NCERT Solutions for Class 11 – Complete Chapter-wise Study Material

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Chapter 1. समय की शुरुआत से - Class 11 History Hindi NCERT Solutions

Chapter 1. समय की शुरुआत से

Class 11 History Hindi Updated : 06 March 2026

अध्याय समीक्षा 


मानव - 56 लाख वर्ष पहले पृथ्वी पर मानव का प्रादुर्भाव हुआ।

जीवाश्म - ‘जीवाश्म’ (Fossil) पुराने पौधे, जानवर या मानव के उन अवशेषों या छापों के लिए प्रयुक्त किया जाता है जो एक पत्थर के रूप में बदलकर अक्सर किसी चट्टान में समा जाते हैं और फिर लाखों सालों तक उसी रूप में पड़े रहते हैं।

प्रजाति- जीवों का एक ऐसा समूह होता है जिसके नर-मादा मिलकर बच्चे पैदा कर
सकते हैं और उनके बच्चे भी आगे प्रजनन करने मे समर्थ होते हैं।
ऑन दि ओरिजिन ऑफ स्पीशीज - चार्ल्स ड्रार्विन द्वारा लिखित पुस्तक।
प्राइमेट- स्तनपायी प्राणियो के एक अधिक बड़ा समूह है | इसमें वानर, लंगूर और मानव शामिल हैं।
आस्ट्रेलोपिथिकस - यह शब्द लैटिन भाषा के शब्द आस्ट्रल अर्थात् ‘दक्षिणी’ और यूनानी भाषा के शब्द पिथिकस अर्थात् वानर से मिलकर बना है।
‘जीनस’- इसके लिए हिन्दी मे ‘वंश' शब्द का प्रयोग किया जाता है।
होमिनॉइड - यह बन्दरों से कई तरह से भिन्न होते हैं, इनका शरीर बन्दरों से बड़ा होता है और इनकी पूछँ नहीं होती।

होमो - यह लैटिन भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ है आदमी, इसमे स्त्री-पुरुष दोनो शामिल हैं।
अपमार्जन - इसका अर्थ है त्यागी हुई वस्तुओं की सफाई करना या भक्षण करना। 

होमोनिड : ‘होमिनिड’ होमिनिडेइ (Hominidae) नामक परिवार के सदस्य होते हैं इस परिवार में सभी रूपों के मानव प्राणी शामिल हैं। होमिनिड समूह की अनेक विशेषताएँ हैं जैसे - मस्तिष्क का बड़ा आकार, पैरों के बल सीधे खड़े होने की क्षमता, दो पैरों के बल चलना, हाथ की विशेष क्षमता जिससे वह औजार बना सकता था और उनका इस्तेमाल कर सकता था।

आस्ट्रेलोपिथिकस - लातिनी भाषा के शब्द 'आस्ट्रल' जिसका अर्थ दक्षिणी और यूनानी भाषा के 'पिथिकस' का अर्थ है 'वानर' है से मिलकर बना है | यह नाम इसलिए दिया गया क्योंकि मानव के आध्य रूप में उसकी एप (वानर) अवस्था के अनेक लक्षण बरक़रार रहे | 

होमो प्रजाति के मनुष्यों को तीन वर्गों में वर्गीकृत किया गया है | 

1. होमो हैबिलिस - औजार बनाने वाले 

2. होमो एरेक्टस - सीधे खड़े होकर पैरो के बल चलने वाले 

3. होमो सेपियंस - प्राज्ञ या चिंतनशील मनुष्य

मानव विज्ञान : मानव विज्ञान एक ऐसा विषय है जिसमें मानव संस्कृति और मानव जीवविज्ञान के उविकासीय पक्षों का अध्ययन किया जाता है।

(i) क्षेत्रीय निरंतरता मॉडल (Continuity Model) : क्षेत्रीय निरंतरता मॉडल के अनुसार अनेक क्षेत्रों में अलग-अलग मनुष्यों की उत्पति हुई |  

(ii) प्रतिस्थापन मॉडल (Replacement Model) : इस मॉडल के अनुसार मनुष्य का उद्दभव एक ही स्थान अफ्रीका में हुआ | 

