NCERT Solutions for Class 9 – Complete Chapter-wise Study Material

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3. संविधान निर्माण - Class 9 Political Science Hindi NCERT Solutions

3. संविधान निर्माण

मुख्य बिंदु

Class 9 Political Science Hindi Updated : 06 March 2026

मुख्य बिंदु : 

  • संविधान  एक ऐसे सभी बुनियादी नियमों एवं कानून की किताब जिसके द्वारा किसी देश की सरकार चलायी जाती है संविधान कहलाता है | इसका पालन सरकार एवं नागरिकों दोनों को करना होता है | 
  • रंगभेद की नीति नस्ली भेदभाव पर आधारित उस व्यवस्था को कहते हैं जो विशिष्ट तौर पर दक्षिणी अफ्रीका में 1948 से 1994 के बीच चलाई गई थी | 
  • समय-समय पर संविधान में जो परिवर्तन लाया जाता है उसे संविधान-संशोधन कहते हैं |
  • संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 हुई |
  • संविधान निर्माण के 2 वर्ष 11 महीने 28 दिन लगे थे |
  • संविधान लिखने वाली सभा में 299  सदस्य थे |
  •  संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ0 राजेंद्र प्रसाद  थे | 
  • प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ0 भीम राव अम्बेडकर  थे |  
  • पंथ-निरपेक्षता या धर्म-निरपेक्षता वह विचारधारा है जिसके अंतर्गत धर्म या पंथ के आधार पर कोई राज्य किसी भी अपने नागरिक को विशेष अधिकार नहीं देती | 
  •  भारत एक धर्म निरपेक्ष राज्य है | भारतीय संविधान के अनुसार यहाँ किसी भी धर्म, पंथ, जाती या जन-समूह कोई कोई विशेष अधिकार प्राप्त नहीं है | 
  •  भारतीय संविधान में शासन चलाने के लिए दो प्रकार की सरकारों की व्यवस्था है एक केन्द्रीय सरकार और दूसरी राज्य सरकारें जो मिलकर भारत संघ का निर्माण करती हैं | इस प्रकार की व्यवस्था को संघीय सरकार कहते हैं | 
  •  भारतीय संविधान की वह सिद्धांत जो केंद्र और राज्य सरकारों के लिए पथ-प्रदर्शन का कार्य करते हैं | राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत कहलाते हैं | 
  • जनप्रतिनिधियों की वह सभा जो संविधान लिखने का काम करती है संविधान सभा कहलाती है | 
  • संविधान की शुरुआत बुनियादी मूल्यों की एक छोटी-सी उदेश्यिका के साथ होती है जिसमें संविधान के उदेश्य लिखे होते हैं | इसे ही संविधान की प्रस्तावना या उदेश्यिका कहते हैं | 

 

3. संविधान निर्माण

अभ्यास

Class 9 Political Science Hindi Updated : 06 March 2026

अभ्यास :-


प्रश्न 1. नीचे कुछ गलत वाक्य हैं| हर एक में की गयी गलती को पहचाने और इस अध्याय के आधार पर उसको ठीक करके लिखे|

(क) स्वतंत्रता के बाद देश लोकतांत्रिक हो या नहीं, इस विषय पर स्वतंत्रता आन्दोलन के नेताओं ने अपना दिमाग खुला रखा था|

(ख) भारतीय संविधान सभा के सभी सदस्य संविधान में कही गई हरेक बात पर सहमत थे|

(ग) जिन देशों में संविधान हैं वहां लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था ही होगी|

(घ) संविधान देश का सर्वोच्च कानून होता हैं इसलिए इसमें बदलाव नहीं किया जा सकता|

उत्तर:

(क) अंग्रेजी शासन से स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों को एक लम्बा और कठिन संघर्ष करना पड़ा था| स्वतंत्रता के पश्चात् वे देश में लोकतंत्र की स्थापना के लिए वचनबद्ध थे| 1936 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के फैजपुर अधिवेशन  में अपने अध्यक्षीय भाषण में जवाहरलाल नेहरु ने लोकतंत्र के प्रति अपनी वचनबद्धता को दोहराते हुए कहा था- " कांग्रेस भारत में पोर्न लोकतंत्र का समर्थन करती हैं और एक लोकतंत्रीय राज्य के लिए संघर्ष कर रही हैं|"

