NCERT Solutions for Class 10 – Complete Chapter-wise Study Material
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Chapter 3. भूमंडलीयकृत विश्व का बनाना - Class 10 History Hindi NCERT Solutions
Chapter 3. भूमंडलीयकृत विश्व का बनाना
सिल्क मार्ग: ये मार्ग एशिया को यूरोप और उत्तरी अफ्रीका के साथ-साथ विश्व को जमीन और समुद्र मार्ग से जोड़ते थे |
सिल्क मार्ग का महत्व :
(i) इसी रास्ते से चीनी पॉटरी जाती थी और इसी रास्ते से भारत व दक्षिण-पूर्व एशिया के कपड़े व मसाले दुनिया के दूसरे भागों में पहुँचते थे।
(ii) वापसी में सोने-चाँदी जैसी कीमती धातुएँ यूरोप से एशिया पहुँचती थीं।
(iii) इसी मार्ग से व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान, दोनों प्रक्रियाएँ साथ-साथ चलती थी |
(iv) शुरुआती काल के ईसाई मिशनरी इसी मार्ग से एशिया में आते थे |
(v) बौद्ध धर्म भी इसी मार्ग से विश्व के विविध भागों में फैला था |
कॉर्न-लॉ : यह वह कानून है जिसके सहारे सरकार ने मक्का के आयात पर पाबन्दी लगा दी थी |
खाद्य पदार्थों का आदान प्रदान :
(i) आलू, सोया, मूँगपफली, मक्का, टमाटर, मिर्च, शकरकंद और ऐसे ही बहुत सारे दूसरे खाद्य पदार्थ लगभग पाँच सौ साल पहले हमारे पूर्वजों के पास नहीं थे। हमारे बहुत सारे खाद्य
पदार्थ अमेरिका के मूल निवासियों यानी अमेरिकन इंडियनों से हमारे पास आए हैं।
रिंडरपेस्ट : रिंडरपेस्ट प्लेग की भांति फैलने वाली मवेशियों की बीमारी थी | यह बीमारी 1890 ई० के दशक में अफ्रीका में बड़ी तेजी से फैली |
बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ : बहुराष्ट्रीय कंपनियों की स्थापना 1920 के दशक में हुई परन्तु इनका विश्वव्यापी प्रसार पचास और साठ के दशक में ही अधिक हुआ |
एल डोराडो : यह अमेरिका का एक शहर है जिसे सोने का शहर के नाम से जाना जाता है |
अमेरिका में चेचक का प्रभाव : यूरोपीय उपनिवेशवादी अपने साथ चेचक जैसी भयंकर बिमारियों के कीटाणु लेकर आये थे | यूरोपीय सेनाएँ केवल अपनी सैनिक ताकत के दम पर नहीं जीतती थीं। स्पेनिश विजेताओं के सबसे शक्तिशाली हथियारों में परंपरागत किस्म का सैनिक हथियार तो कोई था ही नहीं। यह हथियार तो चेचक जैसे कीटाणु थे जो स्पेनिश सैनिकों और अफसरों के साथ वहाँ जा पहुँचे थे | लाखों साल से दुनिया से अलग-थलग रहने के कारण अमेरिका के लोगों के शरीर में यूरोप से आने वाली इन बीमारियों से बचने की रोग-प्रतिरोधी क्षमता नहीं थी। फलस्वरूप, इस नए स्थान पर चेचक बहुत मारक साबित हुई। एक बार संक्रमण शुरू होने के बाद तो यह बीमारी पूरे महाद्वीप में फैल गई। जहाँ यूरोपीय लोग नहीं पहुँचे थे वहाँ के लोग भी इसकी चपेट में आने लगे। इसने पूरे के पूरे समुदायों को खत्म कर डाला। इस तरह घुसपैठियों की जीत का रास्ता आसान होता चला गया।
यूरोप का विश्वव्यापार के रूप में विकसित होना :
