सांद्रता की ओर जाते हैं।
- परासरण (Osmosis) केवल जल के अणुओं की गति है।
- समपरासारी, अल्पपरासारी और अतिपरासारी विलयनों का अंतर याद रखें।
- कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) कोशिकांगों का कार्यस्थल होता है।
कोशिका: जीवन की निर्माण इकाई
अध्याय 2. कोशिका: जीवन की निर्माण इकाई (Cell: The Building Block of Life)
सभी कोशिकाओं की मूल संरचना समान होती है, लेकिन सभी कोशिकाएँ एक जैसी नहीं होतीं। पौधों और जंतुओं की कोशिकाओं में कुछ समानताएँ होती हैं, तो कुछ महत्वपूर्ण अंतर भी पाए जाते हैं। इसके अतिरिक्त, कुछ जीवों की कोशिकाओं में स्पष्ट केंद्रक होता है, जबकि कुछ में नहीं। इस भाग में हम कोशिका भित्ति, पादप एवं जंतु कोशिका तथा प्रोकैरियोटिक एवं यूकैरियोटिक कोशिकाओं का अध्ययन करेंगे।
जंतु कोशिका एवं पादप कोशिका
कोशिका भित्ति (Cell Wall)
कोशिका भित्ति (Cell Wall) पादप कोशिकाओं की सबसे बाहरी कठोर एवं निर्जीव परत होती है। यह मुख्य रूप से सेलुलोज (Cellulose) से बनी होती है। कोशिका भित्ति पौधों को मजबूती, निश्चित आकार तथा सुरक्षा प्रदान करती है। जंतु कोशिकाओं में कोशिका भित्ति नहीं पाई जाती।
- केवल पादप कोशिकाओं में पाई जाती है।
- सेलुलोज (Cellulose) से बनी होती है।
- कोशिका को निश्चित आकार एवं मजबूती प्रदान करती है।
- कोशिका को यांत्रिक क्षति से बचाती है।
- अधिक जल प्रवेश करने पर कोशिका को फटने से बचाती है।
पादप कोशिका (Plant Cell)
पादप कोशिका (Plant Cell) में कोशिका झिल्ली के बाहर कोशिका भित्ति होती है। इसमें बड़े आकार की रिक्तिका (Vacuole) तथा हरितलवक (Chloroplast) जैसे प्लास्टिड (Plastids) पाए जाते हैं, जो प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- कोशिका भित्ति उपस्थित होती है।
- बड़ी केंद्रीय रिक्तिका (Large Central Vacuole) होती है।
- हरितलवक (Chloroplast) उपस्थित होता है।
- आकार सामान्यतः निश्चित एवं आयताकार होता है।
जंतु कोशिका (Animal Cell)
जंतु कोशिका (Animal Cell) में कोशिका भित्ति नहीं होती। इसके बाहर केवल कोशिका झिल्ली होती है। इसमें हरितलवक नहीं पाए जाते तथा रिक्तिकाएँ छोटी एवं अस्थायी हो सकती हैं। जंतु कोशिकाओं का आकार सामान्यतः अनियमित होता है।
- कोशिका भित्ति अनुपस्थित होती है।
- हरितलवक (Chloroplast) नहीं पाए जाते।
- रिक्तिकाएँ छोटी होती हैं।
- आकार निश्चित नहीं होता।
| पादप कोशिका (Plant Cell) | जंतु कोशिका (Animal Cell) |
|---|---|
| कोशिका भित्ति उपस्थित होती है। | कोशिका भित्ति अनुपस्थित होती है। |
| हरितलवक उपस्थित होते हैं। | हरितलवक नहीं होते। |
| रिक्तिका बड़ी एवं स्थायी होती है। | रिक्तिका छोटी एवं अस्थायी होती है। |
| आकार सामान्यतः निश्चित होता है। | आकार सामान्यतः अनियमित होता है। |
प्रोकैरियोटिक एवं यूकैरियोटिक कोशिकाएँ
