Chapter 11. प्रकृति की अमूल्य संपदा - Class 6 Science Curiosity Hindi CBSE Notes
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CBSE Notes for Class 6 – Chapter-wise Revision Notes
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Chapter 11. प्रकृति की अमूल्य संपदा - Class 6 Science Curiosity Hindi CBSE Notes
Chapter 11. प्रकृति की अमूल्य संपदा
Chapter 11. प्रकृति की अमूल्य संपदा
इस अध्याय में आपने प्राकृतिक संसाधनों के महत्व, वायु, जल, सूर्य, वन, मिट्टी, चट्टानों एवं खनिजों की उपयोगिता तथा उनके संरक्षण के उपायों का अध्ययन किया। इस पृष्ठ में अध्याय के सभी महत्वपूर्ण शब्द, परिभाषाएँ, वैज्ञानिक शब्दावली एवं त्वरित पुनरावृत्ति बिंदुओं को सरल एवं परीक्षा-उपयोगी भाषा में प्रस्तुत किया गया है।
CBSE Notes - Key Points (मुख्य बिंदु)
यह अनुभाग परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसमें अध्याय के सभी आवश्यक शब्द, परिभाषाएँ, वैज्ञानिक शब्दावली तथा महत्वपूर्ण तथ्यों को संक्षिप्त एवं सरल रूप में दिया गया है।
Important Keywords (महत्वपूर्ण शब्द)
- प्राकृतिक संसाधन (Natural Resources)
- वायु (Air)
- वायुमंडल (Atmosphere)
- जल (Water)
- जल संरक्षण (Water Conservation)
- वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting)
- सौर ऊर्जा (Solar Energy)
- पवन ऊर्जा (Wind Energy)
- वन (Forest)
- जैव विविधता (Biodiversity)
- मृदा (Soil)
- ह्यूमस (Humus)
- चट्टान (Rock)
- खनिज (Mineral)
- सतत विकास (Sustainable Development)
- Reduce
- Reuse
- Recycle
Important Definitions (महत्वपूर्ण परिभाषाएँ)
प्राकृतिक संसाधन : प्रकृति द्वारा प्राप्त वे पदार्थ एवं ऊर्जा स्रोत जिनका उपयोग जीवों तथा मनुष्य द्वारा किया जाता है, प्राकृतिक संसाधन कहलाते हैं।
वायुमंडल : पृथ्वी के चारों ओर उपस्थित गैसों का आवरण वायुमंडल कहलाता है।
जल संरक्षण : जल का विवेकपूर्ण उपयोग करना तथा उसकी बर्बादी रोकना जल संरक्षण कहलाता है।
वर्षा जल संचयन : वर्षा के जल को एकत्रित करके भविष्य में उपयोग के लिए सुरक्षित रखने की प्रक्रिया वर्षा जल संचयन कहलाती है।
सौर ऊर्जा : सूर्य से प्राप्त ऊर्जा को सौर ऊर्जा कहते हैं।
पवन ऊर्जा : चलती हुई वायु से प्राप्त ऊर्जा पवन ऊर्जा कहलाती है।
वन : वह विशाल क्षेत्र जहाँ बड़ी संख्या में पेड़-पौधे एवं वन्य जीव पाए जाते हैं, वन कहलाता है।
मृदा : पृथ्वी की ऊपरी उपजाऊ परत जिसमें पौधे उगते हैं, मृदा कहलाती है।
ह्यूमस : मिट्टी में उपस्थित सड़े-गले जैविक पदार्थों को ह्यूमस कहते हैं।
खनिज : पृथ्वी की चट्टानों से प्राप्त प्राकृतिक पदार्थ, जिनका उपयोग उद्योगों एवं निर्माण कार्यों में किया जाता है, खनिज कहलाते हैं।
Scientific Terms (वैज्ञानिक शब्दावली)
| English | हिन्दी |
|---|---|
| Natural Resources | प्राकृतिक संसाधन |
| Atmosphere | वायुमंडल |
| Water Conservation | जल संरक्षण |
| Rainwater Harvesting | वर्षा जल संचयन |
| Solar Energy | सौर ऊर्जा |
| Wind Energy | पवन ऊर्जा |
