Chapter 2. सजीव जगत में विविधता - Class 6 Science Curiosity Hindi CBSE Notes

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Chapter 2. सजीव जगत में विविधता - Class 6 Science Curiosity Hindi CBSE Notes

Chapter 2. सजीव जगत में विविधता

Class 6 Science Curiosity Hindi Updated : 09 July 2026

Chapter 2. सजीव जगत में विविधता

इस अध्याय में पृथ्वी पर पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के पौधों एवं जंतुओं की विविधता का अध्ययन किया गया है। साथ ही जीवों का वर्गीकरण, पौधों के प्रकार, पत्तियों के शिरा-विन्यास, जड़ों के प्रकार तथा एकबीजपत्री एवं द्विबीजपत्री पौधों की विशेषताओं को सरल एवं रोचक ढंग से समझाया गया है। यह अध्याय विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति जिज्ञासा तथा जैव विविधता के संरक्षण की भावना विकसित करता है।

CBSE Notes - Key Points (मुख्य बिंदु)

इस अनुभाग में अध्याय के सभी महत्वपूर्ण शब्द, परिभाषाएँ, वैज्ञानिक शब्दावली, महत्वपूर्ण तथ्य तथा त्वरित पुनरावृत्ति बिंदु दिए गए हैं। परीक्षा से पहले इस अनुभाग का अध्ययन करने से पूरे अध्याय की शीघ्र पुनरावृत्ति की जा सकती है।

Important Keywords (महत्वपूर्ण शब्द)

  • सजीव (Living Organism)
  • जैव विविधता (Biodiversity)
  • वर्गीकरण (Classification)
  • अवलोकन (Observation)
  • शाक (Herb)
  • झाड़ी (Shrub)
  • वृक्ष (Tree)
  • आरोही लता (Climber)
  • विसर्पी लता (Creeper)
  • शिरा-विन्यास (Venation)
  • जालिकारूपी शिरा-विन्यास (Reticulate Venation)
  • समांतर शिरा-विन्यास (Parallel Venation)
  • मूसला जड़ (Tap Root)
  • रेशेदार जड़ (Fibrous Root)
  • एकबीजपत्री (Monocot)
  • द्विबीजपत्री (Dicot)
  • पर्यावरण (Environment)
  • आवास (Habitat)
  • जीव-जंतु (Animals)
  • पादप (Plants)

Important Definitions (महत्वपूर्ण परिभाषाएँ)

सजीव : वे जीव जिनमें वृद्धि, श्वसन, पोषण, प्रजनन तथा उत्तेजना के प्रति प्रतिक्रिया करने की क्षमता होती है।

जैव विविधता : किसी क्षेत्र में पाए जाने वाले सभी प्रकार के पौधों, जंतुओं तथा अन्य जीवों की विविधता को जैव विविधता कहते हैं।

वर्गीकरण : समान गुणों के आधार पर जीवों को विभिन्न समूहों में बाँटने की प्रक्रिया वर्गीकरण कहलाती है।

शाक : छोटे, कोमल एवं हरे तने वाले पौधे शाक कहलाते हैं।

झाड़ी : मध्यम ऊँचाई वाले कठोर तने के पौधे जिनकी शाखाएँ भूमि के निकट से निकलती हैं।

वृक्ष : मोटे एवं कठोर तने वाले बड़े पौधे वृक्ष कहलाते हैं।

आरोही लता : सहारे के साथ ऊपर चढ़ने वाले पौधे।

विसर्पी लता : भूमि पर फैलकर बढ़ने वाले पौधे।

शिरा-विन्यास : पत्ती में उपस्थित शिराओं की व्यवस्था को शिरा-विन्यास कहते हैं।

मूसला जड़ : जिसमें एक मुख्य जड़ तथा उससे छोटी पार्श्व जड़ें निकलती हैं।

रेशेदार जड़ : समान आकार की अनेक पतली जड़ों का समूह।

एकबीजपत्री : जिन पौधों के बीज में एक बीजपत्र होता है।

द्विबीजपत्री : जिन पौधों के बीज में दो बीजपत्र होते हैं।

Scientific Terms (वैज्ञानिक शब्दावली)