अठारहवीं शताब्दी का काफी समय बीत जाने के बाद भी चीन और भारत को दुनिया के सबसे धनी देशों में गिना जाता था। एशियाई व्यापार में भी उन्हीं का दबदबा था। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि पंद्रहवीं सदी से चीन ने दूसरे देशों वेफ साथ अपने संबंध कम करना शुरू कर दिए और वह दुनिया से अलग-थलग पड़ने लगा। चीन की घटती भूमिका और अमेरिका के बढ़ते महत्त्व के चलते विश्व व्यापार का केंद्र पश्चिम की ओर खिसकने लगा। अब यूरोप ही विश्व व्यापार का सबसे बड़ा केंद्र बन गया।
वस्तुओं का प्रवाह : अंग्रेजी शासन के साथ गेंहूँ, सूती, ऊनी तथा रेशमी कपड़ों का प्रवाह भारत से इंग्लैंड में होता था |
श्रमिकों का प्रवाह : भारत में श्रमिक इंग्लैंड के श्रमिकों से सस्ते में उपलब्ध थे | इसलिए अंग्रेज इन्हें इंग्लैंड चाय, काफी, नील तथा तम्बाकू के बागानों में काम करने के लिए ले जाते थे |
ब्रिटेन वुड्स : ब्रिटेन वुड्स यु. एस. ए. में स्थित एक होटल का नाम है | दुसरे विश्व युद्ध के बाद इस होटल में अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था संबंधी एक सम्मलेन आयोजित किया गया | इस सम्मलेन को ही ब्रिटेन वुड्स समझौते के नाम से जाना जाता है |
G-77 : G-77 विकासशील देशों का समूह जिन्होंने आर्थिक विकास के लिए आवाज उठाई |
उन्नीसवीं सदी के विश्व में परिवर्तन करने वाले अविष्कार : भाप इंजन, रेलवे, टेलीग्राफ इत्यादि |
वीटों का अधिकार : वीटों एक विशेषाधिकार है जिसके सहारे कोई एक ही सद्स्य अपनी असहमति रखते हुए किसी भी प्रस्ताव को रोक सकता है |
Chapter 3. भूमंडलीयकृत विश्व का बनाना
अभ्यास :
Q1. सत्रहवीं सदी से पहले होने वाले आदान-प्रदान के दो उदाहरण दीजिए। एक उदाहरण एशिया से और एक उदाहरण अमेरिका महाद्वीपों के बारे में चुने।
उत्तर :
(i) एशिया से कपडा |
(ii) अमेरिका महाद्वीप से गेंहूँ |
Q2. बताएँ कि पूर्व-आधुनिक विश्व में बीमारियों के वैश्विक प्रसार ने अमेरिकी भूभागों के उपनिवेशीकरण में किस प्रकार मदद दी।
उत्तर :
(i) पूर्व-आधुनिक विश्व में बिमारियों के वैश्विक प्रसार ने अमेरिकी भूभागों के उपनिवेशीकरण में बहुत मदद की क्योंकि जो वहां के स्थानीय अमेरिकी लोग इन महामारियों से प्रतिरोधी नहीं थे जबकि जो लोग इन्हें अमेरिका में लाये थे वे पहले ही से इन बिमारियों के प्रति प्रतिरोधी थे |
(ii) यूरोपीय लोग इन बिमारियों से कम या ज्यादा प्रतिरोधी थे जबकि अमेरिकी लोग जो शेष विश्व से कटे हुए थे इनमें इनसे लड़ने की क्षमता नहीं थी |
(iii) इन बिमारियों के कारण अमेरिकी मूल निवासी बिना हथियार ही इन यूरोपीय लोगों के चंगुल में आ गए |
Q3. निम्नलिखित वेफ प्रभावों की व्याख्या करते हुए संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखेंः
(क) कॉर्न लॉ के समाप्त करने के बारे में ब्रिटिश सरकार का फैसला।
(ख) अफ्रीका में रिडरपेस्ट का आना।
(ग) विश्वयुद्ध के कारण यूरोप में कामकाजी उम्र के पुरुषों की मौतें।
(घ) भारतीय अर्थव्यवस्था पर महामंदी का प्रभाव।
(ङ) बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा अपने उत्पादन को एशियाई देशों में स्थानांतरित करने का फैसला।
उत्तर :
