NCERT Solutions for Class 8 – Complete Chapter-wise Study Material
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11. राष्ट्रीय आन्दोलन का संघटन - Class 8 History Hindi NCERT Solutions
11. राष्ट्रीय आन्दोलन का संघटन
अध्याय - समीक्षा:
- गांधीजी का आगमन: गांधीजी 46 वर्ष के थे, जब वे नस्लवादी प्रतिबंधों के खिलाफ अहिंसक मार्च में दक्षिण अफ्रीका में भारतीयों का नेतृत्व करने के बाद भारत आए थे।
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना दिसंबर 1885 में हुई थी। लगभग 72 प्रतिनिधियों ने बॉम्बे में आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की पहली बैठक में भाग लिया। प्रारंभिक महत्वपूर्ण नेता दादाभाई नौरोजी, फिरोजशाह मेहता, रोमेश चंद्र दत्त और एस सुब्रमण्यम अय्यर थे।
- चौरी चौरा कांड: गांधीजी हिंसक तरीकों और आंदोलनों के इस्तेमाल के खिलाफ थे। उन्होंने चौरी चौरा की घटना के कारण असहयोग आंदोलन को अचानक बंद कर दिया, जिसमें फरवरी 1922 में किसानों की भीड़ ने पुलिस थाने में आग लगा दी थी, जिसमें 22 पुलिसकर्मी मारे गए थे।
- रॉलेट सत्याग्रह: 1919 में, गांधीजी ने रॉलेट-विरोधी सत्याग्रह शुरू किया, जिसे देशव्यापी प्रतिक्रिया मिली। 6 अप्रैल, 1919 को "अपमान और प्रार्थना" और हड़ताल (हड़ताल) के दिन के रूप में मनाया गया। सत्याग्रह सभाएं पूरे देश में आयोजित की गईं।
- साइमन कमीशन: 1927 में, इंग्लैंड में ब्रिटिश सरकार ने भारत के राजनीतिक भविष्य को तय करने के लिए लॉर्ड साइमन की अध्यक्षता में एक आयोग भेजा। आयोग में कोई भारतीय प्रतिनिधि नहीं था, जिसके कारण इसे भारतीयों के विरोध का सामना करना पड़ा।
- नमक मार्च 1930 में गांधी जी ने नमक कानून तोड़ने के लिए एक मार्च का नेतृत्व करने का फैसला किया। मार्च साबरमती आश्रम से शुरू हुआ और तटीय गांव दांडी में समाप्त हुआ और गांधीजी ने समुद्र के किनारे प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले नमक को इकट्ठा करके नमक कानून तोड़ा।
- भारत छोड़ो आंदोलन: 1942 में, गांधीजी ने अंग्रेजों के खिलाफ भारत छोड़ो आंदोलन शुरू किया। आंदोलन ने अंग्रेजों से भारत छोड़ने का आग्रह किया और एक लोकप्रिय नारे "करो या मरो" का पालन किया, जिसमें लोगों को अहिंसक तरीके से अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने का पूरा प्रयास करने का आह्वान किया गया।
- संप्रभु: बाहरी हस्तक्षेप के बिना स्वतंत्र होना।
- प्रचारक: कोई व्यक्ति जो सूचना प्रसारित करके, रिपोर्ट लिखकर, सार्वजनिक सभाओं में बोलकर किसी विचार का प्रचार करता है।
- मध्यम: एक व्यक्ति जो अत्यधिक कार्रवाई करने के खिलाफ है।
- निरसन: कानून को पूर्ववत करने के लिए।
- कट्टरपंथी: वह व्यक्ति जो नए विचारों या विचारों का स्वागत करता है।
- क्रांतिकारी हिंसा: समाज के भीतर आमूल-चूल परिवर्तन करने के लिए हिंसा का उपयोग।
- परिषद: प्रशासनिक सलाहकार या प्रतिनिधि कार्य वाले लोगों का एक नियुक्त या निर्वाचित निकाय।
- नाइटहुड: असाधारण व्यक्तिगत उपलब्धि या सार्वजनिक सेवा के लिए ब्रिटिश ताज द्वारा दिया गया सम्मान।
11. राष्ट्रीय आन्दोलन का संघटन
अभ्यास - प्रश्न:
प्रश्न 1: 1870 और 1880 के दशकों में लोग ब्रिटिश शासन से क्यों असंतुष्ट थे ?
