क्रियाशील ऊतक - Class 9 Science Exploration Hindi CBSE Notes

CBSE Notes for Class 9 are one of the most useful study resources for students who want to understand every chapter clearly and perform well in school examinations. At ATP Education, we provide carefully prepared chapter-wise CBSE Notes for Class 9 based on the latest CBSE syllabus and NCERT curriculum. These notes are designed to simplify learning, improve conceptual understanding, and help students revise important topics quickly before examinations.

CBSE Notes for Class 9 – Chapter-wise Revision Notes

Every chapter is explained in a simple and student-friendly manner so that learners can understand difficult concepts without confusion. Whether you are preparing for class tests, periodic assessments, half-yearly examinations, annual examinations, or board-oriented assessments, our Class 9 CBSE Notes help you revise the complete syllabus in less time while covering all the important concepts.

क्रियाशील ऊतक - Class 9 Science Exploration Hindi CBSE Notes

क्रियाशील ऊतक

Class 9 Science Exploration Hindi Updated : 04 August 2026

अध्याय 3. क्रियाशील ऊतक (Tissues in Action)

ऊतक (Tissue) जीवित शरीर की संरचना और कार्य का महत्वपूर्ण आधार हैं। इस अध्याय में पौधों एवं जंतुओं के विभिन्न ऊतकों, उनकी संरचना, कार्य तथा शरीर में उनके महत्व का अध्ययन किया गया है। यह अध्याय बताता है कि समान कार्य करने वाली कोशिकाएँ मिलकर ऊतक बनाती हैं, विभिन्न ऊतक मिलकर अंग (Organ) बनाते हैं और अंग मिलकर अंग तंत्र (Organ System) का निर्माण करते हैं। 

अध्याय समीक्षा (Chapter Review)

परिचय

  • बहुकोशिकीय जीवों में समान कार्य करने वाली कोशिकाएँ मिलकर ऊतक (Tissue) बनाती हैं।
  • ऊतकों के कारण कार्यों का विभाजन (Division of Labour) होता है, जिससे शरीर अधिक दक्षता से कार्य करता है।
  • पौधों एवं जंतुओं में ऊतकों की संरचना और कार्य उनकी आवश्यकताओं के अनुसार भिन्न होते हैं।

महत्वपूर्ण परिभाषाएँ (Definitions)

  • ऊतक (Tissue) – समान संरचना एवं समान कार्य करने वाली कोशिकाओं का समूह।
  • विभज्योतक ऊतक (Meristematic Tissue) – निरंतर विभाजित होने वाली कोशिकाओं से बना ऊतक, जो पौधों की वृद्धि कराता है।
  • स्थायी ऊतक (Permanent Tissue) – ऐसे ऊतक जिनकी कोशिकाएँ विभाजन करना छोड़कर विशेष कार्य करने लगती हैं।
  • एपिथीलियल ऊतक (Epithelial Tissue) – शरीर की बाहरी सतह तथा आंतरिक अंगों की परत बनाने वाला ऊतक।
  • संयोजी ऊतक (Connective Tissue) – शरीर के विभिन्न भागों को जोड़ने, सहारा देने एवं सुरक्षा प्रदान करने वाला ऊतक।
  • मांसपेशीय ऊतक (Muscular Tissue) – शरीर की गति एवं विभिन्न अंगों की गतिविधियों के लिए उत्तरदायी ऊतक।
  • तंत्रिका ऊतक (Nervous Tissue) – संदेशों का संचार तथा शरीर का नियंत्रण एवं समन्वय करने वाला ऊतक।

महत्वपूर्ण शब्द (Important Terms)

  • ऊतक (Tissue)
  • विभज्योतक ऊतक (Meristematic Tissue)
  • शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical Meristem)
  • पार्श्व विभज्योतक (Lateral Meristem)
  • अंतरवर्ती विभज्योतक (Intercalary Meristem)
  • स्थायी ऊतक (Permanent Tissue)
  • एपिडर्मिस (Epidermis)
  • पैरेंकाइमा (Parenchyma)
  • कोलेनकाइमा (Collenchyma)
  • स्क्लेरेंकाइमा (Sclerenchyma)
  • जाइलम (Xylem)
  • फ्लोएम (Phloem)
  • एपिथीलियल ऊतक (Epithelial Tissue)
  • संयोजी ऊतक (Connective Tissue)
  • मांसपेशीय ऊतक (Muscular Tissue)
  • तंत्रिका ऊतक (Nervous Tissue)
  • न्यूरॉन (Neuron)
  • कंकाल-पेशीय तंत्र (Musculoskeletal System)

महत्वपूर्ण अवधारणाएँ (Important Concepts)

  • ऊतक कार्यों का विभाजन कर जीवों की कार्यक्षमता बढ़ाते हैं।
  • पौधों में वृद्धि विभज्योतक ऊतकों द्वारा होती है।
  • विभेदन (Differentiation) के बाद विभज्योतक ऊतक स्थायी ऊतकों में बदल जाते हैं।
  • पौधों में सरल एवं जटिल स्थायी ऊतक पाए जाते हैं।
  • जाइलम जल एवं खनिजों का परिवहन करता है, जबकि फ्लोएम भोजन का परिवहन करता है।
  • जंतुओं में चार प्रमुख प्रकार के ऊतक पाए जाते हैं।
  • विभिन्न प्रकार की मांसपेशियाँ शरीर में स्वैच्छिक एवं अनैच्छिक गतियाँ कराती हैं।
  • तंत्रिका ऊतक शरीर में संदेशों का तीव्र संचार करता है तथा नियंत्रण एवं समन्वय बनाए रखता है।

त्वरित पुनरावृत्ति (Point-wise Revision)

  • कोशिकाएँ → ऊतक → अंग → अंग तंत्र → जीव
  • पौधों में तीन प्रकार के विभज्योतक ऊतक होते हैं।
  • स्थायी ऊतक सरल एवं जटिल दोनों प्रकार के होते हैं।
  • एपिडर्मिस पौधों की सुरक्षा करता है।
  • जाइलम जल एवं खनिजों का परिवहन करता है।
  • फ्लोएम भोजन का परिवहन करता है।
  • एपिथीलियल ऊतक सुरक्षा, अवशोषण एवं स्राव का कार्य करता है।
  • संयोजी ऊतक शरीर को जोड़ने एवं सहारा देने का कार्य करता है।
  • मांसपेशीय ऊतक शरीर की गति के लिए उत्तरदायी है।
  • तंत्रिका ऊतक संदेशों का आदान-प्रदान करता है।
  • न्यूरॉन तंत्रिका तंत्र की मूल संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है।
  • मांसपेशियाँ, अस्थियाँ, कण्डरा (Tendon) और स्नायुबंधन (Ligament) मिलकर कंकाल-पेशीय तंत्र बनाते हैं।

मुख्य तथ्य (Key Facts)

