NCERT Solutions for Class 10 – Complete Chapter-wise Study Material
14. उर्जा के स्रोत is one of the most important chapters in the Class 10 Science Hindi NCERT Solutions curriculum. This chapter plays a significant role in helping students build a strong conceptual foundation while preparing for school examinations, class tests, unit tests, half-yearly examinations, annual examinations, and CBSE board assessments. The chapter has been carefully designed according to the latest NCERT syllabus, making it an essential part of every student's study plan.
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14. उर्जा के स्रोत - Class 10 Science Hindi NCERT Solutions
14. उर्जा के स्रोत
अध्याय-समीक्षा
अध्याय समीक्षा :-
हमारी जीवन शैली के स्तर में वृद्धि के साथ हमारी ऊर्जा की आवश्यकताओं में वृद्धि होती है।
हमारी ऊर्जा की आवश्यकताओं की पूर्ति करने के लिए हमें ऊर्जा के उपयोग की दक्षता में सुधार का प्रयास करना चाहिए। साथ ही हमें ऊर्जा के नए स्रोतों को परखना एवं उनका दोहन भी करना चाहिए।
हमें ऊर्जा के नवीन स्रोतों की ओर ध्यान देने की आवश्यकता है क्योंकि, हमारे पारंपरिक ऊर्जा स्रोत जैसे जीवाश्मी ईंधन संकटग्रस्त हैं और शीघ्र ही समाप्त हो जाएँगे।
हमारा ऊर्जा स्रोत का चयन उपलब्ध्ता में सरलता, ऊर्जा निष्कर्षण की लागत, ऊर्जा स्रोत के उपयोग की उपलब्ध प्रौद्योगिकी की दक्षता, ऊर्जा स्रोत के उपयोग का पर्यावरण पर प्रभाव जैसे कारकों पर निर्भर करता है।
हमारे अधिकांश ऊर्जा स्रोत अंततः सूर्य से प्राप्त ऊर्जा से व्युत्पन्न होते हैं।
उष्मीय ऊर्जा, ऊर्जा का स्वभाविक रूप स्वरुप हैं क्योंकि अन्य प्रकार की ऊर्जा को उष्मीय ऊर्जा में आसानी से बदला जा सकता हैं|
ऊर्जा स्रोत को पारंपरिक उर गैर पारंपरिक स्रोतों में विभाजित किया जा सकता हैं|
करोड़ो वर्ष पूर्व पौधा एवं जन्तुओ के भू गर्भ में दब जाने से विभिन्न भौतिक रासायनिक परिवर्तन के फलस्वरूप कोयला एवं पेट्रोलियम बने|
14. उर्जा के स्रोत
पाठगत-प्रश्न
अध्याय - 14 ऊर्जा के स्रोत
page no. 273
प्रश्न1 : उर्जा का उतम स्रोत किसे कहते है ?
उत्तर - उर्जा का उतम स्रोत वह है जो -
1. प्रति एकांक आयतन अथवा प्रति एकांक द्रव्यमान अधिक कार्य करे |
2. जो आसानी से उपलब्ध हो |
3. भंडारण तथा परिवहन में आसान हो |
4. वह सस्ता हो |
5. जलने पर प्रदुषण न फैलाए |
प्रश्न2 : उतम ईंधन किसे कहते है ?
उत्तर - उतम ईंधन में निम्नलिखित गुण होने चाहिए -
1. दहन के बाद प्रति एकांक द्रव्यमान से अधिक ऊष्मा मुक्त हो |
2. यह आसानी से, सस्ती दर पर उपलब्ध हो |
3. जलने पर अत्याधिक धुआं उत्पन्न न करे |
4. इसका ज्वलन ताप उपयुक्त हो तथा उष्मीयमान अधिक हो |
प्रश्न3 : यदि आप अपने भोजन को गर्म करने के लिए किसी भी उर्जा स्रोत का उपयोग कर सकते है , तो आप किसका उपयोग करेंगे और क्यों ?