उत्तर: 1870 और 1880 के दशकों में लोग ब्रिटिश शासन से असंतुष्ट होने के निम्नलिखित कारण थे :
(i) 1887 में पास आर्म्स एक्ट जिसके जरिए भारतियों द्वारा अपने पास हथियार रखने का अधिकार छीन लिया गया ।
(ii) इसी दशक में वर्नाकुलर प्रेस एक्ट लाया गया जो प्रेस पर सेंसरशिप लगाने के लिए लाया गया था |
(iii) अंग्रेजी शासन द्वारा इल्बर्ट बिल जो अंग्रेजों और भारतीय न्यायधीशों के बीच समानता स्थापित करने के लिए लाया जाना था जिसे अंग्रेज लोगों के दबाव में वापस ले लिया गया था |
(iv) इसके बाद बहुत से रानजीतिक संगठनों की स्थापना हुई जो अंगेजी नीतियों के विरोध में थी|
प्रश्न 2: भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस किन लोगों के पक्ष में बोल रही थी ?
उत्तर: भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस भारत के किसी एक वर्ग या समुदाय के पक्ष में नहीं बोल रही थी बल्कि सभी समुदायों के पक्ष में बोल रही थी |
प्रश्न 3: पहले विश्व युद्ध से भारत पर कौन से आर्थिक असर पड़े ?
उत्तर: पहले विश्व युद्ध से भारत पर निम्नलिखित आर्थिक असर पड़े -
(i) इस युद्ध की वजह से ब्रिटिश भात सरकार के रक्षा व्यय में भारी इजाफा हुआ था |
(ii) इस खर्च को निकालने' की लिए सरकार ने निजी आय और व्यासायिक मुनाफे पर कर बढ़ा दिया था |
(iii) सैनिक व्यय में इजाफे तथा युद्धक आपूर्ति की वजह से जरुरी कीमतों की चीजो में भारी उछाल आया और आम लोगो की जिन्दगी मुश्किल होती गई |
(iv) इस युद्ध में औद्योगिक वस्तुओ (जुत के बोरे, कपड़े, पटरियाँ) की माँग बढ़ा दी और अन्य देशो से भारत आने वाले आयात में कमी ला दी थी|
प्रश्न 4. 1940 के मुस्लिम लीग के प्रस्ताव में क्या माँग की गई थी ?
उत्तर: 1940 में मुस्लिम लीग ने देश के पश्चिमोत्तर तथा पूर्वी क्षेत्रों में मुसलमानों के लिए "स्वतंत्र राज्यों" की माँग करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया | इस प्रस्ताव में विभाजन या पाकिस्तान का जिक्र नहीं था | वे मुस्लिमों के लिए एक स्वायत व्यवस्था की माँग कर रहे थे |
प्रश्न 5: मध्यमार्गी कौन थे ? वे ब्रिटिश शासन के खिलाफ किस तरह का संघर्ष करना चाहते थे ?
उत्तर: कांग्रेस के वे नेता मध्यमार्गी कहलाते थे जो अपने उद्देश्यों और तरीकों से मध्यमार्गी थे, वे देश का प्रतिनिधित्व भी करना चाहते थे और सरकार में मिलकर शासन भी करना चाहते थे ।
मध्यमार्गी नेता ब्रिटिश शासन के खिलाफ निम्न प्रकार का संघर्ष करना चाहते थे -
(i) वे जनता को ब्रिटिश शासन के अन्यायपूर्ण चरित्र से अवगत कराना चाहते थे ।
(ii) उन्होंने इसे जनता तक पहुँचाने के लिए अख़बार निकला, लेख लिखे ।
(iii) उन्होंने अपने भाषणों में ब्रिटिश शासन की निंदा की और जनमत निर्माण के लिए देश देश के विभिन्न भागों में अपने प्रतिनिधि भेजे ।
प्रश्न 6: कांग्रेस के आमूल परिवर्तनवादी धड़े की राजनीती मध्यमार्गी धड़े की राजनीती से किस तरह भिन्न थी ?