  • ऊतक समान कार्य करने वाली कोशिकाओं का समूह होता है।
  • शीर्षस्थ विभज्योतक पौधे की लंबाई बढ़ाता है।
  • पार्श्व विभज्योतक तने की मोटाई बढ़ाता है।
  • अंतरवर्ती विभज्योतक कटने के बाद पुनः वृद्धि में सहायता करता है।
  • पैरेंकाइमा भोजन का भंडारण करता है।
  • कोलेनकाइमा पौधे को लचीलापन प्रदान करता है।
  • स्क्लेरेंकाइमा मजबूती एवं कठोरता प्रदान करता है।
  • जाइलम एवं फ्लोएम जटिल स्थायी ऊतक हैं।
  • एपिथीलियल, संयोजी, मांसपेशीय एवं तंत्रिका—जंतुओं के चार प्रमुख ऊतक हैं।
  • मस्तिष्क एवं तंत्रिका तंत्र पूरे शरीर के नियंत्रण एवं समन्वय के लिए उत्तरदायी हैं।

क्रियाशील ऊतक

Class 9 Science Exploration Hindi Updated : 04 August 2026

अध्याय 3. क्रियाशील ऊतक (Tissues in Action)

बहुकोशिकीय (Multicellular) जीवों में सभी कोशिकाएँ एक जैसा कार्य नहीं करतीं। समान संरचना और समान कार्य करने वाली कोशिकाएँ मिलकर ऊतक (Tissue) बनाती हैं। ऊतकों के कारण कार्यों का विभाजन (Division of Labour) संभव होता है, जिससे जीवों का शरीर अधिक कुशलता से कार्य करता है। इस भाग में हम ऊतक की अवधारणा, पौधों एवं जंतुओं में ऊतकों के अंतर तथा पौधों में वृद्धि करने वाले ऊतकों का अध्ययन करेंगे। 

पौधों एवं जंतुओं में ऊतक का परिचय

ऊतक (Tissue) क्या है?

ऊतक (Tissue) समान संरचना (Structure) एवं समान कार्य (Function) करने वाली कोशिकाओं का समूह है। बहुकोशिकीय जीवों में विभिन्न ऊतक मिलकर अंग (Organ) बनाते हैं, अनेक अंग मिलकर अंग तंत्र (Organ System) तथा सभी अंग तंत्र मिलकर एक पूर्ण जीव का निर्माण करते हैं।

  • ऊतक समान प्रकार की कोशिकाओं से मिलकर बनते हैं।
  • प्रत्येक ऊतक का एक निश्चित कार्य होता है।
  • ऊतक कार्यों का विभाजन (Division of Labour) सुनिश्चित करते हैं।
  • ऊतकों के कारण शरीर की कार्यक्षमता बढ़ती है।

कार्यों का विभाजन (Division of Labour)

बहुकोशिकीय जीवों में प्रत्येक ऊतक केवल अपना विशेष कार्य करता है। उदाहरण के लिए, मांसपेशीय ऊतक (Muscular Tissue) शरीर को गति प्रदान करता है, जबकि तंत्रिका ऊतक (Nervous Tissue) संदेशों का संचार करता है। पौधों में जाइलम (Xylem) जल एवं खनिजों का परिवहन करता है, जबकि फ्लोएम (Phloem) भोजन का परिवहन करता है। इसी व्यवस्था को कार्यों का विभाजन कहते हैं। 

ऊतक मुख्य कार्य
मांसपेशीय ऊतक (Muscular Tissue) शरीर को गति प्रदान करना।
तंत्रिका ऊतक (Nervous Tissue) संदेशों का संचार एवं नियंत्रण।
जाइलम (Xylem) जल एवं खनिजों का परिवहन।
फ्लोएम (Phloem) भोजन का परिवहन।

पौधों एवं जंतुओं के ऊतकों में अंतर क्यों होता है?

पौधों और जंतुओं की जीवन शैली (Lifestyle) अलग-अलग होती है, इसलिए उनके ऊतकों की संरचना और कार्य भी भिन्न होते हैं। अधिकांश पौधे एक स्थान पर स्थिर रहते हैं, इसलिए उन्हें मजबूती और सहारे की आवश्यकता होती है। इसके विपरीत, अधिकांश जंतु एक स्थान से दूसरे स्थान तक गति करते हैं, इसलिए उनके ऊतक गति, नियंत्रण तथा समन्वय के लिए विशेष रूप से विकसित होते हैं। 

पादप ऊतक (Plant Tissues) जंतु ऊतक (Animal Tissues)
पौधों को सहारा एवं मजबूती प्रदान करते हैं। शरीर की गति एवं समन्वय में सहायता करते हैं।
भोजन निर्माण एवं परिवहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भोजन के पाचन, गति एवं नियंत्रण में सहायता करते हैं।
कोशिका भित्ति (Cell Wall) के कारण अधिक कठोर होते हैं। कोशिका भित्ति के अभाव में अधिक लचीले होते हैं।

पौधों में वृद्धि करने वाले ऊतक (Meristematic Tissues)

पौधों की वृद्धि विशेष प्रकार के ऊतकों द्वारा होती है, जिन्हें विभज्योतक ऊतक (Meristematic Tissue) कहा जाता है। इन ऊतकों की कोशिकाएँ लगातार विभाजित होती रहती हैं और नई कोशिकाओं का निर्माण करती हैं। यही नई कोशिकाएँ आगे चलकर विभिन्न स्थायी ऊतकों का निर्माण करती हैं। 

  • इनकी कोशिकाएँ निरंतर विभाजित होती रहती हैं।
  • पौधे की लंबाई और मोटाई बढ़ाने में सहायता करती हैं।
  • नई कोशिकाओं एवं नए ऊतकों का निर्माण करती हैं।
  • पौधों की वृद्धि का आधार होती हैं।

विभज्योतक ऊतकों के प्रमुख प्रकार

प्रकार स्थान मुख्य कार्य
शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical Meristem) जड़ एवं तने के शीर्ष पर पौधे की लंबाई बढ़ाना।
अंतरवर्ती विभज्योतक (Intercalary Meristem) पत्तियों अथवा पर्वसंधियों (Nodes) के पास कटने के बाद पुनः वृद्धि में सहायता करना।
पार्श्व विभज्योतक (Lateral Meristem) तने एवं जड़ों के किनारों पर तने एवं जड़ों की मोटाई बढ़ाना।

Our Concept Builder

किसी विद्यालय में अलग-अलग शिक्षक अलग-अलग विषय पढ़ाते हैं। यदि एक ही शिक्षक सभी विषय पढ़ाने लगे, तो कार्य कठिन हो जाएगा। इसी प्रकार बहुकोशिकीय जीवों में भी अलग-अलग ऊतक अलग-अलग कार्य करते हैं। इसे ही कार्यों का विभाजन (Division of Labour) कहते हैं, जिससे शरीर अधिक कुशलता से कार्य करता है।

