NCERT Solutions for Class 9 – Complete Chapter-wise Study Material

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3. नात्सीवाद और हिटलर का उदय - Class 9 History Hindi NCERT Solutions

3. नात्सीवाद और हिटलर का उदय

Class 9 History Hindi Updated : 06 March 2026

​Class 9 History – नात्सीवाद और हिटलर का उदय

मुख्य बिंदु:- 


  • 30 जनवरी 1933 को जर्मनी के राष्ट्रपति हिंडनबर्ग राष्ट्रपति ने हिटलर को चांसलर का पद-भार संभालने का न्योता दिया | 

  • हिटलर की नस्ली सोच चार्ल्स डार्विन और हर्बर्ट स्पेंसर के सिद्धांतों की मनमानी व्याख्या पर आधारित थी|

  • नात्सियों का विचार था कि जो नस्ल सबसे ताकतवर हैं वह जिन्दा रहेंगी, कमजोर नसले खत्म हो जाएगी|

  • आर्य नस्ल सर्वश्रेष्ठ हैं| उसे अपनी शुद्धता बनाए रखनी हैं, ताकत हासिल करनी हैं और दुनिया पर वर्चस्व कायम करना हैं| 

  • यहूदियों के प्रति हिटलर की घृणा नस्ल के छदम वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित थी|

  • 30 जनवरी 1933 को जर्मनी के राष्ट्रपति हिंडनबर्ग ने राष्ट्रपति ने हिटलर को चांसलर का पद-भार संभालने का न्योता दिया |

  • द्वितीय विश्व युद्ध में सोवियत संघ पर हमला करना हिटलर की ऐतिहासिक बेवकूफी मानी जाती है|

  • द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनी का साथ जर्मनी, इटली और जापान ने दिया  | इन्हें धूरी राष्ट्र कहा जाता है | 

  •  फ्रांस, इंग्लैंड और रूस को मित्र राष्ट्र कहा जाता है | 

  • वाइमर गणराज्य के समर्थकों को 'नवम्बर का अपराधी' कहकर बुलाया जाता था | 

  • जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहर पर अमेरिका के बम गिराने के साथ द्वितीय विश्व युद्ध का अंत हो गया |

  • महात्मा गाँधी ने पत्र के माध्यम से एल्डोफ़ हिटलर को नसीहत दी कि "हमें अहिंसा के रूप में एक ऐसी शक्ति प्राप्त हो गई है जिसे यदि संगठित कर लिया जाय तो वह संसार भर की प्रबलतम हिंसात्मक शक्तियों के गठजोड़ का मुकाबला कर सकतीं हैं | 

Class 9 History – नात्सीवाद और हिटलर का उदय

50 Quick Revision Points (One Line)

  1. प्रथम विश्व युद्ध के बाद जर्मनी की स्थिति बहुत खराब हो गई थी।

  2. 1919 की वर्साय संधि (Treaty of Versailles) ने जर्मनी को कमजोर कर दिया।

  3. इस संधि के कारण जर्मनी को भारी युद्ध क्षतिपूर्ति देनी पड़ी।

  4. जर्मनी की सेना को बहुत सीमित कर दिया गया।

  5. जर्मनी के कई क्षेत्रों को उससे छीन लिया गया।

  6. युद्ध के बाद जर्मनी में वाइमर गणराज्य की स्थापना हुई।

  7. वाइमर गणराज्य को शुरू से ही कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

  8. जर्मनी में आर्थिक संकट और बेरोजगारी बढ़ गई।

  9. 1923 में जर्मनी में भयंकर मुद्रास्फीति (Hyperinflation) हुई।

  10. लोगों की बचत और संपत्ति का मूल्य गिर गया।

  11. इस समय जर्मनी में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ रही थी।

  12. इसी परिस्थिति में एडॉल्फ हिटलर का उदय हुआ।

  13. हिटलर नात्सी पार्टी (Nazi Party) का नेता था।

  14. नात्सी पार्टी का पूरा नाम नेशनल सोशलिस्ट जर्मन वर्कर्स पार्टी था।

  15. हिटलर एक प्रभावशाली वक्ता था।

  16. उसने लोगों को राष्ट्रवाद और गर्व की भावना से प्रेरित किया।

  17. नात्सी विचारधारा अत्यधिक राष्ट्रवाद और तानाशाही पर आधारित थी।

  18. नात्सी लोग आर्य जाति को श्रेष्ठ मानते थे।

  19. वे यहूदियों को जर्मनी की समस्याओं के लिए जिम्मेदार मानते थे।

  20. यहूदियों के खिलाफ घृणा को यहूदी-विरोध (Anti-Semitism) कहा जाता है।

  21. 1933 में हिटलर जर्मनी का चांसलर बना।

  22. सत्ता में आने के बाद उसने लोकतांत्रिक व्यवस्था समाप्त कर दी।

  23. जर्मनी में तानाशाही शासन स्थापित हो गया।

  24. हिटलर ने सभी राजनीतिक दलों पर प्रतिबंध लगा दिया।

  25. नात्सी पार्टी ही एकमात्र राजनीतिक दल बन गई।

  26. हिटलर ने अपनी नीतियों को लागू करने के लिए गेस्टापो (गुप्त पुलिस) का उपयोग किया।