(क) कॉर्न लॉ को खत्म करने के ब्रिटिश सरकार के फैसले के परिणामस्वरूप कृषि क्षेत्र में नुकसान हुआ, लेकिन औद्योगिक क्षेत्र में प्रगति। भोजन को ब्रिटेन ने सस्ते में और अधिक आयात करना शुरू किया, और खेती में शामिल हजारों श्रमिक बेरोजगार हो गए। हालांकि, खपत में वृद्धि हुई और औद्योगिक क्षेत्र बढ़ गया, और शहरों में श्रमिकों की संख्या ग्रामीण इलाकों की तुलना में बढ़ गई ।
(ख) अफ्रीका में रिन्डरपेस्ट आने से अनगिनत अफ्रीकियों की जीविका समाप्त हो गई | इस स्थिति के लाभ के लिए उपनिवेशीराष्ट्रों ने अफ्रीका को जित लिया और अफ़्रीकी लोगों को श्रम बाजार में जाने के लिए मजबूर कर दिया |
(ग) विश्वयुद्ध के कारण यूरोप में बहुत से कामकाजी उम्र के पुरुषों की मौते हुई | विश्वयुद्ध के कारण कंपनियों पर कार्य का भार बहुत बढ़ गया था जिसकों पूरा करने के लिए मजदूरों को दिन-रात काम करवाया जाता था |
(घ) 1928 और 1934 के बीच भारतीय अर्थव्यस्था में महामंदी का काफी प्रभाव रहा | यह भारतीय आयत और निर्यात को आधा तक कम कर दिया | इस समय गेंहू की कीमत आधा लगभग 50% गिर गए | महामंदी के कारण कृषि और उत्पादन क्षेत्र काफी गिर गया था |
Q4. खाद्य उपलब्धता पर तकनीक के प्रभाव को दर्शाने के लिए इतिहास से दो उदाहरण दें।
उत्तर: (i) अब अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया आदि से जानवरों की बजे उनका मांस यूरोप भेजा जाने लगा| इससे समुद्री यात्रा पर होने वाला खर्च कम हो गया और यूरोप में मांस की कीमतों में गिरावट आ गई|
(ii) कीमतों में गिरावट के परिणामस्वरूप अब मांस गरीबो की पहुँच में आ गया| अब मांस उनके भोजन में सम्मिलित हो गया |
(iii) जीवन में सुधार के कारण देश में शान्ति स्थापित होने लगी| इससे अन्य देशों में साम्राज्यवादी उद्देश्य को समर्थन मिला |
Q5. ब्रेटन वुड्स समझौते का क्या अर्थ है?
उत्तर: ब्रेटन वुड्स समझौते से अभिप्राय उस युद्धोत्तर अंतराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था से है जिसकी स्थापना की सहमति अमेरिका स्थित न्यू हैम्पशर के ब्रेटन वुड्स नामक स्थान पर संयुक्त राष्ट्र मौद्रिक एवं वित्तीय सम्मलेन में हुई थी| इसके अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष और अन्तर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक का गठन किया गया| इसी कारण विश्व बैंक और (आई.एम.एफ.) को ब्रेटन वुड्स ट्विन भी कहा जाता हैं|
Chapter 3. भूमंडलीयकृत विश्व का बनाना
महत्वपूर्ण प्रश्न:
1 अंक के प्रश्न :
Q1. दक्षिणी अमेरिका में एल डोराडो क्या है ?
उत्तर : किंवदंतियों की बदौलत सोने का शहर |
Q2. मित्र राष्ट्रों में शामिल देशों का नाम बताइए |
उत्तर : ब्रिटेन, फ्रांस और रूस |
Q3. धुरी राष्ट्र किन्हें कहा जाता है |
उत्तर : प्रथम विश्व युद्ध का दूसरा पक्ष - जर्मनी, जापान और इटली को धुरी राष्ट्र कहा जाता है |
Q4. लगभग 500 साल पहले किस फसल के बारे में हमारे पूर्वजों को ज्ञान नहीं था |
उत्तर : आलू |
Q5. कौन से दो अविष्कारों ने 19 वीं सदी के विश्व में परिवर्तन किया ?