Exam Booster

  • ऊतक (Tissue) समान संरचना एवं समान कार्य करने वाली कोशिकाओं का समूह है।
  • ऊतकों के कारण कार्यों का विभाजन (Division of Labour) होता है।
  • पौधों एवं जंतुओं के ऊतकों में उनकी जीवन शैली के कारण अंतर होता है।
  • विभज्योतक ऊतक (Meristematic Tissue) पौधों की वृद्धि के लिए उत्तरदायी होते हैं।
  • शीर्षस्थ, अंतरवर्ती एवं पार्श्व विभज्योतक परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

क्रियाशील ऊतक

Class 9 Science Exploration Hindi Updated : 04 August 2026

अध्याय 3. क्रियाशील उत्तक (Tissues in Action)

पौधों की वृद्धि जीवनभर समान रूप से नहीं होती। नई कोशिकाओं का निर्माण केवल कुछ विशेष भागों में होता है, जहाँ सक्रिय रूप से विभाजित होने वाली कोशिकाएँ उपस्थित रहती हैं। इन कोशिकाओं से बने ऊतक विभज्योतक ऊतक (Meristematic Tissue) कहलाते हैं। ये ऊतक पौधों की लंबाई, मोटाई तथा कटने के बाद पुनः वृद्धि के लिए उत्तरदायी होते हैं। बाद में यही कोशिकाएँ विभेदन (Differentiation) द्वारा स्थायी ऊतकों में परिवर्तित हो जाती हैं। :contentReference[oaicite:0]{index=0} :contentReference[oaicite:1]{index=1}

विभज्योतक ऊतक एवं स्थायी ऊतक

विभज्योतक ऊतक (Meristematic Tissue)

विभज्योतक ऊतक (Meristematic Tissue) ऐसे ऊतक हैं जिनकी कोशिकाएँ लगातार विभाजित होकर नई कोशिकाओं का निर्माण करती हैं। यही ऊतक पौधों की वृद्धि का मुख्य कारण होते हैं।

  • कोशिकाएँ निरंतर विभाजित होती रहती हैं।
  • नई कोशिकाओं का निर्माण करती हैं।
  • पौधों की लंबाई और मोटाई बढ़ाती हैं।
  • कटे हुए भागों के पुनः विकास में सहायता करती हैं।

विभज्योतक ऊतकों के प्रकार

प्रकार स्थान मुख्य कार्य
शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical Meristem) जड़ एवं प्ररोह (Shoot) के शीर्ष पर पौधे की लंबाई बढ़ाना।
पार्श्व विभज्योतक (Lateral Meristem) तने एवं जड़ों के किनारों पर तने एवं जड़ों की मोटाई बढ़ाना।
अंतरवेशी विभज्योतक (Intercalary Meristem) पर्व (Node) एवं पर्वसंधि (Internode) के पास कटने के बाद पुनः वृद्धि एवं नई शाखाओं का निर्माण।

शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical Meristem)

शीर्षस्थ विभज्योतक जड़ तथा प्ररोह के अग्रभाग पर पाया जाता है। इसकी कोशिकाएँ तेजी से विभाजित होकर पौधे की लंबाई बढ़ाती हैं। प्याज की जड़ों पर किए गए प्रयोग से यह स्पष्ट होता है कि जड़ों की वृद्धि उनके शीर्ष भाग से होती है। :contentReference[oaicite:2]{index=2}

  • जड़ एवं प्ररोह के शीर्ष पर पाया जाता है।
  • पौधे की ऊँचाई बढ़ाने में सहायता करता है।
  • नई कोशिकाओं का निर्माण करता है।

पार्श्व विभज्योतक (Lateral Meristem)

पार्श्व विभज्योतक तने तथा जड़ों की परिधि (Circumference) में वृद्धि करता है। इसी के कारण समय के साथ वृक्षों के तने मोटे होते जाते हैं तथा वार्षिक वृद्धि वलय (Annual Rings) बनते हैं। :contentReference[oaicite:3]{index=3}

  • तने एवं जड़ों की मोटाई बढ़ाता है।
  • लकड़ी वाले पौधों में अधिक विकसित होता है।
  • वार्षिक वृद्धि वलयों के निर्माण में सहायक होता है।

अंतरवेशी विभज्योतक (Intercalary Meristem)

अंतरवेशी विभज्योतक पर्व या पर्वसंधि के पास पाया जाता है। घास काटने या शाखा छाँटने के बाद पौधों में पुनः वृद्धि इसी ऊतक के कारण होती है। :contentReference[oaicite:4]{index=4}

  • घास एवं कुछ अन्य पौधों में पाया जाता है।
  • कटने के बाद पुनः वृद्धि कराता है।
  • नई शाखाओं एवं पत्तियों के विकास में सहायता करता है।

विभज्योतक ऊतकों की विशेषताएँ

  • कोशिकाएँ आकार में छोटी होती हैं।
  • कोशिका भित्ति (Cell Wall) पतली होती है।
  • केंद्रक (Nucleus) बड़ा एवं स्पष्ट होता है।
  • रसधानी (Vacuole) बहुत छोटी या अनुपस्थित होती है।
  • कोशिकाओं के बीच अंतरकोशिकीय स्थान (Intercellular Space) नहीं के बराबर होता है।

स्थायी ऊतक (Permanent Tissue)

जब विभज्योतक कोशिकाएँ विभाजित होना बंद कर देती हैं और किसी विशेष कार्य के लिए विशेषीकृत (Specialized) हो जाती हैं, तब वे स्थायी ऊतक (Permanent Tissue) कहलाती हैं। इस परिवर्तन की प्रक्रिया को विभेदन (Differentiation) कहते हैं। :contentReference[oaicite:5]{index=5}

विभज्योतक ऊतक स्थायी ऊतक
लगातार विभाजित होते हैं। विभाजन नहीं करते।
नई कोशिकाएँ बनाते हैं। विशेष कार्य करते हैं।
पौधों की वृद्धि कराते हैं। सहारा, संरक्षण, भंडारण एवं परिवहन का कार्य करते हैं।

Our Concept Builder

किसी भवन के निर्माण के समय पहले नई ईंटें बनाई जाती हैं, फिर उन्हीं ईंटों से दीवार, कमरा और पूरी इमारत तैयार होती है। इसी प्रकार विभज्योतक ऊतक नई कोशिकाएँ बनाते हैं और बाद में वही कोशिकाएँ स्थायी ऊतक बनकर अलग-अलग कार्य करती हैं।

Exam Booster

  • विभज्योतक ऊतक पौधों की वृद्धि के लिए उत्तरदायी होते हैं।
  • शीर्षस्थ विभज्योतक लंबाई, पार्श्व विभज्योतक मोटाई तथा अंतरवेशी विभज्योतक पुनः वृद्धि कराता है।
  • विभेदन (Differentiation) के बाद विभज्योतक कोशिकाएँ स्थायी ऊतक बन जाती हैं।
  • विभज्योतक एवं स्थायी ऊतक का अंतर CBSE परीक्षा में बार-बार पूछा जाता है।
  • प्याज की जड़ का प्रयोग शीर्षस्थ विभज्योतक को समझने का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

क्रियाशील ऊतक

Class 9 Science Exploration Hindi Updated : 04 August 2026

अध्याय 3. क्रियाशील ऊतक (Tissues in Action)