  27. विरोध करने वालों को गिरफ्तार कर कंसन्ट्रेशन कैंप में भेज दिया जाता था।

  28. नात्सी शासन ने प्रचार का व्यापक उपयोग किया।

  29. जोसेफ गोएबल्स नात्सी प्रचार मंत्री था।

  30. शिक्षा और मीडिया पर भी नात्सियों का नियंत्रण था।

  31. बच्चों और युवाओं को नात्सी विचारधारा सिखाई जाती थी।

  32. हिटलर यूथ संगठन के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षित किया जाता था।

  33. नात्सी विचारधारा में महिलाओं की भूमिका घर तक सीमित मानी जाती थी।

  34. महिलाओं को अधिक बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता था।

  35. शुद्ध आर्य नस्ल को बढ़ावा देने की नीति अपनाई गई।

  36. यहूदियों के अधिकार धीरे-धीरे छीन लिए गए।

  37. 1935 में न्यूरेंबर्ग कानून लागू किए गए।

  38. इन कानूनों के तहत यहूदियों की नागरिकता छीन ली गई।

  39. 1938 में क्रिस्टलनाख्ट (टूटे कांच की रात) की घटना हुई।

  40. इसमें यहूदियों के घरों और दुकानों को नष्ट कर दिया गया।

  41. हजारों यहूदियों को गिरफ्तार किया गया।

  42. नात्सी शासन ने लाखों यहूदियों का नरसंहार किया।

  43. इस नरसंहार को होलोकॉस्ट कहा जाता है।

  44. नात्सी विस्तारवादी नीति के कारण यूरोप में तनाव बढ़ गया।

  45. 1939 में जर्मनी ने पोलैंड पर आक्रमण किया।

  46. इसके साथ ही द्वितीय विश्व युद्ध शुरू हो गया।

  47. युद्ध में जर्मनी को अंततः हार का सामना करना पड़ा।

  48. 1945 में हिटलर ने आत्महत्या कर ली।

  49. नात्सी शासन का अंत हो गया।

  50. नात्सीवाद मानव इतिहास का एक अत्यंत क्रूर और विनाशकारी अध्याय माना जाता है।

Class 9 History – Chapter 3: नात्सीवाद और हिटलर का उदय

25 Quick Revision Points (One-Line Sentences)

  1. प्रथम विश्व युद्ध के बाद जर्मनी की आर्थिक और राजनीतिक स्थिति बहुत खराब हो गई थी।

  2. 1919 की वर्साय संधि ने जर्मनी को भारी क्षतिपूर्ति और अपमानजनक शर्तें स्वीकार करने के लिए मजबूर किया।

  3. युद्ध के बाद जर्मनी में वाइमर गणराज्य की स्थापना हुई।

  4. वाइमर गणराज्य को आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता का सामना करना पड़ा।

  5. 1923 में जर्मनी में भयंकर मुद्रास्फीति (Hyperinflation) हुई।

  6. 1929 की महामंदी (Great Depression) ने जर्मनी की स्थिति और खराब कर दी।

  7. बेरोजगारी और गरीबी बढ़ने से जनता सरकार से असंतुष्ट हो गई।

  8. इसी समय एडॉल्फ हिटलर और नात्सी पार्टी का प्रभाव बढ़ने लगा।

  9. हिटलर एक प्रभावशाली वक्ता था और उसने राष्ट्रवाद का प्रचार किया।

  10. नात्सी पार्टी का पूरा नाम नेशनल सोशलिस्ट जर्मन वर्कर्स पार्टी था।

  11. नात्सी विचारधारा में आर्य जाति को सर्वोच्च माना गया।

  12. हिटलर यहूदियों को जर्मनी की समस्याओं के लिए जिम्मेदार ठहराता था।

  13. यहूदियों के प्रति घृणा को यहूदी-विरोध (Anti-Semitism) कहा जाता है।

  14. 1933 में हिटलर जर्मनी का चांसलर बना।

  15. सत्ता में आने के बाद उसने लोकतंत्र को समाप्त कर तानाशाही स्थापित की।

  16. सभी राजनीतिक दलों पर प्रतिबंध लगा दिया गया और केवल नात्सी पार्टी को अनुमति थी।

  17. विरोधियों को दबाने के लिए गेस्टापो (गुप्त पुलिस) का उपयोग किया गया।

  18. नात्सी सरकार ने शिक्षा, मीडिया और प्रचार पर नियंत्रण स्थापित किया।

  19. बच्चों और युवाओं को नात्सी विचारधारा सिखाने के लिए हिटलर यूथ संगठन बनाया गया।