उत्तर : (i) भाप इंजन और (ii) रेलवे
Q6. किस देश के पास अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetory Fund) और विश्व बैंक (World Bank) में वीटो का प्रभावशाली अधिकार है ?
उत्तर : संयुक्त राज्य अमेरिका |
Q7. 1928 से 1934 के बीच भारत में गेंहूँ की कीमत 50 प्रतिशत तक क्यों गिर गई ?
उत्तर : महामंदी के कारण |
Q8. अमेरिका महाद्वीप की खोज किसने की ?
उत्तर : क्रिस्टोफर कोलंबस ने |
Q9. उस यूरोपीय देश का नाम लिखों, जिसने अमेरिका पर विजय प्राप्त की ?
उत्तर : स्पेन ने |
Q10. भूमंडलीकृत विश्व के बनने में मदद देने वाले कोई तीन कारक बताइए |
उत्तर : (i) व्यापार |
(ii) काम की तलाश में एक जगह से दूसरी जगह जाते लोग |
(iii) पूँजी |
3 अंक के प्रश्न :
Q1. औद्योगीकरण का सूती वस्त्र उद्योग पर ब्रिटेन में क्या प्रभाव पड़ा ?
उत्तर : औद्योगीकरण का सूती वस्त्र उद्योग पर ब्रिटेन में निम्नलिखित प्रभाव पड़ा :-
(i) आयात शुल्क के कारण ब्रिटेन में भारतीय कपास के आयात में तेजी से कमी आई |
(ii) भारतीय वस्त्रों को अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में भारी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा |
(iii) बाद में निर्माण किए गए सूती उत्पादों के निर्यात में कमी आने के पश्चात् ब्रिटिश निर्माताओं ने बहुत ही सस्ती कीमत पर भारत से कपास का आयात आरंभ कर दिया |
Q2. अमेरिका जाने वाले नए समुद्री रास्तों की खोज के बाद विश्व में क्या बदलाव हुए ? तीन उदाहरण देकर स्पष्ट करें |
उत्तर : अमेरिका जाने वाले नए समुद्री रास्तों की खोज के बाद अमेरिका विश्व से सीधे जुड़ गया -
(i) आलू का इस्तेमाल शुरू करने पर यूरोप के गरीबों की जिंदगी में बदलाव आया | उनका भोजन बेहतर हो गया और औसत उम्र बढ़ गई |
(ii) अफ्रीका से गुलामों का व्यापार शुरू हो गया |
(iii) यूरोप में धार्मिक टकराव होते रहते थे इसलिए बहुत से लोग यूरोप से भाग कर अमेरिका चले गए |
Q3. व्यापार अधिशेष से क्या अभिप्राय है ? भारत के साथ ब्रिटेन व्यापार अधिशेष की अवस्था में क्यों रहा ?
उत्तर : जब निर्यात मूल्य आयात मूल्य से अधिक होता है तो इसे व्यापार अधिशेष कहा जाता है |
भारत के साथ ब्रिटेन व्यापार अधिशेष की अवस्था में होने के निम्न कारण थे -
(i) 19वीं शताब्दी में भारतीय बाजारों में ब्रिटेन के बने माल की अधिकता हो गई थी |
(ii) भारत से ब्रिटेन और शेष विश्व को भेजे जाने वाले खाद्यान्न व कच्चे मालों के निर्यात में इजाफा हुआ |
(iii) भारतीय निर्यात पर औपनिवेशिक शासन द्वारा निर्यात शुल्क लगा दिए जाने से भारतीय माल की कीमत विदेशों में अधिक हो जाती थी जबकि ब्रिटेन से भारत में आने वाली वस्तुओं पर कोई शुल्क नहीं होता था जिससे ब्रिटेन हमेशा व्यापार अधिशेष की अवस्था में रहता था |
Q4. अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक विनिमय में तीन प्रकार के प्रवाह कौन-कौन से है ? वर्णन कीजिए |
उत्तर : अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक विनिमय में तीन प्रकार के प्रवाह निम्नलिखित हैं -
(i) व्यापार का प्रवाह - शुरू से ही व्यापार में कपड़ों और गेंहू के व्यापार से प्रवाह होता रहता था |
(ii) श्रम का प्रवाह - लोग रोजगार की तलाश में एक स्थान से दुसरे स्थान पर जाते रहते हैं |
(iii) पूँजी का प्रवाह - इस प्रकार का प्रवाह जिसमें अल्प या दीर्ध अवधि के लिए पूँजी का निवेश दुसरे देशों में होता आया है |
प्रश्न 1. वैश्वीकरण क्या हैं ?