(ख) भारतीय संविधान सभा के सभी सदस्य संविधान की सभी व्यवस्थाओ के बारे में समान विचार नहीं रखते थे| इनमें से कई सदस्य देश में एकात्मक शासन प्रणाली का समर्थन करते थे| जबकि अन्य संघीय व्यवस्था के पक्ष में थे| संविधान सभा में सभी विषयों पर खुलकर विचार-विमर्श किया जाता था और निर्णय प्राय: बहुमत या पारस्परिक सहमती से लिए जाते थे|

(ग) यह आवश्यक नही हैं की जिस देश में संविधान हैं- वहां पर लोकतंत्रीय व्यवस्था ही होगी | संविधान में तानाशाही अथवा सैनिक शासन व्यवस्था भी की जा सकती हैं|

(घ) विश्व में ऐसा कोई भी संविधान नहीं हैं जिसमें परिवर्तन किया जा सके| प्रत्येक देश में परिवर्तित होती हुई सामाजिक, आर्थिक तथा राजनैतिक परिस्थितियों के अनुसार संविधान में संशोधन करना आवश्यक होता हैं| भारतीय संविधान के अनुच्छेद 368 में भी संविधान में संशोधन करने की प्रक्रिया का वर्णन किया गया हैं| 1950 में भारत के संविधान के लागू होने के बाद से इसमें लगभग 100 से अधिक बार संशोधन किया जा चुका हैं|

प्रश्न 2: दक्षिण अफ्रीका का लोकतांत्रिक संविधान बनाने में, इनमे से कौन-सा टकराव सबसे महतवपूर्ण था|

(क) दक्षिण अफ्रीका और उसके पडोसी देश  (ख) स्त्रियों और पुरुषो का  (ग) गोरे अल्पसंख्यक और अश्वेत बहुसंख्यक का  (घ) रंगीन चमड़ी वाले बहुसंख्यक और अश्वेत अल्पसंख्यको का  

उत्तर: (घ) रंगीन चमड़ी वाले बहुसंख्यक और अश्वेत अल्पसंख्यको का 

प्रश्न 3: लोकतांत्रिक संविधान में इनमें से कौन - सा प्रावधान नहीं रहता?

(क) शासन प्रमुख के अधिकार  (ख) शासन प्रमुख का नाम  (ग) विधायिका के अधिकार   (घ) देश का नाम 

उत्तर: (ख) शासन प्रमुख का नाम |

प्रश्न 4: संविधान निर्माण में इन नेताओ और उनकी भूमिका में मेल बैठाए|

(क) मोतीलाल नेहरु  1. संविधान सभा के अध्यक्ष 
(ख)  बी.आर. अम्बेडकर  2. संविधान सभा के सदस्य
(ग) राजेन्द्र प्रसाद  3. प्रारूप समिति के अध्यक्ष 
(घ) सरोजिनी नायडू  4. 1928 में भारत का संविधान बनाया 

उत्तर: 

(क) मोतीलाल नेहरु   1.1928 में भारत का संविधान बनाया
(ख)  बी.आर. अम्बेडकर  2.  संविधान सभा के अध्यक्ष 
(ग) राजेन्द्र प्रसाद  3. प्रारूप समिति के अध्यक्ष 
(घ) सरोजिनी नायडू  4.संविधान सभा के सदस्य 

प्रश्न 5: जवाहरलाल नेहरु के नियति के साथ साक्षात्कार वाले भाषण के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के जवाब दीजिए-

(क) नेहरु ने क्यों कहा की भारत का भविष्य सुस्ताने, और आराम करने का नहीं हैं?

(ख) नए भारत के सपने किस तरह विश्व से जुड़े हैं? 

(ग) वे संविधान निर्माताओ से क्या शपथ चाहते थे?

(घ) " हमारी पीढ़ी के सबसे महान व्यक्ति की कामना हर आँख के आसू पोछने की हैं| वे इस कथन में किसका जिक्र कर रहे थे? 