पौधों में विभेदन (Differentiation) के बाद बनने वाले स्थायी ऊतक (Permanent Tissues) विशेष कार्य करने के लिए अनुकूलित होते हैं। ये ऊतक पौधों को सुरक्षा, सहारा, लचीलापन, भोजन का भंडारण तथा जल एवं भोजन के परिवहन में सहायता करते हैं। स्थायी ऊतक मुख्य रूप से सरल (Simple) तथा जटिल (Complex) ऊतकों में विभाजित किए जाते हैं। :contentReference[oaicite:0]{index=0}

स्थायी ऊतक एवं पादप ऊतक

स्थायी ऊतक (Permanent Tissue)

स्थायी ऊतक (Permanent Tissue) वे ऊतक हैं जिनकी कोशिकाएँ विभाजन करना छोड़ देती हैं और किसी विशेष कार्य के लिए विशेषीकृत हो जाती हैं।

  • इनकी कोशिकाएँ विभाजित नहीं होतीं।
  • विशिष्ट कार्य करने के लिए अनुकूलित होती हैं।
  • सुरक्षा, सहारा, भंडारण एवं परिवहन जैसे कार्य करती हैं।

स्थायी ऊतकों के प्रकार

प्रकार मुख्य कार्य
सरल स्थायी ऊतक (Simple Permanent Tissue) सहारा, भंडारण एवं प्रकाश संश्लेषण।
जटिल स्थायी ऊतक (Complex Permanent Tissue) जल, खनिज एवं भोजन का परिवहन।

बाह्यत्वचा (Epidermis)

बाह्यत्वचा (Epidermis) पौधे का सबसे बाहरी सुरक्षात्मक ऊतक है। यह पौधे को जल की हानि, सूक्ष्मजीवों तथा बाहरी क्षति से बचाती है। इसकी बाहरी मोमी परत को उपत्चचा (Cuticle) कहा जाता है, जो वाष्पोत्सर्जन (Transpiration) द्वारा होने वाली जल हानि को कम करती है। :contentReference[oaicite:1]{index=1}

  • पौधे की बाहरी सुरक्षा करती है।
  • जल की हानि कम करती है।
  • रंध्र (Stomata) गैसीय विनिमय एवं वाष्पोत्सर्जन में सहायता करते हैं।
  • मूलरोम (Root Hair) जल एवं खनिजों का अवशोषण बढ़ाते हैं।

सरल स्थायी ऊतक (Simple Permanent Tissues)

सरल स्थायी ऊतक केवल एक प्रकार की कोशिकाओं से बने होते हैं। ये मुख्य रूप से सहारा, भंडारण एवं पौधों को लचीलापन प्रदान करते हैं। :contentReference[oaicite:2]{index=2}

ऊतक मुख्य कार्य
मृदूतक (Parenchyma) भोजन का भंडारण एवं प्रकाश संश्लेषण।
श्लेषोतक (Collenchyma) लचीलापन एवं सहारा प्रदान करना।
दृढ़ोतक (Sclerenchyma) मजबूती एवं कठोरता प्रदान करना।

मृदूतक (Parenchyma)

  • सजीव कोशिकाओं से बना होता है।
  • भोजन एवं जल का भंडारण करता है।
  • हरे भागों में प्रकाश संश्लेषण करता है।
  • जलीय पौधों में वायु गुहिकाएँ बनाकर तैरने में सहायता करता है।

श्लेषोतक (Collenchyma)

  • सजीव कोशिकाओं से बना होता है।
  • कोशिका भित्ति असमान रूप से मोटी होती है।
  • पौधों को लचीलापन प्रदान करता है।
  • नई शाखाओं एवं पत्तियों को सहारा देता है।

दृढ़ोतक (Sclerenchyma)

  • अधिकांश कोशिकाएँ मृत होती हैं।
  • भित्तियाँ लिग्निन (Lignin) के कारण मोटी होती हैं।
  • पौधों को मजबूती एवं कठोरता प्रदान करता है।
  • नारियल के रेशे एवं अखरोट के छिलके इसके उदाहरण हैं।

जटिल स्थायी ऊतक (Complex Permanent Tissue)

जटिल स्थायी ऊतक एक से अधिक प्रकार की कोशिकाओं से मिलकर बने होते हैं। इनका मुख्य कार्य जल, खनिज एवं भोजन का परिवहन करना है। इसके दो प्रमुख प्रकार हैं— जाइलम (Xylem) एवं फ्लोएम (Phloem)। :contentReference[oaicite:3]{index=3}

जाइलम (Xylem) फ्लोएम (Phloem)
जड़ों से जल एवं खनिजों का परिवहन करता है। पत्तियों में बने भोजन का परिवहन करता है।
पौधे को मजबूती भी प्रदान करता है। भोजन को सभी भागों तक पहुँचाता है।
अधिकांश कोशिकाएँ मृत होती हैं। अधिकांश कोशिकाएँ सजीव होती हैं।

पादप ऊतक तंत्र (Plant Tissue System)

ऊतक तंत्र मुख्य कार्य
त्वचीय ऊतक तंत्र (Dermal Tissue System) सुरक्षा एवं जल की हानि कम करना।
भरण ऊतक तंत्र (Ground Tissue System) भंडारण, सहारा एवं प्रकाश संश्लेषण।
संवहन ऊतक तंत्र (Vascular Tissue System) जल, खनिज एवं भोजन का परिवहन।

Our Concept Builder

किसी शहर में सड़कें, गोदाम और सुरक्षा व्यवस्था अलग-अलग कार्य करती हैं। इसी प्रकार पौधों में भी अलग-अलग ऊतक विशेष कार्य करते हैं। मृदूतक भोजन का भंडारण करता है, श्लेषोतक लचीलापन देता है, दृढ़ोतक मजबूती प्रदान करता है, जबकि जाइलम और फ्लोएम पूरे पौधे में आवश्यक पदार्थों का परिवहन करते हैं।

Exam Booster

  • बाह्यत्वचा (Epidermis) पौधे का सुरक्षात्मक ऊतक है।
  • मृदूतक, श्लेषोतक एवं दृढ़ोतक सरल स्थायी ऊतक हैं।
  • जाइलम जल एवं खनिजों का तथा फ्लोएम भोजन का परिवहन करता है।
  • जाइलम और फ्लोएम जटिल स्थायी ऊतक कहलाते हैं।
  • त्वचीय, भरण एवं संवहन ऊतक तंत्र परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

क्रियाशील ऊतक

Class 9 Science Exploration Hindi Updated : 04 August 2026

अध्याय 3. ऊतक: संरचना और कार्य (Tissues in Action)

पौधों की तरह जंतुओं (Animals) में भी समान कार्य करने वाली कोशिकाएँ मिलकर ऊतक (Tissue) बनाती हैं। जंतु ऊतक शरीर की सुरक्षा, विभिन्न अंगों को जोड़ने, गति कराने तथा पूरे शरीर में नियंत्रण एवं समन्वय बनाए रखने का कार्य करते हैं। प्रत्येक ऊतक की संरचना उसके विशेष कार्य के अनुरूप होती है। 

जंतु ऊतक (Animal Tissues)

जंतु ऊतक क्या हैं?

