NCERT Solutions for Class 9 – Complete Chapter-wise Study Material
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4. चुनावी राजनीति - Class 9 Political Science Hindi NCERT Solutions
4. चुनावी राजनीति
मुख्य बिंदु
मुख्य बिंदु :
- किसी भी लोकतंत्र में नियमित अंतराल पर चुनाव होते रहते है |
- अधिकांश लोकतान्त्रिक शासन व्यवस्थाओं में लोग अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से शासन करते हैं |
- प्रतिनिधियों का चुनाव उनके उम्र और अनुभव के आधार पर किया जाता है |
- बिना चुनाव के हम किसी भी लोकतंत्र की कल्पना नहीं कर सकते हैं |
- लोकतंत्र की बहाली के लिए चुनाव की आवश्यकता होती है |
- लोग चुनाव के माध्यम से लोग अपने प्रतिनिधियों को चुनते है |
- चुनाव के माध्यम से हम किसी भी सरकार को बदल सकते है |
- हम चुनाव इसलिए करते है ताकि चुने हुए प्रतिनिधि संसद से कानून बना सके |
- चुनाव से हमें सही और मनपसंद प्रतिनिधि और सरकार चुन सकते है |
4. चुनावी राजनीति
अभ्यास
अभ्यास प्रश्नावली
Q1. चुनाव क्यों होते हैं ? इस बारे में इनमें से कौन-सा वाक्य ठीक नहीं है |
(क) चुनाव लोगों को सरकार के कामकाज का फैसला करने का अवसर देते है |
(ख) लोग चुनाव में अपनी पसंद के उम्मीदवार का चुनाव करते हैं |
(ग) चुनाव लोगों को न्यायपालिका के कामकाज का मूल्यांकन करने का अवसर देते है |
(घ) लोग चुनाव से अपनी पसंद की नीतियाँ बना सकते हैं |
उत्तर : (ग) चुनाव लोगों को न्यायपालिका के कामकाज का मूल्यांकन करने का अवसर देते है |
Q2. भारत के चुनाव लोकतांत्रिक हैं, यह बताने के लिए इनमें कौन-सा वाक्य सही कारण नहीं देता ?
(क) भारत में दुनिया के सबसे ज्यादा मतदाता हैं |
(ख) भारत में चुनाव आयोग काफी शक्तिशाली है |
(ग) भारत में 18 वर्ष से अधिक उम्र का हर व्यक्ति मतदाता है |
(घ) भारत में चुनाव हारने वाली पार्टियाँ जनादेश स्वीकार कर लेती हैं |
उत्तर: (क) भारत में दुनिया के सबसे ज्यादा मतदाता हैं |
Q3. निम्नलिखित में मेल ढूंढे :

उत्तर :
(क) ---------- (4)
(ख) ---------- (1)
(ग) ----------- (2)
(घ) ----------- (3)
Q4. इस अध्याय में वर्णित चुनाव संबंधी सभी गतिविधियाँ की सूची बनाएँ और इन्हें चुनाव में सबसे पहले किए जाने वाले काम से लेकर आखिर तक के क्रम में सजाएँ | इनमें से कुछ मामले हैं :
चुनाव घोषणा पत्र जारी करना,
वोटो की गिनती,
मतदाता सूची बनाना,
चुनाव अभियान,
चुनाव नतीजों की घोषणा करना,
मतदान
पुनर्मतदान के आदेश,
चुनाव प्रक्रिया की घोषणा,
नामांकन दाखिल करना
उत्तर :
(i) मतदाता सूची बनाना
(ii) चुनाव प्रक्रिया की घोषणा
(iii) नामांकन दाखिल करना
(iv) चुनाव अभियान
(v) चुनाव घोषणा पत्र जारी करना
(vi) मतदान
(vii) पुनर्मतदान के आदेश
(viii) वोटो की गिनती
(ix) चुनाव नतीजों की घोषणा करना
Q5. सुरेखा एक राज्य विधानसभा क्षेत्र में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने वाली अधिकारी है | चुनाव के इन चरणों में उसे किन-किन बातों पर ध्यान देना चाहिए ?
