NCERT Solutions for Class 10 – Complete Chapter-wise Study Material
16. प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन is one of the most important chapters in the Class 10 Science Hindi NCERT Solutions curriculum. This chapter plays a significant role in helping students build a strong conceptual foundation while preparing for school examinations, class tests, unit tests, half-yearly examinations, annual examinations, and CBSE board assessments. The chapter has been carefully designed according to the latest NCERT syllabus, making it an essential part of every student's study plan.
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16. प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन - Class 10 Science Hindi NCERT Solutions
16. प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन
अध्याय-समीक्षा
अध्याय समीक्षा:-
हमारे संसाधनों जैसे: वन, वन्य जीवन, कोयला एवं पेट्रोलियम का उपयोग संपोषित रूप से करने की आवश्यकता है।
‘कम उपयोग, पुनः उपयोग एवं पुनः चक्रण’ की नीति अपना कर हम पर्यावरण पर पड़ने वाले दबाव को कम कर सकते हैं।
वन-संपदा का प्रबंधन सभी पक्षों के हितों को ध्यान में रखकर करना चाहिए।
जल संसाधनों के सगंह्रण हेतु बाँध बनानें में सामाजिक-आथिर्क , एवं पयार्वरणीय समस्याए आती हैं| बडे बाँधां का विकल्प उपलब्ध है। यह स्थान/क्षेत्र विशिष्ट हैं तथा इनका विकास किया जा सकता है जिससे स्थानीय लोगों को उनवेफ क्षेत्र के संसाधनों का नियंत्राण सौंपा जा सके।
जीवाश्म ईंधन, जैसे कि कोयला एवं पेट्रोलियम, अंततः समाप्त हो जाएँगे। इनकी मात्रा सीमित है और इनके दहन से पर्यावरण प्रदूषित होता है, अतः हमें इन संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता है।
चिपको आन्दोलन स्थानीय निवासियों को वनों से अलग करने की नीति का परिणाम था | गाँव के समीप वृक्ष काटने का अधिकार ठेकेदारों को दे दिया गया था , इसीलिए चिपको आन्दोलन हुआ |
चिपको आन्दोलन स्थानीय निवासियों को वनों से अलग करने की नीति का परिणाम था | गाँव के समीप वृक्ष काटने का अधिकार ठेकेदारों को दे दिया गया था , इसीलिए चिपको आन्दोलन हुआ |
जैव विविधता के नष्ट होने पर पारिस्थितिक स्थायित्व नष्ट हो जाता हैं |
16. प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन
पाठगत-प्रश्न
पाठगत प्रश्नोत्तर:-
पेज नo. 302
1. पर्यावरण-मित्र बनने के लिए आप अपनी आदतों में कौन-से परिवर्तन ला सकते हैं?
उत्तर: हम कई तकनीकों से और अधिक पर्यावरण मित्र बन सकते हैं| जैसे- हम तीन 'R' जैसे कहावतो पर काम क्र सकते हैं, अर्थात उपयोग कम करना पुनः चक्रण तथा पुनः उपयोग| इन कहावतो को अपनी आदतों में शामिल करके हम और अधिक पर्यावरण मित्र बन सकते हैं|
2. संसाधनों के दोहन के लिए कम अवधि के उद्देश्य के परियोजना के क्या लाभ हो सकते हैं?
उत्तर: इससे यह लाभ हो सकता हैं कि बिना किसी उत्तरदायित्व के अधिक से अधिक मुनाफा प्राप्त किया जा सकता हैं|
3. यह लाभ, लंबी अवधि को ध्यान में रखकर बनाई गई परियोजनाओं के लाभ से किस प्रकार भिन्न हैं।
उत्तर: कम उद्देश्य में परियोजनाओ का एक मात्र लाभ हैं कि संसाधनों का अधिक-से-अधिक दोहन द्वारा हम अधिक-से-अधिक लाभ लाभ प्राप्त करते हैं| इन योजनाओ के तहत भावी पीढ़ियों के लिए हमारा कोई उत्तरदायित्व ध्यान में नहीं होता | दूसरी तरफ, लंबी अवधि की योजनाओ का उद्देश्य संसाधनों का संपोषित विकास के लिए उपयोग करते हुए, आने वाली पीढ़ियों के उपयोग के लिए भीं उन्हें सुरक्षित रखना होता हैं|
4. क्या आपके विचार में संसाधनों का समान वितरण होना चाहिए? संसाधनों के समान वितरण के विरुद्ध कौन-कौन सी ताकतें कार्य कर सकती हैं?
