NCERT Solutions for Class 8 – Complete Chapter-wise Study Material
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16. प्रकाश - Class 8 Science Hindi NCERT Solutions
16. प्रकाश
अध्याय समीक्षा
अध्याय -सामीक्षा:
- प्रकाश प्राकृतिक कारक है जो चीजों को हमें दिखाई देता है। प्रकाश सभी सतहों से परावर्तित हो रहा है और ऊर्जा का एक रूप है।
- वे वस्तुएँ जो स्वयं प्रकाश को प्रकाशित करती हैं, दीप्त वस्तु कहलाती हैं। वे वस्तुएँ जो स्वयं प्रकाश नहीं देतीं, अदीप्त वस्तुएँ कहलाती हैं। वे अपने ऊपर पड़ने वाले प्रकाश को परावर्तित करते हैं। जब किसी वस्तु से परावर्तित प्रकाश हमारी आँखों में प्रवेश करता है, और वस्तु हमें दिखाई देने लगती है।
- प्रकाश का परावर्तन एक ही माध्यम में रखी एक चमकदार या पॉलिश सतह से टकराकर प्रकाश के वापस उछलने की घटना है।
-
जब दो दर्पण एक-दूसरे की ओर झुके होते हैं तो अनेक प्रतिबिम्ब बनते हैं।
-
सूर्य का प्रकाश, जिसे श्वेत प्रकाश भी कहते हैं, सात रंगों से मिलकर बना है। प्रकाश के अपने अवयवी रंगों में विभक्त होने की क्रिया को परिक्षेपण कहते हैं। सामान्य आंख से निकट और दूर की वस्तुएं स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं।
-
नेत्रहीन लोग ब्रेल प्रणाली का उपयोग करके पढ़ और लिख सकते हैं। वे अपने पर्यावरण के साथ अपनी बातचीत को बेहतर बनाने के लिए अपनी अन्य इंद्रियों का विकास करते हैं।
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प्रतिबिंब का नियम:
प्रकाश बहुत अनुमानित तरीके से व्यवहार करता है। यदि प्रकाश की एक किरण को परावर्तित करते समय देखा जाता है और एक सपाट सतह से संपर्क किया जाता है, तो इस प्रकाश का व्यवहार, परावर्तित होने पर, परावर्तन के नियम नामक एक पूर्वानुमेय कानून का पालन करता है। प्रकाश की किरण दर्पण के पास पहुँचती है और इस किरण को आपतित किरण कहते हैं और प्रकाश की किरण जो दर्पण से बाहर निकलती है, परावर्तित किरण कहलाती है। -
आपतन बिंदु जहां यह किरण टकराती है और इसकी सतह पर लंबवत रेखा खींची जाती है, एक सामान्य रेखा कहलाती है।
-
यह रेखा परावर्तित किरण और आपतित किरण के बीच के कोण को बराबर कोणों में विभाजित करती है। आपतन कोण वह कोण है जो आपतित किरण और अभिलंब किरण के बीच बनता है। और अभिलंब और परावर्तित किरण के बीच के कोण को परावर्तन कोण कहा जाता है।
-
नियमित और विसरित परावर्तन:
नियमित और विसरित परावर्तन प्रकाश अध्याय कक्षा 8 के नोट्स का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। समतल सतह की सतह पर नियमित परावर्तन होता है जैसे समतल दर्पण। नियमित परावर्तन के बाद परावर्तित किरणें समानांतर होती हैं। और विसरित परावर्तन कार्डबोर्ड जैसी किसी खुरदरी सतह की सतह पर होता है। -
आंख की शारीरिक रचना:
1. श्वेतपटल जो आंख का सफेद भाग भी है, हमारे नेत्रगोलक की रक्षा करता है।2. पुतली आंख का वह द्वार है जिससे प्रकाश प्रवेश करता है।
3. परितारिका पुतली को घेर लेती है और पुतली के आकार को बदलकर प्रकाश की मात्रा को नियंत्रित करती है जो आंख में प्रवेश करना चाहिए।
4. आंख के सामने खिड़की पर मौजूद कॉर्निया पुतली और परितारिका को ढकने में मदद करता है।
5. एक स्पष्ट लेंस होता है जो पुतली के पीछे स्थित होता है और यह हमारी आंखों के पिछले हिस्से में रेटिना पर प्रकाश केंद्रित करके कैमरे के रूप में कार्य करता है।
6. रेटिना आंख का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह हमारी आंख के पिछले हिस्से में मौजूद एक संवेदनशील परत है। एक सेल की दस परतें होती हैं जो प्रकाश का पता लगाने में मदद करती हैं और परिणामस्वरूप इसे विद्युत आवेग बनाती हैं|
16. प्रकाश
पाठ-गत अध्याय
अभ्यास - प्रश्न:
प्रश्न: मान लीजिए आप एक अंधेरे कमरे में हैं। क्या आप कमरे में वस्तुओं को देख सकते हैं? क्या आप कमरे के बाहर की वस्तुओं को देख सकते हैं। व्याख्या कीजिए।
उत्तर: जब किसी वस्तु से प्रकाश परावर्तित होकर हमारी आँखों तक पहुचता है तो हम उस वस्तु को देख पाते हैं|अंधेरे कमरे में प्रकाश उपस्थित नही है जिसके कारण वस्तु से कोई प्रकाश परावर्तित होकर हम तक नही पहुचता जिस कारण हम अंधेरे कमरे में रखी वस्तुओं को देखने में सक्षम नहीं हैं। लेकिन हम कमरे के बाहर की वस्तु तभी देख सकते है जब कमरे के बाहर प्रकाश है|
प्रश्न: नियमित तथा विसरित परावर्तन में अन्तर बताइए| क्या विसरित परावर्तन का अर्थ है कि परावर्तन के नियम विफल हो गए हैं?
उत्तर:
नियमित परावर्तन:
(i) यह प्रकाश के चिकनी जगह पर आपतित होने से होता हैं|
(ii) परावर्तन के पश्चात सभी किरण एक विशेष दिशा में परावर्तित हो जाती हैं|
(iii) समतल दर्पण से परावर्तन इसका एक उदाहरण हैं|
विसरित परावर्तन:
(i) यह प्रकाश के खुरदरी सतह पर अपतित होने से होता हैं|
(ii) परावर्तन के बाद परावर्तित किरणें अनियमित रूप से अनेक दिशाओं में बिखर जाती हैं|
(iii) उदाहरण के लिए सड़क की सतह से परावर्तन|
नहीं, विसरित परावर्तन का अर्थ हैं ऐसा बिलकुल नहीं हैं कि परावर्तन के नियम विफल हो गए हैं| विसरित परावर्तन में भी नियमों का पालन होता हैं|
प्रश्न: निम्न में से प्रत्येक के स्थान के सामाने लिखिए:
यदि प्रकाश की एक समान्तर किरण - पुंज इनसे त्कारे तो नियमित परावर्तन होगा या विसरित परावर्तन होगा| प्रत्येक स्थिति में अपने उत्तर का औचित्य बताइए|
(क) पॉलिश युक्त लकड़ी की मेज
(ख) चौक पाउडर
(ग) गत्ते का पृष्ठ
(घ) संगमरमर के फर्श पर फैला जल
(ड) दर्पण
(च) कागज का टुकड़ा
उत्तर:
(क) पॉलिश की गई लकड़ी की मेज में नियमित परावर्तन होगा क्योकि पॉलिश करने पर उसका पृष्ठ चिकना हो जाता है।
(ख) चौक पाउडर में विसरित परावर्तन होगा क्योकि इसमें अनियमित सतह होती है।
(ग) गत्ते का पृष्ठ /कार्डबोर्ड में विसरित परावर्तन होगा क्योकि इसमें अनियमित सतह होती है।