(क) चुनाव प्रचार
(ख) मतदान के दिन
(ग) मतगणना के दिन
उत्तर :
(क) चुनाव प्रचार के समय उसे इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि कोई भी उम्मीदवार चुनाव कानूनों का उलंघन न करें | जैसे -
(i) मतदाता को प्रलोभन देना, घूस देना या धमकी देना,
(ii) जाति या धर्म के नाम पर वोट माँगना |
(iii) चुनाव अभियान में सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल करना |
(ख) मतदान के दिन : मतदान के दिन इस बात का ध्यान रखना होता है कि चुनाव निष्पक्ष हो, कोई फर्जी मत न डाल पाए |
(ग) मतगणना के दिन : इसके लिए चुनावी मशीने शीलबंद हो, एक चुनाव क्षेत्र की सभी मशीने एक साथ खोली जाए | सबसे अधिक मत पाने वाले उम्मीदवार को ही विजयी घोषित किया जाए |
Q6. निचे दी गई तालिका बताती हैं कि अमेरिकी कांग्रेस के चुनावो के विजयी उम्मीदवारों में अमेरिकी समज के विभिन्न समुदाय क सदस्यों का क्या अनुपात था| ये किस अनुपात में जीते| इसकी तुलना मेरीवी समाज में in समुदायों की आबादी के अनुपात से कीजिए| इसके आधार पर क्या आप अमेरीवी संसद के चुनाव में भी आरक्षण का सुझाव देंगे? अगर हाँ, तो क्यों और किस समुदाय के लिए? अगर नहीं तो क्यों?
समुदाए का प्रतिनिधित्व (प्रतिशत में)
| अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में | अमेरिकी समाज में | |
| अश्वेत | 8 | 13 |
| हिस्पैनिक | 5 | 13 |
| श्वेत | 86 | 70 |
उत्तर : उपर्युक्त तालिका के आधार पर हिस्पैनिक समुदाए के लिए आरक्षण एक अच्छा विचार हैं| हिस्पैनिक समुदाए की जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व प्रदान करने के लिए ऐसा करना आवश्यक हैं|
Q7. क्या हम इस दी गयी सूचनाओ के आधार पर निम्नलिखित निष्कर्ष निकाल सकते हैं? इनमें सभी पर अपनी राय के पक्ष में दो तथ्य प्रस्तुत कीजिए|
(क) भारत के चुनाव आयोग को देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कर सकने लायक पर्याप्त अधिकार नहीं हैं|
(ख) हमारे देश के चुनाव में लोगो की जबरदस्त भागीदारी होती हैं|
(ग) सत्ताधारी पार्टी के लिए चुनाव जीतना बहुत आसान होता हैं|
(घ) अपने चुमवो को पूरी तरह से निष्पक्ष और स्वतंत्र बनाने के लिए कई कदम उठाने जरूरी हैं|
उत्तर:
(क) यह असत्य हैं, यथार्थ में निर्वाचन आयोग को देश में स्वतानते एवं निष्पक्ष चुनाव करने का अधिकार प्राप्त हैं| यह चुनाव के दौरान आचार संहिता लागू करता हैं तथा इसका उल्लंघन करने वाले राजनितिक दलों या प्रत्याशियों को दण्डित करता हैं| चुनाव ड्यूटी के दौरान नियुक्त कर्मचारी चुनाव आयोग के अधीन कार्य करते हैं न की सरकार के|
(ख) यह सत्य हैं, चुनावों में लोगो की भागीदारी प्राय: मतदान करने वाले लोगो के आकड़ों से मानी जाती हैं| मतदान प्रतिशत योग्य मतदाताओ में से वास्तव में मतदान करने वाले लोगो के प्रतिशत को प्रदर्शित करता हैं| मतदाता चुनावो द्वारा राजनीतिक दलों पर अपने अनुकूल नीति एवं कार्यक्रमों के लिए दबाव डाल सकते हैं|
(ग) यह असत्य हैं, सत्ताधारी भिऊ चुनाव में पराजित हुए हैं| कई बार ऐसे प्रत्याशी जो चुनावो में अधिक धन खर्च करते हैं, चुनाव हार जाते हैं|
(घ) यह सत्य हैं, चुनाव सुधार के द्वारा धन बल और अपराधिक छवि वाले उम्मीदवारों को राजनीतिक से दूर करने की आवश्यकता हैं क्योंकि कई बार धन बल और अपराधिक छवि वाले लोग राजनीतिक दलों से टिकट पाने और चुनाव जीतने में सफल हो जाते हैं| ऐसे लोग जनकल्याण नहीं कर सकते बल्कि ये अपनी स्वार्थ सिद्ध में ही लगे रहते हैं|
Q8. चिनप्पा को दहेज़ के लिए अपनी पत्नी को परेशान करने के जुर्म में सज़ा मिली थी | सतबीर को छुआछूत मानने को दोषी माना गया था| दोनों को अदालत ने चुनाव लड़ने की इज़ाज़त नहीं दी| क्या यह फैसला लोकतांत्रिक चुनावो के बुनयादी सिद्धांतो के खिलाफ जाता हैं? अपने उत्तर के पक्ष में तर्क दीजिए|
उत्तर: यह निर्णय लोकतांत्रिक चुनावो के आधारभूत सिद्धांतो के विरुद्ध नहीं हैं क्योंकि चिनप्पा और सतबीर दोनों हीं अपराधी हैं| दोनों को कानून का पालन न करने पर न्यायलय द्वारा दण्डित किया जा चूका हैं अर्थात् यें दोनों देश के लिए अच्छे व आदर्श नागरिक सिद्ध नही हुए| इसलिए उन्हें केंद्र या राज्यसरकार में कोई पद धारण नहीं करना चाहिए|
Q9. ये देश अपने यहाँ के चुनावो के सुधार के लिए भारत से कुछ बाते सीख सकते हैं? प्रत्येक मामले में आप क्या सुझाव देंगे?
