NCERT Solutions for Class 10 – Complete Chapter-wise Study Material

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1. सत्ता की साझेदारी - Class 10 Political Science Hindi NCERT Solutions

1. सत्ता की साझेदारी

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

Class 10 Political Science Hindi Updated : 06 March 2026

1 अंक वाले प्रश्न:


प्रश्न - नेपाल में सर्वप्रथम लोकतंत्र की स्थापना कब हुई थी?
उत्तर - 1990 ई0 में । 

प्रश्न - लोकतंत्र की स्थापना के बाद भी नेपाल में राज्य का प्रधान कौन बना रहा?
उत्तर - राजा वीरेन्द्र | 

प्रश्न - नेपाल में जन-संघर्ष किसलिए हुआ था?
उत्तर - लोकतंत्र की स्थापना के लिए। 

प्रश्न - ‘माओवादी’ किसे कहते हैं?
उत्तर - चीनी नेता माओं के विचारधरा को मानने वाले को माओंवादी कहलाते है। 

प्रश्न - नेपाल में लोकतंत्रा की स्थापना के लिए संसद की सभी बड़ी राजनैतिक पार्टियों द्वारा कौन सा संगठन बनाया गया था?
उत्तर - एस. पी. ए (सप्तदलीय गठबंधन)

प्रश्न - नेपाल में रहस्यमय तरीके से किस राजा की हत्या कर दी गई थी?
उत्तर - राजा वीरेन्द्र । 

प्रश्न - सन् 2004 में लोकतंत्र की स्थापना के बाद नेपाल में किसे प्रधानमंत्राी बनाया गया?
उत्तर - गिरीजा प्रसाद कोईराला। 

प्रश्न - सन् 2000 में बोलिविया में जन संघर्ष का प्रमुख आधर क्या था?
उत्तर - जल आपूर्ति का अधिकार बहुराष्ट्रीय कंपनी को सौप दिए गए थे। 

प्रश्न - जब किसी देश का शासन वहाँ की सेना के हाथों में आ जाता है, तो इसे क्या कहते हैं?
उत्तर - मार्शल लॉ। 

प्रश्न - ‘लामबंदी’ किसे कहते हैं?
उत्तर - जनहित के लिए लोगों का एकजुट होकर आंदोलन चलाना।

प्रश्न - बोलिविया में जन-संघर्ष का नेतृत्व किस संगठन ने किया था?
उत्तर - फेडकोर |

प्रश्न - बामसेफ (BAMCEF) का शब्द-विस्तार लिखिए?
उत्तर - बैकवर्ड एंड माइनॉरिजीट कम्युनिटी एम्पलॉइज फेडेरेशन।

प्रश्न - दबाव समूह किसे कहते हैं? दबाव समूहों का उदाहरण दीजिए |
उत्तर - ऐसा समुह जो अपनी उदेश्य या माँगों की पूर्ति के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सरकार पर दबाव डालती है उन्हे दबाव समुह कहते है। 

उदाहरण - किसान संघ 
मजदूर संघ 
छात्र संगठन 
अध्यापक संघ 
धार्मिक संगठन 
व्यापार संघ 
3 अंक वाले प्रश्न : 

प्रश्न - सन् 1990 से 2004 के बीच नेपाल में लोकतंत्रा की स्थापना के लिए कौन-कौन से प्रयास किये गए ?

उत्तर - नेपाल में लोकतंत्र की स्थापना के लिए निम्न प्रयास किये गए।
(i) संसद की सभी बड़ी राजनीतिक पार्टियों ने एक ‘सेवेन पार्टी अलायंस’ (सप्तदलीय गठबंधन एस.पी.ए.) बनाया गया।  
(ii) नेपाल की राजधनी काठमांडू में चार दिन के ‘बंद’ का आह्वान किया। इस प्रतिरोध् ने जल्दी ही अनियतकालीन ‘बंद’ का रूप ले लिया।
(iii) आंदोलनकारियों ने राजा को ‘अल्टीमेटम’ दे दिया लाखों के तादात में लोग सड़कों पर उतर आए ।

प्रश्न - बोलिविया में जन-आंदोलन क्यों हुआ था? तीन कारण बताइए।
उत्तर - 
(i) वहाँ की सरकार ने जल आपूर्ति को एक बहुराष्ट्रीय कंपनी के हाथों में बेच दिया ।
(ii) इस कंपनी ने आनन-पफानन में पानी की कीमत में चार गुना इजाप़फा कर दिया।
(iii) पुलिस द्वारा बर्बरतापूर्वक दमन किया और सरकार द्वारा ‘मार्शल लॉ’ लगा दिया जाना।  