उत्तर: 

(क) उन्होंने कहा था कि भारत का भविष्य, जब भारत स्वतंत्र हो रहा हैं, आराम करने या सुस्ताने का समय नहीं हैं बल्कि उन वायदों को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करने का हैं जिन्हें हमने अक्सर किया हैं| भारत किस एव्का करने का अर्थ, दुःख और परेशानियों में पड़े लाखो-करोड़ो लोगो की सेवा करना| इसका अर्थ हैं दरिद्रता का अज्ञान और बिमारियों का अवसर की असमानता का अंत| हमारे युग के महानतम आदमी की कामना हर आँख के आँसू पोछने की हैं|

(ख) भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरु ने अपने भाषण में हा था कि ऐसे पवित्र क्षण में (जब भारत स्वतंत्र हो रही हैं) हम अपने आपको भारत और उसके लोगो तथा उससे भी अधिक मानवता की सेवा में | समर्पित करें, यहीं हमारे लिए उचित हैं|  

(ग) जवाहरलाल नेहरु संविधान निर्माताओ से यह शपथ चाहते थे कि हम अपने आपको भारत और उसके लोगो तथा मानवता की सेवा के लिए समर्पित करे|

(घ) वे इस कथन में महात्मा गाँधी का जिक्र कर रहे थे|

प्रश्न 6: हमारे संविधान को दिशा देने वाले ये कुछ मूल्य और उनके अर्थ हैं| इन्हें आपस में मिलाकर दोबारा लिखे| 

(क) संप्रभु  1. सरकार किसी धर्म के निर्देशों के अनुसार काम नहीं करेगी|
(ख) गणतंत्र  2. फैसले लेने का सर्वोच्च अधिकार लोगो के पास हैं|
(ग) बंधुत्व  3. शासन प्रमुख एक चुना हुआ व्यक्ति हैं|
(घ) धर्मनिरपेक्ष  4. लोगो को आपस में परिवार की तरह रहना चाहिए|

 उत्तर: 

(क) संप्रभु  फैसले लेने का सर्वोच्च अधिकार लोगो के पास हैं|

(ख) गणतंत्र  शासन प्रमुख एक चुना हुआ व्यक्ति हैं|

(ग) बंधुत्व - लोगो को आपस में परिवार की तरह रहना चाहिए|

(घ) धर्मनिरपेक्ष सरकार किसी धर्म के निर्देशों के अनुसार काम नहीं करेगी|

प्रश्न 7: कुछ दिन पहले नेपाल से आपके एक मित्र ने वहां की राजनैतिक स्थिति के बारे में आपको पात्र लिखा| वहां अनेक राजनैतिक पार्टियाँ रजा के शासन का विरोध कर रही थी| उनमें से कुछ का कहना था कि राजा द्वारा दी गये मौजूदा संविधान में ही संशोधन करके चुने हुए प्रतिनिधियों को ज्यादा अधिकार दिए जा सकते थे| अन्य पार्टियाँ नया गणतांत्रिक संविधान बनाने के लिए नई संविधान सभा गठित करने की मांग कर रहीं थी|

उत्तर:

प्रिय मित्र|

नेपाल की राजनैतिक स्थिति के संबंध में आपने मुझे जो पत्र लिखा था, उइसके संबंध में मेरा विचार यह हैं कि लोगो को एक नई संविधान सभा की मांग करनी चाहिए जो नेपाल के लिए गणतंत्रीय संविधान का निर्माण करे और वहाँ पर राजतंत्रीय शासन व्यवस्था को समाप्त कर दे| 2005 में नेपाल के सम्राट ने जनता द्वारा निर्वाचित सरकार को बर्खास्त कर दिया और लोगो से समस्त अधिकार एवं स्वतंत्रताऐ छीन लि थी, जो उन्हें एक दशक पहले प्राप्त हुए थे| 

प्रश्न 8: भारत के लोकतंत्र के स्वरुप में विकास के प्रमुख कारणों के बारे में कुछ अलग-अलग विचार इस प्रकार हैं| आप इनमें से हर कथन को भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए कितना महत्वपूर्ण कारण मानते हैं?