उत्तर : वैश्वीकरण का अर्थ हैं - अपनी अर्थव्यवस्था और विश्व अर्थव्यवस्था में सामांजस्य स्थापित करना । इसके अंर्तगत विश्व के अनेक देश अपने व्यापार , काम और पारस्पारिक जरूरतों के लिए एक दूसरे से एक सूत्र से बँध जाते हैं ।
प्रश्न 2. वैश्वीकरण के दो प्रभावों का वर्णन करो ।
उत्तर : वैश्वीकरण के दो प्रभावों का वर्णन निम्नलिखित हैं:-
(i) वैश्वीकरण के कारण विश्व के विभिन्न देश अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर पारस्पारिक रूप में एक दूसरे पर र्निभर हो जाते हैं।
(ii) वैश्वीकरण के कारण विश्व के विभिन्न देश एक दूसरे की सेवाँए ले या दे सकता हैं।
प्रश्न 3. वैश्वीकरण को बढ़ावा देने वाले कौन कौन से कारक हैं ?
उत्तर : वैश्वीकरण को बढ़ावा देने वाले निम्नलिखित कारक हैं:-
(i) व्यापार
(ii) काम की तलाश में एक देश से दूसरे देश में लोगों का पलायन ।
(iii) पूँजी या सेवाओं का वैश्वीक स्तर पर आवा जाही ।
प्रश्न 4. उपनिवेशवाद क्या हैं ?
उत्तर : वह ढंग जिसके द्वारा कोई शक्तिशाली देश कमजोर देश को हर उचित एवं अनुचित तरीके से अपने अधीन लाने का प्रयत्न करते हैं और शासन करते हैं उपनिवेशवाद कहलाता हैं ।
प्रश्न 5. भारत 1947 तक किस देश का उपनिवेश रहा ?
उत्तर : ब्रिटेन का ।
प्रश्न 6. ब्रेटन वुड्स क्या हैं ?
उत्तर : ब्रेटन वुड्स G-77 विकासशील देशों का होने वाला एक सम्मेलन था ।
प्रश्न 7. अंर्तराष्ट्रय मुद्रा कोष और विश्व बैंक का जन्म कैसे हुआ ?
उत्तर : सन् 1944 में ब्रेटन वुड्स के सम्मेलन में अंर्तराष्ट्रय मुद्रा कोष और विश्व बैंक का जन्म हुआ ।
प्रश्न 8. सयुक्त राष्ट्र के किन दो संस्थाओं को ब्रेटन वुड्स की जुड़वा संताने कहा जाता हैं ?
उत्तर :
1. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष
2. विश्व बैंक
प्रश्न 9. अंर्तराष्ट्रय मुद्रा कोष और विश्व बैंक ने औपचारिक रूप से कब काम करना शुय किया ?
उत्तर : सन् 1947 में ।
प्रश्न 10. अंर्तराष्ट्रय मुद्रा कोष और विश्व बैंक के किसी भी फैसले को कौन सा देश वीटो कर सकता हैं ?