उत्तर: कांग्रेस के आमूल परिवर्तनवादी धडा जिसे कांग्रेस के गरम दल भी कहा जाता है ये मध्यमार्गियों (नरमदल) से निम्न प्रकार से भिन्न थे ।
(i) मध्यमार्गी निवेदन की राजनीती करते थे जबकि आमूल परिवर्तनवादी धडा इसकी आलोचना करते थे ।
(ii) आमूल परिवर्तनवादी धडा आत्मनिर्भरता तथा रचनात्मक कामों के महत्त्व पर जोर देते थे, जबकि मध्यमार्गी अंग्रेजो की आलोचना तो करते थे परन्तु उनके साथ मिलकर काम भी करते थे ।
(iii) आमूल परिवर्तनवादी धडा स्वराज के लिए लड़ना चाहते थे जबकि मध्यमार्गी अंग्रेजी सरकार से अपने हक़ के लिए निवेदन करते थे या उनके सामने अपनी माँगों को रखते थे ।
प्रश्न 7: चर्चा करें कि भारत के विभिन्न भागों में असहयोग आन्दोलन ने किस-किस तरह के रूप ग्रहण किए ? लोग गाँधीजी के बारे में क्या समझते थे ?
उत्तर: असहयोग आन्दोलन का भिन्न-भिन्न प्रदेशों में भिन्न-भिन्न रूप देखने को मिला -
(i) खेडा, गुजरात में पाटीदार किसानों ने अंग्रेजों द्वारा थोप दिए गए भारी लगान के खिलाफ अहिंसक अभियान चलाया ।
(ii) तटीय आन्ध्र प्रदेश और तमिलनाडु के भीतरी भागों में शराब की दुकानों की घेराबंदी की गई।
(iii) आन्ध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में आदिवासी और गरीब किसानों ने बहुत सारे "वन सत्याग्रह" किए ।
(iv) सिंध और बंगाल में भी खिलाफत-असहयोग के गठबंधन ने जबरदस्त सांप्रदायिक एकता को जन्म दिया |
(v) पंजाब में सिखों के अकाली आन्दोलन भी असहयोग आन्दोलन से काफी घनिष्ठ रूप से जुड़ा हुआ दिखाई दे रहा था |
गाँधी जी को लोग एक तरह का मसीहा, एक ऐसा व्यक्ति मानने लगे थे जो उन्हें मुसीबतों और गरीबी से छुटकारा दिला सकता है | असम में तो "गाँधी जी की जय" के नारे लगाते हुए चाय बगान मजदूरों में अपनी बागानों की नौकरी छोड़ दी |
प्रश्न 8: गाँधीजी ने नमक कानून तोड़ने का फैसला क्यों लिया ?
उत्तर: उस समय नमक के उत्पादन और बिक्री पर सरकार का एकाधिकार था | नमक एक ऐसा वस्तु है जो देश के अमीर और गरीब समान रूप से उपयोग करते हैं | यह लोगों के आम जिंदगी से जुड़ा हुआ मुद्दा है | गांधीजी और अन्य राष्ट्रवादियों का मानना था कि नमक पर टैक्स वसूलना पाप है क्योंकि यह हमारे भोजन का बुनियादी हिस्सा होता है | गांधीजी को भरोसा था कि ऐसे मुद्दे के साथ देश का सभी तबका उनके आन्दोलन के साथ जुड़ जाएगा | यदि कारण है कि गांधीजी ने नमक कानून तोड़ने का फैसला लिया |
प्रश्न 9: 1937-47 की उन घटनाओं पर चर्चा करें जिनके फलस्वरूप पाकिस्तान का जन्म हुआ ?
