NCERT Solutions for Class 9 – Complete Chapter-wise Study Material
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वायुमंडल और जलवायु - Class 9 Social Science Hindi NCERT Solutions
वायुमंडल और जलवायु
Chapter Review (अध्याय-समीक्षा)
अध्याय 3. वायुमंडल और जलवायु
अध्याय समीक्षा
वायुमंडल का परिचय: पृथ्वी को चारों ओर से घेरने वाले वायु के आवरण को वायुमंडल कहते हैं। यह विभिन्न गैसों का मिश्रण है और पृथ्वी पर सभी जीवों के अस्तित्व के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण वायुमंडल को पृथ्वी के चारों ओर बनाए रखता है। वायुमंडल सूर्य से आने वाले हानिकारक विकिरण, जिसमें पराबैंगनी विकिरण भी शामिल है, से पृथ्वी की रक्षा करता है। यह सूर्य की कुछ ऊर्जा को रोककर पृथ्वी के तापमान को नियंत्रित करने में भी सहायता करता है। वायुमंडल पृथ्वी के मौसम और जलवायु तंत्र का एक महत्वपूर्ण घटक है।
वायुमंडल की संरचना: वायुमंडल विभिन्न गैसों से मिलकर बना है। इसमें नाइट्रोजन और ऑक्सीजन सबसे अधिक मात्रा में पाई जाने वाली गैसें हैं। इनके अतिरिक्त कार्बन डाइऑक्साइड, आर्गन, हीलियम, निऑन, क्रिप्टॉन, जेनॉन, ओजोन और हाइड्रोजन जैसी गैसें कम मात्रा में उपस्थित होती हैं। वायुमंडल में जलवाष्प तथा सूक्ष्म धूल के कण भी पाए जाते हैं। जलवाष्प की मात्रा सामान्यतः 0.1% से 0.4% तक होती है और यह बादलों के निर्माण तथा वर्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऊँचाई के साथ वायुमंडल की संरचना में भी परिवर्तन हो सकता है।
वायुमंडल में गैसों का प्रतिशत:
- नाइट्रोजन: 78%
- ऑक्सीजन: 21%
- आर्गन: 0.93%
- कार्बन डाइऑक्साइड: 0.04%
- अन्य गैसें: 0.03%
वायुमंडल की परतें: वायुमंडल की एक परतदार संरचना है। इन परतों का निर्धारण ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान और वायु के घनत्व में होने वाले परिवर्तनों के आधार पर किया जाता है। पृथ्वी की सतह के निकट वायु का घनत्व सबसे अधिक होता है और ऊँचाई बढ़ने के साथ यह घटता जाता है। वायुमंडल की पाँच प्रमुख परतें हैं—क्षोभमंडल, समतापमंडल, मध्यमंडल, तापमंडल और बहिर्मंडल।
1. क्षोभमंडल: क्षोभमंडल वायुमंडल की सबसे निचली तथा महत्वपूर्ण परत है। इसकी औसत ऊँचाई लगभग 12 किलोमीटर है। इस परत में ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान घटता जाता है। हम जिस वायु में साँस लेते हैं, उसका अधिकांश भाग इसी परत में पाया जाता है। अधिकांश जलवाष्प और बादल भी इसी परत में उपस्थित होते हैं। वर्षा, कोहरा और ओले जैसी लगभग सभी मौसम संबंधी घटनाएँ इसी परत में होती हैं। क्षोभमंडल और समतापमंडल के बीच की संक्रमण सीमा को क्षोभसीमा (Tropopause) कहा जाता है।
2. समतापमंडल: समतापमंडल क्षोभमंडल के ऊपर स्थित है और लगभग 50 किलोमीटर की ऊँचाई तक फैला हुआ है। यह परत बादलों और अन्य मौसम संबंधी अशांतियों से अपेक्षाकृत मुक्त होती है, इसलिए विमान उड़ाने के लिए उपयुक्त मानी जाती है। इस परत की एक महत्वपूर्ण विशेषता ओजोन परत है। ओजोन सूर्य से आने वाले हानिकारक विकिरण, विशेष रूप से पराबैंगनी विकिरण, को अवशोषित करके पृथ्वी पर जीवन की रक्षा करती है। समतापमंडल और मध्यमंडल के बीच की सीमा को समतापसीमा (Stratopause) कहा जाता है।
3. मध्यमंडल: मध्यमंडल समतापमंडल के ऊपर स्थित तीसरी प्रमुख परत है और लगभग 80 किलोमीटर की ऊँचाई तक फैली है। इस परत में ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान घटता जाता है। अंतरिक्ष से पृथ्वी की ओर आने वाले अधिकांश उल्कापिंड इसी परत में जलकर नष्ट हो जाते हैं।
4. तापमंडल: तापमंडल लगभग 80 से 700 किलोमीटर की ऊँचाई तक फैला हुआ है। इस परत में ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान बहुत तेजी से बढ़ता है। यहाँ गैस के अणु सूर्य से आने वाली एक्स-किरणों और छोटी तरंगदैर्ध्य वाली पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करते हैं। तापमंडल का एक भाग आयनमंडल (Ionosphere) कहलाता है। यह रेडियो तरंगों के संचार में सहायता करता है। उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों के निकट दिखाई देने वाली रंगीन प्रकाशीय घटनाएँ, जिन्हें ऑरोरा कहा जाता है, भी तापमंडल में होती हैं। उत्तरी गोलार्ध में इसे ऑरोरा बोरेलिस और दक्षिणी गोलार्ध में ऑरोरा ऑस्ट्रेलिस कहा जाता है।
5. बहिर्मंडल: बहिर्मंडल वायुमंडल की सबसे ऊपरी परत है। यहाँ वायु अत्यंत विरल होती है। कमजोर गुरुत्वाकर्षण के कारण हीलियम और हाइड्रोजन जैसी हल्की गैसें इस परत से अंतरिक्ष की ओर चली जाती हैं।
वायुमंडलीय दाब का अनुभव क्यों नहीं होता: वायु हमारे शरीर पर चारों ओर से दाब डालती है। हमारे शरीर के अंदर का दाब भी बाहरी वायुमंडलीय दाब के बराबर होता है। इसलिए शरीर के अंदर और बाहर के दाब एक-दूसरे को संतुलित कर देते हैं और हमें वायुमंडलीय दाब का अनुभव नहीं होता।
मौसम और जलवायु: किसी स्थान की घंटे-घंटे या दिन-प्रतिदिन की वायुमंडलीय दशाओं को मौसम कहते हैं। मौसम में बहुत कम समय में भी परिवर्तन हो सकता है। इसके विपरीत किसी बड़े क्षेत्र की लंबे समय की औसत मौसम दशाओं तथा उनमें होने वाले परिवर्तनों को जलवायु कहते हैं। जलवायु का अध्ययन सामान्यतः 30 वर्ष या उससे अधिक की अवधि के आधार पर किया जाता है।
मौसम और जलवायु के प्रमुख तत्व: तापमान, वर्षण, आर्द्रता, पवन और वायुमंडलीय दाब मौसम तथा जलवायु को प्रभावित करने वाले प्रमुख तत्व हैं।
तापमान: वायुमंडल का तापमान दिन और रात तथा विभिन्न ऋतुओं में बदलता रहता है। तापमान के वितरण को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण कारक सूर्यातप (Insolation) है। भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर सूर्यातप की मात्रा घटती जाती है। इसलिए सामान्यतः भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर तापमान भी घटता जाता है।
आर्द्रता: भूमि और विभिन्न जल स्रोतों से पानी वाष्पित होकर जलवाष्प में बदलता है। वायु में जलवाष्प की उपस्थिति को आर्द्रता कहा जाता है। गर्म वायु अधिक जलवाष्प धारण कर सकती है। अधिक आर्द्रता वाले दिनों में कपड़े देर से सूखते हैं और पसीना धीरे-धीरे वाष्पित होता है, जिससे अधिक असुविधा महसूस होती है।