उत्तर : अमेरिका ।
प्रश्न 11. अफीम युद्ध से आप क्या समझते हैं ? चीन पर अफीम युद्ध पर पड़े प्रभावों का वर्णन करो ।
उत्तर : जब 19वीं शताब्दी में ब्रिटिश लोगों ने अपने स्वार्थ के लिए चीनियों पर अफीम को लादने का प्रयत्न किया तो दोनों पक्षों में आपसी युद्ध छिड़ गया जो इतिहास में अफीम युद्ध के नाम से प्रसिद्ध हैं ।
अफीम युद्ध के चीन पर पड़े प्रभाव निम्नलिखित हैं:
(i) चीनियों का शारीरिक एवं नैतिक रूप से पतन हुआ था |
(ii) चीनियों को हर्जाने के रूप में 5 बंदरगाह ब्रिटिश व्यापारियों के लिए खोलने पड़े |
(iii) बिना किसी अवधि के हांगकांग को ब्रिटेन को सौप दिया गया |
(iv) अफीम के व्यापार का चीन पर बुरा प्रभाव पड़ा ।
(v) चीन वालो को अपना बहुत सा धन अँग्रजों को युद्धपूर्ति के रूप में देना पड़ा ।
प्रश्न 12. वैश्वीकरण और उदारीकरण ने भारतीय अर्थ व्यवस्था में क्या नए आयाम जोडे ?
उत्तर : वैश्वीकरण अैर उदारीकरण ने भारतीय अर्थ व्यवस्था में निम्न नए आयाम जोडे।
1. रोजगार के अवसर बढे ।
2. आर्थिक स्थिति सुदृढ हुई ।
3. बेरोजगारी में कमी आई ।
4. शिक्षा और तकनिकी में काफी सुधार हुआ ।
5. विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि हुई ।
6. बहुत सी देशी और विदेशी कंपनियों को भारत में काम करने का मौका मिला ।
7. अर्थिक स्थिति के साथ साथ विदेशों में साख भी बढा ।
8. विकास दर में वृद्धि हुई ।
प्रश्न 13. बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ किसे कहते हैं ? इनकी स्थापना कब हुई और इनके चार लाभ लिखो ।
उत्तर : बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ उन कंपनियों को कहते हैं जो विश्व के विभिन्न देशों में जाकर अपनी पूँजी निवेश करती है, वहाँ अपना उत्पादन करती हैं और तैयार माल को विश्व के बाजारों में बेचती हैं ।
बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ के चार लाभ निम्नलिखित हैं:-
(i)बहुराष्ट्रीय कंपनियाों ने जिस देश में काम किया उन देशों में नौकरी के अवसर बढे और बेरोजगारी को कम किया ।
(ii) बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने विकासशील देशों को उनके पुराने उपनिवेशों से निकलने में काफी सहायता की ।
(iii) अपनी उत्पादक और व्यापारिक गतिविधियों के कारण वैश्विक व्यापार और पूँजीप्रवाह को प्रभावित किया ।
(iv) बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने वैश्वीकरण को गति प्रदान किया ।
प्रश्न 14. वैश्वीकरण के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों का वर्णन कीजिए।
उत्तर : सकारात्मक प्रभाव :
1. सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नए अवसरों का सृजन।
2. विदेशी पूँजी निवेश को बढावा ।
3. रोजगार में वृद्धि।
4. जीवन स्तर में सुधार ।
5. भारतीय कंपनियों का बहुराष्ट्रिय कंपनियों के रूप में उदय।
6. बजार में अनेक बस्तुओं की उपलब्धता।
नकारात्मक प्रभाव:
1. लघु और कुटीर उद्योगों पर बुरा प्रभाव ।
2. बजार में बढती प्रतियोगिता से भारतीय उत्पादों की माँग कम ।
3. केवल शहरों तक सीमित ग्रामीण क्षेत्र में कम प्रभाव ।
4. केवल सूचना और संचार टेकनाॅलाॅजी एवं इलेक्ट्राॅनिक क्षेत्र तक ही सीमित।
प्रश्न 15. अमेरिका के आदिवासियों के लिए किस बीमारी के कीटाणु सबसे भयंकर सिद्ध हुए ?