जंतु ऊतक (Animal Tissues) समान संरचना एवं समान कार्य करने वाली कोशिकाओं का समूह हैं, जो शरीर के विभिन्न कार्यों को कुशलतापूर्वक सम्पन्न करते हैं।

  • जंतु ऊतक विशेष कार्यों के लिए अनुकूलित होते हैं।
  • ये शरीर की सुरक्षा, गति, परिवहन एवं नियंत्रण में सहायता करते हैं।
  • जंतु शरीर में चार प्रमुख प्रकार के ऊतक पाए जाते हैं।

जंतु ऊतकों के प्रमुख प्रकार

ऊतक मुख्य कार्य
उपकला ऊतक (Epithelial Tissue) सुरक्षा, अवशोषण एवं स्राव।
संयोजी ऊतक (Connective Tissue) विभिन्न ऊतकों एवं अंगों को जोड़ना तथा सहारा देना।
मांसपेशीय ऊतक (Muscular Tissue) शरीर एवं अंगों की गति कराना।
तंत्रिका ऊतक (Nervous Tissue) संदेशों का संचार तथा नियंत्रण एवं समन्वय।

उपकला ऊतक (Epithelial Tissue)

उपकला ऊतक शरीर की बाहरी सतह (त्वचा) तथा आंतरिक अंगों की भीतरी परत (Lining) बनाता है। इसकी कोशिकाएँ आपस में सघन रूप से जुड़ी रहती हैं, जिससे यह शरीर को सुरक्षा प्रदान करता है। इसके साथ ही यह अवशोषण (Absorption), स्राव (Secretion) तथा पदार्थों के आदान-प्रदान में भी सहायता करता है। 

  • शरीर की बाहरी सुरक्षा करता है।
  • रोगाणुओं के प्रवेश को रोकता है।
  • जल की हानि कम करता है।
  • अवशोषण एवं स्राव में सहायता करता है।
  • फेफड़ों, आँत, रक्त वाहिकाओं तथा मुख की भीतरी परत बनाता है।

संयोजी ऊतक (Connective Tissue)

संयोजी ऊतक शरीर के विभिन्न ऊतकों एवं अंगों को जोड़ने, सहारा देने तथा उनकी रक्षा करने का कार्य करता है। रक्त (Blood), अस्थि (Bone), उपास्थि (Cartilage), कण्डरा (Tendon) तथा स्नायुबंधन (Ligament) इसके प्रमुख उदाहरण हैं। 

संयोजी ऊतक मुख्य कार्य
रक्त (Blood) ऑक्सीजन, पोषक तत्व एवं हार्मोन का परिवहन।
अस्थि (Bone) शरीर को सहारा एवं सुरक्षा प्रदान करना।
उपास्थि (Cartilage) लचीलापन एवं घर्षण कम करना।
कण्डरा (Tendon) मांसपेशियों को अस्थियों से जोड़ना।
स्नायुबंधन (Ligament) दो अस्थियों को आपस में जोड़ना।

उपकला एवं संयोजी ऊतक में अंतर

उपकला ऊतक संयोजी ऊतक
सुरक्षात्मक आवरण बनाता है। अंगों एवं ऊतकों को जोड़ता है।
कोशिकाएँ सघन रूप से जुड़ी होती हैं। कोशिकाओं के बीच मैट्रिक्स (Matrix) पाया जाता है।
अवशोषण एवं स्राव करता है। सहारा, सुरक्षा एवं परिवहन करता है।

Our Concept Builder

किसी भवन में बाहरी दीवारें सुरक्षा देती हैं, जबकि सीमेंट, लोहे की सरिया और बीम पूरी इमारत को मजबूती देकर जोड़कर रखते हैं। इसी प्रकार शरीर में उपकला ऊतक (Epithelial Tissue) सुरक्षा प्रदान करता है, जबकि संयोजी ऊतक (Connective Tissue) विभिन्न अंगों और ऊतकों को जोड़कर सहारा देता है।

Exam Booster

  • जंतु शरीर में चार प्रमुख प्रकार के ऊतक पाए जाते हैं।
  • उपकला ऊतक शरीर का बाहरी एवं आंतरिक आवरण बनाता है।
  • संयोजी ऊतक शरीर के विभिन्न भागों को जोड़ने एवं सहारा देने का कार्य करता है।
  • रक्त, अस्थि, उपास्थि, कण्डरा एवं स्नायुबंधन संयोजी ऊतक के उदाहरण हैं।
  • उपकला एवं संयोजी ऊतक का अंतर CBSE परीक्षा में महत्वपूर्ण है।

क्रियाशील ऊतक

Class 9 Science Exploration Hindi Updated : 04 August 2026

अध्याय 3. क्रियाशील ऊतक (Tissues in Action)

जंतु शरीर में गति (Movement), नियंत्रण (Control) तथा समन्वय (Coordination) के लिए विशेष प्रकार के ऊतक पाए जाते हैं। मांसपेशीय ऊतक शरीर के विभिन्न अंगों को गति प्रदान करते हैं, जबकि तंत्रिका ऊतक पूरे शरीर में संदेशों का आदान-प्रदान करके सभी क्रियाओं का नियंत्रण करता है। दोनों ऊतक मिलकर शरीर को सक्रिय एवं उत्तरदायी बनाते हैं। 

मांसपेशीय एवं तंत्रिका ऊतक

मांसपेशीय ऊतक (Muscular Tissue)

मांसपेशीय ऊतक (Muscular Tissue) संकुचन (Contraction) एवं प्रसार (Relaxation) की क्षमता रखने वाला ऊतक है। यह शरीर की गति, अंगों की गतिविधियों तथा विभिन्न जैविक क्रियाओं के लिए उत्तरदायी होता है।

  • शरीर को गति प्रदान करता है।
  • संकुचन एवं प्रसार की क्षमता रखता है।
  • चलने, दौड़ने, बोलने तथा श्वसन जैसी क्रियाओं में सहायता करता है।
  • हृदय, पाचन तंत्र एवं अन्य आंतरिक अंगों के कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

मांसपेशीय ऊतकों के प्रकार

प्रकार स्थान मुख्य कार्य
रेखित मांसपेशी (Striated Muscle) हाथ, पैर एवं कंकाल से जुड़ी मांसपेशियाँ इच्छानुसार (Voluntary) गति कराना।
अरेखित मांसपेशी (Smooth Muscle) आमाशय, आँत, मूत्राशय आदि अनैच्छिक (Involuntary) गतिविधियाँ।
हृदय मांसपेशी (Cardiac Muscle) केवल हृदय में जीवनभर लगातार धड़कन बनाए रखना।

तंत्रिका ऊतक (Nervous Tissue)