  20. महिलाओं की भूमिका को घर और परिवार तक सीमित माना गया।

  21. 1935 में न्यूरेंबर्ग कानून लागू कर यहूदियों के अधिकार छीन लिए गए।

  22. 1938 में क्रिस्टलनाख्ट की घटना में यहूदियों की संपत्ति नष्ट कर दी गई।

  23. नात्सी शासन ने लाखों यहूदियों का नरसंहार किया जिसे होलोकॉस्ट कहा जाता है।

  24. जर्मनी की विस्तारवादी नीति के कारण 1939 में द्वितीय विश्व युद्ध शुरू हुआ।

  25. 1945 में जर्मनी की हार के साथ नात्सी शासन का अंत हो गया।

3. नात्सीवाद और हिटलर का उदय

Class 9 History Hindi Updated : 06 March 2026

Chapter 3. नात्सीवाद और हिटलर का उदय


Q1. वाइमर गणराज्य के सामने क्या समस्याएँ थीं?

उत्तर: वाइमर गणराज्य के सामने निम्नलिखित समस्याएँ थी | 

(i) युद्ध में पराजय और राष्ट्रिय अपमान और हर्जाने के लिए इसी को दोषी ठहराया गया | गणराज्य के समर्थकों को नवम्बर का अपराधी कहकर उनका मजाक उडाया जाता था |

(ii) रूस की बोल्वेशिक क्रांति की तरह ही जर्मनी में स्पार्टकिस्ट लीग द्वारा विद्रोह की योजना बनाई गई | इसे वाइमर गणराज्य ने विफल तो कर दिया परन्तु जर्मनी के साम्यवादी और समाजवादी एक दुसरे के कट्टर दुश्मन बन गए | 

(iii) प्रथम विश्व युद्ध के बाद जब कर्ज और हर्जाना चुकाने से मना कर दिया तो फ्रांस ने उसके बहुत से आर्थिक क्षेत्रों पर कब्ज़ा कर लिया | 

(iv) 1923 में इस गणराज्य को आर्थिक संकट इस कदर झेलने पड़े कि उसके मुद्रा की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में काफी कम हो गयी और कर्ज और महगाई मुद्रास्फीति काफी बढ़ गई | जिसे निपटने के लिए उसे अमेरिका से आर्थिक मदद कर्ज के रूप में लेनी पड़ी | 

Q2. इस बारे में चर्चा कीजिए कि 1930 तक आते-आते जर्मनी में नात्सीवाद को लोकप्रियता क्यों मिलने लगी?

उत्तर: 1929 के बाद बैंक दिवालिया हो चुके, काम-धंधे बंद होते जा रहे थे, मजदुर बेरोजगार हो रहे थे और मध्यवर्ग को लाचारी और भुखमरी का डर सता रहा था। नात्सी प्रोपेगैंडा में लोगों को एक बेहतर भविष्य की उम्मीद दिखाई देती थी। धीरे-धीरे नात्सीवाद एक जन आन्दोलन का रूप लेता गया और जर्मनी में नात्सीवाद को लोकप्रियता मिलने लगी |

हिटलर एक जबरदस्त वक्ता था। उसका जोश और उसके शब्द लोगों को हिलाकर रख देते थे। वह अपने भाषणों में एक शक्तिशाली राष्ट्र की स्थापना, वर्साय संधि में हुई नाइंसाफी जर्मन समाज को खोई हुई प्रतिष्ठा वापस दिलाने का आश्वासन देता था। उसका वादा था कि वह बेरोजगारों को रोजगार और नौजवानों को एक सुरक्षित भविष्य देगा। उसने आश्वासन दिया कि वह देश को विदेशी प्रभाव से मुक्त कराएगा और तमाम विदेशी ‘साशिशों’ का मुँहतोड़ जवाब देगा।

Q3. नात्सी सोच के ख़ास पहलू कौन-से थे?

उत्तर: नात्सी सोच के ख़ास पहलू निम्नलिखित थे :- 

(i) सभी समाज बराबर नहीं हैं|वे नस्ली आधार पर बेहतर या कमतर हैं| इसके अंतर्गत ब्लॉन्ड, नीली आँखों वाले नार्डिक जर्मन आर्य सबसे ऊपरी और यहूदी सबसे निचलि पायदान पर आते हैं| यहूदियों को नस्लविरोधी अर्थात आर्यों का कट्टर शत्रु माना जाता था|

(ii) हिटलर की नस्ली सोच चार्ल्स डार्विन और हर्बर्ट स्पेंसर के सिद्धांतों की मनमानी व्याख्या पर आधारित थी|

(iii) नात्सियों का विचार था कि जो नस्ल सबसे ताकतवर हैं वह जिन्दा रहेंगी, कमजोर नसले खत्म हो जाएगी|

(iv) आर्य नस्ल सर्वश्रेष्ठ हैं| उसे अपनी शुद्धता बनाए रखनी हैं, ताकत हासिल करनी हैं और दुनिया पर वर्चस्व कायम करना हैं| 

(v) नात्सी शुद्ध और स्वस्थ  नार्डिक आर्यों का समाज बनाना चाहते थे| वे नस्ली कल्पनालोक की स्थापना करना चाहते थे|

Q4. नात्सियों का प्रोपेगैंडा यहूदियों के खिलाफ नफरत पैदा करने में इतना असरदार कैसे रहा?