वर्षण: जब वायुमंडल का कोई भाग जलवाष्प से संतृप्त हो जाता है और जलवाष्प संघनित होकर गुरुत्वाकर्षण के कारण पृथ्वी पर गिरती है, तो इसे वर्षण कहते हैं। वर्षण में बूंदाबांदी, वर्षा, हिमपात, ओले तथा अन्य रूप शामिल हो सकते हैं। वर्षण को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में प्रचलित पवनें, पर्वत और ऋतुएँ शामिल हैं। जब वर्षण तरल रूप में पृथ्वी पर गिरता है तो उसे वर्षा कहते हैं। लंबे समय तक वर्षा न होने से शुष्क जलवायु उत्पन्न हो सकती है और वर्षा जल भूजल के पुनर्भरण का प्रमुख स्रोत है।
वायुमंडलीय दाब: पृथ्वी की सतह पर वायु के भार द्वारा लगाए गए दबाव को वायुमंडलीय दाब कहते हैं। ऊँचाई बढ़ने के साथ वायुमंडलीय दाब तेजी से घटता है। समुद्र तल पर दाब सबसे अधिक होता है। किसी स्थान पर वायु का तापमान भी वायुदाब के वितरण को प्रभावित करता है। गर्म वायु फैलकर ऊपर उठती है और निम्न दाब का क्षेत्र बनाती है। निम्न दाब सामान्यतः बादलों और नम मौसम से जुड़ा होता है। ठंडी वायु भारी होकर नीचे बैठती है और उच्च दाब का क्षेत्र बनाती है। उच्च दाब सामान्यतः साफ और धूप वाले मौसम से जुड़ा होता है।
पवन: उच्च वायुदाब वाले क्षेत्र से निम्न वायुदाब वाले क्षेत्र की ओर वायु की गति को पवन कहते हैं। पवन हल्की भी हो सकती है और बहुत तेज भी। पवनों का नाम सामान्यतः उस दिशा के आधार पर रखा जाता है, जहाँ से वे चलती हैं। उदाहरण के लिए पश्चिम से चलने वाली पवन को पश्चिमी पवन कहा जाता है।
स्थानीय पवनें: स्थल समीर और समुद्री समीर जैसी स्थानीय पवनें भी किसी स्थान के मौसम और जलवायु को प्रभावित करती हैं। ये तटीय क्षेत्रों में जलवायु को अपेक्षाकृत सम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
स्थल समीर: रात के समय स्थल समुद्र की तुलना में तेजी से ठंडा होता है। इसलिए रात में पवन स्थल से समुद्र की ओर बहती है। इसे स्थल समीर कहते हैं।
समुद्री समीर: दिन के समय, विशेषकर दोपहर में, स्थल समुद्र की तुलना में अधिक गर्म हो जाता है। स्थल पर निम्न दाब का क्षेत्र बनता है और समुद्र से स्थल की ओर पवन चलती है। इसे समुद्री समीर कहते हैं।
ऋतुएँ: मौसम की सामान्य मासिक दशाओं के आधार पर वर्ष को विभिन्न ऋतुओं में बाँटा जाता है। भारत की जलवायु को व्यापक रूप से उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु माना जाता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने भारत में चार प्रमुख ऋतुओं को मान्यता दी है।
- शीत ऋतु: सामान्यतः दिसंबर से अप्रैल के आरंभ तक रहती है। दिसंबर और जनवरी उत्तर-पश्चिम भारत में सबसे ठंडे महीने होते हैं।
- ग्रीष्म या मानसून-पूर्व ऋतु: सामान्यतः अप्रैल से जून तक रहती है और उत्तर-पश्चिम भारत में जुलाई तक भी रह सकती है। अधिकांश आंतरिक भारत में औसत तापमान लगभग 32°C से 40°C तक रहता है।
- मानसून या वर्षा ऋतु: सामान्यतः जून से सितंबर तक रहती है। इस समय दक्षिण-पश्चिमी ग्रीष्म मानसून देश में वर्षा लाता है।
- मानसूनोत्तर या लौटता मानसून: अक्टूबर से दिसंबर तक रहता है। इस अवधि में उत्तर-पश्चिम भारत में अक्टूबर और नवंबर सामान्यतः बादल रहित होते हैं, जबकि दक्षिण भारत के कुछ भागों में वर्षा होती है।
हिमालयी राज्य अपेक्षाकृत समशीतोष्ण होने के कारण दो अतिरिक्त ऋतुओं—शरद और वसंत—का अनुभव करते हैं। परंपरागत भारतीय व्यवस्था में छह ऋतुओं का उल्लेख मिलता है—वसंत, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, हेमंत और शिशिर।
मानसून: भारत की जलवायु पर मानसूनी पवनों का बहुत गहरा प्रभाव है। मानसून शब्द अरबी शब्द ‘मौसिम’ से निकला है, जिसका अर्थ ऋतु है। मानसून का अर्थ वर्ष के दौरान पवनों की दिशा में होने वाला मौसमी परिवर्तन है। भारत में मानसूनी पवनों को मुख्यतः दक्षिण-पश्चिम मानसून और उत्तर-पूर्व मानसून में बाँटा जाता है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून: दक्षिण-पश्चिम मानसून को ग्रीष्म मानसून भी कहा जाता है। यह सामान्यतः जून से सितंबर के बीच सक्रिय रहता है। गर्मियों में भारतीय स्थलभाग आसपास के समुद्रों की तुलना में तेजी से गर्म होता है। इससे भारतीय उपमहाद्वीप पर निम्न दाब और आसपास के महासागरीय क्षेत्रों पर अपेक्षाकृत उच्च दाब बनता है। वायु उच्च दाब से निम्न दाब की ओर चलती है। इसलिए समुद्र से नमी वाली हवाएँ स्थल की ओर आती हैं और वर्षा कराती हैं। देश की अधिकांश वार्षिक वर्षा दक्षिण-पश्चिम मानसून से प्राप्त होती है।
उत्तर-पूर्व मानसून: उत्तर-पूर्व या शीतकालीन मानसून अक्टूबर से फरवरी के बीच भारत में सक्रिय होता है। इस समय भारतीय स्थलभाग आसपास के समुद्रों की तुलना में तेजी से ठंडा हो जाता है। इससे स्थल पर उच्च दाब और समुद्र के ऊपर अपेक्षाकृत निम्न दाब बनता है। परिणामस्वरूप ठंडी और शुष्क हवाएँ स्थल से समुद्र की ओर बहती हैं। ये हवाएँ अधिकांश भारत में सामान्यतः वर्षा नहीं करातीं। लेकिन जब उत्तर-पूर्वी मानसूनी हवाएँ बंगाल की खाड़ी के ऊपर से गुजरती हैं, तो वे नमी ग्रहण कर लेती हैं और भारत के पूर्वी तट पर वर्षा कराती हैं। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कुछ भाग इस वर्षा से विशेष रूप से प्रभावित होते हैं।
मानसून का जनजीवन पर प्रभाव: भारत में कृषि का एक बड़ा भाग मानसूनी वर्षा पर निर्भर करता है। किसान फसलों की बुआई और वृद्धि के लिए वर्षा पर निर्भर रहते हैं। अच्छा मानसून पर्याप्त खाद्य उत्पादन तथा नदियों, जलाशयों और कुओं में जल उपलब्धता सुनिश्चित करने में सहायता करता है। मानसून दैनिक जीवन, परिवहन, त्योहारों और विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को भी प्रभावित करता है। अत्यधिक वर्षा से बाढ़ आ सकती है, जबकि कमजोर मानसून सूखे का कारण बन सकता है। इसलिए मानसून भारत की अर्थव्यवस्था, जीवनशैली और आजीविका को गहराई से प्रभावित करता है।
जलवायु परिवर्तन: जलवायु परिवर्तन का अर्थ तापमान, वर्षा और पवन जैसे मौसम के स्वरूपों में लंबे समय तक होने वाले परिवर्तन से है। अध्याय के अनुसार मानव गतिविधियाँ, जैसे जीवाश्म ईंधन का जलाना, वनों की कटाई और औद्योगिक प्रदूषण, वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड जैसी ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा बढ़ाते हैं। कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन, नाइट्रस ऑक्साइड और जलवाष्प जैसी ग्रीनहाउस गैसें ऊष्मा को रोकती हैं और वैश्विक तापमान में वृद्धि में योगदान करती हैं। इसके परिणामस्वरूप अधिक बार बाढ़ और सूखा, हिमनदों का पिघलना, समुद्र तल का बढ़ना और जैव विविधता में कमी जैसी समस्याएँ देखी जा सकती हैं। जलवायु परिवर्तन का प्रभाव पारिस्थितिकी तंत्र, कृषि और आजीविका पर भी पड़ता है।