(घ) संगमरमर के फर्श पर पानी फ़ैल जाने के कारण नियमित परावर्तन होगा। क्योकि इस स्थति में संगमरमर का फर्श पानी की उपस्थिति में चिकना हो जाएगा।
(ड) दर्पण में नियमित परावर्तन होगा। क्योकि उसमे चिकनी सतह होती है।
(च) कागज के टुकडे में विसरित परावर्तन होगा क्योकि इसकी सतह में कई अनियमितताएँ होती हैं।
प्रश्न: परावर्तन के नियम बताइए।
उत्तर: नियम-
(i) पृष्ठ पर आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा आपतन बिंदु पर खीचा गया अभिलंब ये तीनो एक तल में ही होते हैं।
(ii) आपतन कोण, परावर्तन कोण के सदैव बराबर होता है।
प्रश्न: यह दर्शाने के लिए की आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा आपतन बिंदु पर अभिलंब एक ही तल में होते हैं, एक क्रियाकलाप का वर्णन कीजिए।
उत्तर: हम एक मेज पर कागज की एक सफेद शीट को बिछा देते है। इसके बाद एक कंधी लेंते है जिसके बीच में एक दांते को छोड़कर अन्य सभी को ढक देते है। कागज की शीट के लम्बवत कंघी को रख देते है। अब टॉर्च की सहायता से कंघी पर प्रकाश डालते है|हम देखते है की कंघी के उस एकमात्र दांते से प्रकाश की एक सीधी किरण दूसरी ओर जाती हुई दिखाई देती है|इस स्थिति में प्रकाश किरण के मार्ग में समतल दर्पण की एक पट्टी रख देते है। अब शीट को टेबल के किनारे से थोड़ा आगे बढाकर शीट के उस भाग को जहा प्रकाश पड़ रही है को बीच में से काटते है।काटे गये भाग को थोडा मोड़ देते है|कागज को मूल स्थिति में वापस लाते है। इस स्थिति में कागज का यह भाग एक तल को निरुपित करता है|जहा आपतित किरण, आपतन बिंदु पर अभिलम्ब और परावर्तित किरण तीनो को इस तल में देख सकते हैं। कागज़ को थोडा और मोड़ते पर परावर्तित किरण नही दिखाई देती केवल आपतित किरण और अभिलम्ब ही दीखते है|इससे स्पष्ट होता है कि आपतित किरण, आपतन बिंदु पर अभिलम्ब और परावर्तित किरण सभी एक ही तल पर होते हैं।
प्रश्न: नीचे दिए गए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(i) एक समतल दर्पण के सामने 1m दूर खड़ा एक व्यक्ति अपने प्रतिबिंब से____ दूर दिखाई देता है।
(ii) यदि किसी समतल दर्पण के सामने खड़े होकर आप अपने दाएँ हाथ से अपने______ कान को छुए तो दर्पण में ऐसा लगेगा कि आपका दायाँ कान ______ हाथ से छुआ गया है।
(iii) जब आप मंद प्रकाश में देखते हैं तो आपकी पुतली का साइज़_______ हो जाता है।
(iv) रात्रि पक्षियों के नेत्रों में शलाकाओं की संख्या की अपेक्षा शंकुओं की संख्या_____ होती है।
उत्तर:
(i) एक समतल दर्पण के सामने 1m दूर खड़ा एक व्यक्ति अपने प्रतिबिंब से 2m दूर दिखाई देता है
(ii) यदि किसी समतल दर्पण के सामने खड़े होकर आप अपने दाएँ हाथ से अपने बाएं कान को छुए तो दर्पण में ऐसा लगेगा कि आपका दायाँ कान बाएं हाथ से छुआ गया है।
(iii) जब आप मंद प्रकाश देखते हैं तो आपकी पुतली का साइज़ बड़ा हो जाता है।
(iv) रात्रि पक्षियों के नेत्रों में शलाकाओं की संख्या की अपेक्षा शंकुओं की संख्या कम होती है।
प्रश्न: सही विकल्प छाँटिए
1. आपतन कोण परावर्तन कोण के बराबर होता है:
(क) सदैव
(ख) कभी-कभी
(ग) विशेष दशाओं में
(घ) कभी नहीं
उत्तर: (क) सदैव
2. समतल दर्पण द्वारा बनाया गया प्रतिबिंब होता है
(क) आभासी, दर्पण के पीछे तथा आवर्धित।
(ख) आभासी, दर्पण के पीछे तथा बिंब के साइज़ के बराबर।
(ग) वास्तविक दर्पण के पृष्ठ पर तथा आवर्धित
(घ) वास्तविक, दर्पण के पीछे तथा बिंब के साइज़ के बराबर।
उत्तर: (ख) आभासी, दर्पण के पीछे तथा बिंब के साइज़ के बराबर।
प्रश्न: केलाइडोस्कोप की रचना का वर्णन कीजिए।
उत्तर: केलाइडोस्कोप बनाने के लिए तीन आयताकार दर्पण पट्टिया लेते है| इन तीनो को प्रिज्म की आकृति के समान जोड़ते है।इस प्रिज्म को एक मोटे कार्डबोर्ड की बेलनाकार लम्बी ट्यूब में डालकर उसे स्थिर कर देते हैं| ट्यूब के एक भाग को छिद्र युक्त कार्डबोर्ड डिस्क से बंद कर देते है| डिस्क को टिकाऊ बनाने के लिए, एक पारदर्शी प्लास्टिक शीट को नीचे चिपका देते है। इसके दूसरे भाग पर वृत्ताकार प्लेट दर्पण को छूते हुए लगाते है|इस पर चित्रों को बनाने के लिए रंगीन कांच के छोटे टुकड़े रख देते है।इसके बाद इस बाहर घिसी हुई प्लेट लगा देते है|
प्रश्न: मानव नेत्र का एक नामांकित रेखाचित्र बनाइए।
उत्तर:
प्रश्न: गुरमीत लेज़र टॉर्च के द्वारा क्रियाकलाप 6.8 को करना चाहता था। उसके अध्यापक ने ऐसा करने से मना किया। क्या आप अध्यापक की सलाह के आधार की व्याख्या कर सकते हैं?
उत्तर: लेज़र टॉर्च से निकली किरण की तीव्रता बहुत अधिक होती है|जो हमारी आंखों को हानि पंहुचा सकती है जिससे आँखों को नुकसान हो सकता है।
प्रश्न: वर्णन कीजिए कि आप अपने नेत्रों की देखभाल कैसे करेंगे ।
उत्तर: निम्नलिखित तरीको से हम अपनी आँखों की देखभाल कर सकते है-
(i) तीव्र प्रकाश स्त्रोतों जैसे सूर्य का प्रकाश, लेजर या अन्य शक्तिशाली प्रकाश स्त्रोत को लगातार और सीधा नही देखना चाहिए |
(ii) आँखों में धूल या कुछ चला जाए तो उन्हें साफ पानी से धोना चाहिए।उन्हें रगड़ना नही चाहिए|
(iii) पढ़ते समय वस्तु के बहुत पास जाकर नही पढना चाहिए|उन्हें सामान्य दूरी पर रखकर ही पढना चाहिए|
(iv) आँखों को हमेशा स्वच्छ पानी से ही धोना चाहिए|
प्रश्न: परावर्तित किरण आपतित किरण से 90˙का कोण बनाए तो आपतन कोण का मान कितना होगा?
उत्तर: प्रश्नानुसार ∠i+∠r=90
∠i+∠i=90 (चुकि∠i=∠r)
2∠i=90
∠i=90/2
∠i=45
प्रश्न: यदि दो समान्तर समतल दर्पण एक-दूसरे से 40cm के अन्तराल पर रखे हों तो इनके बीच रखी एक मोमबत्ती के कितने प्रतिबिंब बनेंगे?
उत्तर: मोमबत्ती के प्रतिबिम्बों की संख्या=अनंत।
प्रश्न: दो दर्पण एक-दूसरे के लंबवतू रखे हैं। प्रकाश की एक किरण एक दर्पण पर 30∘30∘ के कोण पर आपतित होती है जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है। दूसरे दर्पण से परावर्तित होने वाली परावर्तित किरण बनाइए।