कोशिकाओं को उनकी आंतरिक संरचना के आधार पर दो प्रमुख वर्गों में बाँटा जाता है—प्रोकैरियोटिक कोशिकाएँ (Prokaryotic Cells) तथा यूकैरियोटिक कोशिकाएँ (Eukaryotic Cells)। इन दोनों में सबसे बड़ा अंतर स्पष्ट केंद्रक (True Nucleus) और झिल्ली-बद्ध कोशिकांगों (Membrane-bound Organelles) की उपस्थिति का होता है।
प्रोकैरियोटिक कोशिका (Prokaryotic Cell)
- इनमें स्पष्ट केंद्रक (True Nucleus) नहीं होता।
- झिल्ली-बद्ध कोशिकांग (Membrane-bound Organelles) अनुपस्थित होते हैं।
- संरचना सरल होती है।
- उदाहरण – जीवाणु (Bacteria)।
यूकैरियोटिक कोशिका (Eukaryotic Cell)
- स्पष्ट केंद्रक (True Nucleus) उपस्थित होता है।
- झिल्ली-बद्ध कोशिकांग पाए जाते हैं।
- संरचना अधिक विकसित एवं जटिल होती है।
- उदाहरण – पादप, जंतु, कवक (Fungi) तथा प्रोटिस्ट (Protists)।
| प्रोकैरियोटिक कोशिका | यूकैरियोटिक कोशिका |
|---|---|
| स्पष्ट केंद्रक नहीं होता। | स्पष्ट केंद्रक उपस्थित होता है। |
| झिल्ली-बद्ध कोशिकांग नहीं होते। | झिल्ली-बद्ध कोशिकांग उपस्थित होते हैं। |
| संरचना सरल होती है। | संरचना जटिल होती है। |
| उदाहरण – जीवाणु। | उदाहरण – पादप एवं जंतु। |
Our Concept Builder
यदि किसी घर की तुलना कोशिका से करें, तो कोशिका झिल्ली (Cell Membrane) घर की सीमा (Boundary) के समान है, जबकि कोशिका भित्ति (Cell Wall) उस घर की मजबूत बाहरी दीवार की तरह कार्य करती है। हर घर में मजबूत बाहरी दीवार नहीं होती, ठीक उसी प्रकार जंतु कोशिकाओं में कोशिका भित्ति नहीं पाई जाती, जबकि पादप कोशिकाओं में यह आवश्यक रूप से उपस्थित रहती है।
Exam Booster
- कोशिका भित्ति (Cell Wall) केवल पादप कोशिकाओं में पाई जाती है।
- सेलुलोज (Cellulose) कोशिका भित्ति का प्रमुख घटक है।
- हरितलवक (Chloroplast) केवल पादप कोशिकाओं में पाए जाते हैं।
- प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में स्पष्ट केंद्रक नहीं होता।
- यूकैरियोटिक कोशिकाओं में स्पष्ट केंद्रक एवं झिल्ली-बद्ध कोशिकांग उपस्थित होते हैं।
- पादप एवं जंतु कोशिका में अंतर परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कोशिका: जीवन की निर्माण इकाई
अध्याय 2. कोशिका: जीवन की निर्माण इकाई (Cell: The Building Block of Life)
किसी भी कोशिका के भीतर अनेक सूक्ष्म संरचनाएँ उपस्थित होती हैं, जिन्हें कोशिकांग (Cell Organelles) कहा जाता है। प्रत्येक कोशिकांग का अपना विशेष कार्य होता है। कुछ कोशिकांग कोशिका का नियंत्रण करते हैं, कुछ ऊर्जा उत्पन्न करते हैं, कुछ प्रोटीन का निर्माण करते हैं, जबकि कुछ पदार्थों के परिवहन और संग्रहण का कार्य करते हैं। इस भाग में हम केंद्रक तथा प्रमुख कोशिकांगों की संरचना और कार्यों का अध्ययन करेंगे।
केंद्रक एवं कोशिकांगों के कार्य
केंद्रक (Nucleus)
केंद्रक (Nucleus) कोशिका का सबसे महत्वपूर्ण कोशिकांग है। इसे कोशिका का नियंत्रण केंद्र (Control Centre of the Cell) कहा जाता है क्योंकि यह कोशिका की सभी जैविक क्रियाओं का नियंत्रण करता है। केंद्रक में आनुवंशिक पदार्थ (Genetic Material) उपस्थित होता है, जो माता-पिता से संतानों में गुणों के स्थानांतरण के लिए उत्तरदायी होता है।
