Chapter 1. विकास - Class 10 Economics Hindi CBSE Notes

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CBSE Notes for Class 10 – Chapter-wise Revision Notes

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Chapter 1. विकास - Class 10 Economics Hindi CBSE Notes

Chapter 1. विकास

Class 10 Economics Hindi Updated : 19 July 2026

अध्याय 1. विकास

वास्तविक विकास तभी संभव है जब लोगों को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छ पर्यावरण तथा आवश्यक सार्वजनिक सुविधाएँ उपलब्ध हों। इसलिए विकास का मूल्यांकन केवल आय से नहीं किया जाता, बल्कि मानव विकास और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को भी समान महत्व दिया जाता है।

भाग 3 – सार्वजनिक सुविधाएँ, मानव विकास और सतत विकास

इस भाग में सार्वजनिक सुविधाओं, मानव विकास सूचकांक (HDI), सतत विकास तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का अध्ययन किया गया है।

सार्वजनिक सुविधाएँ

सार्वजनिक सुविधाएँ वे सेवाएँ हैं जो सरकार लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए उपलब्ध कराती है।

(i) स्वच्छ पेयजल स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।

(ii) सरकारी अस्पताल सस्ती स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करते हैं।

(iii) विद्यालय और महाविद्यालय शिक्षा उपलब्ध कराते हैं।

(iv) सड़क, बिजली और परिवहन जीवन को सरल बनाते हैं।

(v) सार्वजनिक सुविधाएँ सभी नागरिकों को समान अवसर प्रदान करती हैं।

सार्वजनिक सुविधाओं का महत्व

सार्वजनिक सुविधाएँ किसी देश के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

(i) जीवन स्तर में सुधार होता है।

(ii) समाज में असमानता कम होती है।

(iii) आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलता है।

(iv) शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होता है।

(v) नागरिकों की कार्यक्षमता और उत्पादकता बढ़ती है।

मानव विकास

मानव विकास का अर्थ लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना तथा उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

(i) इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और आय को महत्व दिया जाता है।

(ii) यह लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाता है।

(iii) समान अवसर प्रदान करने पर बल देता है।

(iv) सामाजिक और आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करता है।

(v) मानव कल्याण को विकास का प्रमुख उद्देश्य मानता है।

मानव विकास सूचकांक (HDI)

मानव विकास सूचकांक (HDI) किसी देश के विकास का व्यापक माप है।

(i) HDI स्वास्थ्य, शिक्षा और आय पर आधारित होता है।

(ii) यह देशों के जीवन स्तर की तुलना करने में सहायता करता है।

(iii) अधिक HDI वाला देश सामान्यतः अधिक विकसित माना जाता है।

(iv) यह केवल आय पर आधारित नहीं होता।

(v) यह मानव विकास का बेहतर संकेतक है।

सतत विकास

सतत विकास वह विकास है जो वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं को पूरा करते हुए भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं से समझौता नहीं करता।

(i) प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग किया जाना चाहिए।

(ii) पर्यावरण प्रदूषण को कम करना आवश्यक है।

(iii) वन, जल और वन्यजीवों का संरक्षण आवश्यक है।

(iv) नवीकरणीय संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देना चाहिए।

(v) आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण में संतुलन होना चाहिए।

सतत विकास की आवश्यकता

प्राकृतिक संसाधन सीमित हैं, इसलिए उनका संरक्षण आवश्यक है।

(i) संसाधनों का अत्यधिक उपयोग भविष्य में संकट उत्पन्न कर सकता है।

(ii) पर्यावरण संरक्षण से जीवन की गुणवत्ता बनी रहती है।

(iii) भविष्य की पीढ़ियों के अधिकारों की रक्षा होती है।

(iv) प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग आवश्यक है।

(v) सतत विकास दीर्घकालीन आर्थिक प्रगति सुनिश्चित करता है।

नवीकरणीय एवं अनवीकरणीय संसाधन

प्राकृतिक संसाधनों को उनकी उपलब्धता के आधार पर दो भागों में बाँटा जाता है।

(i) नवीकरणीय संसाधन पुनः प्राप्त किए जा सकते हैं।

(ii) सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और जल इसके उदाहरण हैं।

(iii) अनवीकरणीय संसाधन सीमित मात्रा में उपलब्ध होते हैं।

(iv) कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस इसके प्रमुख उदाहरण हैं।

(v) अनवीकरणीय संसाधनों का सावधानीपूर्वक उपयोग करना चाहिए।

CBSE परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु

(i) सार्वजनिक सुविधाएँ विकास का महत्वपूर्ण संकेतक हैं।

(ii) HDI स्वास्थ्य, शिक्षा और आय पर आधारित है।

(iii) सतत विकास वर्तमान और भविष्य दोनों पीढ़ियों का ध्यान रखता है।

(iv) प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण आवश्यक है।

(v) विकास में आर्थिक प्रगति के साथ पर्यावरण संरक्षण भी आवश्यक है।

Chapter 1. विकास

Class 10 Economics Hindi Updated : 19 July 2026

अभ्यास प्रश्न

इस अध्याय का अच्छी तरह अभ्यास करने के लिए निम्नलिखित प्रश्नों को हल कीजिए। ये प्रश्न CBSE बोर्ड परीक्षा के नवीनतम परीक्षा पैटर्न को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।

बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

1. विकास का मुख्य उद्देश्य क्या है?

(a) केवल आय बढ़ाना
(b) जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना
(c) केवल उद्योगों का विकास करना
(d) केवल व्यापार बढ़ाना

2. विकास के लक्ष्य किसके लिए समान होते हैं?

(a) सभी व्यक्तियों के लिए
(b) केवल विद्यार्थियों के लिए
(c) अलग-अलग व्यक्तियों के लिए अलग होते हैं
(d) केवल किसानों के लिए

3. निम्नलिखित में से कौन-सा गैर-भौतिक विकास लक्ष्य है?

(a) अधिक वेतन
(b) सम्मान और सुरक्षा
(c) अधिक लाभ
(d) बड़ा घर

4. प्रति व्यक्ति आय को क्या कहा जाता है?

(a) राष्ट्रीय आय
(b) औसत आय
(c) व्यक्तिगत आय
(d) कुल आय

5. प्रति व्यक्ति आय ज्ञात करने का सही सूत्र है:

(a) कुल जनसंख्या ÷ कुल आय
(b) कुल आय ÷ कुल जनसंख्या
(c) कुल आय × कुल जनसंख्या
(d) कुल आय + कुल जनसंख्या

6. देशों का वर्गीकरण प्रति व्यक्ति आय के आधार पर कौन करता है?