English हिन्दी
Biodiversity जैव विविधता
Classification वर्गीकरण
Herb शाक
Shrub झाड़ी
Tree वृक्ष
Climber आरोही लता
Creeper विसर्पी लता
Venation शिरा-विन्यास
Tap Root मूसला जड़
Fibrous Root रेशेदार जड़
Monocot एकबीजपत्री
Dicot द्विबीजपत्री

Important Facts (महत्वपूर्ण तथ्य)

  • पृथ्वी पर लाखों प्रकार के सजीव पाए जाते हैं।
  • प्रत्येक जीव का अपना विशिष्ट आवास होता है।
  • जीवों का वर्गीकरण उनके समान गुणों के आधार पर किया जाता है।
  • शाक, झाड़ी, वृक्ष, आरोही लता एवं विसर्पी लता पौधों के प्रमुख प्रकार हैं।
  • जालिकारूपी शिरा-विन्यास सामान्यतः द्विबीजपत्री पौधों में पाया जाता है।
  • समांतर शिरा-विन्यास सामान्यतः एकबीजपत्री पौधों में पाया जाता है।
  • मूसला जड़ सामान्यतः द्विबीजपत्री पौधों की विशेषता है।
  • रेशेदार जड़ सामान्यतः एकबीजपत्री पौधों में पाई जाती है।
  • जैव विविधता पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
  • प्रत्येक जीव प्रकृति के लिए उपयोगी होता है।

Quick Revision (त्वरित पुनरावृत्ति)

  • जैव विविधता = विभिन्न प्रकार के जीवों की विविधता।
  • जीवों का वर्गीकरण समानताओं एवं भिन्नताओं के आधार पर किया जाता है।
  • शाक छोटे एवं कोमल तने वाले पौधे होते हैं।
  • झाड़ी मध्यम आकार के तथा वृक्ष बड़े पौधे होते हैं।
  • आरोही लता सहारे से चढ़ती है, जबकि विसर्पी लता भूमि पर फैलती है।
  • मूसला जड़ → द्विबीजपत्री पौधे।
  • रेशेदार जड़ → एकबीजपत्री पौधे।
  • जालिकारूपी शिरा-विन्यास → द्विबीजपत्री।
  • समांतर शिरा-विन्यास → एकबीजपत्री।
  • जैव विविधता का संरक्षण प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

Chapter 2. सजीव जगत में विविधता

Class 6 Science Curiosity Hindi Updated : 09 July 2026

Chapter 2. सजीव जगत में विविधता

इस अध्याय में आपने अपने आसपास पाए जाने वाले पौधों एवं जंतुओं की विविधता, उनके वर्गीकरण तथा उनकी प्रमुख विशेषताओं का अध्ययन किया। पृथ्वी पर पाए जाने वाले प्रत्येक जीव की अपनी विशेष पहचान होती है। इन्हीं विशेषताओं के आधार पर वैज्ञानिक जीवों को विभिन्न समूहों में वर्गीकृत करते हैं। इस अध्याय में पौधों के प्रकार, पत्तियों के शिरा-विन्यास, जड़ों के प्रकार तथा बीजपत्रों के आधार पर पौधों के वर्गीकरण को विस्तार से समझाया गया है।

Detailed Notes (विस्तृत अध्ययन नोट्स)

यह अध्याय विद्यार्थियों को प्रकृति का अवलोकन करना, जीवों की समानताओं एवं भिन्नताओं को पहचानना तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण से उनका अध्ययन करना सिखाता है। वर्गीकरण के माध्यम से लाखों प्रकार के जीवों का अध्ययन सरल एवं व्यवस्थित हो जाता है।

सजीव जगत में विविधता (Diversity in Living World)

हमारे आसपास अनेक प्रकार के पौधे, पशु, पक्षी, कीट तथा अन्य जीव पाए जाते हैं। सभी जीव आकार, रंग, भोजन, रहने के स्थान, चलने-फिरने के तरीके तथा अन्य विशेषताओं में एक-दूसरे से भिन्न होते हैं। इन्हीं भिन्नताओं के कारण पृथ्वी पर जैव विविधता दिखाई देती है।