तंत्रिका ऊतक (Nervous Tissue) शरीर के विभिन्न भागों से संदेश (Nerve Impulses) प्राप्त कर उन्हें मस्तिष्क, मेरुरज्जु (Spinal Cord) तथा अन्य अंगों तक पहुँचाता है। यही ऊतक शरीर में नियंत्रण एवं समन्वय स्थापित करता है।

  • संदेशों का तीव्र संचार करता है।
  • शरीर की प्रतिक्रियाओं को नियंत्रित करता है।
  • मस्तिष्क एवं मेरुरज्जु के साथ मिलकर कार्य करता है।
  • बाहरी उत्तेजनाओं (Stimuli) के प्रति प्रतिक्रिया कराने में सहायता करता है।

न्यूरॉन (Neuron)

न्यूरॉन तंत्रिका ऊतक की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई (Structural and Functional Unit) है। यह विद्युत संकेतों (Electrical Impulses) के रूप में संदेशों का संचार करता है।

भाग मुख्य कार्य
कोशिका द्रव्य (Cell Body) कोशिका का नियंत्रण एवं केंद्रक को धारण करना।
डेंड्राइट (Dendrite) संदेश प्राप्त करना।
अक्षतंतु (Axon) संदेश को अन्य कोशिकाओं तक पहुँचाना।

मांसपेशीय एवं तंत्रिका ऊतक में अंतर

मांसपेशीय ऊतक तंत्रिका ऊतक
शरीर की गति कराता है। संदेशों का संचार करता है।
संकुचन एवं प्रसार करता है। तंत्रिका आवेग (Nerve Impulse) उत्पन्न करता है।
मांसपेशी तंतुओं से बना होता है। न्यूरॉन (Neuron) से बना होता है।
गति के लिए उत्तरदायी। नियंत्रण एवं समन्वय के लिए उत्तरदायी।

ऊतकों का समन्वित कार्य

शरीर का कोई भी कार्य केवल एक ऊतक द्वारा नहीं किया जाता। उदाहरण के लिए, हाथ उठाने के लिए तंत्रिका ऊतक पहले मस्तिष्क से संदेश भेजता है, फिर मांसपेशीय ऊतक संकुचित होकर हाथ को गति प्रदान करता है। इसी प्रकार सभी ऊतक मिलकर शरीर को सुचारु रूप से कार्य करने योग्य बनाते हैं. 

Our Concept Builder

जब आप किसी गर्म वस्तु को छूते हैं, तो सबसे पहले तंत्रिका ऊतक उस जानकारी को मस्तिष्क तक पहुँचाता है। मस्तिष्क तुरंत आदेश भेजता है और मांसपेशियाँ हाथ को पीछे खींच लेती हैं। इससे स्पष्ट होता है कि तंत्रिका ऊतक "संदेशवाहक" और मांसपेशीय ऊतक "कार्य करने वाला" ऊतक है।

Exam Booster

  • मांसपेशीय ऊतक शरीर की गति के लिए उत्तरदायी होता है।
  • रेखित, अरेखित एवं हृदय मांसपेशियाँ तीन प्रमुख प्रकार हैं।
  • तंत्रिका ऊतक शरीर में संदेशों का संचार करता है।
  • न्यूरॉन तंत्रिका ऊतक की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है।
  • मांसपेशीय एवं तंत्रिका ऊतक मिलकर शरीर में नियंत्रण एवं गति सुनिश्चित करते हैं।

क्रियाशील ऊतक

Class 9 Science Exploration Hindi Updated : 04 August 2026

अध्याय 3. क्रियाशील ऊतक (Tissues in Action)

इस अध्याय के अभ्यास प्रश्न विद्यार्थियों की अवधारणात्मक समझ, तार्किक क्षमता तथा परीक्षा की तैयारी को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं। सभी प्रश्न अध्याय में वर्णित प्रमुख अवधारणाओं पर आधारित हैं तथा नवीनतम CBSE परीक्षा पद्धति के अनुरूप हैं।

Assignments

रिक्त स्थान भरिए

  1. समान संरचना एवं समान कार्य करने वाली कोशिकाओं का समूह __________ कहलाता है।
  2. पौधों की वृद्धि __________ ऊतक द्वारा होती है।
  3. जड़ों एवं प्ररोह के शीर्ष पर __________ विभज्योतक पाया जाता है।
  4. विभेदन (Differentiation) के बाद बनने वाले ऊतक __________ कहलाते हैं।
  5. जाइलम (Xylem) __________ एवं __________ का परिवहन करता है।
  6. फ्लोएम (Phloem) पौधे में __________ का परिवहन करता है।
  7. शरीर की बाहरी सतह बनाने वाला ऊतक __________ कहलाता है।
  8. दो अस्थियों को जोड़ने वाला संयोजी ऊतक __________ कहलाता है।
  9. तंत्रिका ऊतक की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई __________ है।
  10. हृदय में पाई जाने वाली मांसपेशी __________ कहलाती है।

सत्य / असत्य लिखिए

  1. सभी ऊतक समान कार्य करते हैं।
  2. पार्श्व विभज्योतक (Lateral Meristem) पौधे की मोटाई बढ़ाता है।
  3. मृदूतक (Parenchyma) पौधों को कठोरता प्रदान करता है।
  4. जाइलम भोजन का परिवहन करता है।
  5. फ्लोएम पत्तियों से भोजन का परिवहन करता है।
  6. उपकला ऊतक (Epithelial Tissue) शरीर की सुरक्षा करता है।
  7. रक्त (Blood) एक प्रकार का संयोजी ऊतक है।
  8. रेखित मांसपेशियाँ इच्छानुसार कार्य करती हैं।
  9. न्यूरॉन (Neuron) तंत्रिका ऊतक की मूल इकाई है।
  10. हृदय मांसपेशी केवल हृदय में पाई जाती है।

एक शब्द या एक वाक्य में उत्तर दीजिए

  1. ऊतक (Tissue) क्या है?
  2. कार्यों का विभाजन (Division of Labour) से क्या तात्पर्य है?
  3. विभज्योतक ऊतक (Meristematic Tissue) का मुख्य कार्य क्या है?
  4. शीर्षस्थ विभज्योतक कहाँ पाया जाता है?
  5. स्थायी ऊतक (Permanent Tissue) क्या है?
  6. मृदूतक (Parenchyma) का एक कार्य लिखिए।
  7. जाइलम (Xylem) का मुख्य कार्य क्या है?
  8. उपकला ऊतक (Epithelial Tissue) का एक कार्य लिखिए।
  9. तंत्रिका ऊतक (Nervous Tissue) का मुख्य कार्य क्या है?
  10. न्यूरॉन (Neuron) क्या है?

अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)

  1. ऊतक बनने से बहुकोशिकीय जीवों को क्या लाभ होता है?
  2. विभज्योतक ऊतक की दो विशेषताएँ लिखिए।
  3. शीर्षस्थ एवं पार्श्व विभज्योतक में अंतर लिखिए।
  4. मृदूतक (Parenchyma) एवं दृढ़ोतक (Sclerenchyma) में एक अंतर लिखिए।
  5. जाइलम एवं फ्लोएम में दो अंतर लिखिए।
  6. उपकला ऊतक (Epithelial Tissue) के दो कार्य लिखिए।
  7. संयोजी ऊतक (Connective Tissue) का महत्व बताइए।
  8. रेखित एवं अरेखित मांसपेशियों में एक अंतर लिखिए।

लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक)

  1. पौधों एवं जंतुओं के ऊतकों में अंतर स्पष्ट कीजिए।
  2. विभज्योतक ऊतकों के प्रकारों का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
  3. स्थायी ऊतकों का वर्गीकरण उदाहरण सहित लिखिए।
  4. सरल स्थायी ऊतकों के प्रकार एवं उनके कार्य लिखिए।
  5. जटिल स्थायी ऊतकों (जाइलम एवं फ्लोएम) के कार्य स्पष्ट कीजिए।
  6. उपकला एवं संयोजी ऊतकों की तुलना कीजिए।
  7. मांसपेशीय ऊतकों के प्रकारों का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
  8. तंत्रिका ऊतक तथा न्यूरॉन (Neuron) के कार्यों का वर्णन कीजिए।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 अंक)

  1. ऊतक (Tissue) क्या है? बहुकोशिकीय जीवों में ऊतकों के महत्व को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
  2. विभज्योतक ऊतक एवं स्थायी ऊतक में अंतर लिखते हुए विभज्योतक के प्रकारों का वर्णन कीजिए।
  3. सरल एवं जटिल स्थायी ऊतकों का वर्गीकरण करते हुए उनके कार्यों का वर्णन कीजिए।
  4. जंतु ऊतकों के चारों प्रमुख प्रकारों का विस्तार से वर्णन कीजिए।
  5. मांसपेशीय ऊतक एवं तंत्रिका ऊतक की संरचना, प्रकार तथा कार्यों का वर्णन कीजिए।

Competency Based Questions

प्रश्न 1. एक किसान ने देखा कि पेड़ की ऊँचाई लगातार बढ़ रही है, जबकि कुछ वर्षों बाद उसका तना भी मोटा होने लगा।

उत्तर दीजिए—

  1. पेड़ की लंबाई बढ़ाने वाला ऊतक कौन-सा है?
  2. तने की मोटाई बढ़ाने वाला ऊतक कौन-सा है?
  3. इन दोनों ऊतकों का महत्व लिखिए।

प्रश्न 2. एक छात्र ने पौधे की जड़ और तने का अध्ययन किया। उसने पाया कि एक ऊतक जल का परिवहन कर रहा था, जबकि दूसरा पत्तियों में बने भोजन को अन्य भागों तक पहुँचा रहा था।

उत्तर दीजिए—

  1. दोनों ऊतकों के नाम लिखिए।
  2. इनके मुख्य कार्य लिखिए।
  3. ये किस प्रकार के स्थायी ऊतक हैं?

HOTS (Higher Order Thinking Skills)

  1. यदि किसी पौधे में विभज्योतक ऊतक (Meristematic Tissue) पूरी तरह कार्य करना बंद कर दें, तो उसके विकास पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
  2. यदि जाइलम (Xylem) कार्य करना बंद कर दे, तो पौधे में कौन-कौन से परिवर्तन दिखाई देंगे? कारण सहित उत्तर दीजिए।
  3. यदि किसी व्यक्ति के तंत्रिका ऊतक (Nervous Tissue) को क्षति पहुँच जाए, तो शरीर की क्रियाओं पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

गतिविधि आधारित प्रश्न (Activity Based Questions)

  1. अपने आसपास के किसी पौधे का अवलोकन कीजिए और उसमें जड़, तना तथा पत्तियों की वृद्धि वाले भागों की पहचान कीजिए।
  2. पादप ऊतक एवं जंतु ऊतक का एक तुलना चार्ट (Comparison Chart) तैयार कीजिए।
  3. चार्ट पेपर पर मृदूतक (Parenchyma), श्लेषोतक (Collenchyma) तथा दृढ़ोतक (Sclerenchyma) का चित्र बनाकर उनके कार्य लिखिए।
  4. मानव शरीर में पाए जाने वाले चारों प्रमुख जंतु ऊतकों के उदाहरण एकत्र करके उनकी सूची तैयार कीजिए।

Case Study Based Questions

रवि ने विज्ञान प्रयोगशाला में पौधे के तने का अनुप्रस्थ काट (T.S.) देखा। उसे दो प्रमुख ऊतक दिखाई दिए। एक ऊतक जड़ों से जल एवं खनिजों को ऊपर पहुँचा रहा था, जबकि दूसरा पत्तियों में बने भोजन को पौधे के अन्य भागों तक पहुँचा रहा था। दूसरी ओर, उसके मित्र अंकित ने मानव त्वचा का स्लाइड देखा, जिसमें शरीर की सुरक्षा करने वाला ऊतक दिखाई दिया।

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए—

  1. जल एवं खनिजों का परिवहन करने वाले ऊतक का नाम लिखिए।
  2. भोजन का परिवहन करने वाले ऊतक का नाम लिखिए।
  3. मानव त्वचा में पाया जाने वाला ऊतक कौन-सा है?
  4. जाइलम एवं फ्लोएम के कार्यों में एक-एक अंतर लिखिए।
  5. उपकला ऊतक (Epithelial Tissue) शरीर के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

Why Choose CBSE Notes for Class 9?

Reading the complete textbook is essential for building knowledge, but revision notes help students organize that knowledge effectively. Our CBSE Revision Notes for Class 9 summarize every chapter by highlighting important concepts, definitions, keywords, formulas, examples, and important points that students should remember during examinations. This approach saves valuable study time and makes revision much easier.

Students often find it difficult to revise lengthy chapters before examinations. Our notes solve this problem by presenting important information in a structured format that is easy to understand and remember. Regular revision using these notes helps improve confidence and strengthens conceptual clarity.

Chapter-wise Study Material

Each chapter included in the CBSE Notes for Class 9 section is prepared according to the latest academic session. Every topic is explained in simple language while maintaining accuracy and completeness. Students can easily revise important concepts, learn key points, and strengthen their understanding of each chapter.

The notes are suitable for daily classroom learning, homework preparation, revision before examinations, and self-study. They also serve as an excellent companion to NCERT textbooks by presenting the most important information in an organized manner.

Explore CBSE Notes Class 9 Science Exploration

Chapter-wise NCERT Solutions for Class 6 to 12 prepared according to the latest CBSE syllabus.