उत्तर: हमारी धरती सभी के लिए उपलब्ध हैं| सभी प्राणियों का इसके संसाधनों पर समान अधिकार हैं| यदि कोई व्यक्ति इन संसाधनों का अत्यधिक उपयोग कर रहा हैं तो इसका सीधा मतलब हैं कि किसी को इसकी कमी झेलनी पड़ रही होगी| फलतः एक संघर्ष शुरू होता हैं जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुचता हैं|
पेज नo. 306
1. हमें वन एवं वन्य जीवन का संरक्षण क्यों करना चाहिए?
उत्तर: हमें जैव-विविधता को संरक्षित करने के लिए वनों और वन्य जीवो का संरक्षण करना चाहिए ताकि पारिस्थितिक स्थिरता के नुकसान से बचा जा सके| जंगलो में और उनके आस-पास बड़ी जनसँख्या में जनजाति निवास करती हैं| जंगल और वन्य जीवन के बिना, मनुष्य के लिए जीवन असंभव हो जाएगा|
2. संरक्षण के लिए कुछ उपाय सुझाइए।
उत्तर: वनों के संरक्षण के लिए निम्नलिखित उपाय हैं:-
(i) लोगो को पेड़ काटने का विरोध करके जंगल को बचने में भागीदारी दिखानी चाहिए|
(ii) पेड़ो का रोपण बढ़ाना चाहिए|
(iii) जंगल के निवासियों को वन अधिकारीयों द्वारा परेशान नहीं किया जाना चाहिए|
पेज नo. 310
1. अपने निवास क्षेत्र के आस-पास जल संग्रहण की परंपरागत पद्धति का पता लगाइए।
उत्तर: हमारे क्षेत्र के आसपास जल संग्रहण की परंपरागत पद्धतियों में से एक टैंक हैं|
2. इस पद्धति की पेय जल व्यवस्था (पर्वतीय क्षेत्रों में, मैदानी क्षेत्रा अथवा पठार क्षेत्र ) से तुलना कीजिए।
उत्तर: (i) पहाड़ी क्षेत्र में, कूल्ह, तालाब, आदि का उपयोग जल संचयन के लिए किया जाता हैं| इसमें बारिश के पानी का संग्रह भी शामिल हैं|
(ii) मैदानी इलाको में, जल संचयन संरचनाए गोलाकार या अर्धचंद्राकर मिट्टी के गड्ढे अथवा निचले स्थान, वर्षा ऋतू में पूरी तरह भर जाने वाली नालियाँ/ प्राकृतिक जलमार्ग पर बनाए गए "चैक डेम" जो कंक्रीट अथवा छोटे कंकड़ पत्रों द्वारा बनाए जाते हैं|
3. अपने क्षेत्र में जल के स्रोत का पता लगाइए। क्या इस स्रोत से प्राप्त जल उस क्षेत्र के सभी निवासियों को उपलब्ध है।
उत्तर: हमारे क्षेत्र में पानी का स्रोत भूजल हैं| इस स्रोत से पानी उस क्षेत्र में रहने वाली सभी लोगो के लिए उपलब्ध हैं|
16. प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन
अभ्यास
पाठ - 16 (प्राकृतिक संसाधनो का प्रबंधन)
प्रश्न 1: अपने घर को पर्यावरण - मित्र बनाने के लिए आप उसमे कौन -कौन परिर्वतन सुझा सकतें हैं?