उदाहरण के लिए, कुछ पौधे छोटे होते हैं जबकि कुछ बहुत बड़े होते हैं। कुछ पक्षी उड़ सकते हैं, जबकि कुछ केवल चल सकते हैं। मछलियाँ जल में रहती हैं, जबकि ऊँट मरुस्थल में रहने के लिए अनुकूलित होते हैं।

जैव विविधता (Biodiversity)

किसी क्षेत्र में पाए जाने वाले सभी प्रकार के पौधों, जंतुओं तथा सूक्ष्मजीवों की विविधता को जैव विविधता कहते हैं। प्रत्येक जीव प्रकृति में अपना महत्वपूर्ण कार्य करता है। यदि किसी एक जीव की संख्या बहुत कम हो जाए या वह समाप्त हो जाए, तो इसका प्रभाव पूरे पारिस्थितिकी तंत्र पर पड़ सकता है।

जैव विविधता का महत्व

  • पर्यावरण का संतुलन बनाए रखती है।
  • खाद्य श्रृंखला को बनाए रखती है।
  • प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करती है।
  • मानव जीवन के लिए भोजन, औषधि एवं अन्य संसाधन उपलब्ध कराती है।

जीवों का वर्गीकरण (Classification of Living Organisms)

पृथ्वी पर लाखों प्रकार के जीव पाए जाते हैं। यदि इन सभी का अलग-अलग अध्ययन किया जाए, तो यह अत्यंत कठिन होगा। इसलिए वैज्ञानिक समान विशेषताओं वाले जीवों को एक ही समूह में रखते हैं। इस प्रक्रिया को वर्गीकरण कहते हैं।

वर्गीकरण के लाभ

  • जीवों की पहचान आसान होती है।
  • अध्ययन व्यवस्थित एवं सरल हो जाता है।
  • समानताओं एवं भिन्नताओं को समझना आसान होता है।
  • नए जीवों की पहचान करने में सहायता मिलती है।

पौधों का वर्गीकरण

पौधों को उनकी ऊँचाई, तने की प्रकृति तथा शाखाओं के आधार पर पाँच प्रमुख समूहों में बाँटा जाता है।

1. शाक (Herbs)

शाक छोटे आकार के पौधे होते हैं। इनके तने हरे, मुलायम तथा कोमल होते हैं।

उदाहरण: पालक, धनिया, टमाटर, गेहूँ, धान।

2. झाड़ी (Shrubs)

झाड़ियाँ मध्यम ऊँचाई के पौधे होते हैं। इनके तने कठोर होते हैं तथा शाखाएँ भूमि के निकट से निकलती हैं।

उदाहरण: गुलाब, तुलसी, मेहंदी।

3. वृक्ष (Trees)

वृक्ष बड़े एवं ऊँचे पौधे होते हैं। इनका तना मोटा, कठोर तथा लकड़ी जैसा होता है। शाखाएँ भूमि से कुछ ऊँचाई पर निकलती हैं।

उदाहरण: आम, नीम, बरगद, पीपल।

4. आरोही लता (Climbers)

इन पौधों के तने कमजोर होते हैं। ये स्वयं सीधे खड़े नहीं रह सकते, इसलिए सहारे के साथ ऊपर चढ़ते हैं।

उदाहरण: अंगूर, मटर, मनी प्लांट।

5. विसर्पी लता (Creepers)

इन पौधों के तने अत्यंत कमजोर होते हैं। ये भूमि पर फैलकर बढ़ते हैं।

उदाहरण: कद्दू, तरबूज, खरबूजा।

पत्तियों का शिरा-विन्यास (Leaf Venation)

पत्तियों में दिखाई देने वाली महीन रेखाओं को शिराएँ कहते हैं। इन शिराओं की व्यवस्था को शिरा-विन्यास कहते हैं।

जालिकारूपी शिरा-विन्यास

इस प्रकार की पत्तियों में शिराएँ जाल जैसी दिखाई देती हैं।

उदाहरण: आम, गुलाब, गेंदा, सरसों।

समांतर शिरा-विन्यास

इस प्रकार की पत्तियों में शिराएँ एक-दूसरे के समानांतर होती हैं।

उदाहरण: गेहूँ, धान, मक्का, केला।

जड़ों के प्रकार

जड़ पौधे का वह भाग है जो उसे मिट्टी में मजबूती से पकड़कर रखता है तथा जल एवं खनिजों का अवशोषण करता है।