कार्बन फुटप्रिंट: मानव गतिविधियों, जैसे ऊर्जा के उपयोग, परिवहन तथा वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन के परिणामस्वरूप वायुमंडल में छोड़ी जाने वाली कुल ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा को कार्बन फुटप्रिंट कहा जाता है। इसे कम करने के लिए ऊर्जा की बचत, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग, पेड़ों की रक्षा और पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने जैसे उपाय किए जा सकते हैं।
जलवायु परिवर्तन को कम करने के उपाय: अध्याय सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल देता है। ऊर्जा की बचत करना, नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग बढ़ाना, वनों की रक्षा करना, कार्बन फुटप्रिंट कम करना और टिकाऊ जीवनशैली अपनाना जलवायु परिवर्तन से निपटने में सहायक हो सकता है।
पंजाब की 2025 की बाढ़ का अध्ययन: अध्याय में पंजाब की 2025 की बाढ़ को एक केस स्टडी के रूप में प्रस्तुत किया गया है। भारी मानसूनी वर्षा और सतलुज, ब्यास तथा रावी जैसी नदियों के जलस्तर बढ़ने से पंजाब के कई क्षेत्रों में गंभीर बाढ़ आई। इस बाढ़ से गाँवों, कृषि क्षेत्रों, घरों, सड़कों और पुलों सहित महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे को नुकसान पहुँचा।
पंजाब की बाढ़ के प्राकृतिक कारण: 2025 में पंजाब में बहुत भारी मानसूनी वर्षा हुई। पश्चिमी विक्षोभ ने अतिरिक्त नमी और वर्षा को बढ़ाया। हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर में भी वर्षा हुई। सतलुज, ब्यास, रावी और घग्गर जैसी नदियों का जलस्तर पहले से ही ऊँचा था। अतिरिक्त वर्षा और पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाले पानी के कारण नदियाँ उफान पर आ गईं और कई क्षेत्रों में बाढ़ आ गई।
पंजाब की बाढ़ के मानव-निर्मित कारण: पुराने और कमजोर नदी तटबंध, नदियों के बहुत निकट घरों और खेतों का निर्माण, नदियों तथा बाँधों में गाद और मिट्टी का जमा होना तथा कुछ क्षेत्रों में बाढ़ की चेतावनियों का देर से या स्पष्ट रूप से न पहुँचना बाढ़ के प्रभाव को बढ़ाने वाले कारक थे।
पंजाब की बाढ़ के प्रभाव: बाढ़ में अनेक लोगों की जान गई। हजारों लोगों को सुरक्षा के लिए अपने घर छोड़कर राहत शिविरों में जाना पड़ा। बड़े कृषि क्षेत्रों में पानी भर गया और धान जैसी फसलों को नुकसान पहुँचा। मुर्गी और डेयरी फार्म भी प्रभावित हुए। सड़कें, पुल, सीमा बाड़ और कुछ सार्वजनिक भवन क्षतिग्रस्त हुए। रुके हुए गंदे पानी से जलजनित रोगों तथा स्वच्छता संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ा।
अध्याय का मुख्य निष्कर्ष: पृथ्वी का वायुमंडल जीवन के लिए आवश्यक गैसों का आवरण है। यह पृथ्वी को हानिकारक सौर विकिरण से बचाता है और तापमान, मौसम तथा जलवायु को प्रभावित करता है। वायुमंडल की पाँच प्रमुख परतें—क्षोभमंडल, समतापमंडल, मध्यमंडल, तापमंडल और बहिर्मंडल—ऊँचाई के साथ तापमान तथा वायु के घनत्व में होने वाले परिवर्तनों के आधार पर पहचानी जाती हैं। मौसम दैनिक वायुमंडलीय दशाओं को दर्शाता है, जबकि जलवायु लंबे समय की औसत मौसम दशाओं को दर्शाती है।
भारत की जलवायु का सार: भारत की जलवायु उष्णकटिबंधीय मानसूनी है और मानसून इसका प्रमुख आधार है। दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के अधिकांश भागों में वर्षा लाता है, जबकि उत्तर-पूर्व मानसून विशेष रूप से दक्षिण-पूर्वी तटीय क्षेत्रों में वर्षा करता है। भारत के विभिन्न क्षेत्रों में जलवायु संबंधी विविधता होने के बावजूद मानसून कृषि, जल संसाधनों, जनजीवन और अर्थव्यवस्था को प्रभावित करके पूरे देश को एक व्यापक जलवायवीय एकता प्रदान करता है।
जलवायु परिवर्तन का सार: मानव गतिविधियों से बढ़ती ग्रीनहाउस गैसें जलवायु परिवर्तन में योगदान देती हैं। ऊर्जा की बचत, नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग, वनों की रक्षा और पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाकर कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में योगदान दिया जा सकता है।
वायुमंडल और जलवायु
Additional Questions with Answers
अध्याय 3. वायुमंडल और जलवायु
अतिरिक्त प्रश्न एवं उत्तर
प्रश्न 1. वायुमंडल क्या है?
उत्तर: पृथ्वी के चारों ओर फैले हुए गैसों के आवरण को वायुमंडल कहते हैं। यह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण पृथ्वी के चारों ओर बना रहता है। वायुमंडल जीवन के लिए आवश्यक है तथा पृथ्वी को सूर्य से आने वाले हानिकारक विकिरणों से बचाता है।
प्रश्न 2. वायुमंडल पृथ्वी पर जीवन के लिए क्यों आवश्यक है?
उत्तर: वायुमंडल जीवन के लिए आवश्यक गैसें उपलब्ध कराता है। यह सूर्य के हानिकारक विकिरणों से पृथ्वी की रक्षा करता है और पृथ्वी के तापमान को नियंत्रित करने में सहायता करता है। यह मौसम और जलवायु की प्रक्रियाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
प्रश्न 3. वायुमंडल में मुख्य रूप से कौन-कौन सी गैसें पाई जाती हैं?
उत्तर: वायुमंडल में मुख्य रूप से नाइट्रोजन और ऑक्सीजन पाई जाती हैं। इसके अतिरिक्त आर्गन, कार्बन डाइऑक्साइड तथा अन्य गैसें भी अल्प मात्रा में उपस्थित होती हैं। वायुमंडल में जलवाष्प और सूक्ष्म धूल-कण भी पाए जाते हैं।
प्रश्न 4. वायुमंडल में जलवाष्प का क्या महत्व है?
उत्तर: वायुमंडल में जलवाष्प की मात्रा सामान्यतः 0.1% से 0.4% तक होती है। यह बादलों के निर्माण और वर्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जलवाष्प की मात्रा स्थान और परिस्थितियों के अनुसार बदलती रहती है।
प्रश्न 5. वायुमंडल की विभिन्न परतों का निर्माण किस आधार पर हुआ है?
उत्तर: वायुमंडल की विभिन्न परतों का विभाजन ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान और वायु के घनत्व में होने वाले परिवर्तनों के आधार पर किया गया है। इसकी प्रमुख परतें क्षोभमंडल, समतापमंडल, मध्यमंडल, तापमंडल और बहिर्मंडल हैं।
प्रश्न 6. क्षोभमंडल की दो प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: क्षोभमंडल वायुमंडल की सबसे निचली परत है और इसकी औसत ऊँचाई लगभग 12 किमी है। हम जिस वायु में साँस लेते हैं, वह मुख्यतः इसी परत में होती है। अधिकांश जलवाष्प, बादल और मौसम संबंधी घटनाएँ भी इसी परत में होती हैं।
प्रश्न 7. समतापमंडल हवाई जहाजों के लिए उपयुक्त क्यों माना जाता है?