(क) अंग्रेज़ शासको ने भारत को उपहार के रूप में लोकतांत्रिक व्यवस्था दी| हमने ब्रिटिश हुकूमत के समय बनी प्रांतीय असेंबलियों के जरिए लोकतांत्रिक व्यवस्था में काम करने का प्रशिक्षण पाया|

(ख) हमारे स्वतंत्रता संग्राम ने औपनिवेशिक शोषण और भारतीय लोगो को तरह-तरह की आज़ादी न दिए जाने का विरोध किया| ऐसे में स्वतंत्र भारत को लोकतांत्रिक होना ही था| 

(ग) हमारे राष्ट्रवादी नेताओ की आस्था लोकतंत्र में थी| अनेक नाव स्वतंत्र राष्ट्रों में लोकतंत्र का न आना हमारे नेताओ की आस्था लोकतंत्र में थी| अनेक नव स्वंतत्र राष्ट्रों में लोकतंत्र का न आना हमारे नेताओ की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता हैं| 

उत्तर: 

(क) भारत में प्रतिनिधि संस्थाओ की स्थापना ब्रिटिश शासनकाल की ही देन हैं| केंद्र और अब प्रान्तों में द्विसदनीय विधानमंडल की स्थापना की थी| धीरे-धीरे अधिक लोगो को मतदान का अधिकार भी दिया गया| भारतीय नेताओ को इन संस्थाओ से प्रशिक्षण प्राप्त हुआ| 

(ख) भारतीय नेताओ ने स्वतंत्रता संग्राम में अनेक आन्दोलन चलाए और राजनीतिक स्वतंत्रताओ की मांग की , अत्याचारी व शोषणकारी कानूनो का विरोध किया| अतः भारत के लिए लोकतंत्र की स्थापना करनी थी|   

(ग) भारत में लोकतंत्र की स्थापना में निःसंदेह भारतीय नेताओ ने महतवपूर्ण योगदान दिया| 1928 में ही मोतीलाल नेहरु तथा कई अन्य नेताओ ने भारत के लिए एक संविधान का मसौदा तैयार किया था| 1931 में कांग्रेस के कराची में हुए अधिवेशन में भी इस बात पर विचार किया गया था| कि स्वतानते भारत का नया संविधान कैसा होगा| यह दोनों दस्तावेजों में वयस्क मताधिकार, स्वतंत्रता तथा समानता इ अधिकारों के प्रति वचनबद्धता जाकिर की गई| भावी संविधान में अल्पसंख्यक के अधिकार को सुरक्षित रखने की भी बात की गई थी|

प्रश्न 9: 1912 में प्रकाशित विवाहित महिलाओ के लिए आचरण पुस्तक के निम्नलिखित अंश को पढे 

" ईश्वर ने औरत जाति को शारीरिक और भावनात्मक दोनों ही तरह से ज्यादा नाजुक बनाया हैं, उन्हें आत्म रक्षा के भी योग्य नहीं बनाया हैं| इसलिए ईश्वर ने ही उन्हें जीवन भर पुरुषो के संरक्सहं में रहने का भाग्य दिया हैं- कभी पिता के, कभी पति के और कभी पुत्र के| इसीलिए महिलाओ को निराश होने की जगह इस बात से अनुगृहित होना चाहिए कि वे अपने आपको पुरुषो की सेवा में समर्पित कर सकती हैं|" 

क्या इस अनुच्छेद में व्यक्त मूल्य संविधान के दर्शन से मेल खाते हैं या वे संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ हैं? 

उत्तर:  उपरोक्त पंक्ति में दिए गए सामाजिक मूल्य हमारे संविधान में निहित दर्शन एवं मूल्यों से मेल नहीं खाते हैं| भारत को संविधान समानता, स्वतंत्रता एवं बंधुत्व की भावना पर जोर देते हैं| संविधान का प्रथम मौलिक अधिकार समानता का अधिकार हैं| पुरुषो व महिलाओ को समान अधिकार दिए गये हैं| महिलाओ को वोट डालने और चुनाव लड़ने का अधिकार उसी प्रकार प्राप्त हैं जिस प्रकार पुरुषो को| स्त्रियाँ पुरुषो के अधीन नहीं हैं| भारत की राजनीतिक, समाज, संस्कृति,उद्योग-धंधे, पुलिस सेना आदि के सभी क्षेत्रो में महिलाएँ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहीं हैं| 