उत्तर - हम LPG गैस या विद्द्युतीय उपकरण का उपयोग करेंगे क्योंकि -
1. इससे अधिक ऊष्मा उत्पन्न होती है |
2. इसके दहन से धुआं नहीं निकलता है |
3. यह आसानी से उपलब्ध है तथा इसका उपयोग सुगमतापूर्वक किसी भी समय किया जा सकता है |
4. यह सस्ता है तथा इसका भंडारण तथा परिवहन आसानी से किया जा सकता है |
5. इससे वांछित ऊर्जा आवश्यकता अनुसार प्राप्त कर सकते है |
page no. 279
प्रश्न1 : जीवाश्मी ईंधन की क्या हानियाँ है ?
उत्तर - जीवाश्मी ईंधन की निम्नलिखित हानियाँ है -
1. जीवाश्मी ईंधन को बनने में कड़ोरो वर्ष लागतें है तथा इनके भंडार सीमित है |
2. जीवाश्मी ईंधन ऊर्जा के अनवीकरणीय स्रोत है |
3. जीवाश्मी ईंधन जलाने से वायु प्रदुषण होता है |
4. वायु में कार्बन की मात्र बढ़ने के कारण ग्रीन हाउस प्रभाव होता है |
प्रश्न2 : हम ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों कि ओर क्यों ध्यान दे रहे है ?
उत्तर - हम जानते है कि जीवाश्मी ईंधन ऊर्जा के अनवीकरणीय स्रोत है | अतः इन्हें बचाने कि आवश्यकता है | पृथ्वी के अंदर कोयले , पेट्रोलियम , प्राकृतिक गैस आदि सीमित मात्रा में मौजूद है | यदि हम इनका प्रयोग इसी प्रकार करते रहे तो ये शीघ्र ही समाप्त हो जाएंगे | अतः हमें ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों कि ओर ध्यान देना चाहिए |
page no. 285
प्रश्न1 : सौर कूकर के लिए कौन सा दर्पण - अवतल , उत्तल , अथवा समतल - सर्वाधिक उपयुक्त है ?
उत्तर - सौर कूकर के लिए सर्वाधिक उपयुक्त दर्पण अवतल दर्पण है , क्योंकि यह एक अभिसारी दर्पण है | जो सूर्य कि किरणों को एक बिन्दु पर फोकसित करता है ,जिसके कारण शीघ्र ही इसका ताप और बढ़ जाता है |
प्रश्न2 : महासागरो से प्राप्त होने वाली ऊर्जा कि क्या सीमाए है ?
उत्तर - महासागरो से प्राप्त होने वाली ऊर्जा कि निम्न सीमाए है -
1. तरंग ऊर्जा के व्यापारिक उपयोग के लिए तरंगो का अत्यंत प्रबल होना आवश्यक है |
2. ज्वार भाटे के समय जल के स्तर चढ़ने तथा गिराने से ज्वारीय ऊर्जा प्राप्त होती है | बाँध के द्वार पर स्थित टरबाइन ज्वारीय ऊर्जा को विद्युत् ऊर्जा में बदल देते है | परन्तु ये बांध केवल कुछ ही क्षेत्रो में सफल है |
3. ऊर्जा संयत्रों के निर्माण कि लागत बहुत अधिक होती है तथा ऊर्जा का उत्पादन कम होता है |
प्रश्न3 : भूतापीय ऊर्जा क्या है ?
उत्तर - जब भूमिगत जल तप्त स्थलों के संपर्क में आता है तो भाप उत्पन्न होती है | जब यह भाप चट्टानों के बीच फंस जाती हैं तो इसका दाब बढ़ जाता है | उच्च दाब पर यह भाप पाइपों द्वारा निकाल ली जाती है, यह भाप विद्युत जनरेटर की टरबाइन को घुमती है तथा विद्युत उत्पन्न की जाती है | इन तप्त स्थलों से प्राप्त होने वाली ऊर्जा भूतापीय ऊर्जा कहलाती है |
प्रश्न4 : नाभिकीय ऊर्जा का क्या महत्व है ?
उत्तर - नाभिकीय ऊर्जा से उत्पन्न ऊर्जा को नाभिकीय ऊर्जा कहते है | इस प्रकिया के द्वारा अत्याधिक मात्रा में ऊर्जा मुक्त होती है | इस ऊर्जा का उपयोग भाप बनाकर विद्युत् उत्पन्न करने में किया जाता है |
page no. 286
प्रश्न1 : क्या कोई ऊर्जा स्रोत प्रदुषण मुक्त हो सकता है ? क्यों अथवा क्यों नही ?