- कोशिका की सभी गतिविधियों का नियंत्रण करता है।
- आनुवंशिक जानकारी (Genetic Information) को सुरक्षित रखता है।
- कोशिका विभाजन (Cell Division) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- नई कोशिकाओं में आनुवंशिक गुणों का स्थानांतरण करता है।
केंद्रक के प्रमुख भाग
- केंद्रकीय झिल्ली (Nuclear Membrane) – केंद्रक को कोशिकाद्रव्य से अलग करती है।
- केंद्रकीय द्रव्य (Nucleoplasm) – केंद्रक के भीतर पाया जाने वाला द्रव पदार्थ।
- न्यूक्लियोलस (Nucleolus) – राइबोसोम (Ribosome) के निर्माण में सहायता करता है।
- गुणसूत्र (Chromosomes) – DNA एवं जीन (Genes) को धारण करते हैं।
गुणसूत्र (Chromosomes), DNA एवं जीन (Gene)
गुणसूत्र (Chromosomes) केंद्रक के भीतर पाए जाने वाले धागेनुमा संरचनाएँ हैं। इनमें डीएनए (DNA – Deoxyribonucleic Acid) उपस्थित होता है। DNA के छोटे-छोटे भागों को जीन (Gene) कहते हैं। जीन ही जीवों के वंशानुगत (Hereditary) गुणों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुँचाते हैं।
| संरचना | मुख्य कार्य |
|---|---|
| गुणसूत्र (Chromosome) | DNA को धारण करना तथा आनुवंशिक गुणों का वहन करना। |
| DNA | आनुवंशिक जानकारी को संग्रहित करना। |
| जीन (Gene) | विशिष्ट वंशानुगत लक्षणों को नियंत्रित करना। |
कोशिकांग (Cell Organelles)
कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) में उपस्थित विशेष संरचनाओं को कोशिकांग (Cell Organelles) कहते हैं। प्रत्येक कोशिकांग का अपना विशिष्ट कार्य होता है, जिससे कोशिका सुचारु रूप से कार्य कर पाती है।
| कोशिकांग | मुख्य कार्य |
|---|---|
| राइबोसोम (Ribosome) | प्रोटीन (Protein) का निर्माण। |
| एंडोप्लाज़्मिक जालिका (Endoplasmic Reticulum) | पदार्थों का परिवहन तथा प्रोटीन एवं वसा का निर्माण। |
| गोल्जी उपकरण (Golgi Apparatus) | पदार्थों का संशोधन, पैकेजिंग एवं स्रावण। |
| लाइसोसोम (Lysosome) | अपशिष्ट पदार्थों एवं क्षतिग्रस्त कोशिकांगों का पाचन। |
| माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) | ऊर्जा (ATP) का उत्पादन; इसे कोशिका का शक्तिगृह (Powerhouse of the Cell) कहा जाता है। |
| प्लास्टिड (Plastid) | पादप कोशिकाओं में भोजन निर्माण एवं रंग प्रदान करना। |
| हरितलवक (Chloroplast) | प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) द्वारा भोजन का निर्माण। |
| रिक्तिका (Vacuole) | जल, भोजन एवं अपशिष्ट पदार्थों का संग्रहण। |
माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria)
माइटोकॉन्ड्रिया कोशिका में भोजन के ऑक्सीकरण द्वारा ऊर्जा (ATP) का निर्माण करता है। इसी कारण इसे कोशिका का शक्तिगृह (Powerhouse of the Cell) कहा जाता है। शरीर की अधिक सक्रिय कोशिकाओं में माइटोकॉन्ड्रिया की संख्या अधिक होती है।
हरितलवक (Chloroplast)