प्रश्न 10: निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए| क्या आप उनसे सहमत हैं? ओने कारण भी दीजिए|

(क) संविधान के नियमो की हैसियत किसी भी अन्य कानून के बराबर है|

(ख) संविधान बताता हैं कि साशन व्यवस्था के विविध अंगो का गठन किस प्रकार होगा|

(ग) नागरिको के अधिकार और सरकार की सत्ता की सीमओं का उल्लेख भी संविधान में स्पष्ट रूप में हैं|

(घ) संविधान संस्थाओ की चर्चा करती हैं , उसका मूल्यों से कुछ लेना देना नहीं हैं|

उत्तर :

(क) यह कथन असत्य हैं, एक साधारण कानून संसद द्वारा पास किया जाता हैं और संसद जब चाहे उसमें अपनी इच्छानुसार परिवर्तन कर सकती हैं| इसके विपरीत संविधान के नियमों का महत्व अधिक होता हैं जिन्हें संसद को भी मानना पड़ता हैं| इन नियमों में परिवर्तन करने के लिए एक विशेष प्रक्रिया को अपनाना पड़ता हैं|

(ख) यह कथन सत्य हैं, संविधान में उन नियमो का वर्णन किया गया हैं जिनके अनुसार संसद, कार्यपालिका और न्यायपालिका की स्थापना की जाएगी| संविधान में राष्ट्रपति के चुनाव की विधि, अवधि व शक्तियों का वर्णन संविधान में किया गया हैं| प्रधानमंत्री की नियुक्तिया व शक्तियों का वर्णन संविधान में किया गया हैं| 

(ग) यह कथन सत्य हैं, संविधान के तीसरे भाग में 6 मौलिक अधिकारों का वर्णन किया गया हैं| सरकार मौलिक अधिकारों के विरुद्ध कानून नहीं बना सकती हैं और उडी बनती हैं तो सरवोछ न्यायलय उसे रद्द कर देती हैं|

(घ) यह कथन असत्य हैं, संविधान में केवल संस्थाओ का ही वर्णन नहीं किया जाता हैं बल्कि मूल्यों पर भी जोर दिया जाता हैं| भारत  के संविधान की प्रस्तावना में संविधान के दर्शन व मूल्यों का वर्ना किया गया हैं| प्रस्तावना में भारत को प्रभुत्व संपन्न, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया गया | प्रस्तावना में न्याय, स्वतंत्रता, समानता, बंधुता, व्यक्ति के सौरव, राष्ट्र की एकता तथा अखंडता आदि मूओल्यो पर जोर दिया गया हैं|

3. संविधान निर्माण

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

Class 9 Political Science Hindi Updated : 06 March 2026

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर:-

प्रश्न 1: नेल्सन मंडेला पर किस आधार पर मुकदमा चलाया गया और वह कितने वर्ष तक जेल में रहे ?

उत्तर: नेल्सन मंडेला पर देशद्रोह के आधार पर मुकदमा चलाया गया और वह 28 वर्ष तक जेल में रहे | 

प्रश्न 2: रंगभेद क्या हैं?

उत्तर: रंगभेद नस्ली भेदभाव पर आधारित उस व्यवस्था का नाम हैं जो दक्षिण अफ्रीका में विशिस्ट तौर पर चलाई जाती हैं|

प्रश्न 3: सविधान क्या होता हैं? 

उत्तर: संविधान लिखित नियमो का संग्रह हैं जिसके अनुसार सरकार का निर्माण होता हैं तथा नागरिकों और सरकार के मध्य संबंध निश्चित होते हैं|

प्रश्न 4: संविधान सभा क्या होती हैं?

उत्तर: चुने हुए जनप्रतिनिधियों की जो सभा संविधान नामक विशाल दस्तावेजों को लिखने का कार्य करती हैं, उसे संविधान सभा कहते हैं|

प्रश्न 5: भारतीय संविधान कब पूरा हुआ और इसे कब लागू किया गया?