| Forest | वन |
| Biodiversity | जैव विविधता |
| Soil | मृदा |
| Humus | ह्यूमस |
| Rock | चट्टान |
| Mineral | खनिज |
Important Facts (महत्वपूर्ण तथ्य)
- प्राकृतिक संसाधन पृथ्वी पर जीवन का आधार हैं।
- वायु में लगभग 78% नाइट्रोजन तथा 21% ऑक्सीजन होती है।
- ऑक्सीजन श्वसन के लिए तथा कार्बन डाइऑक्साइड प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक है।
- सूर्य पृथ्वी पर ऊर्जा का सबसे बड़ा प्राकृतिक स्रोत है।
- मीठे जल की मात्रा सीमित है, इसलिए जल संरक्षण आवश्यक है।
- वर्षा जल संचयन भूजल स्तर बढ़ाने का प्रभावी उपाय है।
- वन पर्यावरण संतुलन एवं जैव विविधता बनाए रखते हैं।
- मिट्टी का निर्माण चट्टानों के अपक्षय से होता है।
- ह्यूमस मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है।
- चट्टानों से विभिन्न प्रकार के खनिज प्राप्त होते हैं।
- 3R सिद्धांत प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग सतत विकास के लिए आवश्यक है।
Quick Revision (त्वरित पुनरावृत्ति)
- प्राकृतिक संसाधन → प्रकृति से प्राप्त संसाधन।
- वायु → गैसों का मिश्रण।
- ऑक्सीजन → श्वसन के लिए आवश्यक।
- कार्बन डाइऑक्साइड → प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक।
- सूर्य → ऊर्जा का मुख्य स्रोत।
- जल संरक्षण → जल की बचत।
- वर्षा जल संचयन → वर्षा के जल का संग्रह।
- वन → ऑक्सीजन एवं वन्य जीवों का आवास।
- मृदा → कृषि का आधार।
- ह्यूमस → मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है।
- चट्टान → खनिजों का स्रोत।
- 3R → Reduce, Reuse, Recycle.
Chapter 11. प्रकृति की अमूल्य संपदा
Chapter 11. प्रकृति की अमूल्य संपदा
प्राकृतिक संसाधन हमारे जीवन का आधार हैं। वायु, जल, सूर्य, वन, मिट्टी तथा खनिजों के बिना पृथ्वी पर जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। इन संसाधनों का संतुलित एवं जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। इस अध्याय में प्राकृतिक संसाधनों के महत्व, उनके उपयोग तथा संरक्षण के उपायों का विस्तृत अध्ययन किया गया है।
Detailed Notes (विस्तृत अध्ययन नोट्स)
प्राकृतिक संसाधन सीमित हैं। कुछ संसाधन जैसे सूर्य एवं पवन निरंतर उपलब्ध रहते हैं, जबकि कई संसाधनों के बनने में लाखों वर्ष लगते हैं। इसलिए उनका विवेकपूर्ण उपयोग करना तथा उन्हें भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना आवश्यक है।
प्राकृतिक संसाधन (Natural Resources)
प्रकृति द्वारा प्राप्त सभी उपयोगी पदार्थ एवं ऊर्जा स्रोत प्राकृतिक संसाधन कहलाते हैं। ये मनुष्य, पशु-पक्षियों तथा पौधों के जीवन के लिए आवश्यक हैं।
मुख्य प्राकृतिक संसाधन
- वायु
- जल
- सूर्य का प्रकाश
- वन
- मृदा
- चट्टानें
- खनिज
वायु (Air)
वायु विभिन्न गैसों का मिश्रण है। सभी जीव श्वसन के लिए ऑक्सीजन पर निर्भर हैं, जबकि पौधे प्रकाश संश्लेषण के लिए कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग करते हैं।
वायु का महत्व
- श्वसन के लिए ऑक्सीजन प्रदान करती है।
- प्रकाश संश्लेषण में सहायक है।