(क) नाइजीरिया के एक चुनाव में मतगणना अधकारी ने जान बूझकर एक उम्मीदवार को मिले वोटो की संख्या बढ़ा दी और उसे विजयी घोषित कर दिया| बाद में अदालत ने पाया कि दुसरे उम्मीदवार को मिले पाँच लाख वोटो को उस उम्मीदवार के पक्ष में दर्ज़ कर लिया गया था|
(ख) फिजी में चुनाव से ठीक पहले एक पर्चा बाँटा गया जिसमें धमकी दी गयी थी कि अगर पूर्व प्रधानमंत्री महेंद्र चौधरी के पक्ष में वोट दिया गया तो खून-खराबा हो जाएगा| यह धमकी भारतीय मूल के मतदाताओ को दी गयी थी|
(ग) अमेरिका के हर प्रान्त में मतदान, मतगणना और चुनाव संचालन की अपनी-अपनी प्रणालियाँ हैं| 2000 ई0 के चुनाव में फ्लोरिडा प्रान्त के अधिकारीयों ने जॉर्ज बुश के पक्ष में अनेक विवादस्पद फैसले लिए पर उनके फैसले को कोई भी नहीं बदल सका|
उत्तर:
(क) यदि चुनाव अधिकारी द्वारा की गयी गड़बड़ी न्यायलय में प्रमाणित हो जाती हैं तो उस चुनाव को अवैध घोषित कर दिया जाना चाहिए और उस चुनाव को दोबारा कराया जाना चाहिए|
(ख) चुनाव से ठीक पहले किसी प्रत्याशी के विरुद्ध हेतु धमकी भरा पर्चा निकालना और एक समुदाय को भयभीत करना निश्चित रूप से चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन हैं| इस पर्चे को जारी करने वाले व्यक्ति अथवा राजनीतिक दल का पता लगाकर उसे दण्डित किया जाना चाहिए क्योंकि यह लोकतांत्रिक सिद्धांतो के विरुद्ध हैं|
(ग) संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रत्येक राज्य को अपने चुनाव संबंधी कानून बनाने का अधिकार हैं, फ्लोरिडा राज्य द्वारा लिया गया निर्णय उस राज्य के चुनाव के कानून के अनुकूल होगा|
Q10. भारत में चुनावी गड़बड़ियों से संबंधित कुछ रिपोर्टे यहाँ दी गई हैं| प्रत्येक मामले में समस्या की पहचान कीजिए| इन्हें दूर करने के लिए क्या किया जा सकता हैं?