उत्तर: भारतीय संविधान 26 नवंबर 1949 को पूरा हुआ और इसे 26जनवरी 1950 को लागू किया गया|

प्रश्न 6: संविधान सभा के अध्यक्ष कौन थे?

उत्तर: डा0. राजेन्द्र प्रसाद|

प्रश्न 7: संविधान सभा के प्रारूप कमेटी के अध्यक्ष कौन थे ?

उत्तर: डा0. भीमराव अम्बेडकर |

प्रश्न 8: गणराज्य से क्या अभिप्राय हैं ?

उत्तर: गणराज्य में शासन का प्रमुख लोगो स्वर चुना हुआ व्यक्ति होता हैं न कि किसी वंश परंपरा या राज खानदान का|

प्रश्न 9: संविधान संशोधन से क्या अभिप्राय है? 

उत्तर: देश की सर्वोच्च विधायी संस्था (संसद) द्वारा देश के संविधान में किया जाने वाला परिवर्तन संविधान संसोधन कहलाता हैं| 

प्रश्न 10: भारत के संविधान की उद्देशिका की एक मुख्य विशेषता का उल्लेख कीजिए|

उतर: संविधान भारत को एक प्रभुत्वसंपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और लोकतंत्रात्मक गणराज्य बने के लिए दृढप्रतिज्ञ हैं|

प्रश्न 11:  रंगभेद की नीति के अंतर्गत अश्वेतों पर क्या - क्या प्रतिबंध थे?

उत्तर: (i) गोरो की बस्तियों में बसने की इजाजत नहीं थी| परमिट होने पर ही वहाँ काम करने जा सकते हैं|

(ii) काले लोग गोरों के लिए आरक्षित स्थानों पर नहीं जा सकते थे| इसमें गोरों के गिरजाघर भी सम्मिलित थे |

(iii) अश्वेतों को संगठन बनाने और इस भेदभावपूर्ण व्यवहार का विरोध करने का भी अधिकार था|

प्रश्न 12: संविधान के कार्य लिखिए? 

उत्तर: संविधान के निम्नलिखित कार्य हैं:-

(i) देश के लोगो के बीच विश्वास और सहयोग विकसित करना|

(ii) सरकार का गठन कैसे करना हैं और किसे निर्णय लेने का अधिकार होगा |

(iii) सरकार के अधिकारों की सीमा निश्चित करता हैं तथा नागरिको के अधिकारों का वर्णन करता हैं| 

(iv) अच्छे समाज के गठन के लिए लोगो की आकांक्षाओ को व्यक्त करता हैं| 

प्रश्न 13: गाँधी जी किस प्रकार का संविधान चाहते थे?

उत्तर: गाँधी जि निम्न प्रकार का संविधान चाहते थे :-

(i) गुलामी और अधीनता से मुक्त करने वाला| 

(ii) उछ वर्ग और निम्न वर्ग न रहना|

(iii) आपसी मेलजोल, छुआछूत का अन्त, शराब व नशीली वस्तुओ का प्रयोग न होना|

(iv) गरीब व्यक्ति की देश को बनाने में भागीदारी होना| 

(v) स्त्री-पुरुष को समान अधिकार|

प्रश्न 14: हम भारतीय संविधान को क्यों मानते हैं?

उत्तर: भारतीय संविधान को मानने के निम्नलिखित कारण हैं:- 

(i) किसी भी बड़े सामाजिक समूह या राजनैतिक दल द्वारा संविधान की वैधता पर प्रशन नहीं उठाया गया हैं| 

(ii) संविधान सभा भारत के लोगो का ही प्रतिनिधित्व कर रही थी| इसमें सभी भौगोलिक क्षेत्रो, समूहों, जाति, वर्ग, धर्म और पेशो का प्रतिनिधित्व था| उस समय सार्वभौमिक व्यसक मताधिकार नहीं था इसलिए संविधान सभा का चुनाव देश की जनता प्रत्यक्ष रूप से नही कर सकती थी| अतः उसका चुनाव मुख्य रूप से प्रांतीय असेंबलीयों के सदस्यों द्वारा किया गया|

(iii) इस सभा में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य का प्रभुत्व था जिसने राष्टीय आन्दोलन की अगुवाई की थी|

(iv) संविधान सभा का कार्य काफी व्यवस्थित, खुला और सर्वसम्मिति बनाने के प्रयास पर अधारित था| यह इसको पवित्रता और वैधता प्रदान करता हैं|  

प्रश्न 15: संविधान किसे कहते है ? 