उत्तर: समतापमंडल में बादल और मौसम संबंधी अशांति बहुत कम होती है। इसलिए इस परत में उड़ान भरने वाले हवाई जहाजों को अपेक्षाकृत कम मौसम संबंधी बाधाओं का सामना करना पड़ता है।
प्रश्न 8. ओजोन परत का क्या महत्व है?
उत्तर: ओजोन समतापमंडल में पाई जाती है। यह सूर्य से आने वाले हानिकारक विकिरणों को छानने में सहायता करती है और पृथ्वी पर रहने वाले जीवों की रक्षा करती है।
प्रश्न 9. मध्यमंडल की प्रमुख विशेषता क्या है?
उत्तर: मध्यमंडल लगभग 50 किमी से 80 किमी की ऊँचाई तक फैला होता है। इस परत में ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान घटता है। अंतरिक्ष से आने वाले उल्कापिंड इस परत में प्रवेश करते समय घर्षण के कारण जलने लगते हैं।
प्रश्न 10. तापमंडल की प्रमुख विशेषताएँ बताइए।
उत्तर: तापमंडल लगभग 80 किमी से 700 किमी की ऊँचाई तक फैला है। इसमें ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान बढ़ता है। इस परत में आयनमंडल पाया जाता है, जो रेडियो संचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ध्रुवीय ज्योति जैसी घटनाएँ भी इसी क्षेत्र से संबंधित हैं।
प्रश्न 11. बहिर्मंडल क्या है?
उत्तर: बहिर्मंडल वायुमंडल की सबसे ऊपरी परत है। यहाँ वायु बहुत विरल होती है। हल्की गैसें, जैसे हीलियम और हाइड्रोजन, कमजोर गुरुत्वाकर्षण के कारण इस परत से अंतरिक्ष में चली जाती हैं।
प्रश्न 12. हम वायुमंडलीय दबाव को सामान्यतः क्यों महसूस नहीं करते?
उत्तर: वायु हमारे शरीर पर चारों ओर से दबाव डालती है। हमारे शरीर के अंदर का दबाव भी वायुमंडलीय दबाव के लगभग बराबर होता है। दोनों दबाव एक-दूसरे को संतुलित कर देते हैं, इसलिए हमें वायुमंडलीय दबाव महसूस नहीं होता।
प्रश्न 13. मौसम और जलवायु में क्या अंतर है?
उत्तर: मौसम किसी स्थान की घंटे-घंटे या दिन-प्रतिदिन की वायुमंडलीय स्थिति को कहते हैं। इसके विपरीत, किसी बड़े क्षेत्र में लंबे समय, सामान्यतः 30 वर्ष या उससे अधिक अवधि में मौसम की औसत स्थिति और उसमें होने वाले परिवर्तनों को जलवायु कहा जाता है।
प्रश्न 14. मौसम और जलवायु को प्रभावित करने वाले प्रमुख तत्व कौन-कौन से हैं?
उत्तर: मौसम और जलवायु को प्रभावित करने वाले प्रमुख तत्व तापमान, वर्षण, आर्द्रता, पवन और वायुमंडलीय दबाव हैं। इन तत्वों में होने वाले परिवर्तन से किसी स्थान की मौसम संबंधी परिस्थितियाँ बदल सकती हैं।
प्रश्न 15. Insolation से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: सूर्य से आने वाली वह सौर ऊर्जा जो पृथ्वी द्वारा प्राप्त या अवशोषित की जाती है, Insolation (आने वाली सौर ऊर्जा) कहलाती है। पृथ्वी पर तापमान के वितरण को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में इसका महत्वपूर्ण स्थान है।
प्रश्न 16. भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर जाने पर तापमान सामान्यतः क्यों घटता है?
उत्तर: भूमध्य रेखा के निकट सूर्य की किरणें अपेक्षाकृत अधिक सीधी पड़ती हैं, जबकि ध्रुवों की ओर वे अधिक तिरछी होती जाती हैं। इसलिए भूमध्य रेखा के पास अधिक सौर ऊर्जा प्राप्त होती है और ध्रुवों की ओर सौर ऊर्जा की प्राप्ति कम होती जाती है।
प्रश्न 17. वर्षण क्या है?
उत्तर: वायुमंडल से पृथ्वी की सतह पर जल के विभिन्न रूपों में गिरने की प्रक्रिया को वर्षण कहते हैं। वर्षा, फुहार, हिमपात, ओले और स्लीट इसके विभिन्न रूप हैं।
प्रश्न 18. वायुमंडलीय दबाव ऊँचाई के साथ कैसे बदलता है?
उत्तर: ऊँचाई बढ़ने के साथ वायुमंडलीय दबाव कम होता जाता है। इसका कारण यह है कि अधिक ऊँचाई पर ऊपर स्थित वायु का भार कम हो जाता है। पृथ्वी की सतह के निकट वायु का दबाव अधिक होता है।
प्रश्न 19. अधिक तापमान से निम्न वायुदाब कैसे बनता है?
उत्तर: जब वायु गर्म होती है तो वह फैलकर हल्की हो जाती है और ऊपर उठने लगती है। इसके कारण पृथ्वी की सतह के पास वायु का दबाव कम हो जाता है और निम्न वायुदाब का क्षेत्र बनता है।
प्रश्न 20. वायु उच्च वायुदाब से निम्न वायुदाब की ओर क्यों चलती है?
उत्तर: वायुदाब में अंतर के कारण वायु उच्च वायुदाब वाले क्षेत्र से निम्न वायुदाब वाले क्षेत्र की ओर गति करती है। वायु की यह गति पवन कहलाती है।
प्रश्न 21. स्थल समीर और समुद्री समीर में अंतर बताइए।
उत्तर: दिन के समय स्थल समुद्र की अपेक्षा जल्दी गर्म होता है। इसलिए समुद्र से स्थल की ओर चलने वाली हवा को समुद्री समीर कहते हैं। रात में स्थल जल्दी ठंडा हो जाता है और हवा स्थल से समुद्र की ओर चलती है, जिसे स्थल समीर कहते हैं।
प्रश्न 22. भारत की जलवायु को किस प्रकार की जलवायु कहा गया है?
उत्तर: भारत की जलवायु को व्यापक रूप से उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु के रूप में वर्गीकृत किया गया है। भारत में ऋतुओं का क्रम और वर्षा का वितरण मानसूनी पवनों से बहुत अधिक प्रभावित होता है।
प्रश्न 23. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा भारत में कितनी मुख्य ऋतुएँ मानी गई हैं?
उत्तर: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार भारत में चार मुख्य ऋतुएँ हैं—
1. शीत ऋतु
2. ग्रीष्म या मानसून-पूर्व ऋतु
3. मानसून या वर्षा ऋतु
4. मानसून-पश्चात या मानसून की वापसी की ऋतु।
प्रश्न 24. मानसून शब्द का क्या अर्थ है?
उत्तर: मानसून शब्द अरबी शब्द ‘मौसिम’ से लिया गया है, जिसका अर्थ ऋतु या मौसम है। मानसून से तात्पर्य ऐसी मौसमी पवनों से है जिनकी दिशा ऋतुओं के अनुसार बदलती है।
प्रश्न 25. दक्षिण-पश्चिम मानसून भारत में वर्षा कैसे लाता है?