(क) चुनाव की घोषणा होते ही मंत्री महोदय ने बंद पड़ी चीनी मील को दोबारा खोलने के लिए वित्तीय सहायता देने की घोषणा की|
(ख) विपक्षी दलों का आरोप था कि दूरदर्शन और आकाशवाणी पर उनके बयानों और चुनाव अभियान को उचित जगह नहीं मिली|
(ग) चुनाव आयोग की जाँच से एक राज्य की मतदाता सूची में 20 लाख फर्जी मतदाताओ के नाम मिले|
(घ) एक राजनैतिक डाल के गुंडे बन्दूको के साथ घूम रहे थे, दूसरी पार्टियों के लोगो को मतदान में भाग लेने से रोक रहे थे और दूसरी पार्टी की चुनावी सभाओ पर हमले कर रहे थे|
उत्तर:
(क) चुनाव की तिथि घोषित हो जाने के बाद सरकार द्वारा नीतिगत निर्णय लेना उचित नहीं हैं| मंत्री महोदय ने चीनी मील को आर्थिक सहायता देने का वादा करके एक नीतिगत निर्णय की घोषणा की हैं, जो कि अनुचित हैं| अतः मंत्री महोदय को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी जनि चाहिए|
(ख) सभी राजनीतिक दलों को रेडियो तथा दूरदर्शन अपने विचार प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता एवं समय दिया जाना चाहिए| भारत में सभी राजनेतिक दलों को निर्वाचन आयोग द्वारा समय दिया जाता हैं| विपक्षी दलों के बयानों एवं चुनाव अभियान को दूरदर्शन तथा आकाशवाणी पर उचित स्थान न देकर सरकार ने अपनी स्थिति का दुरूपयोग किया हैं| इसके प्रत्युतर में विपक्ष को राष्ट्रीय मीडिया में पर्याप्त समय मिलना चाहिए|
(ग) फर्जी मतदातो की मौजूदगी का अर्थ हैं कि मतदाता सूची तैयार करने वाले अधिकारीयों ने गड़बड़ी की तैयारी की थी| चुनाव आयोग को मतदाता सूची की तैयारी की देखभाल करनी चाहिए|
(घ) गुंडों एवं अपराधिक तत्वों का प्रयोग करके राजनीतिक दलों द्वारा अपने प्रतिद्वंदियों को धमकाना और भयभीत करना राजनीतिक दुराचार हैं| बन्दूक तथा अन्य घातक हथियारों के साथ चुनाव के दौरान लोगो का घूमना फिरना बंद किया जाना चाहिए| सभी उम्मीदवारों को सरकार की ओर से सुरक्षा उपलब्ध करायी जानी चाहिए|
Q11. जब यह अध्याय पढ़ा जा रहा था तो रमेश कक्षा में नहीं आ पा रहा था| अगले दिन कक्षा में आने के बाद उसने अपने पिताजी से सुनी बातो को दोहराया| क्या आप रमेश को बता सकते हैं कि उसके इन बयानों में क्या गड़बड़ी हैं?
(क) औरतें उसी तरह वोट देती हैं जैसा पुरूष उनसे कहते हैं इसलिए उनके मताधिकार का कोई मतलब नहीं हैं|
(ख) पार्टी-पॉलिटिक्स से समाज में तनाव पैदा होता हैं| चुनाव में सबकी सहमति वाला फैसला होना चाहिए, प्रतिद्वंदिता नहीं होनी चाहिए|
(ग) सिर्फ स्नातको को ही चुनाव लड़ने की इज़ाज़त होनी चाहिए|
उत्तर:
(क) यह असत्य है, वर्तमान भारत में ऐसी महिलाए बहुत बड़ी संख्या में विद्यमान हैं जो स्वेक्षा से मतदान करती हैं| महिलाओ को मताधिकार से वंचित करना अथवा उन्हें जबरन किसी प्रत्याशी विशेष के लिए मतदान करने के लिए प्रेरित करना लोकतांत्रिक रूप से अनुचित हैं| इसीलिए विश्व के सभी लोकतात्रिक देशों मे महिलाओ को मतदान और चुनाव लड़ने का अधिकार दिया गया हैं|
(ख) यह सत्य हैं कि दलगत राजनीतिक समाज में तनाव उत्पन्न करती हैं किन्तु इसके लिए कोई दूसरा रास्ता भी नहीं हैं| वर्तमान में राज्यों की जनसंख्या करोड़ो में हैं और इतने लोगो से किसी सहमती पर पहुचना भुत कठिन होगा|
(ग) सिर्फ स्नातको को चुनाव लड़ने का अधिकार देना अलोकतांत्रिक होगा| इसका आशय यह होगा कि उन लोगों को चुनाव न लड़ने दिया जाए जो स्नातक नहीं हैं| प्रत्याशियों का शिक्षित होना अच्छी बात हैं, लेकिन इसके लिए सरकार को दायित्व हैं कि वः लोगों को शिक्षित करने का प्रयास करे|
4. चुनावी राजनीति
महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
अध्याय 4. चुनावी राजनीति
प्रश्न 1: हमे चुनाव की जरूरत क्यों होती है?
उत्तर :हमें चुनाव की जरूरत इसलिए होती है क्योकि चुनाव के द्वारा हम अपने शासक खुद चुन सकते है/ इसलिए ज्यादातर लोकतांत्रिक शासन व्यवस्थाओं में लोग अपने प्रतिनिधियो के माध्यम से ही शासन करते है|
प्रश्न 2: चुनाव क्या है?