Hindi Medium

Class 9 Science Exploration CBSE Notes

CBSE Notes Class 9 Science Exploration

Chapter अन्वेषण: माध्यमिक विज्ञान के संसार में प्रवेश (CBSE NOTES)

अन्वेषण: माध्यमिक विज्ञान के संसार में प्रवेश (अन्वेषण)

Explore Now →
Class 9 Science Exploration CBSE Notes

CBSE Notes Class 9 Science Exploration

Chapter कोशिका: जीवन की निर्माण इकाई (CBSE NOTES)

कोशिका: जीवन की निर्माण इकाई (अन्वेषण)

Explore Now →
Class 9 Science Exploration CBSE Notes

CBSE Notes Class 9 Science Exploration

Chapter क्रियाशील ऊतक (CBSE NOTES)

क्रियाशील ऊतक (अन्वेषण)

Explore Now →
Class 9 Science Exploration CBSE Notes

CBSE Notes Class 9 Science Exploration

Chapter अपने परिवेश में गति का वर्णन (CBSE NOTES)

अपने परिवेश में गति का वर्णन (अन्वेषण)

Explore Now →
Class 9 Science Exploration CBSE Notes

CBSE Notes Class 9 Science Exploration

Chapter मिश्रण एवं उनके पृथक्करण का अन्वेषण (CBSE NOTES)

मिश्रण एवं उनके पृथक्करण का अन्वेषण (अन्वेषण)

Explore Now →
Class 9 Science Exploration CBSE Notes

CBSE Notes Class 9 Science Exploration

Chapter गति पर बलों का प्रभाव (CBSE NOTES)

गति पर बलों का प्रभाव (अन्वेषण)

Explore Now →
Class 9 Science Exploration CBSE Notes

CBSE Notes Class 9 Science Exploration

Chapter कार्य, ऊर्जा एवं सरल मशीनें (CBSE NOTES)

कार्य, ऊर्जा एवं सरल मशीनें (अन्वेषण)

Explore Now →
Class 9 Science Exploration CBSE Notes

CBSE Notes Class 9 Science Exploration

Chapter एक यात्रा: परमाणु के भीतर (CBSE NOTES)

एक यात्रा: परमाणु के भीतर (अन्वेषण)

Explore Now →
Class 9 Science Exploration CBSE Notes

CBSE Notes Class 9 Science Exploration

Chapter द्रव्य का परमाण्विक आधार (CBSE NOTES)

द्रव्य का परमाण्विक आधार (अन्वेषण)

Explore Now →
Class 9 Science Exploration CBSE Notes

CBSE Notes Class 9 Science Exploration

Chapter ध्वनि तरंगें अभिलक्षण एवं अनुप्रयोग (CBSE NOTES)

ध्वनि तरंगें अभिलक्षण एवं अनुप्रयोग (अन्वेषण)

Explore Now →
Class 9 Science Exploration CBSE Notes

CBSE Notes Class 9 Science Exploration

Chapter जनन: जीवन की निरंतरता (CBSE NOTES)

जनन: जीवन की निरंतरता (अन्वेषण)

Explore Now →
Class 9 Science Exploration CBSE Notes

CBSE Notes Class 9 Science Exploration

Chapter जीवजगत का स्वरूप: विविधता एवं वर्गीकरण (CBSE NOTES)

जीवजगत का स्वरूप: विविधता एवं वर्गीकरण (अन्वेषण)

Explore Now →
Class 9 Science Exploration CBSE Notes

CBSE Notes Class 9 Science Exploration

Chapter पृथ्वी एक तंत्र: ऊर्जा, द्रव्य और जीवन (CBSE NOTES)

पृथ्वी एक तंत्र: ऊर्जा, द्रव्य और जीवन (अन्वेषण)

Explore Now →

Benefits of Using ATP Education Notes

  • Latest CBSE syllabus based notes.
  • Chapter-wise revision material.
  • Easy-to-understand explanations.
  • Important concepts and key points.
  • Quick revision before examinations.
  • Useful for school tests and annual exams.
  • Available in Hindi and English Medium.
  • Free educational resources for every student.

Your CBSE Notes Library Class 9:

Chapter-wise CBSE Notes for Class 6 to 12 prepared according to the latest CBSE syllabus.

HINDI MEDIUM

Class 9 Science Solutions

CBSE Class 9 Science

Class 9 Science CBSE Notes

Open Notes

Explore Now →
Class 9 History Solutions

CBSE Class 9 History

Class 9 History CBSE Notes

Open Notes

Explore Now →
Class 9 Economics Solutions

CBSE Class 9 Economics

Class 9 Economics CBSE Notes

Open Notes

Explore Now →
Class 9 Science Exploration Solutions

CBSE Class 9 Science Exploration

Class 9 Science Exploration CBSE Notes

अन्वेषण Open Notes

Explore Now →

Your CBSE Notes Library For Class 9

Chapter-wise CBSE Notes for Class 6 to 12 prepared according to the latest CBSE syllabus.

ENGLISH MEDIUM

Class 9 Science Solutions

NCERT Solutions Class 9 Science

Class 9 Science CBSE Notes

Open Book

Explore Now →
Class 9 Mathematics Solutions

NCERT Solutions Class 9 Mathematics

Class 9 Mathematics CBSE Notes

Open Book

Explore Now →
Class 9 Economics Solutions

NCERT Solutions Class 9 Economics

Class 9 Economics CBSE Notes

Open Book

Explore Now →
Class 9 Science Exploration Solutions

NCERT Solutions Class 9 Science Exploration

Class 9 Science Exploration CBSE Notes

Exploration Open Book

Explore Now →

Prepare with Confidence

Success in examinations depends on regular practice, conceptual understanding, and effective revision. Our Class 9 CBSE Notes are designed to help students study smarter instead of studying longer. By revising chapter-wise notes regularly, learners can improve their understanding, remember important concepts for a longer period, and write better answers during examinations.

Along with these notes, students can also explore NCERT Solutions, MCQ Questions, Online Tests, Important Questions, Study Materials, and other learning resources available on ATP Education. Together, these resources provide complete academic support for effective learning and better examination preparation.

Start exploring the CBSE Notes for Class 9 today and make your learning journey easier with well-organized chapter-wise notes, quick revision material, and reliable study resources prepared especially for CBSE students.

Benefits of Studying with Our CBSE Notes

  • Chapter-wise Coverage: Every chapter is explained in a structured and easy-to-follow format.
  • Latest CBSE Syllabus: Notes are prepared according to the latest CBSE curriculum and NCERT guidelines.
  • Quick Revision: Revise important concepts, formulas, definitions, and key points in less time.
  • Simple Language: Difficult topics are explained in clear and student-friendly language for better understanding.
  • Concept-Based Learning: Focus on understanding concepts instead of memorizing answers.
  • Exam-Oriented Preparation: Helps students prepare effectively for class tests, unit tests, half-yearly, annual, and board examinations.
  • Subject-wise Organization: Easily access notes for Mathematics, Science, English, Hindi, Social Science, Physics, Chemistry, Biology, Economics, and more.
  • Time-Saving Study Material: Well-organized notes reduce study time and improve learning efficiency.
  • Improves Answer Writing: Learn important points and present answers in a better and more organized manner.
  • Boosts Confidence: Regular revision strengthens concepts and increases confidence before examinations.
  • Free Learning Resource: Access high-quality CBSE Notes without any subscription or hidden charges.
  • Available in Hindi & English Medium: Study comfortably in your preferred medium with chapter-wise notes.