उत्तर :-
1. कम उपयोग - इसका अर्थ हैं की आपको कम, से कम वस्तुओं का उपयोग करना चाहिए करना चाहिए ; जैसे - बिजली के पंखे एवचं बल्ब का स्विच बंद कर देना , खराब नल की मरम्मत करना , ताकि जल व्यर्थ टपके आदि |
2. पुन : चक्रण - इसका अर्थ हैं की आपको प्लास्टिक , कागज और धातु की वस्तुओ को कचरे में नही फेकना चाहिए बल्कि उनका उपयोग करना चाहिए |
3. पुनः उपयोग - यह पुन : चक्रण से भी अच्छा तरीका है क्योंकि उसमे भी कुछ ऊर्जा व्यय होती है |इसमें हम किसी वस्तु का उपयोग बार - बार कर सकते है |
प्रश्न2 : इस अध्याय हमने देखा की जब वन हम वन एवं वन्य जन्तुओं की बात करते हैं तो चार मुख्य दावेदार सामने आते हैं | इनमें से किसे वन उत्पाद प्रबंधन हेतु निर्णय लेने के अधिकार दिए जा सकते हैं आप ऐसा क्यों सोचते हैं ?
उत्तर :- वन एवं वन्य जन्तुओं के चारों दावेदारों में से वन के अन्दर एवं इसकेनिकते रहने वाले स्थानीय लोग सर्वाधिक उपयुक्त हैं , क्योकिं वे सदियों से वनों का उपयोग संपोषित तरीकों से करते चले आ रहे हैं | वे वृक्षों के ऊपर चढ़कर कुछ शाखाएं एवं पत्तियां ही काटते हैं , जिससे समय केव साथं - साथ उनका पुन : पूरण भी होता रहता हैं | इसके अनेक प्रमाण तथा बेकार कहे जाने वाले वन मूल्य 12.5 करोड़ आँका होगा |
प्रश्न3 :- अकेले व्यकित के रूप भिन्न प्राकृतिक उत्पादों की खपत कम करने के लिए किया कर सकते है ?
उत्तर : प्राकृतिकं पदों की खपत कम निम्न तरीको से की जा सकती है-
(1) CFls का प्रयोग कर |
(2) सौर कूकर , सौर जल उष्मक का प्रयोग कर कोयले करोसीन और LPG की बचत की जा सकती हैं |
(3) टपकने वाले नलों की मरम्मत कर हम पानी की बचत कर सकते हैं |
(4) रेड लाइट , पर कार या एनी वाहनों को बंद करके पेट्रोल / डीजल की बचत की जा सकती हैं |
प्रश्न4 :- अकेले व्यक्ति के रूप में आप निम्न के प्रबंधन में क्या योगदान दे सकते हैं। (a) वन एवं वन्य
जंतु (b) जल संसाधन (c) कोयला एवं पेट्रोलियम?
उत्तर: (a) वन एवं वन्य जंतु
(i) हमें जंगली जानवरों के अवैध शिकार का विरोध करना चाहिए|
(ii) हमें वन भूमि का उपयोग अपने लिए नहीं करना चाहिए|
(b) जल संसाधन
(i) हमें वर्षा जल के संचयन का प्रयास करना चाहिए|
(ii) ब्रश करते समय या नहाते समय अनावश्यक जल को न बहाए|
(c) कोयला एवं पेट्रोलियम
(i) हमें कोयले का उपयोग ईंधन के रूप में करना बंद करना चाहिए|
(ii) हमें ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत जैसे कि हाइड्रो ऊर्जा और सौर ऊर्जा का उपयोग करना चाहिए|
प्रश्न5 :- अकेले व्यक्ति के रूप में आप विभिन्न प्राकृतिक उत्पादों की खपत कम करने के लिए क्या कर
सकते हैं?