उत्तर:

प्रश्न: चित्र 16.20 में दर्शाएं अनुसार बूझो एक समतल दर्पण के ठीक सामने पार्श्व से कुछ हटकर एक किनारे A पर खड़ा होता है। क्या वह स्वयं को दर्पण में देख सकता है? क्या वह P, Q तथा R पर स्थित वस्तुओं के प्रतिबिंब भी देख सकता है?

उत्तर: बूझों स्वयं को दर्पण में नहीं देख सकता हैं क्योंकि वह दर्पण के समाने नहीं खड़ा हैं| हाँ, वह P और Q पर रखी वस्तुओं को देख सकता हैं|
R पर रखी वस्तु को वह नहीं देख सकता हैं|

प्रश्न: (a) A पर स्थित किसी वस्तु के समतल दर्पण में बनने वाले प्रतिबिंब की स्थिति ज्ञात कीजिए चित्र 16.21|
(b) क्या स्थिति B से पहेली प्रतिबिंब को देख सकती है?
(c) क्या स्थितिC से बूझो इस प्रतिबिंब को देख सकता है?
(d) जब पहेली B से C पर चली जाती है तो A का प्रतिबिंब किस ओर खिसक जाता है?

उत्तर: (a) स्थिति A में वस्तु का प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे बनेगा। यह दर्पण से वस्तु के समान दूरी पर बनेगा।
(b) हाँ ,स्थिति B में पहेली प्रतिबिम्ब को देख सकती है| A से परावर्तित किरण Bतक पहुचेगी|
(c) बूझो छवि को भी देख सकता है क्योंकि उसकी आँखें भी A से परावर्तित किरण को देखेंगी।
(d) B और C से परावर्तित किरण दर्पण के पीछे बिंदु पर प्रतिच्छेद करती हैं। अत: A की स्थिति वही रहती है।