- पवन ऊर्जा का स्रोत है।
- मौसम एवं जलवायु को प्रभावित करती है।
जल (Water)
जल जीवन की मूल आवश्यकता है। पीने, भोजन बनाने, कृषि, उद्योग तथा स्वच्छता जैसे लगभग सभी कार्यों में जल का उपयोग होता है।
जल के प्रमुख स्रोत
- वर्षा
- नदियाँ
- झीलें
- तालाब
- भूजल
- हिमनद
पृथ्वी पर उपलब्ध अधिकांश जल समुद्रों में खारे जल के रूप में है, जबकि उपयोग योग्य मीठे जल की मात्रा बहुत कम है।
जल संरक्षण (Water Conservation)
जल का सावधानीपूर्वक उपयोग करना तथा उसकी बर्बादी रोकना जल संरक्षण कहलाता है। जल संरक्षण वर्तमान तथा भविष्य दोनों के लिए आवश्यक है।
जल संरक्षण के उपाय
- वर्षा जल संचयन अपनाना।
- रिसाव वाले नलों की मरम्मत करना।
- अनावश्यक जल की बर्बादी रोकना।
- जल स्रोतों को स्वच्छ रखना।
- घरेलू जल का पुनः उपयोग करना।
सौर ऊर्जा (Solar Energy)
सूर्य पृथ्वी पर ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत है। पौधे सूर्य के प्रकाश की सहायता से भोजन बनाते हैं तथा मनुष्य सौर ऊर्जा का उपयोग बिजली उत्पादन एवं अन्य कार्यों में करता है।
सौर ऊर्जा के उपयोग
- सौर पैनलों द्वारा बिजली बनाना।
- सौर कुकर में भोजन पकाना।
- सौर जल ऊष्मक द्वारा पानी गर्म करना।
- ग्रामीण क्षेत्रों में प्रकाश व्यवस्था।
वन (Forest)
वन प्राकृतिक पर्यावरण का महत्वपूर्ण भाग हैं। वे केवल पेड़ों का समूह नहीं बल्कि अनेक प्रकार के जीव-जंतुओं एवं पौधों का निवास स्थान हैं।
वनों का महत्व
- ऑक्सीजन प्रदान करते हैं।
- कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण करते हैं।
- वन्य जीवों को प्राकृतिक आवास देते हैं।
- मिट्टी का कटाव रोकते हैं।
- वर्षा एवं जलवायु संतुलन बनाए रखते हैं।
- लकड़ी, औषधियाँ एवं अन्य वन उत्पाद उपलब्ध कराते हैं।
मृदा (Soil)
मृदा पौधों की वृद्धि का आधार है। इसमें जल, वायु, खनिज, ह्यूमस तथा सूक्ष्मजीव पाए जाते हैं, जो पौधों को पोषण प्रदान करते हैं।
मृदा के मुख्य घटक
- खनिज कण
- ह्यूमस
- जल
- वायु
- सूक्ष्मजीव
चट्टानें एवं खनिज (Rocks and Minerals)
चट्टानें पृथ्वी की ठोस बाहरी परत बनाती हैं। इन्हीं से विभिन्न प्रकार के खनिज प्राप्त होते हैं, जिनका उपयोग उद्योगों, भवन निर्माण तथा मशीनों के निर्माण में किया जाता है।
मुख्य उपयोग
- भवन निर्माण
- सड़क निर्माण
- धातु उद्योग
- सीमेंट उद्योग
- आभूषण निर्माण
प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण
प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। यदि इनका अत्यधिक दोहन किया गया, तो भविष्य में इनकी कमी हो सकती है।
संरक्षण के उपाय
- अधिक से अधिक वृक्ष लगाना।
- जल एवं बिजली की बचत करना।
- 3R सिद्धांत अपनाना।
- प्रदूषण को कम करना।
- प्राकृतिक संसाधनों का आवश्यकता अनुसार ही उपयोग करना।
याद रखने योग्य बातें
- प्राकृतिक संसाधन जीवन के लिए अनिवार्य हैं।
- वायु में नाइट्रोजन सर्वाधिक मात्रा में होती है।
- ऑक्सीजन श्वसन तथा कार्बन डाइऑक्साइड प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक है।
- सूर्य ऊर्जा का सबसे बड़ा प्राकृतिक स्रोत है।