उत्तर : यूरोपीय लोगों ने अमेरिका को अपने सैनिक बल पर ही नहीं जीता वरन् उन चेचक के कीटाणुओं के कारण जीते जो स्पेन के सैनिक और अफसर अपने साथ ले गए थे। इनचेचक के कीटाणु के हमले से बहुत से अमेरिकी आदिवासी मौत के शिकार हुए।कहीं कहीं तो चेचक से समुदाय के समुदाय ही खत्म हो गए ।
प्रश्न 16. भारतीय अर्थव्यवस्था पर महामंदी पर किन्हीं तीन प्रभावों का वर्णन करो ।
उत्तर : भारतीय अर्थव्यवस्था पर महामंदी के तीन प्रभाव निम्नलिखित हैं:-
1. इंग्लैंड में आने वाली औद्योगिक क्रांति जिसके कारण उसने भारत से सूती कपड़े का आयात करना बिल्कुल बंद कर दिया ।
2. भारतीय बाजारों में मशीनों दारा निर्मित सूती कपड़े की भरमार कर दी ।
3. अँग्रेजी कंपनी थोक में भारत से रूई तथा कपास खरीदकर दूसरे देश को भेज देती थी जिससे भारतीय बाजारों में अच्छे माल की कमी हो जाती थी ।
4. ब्रिटिश सरकार द्वारा भारी उत्पादन कर लगा दिया जाना ।
प्रश्न 17. महामंदी से क्या तात्पार्य हैं ? इसके कारणों की व्याखया कीजिए ।
उत्तर : 1929 ई में समस्त संसार को एक भयंकर अधिक संकट में आ घेरा । यह संकट संयुक्त राज्य अमेरिका में 1929 में पैदा हुआ और देखते ही देखते यह 1931 तक पूरे विश्व में फैल गया ।
महामंदी के निम्नलिखित कारण थे:-
1. यह संकट औद्योगिक क्रांति के कारण आवश्यकता से अधिक उत्पादन के कारण पैदा हुआ था।
2. अमेरिका में तैयार माल के इतने भंडार हो गए कि कोई उसके खरीददार नहीं रहा ।
3. प्रथम विश्व युद्ध के कारण यूरोप के बर्बाद हुए देश अमेरिका से माल आयात करने की अवस्था मे न थे ।
4. अमेरिका की शेयर एक्सचेंज मार्केट में शेयरों की गिरावट आ गई ।
प्रश्न 18. बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ किन्हें कहते हैं ? इन कंपनियों की स्थापना कब हुई ? इनके चार लाभ लिखो ।
उत्तर : बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ उन कंपनियाँ को कहते हैं जो विश्व के विभिन्न देशेा में जाकर अपनी पँजी निवेश करते हैं। वहाँ अपना उत्पादन करती हैं और तैयार माल को विश्व के बाजारों में बेचती हैं ।
इन कंपनियों से लाभ निम्नलिखित हैं:-
1. बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने जिस देश में काम किया उन देशों में नौकरी के अवसर बढ़े और बेरोजगारी की कमी हुई ।
2. बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने विकासशील देशों को उनके पुराने निवासी चुगल से काफी सहायता की ।
3. अपनी उत्पादिक और व्यापारिक गतिविधियों के कारण वैश्वासिक व्यापार और पँजी प्रवाह को प्रभावित किया ।
4. इन बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने वैश्वीकरण को प्रवाहित किया ।
प्रश्न 19. अमेरिका पर महामंदी का क्या प्रभाव पड़ा ? वर्णन कीजिए |
उत्तर : अमेरिका में महामंदी के कारण पैदा हुए विषम प्रभाव निम्न हैं:-
1. शेयर बाजार की कीमतों में गिरावट के कारण 1 लाख व्यापारियों को दिवाला निकाला गया ।
2. किसानों को लाभ में कमी आ गई ।
3. कृषि मजदूरों की मजदूरी कम हो गई ।
4. माल का कोई खरीददार न होने के कारण कारखाने बंद हो गए और हजारों मजदूर बेरोजगार हो गए ।
प्रश्न 20. द्वितीय विश्व युद्ध के क्या परिणाम निकले ?