उत्तर: नात्सियों का प्रोपेगैंडा यहूदियों के खिलाफ नफरत पैदा करने में निम्नलिखित कारणों से असरदार  रहा:-

(i) नात्सियों के अनुसार सभी समाज बराबर नहीं थे| वे बेहतर या कमतर थे| नार्डिक जर्मन आर्य सबसे ऊपरी और यहूदी सबसे निचली पायदान पर आते थे| यहूदियों को नस्ल विरोधी माना जाता था|
(ii) यहूदियों को 'अवांछित' श्रेणी में रखा गया |   
(iii) यहूदियों के प्रति नात्सियों ने ईसाई धर्म में मौजूद परंपरागत घृणा का लाभ उठाया| ईसाईयों का आरोप था कि ईसा मसीह को यहूदियों ने मारा था| ईसाईयों की नज़र में यहूदी आदतन हत्यारे और सूदखोर थे|
(iv) यहूदियों के प्रति हिटलर की घृणा नस्ल के छदम वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित थी|
(v) प्रचार फिल्मों में यहूदियों के प्रति नफ़रत फ़ैलाने पर ज़ोर दिया गया| ' द एटर्नल ज्यू ' (अक्षय यहूदी) ऐसी ही एक कुख्यात फिल्म थी|
Q5. नात्सी समाज में औरतों की क्या भूमिका थी? फ्रांसिसी क्रांति के बारे में जानने के लिए अध्याय 1 देखें फ्रांसिसी क्रांति और नात्सी शासन में औरतों की भूमिका के बीच क्या फर्क था? एक पैराग्राफ में बताएँ।

उत्तर: (i) नात्सी समाज में औरतों को मर्दों से भिन्न मन जाता था| लड़कियों का कर्तव्य एक अच्छी मां बनना और शुद्ध आर्य रक्त वाले बच्चों को जन्म देना तथा उनका पालन-पोषण करना होता था| अवांछित बच्चों को जन्म देने वाली माताओं को दण्ड तथा वांछित बच्चों को जन्म देने वाली माताओं को इनाम में तमगे दिए जाते थे| उनके लिए आचार संहिता का निर्माण किया गया| निर्धारित आचार संहिता का उल्लंघन करने पर दण्ड दिया जाता था|

(ii) फ्रांसीसी क्रांति और नात्सी शासन में औरतों की भूमिका में बड़ा अंतर था क्योंकि फ्रांसीसी क्रांति में औरतों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया| अपने हितो की रक्षा के लिए उन्होंने राजनीतिक क्लब शुरू किए | उनमें ' सोसाइटी ऑफ़ रेवलूशनरी एंड रिपब्लिकन विमेन ' सबसे प्रसिद्ध क्लब था| उनकी मांग थी कि उनको पुरूषों के सामान  राजनीतिक अधिकार प्राप्त होने चाहिए| उन्होंने मताधिकार, असंबेली के लिए चुने जाने तथा राजनीतिक पदों की मांगे रखी| फ्रांस में उनकी दशा को सुधारने के लिए कई कानून बनाए गये| शिक्षा अनिवार्य की गई| शादी को स्वैच्छिक अनुबंध माना गया|जबकि जर्मनी में उनकी भूमिका को सीमित कार दिया गया| 

Q6. नात्सियों ने जनता पर पूरा नियंत्रण हासिल करने के लिए कौन-कौन से  तरीके अपनाए? 

उत्तर: नात्सियों ने जनता पर पूरा नियंत्रण हासिल करने के लिए निम्नलिखित तरीके अपनाए :-

(i) हिटलर ने राजनीति की एक नई शैली रची थी। वह लोगों को गोलबंद करने के लिए आडंबर और प्रदर्शन की अहमियत समझता था।

(ii) हिटलर के प्रति भारी समर्थन दर्शाने और लोगों में परस्पर एकता का भाव पैदा करने के लिए नात्सियों ने बड़ी-बड़ी रैलियाँ और जनसभाएँ आयोजित कीं।

(iii) स्वस्तिक छपे लाल झंडे, नात्सी सैल्यूट और भाषणों के बाद खास अंदाज में तालियों की गड़गड़ाहटμये सारी चीजे शक्ति प्रदर्शन का हिस्सा थीं।

(iv) नात्सियों ने अपने धूआँधार प्रचार के जरिये हिटलर को एक मसीहा, एक रक्षक, एक ऐसे व्यक्ति के रूप में पेश किया, जिसने मानो जनता को तबाही से उबारने के लिए ही अवतार लिया था।

(v) एक ऐसे समाज को यह छवि बेहद आकर्षक दिखाई देती थी जिसकी प्रतिष्ठा और गर्व का अहसास चकनाचूर हो चुका था और जो एक भीषण आर्थिक एवं राजनीतिक संकट से गुजर रहा था।