हरितलवक केवल पादप कोशिकाओं में पाया जाने वाला प्लास्टिड (Plastid) है। इसमें उपस्थित हरित वर्णक क्लोरोफिल (Chlorophyll) सूर्य के प्रकाश की सहायता से प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) द्वारा भोजन का निर्माण करता है।
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किसी विद्यालय में प्रधानाचार्य पूरे विद्यालय का संचालन करते हैं, शिक्षक अलग-अलग विषय पढ़ाते हैं, कार्यालय अभिलेखों का प्रबंधन करता है और चौकीदार सुरक्षा का ध्यान रखता है। ठीक इसी प्रकार कोशिका में भी प्रत्येक कोशिकांग का अपना निश्चित कार्य होता है। सभी कोशिकांग मिलकर कोशिका को जीवित और सक्रिय बनाए रखते हैं।
Exam Booster
- केंद्रक (Nucleus) कोशिका का नियंत्रण केंद्र है।
- गुणसूत्र (Chromosomes) में DNA एवं जीन (Gene) पाए जाते हैं।
- राइबोसोम (Ribosome) प्रोटीन निर्माण का स्थान है।
- माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) कोशिका का शक्तिगृह (Powerhouse of the Cell) कहलाता है।
- गोल्जी उपकरण (Golgi Apparatus) पदार्थों की पैकेजिंग एवं स्रावण करता है।
- लाइसोसोम (Lysosome) को कोशिका का "सफाई कर्मचारी" (Suicidal Bag) भी कहा जाता है।
- हरितलवक (Chloroplast) केवल पादप कोशिकाओं में पाया जाता है।
- रिक्तिका (Vacuole) संग्रहण का कार्य करती है।
कोशिका: जीवन की निर्माण इकाई
अध्याय 2. कोशिका: जीवन की निर्माण इकाई (Cell: The Building Block of Life)
जीवों की वृद्धि, विकास, ऊतकों की मरम्मत तथा जनन जैसी महत्वपूर्ण जैविक प्रक्रियाएँ नई कोशिकाओं के निर्माण पर निर्भर करती हैं। नई कोशिकाएँ कोशिका विभाजन (Cell Division) द्वारा बनती हैं। कोशिका विभाजन एक नियंत्रित प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से एक कोशिका विभाजित होकर नई कोशिकाओं का निर्माण करती है। इस भाग में हम कोशिका विभाजन के प्रकार तथा उनके महत्व का अध्ययन करेंगे।
कोशिका विभाजन एवं उसका महत्व
कोशिका विभाजन (Cell Division)
कोशिका विभाजन (Cell Division) वह जैविक प्रक्रिया है, जिसमें एक जनक कोशिका (Parent Cell) विभाजित होकर नई पुत्री कोशिकाओं (Daughter Cells) का निर्माण करती है। यह प्रक्रिया जीवों की वृद्धि, क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत तथा जनन के लिए आवश्यक होती है।
- नई कोशिकाओं का निर्माण करती है।
- शरीर की वृद्धि में सहायता करती है।
- क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत करती है।
- अनेक जीवों में जनन का माध्यम होती है।
- वंशानुगत गुणों को अगली पीढ़ी तक पहुँचाने में सहायता करती है।
कोशिका विभाजन का महत्व
| कार्य | महत्व |
|---|---|
| वृद्धि (Growth) | नई कोशिकाओं के निर्माण से जीव का आकार बढ़ता है। |
| मरम्मत (Repair) | क्षतिग्रस्त या मृत कोशिकाओं का स्थान नई कोशिकाएँ लेती हैं। |
| जनन (Reproduction) | नए जीवों के निर्माण में सहायता मिलती है। |
| वंशानुगति (Heredity) | आनुवंशिक गुण अगली पीढ़ी तक पहुँचते हैं। |
समसूत्री विभाजन (Mitosis)