उत्तर : द्वितीय विश्व युद्ध के निम्न परिणाम निकले:-
1. जानमाल की अपार हानि हुई जिसमें दोनों पक्षों के कोई 2.5 करोड़ से अधिक सैनिक मारे गए साथ ही साथ धन की अपार हानि हुई ।
2. हथियारों की हौड़ बढ़ गई , विश्व युद्ध के बाद भयानक हथियारों के निर्माण के लिए हौड़ सी लग गई ।
3. द्वितीय विश्व युद्ध में परमाणु बम जैसे भयानक हथियारों का प्रयोग किया गया जिससे कई तरह के भयंकर बीमारी उत्पन्न हुई ।
4. संयुक्त राष्ट्र यंघ की स्थापना की गई , मानव संस्कृति और सभ्यता को बचाने के लिए प्रत्येक देश में शांति के लिए (UN) की स्थापना की गई यह भी द्वितीय विश्व युद्ध का ही परिणाम था ।
5. उपनिवेशवाद का अंत हो गया ।
प्रश्न 21. ओद्यौगिक क्रांति से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर : ओद्यौगिक क्रांति वह क्रांति जिसमें कारखानों के विकास के साथ साथ औद्योगिक उत्पादन में बेहतसा वृद्धि हुई और अर्तराष्ट्रीय बाजार में बड़े पैमाने पर औद्योगिक उत्पादन होने लगा जिसे आद्यौगिक क्रांति के नाम से जाना गया ।
प्रश्न 22. प्रथम विश्व युद्ध के समय भारत के आद्यौगिक उत्पादन में वृद्धि के क्या कारण थे ?
उत्तर : प्रथम विश्व युद्ध के समय भारत इंग्लैंड का उपनिवेश था । इंग्लैंड भी प्रथम विश्व युद्ध में शामिल था । इस युद्ध से भारत के लिए एक नयी स्थिति पैदा कर दी और औद्योगिक क्षेत्र में वृद्धि हुई जिसके निम्न कारण थे:-
1. ब्रिटिश कारखाने सेना की जरूरतों को पूरा करने के लिए युद्ध संबधी उत्पादन में व्यस्त थे इसलिए भारत में मेनचेस्टर के माल का आयात कम हो गया जिससे भारतीय बाजारों को रातोंरात एक विशाल देशी बाजार मिल गया ।
2. युद्ध लंबा खींचा तो भारतीय कारखाने में भी फौज के लिए समान बनाने के आर्डर आने लगे ।
3. प्रथम विश्व युद्ध के कारण भारत में नए नए कारखाने लगाए गए और पुराने कारखाने कई पालियों में चलने लगे ।
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NCERT Solutions Class 10 Footprints Without Feet
Class 10 Footprints Without Feet Book Solutions
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Benefits of Studying NCERT Solutions
Studying from NCERT Solutions helps students build strong conceptual understanding and improve problem-solving skills. These solutions are especially useful for revision because every answer is written according to the marking scheme followed by CBSE.
- Improve conceptual understanding.
- Learn correct answer-writing techniques.
- Prepare effectively for school examinations.
- Complete syllabus revision in less time.
- Practice important textbook questions.
- Build confidence before examinations.
Prepared According to the Latest CBSE Syllabus
All NCERT Book Solutions for Class 10 available on ATP Education are updated according to the latest CBSE curriculum. Whenever NCERT introduces changes in textbooks or syllabus, our study materials are revised accordingly so that students always receive accurate and updated content.
Helpful for Competitive Examinations
NCERT textbooks form the foundation of many competitive examinations. Students preparing for Olympiads, NTSE, CUET, UPSC Foundation, SSC and several entrance examinations can strengthen their basics through these chapter-wise solutions. Understanding NCERT concepts also improves analytical thinking and logical reasoning.
Simple and Student-Friendly Explanations
Our experts prepare every answer in a simple, clear and student-friendly format. Difficult concepts are explained step by step with proper reasoning so that students of every learning level can understand them easily. This approach helps students remember concepts for a longer period and perform confidently during examinations.
Start Learning with ATP Education
Explore the complete collection of NCERT Solutions for Class 10 and begin your preparation with confidence. Every chapter is available online for free and can be accessed anytime. Whether you want to complete homework, revise important chapters or prepare for examinations, ATP Education provides reliable and high-quality study resources to help you achieve academic success.