- जल संरक्षण भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।
- वन पर्यावरण संतुलन बनाए रखते हैं।
- मृदा का निर्माण चट्टानों के अपक्षय से होता है।
- ह्यूमस मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है।
- खनिज उद्योगों एवं निर्माण कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- 3R सिद्धांत पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी उपाय है।
Chapter 11. प्रकृति की अमूल्य संपदा
Chapter 11. प्रकृति की अमूल्य संपदा
इस अध्याय में आपने प्राकृतिक संसाधनों के महत्व, वायु, जल, सूर्य, वन, मृदा, चट्टानों तथा खनिजों के उपयोग एवं संरक्षण का अध्ययन किया। नीचे दिए गए अभ्यास प्रश्न आपकी अवधारणात्मक समझ, तार्किक क्षमता तथा परीक्षा की तैयारी को मजबूत बनाने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं।
Assignments - What Have You Learned? (अध्याय अभ्यास प्रश्न)
इन अभ्यास प्रश्नों का उद्देश्य अध्याय की पुनरावृत्ति कराना तथा विद्यार्थियों की समझ को और अधिक मजबूत बनाना है। पहले सभी प्रश्न स्वयं हल करने का प्रयास करें।
Test Your Learning (अध्याय अभ्यास प्रश्न)
रिक्त स्थान भरिए
- प्रकृति द्वारा प्राप्त उपयोगी पदार्थ ________ कहलाते हैं।
- वायु में सबसे अधिक मात्रा ________ गैस की होती है।
- श्वसन के लिए ________ गैस आवश्यक है।
- ऊर्जा का सबसे बड़ा प्राकृतिक स्रोत ________ है।
- वर्षा के जल को संग्रहित करने की प्रक्रिया ________ कहलाती है।
- मिट्टी का निर्माण ________ के अपक्षय से होता है।
- मिट्टी का जैविक भाग ________ कहलाता है।
- वनों को पृथ्वी के ________ कहा जाता है।
- चलती हुई वायु से प्राप्त ऊर्जा ________ कहलाती है।
- 3R का पहला R ________ है।
सही या गलत लिखिए
- प्राकृतिक संसाधन केवल मनुष्य के लिए उपयोगी हैं।
- वायु में ऑक्सीजन की मात्रा सबसे अधिक होती है।
- मीठे जल की मात्रा पृथ्वी पर सीमित है।
- सूर्य ऊर्जा का मुख्य स्रोत है।
- वन मिट्टी के कटाव को रोकते हैं।
- चट्टानों से खनिज प्राप्त होते हैं।
- वर्षा जल संचयन से भूजल स्तर बढ़ता है।
- 3R सिद्धांत संसाधनों के संरक्षण में सहायक है।
- वनों की कटाई पर्यावरण के लिए लाभदायक है।
- प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग आवश्यक है।
मिलान कीजिए
| स्तंभ A | स्तंभ B |
|---|---|
| वायु | श्वसन |
| सूर्य | ऊर्जा का स्रोत |
| वन | वन्य जीवों का आवास |
| मृदा | कृषि का आधार |
| वर्षा जल संचयन | जल संरक्षण |
एक शब्द में उत्तर दीजिए
- प्रकृति द्वारा प्राप्त उपयोगी संसाधन।
- पृथ्वी के चारों ओर गैसों का आवरण।
- ऊर्जा का सबसे बड़ा प्राकृतिक स्रोत।
- चलती हुई वायु से प्राप्त ऊर्जा।
- वर्षा के जल का संग्रह।
- पृथ्वी की उपजाऊ ऊपरी परत।
- मिट्टी का जैविक भाग।
- चट्टानों से प्राप्त पदार्थ।
- प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का सिद्धांत (3R का पहला शब्द)।
- वनों में पाई जाने वाली जीवों की विविधता।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
- प्राकृतिक संसाधन किसे कहते हैं?