उत्तर: गर्मियों में स्थल समुद्र की तुलना में तेजी से गर्म होता है, जिससे स्थल पर निम्न वायुदाब और समुद्र के ऊपर अपेक्षाकृत उच्च वायुदाब बनता है। इसके कारण समुद्र से नम हवाएँ स्थल की ओर चलती हैं। ये दक्षिण-पश्चिम मानसूनी हवाएँ भारत के विभिन्न भागों में वर्षा लाती हैं।
प्रश्न 26. उत्तर-पूर्वी मानसून भारत के दक्षिण-पूर्वी तट के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: शीत ऋतु में उत्तर-पूर्वी मानसूनी हवाएँ सामान्यतः स्थल से समुद्र की ओर चलती हैं और अधिकांश भागों में वर्षा नहीं लातीं। लेकिन बंगाल की खाड़ी के ऊपर से गुजरते समय ये हवाएँ नमी ग्रहण कर लेती हैं और भारत के पूर्वी तट पर वर्षा कराती हैं। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कुछ भागों में इस वर्षा का विशेष महत्व है।
प्रश्न 27. भारत में मानसून का लोगों के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर: भारत की कृषि मानसूनी वर्षा पर बहुत अधिक निर्भर करती है। अच्छा मानसून खाद्य उत्पादन तथा नदियों, जलाशयों और कुओं में जल की उपलब्धता को बढ़ाता है। मानसून दैनिक जीवन, परिवहन, त्योहारों और विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को भी प्रभावित करता है। अत्यधिक वर्षा से बाढ़ और कमजोर मानसून से सूखे की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
प्रश्न 28. जलवायु परिवर्तन से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: लंबे समय में मौसम के स्वरूप, जैसे तापमान, वर्षा और पवन में होने वाले परिवर्तनों को जलवायु परिवर्तन कहा जाता है। पाठ के अनुसार मानवीय गतिविधियाँ, जैसे जीवाश्म ईंधन का जलाना, वनों की कटाई और औद्योगिक प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन में प्रमुख भूमिका निभाते हैं।
प्रश्न 29. ग्रीनहाउस गैसें पृथ्वी के तापमान को कैसे प्रभावित करती हैं?
उत्तर: कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन, नाइट्रस ऑक्साइड और जलवाष्प जैसी ग्रीनहाउस गैसें वायुमंडल में ऊष्मा को रोकने में योगदान देती हैं। इन गैसों की मात्रा बढ़ने पर अधिक ऊष्मा वायुमंडल में फँस सकती है, जिससे वैश्विक तापमान में वृद्धि हो सकती है।
प्रश्न 30. कार्बन फुटप्रिंट क्या है?
उत्तर: मानवीय गतिविधियों, जैसे ऊर्जा के उपयोग, परिवहन तथा वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन के परिणामस्वरूप वायुमंडल में छोड़ी जाने वाली कुल ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा को कार्बन फुटप्रिंट कहा जाता है।
प्रश्न 31. हम अपना कार्बन फुटप्रिंट कम करने के लिए क्या कर सकते हैं?
उत्तर: ऊर्जा की बचत करना, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करना, पेड़ लगाना, अनावश्यक निजी वाहन और ऊर्जा के अत्यधिक उपयोग को कम करना तथा अधिक टिकाऊ जीवनशैली अपनाना कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में सहायता कर सकता है।
प्रश्न 32. मानसून के कमजोर होने का कृषि पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?
उत्तर: भारत की बहुत-सी कृषि गतिविधियाँ मानसूनी वर्षा पर निर्भर करती हैं। इसलिए कमजोर मानसून से फसलों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो सकता और सूखे की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इससे कृषि उत्पादन और किसानों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।
प्रश्न 33. अत्यधिक मानसूनी वर्षा से कौन-कौन सी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं?
उत्तर: अत्यधिक वर्षा से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इससे लोगों के घर, सड़कें, पुल, कृषि भूमि और फसलें प्रभावित हो सकती हैं। लंबे समय तक रुके हुए गंदे पानी से स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी समस्याएँ भी उत्पन्न हो सकती हैं।
प्रश्न 34. वायुमंडल और जलवायु के अध्ययन में तापमान, आर्द्रता और वायुदाब का क्या महत्व है?
उत्तर: तापमान वायु की गर्मी या ठंडक को दर्शाता है, आर्द्रता वायु में उपस्थित जलवाष्प से संबंधित है और वायुदाब वायु द्वारा लगाए गए दबाव को दर्शाता है। इन तत्वों में होने वाले परिवर्तन मौसम और जलवायु की परिस्थितियों को प्रभावित करते हैं।
प्रश्न 35. मानसून भारत में एक प्रकार की जलवायु एकता कैसे प्रदान करता है?
उत्तर: भारत के विभिन्न क्षेत्रों में तापमान और वर्षा की मात्रा में काफी अंतर पाया जाता है। फिर भी मानसून की मौसमी लय पूरे देश के कृषि कार्य, जल उपलब्धता, नदियों और दैनिक जीवन को प्रभावित करती है। इस प्रकार क्षेत्रीय भिन्नताओं के बावजूद मानसून भारत की जलवायु में एक व्यापक समानता का आधार बनता है।
वायुमंडल और जलवायु
NCERT Textbook Questions & Answers
अध्याय 3. वायुमंडल और जलवायु
NCERT Textbook Questions and Answers
प्रश्न 1. वायुमंडल क्या है? इसके संघटन को पाई चार्ट की सहायता से समझाइए।
उत्तर: पृथ्वी के चारों ओर फैले हुए गैसों के आवरण को वायुमंडल कहते हैं। यह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण पृथ्वी के चारों ओर बना रहता है। वायुमंडल विभिन्न गैसों का मिश्रण है और पृथ्वी पर जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह सूर्य से आने वाले हानिकारक विकिरणों से पृथ्वी की रक्षा करता है तथा पृथ्वी के तापमान को नियंत्रित करने में सहायता करता है।
वायुमंडल के प्रमुख घटकों का संघटन निम्नलिखित है:
- नाइट्रोजन – 78%
- ऑक्सीजन – 21%
- आर्गन – 0.93%
- कार्बन डाइऑक्साइड – 0.04%
- अन्य गैसें – 0.03%
इसके अतिरिक्त वायुमंडल में जलवाष्प और सूक्ष्म धूल-कण भी पाए जाते हैं। जलवाष्प की मात्रा सामान्यतः 0.1% से 0.4% तक होती है और यह बादलों के निर्माण तथा वर्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
पाई चार्ट के लिए: नाइट्रोजन 78%, ऑक्सीजन 21%, आर्गन 0.93%, कार्बन डाइऑक्साइड 0.04% तथा अन्य गैसें 0.03% दर्शाएँ।
प्रश्न 2. वायुमंडल की संरचना का नामांकित चित्र बनाइए।
उत्तर: वायुमंडल की प्रमुख परतें पृथ्वी की सतह से ऊपर की ओर निम्नलिखित क्रम में हैं:
- क्षोभमंडल (Troposphere) – लगभग 12 किमी तक
- समतापमंडल (Stratosphere) – लगभग 50 किमी तक
- मध्यमंडल (Mesosphere) – लगभग 80 किमी तक
- तापमंडल (Thermosphere) – लगभग 80 से 700 किमी तक
- बहिर्मंडल (Exosphere) – वायुमंडल की सबसे ऊपरी परत
चित्र बनाते समय पृथ्वी की सतह से ऊपर इन परतों को क्रमशः दर्शाकर प्रत्येक परत का नाम और उसकी प्रमुख विशेषता लिखनी चाहिए।
प्रश्न 3. भारत की चार मुख्य ऋतुएँ कौन-कौन सी हैं?
उत्तर: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार भारत में चार मुख्य ऋतुएँ हैं:
- शीत ऋतु (Winter) – दिसंबर से अप्रैल के प्रारंभ तक
- ग्रीष्म या मानसून-पूर्व ऋतु (Summer or Pre-monsoon) – अप्रैल से जून तक
- मानसून या वर्षा ऋतु (Monsoon or Rainy Season) – जून से सितंबर तक
- मानसून-पश्चात या लौटता मानसून (Post-monsoon/Retreating Monsoon) – अक्टूबर से दिसंबर तक
हिमालयी राज्यों में उनकी अधिक समशीतोष्ण जलवायु के कारण शरद और वसंत जैसी दो अतिरिक्त ऋतुएँ भी अनुभव की जाती हैं।
प्रश्न 4. आपको वायुमंडल का दबाव महसूस क्यों नहीं होता?
उत्तर: हमारे ऊपर स्थित वायु हमारे शरीर पर काफी दबाव डालती है। फिर भी हमें यह दबाव महसूस नहीं होता, क्योंकि वायु हमारे शरीर पर सभी दिशाओं से दबाव डालती है और हमारे शरीर के अंदर का दबाव भी लगभग वायुमंडलीय दबाव के बराबर होता है।
इस प्रकार शरीर के अंदर और बाहर के दबाव एक-दूसरे को संतुलित कर देते हैं, इसलिए हमें वायुमंडलीय दबाव महसूस नहीं होता।
प्रश्न 5. वायुमंडल की किस परत में हवाई जहाज उड़ते हैं और क्यों?