प्रश्न - लोकतंत्र में जन-संघर्ष का क्या महत्व है? तीन बिन्दुओं द्वारा स्पष्ट कीजिए।

उत्तर - 
(i) जन-संघर्ष के जरीये लोकतंत्र का विकास होता है ?
(ii) जन-संघर्ष के जरीये राजनितिक पार्टियाँ लोकतंत्र को मजबुत करती है। 
(iii) लोकतंत्र में किसी मुद्दे पर विवाद जन-संघर्ष के जरीये मनवाया जा सकता है। 

प्रश्न - जन-आंदोलन सरकारी नीतियों को किस प्रकार प्रभावित करते हैं? (कोई तीन बिन्दु)

उत्तर - 
(i) जन-आंदोलन सरकारी नीतियों को बदलने या वापस लेने के लिए बाध्य करते है।
(ii) सरकार अपनी बनाने से पहले कुछ संगठनों से राय लेती है। 
(iii) सरकार जन-आंदोलन को ध्यान में रखकर ही नीतियाँ बनाती है ताकी समाज के सभी तबकों का भला हो सके। 

प्रश्न: हित-समूह और दबाव समूह में तीन अंतर स्पष्ट कीजिए |

उत्तर: 

हित-समूह :

(i) हित समुह यह उन लोंगों का औपचारिक संगठन होता है जिनके हित समान होत है।
(ii) ये देश के घटनाचक्र को अपने पक्ष में करने का प्रयास करते है।
(iii) ये प्रत्यक्ष रूप से राजनिति को प्रभावित नहीं करते। 
दबाव समूह :
(i) यह एक ऐसा समुह होता है जो निश्चित उदेश्य के लिए कार्य करते है। 

(ii) ये सरकार की नितियों को प्रभावित करने की कोशिश करते है।
(iii) ये प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से राजनिति को प्रभावित करते है। 

प्रश्न - दबाव समुह क्या है ?
उत्तर - जब कुछ लोग अपने विशेष उदेश्यों की पूर्ति के लिए संगठन बनाते है तो ऐसे संगठनों को दबाव समुह या हित समुह कहते है। 

प्रश्न - दबाव समुह और आन्दोलन राजनिति पर असर डालनें के लिए कौन कौन से ढ़ंग अपनाते है ?
उत्तर - 
(i) सूचना अभियान चलाकर 
(ii) बैठकें आयोजित करके ।
(iii) मीडिया को प्रभावित करके | 

प्रश्न - दबाब समूह किस प्रकार राजनीति में प्रभाव डालते हैं ? किन्हीं चार प्रभावों का वर्णन कीजिए । 
उत्तर - 
(i) राजनितिक दल और सरकार पर दबाव डालकर अपनी मांगों को मनवाते है। 
(ii) ये जन आन्दोलन द्वारा जनता की सहानुभूति और समर्थन प्राप्त करने का प्रयत्न करते हैं । 
(iii) ये सूचना अभियान और मीडिया के द्वारा सरकार और जनता को प्रभावित करते है। 
(iv) अपना वोट बैंक बढ़ाने के लिए राजनितिक दल इन दबाव समूहों को अपने पक्ष में करने की कोशिश करते हैं ।

प्रश्न - अप्रैल 2006 में नेपाल में हुए जन-आन्दोलन का क्या कारण था? और इसके क्या परिणाम हुए। 
उत्तर - नेपाल के राजा वीरेन्द्र की हत्या होने के बाद नेपाल में एक राजनितिक संकट पैदा हो गई । नया शासक राजा ज्ञानेन्द्र लोकतांत्रिक शासन को स्वीकार करने को तैयार नहीं था। तब तत्कालीन प्रधनमंत्री को अपदस्थ करके जनता द्वारा निर्वाचित सरकार को भंग कर दिया गया । शीघ्र ही इस कार्यवाही के विरुद्ध नेपाल में जन आन्दोलन शुरू हो गया । वहॉ के लोग लोकतंत्र की बहाली चाहते थे और सता जनता के हाथ में सौपना चाहते थे।  इसके विरुद्ध अनेक जन संघर्ष हुए और अंततः राजा को जनता की सारी मांगे माननी पडी ।