आस्ट्रेलोपिथिकस की खोज: आस्ट्रेलोपिथिकस की खोज सर्वप्रथम मैरी लिके (Mary Leakey) ने 17 जुलाई, 1959 को की थी।

शिल्पकृतियाँ (artefacts): मानव निखमत वस्तुएँ होती हैं। इनमें अनेक प्रकार की चीजें शामिल होती हैं जैसे - औजार, चित्रकारियाँ, मूर्तियाँ, उत्कीर्ण चित्रा आदि।

आल्टामीरा की गुफा की विशेषताएँ : आल्टामीरा स्पेन में स्थित एक गुफा-स्थल है | यह गुफा इसके छत पर बने चित्रकारियों के लिए प्रसिद्ध है | इसकी चित्रकारियों में रंग की बजाय किसी प्रकार की लेई (पेस्ट) का इस्तेमाल किया गया है | यह चित्रकारीयाँ बहुत ही पुरानी हैं परन्तु देखने में ये आधुनिक लगती है जिस पर पुरातत्वविद भी विश्वास नहीं कर पाते हैं |

संजाति वृत्त (Ethnography) : इसमें समकालीन नृजातीय समूहों का विश्लेषणात्मक अध्ययन होता है। इसमें उनके रहन-सहन, खान-पान आजीविका के साधन, प्रौद्योगिकी आदि की जाँच की जाती है। स्त्राी-पुरुष की भूमिका, कर्मकांड, रीति-रिवाज, राजनीतिक संस्थाओं और सामाजिक रूढि़यों का अध्ययन किया जाता है।

कृषि की खोज : कृषि की खोज  मानव इतिहास में प्रमुख निर्णायक अवस्था है | ऐसा भोजन की तलाश में हुआ था | 

शिकारी संग्राहक समाज - यह समाज शिकार करने के साथ-साथ आर्थिक क्रियाकलापों में लगे रहते थे | जैसे - जंगलों में पाई जाने वाली छोटी-छोटी चीजों का विनमय और व्यापार करना इत्यादि | 

अपमार्जन : इसका अर्थ है त्यागी हुई वस्तुओं की सफाई करना।

रसदखोरी: रसदखोरी का तात्पर्य भोजन की तलाश करने से है।

आल्टामीरा : यह गुफा-स्थल स्पेन में है | इस गुपफा की छत में जंगली बैल का रंगीन चित्र है | 

पुरातत्वविद् : प्राचीन काल की इतिहास की जानकारी रखने/प्राप्त करने वाले इतिहासकारों को पुरातत्वविद कहा जाता है |

औजारो का निर्माण : आदि मानव ने औजारां का प्रथम बार निर्माण करके अपने संगठनात्मक कौशल तथा स्मरण शक्ति का परिचय दिया।

Chapter 1. समय की शुरुआत से

Class 11 History Hindi Updated : 06 March 2026

Q1.  पृष्ठ 13 पर दिए गए सकारात्मक प्रतिपुष्टि व्यवस्था (Positive Feedback Mechanism) को दर्शाने वाले आरेख को देखिए। क्या आप उन निवेशों (inputs) की सूची दे सकते हैं जो औज़ारों के निर्माण में सहायक हुए? औज़ारों के निर्माण से किन-किन प्रक्रियाओं को बल मिला?

उत्तर:

(1)  दिए गए सकारात्मक प्रतिपुष्टि व्यवस्था, निम्नलिखित निवेश (Inputs) औजार निर्माण में सहायक हुए

(i) मस्तिष्क के आकार में वृद्धि हुई जिससे उसकी मस्तिष्क की क्षमता बढ़ी।

(ii) वस्तुओं को उठाने, औजारों को बनाने तथा उपयोग के लिए हाथ स्वतन्त्र (मुक्त) थे।