मूसला जड़ (Tap Root)

इसमें एक मुख्य जड़ होती है, जिससे छोटी-छोटी पार्श्व जड़ें निकलती हैं।

उदाहरण: सरसों, मूली, गाजर, चना।

रेशेदार जड़ (Fibrous Root)

इसमें अनेक समान आकार की पतली जड़ें होती हैं तथा कोई मुख्य जड़ नहीं होती।

उदाहरण: गेहूँ, धान, मक्का, घास।

बीजपत्रों के आधार पर पौधों का वर्गीकरण

बीज के भीतर उपस्थित भोजन संग्रह करने वाले भाग को बीजपत्र (Cotyledon) कहते हैं। बीजपत्रों की संख्या के आधार पर पौधों को दो समूहों में बाँटा जाता है।

एकबीजपत्री पौधे (Monocot Plants)

  • एक बीजपत्र होता है।
  • समांतर शिरा-विन्यास पाया जाता है।
  • रेशेदार जड़ होती है।
  • उदाहरण: गेहूँ, धान, मक्का।

द्विबीजपत्री पौधे (Dicot Plants)

  • दो बीजपत्र होते हैं।
  • जालिकारूपी शिरा-विन्यास पाया जाता है।
  • मूसला जड़ होती है।
  • उदाहरण: चना, मटर, सरसों, आम।

जालिकारूपी शिरा-विन्यास एवं मूसला जड़ का संबंध

सामान्यतः जिन पौधों में जालिकारूपी शिरा-विन्यास पाया जाता है, उनमें मूसला जड़ होती है। ऐसे पौधे प्रायः द्विबीजपत्री होते हैं।

समांतर शिरा-विन्यास एवं रेशेदार जड़ का संबंध

सामान्यतः जिन पौधों में समांतर शिरा-विन्यास पाया जाता है, उनमें रेशेदार जड़ होती है। ऐसे पौधे प्रायः एकबीजपत्री होते हैं।

प्रकृति संरक्षण का महत्व

प्रत्येक जीव प्रकृति के संतुलन के लिए आवश्यक है। इसलिए पौधों एवं जंतुओं को अनावश्यक नुकसान नहीं पहुँचाना चाहिए। जैव विविधता का संरक्षण करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

याद रखने योग्य बातें

  • जैव विविधता पृथ्वी की सबसे बड़ी प्राकृतिक संपदा है।
  • वर्गीकरण अध्ययन को सरल बनाता है।
  • शाक, झाड़ी, वृक्ष, आरोही लता एवं विसर्पी लता पौधों के प्रमुख समूह हैं।
  • जालिकारूपी शिरा-विन्यास → मूसला जड़ → द्विबीजपत्री।
  • समांतर शिरा-विन्यास → रेशेदार जड़ → एकबीजपत्री।
  • प्रत्येक जीव पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण है।

Chapter Summary (अध्याय सारांश)

इस अध्याय में जीव-जगत की विविधता, जैव विविधता का महत्व, जीवों के वर्गीकरण की आवश्यकता, पौधों के प्रमुख प्रकार, पत्तियों के शिरा-विन्यास, जड़ों के प्रकार तथा एकबीजपत्री एवं द्विबीजपत्री पौधों की विशेषताओं का अध्ययन किया गया। इन सभी अवधारणाओं की सहायता से विद्यार्थियों को जीवों की पहचान, तुलना तथा वैज्ञानिक वर्गीकरण को समझने में सुविधा होती है।

Chapter 2. सजीव जगत में विविधता

Class 6 Science Curiosity Hindi Updated : 09 July 2026

Chapter 2. सजीव जगत में विविधता

इस अध्याय में आपने सजीवों की विविधता, उनके वर्गीकरण, पौधों के विभिन्न समूह, पत्तियों के शिरा-विन्यास, जड़ों के प्रकार तथा एकबीजपत्री एवं द्विबीजपत्री पौधों के बारे में अध्ययन किया। नीचे दिए गए अभ्यास प्रश्न आपकी अवधारणात्मक समझ, तार्किक क्षमता तथा परीक्षा की तैयारी को सुदृढ़ करने के लिए तैयार किए गए हैं।