उत्तर: प्राकृतिक संसाधन जैसे पानी, जंगल, कोयला और पेट्रोलियम आदि मानव के अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण हैं| निम्नलिखित तरीको से हम इनकी खपत को कम कर सकते हैं:-
(i) हमें वनों की कटाई रोकनी चाहिए|
(ii) हमे पानी की बर्बादी नहीं करनी चाहिए|
(iii) हमें वर्षा जल का संचयन का प्रयास करना चाहिए|
(iv) हमें ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत जैसे कि हाइड्रो ऊर्जा और सौर ऊर्जा का उपयोग करना चाहिए|
प्रश्न6 :- निम्न से संबंधित ऐसे पाँच कार्य लिखिए जो आपने पिछले एक सप्ताह में किए हैं-
(a) अपने प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण।
(b) अपने प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव को और बढ़ाया है।
उत्तर: (a) हमारे प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण :-
(i) पेड़ लगाए|
(ii) कचरे को सहीं जगह फेंके|
(iii) वर्षा जल का संचयन किया|
(b) हमारे प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव बढ़ाना :-
(i) गाड़ी धोने के लिए जल की बर्बादी|
(ii) बिजली बचाने पर ध्यान नहीं दिया|
(iii) एस्कलेटर का प्रयोग किया|
प्रश्न7 :- इस अध्याय में उठाई गई समस्याओं के आधार पर आप अपनी जीवन-शैली में क्या परिवर्तन लाना चाहेंगे जिससे हमारे संसाधनों के संपोषण को प्रोत्साहन मिल सके?
उत्तर: हमारे संसाधनों के उयोग की दिशा में हमे जीवनशैली में निम्नलिखित परिवर्तनों को शामिल करना चाहिए:-
(i) पेड़ो को काटना कम करे या बंद करे और वृक्षा रोपण करे|
(ii) वर्षा जल संचयन का प्रयास करे|
(iii) उपयोग में न होने पर बिजली के उपकरणों को बंद करे|
(iv) माल ढोने के लिए प्लास्टिक और पॉलीथीन बैग का प्रयोग बंद करे|
(v) सर्दियों के दौरान, हीटर के प्रयोग से बचे|
16. प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन
महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
पाठ -16 प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन
(1 अंक वाले अतिरिक्त प्रश्नोत्तर)
1. जल का संदूषित होना किस वर्ग के जीवाणु की उपस्थिति को दर्शाता हैं ?
उत्तर : कोलीफार्म जीवाणु |
2. जैव विविधता किसे कहते हैं ?
उत्तर : जैव विविधता का अर्थ है किसी क्षेत्र में पाए जाने वाली पादपजात और प्राणी जात की विभिन्न स्पीशीज |
3. जीवाश्म इंधनों का विवेकपूर्ण ढंग से उपयोग करना क्यों आवश्यक हैं ?
उत्तर :जीवाश्म इंधनों का विवेकपूर्ण ढंग से उपयोग करना आवश्यक हैं क्योंकि यह सीमित एवं अनविकरणीय हैं तथा इससे प्रदूषण बढ़ता हैं |
4. GAP का पूरा नाम लिखो ?
उत्तर :गंगा एक्शन प्लान |
5. चिपको आन्दोलन कहा हुआ था ?
उत्तर : चिपको आन्दोलन गढ़वाल के "रैनी" नामक गाँव में हुआ था |
6. "चिपको आन्दोलन" का क्या कारण था ?
उत्तर : चिपको आन्दोलन स्थानीय निवासियों को वनों से अलग करने की नीति का परिणाम था | गाँव के समीप वृक्ष काटने का अधिकार ठेकेदारों को दे दिया गया था , इसीलिए चिपको आन्दोलन हुआ |
7. जैव विविधता के नष्ट होने से क्या प्रभाव हो सकता है ?
उत्तर : जैव विविधता के नष्ट होने पर पारिस्थितिक स्थायित्व नष्ट हो जाता हैं |
8. हिमाचल प्रदेश तथा राजस्थान के जल संग्रहण की एक - एक पारंपरिक व्यवस्था का नाम बताइए ?
उत्तर : हिमाचल प्रदेश - कुल्ह
राजस्थान - खादिन
9. MPN (एम० पी० एन ) से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर : MPN = MOST PROBABLE NUMBER : सार्वप्रायिक संख्या |
10. अलवण जलीय पौधे और जंतुओ के जीवन के लिए सबसे अधिक सहायक pH परास क्या हैं ?
उत्तर : 6.5 - 7.5 |
11. एक सफल वन संरक्षण क्रियानीति में क्या शामिल होना चाहिए ?