16. प्रकाश
पाठ-गत अध्याय
अभ्यास - प्रश्न:
प्रश्न: मान लीजिए आप एक अंधेरे कमरे में हैं। क्या आप कमरे में वस्तुओं को देख सकते हैं? क्या आप कमरे के बाहर की वस्तुओं को देख सकते हैं। व्याख्या कीजिए।
उत्तर: जब किसी वस्तु से प्रकाश परावर्तित होकर हमारी आँखों तक पहुचता है तो हम उस वस्तु को देख पाते हैं|अंधेरे कमरे में प्रकाश उपस्थित नही है जिसके कारण वस्तु से कोई प्रकाश परावर्तित होकर हम तक नही पहुचता जिस कारण हम अंधेरे कमरे में रखी वस्तुओं को देखने में सक्षम नहीं हैं। लेकिन हम कमरे के बाहर की वस्तु तभी देख सकते है जब कमरे के बाहर प्रकाश है|
प्रश्न: नियमित तथा विसरित परावर्तन में अन्तर बताइए| क्या विसरित परावर्तन का अर्थ है कि परावर्तन के नियम विफल हो गए हैं?
उत्तर:
नियमित परावर्तन:
(i) यह प्रकाश के चिकनी जगह पर आपतित होने से होता हैं|
(ii) परावर्तन के पश्चात सभी किरण एक विशेष दिशा में परावर्तित हो जाती हैं|
(iii) समतल दर्पण से परावर्तन इसका एक उदाहरण हैं|
विसरित परावर्तन:
(i) यह प्रकाश के खुरदरी सतह पर अपतित होने से होता हैं|
(ii) परावर्तन के बाद परावर्तित किरणें अनियमित रूप से अनेक दिशाओं में बिखर जाती हैं|
(iii) उदाहरण के लिए सड़क की सतह से परावर्तन|
नहीं, विसरित परावर्तन का अर्थ हैं ऐसा बिलकुल नहीं हैं कि परावर्तन के नियम विफल हो गए हैं| विसरित परावर्तन में भी नियमों का पालन होता हैं|
प्रश्न: निम्न में से प्रत्येक के स्थान के सामाने लिखिए:
यदि प्रकाश की एक समान्तर किरण - पुंज इनसे त्कारे तो नियमित परावर्तन होगा या विसरित परावर्तन होगा| प्रत्येक स्थिति में अपने उत्तर का औचित्य बताइए|
(क) पॉलिश युक्त लकड़ी की मेज
(ख) चौक पाउडर
(ग) गत्ते का पृष्ठ
(घ) संगमरमर के फर्श पर फैला जल
(ड) दर्पण
(च) कागज का टुकड़ा
उत्तर:
(क) पॉलिश की गई लकड़ी की मेज में नियमित परावर्तन होगा क्योकि पॉलिश करने पर उसका पृष्ठ चिकना हो जाता है।
(ख) चौक पाउडर में विसरित परावर्तन होगा क्योकि इसमें अनियमित सतह होती है।
(ग) गत्ते का पृष्ठ /कार्डबोर्ड में विसरित परावर्तन होगा क्योकि इसमें अनियमित सतह होती है।
(घ) संगमरमर के फर्श पर पानी फ़ैल जाने के कारण नियमित परावर्तन होगा। क्योकि इस स्थति में संगमरमर का फर्श पानी की उपस्थिति में चिकना हो जाएगा।
(ड) दर्पण में नियमित परावर्तन होगा। क्योकि उसमे चिकनी सतह होती है।
(च) कागज के टुकडे में विसरित परावर्तन होगा क्योकि इसकी सतह में कई अनियमितताएँ होती हैं।
प्रश्न: परावर्तन के नियम बताइए।
उत्तर: नियम-
(i) पृष्ठ पर आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा आपतन बिंदु पर खीचा गया अभिलंब ये तीनो एक तल में ही होते हैं।
(ii) आपतन कोण, परावर्तन कोण के सदैव बराबर होता है।
प्रश्न: यह दर्शाने के लिए की आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा आपतन बिंदु पर अभिलंब एक ही तल में होते हैं, एक क्रियाकलाप का वर्णन कीजिए।
उत्तर: हम एक मेज पर कागज की एक सफेद शीट को बिछा देते है। इसके बाद एक कंधी लेंते है जिसके बीच में एक दांते को छोड़कर अन्य सभी को ढक देते है। कागज की शीट के लम्बवत कंघी को रख देते है। अब टॉर्च की सहायता से कंघी पर प्रकाश डालते है|हम देखते है की कंघी के उस एकमात्र दांते से प्रकाश की एक सीधी किरण दूसरी ओर जाती हुई दिखाई देती है|इस स्थिति में प्रकाश किरण के मार्ग में समतल दर्पण की एक पट्टी रख देते है। अब शीट को टेबल के किनारे से थोड़ा आगे बढाकर शीट के उस भाग को जहा प्रकाश पड़ रही है को बीच में से काटते है।काटे गये भाग को थोडा मोड़ देते है|कागज को मूल स्थिति में वापस लाते है। इस स्थिति में कागज का यह भाग एक तल को निरुपित करता है|जहा आपतित किरण, आपतन बिंदु पर अभिलम्ब और परावर्तित किरण तीनो को इस तल में देख सकते हैं। कागज़ को थोडा और मोड़ते पर परावर्तित किरण नही दिखाई देती केवल आपतित किरण और अभिलम्ब ही दीखते है|इससे स्पष्ट होता है कि आपतित किरण, आपतन बिंदु पर अभिलम्ब और परावर्तित किरण सभी एक ही तल पर होते हैं।