प्रश्न - कोई दबाव समूह कब राजनैतिक दल बन जाता है? उदाहरण देते हुए समझाइए।
उत्तर - निम्न परिस्थितियों कोई दबाव समूह राजनैतिक दल बन जाता है।
(i) कुछ मामलों में दबाव-समूह राजनीतिक दलों द्वारा ही बनाए गए होते हैं अथवा उनका नेतृत्व राजनीतिक दल के नेता करते हैं।
(ii) कुछ दबाव-समूह राजनीतिक दल की एक शाखा के रूप में काम करते हैं। उदाहरण के लिए भारत के अधिकतर मजदूर-संगठन और छात्र-संगठन या तो बड़े राजनीतिक दलों द्वारा बनाए गए हैं
(iii) ऐसे दबाव-समूहों के अधिकतर नेता अमूमन किसी न किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता और नेता होते हैं।

1. सत्ता की साझेदारी

अभ्यास प्रश्नोत्तर

Class 10 Political Science Hindi Updated : 06 March 2026

अभ्यास प्रश्नोत्तर 


1. आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में सत्ता की साझेदारी के अलग-अलग तरीके क्या हैं? इनमें से प्रत्येक का एक उदाहरण भी दें।

उत्तर: आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में सत्ता की साझेदारी के तरीके निम्नलिखित हैं- 

(i) ऊर्ध्वाधर वितरण - इसमें केन्द्रीय या राष्ट्रीय सरकार , राज्य सरकार और स्थानीय सरकार के मध्य शक्तियों का बंटवारा होता हैं, जैसे भारत में हुआ|

(ii) दबाव-समूह आन्दोलन द्वारा शासन को प्रभावित करना- प्रजातांत्रिक देशों में विभिन्न दबाव समूह और आन्दोलन द्वारा सरकार पर दबाव डालकर अपने हितों की रक्षा के लिए नीतियों का निर्माण कराया जाता हैं| राजनीतिक पार्टियाँ भी आपसी प्रतिस्पर्धा के कारण बारी-बारी से सत्ता का उपयोग करती हैं| 
2. भारतीय संदर्भ में सत्ता की हिस्सेदारी का एक उदाहरण देते हुए इसका एक युक्तिपरक और एक नैतिक कारण बताएँ। 

उत्तर: सत्ता की हिस्सेदारी के कारण निम्नलिखित हैं-

(i) युक्तिपरक कारण - 

(क) सत्ता की भागीदारी या बंटवारे से विभिन्न समाजिक समूहों के मध्य टकराव कम हो जाता है|

(ख) इससे हिंसा और राजनीतिक अश्तिरता भीं कम हो जाती हैं| इस प्रकार यह राजनीतिक व्यवस्था के स्थायित्व के लिए लाभदायक हैं|

(ग) बहुसंख्यको द्वारा अल्पसंख्यकों से भेदभाव करना दोनों वर्गो क इ लिए हानिकारक साबित होता हैं| अतः सत्ता की भागेदारी आवश्यक हैं|

(ii)  नैतिक कारण -

(क) यह लोकतंत्र के अनुकूल हैं|

(ख) लोकतंत्र में सभी लोगो को भाग लेना चाहिए क्योंकि यह लोगो की सरकार हैं|

(ग) भारत में व्यसक मताधिकार के अंतर्गत सभी 18 वर्ष की आयु के व्यक्तियों के बिना किसी भेदभाव के अपना मत देने का तथा चुनाव लड़ने का अधिकार हैं|
3. इस अध्याय को पढ़ने के बाद तीन छात्रों ने अलग-अलग निष्कर्ष निकाले। आप इनमें से
किससे सहमत हैं और क्यों? अपना जवाब करीब 50 शब्दों में दें।
थम्मन - जिन समाजों में क्षेत्रीय, भाषायी और जातीय आधार पर विभाजन हो सिर्फ वहीं सत्ता की साझेदारी जरूरी है।
मथाई - सत्ता की साझेदारी सिर्फ ऐसे बड़े देशों के लिए उपयुक्त है जहाँ क्षेत्रीय विभाजन मौजूद होते हैं।
औसेफ - हर समाज में सत्ता की साझेदारी की जरूरत होती है भले ही वह छोटा हो या उसमें सामाजिक विभाजन न हों।

उत्तर: औसेफ का विचार यह हैं कि "हर समाज में सत्ता की साझेदारी की जरूरत होती है, भले ही वह छोटा हो या उसमें सामाजिक विभाजन न हों" उचित हैं। इसके निम्नलिखित कारण हैं-