उत्तर: एक ऐसे सभी बुनियादी नियमों एवं कानून की किताब जिसके द्वारा किसी देश की सरकार चलायी जाती है संविधान कहलाता है | इसका पालन सरकार एवं नागरिकों दोनों को करना होता है | 

प्रश्न 16: रंगभेद की निति से आप क्या समझते हैं ? 

उत्तर: रंगभेद की नीति नस्ली भेदभाव पर आधारित उस व्यवस्था को कहते हैं जो विशिष्ट तौर पर दक्षिणी अफ्रीका में 1948 से 1994 के बीच चलाई गई थी | 

प्रश्न 17: संविधान-संशोधन से आप क्या समझते है ? 

उत्तर: समय-समय पर संविधान में जो परिवर्तन लाया जाता है उसे संविधान-संशोधन कहते हैं |

प्रश्न 18: पंथ-निरपेक्षता या धर्म-निरपेक्षता से आपका क्या तात्पर्य है ? 

उत्तर: पंथ-निरपेक्षता या धर्म-निरपेक्षता वह विचारधारा है जिसके अंतर्गत धर्म या पंथ के आधार पर कोई राज्य किसी भी अपने नागरिक को विशेष अधिकार नहीं देती | 

प्रश्न 19: भारत एक धर्म निरपेक्ष राज्य है | कैसे ? 

उत्तर: भारत एक धर्म निरपेक्ष राज्य है | भारतीय संविधान के अनुसार यहाँ किसी भी धर्म, पंथ, जाती या जन-समूह कोई कोई विशेष अधिकार प्राप्त नहीं है | 

(i) सबको पूर्ण धार्मिक स्वतंत्रता और समानता प्रदान की गई है |

(ii) कोई व्यक्ति अपनी इच्छानुसार किसी भी समय पंथ बदलकर दुसरे पंथ में जा सकता है |

(iii)  कोई भी पंथ अपना धर्म स्थल, पूजा स्थल स्वतंत्र रूप से बना सकता है और उसे किसी भी तरह उपासना करने की स्वतंत्रता है | 

(iv) सरकारी नौकरियाँ योग्यता के अनुसार दी जाती है उसमें धर्म या पंथ का कोई भेदभाव नहीं है | 

प्रश्न 20: भारतीय संविधान की प्रस्तावना में कौन से चार मुख्य आदर्श दिए गए हैं ? 

उत्तर: जिस प्रकार हर पुस्तक से पहले भूमिका लिखी होती है | उसी प्रकार हर संविधान में शुरू होने से पहले प्रस्तावना होता है | इससे पता चलता है कि संविधान के निर्माता क्या चाहते हैं या उनके द्वारा बनाये गए इस संविधान का क्या उदेश्य है | 

भारतीय संविधान के आरम्भ में दी गयी प्रस्तावना में राज्य के उदेश्यों और आदर्शों पर प्रकाश डाला गया है | इसके चार प्रमुख आदर्श इस प्रकार है : 

(i) भारत को एक सार्वभौमिक या प्रभुत्व संपन्न समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणराज्य बनाना |

(ii) यहाँ समाजिक, आर्थिक एवं राजनितिक न्याय स्थापित करना | 

(iii) विचार अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता प्रदान करना | 

(iv) प्रतिष्ठा और अवसर की क्षमता प्रदान करना | 

प्रश्न 21: हमें संविधान की आवश्यकता क्यों है ? 

अथवा 

प्रश्न: संविधान के द्वारा ही किसी लोकतांत्रिक देश की सरकार का निर्माण होता है | कोई तीन विन्दु देकर स्पष्ट कीजिए कि हमें संविधान की आवश्यकता क्यों है ? 