- वायु में सबसे अधिक कौन-सी गैस होती है?
- ऑक्सीजन का मुख्य कार्य क्या है?
- जल संरक्षण क्यों आवश्यक है?
- वर्षा जल संचयन क्या है?
- सौर ऊर्जा का एक उपयोग लिखिए।
- वनों का एक लाभ लिखिए।
- मृदा किससे बनती है?
- ह्यूमस क्या है?
- 3R का क्या अर्थ है?
लघु उत्तरीय प्रश्न
- प्राकृतिक संसाधनों का महत्व लिखिए।
- वायु के चार प्रमुख उपयोग लिखिए।
- जल संरक्षण के उपाय लिखिए।
- सौर ऊर्जा के प्रमुख उपयोग बताइए।
- वनों का पर्यावरण में क्या महत्व है?
- मृदा के मुख्य घटकों का वर्णन कीजिए।
- चट्टानों एवं खनिजों का महत्व लिखिए।
- 3R सिद्धांत को उदाहरण सहित समझाइए।
- प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की आवश्यकता क्यों है?
- सतत विकास से आप क्या समझते हैं?
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
- प्राकृतिक संसाधनों का महत्व तथा उनके संरक्षण के उपायों का विस्तार से वर्णन कीजिए।
- जल संरक्षण की आवश्यकता एवं वर्षा जल संचयन के महत्व को उदाहरण सहित समझाइए।
- वनों का पर्यावरण, जैव विविधता तथा मानव जीवन में महत्व स्पष्ट कीजिए।
- मृदा, चट्टानों एवं खनिजों का निर्माण तथा उपयोग विस्तार से समझाइए।
- प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका पर प्रकाश डालिए।
Case Study Based Questions (केस स्टडी आधारित प्रश्न)
केस स्टडी: एक गाँव में हर वर्ष गर्मियों के दौरान पानी की कमी हो जाती थी। गाँव के लोगों ने वर्षा जल संचयन की व्यवस्था की, नए पेड़ लगाए तथा जल का सोच-समझकर उपयोग करना शुरू किया। कुछ वर्षों बाद गाँव का भूजल स्तर बढ़ गया और जल की समस्या काफी कम हो गई।
- गाँव में जल की कमी का मुख्य कारण क्या था?
- गाँव वालों ने जल संरक्षण के लिए कौन-कौन से उपाय अपनाए?
- वर्षा जल संचयन से क्या लाभ हुआ?
- पेड़ लगाने से पर्यावरण को क्या लाभ मिलता है?
- इस उदाहरण से प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का क्या संदेश मिलता है?
Competency Based Questions (क्षमता आधारित प्रश्न)
- अपने घर में प्रतिदिन उपयोग होने वाले पाँच प्राकृतिक संसाधनों की सूची बनाइए तथा उनके उपयोग लिखिए।
- अपने विद्यालय या घर के लिए जल संरक्षण की एक कार्ययोजना तैयार कीजिए।
- 3R सिद्धांत को अपने दैनिक जीवन में लागू करने के पाँच उदाहरण लिखिए।
- अपने आसपास पाए जाने वाले पेड़-पौधों का अवलोकन कर उनके पर्यावरणीय महत्व पर एक संक्षिप्त रिपोर्ट तैयार कीजिए।
- प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर एक पोस्टर या जागरूकता अभियान की रूपरेखा तैयार कीजिए।
HOTS Questions (उच्च स्तरीय चिंतन आधारित प्रश्न)
- यदि पृथ्वी पर वन पूरी तरह समाप्त हो जाएँ, तो जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
- क्या केवल सरकार प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण कर सकती है? अपने उत्तर के समर्थन में तर्क दीजिए।
- यदि वर्षा का जल सीधे बहकर नष्ट हो जाए, तो भविष्य में क्या समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं?
- प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन आने वाली पीढ़ियों को किस प्रकार प्रभावित करेगा?
- अपने क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए आप कौन-से पाँच व्यावहारिक सुझाव देंगे?
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