(iii) मानव अपने पैरों पर सीधा खड़ा होकर चलने लगा था।

(iv) आखेट और भोजन के लिए वह अब आसानी से इधर उधर जा सकता था।

(2)  औजारों के निर्माण में निम्नलिखित प्रक्रियाएँ आगे बढ़ीं

(i) मानव की कार्यक्षमता में वृद्धि हो गई।

(ii) मानव सरलता से आखेट करने लगा।

(iii) वह मांस के बड़े टुकड़ों को छोटे-छोटे आकार में कर सकता था, जिससे उसे खाने में सरलता होने लगी।

(iv) औजारों के उपयोग से उसने घर बनाना भी सीखा।

Q2. मानव और लंगूर तथा वानरों जैसे स्तनपायियों के व्यवहार तथा शरीर रचना में कुछ समानताएँ पाई जाती हैं। इससे यह संकेत  मिलता है कि संभवतः मानव का क्रमिक विकास वानरों से हुआ।

(क) व्यवहार और

(ख) शरीर रचना शीर्षकों के अंतर्गत दो अलग-अलग स्तंभ बनाइए और उन समानताओं की सूची दीजिए।

दोनों के  बीच पाए जाने वाले उन अंतरों का भी उल्लेख कीजिए जिन्हें आप महन्वपूर्ण समझते हैं?

उत्तर: मानव और लंगूर तथा वानर जैसे स्तनपायियों के व्यवहार तथा शारीरिक रचना में बहुत कुछ समानताएँ पायी जाती है | इससे यह संकेत मिलता है कि संभवतः इनका पूर्वज एक हो या मानव का क्रमिक विकास वानरों से हुआ है |

व्यवहार तथा शारीरिक रचना के अंतर्गत निम्नलिखित विशेषताएँ पायी जाती है |

1. व्यवहार में समानताएँ:

(i) मानव, लंगूर और वानर ये तीनों ‘प्राइमेट’ स्तनपायी प्राणियों के एक अधिक बड़े समूह के अन्तर्गत एक समूह है।

(ii) ये तीनों अपनी सन्तानों से प्यार करते हैं और स्तनपान कराती हैं ।

(iii) तीनों चलते समय पैरों और हाथों का उपयोग करते हैं।

(iv) तीनों ही प्रजनन द्वारा सन्तान को जन्म देते हैं।

(v) अपना और अपने बच्चों की सुरक्षा का ध्यान रखते हैं।

2. शारीरिक रचना में समानताएँ :

(i) मानव, वानर व लंगूर तीनों के शरीर पर बाल पाए जाते हैं |

(ii) सन्तान जन्म लेने से पूर्व अपेक्षाकृत लंबे समय तक माता के गर्भ में पलती है।

(iii) तीनों में स्तनपायी ग्रन्थियाँ पाई जाती हैं।

3. मानव, लंगूर तथा वानर में अन्तर

(i) तीनों की खोपड़ियों की रचना में बड़ा अन्तर है।

(ii) तीनों के दाँत भी भिन्न प्रकार के होते हैं।

Q3. मानव उद्भव के क्षेत्रीय निरतंरता मॉडल के पक्ष में दिए गए तर्कों पर चर्चा कीजिए। क्या आपके विचार से यह मॉडल पुरातान्विक साक्ष्य का युक्तियुक्त स्पष्टीकरण देता है?

उत्तर: क्षेत्रीय निरंतरता मॉडल के अनुसार अनेक क्षेत्रों में अलग-अलग मनुष्यों की उत्पति हुई | विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले होमो सेपियंस का आधुनिक मानव के रूप में विकास धीरे-धीरे अलग-अलग रफ़्तार से हुआ | परिणामत: इस मॉडल के अनुसार ऐसा माना जाता है कि आधुनिक मानव दुनिया के भिन्न-भिन्न स्थानों में विभिन्न रूपों में दिखाई दिया | 

मानव उद्भव के क्षेत्रीय निरन्तरता मॉडल के पक्ष में निम्नलिखित तर्क दिए गए हैं :

(i) आधुनिक सभ्य मानवों में सर्वत्र शारीरिक और आनुवंशिक समरूपता पाई जाती है। इस समरूपता का कारण क्षेत्रीय निरन्तरता है।