उत्तर: 1937-47 की वे घटनाएँ जिनके फलस्वरूप पाकिस्तान का जन्म हुआ -
(i) 1930 के दशक के आखिरी सालों से मुस्लिम लीग मुसलमानों और हिन्दुओं को अलग-अलग "राष्ट्र" मानने लगी थी |
(ii) बीस और तीस के दशकों के बीच कुछ हिन्दुओं और मुसलमानों के बीच हुए तनाव भी इसका कारण था |
(iii) 1937 के प्रांतीय चुनावों में मुस्लिम लीग की हार ने मुसलमान अल्पसंख्यक है यह सोंचने पर मजबूर कर दिया और उन्हें लगा की आगे भी लोकतान्त्रिक संरचना में गौण भूमिका निभानी पड़ेगी और मुसलमानों को भय था कि उन्हें प्रतिनिधित्व ही नहीं मिल पायेगा |
(iv) 1937 में मुस्लिम लीग कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाना चाहती थी लेकिन कांग्रेस ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया |
(v) 1945 में अंग्रेज, मुस्लिम लीग और कांग्रेस के बातचीत में, बहुत सारे मुसलमान कांग्रेस के साथ थे परन्तु मुस्लिम लीग खुद को भारतीय मुसलमानों का प्रतिनिधि मनवाना चाहती थी | कांग्रेस ने इस दावे को नामंजूर कर दिया |
(vi) 1946 में दुबारा प्रांतीय चुनाव हुए कांग्रेस का प्रदर्शन अच्छा रहा और मुस्लिम लीग भी आरक्षित सीटों पर जीत हासिल की परन्तु "पाकिस्तान" की माँग पर वह चलती रही |
(vii) 16 अगस्त 1946 को मुस्लिम लीग ने पाकिस्तान की माँग मनवाने के लिए "प्रत्यक्ष कार्रवाई दिवस" मानने का आह्वान किया और इसी दिन कलकाता में दंगा भड़क गई |
11. राष्ट्रीय आन्दोलन का संघटन
अतिरिक्त - प्रश्न:
प्रश्न: सम्प्रभु शब्द का अर्थ बताइए |
उत्तर: बाहरी हस्तक्षेप के बिना स्वतंत्र रूप से कदम उठाने की क्षमता को सम्प्रभु कहते हैं |
प्रश्न: 1887 का आर्म्स एक्ट क्या है ?
उत्तर: 1887 में पास आर्म्स एक्ट जिसके जरिए भारतियों द्वारा अपने पास हथियार रखने का अधिकार छीन लिया गया ।
प्रश्न: भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस के प्रारंभिक नेताओं के नाम लिखिए ।
उत्तर: दादा भाई नौरोजी, फिरोजशाह मेहता, बदरुदीन तैयब जी, डब्ल्यू. सी. बैनर्जी, सुरेन्द्र नाथ बैनर्जी, रोमेशचन्द्र दत्त और एस. सुब्रमण्यम अय्यर इत्यादि प्रारंभिक नेता थे ।
प्रश्न: प्रचारक शब्द से आपका क्या तात्पर्य है ?
उत्तर: ऐसा व्यक्ति जो सूचनाओं के प्रसार, रिपोर्ट्स, बैठकों में भाषण आदि के जरिए किसी खास विचार का प्रचार-प्रसार करता है |
प्रश्न: दादा भाई नौरोजी कौन थे ?
उत्तर: दादा भाई नौरोजी भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस के प्रारंभिक नेताओं में से प्रमुख थे | वे एक व्यवसायी और प्रचारक थे । वे लंदन में रहते थे और कुछ समय के लिए ब्रिटिश संसद के सदस्य भी रहे । उन्होंने युवा राष्ट्रवादियों का मार्गदर्शन भी किया ।
प्रश्न: भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस की स्थापना कब और किसने की ?
उत्तर: 28 दिसम्बर 1885 मुंबई में रिटायर्ड ऑफिसर ए. ओ. ह्युम के द्वारा की गई थी ।
प्रश्न: "पावर्टी एंड ऑन-ब्रिटिश रुल इन इंडिया" नमक पुस्तक किसने लिखी ?
उत्तर: दादा भाई नौरेजी ने ।
प्रश्न: "स्वतंत्रता हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं से लेकर रहूँगा" यह नारा किसने दिया था ?
उत्तर: बाल गंगाधर तिलक ने ।
प्रश्न: कांग्रेस के गरम दल के नेताओं के नाम लिखिए ।
उत्तर: (i) बाल गंगाधर तिलक (ii) विपिन चन्द्र पाल (iii) लाला लाजपत राय
प्रश्न : बंगाल का विभाजन कब और किसने किया ?
उत्तर: बंगाल का विभाजन 16 अक्टूबर 1905 में वायसराय लार्ड कर्जन ने किया ।
प्रश्न: विभाजन से पूर्व बंगाल प्रान्त में कौन-कौन से राज्य शामिल थे ।
उत्तर: बंगाल, बिहार और उड़ीसा ।
प्रश्न : बंग-भंग का क्या अर्थ है ?