उत्तर :जिससे लोग एक नियमित अंतराल पर अपने प्रतिनिधियों को चुन सके तथा यदि इच्छा हो तो उन्हें बदल भी दे | इसी व्यवस्था का नाम चुनाव है |
प्रश्न 3: चुनाव में मतदाता किस प्रकार से चुनाव करते है ?
उत्तर : चुनाव में मतदाता कई प्रकार से चुनाव करते है:
(1) वे सरकार बनाने और बड़े फैसले करने वाले का चुनाव कर सकते है |
(2) वे अपने लिए कानून बनाने वाले का चुनाव कर सकते है |
(3) वे सरकार तथा उसके द्वारा बनाने वाले कानूनों का दिशा निर्दीश करने वाली पार्टी का चुनाव कर सकते है |
प्रश्न 4: लोकतंत्र चुनाव की न्यूनतम शर्ते क्या - क्या है ?
उत्तर : लोकतंत्र चुनाव की न्यूनतम शर्ते निम्न है -
(1) पहला, हर किसी को चुनाव करने की सुविधा हो यानी हर किसी को मताधिकार प्राप्त हो (तथा हर किसी को मताधिकार को मत का समान मोल हो |
(2) दूसरा, चुनाव में कुछ विकल्प उपलब्ध हो| पार्टियों तथा उम्मीवारो को चुनाव में उतरने की पूरी आजादी हो तथा वे मतदाताओं के लिए विकल्प पेश करे |
(3) तीसरा , चुनाव का अक्सर नियमित अंतराल पर उपलब्ध होता रहे | नए चुनाव कुछ वर्षो में जरूर कराए जाने चाहिए |
(4) चौथा , लोग जिसे चाहे वास्तव में चुनाव उसी का होना चाहिए |
(5) पांचवां , चुनाव निष्पक्ष एवं स्वतंत्र ढंग से कराए जाने चाहिए , जिससे लोग सचमुच अपनी अपनी इच्छा से अपने उम्मीदवार का चुनाव कर सके |
प्रश्न 5: लोकसभा तथा विधानसभा के चुनाव कितने वर्षो बाद होते है ?
उत्तर : पाँच वर्षो बाद |
प्रश्न 6: आम चुनाव किसे कहते है ?
उत्तर : सभी चुनाव क्षेत्रो में एक ही दिन अथवा एक छोटे अंतराल में अलग - अलग दिन चुनाव होते है, इसे आम चुनाव कहते है |
प्रश्न 7: उपचुनाव किसे कहते है ?
उत्तर : कई बार केवल एक क्षेत्र में चुनाव जो किसी सदस्य की मृत्यु अथवा इस्तीफे से खाली हुआ होता है , इसे उपचुनाव कहते है |
प्रश्न 8: निर्वाचन क्षेत्र किसे कहते है ?
उत्तर : चुनाव के उद्देश्य से पूरे देश को अनेक क्षेत्रो में बाँट लिया गया है , जिन्हें निर्वाचन क्षेत्र कहते है |
प्रश्न 9: लोकसभा चुनाव के लिए भारत को कितने निर्वाचन क्षेत्र में बाँट लिया गया है ?
उत्तर : 543 निर्वाचन क्षेत्र |
प्रश्न 10: संसद - सदस्य किसे कहते है ?
उत्तर : प्रत्येक क्षेत्र से चुने गए प्रतिनिधियों को संसद - सदस्य कहते है |
प्रश्न 11: लोकतांत्रिक चुनाव की एक महत्वपूर्ण विशेषता लिखो ?
उत्तर : हर वोट का बराबर मूल्य |
प्रश्न 12: विधायक किसे कहते है ?
उत्तर : विधानसभा की सीटो से निर्वाचित प्रतिनिधियो को विधायक कहते है |
प्रश्न 13: निर्वाचन क्षत्रो को सीट क्यों कहा जाता है ?
उत्तर : क्योकि हर क्षेत्र संसद अथवा विधानसभा की एक सीट का प्रतिनिधित्व करता है |
प्रश्न 14: लोकसभा की अनुसूचित जातियो तथा अनुसूचित जनजातियो के लिए कितनी सीटे आरक्षित की है ?
उत्तर : लोकसभा की अनुसूचित जातियों के लिए 79 तथा अनुसूचित जनजातियो के लिए 41 सीटे आरक्षित की है |
प्रश्न 15: मतदाता सूची या वोटर लिस्ट किसे कहते है ?
उत्तर : लोकतांत्रिक चुनाव में मतदान की योग्यता रखने वाले लोगो की सूची चुनाव से काफी पहले बना ली जाती है तथा हर किसी को दे दी जाती है | इसे अधिकारिक रूप से मतदाता सूची कहते है | आम बोल चाल में इसे वोटर लिस्ट कहते है |
प्रश्न 16: क्या कारण है हर चुनाव से पहले मतदाता सूची को सुधारा जाता है ?