उत्तर: हवाई जहाज मुख्यतः समतापमंडल (Stratosphere) में उड़ते हैं। इस परत में बादल और मौसम संबंधी अशांति बहुत कम होती है। इसलिए यहाँ उड़ान भरने वाले हवाई जहाजों को मौसम संबंधी कम बाधाओं का सामना करना पड़ता है और उड़ान अपेक्षाकृत सुगम होती है।
प्रश्न 6. निम्नलिखित में अंतर स्पष्ट कीजिए:
(क) क्षोभमंडल और समतापमंडल
| आधार | क्षोभमंडल | समतापमंडल |
|---|---|---|
| स्थिति | वायुमंडल की सबसे निचली परत है। | क्षोभमंडल के ऊपर स्थित परत है। |
| ऊँचाई | औसतन लगभग 12 किमी तक फैली है। | लगभग 50 किमी तक फैली है। |
| मौसम | अधिकांश मौसम संबंधी घटनाएँ इसी परत में होती हैं। | यह बादलों और मौसम संबंधी अशांति से अपेक्षाकृत मुक्त होती है। |
| तापमान | ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान घटता है। | इस परत में ओजोन की उपस्थिति महत्वपूर्ण है। |
| विशेषता | अधिकांश जलवाष्प और बादल इसी परत में पाए जाते हैं। | ओजोन सूर्य से आने वाले हानिकारक विकिरणों को छानने में सहायता करती है। |
(ख) दक्षिण-पश्चिम मानसून और उत्तर-पूर्व मानसून
| आधार | दक्षिण-पश्चिम मानसून | उत्तर-पूर्व मानसून |
|---|---|---|
| समय | मुख्यतः जून से सितंबर तक। | मुख्यतः अक्टूबर से फरवरी तक। |
| दिशा | समुद्र से स्थल की ओर चलता है। | सामान्यतः स्थल से समुद्र की ओर चलता है। |
| नमी | समुद्र से आने के कारण इसमें पर्याप्त नमी होती है। | बंगाल की खाड़ी के ऊपर से गुजरते समय यह नमी ग्रहण करता है। |
| वर्षा | भारत के अधिकांश भागों में मुख्य वर्षा इसी मानसून से होती है। | पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी तट के कुछ भागों में महत्वपूर्ण वर्षा कराता है। |
| प्रभावित क्षेत्र | देश के बड़े भाग को प्रभावित करता है। | विशेषकर तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कुछ भागों में महत्वपूर्ण है। |
प्रश्न 7. तालिका 3.3 में दिए गए आँकड़ों का अध्ययन कीजिए और तापमान तथा वर्षा के ग्राफ बनाइए।
उत्तर: यह प्रश्न आँकड़ों को ग्राफ के रूप में प्रस्तुत करने की गतिविधि है। तालिका 3.3 में भारत के 10 प्रतिनिधि स्टेशनों के औसत मासिक तापमान और वर्षा के आँकड़े दिए गए हैं। इन आँकड़ों को तापमान-वर्षा ग्राफ में प्रदर्शित करके विभिन्न क्षेत्रों की जलवायु में समानता और अंतर को समझा जा सकता है।
7.1. भूमध्य रेखा से दूरी के अनुसार 10 स्टेशनों को पुनः व्यवस्थित कीजिए।
उत्तर: अक्षांश के आधार पर भूमध्य रेखा से निकटतम से सबसे दूर के क्रम में स्टेशन इस प्रकार हैं:
- Thiruvananthapuram – 8°29'N
- Bengaluru – 12°58'N
- Chennai – 13°4'N
- Mumbai – 19°N
- Nagpur – 21°9'N
- Kolkata – 22°34'N
- Shillong – 24°34'N
- Jodhpur – 26°18'N
- Delhi – 29°N
- Leh – 34°N
7.2. निम्नलिखित का पता लगाइए:
(क) अत्यधिक भिन्न जलवायु वाले दो स्टेशन।
उत्तर: Leh और Jodhpur को अत्यधिक भिन्न जलवायु वाले दो स्टेशनों के रूप में पहचाना जा सकता है। Leh में तापमान बहुत कम रहता है और वार्षिक वर्षा केवल 8.5 सेमी है, जबकि Jodhpur में गर्मियों में तापमान बहुत अधिक हो जाता है और इसकी वार्षिक वर्षा 36.6 सेमी है।
(ख) लौटते मानसून से प्रभावित दो स्टेशन।
उत्तर: Chennai और Thiruvananthapuram लौटते मानसून से प्रभावित प्रमुख स्टेशनों में हैं। विशेष रूप से Chennai में अक्टूबर और नवंबर में वर्षा काफी अधिक होती है।
(ग) फरवरी और जून में दो सबसे गर्म स्टेशन।
(i) फरवरी: Thiruvananthapuram और Chennai
(ii) जून: Jodhpur और Delhi
7.3. निम्नलिखित का कारण बताइए:
(क) Shillong में Kolkata की तुलना में अधिक वर्षा क्यों होती है?
उत्तर: Shillong मेघालय की पहाड़ियों के क्षेत्र में स्थित है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम मानसूनी हवाएँ पहाड़ियों से टकराकर ऊपर उठती हैं। ऊपर उठने पर वायु ठंडी होती है और संघनन के कारण अधिक वर्षा होती है। इसलिए Shillong में Kolkata की तुलना में अधिक वर्षा होती है।
(ख) Delhi में Jodhpur की तुलना में अधिक वर्षा क्यों होती है?
उत्तर: मानसूनी हवाएँ Delhi तक पर्याप्त नमी लेकर पहुँचती हैं, जबकि Jodhpur पश्चिम की ओर अधिक शुष्क क्षेत्र में स्थित है और वहाँ तक पहुँचते-पहुँचते मानसूनी हवाओं की नमी काफी कम हो जाती है। इसलिए Delhi की वार्षिक वर्षा Jodhpur से अधिक है।
7.4. अब विचार कीजिए:
(क) Thiruvananthapuram की जलवायु समतापी क्यों है?
उत्तर: Thiruvananthapuram भूमध्य रेखा के अपेक्षाकृत निकट स्थित है और समुद्र के प्रभाव में है। वहाँ पूरे वर्ष तापमान में बहुत अधिक अंतर नहीं होता। तालिका में भी इसके तापमान लगभग 26°C से 29°C के बीच दिखाई देते हैं। इसलिए इसकी जलवायु समतापी या अपेक्षाकृत समान रहती है।
(ख) देश के अधिकांश भागों में मानसून की तीव्रता समाप्त होने के बाद Chennai में अधिक वर्षा क्यों होती है?
उत्तर: मानसून की वापसी के समय उत्तर-पूर्वी मानसूनी हवाएँ बंगाल की खाड़ी के ऊपर से गुजरती हैं। ये हवाएँ समुद्र से नमी ग्रहण करती हैं और भारत के दक्षिण-पूर्वी तट पर वर्षा कराती हैं। Chennai इसी तट पर स्थित है, इसलिए अक्टूबर और नवंबर में यहाँ अधिक वर्षा होती है।
(ग) Leh में लगभग पूरे वर्ष मध्यम वर्षण क्यों होता है?
उत्तर: Leh बहुत अधिक ऊँचाई पर स्थित है और दक्षिण-पश्चिम मानसून का प्रभाव यहाँ बहुत कम पहुँचता है। यहाँ वर्षण की मात्रा बहुत कम है, लेकिन वर्ष के विभिन्न समयों में थोड़ी मात्रा में वर्षण होता रहता है। तालिका के अनुसार Leh की वार्षिक वर्षा लगभग 8.5 सेमी है।
7.5. विभिन्न क्षेत्रों के बीच अंतर के बावजूद क्या मानसून पूरे देश को एक मजबूत जलवायवीय एकता प्रदान करता है?