समसूत्री विभाजन (Mitosis) वह कोशिका विभाजन है, जिसमें एक जनक कोशिका से दो समान पुत्री कोशिकाएँ बनती हैं। इन दोनों कोशिकाओं में गुणसूत्रों (Chromosomes) की संख्या जनक कोशिका के समान रहती है। यह विभाजन शरीर की वृद्धि तथा ऊतकों की मरम्मत के लिए आवश्यक होता है।
- दो समान पुत्री कोशिकाएँ बनती हैं।
- गुणसूत्रों की संख्या समान रहती है।
- वृद्धि एवं ऊतकों की मरम्मत में सहायक होता है।
- अधिकांश शरीर कोशिकाओं (Body Cells) में होता है।
अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis)
अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) वह कोशिका विभाजन है, जिसमें जनन कोशिकाओं (Sex Cells) का निर्माण होता है। इस विभाजन में गुणसूत्रों की संख्या आधी हो जाती है, जिससे निषेचन (Fertilization) के बाद संतानों में गुणसूत्रों की सामान्य संख्या बनी रहती है।
- जनन कोशिकाओं का निर्माण करता है।
- गुणसूत्रों की संख्या आधी हो जाती है।
- वंशानुगत विविधता (Genetic Variation) उत्पन्न करने में सहायक होता है।
- केवल जनन अंगों (Reproductive Organs) में होता है।
| समसूत्री विभाजन (Mitosis) | अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) |
|---|---|
| दो पुत्री कोशिकाएँ बनती हैं। | चार पुत्री कोशिकाएँ बनती हैं। |
| गुणसूत्रों की संख्या समान रहती है। | गुणसूत्रों की संख्या आधी हो जाती है। |
| वृद्धि एवं मरम्मत के लिए होता है। | जनन कोशिकाओं के निर्माण के लिए होता है। |
| शरीर कोशिकाओं में होता है। | जनन कोशिकाओं में होता है। |
कोशिका विभाजन का दैनिक जीवन में महत्व
- बच्चों की लंबाई और वजन बढ़ने का कारण नई कोशिकाओं का निर्माण है।
- घाव भरने पर नई कोशिकाएँ क्षतिग्रस्त ऊतकों का स्थान लेती हैं।
- पौधों की नई शाखाएँ, पत्तियाँ और जड़ें कोशिका विभाजन के कारण विकसित होती हैं।
- जनन के माध्यम से जीवों की नई पीढ़ी का निर्माण होता है।
Our Concept Builder
यदि किसी भवन की पुरानी ईंटें टूट जाएँ, तो उनकी जगह नई ईंटें लगाई जाती हैं। इसी प्रकार हमारे शरीर में पुरानी या क्षतिग्रस्त कोशिकाओं के स्थान पर नई कोशिकाएँ बनती रहती हैं। यह कार्य कोशिका विभाजन (Cell Division) द्वारा होता है, जिससे शरीर स्वस्थ एवं सक्रिय बना रहता है।
Exam Booster
- कोशिका विभाजन (Cell Division) वृद्धि, मरम्मत एवं जनन के लिए आवश्यक है।
- समसूत्री विभाजन (Mitosis) में दो समान पुत्री कोशिकाएँ बनती हैं।
- अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) में गुणसूत्रों की संख्या आधी हो जाती है।
- Mitosis शरीर कोशिकाओं में तथा Meiosis जनन कोशिकाओं में होता है।
- Mitosis और Meiosis में अंतर परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- कोशिका विभाजन वंशानुगत गुणों के स्थानांतरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कोशिका: जीवन की निर्माण इकाई
अध्याय 2. कोशिका: जीवन की निर्माण इकाई (Cell: The Building Block of Life)