उत्तर : सभी सक्षम मतदाताओ का नाम मतदाता सूची में शामिल हो , यह व्यवस्था करना सरकार की जिम्मेदारी है | चूंकि हर अगले चुनाव में नए लोग मतदाता बनने की उम्र में आ जाते है इसलिए हर चुनाव से पहले मतदाता सूची को सुधारा जाता है |
प्रश्न17: वोट डालने का अधिकारी होने के लिए व्यक्ति की उम्र कितनी होनी चाहिए ?
उत्तर : 18 वर्ष |
प्रश्न18: उम्मीदवार बनने की न्यूनतम उम्र कितनी होनी चाहिए ?
उत्तर : 25 वर्ष |
प्रश्न19: टिकट किसे कहते है ?
उत्तर : पार्टी के मनोनयन को सामान्य भाषा में टिकट कहते है |
प्रश्न 20: प्रत्येक उम्मीदवार को चुनाव में खड़े होने के लिए किन चीजों का विवरण देना पड़ता है ?
उत्तर : प्रत्येक उम्मीदवार को चुनाव में खड़े होने के लिए निम्न चीजो का विवरण देना पड़ता है (1) उम्मीदवार के खिलाफ चल रहे गंभीर अपराधिक मामले |
(2)उम्मीदवार की शैक्षिक योग्यता |
(3) उम्मीदवार तथा उसके परिवार के सदस्यो की संपति और देनदारियो का ब्यौरा |
प्रश्न 21: हमारे देश में उम्मीवारो की अंतिम सूची की घोषणा होने तथा मतदान की तारीख के बीच कितना समय चुनाव प्रचार के लिए दिया जाता है ?
उत्तर : लगभग दो सप्ताह |
प्रश्न 22: इंदिरा गाँधी के नेतृत्व करने वाली काँग्रेस पार्टी के 1971 के लोकसभा चुनाव के दौरान कौन - सा नारा दिया था ?
उत्तर : "गरीबी हटाओ" नारा दिया था |
प्रश्न 23: 1977 में हुए अगले लोकसभा चुनावो में जनता पार्टी ने कौन - सा नारा दिया था ?
उत्तर : "लोकतंत्र बचाओ " |
प्रश्न 24: वामपंथी दलों ने 1977 में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावो में किसको नारा दिया था ?
उत्तर : जीमन जोतने वाले को |
प्रश्न 25:1983 के आंध्रप्रदेश के विधानसभा चुनाव के दौरान तेलुगु देशम पार्टी के नेता एन.टी.रामाराव ने किसका का नारा दिया था ?
उत्तर : तेलुगु स्वाभिमान |
प्रश्न 26: चुनाव के कानूनों के अनुसार कोई भी उम्मीदवार अथवा पार्टी कौन - से काम नहीं कर सकता है ?
उत्तर : चुनाव के कानूनों के अनुसार कोई भी उम्मीदवार अथवा पार्टी ये सब काम नहीं कर सकता -
(1) मतदाता को प्रलोभन देना , घूस देना अथवा धमकी देना |
(2) उनसे जाति अथवा धर्म के नाम पर वोट मांगना |
(3) चुनाव अभियान में सरकारी साधनों का उपयोग करना |
(4) लोकसभा चुनाव में एक निर्वाचन क्षेत्र में 25 लाख या फिर विधानसभा चुनाव में 10 लाख रुपये से ज्यादा खर्च करना |
प्रश्न 27: हमारे देश के सभी आदर्श आचार संहिता के अनुसार पार्टी को किन चीजो को करने की मनाही है ?
उत्तर : इन सभी चीजो की मनाही है -
(1) सरकारी वाहन , विमान या आधिकारियो का चुनाव में उपयोग |
(2) चुनाव प्रचार के लिए किसी धर्मस्थल का उपयोग |
(3) चुनाव की आधिघोषणा हो जाने के बाद मंत्री किसी बड़ी योजना का शिलान्यास बड़े नीतिगत फैसले अथवा लोगो की सुविधाए देने वाले वायदे नहीं कर सकते |
प्रश्न 28: मुख्य चुनाव आयुक्त कि नियुक्ति कौन करता है ?
उत्तर : भारत के राष्ट्रपति |
प्रश्न 29: चुनाव संरचना का वर्णन करो ?