उत्तर: 1905 ई0 में लार्ड कर्जन ने बंगाल को दो भागों में बाँट दिया। इसका उद्देश्य साम्प्रदायिकता के अधार पर बंगाल के लोगों को परस्पर बाँटना था। युवा वर्ग में इससे रोष फैल गया तथा बंग-भंग के विरोध में आंदोलन हुए।
प्रश्न: गाँधी जी दक्षिण अफ्रिका से लौटकर भारत कब आए ?
उत्तर: गाँधी जी दक्षिण अफ्रिका से लौटकर भारत सन् 1915 ई0 में आएं।
प्रश्न: बंग-भंग आन्दोलन आन्ध्र प्रदेश के डेल्टा में किस नाम से जाना जाता था ?
उत्तर: वंदेमातरम् आन्दोलन ।
प्रश्न: ऑल इंडिया मुस्लिम लीग की स्थापना कब और कहाँ की गई ?
उत्तर: ऑल इंडिया मुस्लिम लीग की स्थापना 1906 में मुसलमान जमींदारों और नवाबों के एक समूह द्वारा ढाका में किया गया ।
प्रश्न: किस राजनितिक पार्टी में बंगाल-विभाजन का समर्थन किया ?
उत्तर: ऑल इंडिया मुस्लिम लीग
प्रश्न: कांग्रेस का विभाजन कब हुआ ?
उत्तर: 1907 में कांग्रेस का विभाजन हुआ था ।
प्रश्न: लखनऊ समझौते की प्रमुख बातें क्या थी ?
उत्तर: लखनऊ समझौते में कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच ऐतिहासिक दस्तखत हुए और दोनों संगठनों ने देश में प्रातिनिधिक सरकार के गठन के लिए मिलकर काम करने का फैसला हुआ ।
प्रश्न: प्रथम विश्व युद्ध ने कौन-कौन से औद्योगिक वस्तुओं की माँग बढ़ा दी थी ?
उत्तर: (i) जुट के बोरे, कपडे और पटरियाँ इत्यादि ।
प्रश्न: क्रन्तिकारी हिंसा से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर: समाज में आमूल बदलाव लाने के लिए हिंसा का उपयोग करना ।
प्रश्न: "करो या मरो" का नारा किसने दिया था ?
उत्तर: करों या मरो का नारा गाँधीजी ने दिया था ।
प्रश्न: प्रथम विश्व युद्ध से लौटे सिपाही भारत में औपनिवेशिक शासन का विरोध क्यों करने लगे ?
उत्तर: उन्होंने ने ये अनुभव किया था कि कैसे साम्राज्यवादी शक्तियाँ एशिया और अफ्रीका में लोगों का शोषण कर रही थी यही कारण था कि प्रथम विश्व युद्ध से लौटे सिपाही भारत में औपनिवेशिक शासन का विरोध करने लगे ।
प्रश्न: दक्षिण अफ्रीका में गाँधी जी ने कौन सा आन्दोलन चलाया था ?
उत्तर: दक्षिण अफ्रीका में गाँधी जी ने नस्लभेद के खिलाफ आन्दोलन चलाया था ।
प्रश्न: गाँधी जी के किस सत्याग्रह को अंग्रेजों के खिलाफ पहला अखिल भारतीय संघर्ष माना जाता है ?
उत्तर: रोलेट सत्याग्रह को ।
प्रश्न: भारत में होमरूल की स्थापना किसने की ?
उत्तर: भारत में होमरूल लीग की स्थापना लोकमान्य तिलक और सुश्री एनी बेंसंन्ट ने की थी ।
प्रश्न: सत्याग्रह और अहिंसा का क्या अर्थ है ?
उत्तर: महात्मा गाँधी ने जो विरोध करने का जो नया तरीका खोजा था उसे सत्याग्रह कहा जाता है। जिसमें किसी को नुकसान पहुँचाये वगैर अवज्ञा की बात कही गई है। अहिंसा का अर्थ हैं किसी भी प्राणी मात्र को हानि न पहुँचाना ।
प्रश्न: जालियाँवाला बाग हत्या काण्ड कब और कैसे हुआ ?