(a) RBI
(b) विश्व बैंक
(c) WTO
(d) IMF

7. निम्नलिखित में से कौन विकास का सामाजिक संकेतक है?

(a) शिक्षा
(b) उत्पादन
(c) व्यापार
(d) निर्यात

8. HDI का पूरा नाम है:

(a) मानव विकास सूचकांक
(b) मानव डेटा सूचकांक
(c) उच्च विकास सूचकांक
(d) स्वास्थ्य विकास सूचकांक

9. HDI किन आधारों पर निर्धारित किया जाता है?

(a) स्वास्थ्य, शिक्षा एवं आय
(b) कृषि एवं उद्योग
(c) आय एवं व्यापार
(d) जनसंख्या एवं उत्पादन

10. निम्नलिखित में से कौन सार्वजनिक सुविधा है?

(a) निजी होटल
(b) सरकारी अस्पताल
(c) निजी फैक्ट्री
(d) शॉपिंग मॉल

11. विकास का सबसे व्यापक मापदंड है:

(a) राष्ट्रीय आय
(b) प्रति व्यक्ति आय
(c) मानव विकास सूचकांक
(d) निर्यात

12. सतत विकास का उद्देश्य है:

(a) केवल वर्तमान पीढ़ी का विकास
(b) भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं की रक्षा करना
(c) अधिक से अधिक संसाधनों का उपयोग करना
(d) केवल औद्योगिक विकास करना

13. निम्नलिखित में से कौन नवीकरणीय संसाधन है?

(a) कोयला
(b) पेट्रोलियम
(c) सौर ऊर्जा
(d) प्राकृतिक गैस

14. निम्नलिखित में से कौन अनवीकरणीय संसाधन है?

(a) जल
(b) पवन ऊर्जा
(c) कोयला
(d) सौर ऊर्जा

15. विकास का प्रमुख उद्देश्य है:

(a) केवल आर्थिक वृद्धि
(b) जीवन स्तर में सुधार
(c) केवल व्यापार बढ़ाना
(d) केवल उद्योग बढ़ाना

16. शिशु मृत्यु दर किससे संबंधित है?

(a) शिक्षा
(b) स्वास्थ्य
(c) कृषि
(d) उद्योग

17. जीवन प्रत्याशा किसका संकेतक है?

(a) स्वास्थ्य
(b) व्यापार
(c) उत्पादन
(d) आयात

18. विकास का सही मापदंड है:

(a) केवल आय
(b) केवल शिक्षा
(c) आय, शिक्षा एवं स्वास्थ्य
(d) केवल उत्पादन

19. प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण किसके लिए आवश्यक है?

(a) वर्तमान पीढ़ी के लिए
(b) भविष्य की पीढ़ियों के लिए
(c) दोनों के लिए
(d) किसी के लिए नहीं

20. सतत विकास में किस पर विशेष बल दिया जाता है?

(a) पर्यावरण संरक्षण
(b) केवल उद्योग
(c) केवल व्यापार
(d) केवल कृषि

लघु उत्तरीय प्रश्न (2–3 अंक)

1. विकास से आप क्या समझते हैं?

2. विकास के लक्ष्य अलग-अलग क्यों होते हैं?

3. प्रति व्यक्ति आय क्या है?

4. प्रति व्यक्ति आय विकास का पूर्ण मापदंड क्यों नहीं है?

5. सार्वजनिक सुविधाओं का महत्व लिखिए।

6. मानव विकास सूचकांक (HDI) क्या है?

7. सतत विकास से क्या अभिप्राय है?

8. नवीकरणीय एवं अनवीकरणीय संसाधनों में अंतर स्पष्ट कीजिए।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 अंक)

1. विकास का अर्थ स्पष्ट कीजिए। विकास के विभिन्न लक्ष्यों का वर्णन उदाहरण सहित कीजिए।

2. प्रति व्यक्ति आय क्या है? देशों की तुलना में इसका महत्व एवं सीमाएँ स्पष्ट कीजिए।

3. सार्वजनिक सुविधाओं का मानव विकास में क्या महत्व है?

4. सतत विकास क्या है? इसकी आवश्यकता स्पष्ट कीजिए।

5. मानव विकास सूचकांक (HDI) क्या है? इसके प्रमुख घटकों का वर्णन कीजिए।

6. केवल आय के आधार पर किसी देश के विकास का आकलन क्यों नहीं किया जा सकता? स्पष्ट कीजिए।

CBSE दक्षता-आधारित प्रश्न

1. दो राज्यों की प्रति व्यक्ति आय समान है, लेकिन एक राज्य में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ अधिक विकसित हैं। आपके अनुसार कौन-सा राज्य अधिक विकसित माना जाएगा? कारण सहित उत्तर दीजिए।

2. एक उद्योग स्थापित करने के लिए हजारों पेड़ों को काटा जा रहा है। क्या यह सतत विकास का उदाहरण है? अपने उत्तर का औचित्य स्पष्ट कीजिए।

3. मानव विकास सूचकांक (HDI) को प्रति व्यक्ति आय से बेहतर विकास का मापदंड क्यों माना जाता है?

4. सार्वजनिक सुविधाएँ किसी देश के विकास में किस प्रकार योगदान देती हैं? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।

5. "विकास ऐसा होना चाहिए जिससे वर्तमान और भविष्य दोनों पीढ़ियों को लाभ मिले।" इस कथन का उपयुक्त उदाहरणों सहित समर्थन कीजिए।

पाठ 3. मुद्रा और साख 


वस्तु विनिमय प्रणाली (Bartar System): वस्तुओं के बदले वस्तुओं के लेनदेन को वस्तु विनिमय प्रणाली कहते हैं |

धातु मुद्रा (Metalic Currency) : सोना चाँदी, निकल और तांबा आदि किसी भी धातु से बनी मुद्रा को धातु मुद्रा कहते हैं |

बैंकिंग (Banking) : उधार देने या निवेश करने के उद्देश्य से जनता से मांगने पर या चैक आदि के माध्यम से जमाएं स्वीकार करने को बैंकिंग कहते है |

साख (Credit) : लोगो द्वारा निजी व्यक्तियों या बैंकों से लिया गया धन साख कहलाता है | 

बैंक (Bank) : बैंक वह संस्था है जो लाभ प्राप्त करने के लिए जमा स्वीकार करती है | जिसका चैक द्वारा भुगतान कर दिया जाता है तथा जो लोगों को ऋण और अग्रिम देती है | 