उत्तर : चुनाव का अंतिम चरण है मतदाताओ द्वारा वोट देना | इस दिन को आमभाषा में चुनाव कहते है | मतदाता सूची में शामिल नाम वाला हर व्यक्ति अपने इलाके मे शामिल मतदान केंद्र पर जाता है | यह केंद्र अस्थायी तौर पर स्थानीय स्कूल अथवा सरकारी इमारत में बना होता हैं | जब मतदाता मतदान केंद्र जाता हैं तो चुनाव अधिकारी उसे पहचान कर उसकी अंगुली पर एक काला निशान लगा देते है और उसे वोट डालने की अनुमति प्रदान करता है | मतदान के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का प्रयोग किया जाता है | मशीन के ऊपर विभिन्न उम्मीदवारो के नाम और चुनाव चिह्न बने होते है | निर्दलीय उम्मीदवारो को भी चुनाव अधिकारी अलग चुनाव चिहन देते है | मतदाता को जिस भी उम्मीदवार को अपना वोट देना होता है | उसके चुनाव चिहन के आगे बटन को केवल एक बार दबाना होता है | मतदान पूर्ण हो जाने के बाद सभी वोटिंग मशीन को सील बंद करके एक सुरक्षित जगह पंहुचा दिया जाता है |
प्रश्न 30: चुनाव के दिन आधिकांश खबर में किस प्रकार की गड़बड़ियो की सूचना होती है ?
उत्तर : चुनाव के दिन आधिकांश खबरों में निम्न प्रकार की गड़बड़ियो की सूचना होती है -
(1) मतदाता सूची में फर्जी नाम डालने और असली नाम को गायब करनें की |
(2) अमीर उमीदवारो की बड़ी पार्टियों द्वारा बदें पैमानें पर धन करनें की |
(3) शासक दल द्वारा सरकारी सुविधाओ और अधिकारियो के दुरूपयोग की |
(4) मतदान के दिन चुनावी धांधली , मतदाताओ को डराना और फर्जी मतदान करना |
प्रश्न 31 : भारत के चुनाव आयोग के अधिकार लिखिए ?
उत्तर : भारत के चुनाव आयोग के अधिकार निम्नलिखित है :
(1) चुनाव आयोग की अधिसूचना जारी करने से लेकर चुनावी नतीजो की घोषणा तक , पूरी चुनाव प्रक्रिया के संचालन के प्रत्येक पहलू पर निर्णय लेता है |
(2) यह आदर्श चुनाव संहिता लागू करता है और इसका उलंघन करनें वाली पार्टियों और उम्मीदवारों को सजा देता है |
(3) चुनाव आयोग चुनाव के दौरान सरकार को दिशा निर्देश मानने का आदेश दे सकता है इसमे सरकार द्वारा चुनाव जीतनें के लिए चुनाव में सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग रोकना अथवा अधिकारियो का तबादला करना भी शामिल है |
(4) चुनावी ड्यूटी पर तैनात अधिकारी सरकार के नियंत्रण में न रहकर चुनाव आयोग के अधीन काम करता है |
प्रश्न 32 : चुनाव में लोगो की भागीदारी का वर्णन करो ?
उत्तर : चुनाव में लोगो की भागीदारी का वर्णन निम्नलिखित है :
(1) चुनाव में लोगो की भागीदारी का पैमाना मुख्यतः मतदान करनें वालें लोगो के आकड़े को बनाया जाता है मतदान की योग्यता रखनें वाले कितनें प्रतिशत लोगो नें वास्तव में मतदान किया वह हिसाब लगाना मुश्किल नहीं है पिछलें पच्चास वर्षो में यूरोप और उत्तरी अमेरिका के लोकतांत्रिक देशो में मतदान का प्रतिशत काफ़ी गिरा है भारत में यह या तो स्थिर रहा था फिर ऊपर गया |
(2) भारत में अमीर और बदें लोगो की अपेक्षा गरीब , निरक्षर और कमजोर लोग ज्यादा संख्या में मतदान करतें है |
(3) भारत में आम लोग चुनाव को बहुत ज्यादा महत्व देतें है उन्हें लगता है की चुनाव के जरिए ही वे राजनितिक दलों पर अपनें अनुकूल निति तथा कार्यक्रमों के लिए दबाव डाल सकतें है उन्हें लगता है की देश के शासन संचालन के तरीकें निर्धारित करनें में उनकें वोट महत्व देतें है |
(4) चुनाव में ज्यादा मतदाताओ नें किसी न किसी प्रकार की भागीदारी जरूर की है आधें से ज्यादा लोगो नें स्वयं को किसी न किसी दल के नजदीक बताया है |
4. चुनावी राजनीति
महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर
महतवपूर्ण प्रश्नोत्तर:-
प्रश्न 1: चुनाव का महत्व लिखिए |
अथवा
प्रश्न : हमें चुनाव की आवश्यकता क्यों है ?