Class 9 History Chapter 3 – नात्सीवाद और हिटलर का उदय

टॉपिक वाइज क्विक नोट्स

1. वाइमर गणराज्य की स्थापना

प्रथम विश्व युद्ध के बाद 1919 में जर्मनी में वाइमर गणराज्य की स्थापना हुई। यह एक लोकतांत्रिक सरकार थी लेकिन इसे शुरू से ही आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता का सामना करना पड़ा।

2. वर्साय संधि का प्रभाव

1919 की वर्साय संधि ने जर्मनी पर कठोर शर्तें लागू कीं। जर्मनी को भारी युद्ध क्षतिपूर्ति देनी पड़ी और उसकी सेना तथा कई क्षेत्रों को सीमित कर दिया गया।

3. आर्थिक संकट और महामंदी

1923 में जर्मनी में भयंकर मुद्रास्फीति हुई जिससे लोगों की बचत समाप्त हो गई। 1929 की महामंदी ने बेरोजगारी और गरीबी को और बढ़ा दिया।

4. हिटलर और नात्सी पार्टी का उदय

एडॉल्फ हिटलर नात्सी पार्टी का नेता था। उसने राष्ट्रवाद और जर्मनी की महानता के विचारों का प्रचार करके जनता का समर्थन प्राप्त किया।

5. नात्सी विचारधारा

नात्सी विचारधारा आर्य जाति को श्रेष्ठ मानती थी और यहूदियों को जर्मनी की समस्याओं के लिए जिम्मेदार ठहराती थी।

6. हिटलर का सत्ता में आना

1933 में हिटलर जर्मनी का चांसलर बना। सत्ता में आने के बाद उसने लोकतंत्र को समाप्त कर तानाशाही शासन स्थापित कर दिया।

7. नात्सी शासन की नीतियाँ

नात्सी शासन ने सभी राजनीतिक दलों पर प्रतिबंध लगा दिया और केवल नात्सी पार्टी को मान्यता दी। विरोध करने वालों को गिरफ्तार कर कंसन्ट्रेशन कैंप में भेज दिया जाता था।

8. प्रचार और नियंत्रण

नात्सी शासन ने प्रचार का व्यापक उपयोग किया। शिक्षा, मीडिया और सांस्कृतिक गतिविधियों को सरकार के नियंत्रण में रखा गया।

9. युवा और महिलाएँ

नात्सी शासन ने युवाओं को अपनी विचारधारा सिखाने के लिए हिटलर यूथ संगठन बनाया। महिलाओं को घर और परिवार तक सीमित रखने की नीति अपनाई गई।

10. यहूदियों के खिलाफ भेदभाव

1935 में न्यूरेंबर्ग कानून लागू किए गए जिनसे यहूदियों के नागरिक अधिकार छीन लिए गए और उनके साथ भेदभाव किया गया।

11. क्रिस्टलनाख्ट

1938 में क्रिस्टलनाख्ट की घटना में यहूदियों के घरों, दुकानों और धार्मिक स्थलों को नष्ट कर दिया गया।

12. होलोकॉस्ट

नात्सी शासन के दौरान लाखों यहूदियों और अन्य लोगों का नरसंहार किया गया जिसे होलोकॉस्ट कहा जाता है।

13. द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत

1939 में जर्मनी ने पोलैंड पर आक्रमण किया जिससे द्वितीय विश्व युद्ध शुरू हो गया।

14. नात्सी शासन का अंत

1945 में द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनी की हार के साथ नात्सी शासन समाप्त हो गया और हिटलर ने आत्महत्या कर ली।

3. नात्सीवाद और हिटलर का उदय

Class 9 History Hindi Updated : 06 March 2026

Class 9 History Chapter 3 – नात्सीवाद और हिटलर का उदय

Short Answered Questions

प्रश्न: वाइमर गणराज्य क्या था?

उत्तर: प्रथम विश्व युद्ध के बाद 1919 में जर्मनी में स्थापित लोकतांत्रिक सरकार को वाइमर गणराज्य कहा जाता है।

प्रश्न: वर्साय संधि क्या थी?

उत्तर: 1919 में मित्र राष्ट्रों द्वारा जर्मनी पर थोपी गई संधि को वर्साय संधि कहा जाता है, जिसमें जर्मनी पर कठोर शर्तें और भारी क्षतिपूर्ति लगाई गई थी।

प्रश्न: हिटलर कौन था?

उत्तर: एडॉल्फ हिटलर जर्मनी का तानाशाह और नात्सी पार्टी का नेता था जिसने 1933 में सत्ता प्राप्त की।

प्रश्न: नात्सी पार्टी का पूरा नाम क्या था?

उत्तर: नात्सी पार्टी का पूरा नाम नेशनल सोशलिस्ट जर्मन वर्कर्स पार्टी था।

प्रश्न: नात्सीवाद से क्या अभिप्राय है?