उत्तर - नही , ऐसा कोई ऊर्जा का स्रोत नही है जो प्रदुषण मुक्त हो | सौर सेल हालाँकि प्रदुषण मुक्त है परन्तु उस युक्ति को जुटाने में पर्यावरण क्षति ग्रस्त हो सकता है |
प्रश्न2 : रॉकेट ईंधन के रूप में हाइड्रोजन का उपयोग किया जा रहा है ? क्या आप इसे CNG की तुलना मे अधिक स्वच्छ ईंधन मानते है ? क्यों अथवा क्यों नहीं ?
उत्तर - हाइड्रोजन एक स्वच्छ ईंधन है क्योंकि ये CO2 उत्पन्न नहीं करता बल्कि यह दहन होने पर जल उत्पन्न करता है अतः प्रदुषण नहीं फैलता है |
page no. 286
प्रश्न1 : ऐसे दो ऊर्जा स्रोतों के नाम लिखिए जिन्हे आप नवीकरणीय मानते है | अपने चयन के लिए तर्क दीजिए |
उत्तर- (a) पवन ऊर्जा :
(i)पवनों से ऊर्जा उन्हीँ जगहों पर पाई जाती है जहाँ वर्षा के समय तेज गति से पवने चलती हो |
(ii) टरबाइनो कि गति के लिए पवनो की न्यूनतम चाल 15km/h से अधिक होनी ऊर्जा चाहिए |
(iii) इसके उपयोग के लिए सचायक सेलों की भी सुविधा होनी चाहिए |
(b) जल विद्युत ऊर्जा :
(i) ये भी ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोत है |
(ii) जल विधुत जल से उत्पन्न होती है |
(iii) इसकी लागत कुछ सीमा तक महगी है |
प्रश्न2 : ऐसे दो ऊर्जा स्रोतों के नाम लिखिए जिन्हें आप समाप्य मानते है | अपने चयन के लिए तर्क दीजिए |
उत्तर - कोयला एव पेट्रोलियम के वे स्रोत है जो समापन योग्य है | इनके भण्डार प्रक्रति में सीमित है एव एक ना एक दिन अवश्य समाप्त हो जायेगे | इन ईधन को निर्मित होने में करोड़ो वषों का समय लगा | अत : इन्हें पुन : निर्मित करना असम्भव है |
14. उर्जा के स्रोत
अभ्यास
अभ्यास :
1. गर्म जल प्राप्त करने के लिए हम सौर जल तापक का उपयोग किस दिन नहीं कर सकते-
(a) धुप वाले दिन
(b) बादलों वाले दिन
(c) गरम दिन
(d) पवनों (वायु) वाले दिन
उत्तर : (b) बादलों वाले दिन |
2. निम्नलिखित में से कौन जैवमात्रा ऊर्जा स्रोत का उदाहरण नहीं है?
(a) लकड़ी
(b) गोबर गैस
(c) नाभिकीय ऊर्जा
(d) कोयला
उत्तर : (c) नाभिकीय ऊर्जा |
3. जितने ऊर्जा स्रोत हम उपयोग में लाते हैं उनमें सेअधिकाश सौर ऊर्जा को निरूपित करते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा ऊर्जा स्रोत अंततः सौर ऊर्जा से व्युत्पन्न नहीं है?