उत्तर: हाँ, मानसून भारत की जलवायु को एक व्यापक एकता प्रदान करता है। भारत के विभिन्न क्षेत्रों में तापमान और वर्षा की मात्रा अलग-अलग है, फिर भी मानसून का मौसमी क्रम पूरे देश के जीवन को प्रभावित करता है। कृषि, जल की उपलब्धता, नदियों और जलाशयों, दैनिक जीवन, परिवहन, त्योहारों और रोजगार पर मानसून का महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है।
इस प्रकार क्षेत्रीय जलवायु में पर्याप्त विविधता होने के बावजूद मानसून भारत की जलवायु और जीवन-व्यवस्था को एक साझा मौसमी ढाँचा प्रदान करता है।
प्रश्न 8. भारत के विभिन्न क्षेत्रों के घरों और लोगों के वस्त्रों के चित्र एकत्र कीजिए। जाँच कीजिए कि क्या वे उन क्षेत्रों की जलवायु या धरातलीय परिस्थितियों से संबंधित हैं।
उत्तर: भारत के विभिन्न क्षेत्रों में घरों की बनावट और लोगों के वस्त्र वहाँ की जलवायु तथा धरातलीय परिस्थितियों से प्रभावित होते हैं। उदाहरण के लिए, ठंडे क्षेत्रों में लोग ऊनी और गर्म कपड़े पहनते हैं तथा घरों को ठंड से बचाव के अनुसार बनाया जाता है। अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में घरों की संरचना वर्षा से सुरक्षा के अनुकूल होती है। गर्म क्षेत्रों में हल्के और आरामदायक वस्त्र अधिक उपयुक्त होते हैं।
इस प्रकार घरों और वस्त्रों में क्षेत्रीय विविधता उस स्थान की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियों से संबंध को दर्शाती है।
वायुमंडल और जलवायु
MCQs
अध्याय 3. वायुमंडल और जलवायु
MCQs (बहुविकल्पीय प्रश्न)
प्रश्न 1. पृथ्वी के चारों ओर फैले गैसों के आवरण को क्या कहा जाता है?
(A) जलमंडल
(B) स्थलमंडल
(C) वायुमंडल
(D) जीवमंडल
उत्तर: (C) वायुमंडल
प्रश्न 2. वायुमंडल मुख्य रूप से किन दो गैसों से बना है?
(A) ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड
(B) नाइट्रोजन और ऑक्सीजन
(C) नाइट्रोजन और हाइड्रोजन
(D) आर्गन और ऑक्सीजन
उत्तर: (B) नाइट्रोजन और ऑक्सीजन
प्रश्न 3. वायुमंडल में नाइट्रोजन की मात्रा लगभग कितनी है?
(A) 21%
(B) 50%
(C) 78%
(D) 93%
उत्तर: (C) 78%
प्रश्न 4. वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा लगभग कितनी है?
(A) 10%
(B) 21%
(C) 50%
(D) 78%
उत्तर: (B) 21%
प्रश्न 5. वायुमंडल में जलवाष्प की सामान्य मात्रा कितनी होती है?
(A) 0.1% से 0.4%
(B) 1% से 4%
(C) 10% से 14%
(D) 21%
उत्तर: (A) 0.1% से 0.4%
प्रश्न 6. वायुमंडल की सबसे निचली परत कौन-सी है?
(A) समतापमंडल
(B) मध्यमंडल
(C) तापमंडल
(D) क्षोभमंडल
उत्तर: (D) क्षोभमंडल
प्रश्न 7. क्षोभमंडल की औसत ऊँचाई लगभग कितनी है?
(A) 5 किमी
(B) 12 किमी
(C) 50 किमी
(D) 80 किमी
उत्तर: (B) 12 किमी
प्रश्न 8. अधिकांश मौसम संबंधी घटनाएँ वायुमंडल की किस परत में होती हैं?
(A) क्षोभमंडल
(B) समतापमंडल
(C) मध्यमंडल
(D) बहिर्मंडल
उत्तर: (A) क्षोभमंडल
प्रश्न 9. ओजोन मुख्यतः वायुमंडल की किस परत में पाई जाती है?
(A) क्षोभमंडल
(B) समतापमंडल
(C) मध्यमंडल
(D) बहिर्मंडल
उत्तर: (B) समतापमंडल
प्रश्न 10. उल्कापिंड सामान्यतः वायुमंडल की किस परत में जलने लगते हैं?
(A) क्षोभमंडल
(B) समतापमंडल
(C) मध्यमंडल
(D) तापमंडल
उत्तर: (C) मध्यमंडल
प्रश्न 11. रेडियो संचार के लिए महत्वपूर्ण आयनमंडल किस क्षेत्र में पाया जाता है?
(A) क्षोभमंडल
(B) समतापमंडल
(C) तापमंडल
(D) बहिर्मंडल
उत्तर: (C) तापमंडल
प्रश्न 12. वायुमंडल की सबसे ऊपरी परत कौन-सी है?
(A) मध्यमंडल
(B) तापमंडल
(C) समतापमंडल
(D) बहिर्मंडल
उत्तर: (D) बहिर्मंडल
प्रश्न 13. मौसम से क्या तात्पर्य है?
(A) 30 वर्षों की औसत वायुमंडलीय स्थिति
(B) घंटे-घंटे और दिन-प्रतिदिन की वायुमंडलीय स्थिति
(C) केवल वर्षा की स्थिति
(D) केवल तापमान की स्थिति
उत्तर: (B) घंटे-घंटे और दिन-प्रतिदिन की वायुमंडलीय स्थिति
प्रश्न 14. किसी स्थान की जलवायु सामान्यतः कितनी लंबी अवधि के मौसम की स्थिति पर आधारित होती है?
(A) 1 वर्ष
(B) 5 वर्ष
(C) 10 वर्ष
(D) 30 वर्ष या उससे अधिक
उत्तर: (D) 30 वर्ष या उससे अधिक
प्रश्न 15. निम्नलिखित में से कौन मौसम और जलवायु का प्रमुख तत्व है?
(A) तापमान
(B) आर्द्रता
(C) वायुदाब
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (D) उपर्युक्त सभी
प्रश्न 16. Insolation का अर्थ क्या है?
(A) पृथ्वी से निकलने वाली ऊष्मा
(B) सूर्य से प्राप्त होने वाली सौर ऊर्जा
(C) वायुमंडलीय दबाव
(D) वायु में जलवाष्प की मात्रा
उत्तर: (B) सूर्य से प्राप्त होने वाली सौर ऊर्जा
प्रश्न 17. ऊँचाई बढ़ने के साथ वायुमंडलीय दबाव सामान्यतः क्या होता है?
(A) बढ़ता है
(B) घटता है
(C) समान रहता है
(D) पहले बढ़ता फिर घटता है
उत्तर: (B) घटता है
प्रश्न 18. उच्च तापमान के कारण गर्म वायु सामान्यतः क्या करती है?
(A) नीचे बैठती है
(B) स्थिर रहती है
(C) ऊपर उठती है
(D) जम जाती है
उत्तर: (C) ऊपर उठती है
प्रश्न 19. वायु सामान्यतः किस दिशा में चलती है?
(A) निम्न वायुदाब से उच्च वायुदाब की ओर
(B) उच्च वायुदाब से निम्न वायुदाब की ओर
(C) केवल उत्तर से दक्षिण की ओर
(D) केवल समुद्र से स्थल की ओर
उत्तर: (B) उच्च वायुदाब से निम्न वायुदाब की ओर
प्रश्न 20. दिन के समय समुद्र से स्थल की ओर चलने वाली हवा को क्या कहते हैं?
(A) स्थल समीर
(B) समुद्री समीर
(C) मानसूनी पवन
(D) पश्चिमी पवन
उत्तर: (B) समुद्री समीर
प्रश्न 21. रात के समय स्थल से समुद्र की ओर चलने वाली हवा को क्या कहते हैं?
(A) समुद्री समीर
(B) स्थल समीर
(C) दक्षिण-पश्चिम मानसून
(D) उत्तर-पूर्व मानसून
उत्तर: (B) स्थल समीर
प्रश्न 22. भारत की जलवायु को व्यापक रूप से किस प्रकार की जलवायु कहा गया है?