Assignments - What Have You Learned? (अध्याय अभ्यास प्रश्न)

इन अभ्यास प्रश्नों को हल करके आप अध्याय की महत्वपूर्ण अवधारणाओं की पुनरावृत्ति कर सकते हैं। पहले सभी प्रश्न स्वयं हल करने का प्रयास करें, फिर अपने उत्तरों का मूल्यांकन करें।

Test Your Learning (अध्याय अभ्यास प्रश्न)

रिक्त स्थान भरिए

  1. किसी क्षेत्र में पाए जाने वाले सभी जीवों की विविधता को __________ कहते हैं।
  2. समान गुणों के आधार पर जीवों को समूहों में बाँटने की प्रक्रिया __________ कहलाती है।
  3. हरे एवं कोमल तने वाले पौधे __________ कहलाते हैं।
  4. मोटे एवं कठोर तने वाले बड़े पौधे __________ कहलाते हैं।
  5. जाल जैसी शिराओं वाली पत्तियों में __________ शिरा-विन्यास पाया जाता है।
  6. समांतर शिरा-विन्यास सामान्यतः __________ पौधों में पाया जाता है।
  7. एक मुख्य जड़ वाली जड़ प्रणाली __________ कहलाती है।
  8. समान आकार की अनेक पतली जड़ों वाली जड़ प्रणाली __________ कहलाती है।
  9. दो बीजपत्र वाले पौधों को __________ कहते हैं।
  10. एक बीजपत्र वाले पौधों को __________ कहते हैं।

सही या गलत लिखिए

  1. जैव विविधता केवल पौधों से संबंधित है।
  2. शाक का तना कोमल होता है।
  3. वृक्ष की शाखाएँ भूमि के निकट से निकलती हैं।
  4. मूसला जड़ में एक मुख्य जड़ होती है।
  5. रेशेदार जड़ सामान्यतः एकबीजपत्री पौधों में पाई जाती है।
  6. आरोही लता को सहारे की आवश्यकता होती है।
  7. वर्गीकरण अध्ययन को सरल बनाता है।
  8. जालिकारूपी शिरा-विन्यास सामान्यतः द्विबीजपत्री पौधों में पाया जाता है।
  9. प्रत्येक जीव पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण होता है।
  10. जैव विविधता का संरक्षण आवश्यक नहीं है।

मिलान कीजिए

स्तंभ A स्तंभ B
शाक मोटा एवं कठोर तना
वृक्ष कोमल एवं हरा तना
मूसला जड़ एक मुख्य जड़
रेशेदार जड़ अनेक समान जड़ें
जैव विविधता जीवों की विविधता

एक शब्द में उत्तर दीजिए

  1. जीवों को समूहों में बाँटने की प्रक्रिया क्या कहलाती है?
  2. कोमल तने वाले पौधे क्या कहलाते हैं?
  3. मोटे तने वाले बड़े पौधे क्या कहलाते हैं?
  4. एक मुख्य जड़ वाली जड़ प्रणाली का नाम लिखिए।
  5. समांतर शिराओं वाली पत्ती का शिरा-विन्यास क्या कहलाता है?
  6. दो बीजपत्र वाले पौधे क्या कहलाते हैं?
  7. एक बीजपत्र वाले पौधे क्या कहलाते हैं?
  8. सहारे से ऊपर चढ़ने वाले पौधे क्या कहलाते हैं?
  9. भूमि पर फैलने वाली लता क्या कहलाती है?
  10. जीवों की विविधता को क्या कहते हैं?

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

  1. जैव विविधता क्या है?
  2. वर्गीकरण क्यों आवश्यक है?
  3. शाक किसे कहते हैं?
  4. झाड़ी की एक विशेषता लिखिए।
  5. वृक्ष की एक विशेषता लिखिए।
  6. मूसला जड़ क्या है?
  7. रेशेदार जड़ क्या है?
  8. जालिकारूपी शिरा-विन्यास किसे कहते हैं?
  9. एकबीजपत्री पौधे क्या होते हैं?
  10. द्विबीजपत्री पौधे क्या होते हैं?