उत्तर : एक सफल वन संरक्षण क्रियानीति में सभी भौतिक और जैविक संघटकों के संरक्षण के लिए व्यापक कार्यक्रम शामिल होना चाहिए |
12. कोयला तथा पेट्रोलियम के दहन से कौन - कौन सी विषैली गैसें निकलती हैं ?
उत्तर : नाइट्रोज एवं सल्फर के ऑक्साइड तथा कार्बन मोनो ऑक्साइड विषैली गैसें हैं |
13.प्राकृतिक संसाधन किसे कहते है ?
उत्तर :वे सभी पदार्थ जो हमें प्रकृति से प्राप्त होते है तथा जिनका हम उपयोग करते है प्राकृतिक संसाधन कहलाते है |
14. खनन प्रदुषण किसे कहते है ?
उत्तर : खनन प्रदुषण इसलिए होता है क्योंकि धातु के निष्कर्षण के साथ बड़ी मात्रा में धातुमल भी निकलता है |
15. जल संभर प्रबंधन क्या है ?
उत्तर : जल संभर प्रबंधन का तात्पर्य है जल एवं मिटटी का संरक्षण करना ताकि जैव मात्रा का उत्पादन में वृद्धि हो सके |
16. प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन
महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर :
प्रश्न 1: हमें अपने संसाधनों की सावधानीपूर्वक उपयोग की क्यों आवश्यकता हैं?
उत्तर: हमें अपने संसाधनों की सावधानीपूर्वक उपयोग की आवश्यकता हैं क्योंकि, ये संसाधन असीमित नहीं हैं| स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के कारण हमारी जनसँख्या में तेज़ी से वृद्धि हो रहीं हैं| इस वृद्धि के कारण इन संसाधनों के मांग में भी गुणोत्तर वृद्धि हुई हैं| अतः प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन करते समय लंबी अवधि क ध्यान में रखा जाए ताकि ये अगली के पीढियों तक उपलब्ध हो सके|
प्रश्न 2: वन संसाधनों के स्टेकहोल्डर (दावेदार) कौन हैं?
उत्तर: वन संसाधनों के स्टेकहोल्डर (दावेदार) निम्नलिखित हैं:-
(i) वन के अंदर तथा इसके निकट रहने वाले लोग जो अपनी अनेक आवश्यकताओ के लिए वन पर निर्भर रहते हैं|
(ii) सरकार का वन विभाग जिसके पास वनों का सर्वेक्षण हैं|
प्रश्न 3: संपोषित विकास की संकल्पना क्या हैं?
उत्तर: संपोषित विकास की संकल्पना मनुष्य की वर्तमान आधारभूत आवश्यकताओ की पूर्ति एवं विकास को प्रोत्साहित तो करता ही है साथ ही साथ भावी संतति के लिए संसाधनों का सर्वेक्षण भी करता हैं|
प्रश्न 4: गंगा सफाई योजना क्या हैं?
उत्तर: कई करोड़ो वाली यह योजना गंगा नदी के प्रदूषित होने से बचाने के लिए 1985 में लायी गयी थी| 2500 km लंबी प्रवाह के दौरान, हिमालय में गंगोत्री से लेकर बंगाल की खाड़ी में गंगा सागर तक, इसमें प्रतिदिन विभिन्न औद्योगिक कचरों की एक विशाल मात्रा इसमें छोड़ी जाती हैं| यह मात्रा इतनी अधिक हैं कि नदी के एक बड़े क्षेत्र में पानी के जहरीले होने के कारण बड़ी संख्यां में मछलियाँ मर जाती हैं| इस महत्वकांक्षी परियोजना को नदी को और अधिक संदूषित होने से बचाने के लिए लाया गया|
प्रश्न 5: कोलीफार्म क्या हैं?
उत्तर: कोलीफार्म जीवाणु का एक वर्ग हैं जो मानव की आंत में पाया जाता हैं| जल में इसकी उपस्थिति, इस रोगकारक जीवाणु द्वारा जल का संदूषित होना दर्शाता हैं|
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