इस अध्याय के अभ्यास प्रश्न विद्यार्थियों की अवधारणात्मक समझ, वैज्ञानिक सोच तथा परीक्षा की तैयारी को मजबूत करने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं। सभी प्रश्न अध्याय में वर्णित प्रमुख अवधारणाओं पर आधारित हैं तथा नवीनतम CBSE परीक्षा पद्धति के अनुरूप हैं।
Assignments
रिक्त स्थान भरिए
- जीवन की सबसे छोटी संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई __________ कहलाती है।
- सबसे पहले कोशिका का अवलोकन __________ ने किया था।
- सभी जीवित प्राणी एक या अनेक __________ से मिलकर बने होते हैं।
- समान कार्य करने वाली कोशिकाओं का समूह __________ कहलाता है।
- कोशिका की बाहरी जीवित परत __________ कहलाती है।
- पादप कोशिका की कठोर बाहरी परत __________ कहलाती है।
- जल के अणुओं की चयनात्मक पारगम्य झिल्ली से होने वाली गति को __________ कहते हैं।
- कोशिका का नियंत्रण केंद्र __________ कहलाता है।
- माइटोकॉन्ड्रिया को कोशिका का __________ कहा जाता है।
- नई कोशिकाओं के निर्माण की प्रक्रिया को __________ कहते हैं।
सत्य / असत्य लिखिए
- सभी जीव केवल एक ही कोशिका से बने होते हैं।
- रॉबर्ट हुक (Robert Hooke) ने सबसे पहले कोशिका का अवलोकन किया था।
- जंतु कोशिकाओं में कोशिका भित्ति (Cell Wall) पाई जाती है।
- कोशिका झिल्ली (Cell Membrane) चयनात्मक पारगम्य होती है।
- विसरण (Diffusion) में ऊर्जा की आवश्यकता नहीं होती।
- हरितलवक (Chloroplast) केवल पादप कोशिकाओं में पाया जाता है।
- प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में स्पष्ट केंद्रक उपस्थित होता है।
- माइटोकॉन्ड्रिया ऊर्जा उत्पादन का कार्य करता है।
- समसूत्री विभाजन (Mitosis) शरीर की वृद्धि में सहायक होता है।
- अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) में गुणसूत्रों की संख्या आधी हो जाती है।
एक शब्द या एक वाक्य में उत्तर दीजिए
- कोशिका (Cell) क्या है?
- कोशिका सिद्धांत (Cell Theory) किससे संबंधित है?
- एककोशिकीय जीव (Unicellular Organism) का एक उदाहरण लिखिए।
- कोशिका झिल्ली (Cell Membrane) का एक प्रमुख कार्य लिखिए।
- परासरण (Osmosis) क्या है?
- कोशिका भित्ति (Cell Wall) किस पदार्थ की बनी होती है?
- केंद्रक (Nucleus) का मुख्य कार्य क्या है?
- DNA का पूरा नाम लिखिए।
- माइटोकॉन्ड्रिया को क्या कहा जाता है?
- समसूत्री विभाजन (Mitosis) किस कार्य के लिए आवश्यक है?
अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)
- कोशिका को जीवन की मूल इकाई क्यों कहा जाता है?
- कोशिका सिद्धांत (Cell Theory) के कोई दो मुख्य बिंदु लिखिए।
- आवर्धन (Magnification) एवं विभेदन क्षमता (Resolution) में अंतर लिखिए।
- विसरण (Diffusion) और परासरण (Osmosis) में एक अंतर लिखिए।
- पादप कोशिका एवं जंतु कोशिका में दो अंतर लिखिए।
- प्रोकैरियोटिक तथा यूकैरियोटिक कोशिकाओं में एक अंतर लिखिए।
लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक)
- रॉबर्ट हुक (Robert Hooke) द्वारा कोशिका की खोज का वर्णन कीजिए।
- सूक्ष्मदर्शी (Microscope) कोशिकाओं के अध्ययन में क्यों महत्वपूर्ण है?