प्रश्न: नीचे दिए गए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(i) एक समतल दर्पण के सामने 1m दूर खड़ा एक व्यक्ति अपने प्रतिबिंब से____ दूर दिखाई देता है।
(ii) यदि किसी समतल दर्पण के सामने खड़े होकर आप अपने दाएँ हाथ से अपने______ कान को छुए तो दर्पण में ऐसा लगेगा कि आपका दायाँ कान ______ हाथ से छुआ गया है।
(iii) जब आप मंद प्रकाश में देखते हैं तो आपकी पुतली का साइज़_______ हो जाता है।
(iv) रात्रि पक्षियों के नेत्रों में शलाकाओं की संख्या की अपेक्षा शंकुओं की संख्या_____ होती है।
उत्तर:
(i) एक समतल दर्पण के सामने 1m दूर खड़ा एक व्यक्ति अपने प्रतिबिंब से 2m दूर दिखाई देता है
(ii) यदि किसी समतल दर्पण के सामने खड़े होकर आप अपने दाएँ हाथ से अपने बाएं कान को छुए तो दर्पण में ऐसा लगेगा कि आपका दायाँ कान बाएं हाथ से छुआ गया है।
(iii) जब आप मंद प्रकाश देखते हैं तो आपकी पुतली का साइज़ बड़ा हो जाता है।
(iv) रात्रि पक्षियों के नेत्रों में शलाकाओं की संख्या की अपेक्षा शंकुओं की संख्या कम होती है।
प्रश्न: सही विकल्प छाँटिए
1. आपतन कोण परावर्तन कोण के बराबर होता है:
(क) सदैव
(ख) कभी-कभी
(ग) विशेष दशाओं में
(घ) कभी नहीं
उत्तर: (क) सदैव
2. समतल दर्पण द्वारा बनाया गया प्रतिबिंब होता है
(क) आभासी, दर्पण के पीछे तथा आवर्धित।
(ख) आभासी, दर्पण के पीछे तथा बिंब के साइज़ के बराबर।
(ग) वास्तविक दर्पण के पृष्ठ पर तथा आवर्धित
(घ) वास्तविक, दर्पण के पीछे तथा बिंब के साइज़ के बराबर।
उत्तर: (ख) आभासी, दर्पण के पीछे तथा बिंब के साइज़ के बराबर।
प्रश्न: केलाइडोस्कोप की रचना का वर्णन कीजिए।
उत्तर: केलाइडोस्कोप बनाने के लिए तीन आयताकार दर्पण पट्टिया लेते है| इन तीनो को प्रिज्म की आकृति के समान जोड़ते है।इस प्रिज्म को एक मोटे कार्डबोर्ड की बेलनाकार लम्बी ट्यूब में डालकर उसे स्थिर कर देते हैं| ट्यूब के एक भाग को छिद्र युक्त कार्डबोर्ड डिस्क से बंद कर देते है| डिस्क को टिकाऊ बनाने के लिए, एक पारदर्शी प्लास्टिक शीट को नीचे चिपका देते है। इसके दूसरे भाग पर वृत्ताकार प्लेट दर्पण को छूते हुए लगाते है|इस पर चित्रों को बनाने के लिए रंगीन कांच के छोटे टुकड़े रख देते है।इसके बाद इस बाहर घिसी हुई प्लेट लगा देते है|
प्रश्न: मानव नेत्र का एक नामांकित रेखाचित्र बनाइए।
उत्तर:
प्रश्न: गुरमीत लेज़र टॉर्च के द्वारा क्रियाकलाप 6.8 को करना चाहता था। उसके अध्यापक ने ऐसा करने से मना किया। क्या आप अध्यापक की सलाह के आधार की व्याख्या कर सकते हैं?
उत्तर: लेज़र टॉर्च से निकली किरण की तीव्रता बहुत अधिक होती है|जो हमारी आंखों को हानि पंहुचा सकती है जिससे आँखों को नुकसान हो सकता है।
प्रश्न: वर्णन कीजिए कि आप अपने नेत्रों की देखभाल कैसे करेंगे ।
उत्तर: निम्नलिखित तरीको से हम अपनी आँखों की देखभाल कर सकते है-
(i) तीव्र प्रकाश स्त्रोतों जैसे सूर्य का प्रकाश, लेजर या अन्य शक्तिशाली प्रकाश स्त्रोत को लगातार और सीधा नही देखना चाहिए |
(ii) आँखों में धूल या कुछ चला जाए तो उन्हें साफ पानी से धोना चाहिए।उन्हें रगड़ना नही चाहिए|
(iii) पढ़ते समय वस्तु के बहुत पास जाकर नही पढना चाहिए|उन्हें सामान्य दूरी पर रखकर ही पढना चाहिए|
(iv) आँखों को हमेशा स्वच्छ पानी से ही धोना चाहिए|
प्रश्न: परावर्तित किरण आपतित किरण से 90˙का कोण बनाए तो आपतन कोण का मान कितना होगा?
उत्तर: प्रश्नानुसार ∠i+∠r=90
∠i+∠i=90 (चुकि∠i=∠r)
2∠i=90
∠i=90/2
∠i=45
प्रश्न: यदि दो समान्तर समतल दर्पण एक-दूसरे से 40cm के अन्तराल पर रखे हों तो इनके बीच रखी एक मोमबत्ती के कितने प्रतिबिंब बनेंगे?
उत्तर: मोमबत्ती के प्रतिबिम्बों की संख्या=अनंत।
प्रश्न: दो दर्पण एक-दूसरे के लंबवतू रखे हैं। प्रकाश की एक किरण एक दर्पण पर 30∘30∘ के कोण पर आपतित होती है जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है। दूसरे दर्पण से परावर्तित होने वाली परावर्तित किरण बनाइए।