आत्मनिर्भर गुट/स्वयं सहायता समूह (Selfhelp Group) : अपने हितो की सुरक्षा के लिए लोगों द्वारा बनाया गया समूह आत्मनिर्भर गुट कहलाता है | 

आवश्यकताओं के दोहरा संयोग (Double Coincidence of Wants): जब दो व्यक्ति अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति मुद्रा के उपयोग किये बिना वस्तु विनिमय के लिए करते हैं तो इसे आवश्यकताओं का दोहरा संयोग कहते है | 

मुद्रा को विनिमय का माध्यम कहा जाता है : इसे किसी वस्तु या सेवा के लिए सरलता से बदला जा सकता है | यह विनिमय प्रक्रिया में मध्यस्थ कार्य करता है जिससे दोहरे संयोग की आवश्यकता से छुटकारा मिलता है |

1 अंक के प्रश्न हल सहित :

प्रश्न - ‘आवश्यकताओं के दोहरे संयोग’ से आप क्या समझते हैं?
उत्तर - जब दोनों पक्ष एक दूसरे से चीजें खरीदने और बेचने पर सहमति रखते हैं।
प्रश्न - वस्तु विनिमय प्रणाली की अनिवार्य शर्त क्या है?
उत्तर - आवश्यकताओं का दोहरा संयोग होना।
प्रश्न - मुद्रा विनिमय का माघ्यम क्यों हैं?
उत्तर - मध्यवर्ती भूमिका प्रदान करने के कारण।
प्रश्न - प्रारम्भिक काल में मुद्रा के रूप में प्रयोग की जाने वाली दो वस्तुओं के नाम लिखिए।
उत्तर - भारतीय अनाज, पशु, सोना, चांदी, तांबा। कोई दो।
प्रश्न - मुद्रा का आधुनिक रूप क्या है?
उत्तर - करेंसी - कागज के नोट व सिक्के
प्रश्न - आधुनिक मुद्रा बहुमूल्य धातु से नहीं बनी फिर भी इसे विनिमय का माध्यम क्यों स्वीकार किया गया है?
उत्तर - क्योंकि किसी देश की सरकार इसे प्राधिकृत करती हैं।
प्रश्न - भारत में नोट कौन जारी करता है?
उत्तर - रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया।
प्रश्न - माँग जमा किसे कहते हैं?
उत्तर - बैंक खातों में जमा धन को।
प्रश्न - बैंकों की आय का प्रमुख स्त्रोत क्या है?
उत्तर - कर्जदारों से लिए गए ब्याज और जमाकर्ताओं को दिये गये ब्याज के बीच का अंतर।
प्रश्न - ऋण से क्या तात्पर्य है?
उत्तर - एक सहमति जहाँ साहूकार कर्जदार को धन, वस्तुएं या सेवाएं उपलब्ध् कराता है और बदले में भविष्य में कर्जदार से भुगतान करने का वादा लेता हैं।
प्रश्न - समर्थक ऋणाधार क्या अभिप्राय है ?
उत्तर - ऐसी संपति जिसका मालिक कर्जदार है और इसका इस्तेमाल वह उधारदाता को गारंटी देने के रूप में करता हैं।
प्रश्न - बैंक अतिरिक्त मुद्रा वाले लागों व जरूरतमंद लागों के बीच मध्यस्थता का काम किस प्रकार करते हैं?
उत्तर - अतिरिक्त मुद्रा को ऋण के रूप में प्रदान करके।

3 अंक के प्रश्न :

13. मुद्रा किस प्रकार दोहरे संयोग की जरूरत को खत्म कर देती है, उदाहरण सहित समझाइए।
14. चेक क्या है? आध्ुनिक अर्थव्यवस्था में इसे भी मुद्रा क्यों कहा गया है, कोई दो कारण बताइए ।
प्रश्न : विभिन्न प्रकार के ऋणों को कितने वर्गों में बांटा गया है, नाम बताइए व प्रत्येक के दो उदाहरण दीजिए।

उत्तर: ऋणों को दो वर्गों में बाँटा गया है :

(i) औपचारिक ऋण : बैंकों और सहकारी समितियों द्वारा दिया गया ऋण औपचारिक ऋण कहलाता है | जैसे - बैंक और सहकारी समितियाँ 

(ii) अनौपचारिक ऋण : साहूकारों, व्यापारियों, रिश्तेदारों और दोस्तों से लिया गया ऋण अनौपचारिक ऋण कहलाता है | जैसे - साहूकारों, व्यापारियों, रिश्तेदारों और दोस्त आदि | 

प्रश्न : कर्जदाता कर्ज देते समय ऋणाधार माँग क्यों करते हैं?, तीन बिन्दुओं में स्पष्ट कीजिए।

उत्तर : कर्जदाता कर्ज देते समय ऋणाधार की माँग इसलिए करते है कि 

(i) कर्ज के रूप में भुगतान की गई राशि की वसूली/भुगतान सुनिश्चित की जा सके | 

(ii) कर्ज न लौटाने पर कर्जदार द्वारा प्रस्तुत ऋणाधर के बेच कर अपना पैसा वसूल सके |

(iii) कर्जदार सही समय पर अपनी भुगतान कर देता है वह ऋण लेकर भागता नहीं है | 


प्रश्न : औपचारिक स्रोतों की कार्यप्रणाली पर कौन सी संस्था नजर रखती है व कैसे? दो बिन्दुओं में उल्लेख कीजिए।

उत्तर: औपचारिक स्रोतों की कार्यप्रणाली पर भारतीय रिजर्व बैंक नजर रखती है | 

(i) RBI बैंकों के इस बात पर नजर रखता है कि सभी बैंक नकद शेष बनाये हुए है या नहीं |

(ii) RBI इस बात पर नजर रखता है कि लाभ कमाने वाले अमीर व्यापारियों को ही बैंक ऋण देते है या गरीब जरुरतमंद किसानों या छोटे उद्यमियों को ऋण देते है या नहीं | 

(iii) RBI ब्याज के दर को निर्धारित करता है | 

प्रश्न : स्वयं सहायता समूह क्या है? उसकी कार्यविधि स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: 


प्रश्न : ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी अनौपचरिक ऋण के स्रोतों की महत्ता बनी हुई है, क्यों? कोई तीन कारण दीजिए।

ऊतर : ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी अनौपचरिक ऋण के स्रोतों की महत्ता बनी हुई है क्योंकि -

(i) ग्रामीण लोग समर्थक ऋणाधार नहीं जुटा पाते है जिससे उन्हें बैंकों से ऋण नहीं मिल पाता है |