उत्तर: नात्सीवाद एक राजनीतिक विचारधारा थी जो तानाशाही, अत्यधिक राष्ट्रवाद और आर्य जाति की श्रेष्ठता पर आधारित थी।

प्रश्न: आर्य जाति से नात्सियों का क्या तात्पर्य था?

उत्तर: नात्सी विचारधारा के अनुसार आर्य जाति शुद्ध और श्रेष्ठ जर्मन नस्ल मानी जाती थी।

प्रश्न: यहूदी-विरोध (Anti-Semitism) क्या था?

उत्तर: यहूदियों के प्रति घृणा और भेदभाव की नीति को यहूदी-विरोध कहा जाता है।

प्रश्न: हिटलर जर्मनी का चांसलर कब बना?

उत्तर: हिटलर 1933 में जर्मनी का चांसलर बना।

प्रश्न: गेस्टापो क्या था?

उत्तर: गेस्टापो नात्सी शासन की गुप्त पुलिस थी जो विरोधियों को पकड़ने और दमन करने का काम करती थी।

प्रश्न: हिटलर यूथ क्या था?

उत्तर: हिटलर यूथ नात्सी संगठन था जिसमें युवाओं को नात्सी विचारधारा के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाता था।

प्रश्न: न्यूरेंबर्ग कानून क्या थे?

उत्तर: 1935 में बनाए गए न्यूरेंबर्ग कानूनों ने यहूदियों से नागरिक अधिकार छीन लिए और उनके साथ भेदभाव को कानूनी बना दिया।

प्रश्न: क्रिस्टलनाख्ट क्या था?

उत्तर: 1938 में यहूदियों के घरों, दुकानों और धार्मिक स्थलों पर किए गए हमलों की घटना को क्रिस्टलनाख्ट कहा जाता है।

प्रश्न: होलोकॉस्ट क्या था?

उत्तर: नात्सी शासन के दौरान लाखों यहूदियों के सामूहिक नरसंहार को होलोकॉस्ट कहा जाता है।

प्रश्न: द्वितीय विश्व युद्ध कब शुरू हुआ?

उत्तर: 1939 में जर्मनी द्वारा पोलैंड पर आक्रमण करने के बाद द्वितीय विश्व युद्ध शुरू हुआ।

प्रश्न: नात्सी शासन का अंत कब हुआ?

उत्तर: 1945 में द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनी की हार के साथ नात्सी शासन का अंत हो गया।

अध्याय 3. नात्सीवाद और हिटलर का उदय 


प्रश्न: लोकतंत्र को ध्वंस करने के लिए हिटलर तथा नात्सियों ने क्या कदम उठाए ? 

उत्तर: 

(i) 28 फ़रवरी, 1933 को अग्नि अध्यादेश (फायर डिक्री) के जरिए अभिव्यक्ति, प्रेस एवं सभा करने की आजादी जैसे अधिकारों को निलंबित कर दिया गया |

(ii) कम्युनिस्टों का बर्बरता पूर्वक दमन किया गया उनकी हत्याएँ करवाई गयी | 

(iii) सभी राजनैतिक विरोधियों और गैर-नात्सियों की हत्याएँ की गयी या उन्हें यातना गृह भेज दिया जाता था | 

(iv) नात्सी पार्टी तथा उसके संगठनों के अतिरिक्त सभी पार्टियों पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया |

(v) समाज पर निगरानी और नियंत्रण के लिए विशेष निगरानी और सुरक्षा दस्ते गठित किये गए | 

प्रश्न: जर्मनी में आए 1923 के आर्थिक संकट पर टिप्पणी लिखिए |

उत्तर: 

(i) प्रथम विश्व युद्ध कर्ज लेकर लड़ा गया |

(ii) जर्मनी को हर्जाना भी स्वर्ण मुद्रा में देना पड़ा |

(iii) बड़ी मात्रा में कागजी मुद्रा छापने से जर्मनी में अति मुद्रास्फीति आ गई | वहाँ की मुद्रा मार्क की कीमत गिर गई | 

(iv) महंगाई बहुत बढ़ गई | इस आर्थिक संकट से उबरने के लिए उसे अमेरिका से शर्तों पर आर्थिक सहायता लेनी पड़ी | 

(v) जर्मनी का कर्ज और हर्जाना न चुकाए जाने पर फ्रांसिसियों ने जर्मनी के प्रमुख औद्योगिक इलाके पर कब्जा कर लिया और उसके कोयले के भंडार क्षेत्र पर भी कब्जा कर लिया | 

प्रश्न: जर्मनी में वाईमर गणराज्य की स्थापना के क्या कारण थे ? वाईमर गणराज्य की विशेषताओं का वर्णन कीजिए |

उत्तर: प्रथम विश्व युद्ध में जर्मनी की पराजय और सम्राट के त्यागपत्र के पश्चात् वहाँ की संसदीय पार्टियों ने एक नई राजनितिक व्यवस्था की स्थापना की यही वाईमर गणराज्य था |  