उत्तर:

प्रश्न: चित्र 16.20 में दर्शाएं अनुसार बूझो एक समतल दर्पण के ठीक सामने पार्श्व से कुछ हटकर एक किनारे A पर खड़ा होता है। क्या वह स्वयं को दर्पण में देख सकता है? क्या वह P, Q तथा R पर स्थित वस्तुओं के प्रतिबिंब भी देख सकता है?

उत्तर: बूझों स्वयं को दर्पण में नहीं देख सकता हैं क्योंकि वह दर्पण के समाने नहीं खड़ा हैं| हाँ, वह P और Q पर रखी वस्तुओं को देख सकता हैं|
R पर रखी वस्तु को वह नहीं देख सकता हैं|

प्रश्न: (a) A पर स्थित किसी वस्तु के समतल दर्पण में बनने वाले प्रतिबिंब की स्थिति ज्ञात कीजिए चित्र 16.21|
(b) क्या स्थिति B से पहेली प्रतिबिंब को देख सकती है?
(c) क्या स्थितिC से बूझो इस प्रतिबिंब को देख सकता है?
(d) जब पहेली B से C पर चली जाती है तो A का प्रतिबिंब किस ओर खिसक जाता है?

उत्तर: (a) स्थिति A में वस्तु का प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे बनेगा। यह दर्पण से वस्तु के समान दूरी पर बनेगा।
(b) हाँ ,स्थिति B में पहेली प्रतिबिम्ब को देख सकती है| A से परावर्तित किरण Bतक पहुचेगी|
(c) बूझो छवि को भी देख सकता है क्योंकि उसकी आँखें भी A से परावर्तित किरण को देखेंगी।
(d) B और C से परावर्तित किरण दर्पण के पीछे बिंदु पर प्रतिच्छेद करती हैं। अत: A की स्थिति वही रहती है।

16. प्रकाश
अतिरिक्त प्रश्नोत्तर
अतिरिक्त - प्रश्न:
प्रश्न: आपतित किरण किसे कहते है?
उत्तर: किसी पृष्ठ पर पडनें वाली प्रकाश किरण को आपतित किरण कहते है।
प्रश्न: परावर्तित किरण किसे कहते है?
उत्तर: पृष्ठ से परार्वतन के पश्चात् वापस आने वाली प्रकाश-किरण को परावर्तित किरण कहते हैं।
प्रश्न: चित्र के द्वारा प्रकाश के परावर्तन को दर्शाइए |
उत्तर:
प्रश्न: आपतन कोण ∠i किसे कहते है ?
उत्तर: आपतित किरण तथा अभिलंब के बीच के कोण को आपतन कोण ∠i कहते है।
प्रश्न: प्रकाश के परावर्तन का नियम लिखिए।
उत्तर: प्रकाश के परावर्तन का नियमः-
(i) आपतन कोण ∠i सदैव परावर्तन कोण ∠r के बराबर होता है।
(ii) आपतित किरण, आपतन बिन्दु पर अभिलंब और परावर्तित किरण सभी एक ही तल में होते है।
प्रश्न: विसरित परावर्तन किसे कहते है?
उत्तर: जब सभी समांतर किरणें किसी समतल पृष्ठ से परावर्तन होने के पश्चात् समांतर नहीं होती, तो ऐसे परावर्तन को विसरित परावर्तन कहते है।
प्रश्न: नियमित परावर्तन किसे कहते है?
उत्तर: चिकने पृष्ठ से होने वाले परावर्तन को नियमित परावर्तन कहते है।
प्रश्न: दर्पण द्वारा बने प्रतिबिम्ब में वस्तु का बायॉ भाग दाई ओर और दायॉ भाग बाईं ओर दिखाई पडता है इस परिघटना को क्या कहते है?
उत्तर: पार्श्व परिवर्तन ।
प्रश्न: परिदर्शियों का उपयोग लिखिए।
उत्तर: परिदर्शियों का उपयोग पनडुबियों, टैंको तथा बंकरों में छिपे सैनिकों द्वारा बाहर की वस्तुओं को देखने के लिए किया जाता है।
प्रश्न: कैलाइडोस्कोप (बहुमुर्तिदर्शी) क्या है ? इसका उपयोग लिखों।
उत्तर: यह एक दूसरे से किसी कोण पर रखे कई दर्पणों द्वारा बना एक यंत्र है। इसका उपयोग भांति भांति के आकर्षक पैटर्न बनाने के लिए किया जाता है।
प्रश्न: यदि परावर्तित किरण आपतित किरण से 90० का कोण बनाए तो आपतन कोण का मान कितना होगा?
उत्तर: 45०