(a) भूतापीय ऊर्जा
(b) पवन ऊर्जा
(c) नाभिकीय ऊर्जा
(d) जैवमात्रा
उत्तर : (c) नाभिकीय ऊर्जा |
4. ऊर्जा स्रोत के रूप में जीवाश्मी ईधनों तथा सूर्य की तुलना कीजिए और उनमें अंतर लिखिए।
उत्तर : जीवाश्मी ईधनों :
(i) ये समापन योग्य है |
(ii) ये ऊर्जा के महगे स्रोत है |
(iii) ये ग्रीन -हाउस को भी प्रभावित करते है |
सूर्य :
(i)यह समापन योग्य नही है |
(ii) ये ऊर्जा के सस्ते स्रोत है |
(iii) यह उपकरण स्वच्छ उर्जा के स्रोत है |
5. जैवमात्रा तथा ऊर्जा स्रोत के रूप में जल वैद्युत की तुलना कीजिए और उनमें अंतर लिखिए।
उत्तर : जैवमात्रा :
(i) ये ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोत है |
(ii) इसकी लागत ज्यादा नही है |
(iii) बायो गैस की उत्पति के करके है |
जल विधुत :
(i) ये भी ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोत है |
(ii) जल विधुत जल से उत्पन्न होती है |
(iii) इसकी लागत कुछ सीमा तक महगी है |
6. निम्नलिखित से ऊर्जा निष्कर्षित करने की सीमाएँ लिखिए?
(a) पवनें (b) तरंगें (c) ज्वार-भाटा
उत्तर : (a) पवनें : (i)पवनों से ऊर्जा उन्हीँ जगहों पर पाई जाती है जहाँ वर्षा के समय तेज गति से पवने चलती हो |
(ii) टरबाइनो कि गति के लिए पवनो की न्यूनतम चाल 15km/h से अधिक होनी ऊर्जा चाहिए |
(iii) इसके उपयोग के लिए सचायक सेलों की भी सुविधा होनी चाहिए |
(b) तरंगें : (i) तरगों से उत्पन्न ऊर्जा को प्राप्त करने के लिए तरगों का प्रबल होना आवश्यक है
(ii) इसका उपयोग करते समय एक - समान विधुत शक्ति प्राप्त नही की जा सकतीं है |
(iii) इसके किए आवश्यक उपकरण महगे है |
(c) ज्वार-भाटा : (i) इस तरह की ऊर्जा प्राप्ति के लिए बाध का निमार्ण करना आवश्यक है |
(ii) ज्वार-भाटा से उत्पन्न ऊर्जा का प्रयोग सीमित है |
(iii) इसके निमार्ण के लिए जमीन की लागत आधिक है |
7. ऊर्जा स्रोतों का वर्गीकरण निम्नलिखित वर्गों में किस आधार पर करेंगे ?
(a) नवीकरणीय तथा अनवीकरणीय
(b) समाप्य तथा अक्षय
क्या (a) तथा (b)के विकल्प समान हैं?
उत्तर : (a) नवीकरणीय ऊर्जा वे ऊर्जा होती है जिनका उपयोग हम लंबे समय तक आसीमित रूप से कर सकते है | इसका भंडार अक्षय रहता है | जैसे : सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा |
अनवीकरणीय ऊर्जा वे ऊर्जा होती है जिनका उपयोग यदि हम एक बार कर लेते है तो उनकी पुनः प्राप्ति नहीं की जा सकती है और इनका भंडार समाप्य रहता है | जैसे : जीवाश्मी ईंधन ( कोयला , पैट्रॉल , प्राकृतिक गैस )|
(b) (a) और (b) के विकल्प सामान है क्योंकि नवीकरणीय ऊर्जा अक्षय है परन्तु अनवीकरणीय ऊर्जा समाप्य है |
8. ऊर्जा के आदर्श स्रोत में क्या गुण होते हैं?
उत्तर : ऊर्जा के आदर्श स्रोत के गुण :-
(i) सरलता से प्राप्त हो सके |
(ii) सस्ता भी होना चहिए |
(iii) प्रति एकाक आयतन एव द्रव्यमान अधिक कार्य करे |
9. सौर कुकर का उपयोग करने के क्या लाभ तथा हानियाँ हैं? क्या ऐसे भी क्षेत्र हैं जहाँ सौर कुकरों की सीमित उपयोगिता है?