(i) यह एक संघीय और लोकतांत्रिक गणराज्य था जिसका एक लोकतान्त्रिक संविधान भी था | 

(ii) इसमें प्रतिनिधियों के चुनाव के लिए औरत सहित सभी व्यस्क नागरिकों को समान और सार्वभौमिक मताधिकार प्राप्त था | 

(iii) इसमें अनुपातिक चुनाव प्रणाली की व्यवस्था थी |

(iv) धारा 48 के अंतर्गत राष्ट्रपति को आपातकाल लागु करने, नागरिक अधिकार रद्द करने और अध्यादेश जारी करने का अधिकार था | 

प्रश्न: नात्सी जर्मनी में बच्चों और युवाओं के प्रति अपनाई गई निति का वर्णन कीजिए | 

उत्तर:

(i) बच्चों के लिए नात्सी विचारधारा की जानकारी आवश्यक थी | उन्हें कठोर अनुशासन में रख कर इसकी शिक्षा दी जाती थी | 

(ii) अवांछित बच्चों को स्कुल से निकाल दिया गया | 

(iii) जो बच्चे नात्सी टेस्ट में पास हो जाते थे उन्हें पाला जाता  था और जो अवांछित थे उन्हें अनाथालय में डाल दिया जाता था |

(iv) नात्सी शिक्षा के लिए पाठ्यक्रम तैयार किया  गया और उन्हें उसी पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षा दी जाती थी | उन्हें यहूदियों से नफ़रत और हिटलर की पूजा करने को कहा जाता था | 

(iv) खेलकूद के जरिए भी युवाओं में हिंसा और आक्रामकता की  भावना पैदा की जाति थी | 

(v) जर्मन बच्चों और युवाओं को राष्ट्रिय समाजवाद की भावना से लैस करने की जिम्मेदारी युवा संगठनों को सौपी गई थी | इसके बाद उन्हें सेना में काम करना पड़ता था और  किसी नात्सी संगठन की सदस्यता लेनी पड़ती थी | 

प्रश्न: नात्सियों द्वारा यहूदियों के साथ कैसा बर्ताव किया गया ? 

उत्तर: नात्सियों द्वारा यहूदियों के साथ किया गया बर्ताव इंसानियत की हद से भी कही बुरा और बर्बरता पूर्ण था | यहूदियों पर जुल्म की दास्तान कई चरणों में था जो निम्न है | 

(i) पहले तो यहूदियों को जर्मनी की नागरिकता से बेदखल किया गया | फिर उनसे कहा गया की उन्हें जर्मनों की बीच रहने का कोई अधिकार नहीं है | कई क़ानूनी उपाय कर उन्हें सरकारी सेवाओं से निकाला गया | उनके व्यवसाय का बहिष्कार हुआ और उनकी सम्पति जब्त कर बिक्री कर दी गई | उनके सम्पतियों को लुटा गया और उनके घर जला दिए गए | 

(ii) सितम्बर 1941 यहूदियों को हुक्म दिया गया कि वह डेविड का पीला सितारा अपने छाती पर लगा कर रखेंगे | उनके पासपोर्ट, तमाम क़ानूनी दस्तावेजों और घरों के बाहर भी यह पहचान चिन्ह छुपा दिया गया | उन्हें घेटो बस्तियों में कष्टपूर्ण और दरिद्रता की स्थिति में रखा जाता था | 

(iii) समूचे यूरोप के यहूदी मकानों, यातना गृहों और घेटों बस्तियों में रहने वाले यहूदियों को मालगाड़ियों में भार-भार कर मौत के कारखानों में लाया जाने लगा | उनगे गैस चैम्बरों में झोंक दिया जाता था | 

 

3. नात्सीवाद और हिटलर का उदय

Class 9 History Hindi Updated : 06 March 2026

Class 9 History Chapter 3 – नात्सीवाद और हिटलर का उदय

Very Short Questions and Answers

प्रश्न: हिटलर के विचार किन दार्शनिकों के विचारों पर आधारित थे?

उत्तर: चार्ल्स डार्विन और हर्बर्ट स्पेंसर।

प्रश्न: 30 जनवरी 1933 को जर्मनी के किस राष्ट्रपति ने हिटलर को चांसलर बनने का निमंत्रण दिया?

उत्तर: राष्ट्रपति पॉल वॉन हिंडनबर्ग ने।

प्रश्न: नात्सी शासन में कुल कितने प्रकार के लोगों को दमन का निशाना बनाया गया?

उत्तर: लगभग 52 प्रकार के लोगों को।

प्रश्न: द्वितीय विश्व युद्ध में हिटलर की सबसे बड़ी भूल क्या थी?

उत्तर: सोवियत संघ पर आक्रमण करना हिटलर की सबसे बड़ी भूल मानी जाती है।

प्रश्न: द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनी के साथ कौन-कौन से देश थे?

उत्तर: जर्मनी, इटली और जापान।

प्रश्न: जर्मनी, इटली और जापान को क्या कहा जाता था?