- कोशिका झिल्ली (Cell Membrane) के कार्यों का वर्णन कीजिए।
- केंद्रक (Nucleus) तथा गुणसूत्र (Chromosome) का महत्व स्पष्ट कीजिए।
- माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) और हरितलवक (Chloroplast) के कार्य लिखिए।
- समसूत्री विभाजन (Mitosis) एवं अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) में अंतर लिखिए।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 अंक)
- कोशिका सिद्धांत (Cell Theory) क्या है? कोशिका की खोज से लेकर इसके विकास का वर्णन कीजिए।
- पादप कोशिका एवं जंतु कोशिका की तुलना करते हुए उनके प्रमुख अंतर स्पष्ट कीजिए।
- कोशिका झिल्ली (Cell Membrane), कोशिका भित्ति (Cell Wall) तथा कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) की संरचना एवं कार्यों का वर्णन कीजिए।
- केंद्रक (Nucleus) तथा प्रमुख कोशिकांगों (Cell Organelles) के कार्यों का विस्तार से वर्णन कीजिए।
- कोशिका विभाजन (Cell Division) क्या है? समसूत्री विभाजन (Mitosis) एवं अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) की तुलना कीजिए।
Competency Based Questions
प्रश्न 1. एक छात्र ने प्याज की कोशिका और अपने गाल की कोशिका का सूक्ष्मदर्शी (Microscope) से अवलोकन किया। उसने पाया कि प्याज की कोशिका का आकार निश्चित था, जबकि गाल की कोशिका का आकार अनियमित था।
उत्तर दीजिए—
- दोनों कोशिकाओं में यह अंतर क्यों दिखाई देता है?
- किस कोशिका में कोशिका भित्ति (Cell Wall) पाई जाती है?
- दोनों कोशिकाओं में एक समानता लिखिए।
प्रश्न 2. एक वैज्ञानिक ने दो कोशिकाओं का अध्ययन किया। पहली कोशिका में स्पष्ट केंद्रक था, जबकि दूसरी में केंद्रक झिल्ली नहीं थी।
उत्तर दीजिए—
- दोनों कोशिकाओं के प्रकार बताइए।
- इनमें से कौन-सी कोशिका अधिक विकसित मानी जाती है और क्यों?
HOTS (Higher Order Thinking Skills)
- यदि किसी पादप कोशिका से कोशिका भित्ति (Cell Wall) हटा दी जाए, तो उसके जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा? तर्क सहित उत्तर दीजिए।
- यदि कोशिका झिल्ली (Cell Membrane) चयनात्मक पारगम्य न हो, तो कोशिका की कार्यप्रणाली पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
- यदि शरीर में कोशिका विभाजन (Cell Division) पूरी तरह रुक जाए, तो मानव शरीर पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
गतिविधि आधारित प्रश्न (Activity Based Questions)
- अपने विद्यालय की प्रयोगशाला में उपलब्ध सूक्ष्मदर्शी की सहायता से प्याज की कोशिका का अस्थायी स्लाइड तैयार कीजिए और उसका चित्र बनाकर प्रमुख भागों के नाम लिखिए।
- अपने आसपास पाए जाने वाले किसी एक एककोशिकीय (Unicellular) तथा एक बहुकोशिकीय (Multicellular) जीव की जानकारी एकत्र कीजिए और दोनों की तुलना कीजिए।
- पादप कोशिका एवं जंतु कोशिका का एक सुंदर एवं नामांकित (Labelled) चित्र बनाइए तथा दोनों में पाँच अंतर लिखिए।
Case Study Based Questions
रीना ने प्रयोगशाला में प्याज की कोशिका का स्लाइड तैयार किया। उसने देखा कि कोशिका के बाहर एक कठोर परत थी और भीतर एक बड़ा रिक्त स्थान दिखाई दे रहा था। दूसरी ओर, उसके मित्र राहुल ने अपने गाल की कोशिका का स्लाइड देखा, जिसमें बाहरी कठोर परत नहीं थी और रिक्तिका भी छोटी थी।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए—
- रीना ने किस प्रकार की कोशिका का अध्ययन किया?
- राहुल द्वारा देखी गई कोशिका किस प्रकार की थी?
- रीना की कोशिका में दिखाई देने वाली कठोर परत का नाम लिखिए।
- पादप एवं जंतु कोशिकाओं में दो प्रमुख अंतर लिखिए।
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