(ii) ग्रामीण क्षेत्रों में औपचारिक ऋण स्रोतों का विस्तार नहीं हो पाया है, यह स्रोत अभी भी ग्रामीण लोगों की पहुँच से दूर है |

(iii) ग्रामीण लोग औपचारिक स्रोतों से प्राप्त ऋण के लिए आवश्यक कागजात नहीं जुटा पाते है जिससे उन्हें ऋण नहीं मिल पाता है जबकि अनौपचारिक क्षेत्र से उन्हें ऋण आसानी से मिल जाता है | 

4 अंकों वाले प्रश्न
20. ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकों व सहकारी समितियों को अपनी गतिविधिया बढ़ाने की आवश्यकता क्यों है? चार बिन्दुओं में
स्पष्ट कीजिए।
प्रश्न : ऋण के औपचारिक व अनौपचारिक स्रोतों में कोई चार अन्तर बताइए।

उत्तर: 

ऋण के औपचारिक स्रोत :

(i) ये सरकार द्वारा पंजीकृत होते है जैसे बैंक और सहकारी समितियाँ |

(ii) इनका ब्याज दर निश्चित होती है |

(iii) औपचारिक ऋण के स्रोतों से ऋण लेने पर शोषण नहीं होता है |

(iv) इसकी निगरानी RBI करती है और इनका उद्देश्य सामाजिक कल्याण के लिए ऋण प्रदान करना है | 

ऋण के अनौपचारिक स्रोत :

(i) ये सरकार द्वारा पंजीकृत नहीं होते है जैसे - साहूकार, व्यापारी और रिश्तेदार आदि |

(ii) इनका ब्याज दर निश्चित नहीं होता है |

(iii) अनौपचारिक ऋण के स्रोतों से ऋण लेने पर शोषण होता है | 

(iv) इनकी निगरानी RBI नहीं करती है और इनका उद्देश्य केवल लाभ कमाने के लिए होता है | 


22. ‘सस्ता और सामर्थ्य के अनुकूल कर्ज देश के विकास को प्रोत्साहित करता है, कथन की सार्थकता चार तर्क देकर
कीजिए।
प्रश्न : ऋण लेने की चार प्रमुख शर्तें बताइयें।

उत्तर: 

(i) 

24. नीचे दिए गए आरेख को देखकर उसके नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए
2003 में कुल लिए गए ट्टण का वितरण
1. गरीब परिवार कितने प्रतिशत ट्टण अनौपचारिक क्षेत्रा से प्राप्त कर रहे हैं?
2. समृद्ध परिवार कितने प्रतिशत ट्टण औपचारिक क्षेत्रा से प्राप्त कर रहे हैं?
3. औपचारिक क्षेत्रा से सबसे ज्यादा ट्टण किसे मिल रहा है एवं क्यों, एक कारण लिखिए।
हॉट्स प्रश्न
3 अंकों वाले प्रश्न
25. ट्टण की शर्तों मंे एक ट्टण व्यवस्था से दूसरी ट्टण व्यवस्था मंे काफी अन्तर है। उदाहरण देकर स्थिति को स्पष्ट
कीजिए।
25. ‘स्वयं सहायता समूह’ ने कर्जदारों को ट्टणाधार की कमी की समस्या से उबरने में मदद ही नहीं की है, अपितु सामाजिक विषयों के लिए आम मंच भी प्रदान किया है’ - कथन की सार्थकता सिद्ध करते हुए तीन तर्क दीजिए।
4 अंकों वाले प्रश्न
प्रश्न : किसी व्यक्ति के विकास में ऋण सकारात्मक व नकारात्मक दोनों भूमिका निभाते है, उदाहरण देते हुए समझाइए।

उत्तर : 

 

Chapter 1. विकास

Class 10 Economics Hindi Updated : 19 July 2026

अध्याय 1. विकास

विकास का अर्थ केवल आय में वृद्धि नहीं है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और समान अवसरों में सुधार भी है। प्रत्येक व्यक्ति के विकास के लक्ष्य अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए विकास को केवल आर्थिक दृष्टि से नहीं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय दृष्टि से भी समझना आवश्यक है।

CBSE नोट्स – मुख्य बिंदु

इस भाग में परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण अवधारणाएँ, तथ्य, शब्दावली और त्वरित पुनरावृत्ति के लिए आवश्यक बिंदु दिए गए हैं।

महत्वपूर्ण शब्दावली

  • विकास (Development)
  • आय (Income)
  • प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income)
  • राष्ट्रीय आय (National Income)
  • मानव विकास (Human Development)
  • मानव विकास सूचकांक (HDI)
  • सार्वजनिक सुविधाएँ (Public Facilities)
  • सतत विकास (Sustainable Development)
  • साक्षरता दर (Literacy Rate)
  • शिशु मृत्यु दर (Infant Mortality Rate)
  • जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy)

महत्वपूर्ण तथ्य

  • प्रत्येक व्यक्ति के विकास के लक्ष्य अलग-अलग होते हैं।
  • अधिक आय होना हमेशा बेहतर विकास का संकेत नहीं होता।
  • देशों की तुलना के लिए प्रति व्यक्ति आय का उपयोग किया जाता है।
  • स्वास्थ्य, शिक्षा और सार्वजनिक सुविधाएँ विकास के महत्वपूर्ण संकेतक हैं।
  • मानव विकास सूचकांक (HDI) विकास का व्यापक माप है।
  • सतत विकास वर्तमान और भविष्य दोनों पीढ़ियों की आवश्यकताओं का ध्यान रखता है।

महत्वपूर्ण अवधारणाएँ

  • विकास का अर्थ
  • विकास के विभिन्न लक्ष्य
  • आय और अन्य विकास लक्ष्य
  • राष्ट्रीय विकास
  • प्रति व्यक्ति आय
  • देशों की तुलना
  • सार्वजनिक सुविधाएँ
  • मानव विकास सूचकांक (HDI)
  • सतत विकास

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु

  • विकास का अर्थ एवं महत्व।
  • विकास के विभिन्न लक्ष्यों की व्याख्या।
  • प्रति व्यक्ति आय का अर्थ एवं महत्व।
  • विकास मापने में HDI का महत्व।
  • सार्वजनिक सुविधाओं की आवश्यकता।
  • सतत विकास की अवधारणा।

त्वरित पुनरावृत्ति

  • विकास = जीवन की गुणवत्ता में सुधार।
  • प्रति व्यक्ति आय = कुल आय ÷ कुल जनसंख्या।
  • HDI = स्वास्थ्य + शिक्षा + आय।
  • सार्वजनिक सुविधाओं में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और स्वच्छ पेयजल शामिल हैं।
  • सतत विकास भविष्य की पीढ़ियों के हितों की रक्षा करता है।

परीक्षा सुझाव

  • विकास और आय के बीच अंतर को समझें।
  • प्रति व्यक्ति आय का सूत्र याद रखें।
  • HDI के तीन प्रमुख घटकों को याद करें।
  • सार्वजनिक सुविधाओं के महत्व को उदाहरण सहित समझें।
  • सतत विकास से जुड़े प्रश्नों का नियमित अभ्यास करें।

अध्याय 1. विकास 


प्रश्न 1. विकास की धारणीयता से क्या मतलब है ? जल के उदाहरण की मदद से समझाइए ?