उत्तर: इन्हें धुरी राष्ट्र (Axis Powers) कहा जाता था।

प्रश्न: किन देशों को मित्र राष्ट्र कहा जाता है?

उत्तर: फ्रांस, इंग्लैंड और रूस को मित्र राष्ट्र कहा जाता है।

प्रश्न: हिटलर ने आर्थिक संकट से निकलने के लिए कौन सा रास्ता चुना?

उत्तर: उसने युद्ध और विस्तारवादी नीति का रास्ता चुना।

प्रश्न: घेटो (Ghetto) किसे कहा जाता था?

उत्तर: यहूदियों को समाज से अलग जिन बस्तियों में रखा जाता था उन्हें घेटो कहा जाता था।

प्रश्न: ‘नवम्बर के अपराधी’ किसे कहा जाता था?

उत्तर: वाइमर गणराज्य के समर्थकों को ‘नवम्बर के अपराधी’ कहा जाता था।

प्रश्न: नात्सीवाद क्या था?

उत्तर: नात्सीवाद हिटलर द्वारा विकसित एक राजनीतिक विचारधारा थी जो उग्र राष्ट्रवाद, तानाशाही और नस्लीय श्रेष्ठता पर आधारित थी।

Long Answer Questions

प्रश्न: नात्सियों का विश्व दृष्टिकोण क्या था?

उत्तर:

  • नात्सियों के अनुसार सभी समाजों को समान अधिकार नहीं थे; वे नस्लीय आधार पर श्रेष्ठ और हीन माने जाते थे।
  • उनका मानना था कि जर्मन आर्य नस्ल सबसे श्रेष्ठ है और उसी को जीने का अधिकार है।
  • वे जीवन-परिधि (Lebensraum) की अवधारणा में विश्वास रखते थे और अधिक भूमि पर कब्जा करना आवश्यक मानते थे।
  • उनका विश्वास था कि युद्ध के माध्यम से संसाधन, धन और शक्ति प्राप्त की जा सकती है।

प्रश्न: हिटलर का उदय कब और कैसे हुआ?

उत्तर: हिटलर ने 1919 में जर्मन वर्कर्स पार्टी की सदस्यता ली और धीरे-धीरे उस पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया। बाद में उसने इसका नाम नेशनल सोशलिस्ट जर्मन वर्कर्स पार्टी (नात्सी पार्टी) रख दिया। 1929 की महामंदी के दौरान जब जर्मनी में बेरोजगारी और गरीबी बढ़ी, तब नात्सियों ने प्रचार के माध्यम से जनता को बेहतर भविष्य का सपना दिखाया। इसी समर्थन के कारण चुनावों में लगभग 32% वोट प्राप्त कर हिटलर 1933 में जर्मनी का चांसलर बना।

प्रश्न: हिटलर की राजनीतिक शैली का वर्णन कीजिए।

उत्तर:

  • हिटलर जनता को आकर्षित करने के लिए भव्य प्रदर्शन और प्रचार का उपयोग करता था।
  • वह बड़े-बड़े जनसभाएँ और रैलियाँ आयोजित करता था।
  • स्वस्तिक चिन्ह वाले लाल झंडे और नात्सी सैल्यूट का प्रयोग किया जाता था।
  • हिटलर स्वयं को जनता का रक्षक और मसीहा के रूप में प्रस्तुत करता था।

प्रश्न: द्वितीय विश्व युद्ध का अंत कैसे हुआ?

उत्तर: जब अमेरिका युद्ध में शामिल हुआ तो धुरी राष्ट्रों को हार का सामना करना पड़ा। जर्मनी की पराजय के बाद हिटलर ने आत्महत्या कर ली और 1945 में अमेरिका द्वारा जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराए जाने के साथ द्वितीय विश्व युद्ध समाप्त हो गया।

प्रश्न: महात्मा गाँधी ने एडोल्फ हिटलर को क्या नसीहत दी थी?

उत्तर: महात्मा गाँधी ने पत्र के माध्यम से हिटलर को सलाह दी कि अहिंसा एक ऐसी शक्ति है जो संगठित होने पर दुनिया की सबसे शक्तिशाली हिंसक ताकतों का भी सामना कर सकती है।

प्रश्न: कार्ल मार्क्स कौन था? उसके विचारों का रूसी क्रांति पर क्या प्रभाव पड़ा?

उत्तर: कार्ल मार्क्स एक जर्मन विचारक था जिसने ‘दास कैपिटल’ नामक पुस्तक लिखी। उसके विचारों का प्रभाव रूस सहित पूरे विश्व पर पड़ा और रूसी समाजवादियों ने उसके सिद्धांतों को अपनाया।

  • निजी संपत्ति पूंजीवाद और असमानता को जन्म देती है।
  • पूंजीपति मजदूरों का शोषण करते हैं।
  • उत्पादन के साधनों पर मजदूरों और किसानों का अधिकार होना चाहिए।
  • पूंजीवाद को समाप्त करने के लिए क्रांति और संघर्ष आवश्यक हैं।

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