(ii) सभी आधुनिक सभ्य मानवों के पूर्वज एक ही क्षेत्र अर्थात् अफ्रीका में उत्पन्न हुए थे और वहीं से अन्य स्थानों पर गए।

(iii) आधुनिक मानव के जो जीवाश्म इथोपिया में मिले हैं उनसे इनकी पुष्टि होती है।

(iv) आधुनिक सभ्य समाज में जो शारीरिक भिन्नताएँ दिखाई देती हैं उसका कारण उन लोगों का , परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को तैयार करना है। इस प्रकार क्षेत्रीय निरन्तरता मॉडल पुरातात्त्विक साक्ष्य का सही-सही स्पष्टीकरण देता है। जिसकी पुष्टि पुरातात्त्विक साक्ष्य भी करते हैं।

Q4. इनमें से कौन-सी क्रिया के साक्ष्य व प्रमाण पुरातान्विक अभिलेख में सर्वाधिक मिलते हैं :
(क) संग्रहण, (ख) औज़ार बनाना, (ग) आग का प्रयोग।

उत्तर: (ख) औजार बनाना

संग्रहण, आग का प्रयोग और औजार बनाने में से औजार बनाने के साक्ष्य और प्रमाण पुरातात्विक अभिलेखों में सर्वाधिक पाए जाते हैं | पत्थर के औजार बनाने और उनका इस्तेमाल किए जाने का सबसे प्राचीन साक्ष्य इथियोपिया और केन्या के पुरा-स्थलों से प्राप्त होता है। यह संभव है कि आस्ट्रेलोपिथिकस ने सबसे पहले पत्थर के औजार बनाए थे। लगभग 35,000 वर्ष पहले जानवरों को मारने के तरीकों में सुधार हुआ।

Q5. भाषा के  प्रयोग से (क) शिकार करने और (ख) आश्रय बनाने के काम में कितनी मदद मिली होगी? इस पर चर्चा करिए। इन क्रियाकलापों के  लिए विचार-संप्रेषण के अन्य किन तरीकों का इस्तेमाल किया जा सकता था?

उत्तर: शिकार करने और आश्रय या घर बनाने के कार्य में भाषा के प्रयोग से मानव को बहुत सुविधा प्राप्त हुई होगी। भाषा-विचार सम्प्रेषण का सर्वाधिक सशक्त माध्यम है। पहले भाषा का रूप हाव-भाव थे। होमोनिड भाषा में हाव-भाव या हाथों का संचालन सम्मिलित था। उच्चारित भाषा से पूर्व मौखिक या अशाब्दिक संचार का प्रयोग किया जाता था। मानव की वाणी का प्रारम्भ सम्भवतया प्राइमेट्स में पाए जाने वाले बुलावों की क्रिया से हुआ। प्रारम्भिक मानव एक-दूसरे को भाषा के माध्यम से शिकार का स्थान और उसका प्रकार बताता होगा। यही नहीं, शिकार किस प्रकार किया जाए, इसकी भी जानकारी प्राप्त करता होगा। कुछ पुरातत्त्वशास्त्रियों का विचार है कि भाषा, कला के साथ-साथ 40000-35000 वर्ष पूर्व विकसित हुई उच्चारित भाषा का विकास कला के साथ निकटतापूर्वक जुड़ा है। इसी कला के माध्यम से मानव को आश्रय या घर की सुविधा के विषय में ज्ञान प्राप्त हुआ होगा। घर बनाने की तकनीक, इसमें प्रयुक्त होने वाली सामग्री की जानकारी भी एक-दूसरे से भाषा के माध्यम से ही प्राप्त हुई होगी। विचार सम्प्रेषण केअन्य तरीकों के रूप में नृत्य, हाव-भाव का प्रदर्शन, चित्रकारी करना, रेखाएँ खींचना, लक्ष्य दिखाना आदि का प्रयोग किया जाता रहा होगा।

Q6. अध्याय के  अंत में दिए गए प्रत्येक कालानुक्रम में से किन्हीं दो घटनाओं को चुनिए और यह बताइये

कि इनका क्या महत्त्व है?