उत्तर: 

(i) सरकार के विभिन्न अंगों में संविधान के कारण मतभेद नहीं होते हैं | यदि मतभेद होते भी है तो उसे संविधान के अनुसार सुलझा लिया जाता है | 

(ii) सरकार अपनी शक्तियों का दुरूपयोग नहीं कर सकती  है | 

(iii) नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा संविधान के द्वारा ही होता है | 

प्रश्न 22: भारतीय संविधान एक जीवंत दस्तावेज है ? स्पष्ट कीजिए |

अथवा 

प्रश्न: भारतीय संविधान एक जीवित आलेख है | कैसे ? 

उत्तर: भारतीय संविधान एक जीवंत दस्तावेज है क्योंकि इसमें समय की गति को देखते हुए इसके कुछ भागों को बदलने की प्रक्रिया है | हम जब चाहे अपने संविधान को बदल सकते है इसमें संसोधन कर सकते है | यही कारण है कि इसे एक जीवंत दस्तावेज कहा है | 

प्रश्न 23: हम जब चाहे अपने संविधान को बदल सकते हैं | इस प्रक्रिया को क्या कहते है ? 

उत्तर: संविधान-संशोधन | 

प्रश्न 24: उन तीन प्रक्रियाओं का वर्णन करो जिससे संविधान में संशोधन होता है ? 

उत्तर: 

(i) संसद में उपस्थित मतदान करने वाले सदस्यों के साधारण बहुमत से प्रस्ताव पास कर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के पश्चात् संविधान में संशोधन किया जा सकता है | 

(ii) मतदान करने वाले दो तिहाई सदस्यों का बहुमत प्राप्त  हो तथा राष्ट्रपति के हस्ताक्षर से संशोशन किया जा सकता है | 

(iii) मतदान करने वाले दो तिहाई सदस्यों का बहुमत के अलावा कुल राज्यों की 50 प्रतिशत विधायिकाओं का बहुमत से संशोधन किया जा सकता है | 

प्रश्न 25: संघीय सरकार से आप क्या समझते हैं ? 

उत्तर: भारतीय संविधान में शासन चलाने के लिए दो प्रकार की सरकारों की व्यवस्था है एक केन्द्रीय सरकार और दूसरी राज्य सरकारें जो मिलकर भारत संघ का निर्माण करती हैं | इस प्रकार की व्यवस्था को संघीय सरकार कहते हैं |  

प्रश्न 26: राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत से आप क्या समझते हैं | 

उत्तर: भारतीय संविधान की वह सिद्धांत जो केंद्र और राज्य सरकारों के लिए पथ-प्रदर्शन का कार्य करते हैं | राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत कहलाते हैं | 

प्रश्न 27: संविधान-सभा क्या है ? 

उत्तर: जनप्रतिनिधियों की वह सभा जो संविधान लिखने का काम करती है संविधान सभा कहलाती है | 

प्रश्न 28: संविधान की प्रस्तावना या उदेश्यिका के आप क्या समझते हैं ?

उत्तर: संविधान की शुरुआत बुनियादी मूल्यों की एक छोटी-सी उदेश्यिका के साथ होती है जिसमें संविधान के उदेश्य लिखे होते हैं | इसे ही संविधान की प्रस्तावना या उदेश्यिका कहते हैं | 

प्रश्न 29: संविधान सभा की पहली बैठक कब हुई ? 

उत्तर: 9 दिसंबर 1946 को |

प्रश्न 30: संविधान निर्माण के कितने दिन लगे थे ?

उत्तर: 2 वर्ष 11 महीने 28 दिन लगे थे |

प्रश्न 31: संविधान लिखने वाली सभा में कितने सदस्य थे ?

उत्तर: 299 सदस्य थे |

प्रश्न 32: संविधान सभा के अध्यक्ष कौन थे ? 

उत्तर: डॉ0 राजेंद्र प्रसाद | 

प्रश्न 33: प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे ? 

उत्तर: डॉ0 भीम राव अम्बेडकर | 

प्रश्न 34: संविधान सभा को मिनी भारत (लघु भारत) क्यों कहा जाता है ? 

उत्तर: संविधान सभा में भारत के सभी धर्मों तथा सभी समाज के लोगों को प्रतिनिधित्व दिया गया था | यही कारण है कि संविधान सभा को लघु भारत कहा जाता है | 

  

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Political Science

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