हल : ∠AOB = 90o
=> ∠i + ∠r = 90o
=> ∠i + ∠i = 90o (चूँकि ∠i = ∠r)
=> 2∠i = 90०
=> ∠i = 90o/2
=> ∠i = 45o
प्रश्न: समतल दर्पण द्वारा बनाये गए प्रतिबिम्ब की प्रकृति लिखिए।
उत्तर: समतल दर्पण द्वारा बनाये गए प्रतिबिम्ब की प्रकृति वास्तविक दर्पण के पीछे तथा बिम्ब के साइज के बराबर होता है।
प्रश्न: सूर्य के प्रकाश का रंग कैसा होता है?
उत्तर: श्वेत।
प्रश्न: विक्षेपण किसे कहते है?
उत्तर: प्रकाश के अपने रंगों में विभाजित होने को प्रकाश का विक्षेपण कहते है ।
प्रश्न: प्रिज्म से होकर गुजरने वाली सूर्य का श्वेत रंग का प्रकाश कैसा दिखाई देता है?
उत्तर: इन्द्रधनुष के सात रंगों जैसा।
प्रश्न: निम्न का कारण दीजिए:
(i) नेत्र का बाहरी आवरण सफेद और कठोर होता है।
उत्तर: क्योंकि नेत्र के आंतरिक भागों को दुर्घटनाओं से बचाव कर सके ।
प्रश्न: परतारिका किसे कहते है? इसका कार्य लिखों ।
उत्तर: कॉनियॉ के पीछे एक गहरे रंग की पेशियों की संरचना पाई जाती है जिसे परतारिका या आइरिस कहते है।
इसका कार्य:- परतारिका पुतली की साइज को नियंत्रित करती है।
प्रश्न: नियमित तथा विसरित परावर्तन में अन्तर बताइए। क्या विसरित परावर्तन का अर्थ है कि परावर्तन के नियम विफल हो गए हैं?
उत्तर:
| विसरित परावर्तन | नियमित परावर्तन |
| 1. इसमें परावर्तित किरणें समांतर नहीं होती हैं। | 1. इसमें परावर्तित किरणें समांतर होती हैं। |
| 2. यह परावर्ती पृष्ठ पर अनियमितताओं वेफ कारण होता है। | 2. यह परावर्ती पृष्ठ के एक समान और चिकने होने के कारण होता है। |
नहीं, विसरित परावर्तन में भी परावर्तन के नियमों का सफलतापूर्वक पालन होता है।
प्रश्न: पुतली क्या है ? इसका कार्य लिखों|
उत्तर: परतारिका में एक छोटा सा छिद्र होता है जिसे पुतली कहते है । यह नेत्र में प्रवेश करने वाले प्रकाश को नियंत्रित करता है।
प्रश्न: अंध् विन्दु किसे कहते है?
उत्तर: दृक तंत्रिकाओं तथा रेटिना की संधि पर कोई तंत्रिका कोशिका नहीं होती। इस बिंदु को अंध बिंदु कहते हैं।
प्रश्न: मानव नेत्र का स्वच्छ और नामांकित चित्र बनाइए।
उत्तर:

प्रश्न: रेटिना किसे कहते है ? इसका कार्य लिखों|
उत्तर: लेंस प्रकाश को ऑख के पीछे एक परदें पर फोंकसित करता है, इस परदे को रेटिना कहते है।
इससे केवल ऑखों द्वारा देखी गई वस्तु का प्रतिबिम्ब बनाता है और संवेदनाओं को दृक तंत्रिका द्वारा मस्तिष्क तक पहुॅचा दिया जाता है।
प्रश्न: नेत्र में पाए जाने वाली तंत्रिका कोशिका कितने प्रकार की होती है ?
उत्तर: नेत्रा में पाए जाने वाली तंत्रिका कोशिका दो प्रकार की होती है।
(i) शंक्वाकार कोशिकाएँ : जो तीव्र प्रकाश के लिए सुग्राही होते है।
(ii) शलाकाएं कोशिकाएँ : ये मंद प्रकाश के लिए सुग्राही होते है।
16. प्रकाश
अतिरिक्त प्रश्नोत्तर
अतिरिक्त - प्रश्न:
प्रश्न: आपतित किरण किसे कहते है?
उत्तर: किसी पृष्ठ पर पडनें वाली प्रकाश किरण को आपतित किरण कहते है।
प्रश्न: परावर्तित किरण किसे कहते है?
उत्तर: पृष्ठ से परार्वतन के पश्चात् वापस आने वाली प्रकाश-किरण को परावर्तित किरण कहते हैं।
प्रश्न: चित्र के द्वारा प्रकाश के परावर्तन को दर्शाइए |
उत्तर:
प्रश्न: आपतन कोण ∠i किसे कहते है ?
उत्तर: आपतित किरण तथा अभिलंब के बीच के कोण को आपतन कोण ∠i कहते है।
प्रश्न: प्रकाश के परावर्तन का नियम लिखिए।
उत्तर: प्रकाश के परावर्तन का नियमः-
(i) आपतन कोण ∠i सदैव परावर्तन कोण ∠r के बराबर होता है।
(ii) आपतित किरण, आपतन बिन्दु पर अभिलंब और परावर्तित किरण सभी एक ही तल में होते है।
प्रश्न: विसरित परावर्तन किसे कहते है?
उत्तर: जब सभी समांतर किरणें किसी समतल पृष्ठ से परावर्तन होने के पश्चात् समांतर नहीं होती, तो ऐसे परावर्तन को विसरित परावर्तन कहते है।
प्रश्न: नियमित परावर्तन किसे कहते है?
उत्तर: चिकने पृष्ठ से होने वाले परावर्तन को नियमित परावर्तन कहते है।
प्रश्न: दर्पण द्वारा बने प्रतिबिम्ब में वस्तु का बायॉ भाग दाई ओर और दायॉ भाग बाईं ओर दिखाई पडता है इस परिघटना को क्या कहते है?
उत्तर: पार्श्व परिवर्तन ।
प्रश्न: परिदर्शियों का उपयोग लिखिए।
उत्तर: परिदर्शियों का उपयोग पनडुबियों, टैंको तथा बंकरों में छिपे सैनिकों द्वारा बाहर की वस्तुओं को देखने के लिए किया जाता है।
प्रश्न: कैलाइडोस्कोप (बहुमुर्तिदर्शी) क्या है ? इसका उपयोग लिखों।
उत्तर: यह एक दूसरे से किसी कोण पर रखे कई दर्पणों द्वारा बना एक यंत्र है। इसका उपयोग भांति भांति के आकर्षक पैटर्न बनाने के लिए किया जाता है।
प्रश्न: यदि परावर्तित किरण आपतित किरण से 90० का कोण बनाए तो आपतन कोण का मान कितना होगा?
उत्तर: 45०