उत्तर - देश का विश्व का विकास होता है बल्कि भविष्य में भी भावी पीढ़ी के लिए स्तर बना रहे।

1.  भूमगित जल एक प्राकृतिक संसाधन है।

2.  यह नवीकरणीय योग्य संसाधन है।

3.  इसका उपयोग सही प्रकार से करे जिससे भावी पीढ़ी भी उपयोग कर सके।

4.  जल की गुणवता को नहीं घटने देना चाहिए।

प्रश्न 2एक विकासशील देश का विकसित देश के साथ तुलना के लिए दो आधारभूत मापदण्ड क्या है ?

उत्तर -

1. राष्ट्रीय आय

2.  प्रति व्यक्ति आय/औसत आय

3.  मानव विकास सूचकांक

प्रश्न 3. जन सुविधाओं का क्या अर्थ है? ये क्यों महत्वपूर्ण है? भारत में जन सुविधाओं के नाम लिखिए।

उत्तर - सार्वजनिक सुविधाएँ- ये सुविधाएं जो मानव जीवन को बेहतर बनाने के लिए सरकार सुविधाएं और सेवा प्रदान करती है।

1. जीवन विकास के लिए आवश्यक है।

2. ये सुविधाएं और सेवाएं सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाती है।

3. रक्षा, अस्पताल, गली की लाइट, पुलिस, सरकारी विद्यालय प्रदूषण मुक्त वातावरण, परिवहन, संक्रामक, बीमारियों से बचाब।

प्रश्न 4. भारत को विकसित देश बनाने के लिए क्या करना चाहिए?

(1) जनसंख्या नियन्त्रण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

(2) शिक्षा का प्रसार किया जाए व स्तर सुधारा जाए।

(3) चिकित्सा सुविधाओं में वृद्धि की जाए व विस्तार किया जाए।

(4) आय के समान वितरण के प्रयास किये जाए।

उत्तर - विकास, जीवन में प्रगति एवं सुधार का बतलाता है।

1. अलग-अलग लोगों के विकास के लक्ष्य भिन्न हो सकते है।

2. एक के लिए विकास परन्तु दूसरे के लिए नहीं।

3. उदाहरण उद्योगपति बिजली पाने के लिए अधिक बांध चाहते है परन्तु इससे किसानों के मकान व खेती की जमीन जलमग्न हो सकती है।

प्रश्न 5. मध्यपूर्व के देशों की प्रतिव्यक्ति आय अधिक होने के बावजूद भी उन्हें विकसित क्यों नहीं कहा जाता है?

उत्तर - इन्हें विकसित देश नहीं कहा जा सकता इनका विकास का प्रदर्शन निम्नतर है-

1. अधिकांश देशों में बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है।

2. पुरूषों और महिलाओं के साथ समान व्यवहार नहीं।

3. एक धर्म के लोगों के साथ भेदभाव होना।

4. साक्षरता दर निम्न होती है।

5. लोगों के बीच असमानताएं।

6. स्वास्थ्य सूचक अच्छे नहीं।

प्रश्न 6. निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए?

(क) शिशु मृत्युदर

(ख) साक्षरता दर

(ग) निवल उपस्थिति अनुपात

उत्तर - (क) किसी वर्ष में पैदा हुए 1000 जीवित बच्चों में से एक वर्ष की आयु से पहले मर जाने वाले बच्चों का अनुपात दिखाता है।

(ख) साक्षरता दर 7 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों में साक्षर जनसंख्या का अुनपात।

(ग) निवल उपस्थिति अनुपात 6-10 वर्ष की आयु के स्कूल जाने वाले कुल बच्चों का उस आयु के कुल बच्चों के साथ प्रतिशत।

प्रश्न 7. सार्वजनिक वितरण प्रणाली क्या है ?इसके दो लाभों का वर्णन कीजिए।

उत्तर - राशन वितरण की एक प्रणाली जिसके द्वारा उचित मूल्य पर गरीबों को सरकारी राशन दुकानों के माध्यम से बाँटा जाता है।

(1) गरीब को कम मूल्य पर राशन देना।

(2) गरीबों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर को सुधारना।

प्रश्न 8. आर्थिक विकास के लिए साक्षरता क्यों अनिवार्य है? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर - (1) यह ज्ञान और दक्षता देता है।

(2) रोजगार उत्पन्न करता है।

(3) आधुनिक तकनीक को लागू करने की क्षमता को बढ़ाता है।

(4) नए उद्योगों को स्थापित करने की क्षमता का विकास।

(5) लोगों को स्वच्छता, स्वास्थ्य विज्ञान तथा बीमारियों के प्रति जागरूक करना तथा नियंत्रित करना।

प्रश्न 9. प्रति व्यक्ति आय तथा मानव विकास सूचकांक की अवधारणाओं की व्याख्या कीजिए।

उत्तर - देश के विकास के स्तर का मूल्यांकन करने के लिए दो मापदंड-

(1) मानव विकास सूचकांक तथा

(2) प्रति व्यक्ति आय

(3) एचडीआई शैक्षिणक स्तर पर सूचक स्वास्थ्य स्थिति सूचक तथा प्रति व्यक्ति आय का औसत है।

(4) प्रति व्यक्ति आय देश की औसत आय है जो देश की कुल आय को कुल जनसंख्या से भाग देकर निकाली जाती है।

प्रश्न 10सार्वजनिक सुविधाओं की किन्हीं तीन मुख्य उपयोगिताओं को उजागर कीजिए।

उत्तर - (1) यह लोगों की वस्तुएं और सुविधाएं उपलब्ध कराने का सबसे सस्ता और

अच्छा तरीका है।

(2) राष्ट्रीय भावना का विकास।

(3) सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना का विकास।

(4) स्कूल, कॉलेज, अस्पताल परिवहन उपलब्ध कराना आसान है।

प्रश्न 11विकास की किन्ही तीन विशेषताओं का वर्णन कीजिए।

उत्तर - (1) विकास लक्ष्यों का मिश्रण है।

(2) सुरक्षा, समानता, शिक्षा स्वास्थ्य की आंकाक्षा।

(3) देश के विकास के विषय में विभिन्न लोगों की धारणाएं भिन्न परस्पर विरोधी हो सकती है।