उत्तर: जालियाँवाला बाग हत्या काण्ड 18 अप्रैल 1920 ई0 में अमृतसर में हुआ । जिसमें ब्रिटिश सरकार के अधिकारियों के द्वारा हजारों की संख्या में लोगों को गोलियों से भुनवा दिया गया था ।
प्रश्न: भारत में खिलाफत आन्दोलन की शुरुआत किसने की ?
उत्तर: भारत में खिलाफत आन्दोलन दो अली बंधुओं मोहम्मद अली और शौकत अली ने शुरू किया ।
प्रश्न: 19 वीं सदी के बीस के दशक के मध्य की दो महत्वपूर्ण घटनाएँ कौन-कौन सी थी ?
उत्तर: 19 वीं सदी के बीस के दशक के मध्य की दो महत्वपूर्ण घटनाएँ थी:
(i) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और हिन्दुओं के संगठन
(ii) राष्ट्रिय स्वयं सेवक संघ (आर एस एस ) की स्थापना ।
प्रश्न: 26 जनवरी 1930 की तिथि भारतीय इतिहास में क्यों महत्वपूर्ण है ?
उत्तर: 26 जनवरी 1930 की तिथि भारतीय इतिहास में महत्वपूर्ण इसलिए है क्योंकि जवाहर लाल नेहरू की अध्यक्षता में 1929 में पारित किए गए प्रस्ताव के आधार पर 26 जनवरी 1930 को पुरे देश में "स्वतंत्रता दिवस" मनाया गया था ।
प्रश्न: लाला लाजपत राय की मृत्यु कैसे हुई ?
उत्तर: लाला लाजपत राय साइमन कमीशन के विरोध करने वाले नेताओं में से एक थे । सांडर्स नामक एक अंग्रेज पुलिस ऑफिसर ने इन नेताओं पर लाठी चार्ज करवा दिया जिससे लाला लाजपत राय के सिर पर काफी गंभीर चोटें आई । इसी कारण कुछ दिनों बाद उनकी मृत्यु हो गई ।
प्रश्न: भारत छोड़ों आन्दोलन की शुरुआत कब हुई ?
उत्तर: 1942 में गाँधी जी के द्वारा|
11. राष्ट्रीय आन्दोलन का संघटन
अतिरिक्त - प्रश्न:
प्रश्न 1: 1870 और 1880 के दशकों में बने राजनितिक संगठनों के नाम लिखिए |
उत्तर :
(i) पूना सार्वजानिक सभा,
(ii) इंडियन एसोसिएशन
(iii) मद्रास महाजन सभा
(iv) बोम्बे रेजीडेंसी एस्सोसिएशन
(v) भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस
प्रश्न 2: वर्नाकुलर प्रेस एक्ट क्या है ?
उत्तर : वर्नाकुलर प्रेस एक्ट ऐसा कानून था जिससे सरकार की आलोचना करने वालों को चुप कराया जा सके | इस कानून में प्रावधान था कि अगर किसी अख़बार में कोई "आपतिजनक" चीज छपती है तो सरकार उसकी प्रिटिंग प्रेस सहित सारी सम्पति जब्त कर सकती है ।
प्रश्न 3: इल्बर्ट बिल क्या है ? इसे अंगेरजी शासन ने वापस क्यों ले लिया ?
उत्तर : इल्बर्ट बिल अंग्रेजी शासन द्वारा लाया गया बिल था इस बिल में प्रावधान था कि भारतीय न्यायधीश भी ब्रिटिश या यूरोपीय व्यक्तियों पर मुकादम चला सकते हैं, ताकि भारत में काम करने वाले अंग्रेज और भारतीय न्यायधीशों के बीच समानता स्थापित किया जा सके । अंग्रेजों के भारी विरोध के बाद सरकार ने इसे वापस ले लिया ।
प्रश्न 4: शासन व्यवस्था के भारतीयकरण की माँग नस्लवाद के खिलाफ चल रहे आन्दोलन का एक हिस्सा थी । कथन की पुष्टि कीजिए ।
उतर :
(i) ज्यादातर महत्वपूर्ण नौकरियों पर गोर अफसरों का कब्ज़ा था ।
(ii) अंग्रेज आमतौर पर यह मानकर चलते थे कि भारतियों को जिम्मेदारी भरे पड़ नहीं दिए जा सकते ।
(iii) अंग्रेजी अफसर अपने वेतन का एक बड़ा हिस्सा ब्रिटेन भेज देते थे इसलिए लोगों को उम्मीद थी कि भारतीयकरण से यहाँ की धन सम्पति भी कुछ हद तक भारत में रुकने लगेगी |
(iv) भारतियों की माँग थी कि न्यायपालिका को कार्यपालिका से अलग किया जाय, आर्म्स एक्ट को निरस्त किया जाए और अभिव्यक्ति व बोलने की स्वतंत्रता दी जाए ।
प्रश्न 5: शुरूआती सालों में कांग्रेस ने ब्रिटिश शासन के सामने कौन-कौन से आर्थिक मुद्दे उठाए ?