(i) सत्ता की सांझेदारी लोकतंत्र की आधारशिला हैं क्योंकि लोकतंत्र लोगो की सरकार, लोगो के लिए लोगो के द्वारा होती हैं|

(ii) आजकल देश बड़ा हो या छोटा कोई फर्क नहीं पड़ता हैं भारत विशाल देश हैं, इसमें अनेक समुदाय हैं, बेल्जियम भी एक छोटा देश हैं उसमें भीं अनेक समुदाय हैं| इसके विपरीत जर्मनी और स्वीडन जैसे समरूप समाजों में अनेक संस्कृतियों के लोग हैं | अतः सत्ता की सांझेदारी आवश्यक हैं|

4. बेल्जियम में ब्रूसेल्स के निकट स्थित शहर मर्चटेम के मेयर ने अपने यहाँ के स्कूलों में फ्रेंच बोलने पर लगी रोक को सही बताया है। उन्होंने कहा कि इससे डच भाषा न बोलने वाले लोगों को इस फ्लेमिश शहर के लोगों से जुड़ने में मदद मिलेगी। क्या आपको लगता है कि यह फैसला बेल्जियम की सत्ता की साझेदारी की व्यवस्था की मूल भावना से मेल खाता है? अपना जवाब करीब 50 शब्दों में लिखें।

उत्तर: बेलिजियम में एक भाषा बोलने वाले कहीं कम हैं तो कहीं पर अधिक | अब क्योंकि 1970 और 1973 के मध्य संशोधन करके सबको मिल जुल कर रहने का अवसर प्रदान किया गया हैं तो स्कूलों में फ्रेंच बोलने पर रोक लगाना उचित नहीं हैं | यह निर्णय बेलिज़ियम की सत्ता की सांझेदारी की व्यवस्था की मूल भावना का उल्लंघन हैं| इसके अतिरिक्त यह निर्णय डच न बोलने वालों की भावनाओ के विरुद्ध हैं|
5. नीचे दिए गए उद्धरण को गौर से पढ़ें और इसमें सत्ता की साझेदारी के जो युक्तिपरक कारण बताए गए हैं उसमें से किसी एक का चुनाव करें।
"महात्मा गाँधी के सपनों को साकार करने और अपने संविधन निर्माताओं की उम्मीदों को पूरा करने के लिए हमें पंचायतों को अधिकार देने की जरूरत है। पंचायती राज ही वास्तविक लोकतंत्र की स्थापना करता है। यह सत्ता उन लोगों के हाथों में सौंपता है जिनके हाथों में इसे होना चाहिए। भ्रष्टाचार कम करने और प्रशासनिक कुशलता को बढ़ाने का एक उपाय पंचायतों को अधिकार देना भी है। जब विकास की योजनाओं को बनाने और लागू करने में लोगों की भागीदारी होगी तो इन योजनाओं पर उनका नियंत्राण बढ़ेगा। इससे भ्रष्ट बिचौलियों को खत्म किया जा सकेगा। इस प्रकार पंचायती राज लोकतंत्र की नींव को मजबूत करेगा।"

उत्तर: पंचायती राज ही वास्तविक लोक तंत्र की स्थापना करता हैं| यह सत्ता उनलोगों को सौपता हैं जिनके हाथों में इसे होना चाहिए|
6. सत्ता के बँटवारे के पक्ष और विपक्ष में कई तरह के तर्क दिए जाते हैं। इनमें से जो तर्क सत्ता के बँटवारे के पक्ष में हैं उनकी पहचान करें और नीचे दिए गए कोड से अपने उत्तर का चुनाव करें।
सत्ता की साझेदारी :
(क) विभिन्न समुदायों बीच के टकराव को कम करती है।

() पक्षपात का अंदेशा कम करती है।
() निर्णय लेने की प्रक्रिया को अटका देती है।
() विविधताओं को अपने में समेट लेती है।
() अस्थिरता और आपसी फूट को बढ़ाती है।
() सत्ता में लोगों की भागीदारी बढ़ाती है।
(देश की एकता को कमजोर करती है।

  1 2 3 4
(सा)
(रे)
(गा)
(मा)