उत्तर : सौर कुकर का उपयोग करने के लाभ :
(i) यह उपकरण सस्ता है |
(ii) इसका उपयोग करने से प्रदुषण नही होती है |
(iii) इनमे कोई गतिमान पुर्जा नही होता है |
सौर कुकर की हानियाँ :
(i) ये उपकरण केवल सूर्य के प्रकाश में ही इसका उपयोग किया जाता है |
(ii) यह भोजन पकाने में sय अधिक लेता है |
हां , ऐसे अनेक क्षेत्र है सौर -सेल महगे होते है | जहाँ सौर कुकरों की सीमित उपयोगिता है उदाहरण : अधिक बरसात वाले क्षेत्र , पहाड़ी क्षेत्र आदि |
10. ऊर्जा की बढ़ती माँग के पर्यावरणीय परिणाम क्या हैं? ऊर्जा की खपत को कम करने के उपाय लिखिए।
उत्तर : आज का युग मशीनी युग हो गया है आज की जनसंख्या जीवाश्म ईधन पर्यावरण को प्रदुषण करने के लिए उपयोग करती है | सौर-सेल को उपयोग करने से पर्यावरणीय सभव है | अनेक प्रकार कि बीमारियाँ बढ़ रही है |
ऊर्जा की खपत को कम करने के उपाय निम्न है :-
(i) कोयला , जीवाश्म ईधन का कम से कम उपयोग |
(ii) मशीनों पर निर्भर न रहकर स्वय पर निर्भर रहना |
14. उर्जा के स्रोत
महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर:-
प्रश्न 1: हमारी ऊर्जा का मुख्य स्रोत क्या हैं?
उत्तर: सूर्य|
प्रश्न 2: आधुनिक उपयोग दर पर कोयला भण्डार कितने समय में समाप्त हो जाएगा ?
उत्तर: लगभग 250 वर्ष|
प्रश्न 3: पृथ्वी मुख्यतः किस रूप में सूर्य से ऊर्जा प्राप्त करती हैं|
उत्तर: ऊष्मा और प्रकाश के रूप में|
प्रश्न 4: उपयोगी ऊर्जा का क्या अर्थ हैं?
उत्तर: ऐसी ऊर्जा जिसकी प्राप्ति उसके लगत से अधिक हो, उसे उपयोगी ऊर्जा कहते हैं|
प्रश्न 5: ऊर्जा स्रोत का मुख्य लक्षण क्या हैं?
उत्तर: ऊर्जा स्रोत से पर्याप्त मात्रा में उपयोगी ऊर्जा उत्पन्न होनी चाहिए|
प्रश्न 6: हमे ऊर्जा की आवश्यकता क्यों होती हैं?
उत्तर: निम्न कार्यों के लिए ऊर्जा की आवश्यकता :-
(i) खाना बनाने के लिए|
(ii) प्रकाश उत्पन्न करने के लिए|
(iii) यातायात के लिए|
प्रश्न 7: जैव मात्र क्या हैं?
उत्तर: पौधे व जन्तुओ के मृत अवशेष या उत्सर्जीत पदार्थों को जैव मात्रा कहते हैं|
प्रश्न 8: सौर ऊर्जा किस प्रकार रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित किया जा सकता हैं?
उत्तर: हरे पौधे प्रकाश संश्लेषण द्वारा सौर ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित करते हैं|
प्रश्न 9: जैव ऊर्जा क्या हैं?
उत्तर: जैव मात्रा से प्राप्त ऊर्जा को जैव ऊर्जा कहते हैं|
प्रश्न 10: ऊर्जा का नवीकरणीय स्रोत किसे कहते हैं?
उत्तर: ऊर्जा का नवीकरणीय स्रोत वैसी ऊर्जा को कहते हैं जो या तो जल्दी ही पुनर्स्थापित हो जाता हैं या इतना अधिक मात्रा में उपलब्ध होता हैं जो बहुत लम्बे समय तक समाप्त नहीं हो सकता|
प्रश्न 11: पवन में किस प्रकार की ऊर्जा होती हैं?
उत्तर: गति के कारण पवन में गतिज ऊर्जा होती हैं|
प्रश्न 12: पवन ऊर्जा को नवीकरणीय ऊर्जा क्यों कहते हैं?
उत्तर: सौर ऊर्जा के कारन पवने चलती हैं| जब तक पृथ्वी सौर ऊर्जा प्राप्त करती रहेंगी तबतक पवन ऊर्जा भी मिलती रहेगी| इसलिए इसे नवीकरणीय ऊर्जा कहते हैं |
14. उर्जा के स्रोत
महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर:
प्रश्न 1: ज्वारीय ऊर्जा को किस प्रकार उपयोग में लाया जा सकता हैं?