उत्तर : बढ़ते लगान के कारण काश्तकार और जमींदार विपन्न हो गए थे और अनाजों के भारी निर्यात के वजह से खाध्य पदार्थों का आभाव पैदा हो गया था । अत: इन शुरूआती सालों में कांग्रेस ने ब्रिटिश शासन के सामने निम्नलिखित मुद्दे उठाए थे ।
(i) लगान कम किया जाए ।
(ii) फौजी खर्चों में कटौती की जाए ।
(iii) सिंचाई के लिए ज्यादा अनुदान दिया जाए ।
प्रश्न 6: मध्यमार्गी नेता जनता को ब्रिटिश शासन के अन्यायपूर्ण चरित्र से अवगत कराने के लिए कौन-कौन से कदम उठाए ?
उत्तर : मध्यमार्गी नेताओं द्वारा निम्नलिखित कदम उठाए गए :
(i) उन्होंने अखबार निकले, लेख लिखे और यह साबित करने का प्रयास किया की ब्रिटिश शासन देश को आर्थिक तबाही की ओर ले जा रही है ।
(ii) उन्होंने अपने भाषणों में ब्रिटिश शासन की निंदा की और जनमत निर्माण के लिए देश देश के विभिन्न भागों में अपने प्रतिनिधि भेजे ।
प्रश्न 7: अपने पहले बीस सालों में कांग्रेस अपने उद्देश्य और तरीकों के लिहाज से 'मध्यमार्गी' पार्टी थी । इस कथन को स्पष्ट करने के लिए कांग्रेस के उन गतिविधियों का वर्णन कीजिए ।
उत्तर : शुरुआती वर्षों में कांग्रेस एक तरफ देश के सभी समुदायों के प्रतिनिधित्व का दावा भी करती थी और अन्रेजों के साथ मिलकर शासन भी करना चाहती थी । यह निम्नलिखित बातों से स्पष्ट हो जाता है ।
(i) कांग्रेस सरकार और शासन में भारतियों को और ज्यादा जगह दिए जाने के लिए आवाज उठाती रहती थी ।
(ii) कांग्रेस का आग्रह था कि विधान परिषदों में भारतियों को ज्यादा जगह दी जाए, परिषदों को ज्यादा अधिकार दिए जाएँ और जिन प्रान्तों में परिषदें नहीं हैं वहाँ उनका गठन किया जाएँ ।
(iii) कांग्रेस ने माँग की कि सिविल सेवा के लिए लंदन से साथ-साथ भारत में भी परीक्षा आयोजित की जाए ।
प्रश्न 8: मध्यमार्गी कौन थे ? वे ब्रिटिश शासन के खिलाफ किस तरह का संघर्ष करना चाहते थे ?
उत्तर : कांग्रेस के वे नेता मध्यमार्गी कहलाते थे जो अपने उद्देश्यों और तरीकों से मध्यमार्गी थे, वे देश का प्रतिनिधित्व भी करना चाहते थे और सरकार में मिलकर शासन भी करना चाहते थे ।
मध्यमार्गी नेता ब्रिटिश शासन के खिलाफ निम्न प्रकार का संघर्ष करना चाहते थे -
(i) वे जनता को ब्रिटिश शासन के अन्यायपूर्ण चरित्र से अवगत कराना चाहते थे ।
(ii) उन्होंने इसे जनता तक पहुँचाने के लिए अख़बार निकला, लेख लिखे ।
(iii) उन्होंने अपने भाषणों में ब्रिटिश शासन की निंदा की और जनमत निर्माण के लिए देश देश के विभिन्न भागों में अपने प्रतिनिधि भेजे ।
प्रश्न 9: "स्वतंत्रता हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं से लेकर रहूँगा" यह नारा किसने दिया था ?