उत्तर : हमें निम्नलिखित कारणों से चुनाव की आवश्यकता है -
(i) अधिकांश लोकतान्त्रिक शासन व्यवस्थाओं में लोग अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से शासन करते हैं |
(ii) बिना चुनाव के हम किसी भी लोकतंत्र की कल्पना नहीं कर सकते हैं |
(iii) लोकतंत्र की बहाली के लिए चुनाव की आवश्यकता होती है |
(iv) लोग चुनाव के माध्यम से लोग अपने प्रतिनिधियों को चुनते है |
(v) चुनाव के माध्यम से हम किसी भी सरकार को बदल सकते है |
(vi) हम चुनाव इसलिए करते है ताकि चुने हुए प्रतिनिधि संसद से कानून बना सके |
(vii) चुनाव से हमें सही और मनपसंद प्रतिनिधि और सरकार चुन सकते है |
प्रश्न 2 : लोकतांत्रिक चुनाव की विशेषताएँ लिखिए |
उत्तर :
(i) सार्वभौमिक व्यस्क मताधिकार के आधार पर होता है |
(ii) ऐसे चुनाव में दो या से अधिक विकल्प होते हैं |
(iii) लोकतांत्रिक चुनाव नियमित अंतराल पर होते रहते हैं |
(iv) चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष ढंग से होते है |
(v) इसमें एक वोट का एक ही मूल्य होता है |
प्रश्न 3: राजनैतिक प्रतिद्वंदिता क्या है ? चुनाव में इसे अच्छी क्यों माना जाता है ?
उत्तर : राजनैतिक प्रतिद्वंदिता का मतलब राजनैतिक प्रतियोगिता भी होता है | यह प्रतियोगिता राजनितिक पार्टियों या किसी निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवारों के बीच हो सकता है | इसमें पार्टियाँ एक दुसरे के विरुद्ध आरोप लगाते है या चुनवा जीतने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाते है | इससे समाज में या लोगों के बीच बँटवारे जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है, इसे ही राजनैतिक प्रतिद्वंदिता कहते हैं |
चुनाव में राजनैतिक प्रतिद्वंदिता अच्छी इसलिए मानी जाती है क्योंकि
(i) यह दीर्घकालिक राजनीति को बढ़ावा देता है |
(ii) राजनितिक पार्टियाँ या प्रतिनिधि अधिक से अधिक जनता से जुड़ते है और उनके जनसरोकार पर ध्यान देते है |
(iii) कोई भी राजनितिक पार्टी सरकार में तभी तक बनी रह सकती है जब तक वह लोगों की आशा और आकांक्षाओं के अनुरूप कार्य करती हैं |
(iv) मतदाताओं को संतुष्ट करने के लिए पार्टियाँ राजनैतिक प्रतिद्वंदिता में भाग लेती है |
प्रश्न 4: निर्वाचन क्षेत्रों को 'सीट' क्यों कहा जाता है ?
उत्तर : प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र चाहे वो संसद या विधानसभा का निर्वाचन क्षेत्र हो उसका विजयी उम्मीदवार एक सीट का प्रतिनिधत्व करता है |
प्रश्न 5: आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र किसे कहते है ?
उत्तर : देश के कुछ निर्वाचन क्षेत्रों को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए सुनिश्चित कर दी जाती है | जिससे केवल इसी जाति के लोग चुनाव लड़ सकते है | ऐसे सुनिश्चित निर्वाचन क्षेत्रों को आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र कहते हैं |
प्रश्न 6: चुनाव में आरक्षण की व्यवस्था का क्या उद्देश्य है ?
उत्तर : चुनाव में आरक्षण की व्यवस्था के निम्न उदेश्य हैं -
(i) समाज के कमजोर एवं वंचित समूहों को सामाजिक न्याय देने के लिए |
(ii) अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों को राजनितिक भागीदारी बढ़ाने के लिए |
(iii) संसद या विधानसभाओं में इनके प्रतिनिधियों की संख्या बढ़ाने के लिए |
(iv) लोकतंत्र में सभी को बराबर हिस्सेदार बनाने के लिए |
(v) चुनावों में महिलाओं के लिए भी सीटें आरक्षित की जाती है ताकि महिलाएँ अपने राजनितिक और सामाजिक स्थिति में बदलाव ला सके |
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