उत्तर : ज्वारीय ऊर्जा का प्रयोग ऊर्जा उत्पन के लिए किया जा सकता हैं|
उपयोग- ज्वारीय ओर्र्जा का प्रयोग करने के लिए छिछली खाड़ी में बांध बनाते हैं| ज्वार चड़ने के समय पानी का तल बढ़ना आरम्भ होता हैं और जब उतार के समय पानी का ताल बढ़ना आरम्भ होता हैं, बाँध के दरवाजे बंद कर देते हैं जिससे पानी का तल बाहर से ऊंचा हो जाता हैं| तब बाँध के दरवाजे खोलकर पानी को तेज़ी से बहने देते हैं, जो टर्बाइन के ब्लेड पर गिरता हैं, जिससे जनित्र का अर्मेचुर घूमता हैं तथा विद्युत उत्पन्न होती हैं|
प्रश्न 2: बोक्सनुमा तथा संक्रेंदक सौर कुकर में अन्तर लिखिए|
उत्तर:
| बोक्सनुमा सौर कुकर | संक्रेंदक सौर कुकर |
| (i) इसमें परावर्तक समतल दर्पण का उपयोग होता हैं| | (i) इसमें परावर्तक अवतल दर्पण का उपयोग होता हैं| |
| (ii) इसका प्रयोग रोटी बनाने व फ्राई करने में नहीं किया जा सकता| | (ii) इसका प्रयोग रोटी बनाने व फ्राई करने में किया जा सकता| |
| (iii) इसमें प्राप्त ताप ऊर्जा की मात्रा (100oC - 140oC ) होती हैं| | (iii) इसमें प्राप्त ताप ऊर्जा की मात्रा (180oC - 200oC ) होती हैं| |
प्रश्न 3: पवन ऊर्जा के दो उपयोग व दो सीमाएँ लिखिए|
उत्तर: उपयोग:
(i) यह ऊर्जा का नवीकरणीय स्रोत हैं|
(ii) हालाँकि इसका प्रारंभिक मूल्य अधिक हैं , किन्तु इसको चलाने का मूल्य कम हैं|
सीमाएँ:
(i) पवन चक्की वहीं पर स्थापित की जा सकती हैं जहाँ पर पवन का वेग कम-से-कम 15km/h हो तथा वायु लगभग वर्ष भर बहती हो|
(ii) पवन ऊर्जा फर्मो के लिए भूमि का काफी बड़ा क्षेत्र होना आवश्यक हैं|
प्रश्न 4: लकड़ी का कोयला (चारकोल) लकड़ी से अधिक उत्तम क्यों माना जाता हैं? लकड़ी को कोयलें में परिवर्तित करने में क्या हानियाँ हैं?
उत्तर: चारकोल को उत्तम साधन माना जाता हैं क्योंकि
(i) इसका ऊष्मीय मान लकड़ी से अधिक हैं|
(ii) यह कम धुंआ मुक्त करता हैं|
(iii) यह हल्का ईंधन हैं|
(iv) इसका भण्डारण आसान हैं|
हानियाँ:- 1 kg लकड़ी के भंजक आसवन से केवल 0.25 kg चारकोल प्राप्त होता हैं| इस तरह अधिक मात्र में चारकोल प्राप्त करने हेतु बहुत अधिक संख्या में पेड़ो को काटना होगा|
(ii) यह खर्चीला होने के साथ- साथ पर्यावरण में भी असंतुलन उत्पन्न करेगा|
प्रश्न 5: जैव गैस कैसे प्राप्त होती हैं?
उत्तर: (i) इनलेट टैंक में गोबर व पानी उचित मात्रा में मिलाकर स्लरी बनाते हैं|
(ii) इनलैट पाइप द्वारा स्लरी को मुख्य संपाचक में भेज दिया जाता हैं|
(iii) संपाचक में अनौक्सी सूक्ष्म जीव जैव मात्र का अपघटन क्र देते हैं|
(iv) इस क्रिया द्वारा जो गैस बनती हैं वह बायोगैस होती हैं|
(v) इस गैस को प्लवी टंकी में इकत्र कर लिया जाता हैं|
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