उत्तर: (सा) क, ख, घ, च |
7. बेल्जियम और श्रीलंका की सत्ता में साझीदारी की व्यवस्था के बारे में निम्नलिखित बयानों
पर विचार करें :
(क) बेल्जियम में डच-भाषी बहुसंख्यकों ने फ्रेंच-भाषी अल्पसंख्यकों पर अपना प्रभुत्व
जमाने का प्रयास किया।
(ख) सरकार की नीतियों ने सिंहली-भाषी बहुसंख्यकों का प्रभुत्व बनाए रखने का प्रयास
किया।
(ग) अपनी संस्कृति और भाषा को बचाने तथा शिक्षा तथा रोजगार में समानता के अवसर
के लिए श्रीलंका के तमिलों ने सत्ता को संघीय ढाँचे पर बाँटने की माँग की।
(घ) बेल्जियम में एकात्मक सरकार की जगह संघीय शासन व्यवस्था लाकर मुल्क को भाषा के आधार पर टूटने से बचा लिया गया।
ऊपर दिए गए बयानों में से कौन-से सही हैं?

(सा) क, ख, ग और घ
 (रे) क, ख और घ
(गा) ग और घ
(मा)  ख, ग और घ

उत्तर: (मा) ख, ग और घ |
8. सूची I (सत्ता के बँटवारे के स्वरूप) और सूची II (शासन के स्वरूप)  में मेल कराएँ और
नीचे दिए गए कोड का उपयोग करते हुए सही जवाब दें :

सूची I  सूची II
1. सरकार के विभिन्न अंगों के बीच सत्ता का बँटवारा  (क) सामुदायिक सरकार
2. विभिन्न स्तर की सरकारों के बीच अधिकारों का बँटवारा (ख) अधिकारों का वितरण
3. विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच सत्ता की साझेदारी (ग) गठबंधन सरकार
4. दो या अधिक  दलों के बीच सत्ता की साझेदारी

(घ) संघीय सरकार

 

  3  4
(सा) घ 
(रे) घ 
(गा) घ 
(मा) घ 

उत्तर: (गा) ख, घ, क, ग |
9. सत्ता की साझेदारी के बारे में निम्नलिखित दो बयानों पर गौर करें और नीचे दिए गए कोड के आधार पर जवाब दें :
(अ) सत्ता की साझेदारी लोकतंत्र के लिए लाभकर है।
(ब) इससे सामाजिक समूहों में टकराव का अंदेशा घटता है।
इस बयानों में कौन सही है और कौन गलत?
(क) अ सही है लेकिन ब गलत है।
(ख) अ और ब दोनों सही हैं।
(ग) अ और ब दोनों गलत हैं।
(घ) अ गलत है लेकिन ब सही है।

उत्तर: (ख) अ और ब दोनों सही हैं।

1. सत्ता की साझेदारी

अध्याय-समीक्षा

Class 10 Political Science Hindi Updated : 06 March 2026

अध्याय-समीक्षा


  • चीनी नेता माओं के विचारधरा को मानने वाले को माओंवादी कहलाते है।
  • ‘लामबंदी’ -   जनहित के लिए लोगों का एकजुट होकर आंदोलन चलाना।
  • ऐसा समुह जो अपनी उदेश्य या माँगों की पूर्ति के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सरकार पर दबाव डालती है उन्हे दबाव समुह कहते है। 
  •  जन-संघर्ष के जरीये लोकतंत्र का विकास होता है |
  • लोकतंत्र में किसी मुद्दे पर विवाद जन-संघर्ष के जरीये मनवाया जा सकता है।
  • सूचना अभियान और मीडिया के द्वारा सरकार और जनता को प्रभावित करते है। 
  • कुछ मामलों में दबाव-समूह राजनीतिक दलों द्वारा ही बनाए गए होते हैं अथवा उनका नेतृत्व राजनीतिक दल के नेता करते हैं।
  •  ऐसे दबाव-समूहों के अधिकतर नेता अमूमन किसी न किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता और नेता होते हैं।
  • जल आपूर्ति का अधिकार बहुराष्ट्रीय कंपनी को सौप दिए गए थे। 
  • भारत में व्यसक मताधिकार के अंतर्गत सभी 18 वर्ष की आयु के व्यक्तियों के बिना किसी भेदभाव के अपना मत देने का तथा चुनाव लड़ने का अधिकार हैं|
  •  पंचायती राज ही वास्तविक लोक तंत्र की स्थापना करता हैं| यह सत्ता उनलोगों को सौपता हैं जिनके हाथों में इसे होना चाहिए|
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