उत्तर: अध्याय के अन्त में दिए युए कालानुक्रम प्रथम की दो सम्मुख घटनाओं का वर्णन इस प्रकार है

(i) आस्ट्रेलोपिथेकस : आस्ट्रेलोपिथिकस नाम लातिनी भाषा के शब्द ‘आस्ट्रेल’ अर्थात् दक्षिणी और यूनानी भाषा के शब्द ‘पिथिक्स’ यानी ‘वानर’ से मिलकर बना है। यह नाम इसलिए ‘दिया गया, क्योंकि मानव के आदिकालीन रूप में उसकी वानर अवस्था के अनेक लक्षण विद्यमान रहे।  56 लाख वर्ष पूर्व आस्ट्रेलोपिथिकस का उद्भव हुआ था। इसके मस्तिष्क का आकार होमो की अपेक्षा बड़ा था। जबंड़े अधिक भारी थे। दाँत भी बड़े थे। लगभग 25 लाख वर्ष पहले, ध्रुवीय हिमाच्छादन से (हिम युग के प्रारंभ में) जब पृथ्वी के बड़े-बड़े भाग बर्फ से ढक गए तो जलवायु तथा वनस्पति की स्थिति में बड़े-बड़े परिवर्तन आए। तापमान और वर्षा में कमी हो जाने के कारण, जंगल कम हो गए। और घास के मैदानों का क्षेत्रफल बढ़ गया जिसके परिणामस्वरूप आस्ट्रेलोपिथिकस के प्रारंभिक रूप (जो जंगलों में रहने के आदी थे) धीरे-धीरे लुप्त हो गए |

(ii) होमोसेपियन्स : होमोसैपियन्स अथवा आधुनिक मानव जो बुद्धिमान, प्रज्ञा तथा चिन्तनशील कहलाता है। होमो सेपियंस 1.9 लाख वर्ष से 1.6 लाख वर्ष पूर्व के हैं।

कालानुक्रम द्वितीय की दो घटनाएँ निम्नलिखित हैं

1. स्वरतन्त्र का विकास : स्वरतन्त्र का सम्बन्ध बोली जाने वाली भाषा से है। पुरातत्त्वविदों का विचार है कि होमोबिलस के मस्तिष्क में कुछ ऐसी विशेषताएँ रही होंगी, जिनके कारण वे बोल सके होंगे। स्वरतन्त्र का विकास भी भाषा की उत्पत्ति में महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है। स्वरतन्त्र का विकास लगभग 2 लाख वर्ष पूर्व हुआ। वास्तव में इसका सम्बन्ध आधुनिक मानवों से रहा है।

2. चूल्हों के इस्तेमाल के बारे में पहला साक्ष्य (1,25,000 लाख वर्ष पूर्व) :
1,25,000 वर्ष । पूर्व गुफाओं तथा खुले निवास क्षेत्र का प्रचलन प्रारम्भ हो गया था। इसके प्रमाण यूरोप के पुरास्थलों से मिलते हैं। दक्षिण फ्रांस में स्थित लेजरेट गुफा की दीवार को 12×4 मीटर आकार के एक निवास स्थान से सटाकर बनाया गया है। इसके अन्दर दो चूल्हे मिले हैं। चूल्हे आग के नियन्त्रित प्रयोग के परिचायक हैं। इसके कई लाभ थे। नियन्त्रित आग का प्रयोग गुफाओं के अन्दर प्रकाश और उष्णता मिलने में सहायक होता था। इससे भोजन भी पकाया जाता था। आग का प्रयोग खतरनाक जानवरों को भगाने में भी किया जाता रहा होगा।

Chapter 1. समय की शुरुआत से

Class 11 History Hindi Updated : 06 March 2026

अतिरिक्त प्रश्नोत्तर


प्रश्न 1: जीवाश्म से आप क्या समझते हैं? 