(4) अलग-अलग लोगों के विकास के लक्ष्य अलग-अलग हो सकते है।

प्रश्न 12पर्यावरण में गिरावट के कुछ उदाहरणों की सूची बनाओं।

उत्तर -

1. खुली नालियों और नालों में गंदा पानी बहाना।

2. खुले में घरों की गंदगी और कूडा - करकट फेंकना।

3. घर के आस पास गढ्ढों में बरसात के पानी को हटाना।

Chapter 1. विकास

Class 10 Economics Hindi Updated : 19 July 2026

अध्याय 1. विकास

विकास का अर्थ केवल आय बढ़ाना नहीं है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा तथा समान अवसरों में सुधार करना भी है। प्रत्येक व्यक्ति की आवश्यकताएँ और प्राथमिकताएँ अलग-अलग होती हैं, इसलिए विकास का अर्थ भी सभी के लिए समान नहीं होता। इसी कारण विकास को आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय दृष्टि से समझना आवश्यक है।

भाग 1 – विकास का अर्थ और विकास के लक्ष्य

इस भाग में विकास का अर्थ, विभिन्न विकास लक्ष्य, आय और अन्य विकास लक्ष्य तथा विकास के महत्व का अध्ययन किया गया है।

विकास का अर्थ

विकास वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा व्यक्ति और समाज के जीवन स्तर तथा जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है।

  • विकास का उद्देश्य बेहतर जीवन प्रदान करना है।
  • इसमें आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय प्रगति शामिल होती है।
  • विकास केवल धन कमाने तक सीमित नहीं है।
  • शिक्षा, स्वास्थ्य, समानता और सुरक्षा भी विकास के महत्वपूर्ण अंग हैं।
  • प्रत्येक व्यक्ति के लिए विकास का अर्थ अलग हो सकता है।

विकास के विभिन्न लक्ष्य

हर व्यक्ति की आवश्यकताएँ और परिस्थितियाँ अलग होती हैं, इसलिए उसके विकास के लक्ष्य भी अलग होते हैं।

  • किसान बेहतर सिंचाई और फसलों का उचित मूल्य चाहता है।
  • विद्यार्थी अच्छी शिक्षा और रोजगार के अवसर चाहता है।
  • कर्मचारी अधिक वेतन, पदोन्नति और नौकरी की सुरक्षा चाहता है।
  • व्यवसायी अधिक लाभ और व्यापार का विस्तार चाहता है।
  • महिलाएँ समान अधिकार, सुरक्षा और सम्मान की अपेक्षा करती हैं।

विकास के लक्ष्य आपस में टकरा सकते हैं

कई बार एक व्यक्ति का विकास दूसरे व्यक्ति या पर्यावरण के लिए हानिकारक हो सकता है।

  • उद्योगों की स्थापना से रोजगार बढ़ता है, लेकिन प्रदूषण भी बढ़ सकता है।
  • बाँध बनने से सिंचाई और बिजली मिलती है, लेकिन लोगों का विस्थापन भी होता है।
  • खनन से आर्थिक विकास होता है, परंतु जंगल और वन्यजीव प्रभावित होते हैं।
  • सड़क निर्माण से परिवहन सुविधाएँ बढ़ती हैं, लेकिन कृषि भूमि कम हो सकती है।
  • विकास में आर्थिक प्रगति के साथ पर्यावरण संरक्षण भी आवश्यक है।

आय और अन्य विकास लक्ष्य

आय जीवन की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन केवल आय ही विकास का मापदंड नहीं है।

  • आय से भोजन, वस्त्र और आवास जैसी आवश्यकताएँ पूरी होती हैं।
  • अच्छा स्वास्थ्य जीवन की गुणवत्ता बढ़ाता है।
  • शिक्षा बेहतर रोजगार के अवसर प्रदान करती है।
  • समान अवसर और स्वतंत्रता सामाजिक विकास को बढ़ावा देते हैं।
  • स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक है।

गैर-भौतिक विकास लक्ष्य

कुछ विकास लक्ष्य ऐसे होते हैं जिन्हें धन से नहीं मापा जा सकता।

  • सम्मान और गरिमा।
  • समान अवसर।
  • स्वतंत्रता और सुरक्षा।
  • शांतिपूर्ण सामाजिक वातावरण।
  • मानव अधिकारों का संरक्षण।

विकास का महत्व

विकास व्यक्ति तथा राष्ट्र दोनों की प्रगति के लिए आवश्यक है।

  • जीवन स्तर में सुधार होता है।
  • गरीबी और बेरोजगारी में कमी आती है।
  • शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होता है।
  • आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलता है।
  • सामाजिक समानता और न्याय को प्रोत्साहन मिलता है।

CBSE परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु

  • विकास का अर्थ जीवन की गुणवत्ता में सुधार है।
  • सभी व्यक्तियों के विकास के लक्ष्य समान नहीं होते।
  • आय विकास का केवल एक संकेतक है।
  • शिक्षा, स्वास्थ्य, समानता और सुरक्षा भी विकास के महत्वपूर्ण आधार हैं।
  • विकास ऐसा होना चाहिए जिससे वर्तमान और भविष्य दोनों पीढ़ियों को लाभ मिले।

Chapter 1. विकास

Class 10 Economics Hindi Updated : 19 July 2026

अध्याय 1. विकास

आर्थिक विकास का आकलन केवल किसी देश की कुल आय से नहीं किया जा सकता। विभिन्न देशों की जनसंख्या अलग-अलग होती है, इसलिए उनकी तुलना करने के लिए प्रति व्यक्ति आय (औसत आय) का उपयोग किया जाता है। इसके साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और सार्वजनिक सुविधाएँ भी विकास के महत्वपूर्ण संकेतक हैं।

भाग 2 – प्रति व्यक्ति आय और विकास की तुलना

इस भाग में आय, प्रति व्यक्ति आय, देशों की तुलना तथा विकास मापने की सीमाओं का अध्ययन किया गया है।

विकास के संकेतक के रूप में आय

आय व्यक्ति की आवश्यकताओं की पूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, लेकिन केवल आय के आधार पर विकास का सही आकलन नहीं किया जा सकता।