हल : ∠AOB = 90o
=> ∠i + ∠r = 90o
=> ∠i + ∠i = 90o (चूँकि ∠i = ∠r)
=> 2∠i = 90०
=> ∠i = 90o/2
=> ∠i = 45o
प्रश्न: समतल दर्पण द्वारा बनाये गए प्रतिबिम्ब की प्रकृति लिखिए।
उत्तर: समतल दर्पण द्वारा बनाये गए प्रतिबिम्ब की प्रकृति वास्तविक दर्पण के पीछे तथा बिम्ब के साइज के बराबर होता है।
प्रश्न: सूर्य के प्रकाश का रंग कैसा होता है?
उत्तर: श्वेत।
प्रश्न: विक्षेपण किसे कहते है?
उत्तर: प्रकाश के अपने रंगों में विभाजित होने को प्रकाश का विक्षेपण कहते है ।
प्रश्न: प्रिज्म से होकर गुजरने वाली सूर्य का श्वेत रंग का प्रकाश कैसा दिखाई देता है?
उत्तर: इन्द्रधनुष के सात रंगों जैसा।
प्रश्न: निम्न का कारण दीजिए:
(i) नेत्र का बाहरी आवरण सफेद और कठोर होता है।
उत्तर: क्योंकि नेत्र के आंतरिक भागों को दुर्घटनाओं से बचाव कर सके ।
प्रश्न: परतारिका किसे कहते है? इसका कार्य लिखों ।
उत्तर: कॉनियॉ के पीछे एक गहरे रंग की पेशियों की संरचना पाई जाती है जिसे परतारिका या आइरिस कहते है।
इसका कार्य:- परतारिका पुतली की साइज को नियंत्रित करती है।
प्रश्न: नियमित तथा विसरित परावर्तन में अन्तर बताइए। क्या विसरित परावर्तन का अर्थ है कि परावर्तन के नियम विफल हो गए हैं?
उत्तर:
| विसरित परावर्तन | नियमित परावर्तन |
| 1. इसमें परावर्तित किरणें समांतर नहीं होती हैं। | 1. इसमें परावर्तित किरणें समांतर होती हैं। |
| 2. यह परावर्ती पृष्ठ पर अनियमितताओं वेफ कारण होता है। | 2. यह परावर्ती पृष्ठ के एक समान और चिकने होने के कारण होता है। |
नहीं, विसरित परावर्तन में भी परावर्तन के नियमों का सफलतापूर्वक पालन होता है।
प्रश्न: पुतली क्या है ? इसका कार्य लिखों|
उत्तर: परतारिका में एक छोटा सा छिद्र होता है जिसे पुतली कहते है । यह नेत्र में प्रवेश करने वाले प्रकाश को नियंत्रित करता है।
प्रश्न: अंध् विन्दु किसे कहते है?
उत्तर: दृक तंत्रिकाओं तथा रेटिना की संधि पर कोई तंत्रिका कोशिका नहीं होती। इस बिंदु को अंध बिंदु कहते हैं।
प्रश्न: मानव नेत्र का स्वच्छ और नामांकित चित्र बनाइए।
उत्तर:

प्रश्न: रेटिना किसे कहते है ? इसका कार्य लिखों|
उत्तर: लेंस प्रकाश को ऑख के पीछे एक परदें पर फोंकसित करता है, इस परदे को रेटिना कहते है।
इससे केवल ऑखों द्वारा देखी गई वस्तु का प्रतिबिम्ब बनाता है और संवेदनाओं को दृक तंत्रिका द्वारा मस्तिष्क तक पहुॅचा दिया जाता है।
प्रश्न: नेत्र में पाए जाने वाली तंत्रिका कोशिका कितने प्रकार की होती है ?
उत्तर: नेत्रा में पाए जाने वाली तंत्रिका कोशिका दो प्रकार की होती है।
(i) शंक्वाकार कोशिकाएँ : जो तीव्र प्रकाश के लिए सुग्राही होते है।
(ii) शलाकाएं कोशिकाएँ : ये मंद प्रकाश के लिए सुग्राही होते है।
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