उत्तर: जीवाश्म’ (Fossil) पुराने पौधे, जानवर या मानव के उन अवशेषों या छापों के लिए प्रयुक्त किया जाता है जो एक पत्थर के रूप में बदलकर अक्सर किसी चट्टान में समा जाते हैं और फिर लाखों सालों तक उसी रूप में पड़े रहते हैं।

प्रश्न 2: प्रजाति किसे कहते हैं ?

उत्तर: जीवों का एक ऐसा समूह होता है जिसके नर-मादा मिलकर बच्चे पैदा कर सकते हैं और उनके बच्चे भी आगे प्रजनन करने मे समर्थ होते हैं।

प्रश्न 3: चार्ल्स डार्विन द्वारा लिखित पुस्तक का नाम बताइए | 

उत्तर: ऑन दि ओरिजिन ऑफ स्पीशीज |

प्रश्न 4: प्राइमेट किसे कहते हैं ? 

उत्तर: स्तनपायी प्राणियो के एक अधिक बड़ा समूह है | इसमें वानर, लंगूर और मानव शामिल हैं।

प्रश्न 5: प्रारम्भ में मानव ने अपना भोजन किस प्रकार प्राप्त किया?
उत्तर : प्रारम्भ में मानव ने अपना भोजन जानवरों का शिकार करके, भोजन की तलाश करके अंथवा वृक्षों से प्राप्त कंद-मूल से प्राप्त किया।

प्रश्न 6: प्रारम्भिक मानव इतिहास को समझने में हमारी सहायता करने वाले कारकों का नाम लिखिए | 

उत्तर : निम्नलिखित कारक प्रारम्भिक मानव इतिहास को समझने में हमारी सहायता करते हैं

1. जीवाश्म,

2. पत्थर के औजार,

3. गुफाओं की चित्रकारी।

प्रश्न 7: आस्ट्रेलोपिथिकस शब्द से आप क्या समझते हैं? 

उत्तर : यह शब्द लैटिन भाषा के शब्द आस्ट्रल अर्थात् ‘दक्षिणी’ और यूनानी भाषा के शब्द पिथिकस अर्थात् वानर से मिलकर बना है।

प्रश्न 8: मानव विज्ञान के अध्ययन के विषय क्या हैं?
उत्तर : मानव विज्ञान एक ऐसा विषय है जिसमें मानव संस्कृति और मानव जीवविज्ञान के उविकासीय पक्षों का अध्ययन किया जाता है।

प्रश्न 9: आस्ट्रेलोपिथिकस की खोज किसने की?
उत्तर : आस्ट्रेलोपिथिकस की खोज सर्वप्रथम मैरी लिके (Mary Leakey) ने 17 जुलाई, 1959 को की थी।

प्रश्न 10:  होमिनॉइड कौन होते थे ?

उत्तर:  यह बन्दरों से कई तरह से भिन्न होते हैं, इनका शरीर बन्दरों से बड़ा होता है और इनकी पूछँ नहीं होती।

प्रश्न 11: नृवंशशास्त्र (Ethnography) शास्त्र के अध्ययन का विषय क्या है?
उत्तर : नृवंशशास्त्र के अध्ययन का विषय समकालीन नृजातीय समूहों का विश्लेषणात्मक अध्ययन होता है। इसमें उनके रहन-सहन, खान-पान, आजीविका के साधन, प्रौद्योगिकी आदि की जाँच की जाती है।

प्रश्न 12: प्रजातियों का वर्गीकरण कैसे किया गया है?
उत्तर : आदिकालीन मानवों के अवशेषों को भिन्न-भिन्न प्रजातियों में वर्गीकृत किया गया है। इन प्रजातियों को अक्सर उनकी हड्डियों की रचना में पाए जाने वाले अन्तरों के आधार पर एक-दूसरे से । अलग किया जाता है।

प्रश्न 13: होमो शब्द से आप क्या समझते है ? 