लघु उत्तरीय प्रश्न

  1. जैव विविधता का महत्व लिखिए।
  2. पौधों का वर्गीकरण क्यों किया जाता है?
  3. शाक, झाड़ी एवं वृक्ष में अंतर लिखिए।
  4. मूसला एवं रेशेदार जड़ में अंतर स्पष्ट कीजिए।
  5. जालिकारूपी एवं समांतर शिरा-विन्यास में अंतर लिखिए।
  6. आरोही एवं विसर्पी लता में अंतर लिखिए।
  7. एकबीजपत्री एवं द्विबीजपत्री पौधों में अंतर लिखिए।
  8. जैव विविधता का संरक्षण क्यों आवश्यक है?
  9. वर्गीकरण के दो लाभ लिखिए।
  10. प्रकृति का अवलोकन करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

  1. जैव विविधता का अर्थ, महत्व तथा संरक्षण के उपायों का वर्णन कीजिए।
  2. पौधों का वर्गीकरण उदाहरण सहित समझाइए।
  3. मूसला जड़ एवं रेशेदार जड़ का तुलनात्मक अध्ययन कीजिए।
  4. एकबीजपत्री एवं द्विबीजपत्री पौधों की विशेषताओं का विस्तार से वर्णन कीजिए।
  5. जीवों का वर्गीकरण वैज्ञानिक अध्ययन के लिए क्यों आवश्यक है? स्पष्ट कीजिए।

Case Study Based Questions (केस स्टडी आधारित प्रश्न)

केस स्टडी: रिया अपने विद्यालय के उद्यान में गई। उसने देखा कि कुछ पौधे छोटे और कोमल थे, कुछ पौधों के तने कठोर थे तथा कुछ बहुत ऊँचे थे। उसने उनकी पत्तियों का भी अवलोकन किया। कुछ पत्तियों में जाल जैसी शिराएँ थीं, जबकि कुछ में शिराएँ समानांतर थीं।

  1. रिया ने पौधों में कौन-कौन सी विभिन्नताएँ देखीं?
  2. जाल जैसी शिराओं वाले शिरा-विन्यास को क्या कहते हैं?
  3. समांतर शिरा-विन्यास वाले पौधों में सामान्यतः किस प्रकार की जड़ होती है?
  4. पौधों का वर्गीकरण क्यों किया जाता है?
  5. यदि किसी पौधे में रेशेदार जड़ हो, तो उसके शिरा-विन्यास का अनुमान लगाइए।

Competency Based Questions (क्षमता आधारित प्रश्न)

  1. अपने घर के आसपास पाँच पौधों की सूची बनाकर उन्हें शाक, झाड़ी एवं वृक्ष में वर्गीकृत कीजिए।
  2. ऐसे दो पौधों के उदाहरण लिखिए जिनमें समांतर शिरा-विन्यास पाया जाता है।
  3. अपने विद्यालय परिसर में पाए जाने वाले जीवों का उनके आवास के आधार पर वर्गीकरण कीजिए।
  4. यदि किसी पौधे की पत्ती में जालिकारूपी शिरा-विन्यास है, तो उसकी जड़ के प्रकार का अनुमान लगाइए।
  5. अपने क्षेत्र की जैव विविधता बढ़ाने के लिए आप कौन-कौन से कार्य कर सकते हैं?

HOTS Questions (उच्च स्तरीय चिंतन आधारित प्रश्न)

  1. यदि पृथ्वी से सभी वृक्ष समाप्त हो जाएँ, तो जैव विविधता पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
  2. क्या केवल आकार के आधार पर पौधों का वर्गीकरण करना उचित है? कारण सहित उत्तर दीजिए।
  3. यदि किसी पौधे में जालिकारूपी शिरा-विन्यास हो लेकिन रेशेदार जड़ हो, तो आप क्या निष्कर्ष निकालेंगे?
  4. यदि किसी क्षेत्र की जैव विविधता लगातार कम होती जाए, तो वहाँ के पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
  5. प्रकृति का संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी क्यों है? अपने विचार लिखिए।

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