(i) आय से भोजन, वस्त्र और आवास जैसी आवश्यकताएँ पूरी होती हैं।

(ii) अधिक आय होने से जीवन स्तर में सुधार हो सकता है।

(iii) समान आय वाले लोगों का जीवन स्तर अलग-अलग हो सकता है।

(iv) आय के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य भी आवश्यक हैं।

(v) विकास में भौतिक और अभौतिक दोनों प्रकार के लक्ष्य शामिल होते हैं।

प्रति व्यक्ति आय (औसत आय)

देशों की तुलना करने के लिए प्रति व्यक्ति आय का उपयोग किया जाता है। इसे औसत आय भी कहा जाता है।

(i) प्रति व्यक्ति आय = कुल आय ÷ कुल जनसंख्या।

(ii) यह प्रत्येक व्यक्ति की औसत आय को दर्शाती है।

(iii) इससे विभिन्न देशों और राज्यों की तुलना की जा सकती है।

(iv) विश्व बैंक देशों का वर्गीकरण प्रति व्यक्ति आय के आधार पर करता है।

(v) अधिक प्रति व्यक्ति आय वाले देशों को सामान्यतः अधिक विकसित माना जाता है।

प्रति व्यक्ति आय का महत्व

प्रति व्यक्ति आय देशों की आर्थिक स्थिति की तुलना करने का एक महत्वपूर्ण साधन है।

(i) यह कुल आय की अपेक्षा अधिक उपयुक्त संकेतक है।

(ii) अलग-अलग जनसंख्या वाले देशों की तुलना आसान होती है।

(iii) आर्थिक विकास का सामान्य अनुमान मिलता है।

(iv) सरकार को योजनाएँ बनाने में सहायता मिलती है।

(v) यह अंतरराष्ट्रीय तुलना के लिए व्यापक रूप से उपयोग की जाती है।

प्रति व्यक्ति आय की सीमाएँ

प्रति व्यक्ति आय विकास का पूर्ण मापदंड नहीं है।

(i) यह आय के असमान वितरण को नहीं दर्शाती।

(ii) इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का पता नहीं चलता।

(iii) यह शिक्षा के स्तर को नहीं मापती।

(iv) पर्यावरण की स्थिति का आकलन नहीं किया जा सकता।

(v) लोगों के जीवन की वास्तविक गुणवत्ता का पूरा चित्र प्रस्तुत नहीं करती।

देशों की तुलना

विकास की तुलना केवल आय के आधार पर नहीं, बल्कि अन्य सामाजिक संकेतकों के आधार पर भी की जाती है।

(i) जीवन प्रत्याशा स्वास्थ्य की स्थिति को दर्शाती है।

(ii) शिशु मृत्यु दर स्वास्थ्य सुविधाओं का महत्वपूर्ण संकेतक है।

(iii) साक्षरता दर शिक्षा के स्तर को दर्शाती है।

(iv) सार्वजनिक सुविधाएँ जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं।

(v) इन सभी संकेतकों को मिलाकर विकास का बेहतर आकलन किया जाता है।

विश्व बैंक की भूमिका

विश्व बैंक प्रति व्यक्ति आय के आधार पर देशों का वर्गीकरण करता है।

(i) यह विभिन्न देशों के आर्थिक आँकड़ों का अध्ययन करता है।

(ii) प्रति व्यक्ति आय के आधार पर देशों की तुलना करता है।

(iii) विकास से संबंधित रिपोर्ट प्रकाशित करता है।

(iv) सरकारों को आर्थिक नीतियाँ बनाने में सहायता मिलती है।

(v) यह विकास के आर्थिक पक्ष का आकलन करने में सहायक है।

CBSE परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु

(i) प्रति व्यक्ति आय = कुल आय ÷ कुल जनसंख्या।

(ii) देशों की तुलना के लिए प्रति व्यक्ति आय का उपयोग किया जाता है।

(iii) प्रति व्यक्ति आय आय के असमान वितरण को नहीं दर्शाती।

(iv) विकास का आकलन स्वास्थ्य, शिक्षा और सार्वजनिक सुविधाओं के आधार पर भी किया जाता है।

(v) केवल आय के आधार पर किसी देश के विकास का सही आकलन नहीं किया जा सकता।

पाठ - 2. भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक


प्रश्न 1. संगठित व असंगठित क्षेत्रकों में रोजगार की परिस्थितियों में अंतर का वर्णन कीजिए?

उत्तर -

संगठित क्षेत्र

(1) अधिक वेतन मिलना

(2) नौकरी सुरक्षित

(3) कार्य स्थिति अच्छी होती है

(4) काम के घंटे निश्चित

(4) काम के घन्टों की सीमा निर्धारित होती है।

(5) कर्मचारियों को योजना का लाभ

असंगठित क्षेत्र

(1) कम वेतन मिलना

(2) नौकरी सुरक्षित नहीं

(3) कार्य स्थिति निन्न होती है |

(4) काम के घन्टों की सीमा निर्धारित नहीं।

(5) इन्हें योजना का लाभ नहीं मिलता लाभ मिलता है।

प्रश्न 2. असंगठित क्षेत्रक में मजदूरों के समक्ष आने वाली समस्याओं का वर्णन कीजिए?

उत्तर -

(1) यह क्षेत्रक सरकारी नियम एवं विनियमों को नहीं मानता है।

(2) इसमें बहुत से लोग अपने-अपने छोटे कार्य सड़कों पर विक्रय करते है।

(3) निन्न वेतन मिलना

(4 ) मजदूरी तय नहीं होती तथा रोजगार भी नियमित नहीं होता।

(5) यहाँ अतिरिक्त समय में काम करने से वेतन छुट्टी अवकाश और बीमारी के कारण छुट्टी का प्रावधान नहीं।

(6) नौकरी असुरक्षित होती है।

प्रश्न 3. प्रच्छन्न (छुपी हुई) बेरोजगारी से क्या अभिप्राय है? ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से उदाहरण दीजिए जहां इस प्रकार की बेरोगारी है?