उत्तर : यह लैटिन भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ है आदमी, इसमे स्त्री-पुरुष दोनो शामिल हैं। अपमार्जन - इसका अर्थ है त्यागी हुई वस्तुओं की सफाई करना या भक्षण करना। 

प्रश्न 14: पत्थर के औजार बनाने तथा प्रयोग करने के प्रारम्भिक साक्ष्य हमें कहाँ मिले?
उत्तर : पत्थर के औजार बनाने तथा प्रयोग करने के प्रारम्भिक साक्ष्य हमें अफ्रीका महाद्वीप के इथियोपिया तथा कार्निया में मिले हैं।

प्रश्न 15: होमो प्रजातियों का उदभव स्थलों का नाम बताइए |

उत्तर: होमो हैबिलिस के जीवाश्म इथियोपिया में ओमो (Omo) और तंशानिया में ओल्डुवई गोर्ज

(Olduvai Gorge) से प्राप्त किए गए हैं। होमो एरेक्टस के प्राचीनतम जीवाश्म अफ्रीका और एशिया दोनों महाद्वीपों में पाए गए हैं, यथा- कूबीफोरा (Koobi Fora) और पश्चिमी तुर्काना, केन्या, मोड़ जोकर्तो (Mod Jokerto) और संगीरन (Sangiran), जावा।

प्रश्न 16: आधुनिक मानव के उत्पन्न होने के दो मत कौन-कौन से है ? 

उत्तर: 

(i) क्षेत्रीय निरंतरता मॉडल (Continuity Model) 

(ii) प्रतिस्थापन मॉडल (Replacement Model)

प्रश्न 17: हिमयुग का प्रारंभ कब माना जाता है ? 

उत्तर: हिमयुग का आरंभ लगभग 25 लाख वर्ष पहले, ध्रुवीय हिमाच्छादन से हुआ था | इसमें पृथ्वी के बड़े-बड़े भाग बर्फ से ढक गए | इससे जलवायु तथा वनस्पति की स्थिति में बड़े-बड़े परिवर्तन आए | तापमान और वर्षा में कमी हो जाने के कारण, जंगल कम हो गए और घास का मैदानों का क्षेत्रफल बढ़ गया | 

प्रश्न 18: हिमयुग का अंत कब हुआ?

उत्तर: लगभग तेरह हजार वर्ष पहले अंतिम हिमयुग का अंत हो गया | जिससे मनुष्यों में अनेक परिवर्तन आए | जैसे - खेती करना, पशुपालन इत्यादि | 

प्रश्न 19: ओल्डवर्ड गोर्ज क्यों प्रसिद्ध है?
उत्तर : ओल्डवर्ड गोर्ज से आदिकालीन मानव के अनेक अवशेष मिले हैं, इसलिए यह प्रसिद्ध है।

प्रश्न 20 गुफाओं में चित्रकारी क्यों की जाती थी?

उत्तर : गुफाओं में चित्रकारी निम्नलिखित कारणों से की जाती थी |

1. शिकार करने में सफलता प्राप्त करने पर।

2. गुफाएँ संगमस्थल थीं जहाँ लोगों के छोटे-छोटे समूह मिलते थे।

प्रश्न 21: हदज़ा जनसमूह कहाँ पाए जाते हैं ? 

उत्तर: हदज़ा शिकारियों तथा संग्राहकों का एक छोटा समूह है जो ‘लेक इयासी’ एक खारे पानी की विभ्रंश घाटी में बनी झील के आसपास रहते हैं।

प्रश्न 22: शिकारी संग्राहक समाज के जीविका का प्रमुख स्रोत क्या था ? 

उत्तर : यह समाज शिकार करने के साथ-साथ आर्थिक क्रियाकलापों में लगे रहते थे | जैसे - जंगलों में पाई जाने वाली छोटी-छोटी चीजों का विनमय और व्यापार करना इत्यादि | 

प्रश्न 21: भाषा की उत्पत्ति कब हुई?
उत्तर : ऐसा माना जाता है होमो हैबिलिस के मस्तिष्क में कुछ ऐसी विशेषताएँ थी जिनके कारण उनके लिए बोलना संभव हुआ होगा | भाषा का विकास सबसे पहले 20 लाख वर्ष पूर्व हुआ | स्वर-तंत्र का विकास लगभग दो लाख वर्ष पहले हुआ | इसका संबंध खास तौर से आधुनिक मानव से है | 

 

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