(A) भूमध्यसागरीय जलवायु
(B) ध्रुवीय जलवायु
(C) उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु
(D) मरुस्थलीय जलवायु
उत्तर: (C) उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु
प्रश्न 23. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार भारत में कितनी मुख्य ऋतुएँ हैं?
(A) दो
(B) तीन
(C) चार
(D) छह
उत्तर: (C) चार
प्रश्न 24. भारत में मानसून या वर्षा ऋतु सामान्यतः किस अवधि में होती है?
(A) जनवरी से मार्च
(B) अप्रैल से जून
(C) जून से सितंबर
(D) अक्टूबर से दिसंबर
उत्तर: (C) जून से सितंबर
प्रश्न 25. ‘मानसून’ शब्द किस अरबी शब्द से लिया गया है?
(A) मौसम
(B) मौसिम
(C) मानस
(D) मूसल
उत्तर: (B) मौसिम
प्रश्न 26. दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान हवाएँ मुख्यतः किस दिशा में चलती हैं?
(A) स्थल से समुद्र की ओर
(B) समुद्र से स्थल की ओर
(C) उत्तर से दक्षिण की ओर
(D) स्थल से पर्वत की ओर
उत्तर: (B) समुद्र से स्थल की ओर
प्रश्न 27. दक्षिण-पश्चिम मानसून के निर्माण में मुख्य भूमिका किसकी है?
(A) स्थल और समुद्र के असमान तापमान से उत्पन्न वायुदाब अंतर
(B) केवल हिमपात
(C) केवल समुद्री धाराएँ
(D) केवल पर्वतीय हवाएँ
उत्तर: (A) स्थल और समुद्र के असमान तापमान से उत्पन्न वायुदाब अंतर
प्रश्न 28. उत्तर-पूर्वी मानसून बंगाल की खाड़ी के ऊपर से गुजरते समय क्या ग्रहण करता है?
(A) धूल
(B) ठंडी हवा
(C) नमी
(D) बर्फ
उत्तर: (C) नमी
प्रश्न 29. निम्नलिखित में से किस राज्य में लौटते मानसून के दौरान विशेष रूप से वर्षा होती है?
(A) पंजाब
(B) राजस्थान
(C) तमिलनाडु
(D) हरियाणा
उत्तर: (C) तमिलनाडु
प्रश्न 30. जलवायु परिवर्तन से क्या तात्पर्य है?
(A) केवल एक दिन के तापमान में परिवर्तन
(B) लंबे समय में मौसम के स्वरूप में परिवर्तन
(C) केवल वर्षा का एक दिन के लिए रुकना
(D) केवल पवन की दिशा में परिवर्तन
उत्तर: (B) लंबे समय में मौसम के स्वरूप में परिवर्तन
प्रश्न 31. निम्नलिखित में से कौन-सी गतिविधि कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में सहायता कर सकती है?
(A) ऊर्जा की अनावश्यक खपत बढ़ाना
(B) अधिक जीवाश्म ईंधन जलाना
(C) नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करना
(D) वनों की कटाई करना
उत्तर: (C) नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करना
प्रश्न 32. कार्बन फुटप्रिंट किससे संबंधित है?
(A) केवल पेड़ों की संख्या से
(B) मानवीय गतिविधियों से उत्सर्जित ग्रीनहाउस गैसों की कुल मात्रा से
(C) केवल वर्षा की मात्रा से
(D) केवल वायु के दबाव से
उत्तर: (B) मानवीय गतिविधियों से उत्सर्जित ग्रीनहाउस गैसों की कुल मात्रा से
प्रश्न 33. निम्नलिखित में से कौन-सा मानसून का सकारात्मक प्रभाव है?
(A) कृषि के लिए जल की उपलब्धता
(B) सूखे की स्थिति
(C) अत्यधिक बाढ़
(D) फसल नष्ट होना
उत्तर: (A) कृषि के लिए जल की उपलब्धता
प्रश्न 34. अत्यधिक मानसूनी वर्षा का परिणाम क्या हो सकता है?
(A) सूखा
(B) बाढ़
(C) हिमपात
(D) वायुदाब में स्थायी वृद्धि
उत्तर: (B) बाढ़
प्रश्न 35. निम्नलिखित में से किस स्टेशन की वार्षिक वर्षा सबसे कम है?
(A) Mumbai
(B) Shillong
(C) Leh
(D) Kolkata
उत्तर: (C) Leh
प्रश्न 36. तालिका 3.3 के अनुसार सबसे अधिक वार्षिक वर्षा किस स्टेशन में दर्ज की गई है?
(A) Mumbai
(B) Shillong
(C) Thiruvananthapuram
(D) Chennai
उत्तर: (B) Shillong
प्रश्न 37. फरवरी में Thiruvananthapuram का तापमान लगभग कितना है?
(A) 19.2°C
(B) 22.0°C
(C) 27.3°C
(D) 33.0°C
उत्तर: (C) 27.3°C
प्रश्न 38. जून में Jodhpur का तापमान लगभग कितना है?
(A) 24.2°C
(B) 28.9°C
(C) 33.9°C
(D) 20.5°C
उत्तर: (C) 33.9°C
प्रश्न 39. Chennai में अक्टूबर और नवंबर में अधिक वर्षा का प्रमुख कारण क्या है?
(A) पश्चिमी विक्षोभ
(B) लौटता/उत्तर-पूर्वी मानसून
(C) दक्षिण-पश्चिमी हवाओं का पूर्ण अभाव
(D) हिमालयी हिमपात
उत्तर: (B) लौटता/उत्तर-पूर्वी मानसून
प्रश्न 40. भारत में मानसून का सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव किस क्षेत्र पर पड़ता है?
(A) केवल परिवहन
(B) केवल त्योहार
(C) कृषि और जल उपलब्धता सहित जीवन के अनेक क्षेत्र
(D) केवल तापमान
उत्तर: (C) कृषि और जल उपलब्धता सहित जीवन के अनेक क्षेत्र
उत्तर कुंजी
1-C, 2-B, 3-C, 4-B, 5-A, 6-D, 7-B, 8-A, 9-B, 10-C
11-C, 12-D, 13-B, 14-D, 15-D, 16-B, 17-B, 18-C, 19-B, 20-B
21-B, 22-C, 23-C, 24-C, 25-B, 26-B, 27-A, 28-C, 29-C, 30-B
31-C, 32-B, 33-A, 34-B, 35-C, 36-B, 37-C, 38-C, 39-B, 40-C
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Explore Now →Benefits of Studying NCERT Solutions
Studying from NCERT Solutions helps students build strong conceptual understanding and improve problem-solving skills. These solutions are especially useful for revision because every answer is written according to the marking scheme followed by CBSE.
- Improve conceptual understanding.
- Learn correct answer-writing techniques.
- Prepare effectively for school examinations.
- Complete syllabus revision in less time.
- Practice important textbook questions.
- Build confidence before examinations.
Prepared According to the Latest CBSE Syllabus
All NCERT Book Solutions for Class 9 available on ATP Education are updated according to the latest CBSE curriculum. Whenever NCERT introduces changes in textbooks or syllabus, our study materials are revised accordingly so that students always receive accurate and updated content.
Helpful for Competitive Examinations
NCERT textbooks form the foundation of many competitive examinations. Students preparing for Olympiads, NTSE, CUET, UPSC Foundation, SSC and several entrance examinations can strengthen their basics through these chapter-wise solutions. Understanding NCERT concepts also improves analytical thinking and logical reasoning.
Simple and Student-Friendly Explanations
Our experts prepare every answer in a simple, clear and student-friendly format. Difficult concepts are explained step by step with proper reasoning so that students of every learning level can understand them easily. This approach helps students remember concepts for a longer period and perform confidently during examinations.
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Explore the complete collection of NCERT Solutions for Class 9 and begin your preparation with confidence. Every chapter is available online for free and can be accessed anytime. Whether you want to complete homework, revise important chapters or prepare for examinations, ATP Education provides reliable and high-quality study resources to help you achieve academic success.
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