उत्तर -

(1) लोग प्रत्यक्षत कार्यरत होते है मगर वास्तव में बेरोजगार होते है। एक ही काम पर जरूरत से ज्यादा लोग लगे रहते है।

(2) यह सामान्यतः ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि क्षेत्रक में पाया जाता है।

(3) शहरी क्षेत्रों में एक दुकान को परिवार के चार सदस्य चलाते है जहाँ दो के कार्य की आवश्यकता है।

प्रश्न 4. राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम द्वारा भारत में रोजगार क्षेत्र की दशा में सुधार हेतु निभाई गई भूमिका का वर्णन कीजिए।

उत्तर -

(1) भारत सरकार ने काम के अधिकार लागू करने के लिए एक योजना बनाई है जिसे राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी अधिनियम खण्ड कहते है।

(2) सभी सक्षम लोग जिन्हें काम की जरूरत है।

(3) सरकार द्वारा वर्ष में 100 दिन के रोजगार की गारंटी।

प्रश्न 5. सार्वजनिक क्षेत्रक तथा निजी क्षेत्रक में अंतर लिखिए।

उत्तर -

सार्वजनिक क्षेत्रक

(1) अधिकांश परिसम्पतियों पर सरकार का नियंत्रण

(2) सभी सेवाएँ सरकार उपलब्ध के हाथों में होती है।

(3) सार्वजनिक क्षेत्र की गतिविधियाँ की जाती है।

(4) श्रमिक रोजगार सुरक्षित।

निजी क्षेत्रक

(1) निजी स्वामित्व

(2) एक व्यक्ति या कम्पनी कराती है।

(3) ये केवल लाभ कमाने के लिए पूरे देश में है।

(4) श्रमिकों का रोजगार असुरक्षित।

प्रश्न 6. राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी 2005 अधिनियम के तीन प्रावधान बताइए।

उत्तर -

(1) सरकार द्वारा वर्ष में 100 दिन के रोजगार की गारंटी।

(2) काम उपलब्ध न होने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता देना।

(3) ग्रामीण क्षेत्रों में वरीयता देना।

(4) भविष्य में भूमि से उत्पादन बढ़ाने में मदद करने वालो को मदद।

प्रश्न 7. प्राथमिक क्षेत्रक से आप क्या समझते है? इस क्षेत्रक के किन्ही चार गतिविधियों को सूची बद्ध करे।

उत्तर - (1) प्राकृतिक संसाधनों के प्रत्यक्ष उपयोग पर आधारित अनेक गतिविधियों को प्राथमिक क्षेत्रक होता है।

(2) इसमें प्राकृतिक वस्तु का उत्पादन होता है।

(3) उदाहरण- कृषि, डेयरी, मत्स्यन, वानिकी

प्रश्न 8. उदाहरणों की मदद से स्वामित्व के आधार पर क्षेत्रकों के मध्य अन्तर कीजिए?

उत्तर - सार्वजनिक क्षेत्रक- रेलवे, ओ. एन. जी. सी

निजी क्षेत्रक- रिलायंस, विपरो, इन्फोसिस

प्रश्न 9. क्या आप इस कथन से सहमत है कि असंगठित क्षेत्रों में कर्मचारी का शोषण किया जाता है। अपने उत्तर पक्ष में तीन तर्क प्रस्तुत कीजिए।

उत्तर - (1) असंगठित क्षेत्रक सरकारी नियंत्रण से बाहर है। इस क्षेत्रक के नियम और विनिमय तो है परन्तु उनका पालन नहीं होता।

(2) कम वेतन तथा प्राय: नियमित नहीं है।

(3) अतिरिक्त समय में काम करने, सवेतन, छुट्टी, अवकाश बीमारी के कारण छुट्टी का प्रावधान नहीं है।

(4) रोजगार सुरक्षित नहीं है। बिना किसी कारण से हटाया जा सकता है।

प्रश्न 10शहरी क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा करने की कोई तीन विधियाँ सुझाइए।

उत्तर - (1) क्षेत्रीय शिल्प उद्योग और सेवाओं को प्रोत्साहन देकर।

(2) पर्यटन उद्योग को प्रोत्साहन देकर।

(3) सरकार की नीतियाँ बदलकर

(4) मूलभूत सुविधाएँ ढाँचा विकास एवं कर्ज तथा तकनीकी सहायता देकर।

प्रश्न 11संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को प्राप्त होने वाले किन्हीं तीन लाभो का उल्लेख कीजिए?

उत्तर -

(1) रोजगार सुरक्षा का लाभ

(2) अतिरिक्त समय में काम का प्रावधान

(3) सवेतन छुट्टी, अवकाश काल में भुगतान, भविष्य निधि सेवानुदान आदि मिलते है।

(4) चिकित्सीय लाभ और पेंशन का प्रावधान

प्रश्न 12सकल घरेलु उत्पाद (जी. डी. पी.) किसे कहते है? भारत में इसे नापने का कार्य किस संगठन द्वारा किया जाता है?

उत्तर -

(1) सकल घरेलू उत्पाद किसी देश के भीतर किसी वर्ष में प्रत्येक क्षेत्रक द्वारा उत्पादित अन्तिम वस्तुओं और सेवाओं का मूल्य।

(2) उस वर्ष में क्षेत्रक के कुल उत्पादन की जानकारी प्रदान करता है।

(3) मापन का कार्य केन्द्र सरकार तथा राज्य सरकारें करती है।

प्रश्न 13भारत में तृतीयक क्षेत्रक को इतना महत्वपूर्ण बनाने के लिए उत्तरदायी किन्हीं तीन कारकों को बताइए ?

उत्तर - (1) अनेक सेवाओं- अस्पताल, शैक्षिक संस्थाएं, डाक एवं तार रक्षा, परिवहन आदि की आवश्यकता।

(2) कृषि एवं उद्योग के विकास हेतु अनेक सेवाओं की आवश्यकता होती है।

(3) जैसे-जैसे आय बढ़ती है। कुछ लोग अन्य कई सेवाओं की मांग शुरू कर देते है।

(4) कुछ नई सेवाएं जैसे संचार एवं प्रौद्योगिकी पर आधारित सेवाएं।

प्रश्न 14ग्रामीण भारत में रोजगार के अधिक अवसर उत्पन्न करने हेतु कोई चार सुझाव दीजिए?

उत्तर - (1) सिचांई की सुविधाओं को सुधारना चाहिए।

(2) शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार करना।

(3) ग्रामीण क्षेत्र में सुलभ, सस्ती और बेहतर परिवहन सेवाएं देकर कृषि और गैर कृषि को बढ़ावा देगी।

(4) कृषि आधारित उद्योगों, लघु उद्योग एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

प्रश्न 15तीव्र जनसंख्या वृद्धि किस प्रकार बेरोजगारी को प्रभावित करती है।

उत्तर -

1. रोजगार के अवसर जनसंख्या वृद्धि के अनुपात में नहीं बढ़ते है।

2. द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्र तीव्र गति के बढ़ रही जनसंख्या को पर्याप्त रोजगार के अवसर प्रदान नहीं कर पाते।

3. कृषि क्षेत्र में प्रच्छन्न बेरोजगारी बढ़ जाती है।

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