उत्तर : बाल गंगाधर तिलक ने ।
प्रश्न : कांग्रेस के गरम दल के नेताओं के नाम लिखिए ।
उत्तर : (i) बाल गंगाधर तिलक (ii) विपिन चन्द्र पाल (iii) लाला लाजपत राय
प्रश्न 10: कांग्रेस के आमूल परिवर्तनवादी धड़े की राजनीती मध्यमार्गी धड़े की राजनीती से किस तरह भिन्न थी ?
उत्तर : कांग्रेस के आमूल परिवर्तनवादी धडा जिसे कांग्रेस के गरम दल भी कहा जाता है ये मध्यमार्गियों (नरमदल) से निम्न प्रकार से भिन्न थे ।
(i) मध्यमार्गी निवेदन की राजनीती करते थे जबकि आमूल परिवर्तनवादी धडा इसकी आलोचना करते थे ।
(ii) आमूल परिवर्तनवादी धडा आत्मनिर्भरता तथा रचनात्मक कामों के महत्त्व पर जोर देते थे, जबकि मध्यमार्गी अंग्रेजो की आलोचना तो करते थे परन्तु उनके साथ मिलकर काम भी करते थे ।
(iii) आमूल परिवर्तनवादी धडा स्वराज के लिए लड़ना चाहते थे जबकि मध्यमार्गी अंग्रेजी सरकार से अपने हक़ के लिए निवेदन करते थे या उनके सामने अपनी माँगों को रखते थे ।
प्रश्न 11: बंगाल विभाजन का विरोध करने के लिए कौन कौन से तरीके अपनाए गए ?
उत्तर : बंगाल विभाजन का विरोध करने के लिए निम्नलिखित तरीके अपनाए गए।
(i) विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार एव स्वदेशी बस्तुएँ अपनाना।
(ii) छात्रों ने सरकारी स्कूल और कॉलेजों का बहिष्कार किया ।
(iii) बंगाल विभाजन किये जाने के दिन को शोक दिवस के रूप में मनाया गया।
(iv) लोगों ने सरकारी नौकरियों एवं अदालतों का बहिष्कार किया ।
प्रश्न 12: अंग्रेजों द्वारा बंगाल विभाजन का क्या कारण था ?
उत्तर : अंग्रेजों द्वारा बंगाल विभाजन के निम्नलिखित कारण थे ।
(i) अंग्रेजी सरकार का मानना था कि प्रशासकीय सुधार के लिए बंगाल का विभाजन करना आवश्यक है । इस प्रशासकीय सुविधा का तात्पर्य अंग्रेज अफसर और व्यापारियों को मिलने वाले फायदों से था ।
(ii) वे बंगाल में बंगाली नेताओं के बढ़ते प्रभाव पर अंकुश लगाना चाहते थे इसलिए पूर्वी बंगाल को असम में मिला दिया ।
प्रश्न 13: लखनऊ समझौते की प्रमुख बातें क्या थी ?
उत्तर : लखनऊ समझौते में कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच ऐतिहासिक दस्तखत हुए और दोनों संगठनों ने देश में प्रातिनिधिक सरकार के गठन के लिए मिलकर काम करने का फैसला हुआ ।
प्रश्न 14: स्वदेशी आन्दोलन से आप क्या समझते हैं ? इसका क्या उदेश्य था ?
उत्तर : स्वदेशी आन्दोलन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण आन्दोलन था, यह एक सफल रणनीति एवं दर्शन था । स्वदेशी का अर्थ "अपने देश में बना" होता है । बंगाल विभाजन के समय यह आन्दोलन पुरे जोर पर था और इसे पुरे देश में चलाया गया था ।
स्वदेशी आन्दोलन के मुख्य उदेश्य :
(i) इसके तहत अपने देश में बने वस्तुओं का उपयोग करना और विदेश में बने वस्तुओं का पूर्ण बहिस्कार करना और ब्रिटिश साम्राज्यवादी ताकत को अधिक से अधिक आर्थिक नुकसान पहुँचाना ।
(ii) ब्रिटिश शासन का विरोध और स्वयं सहायता को बढ़ावा देना ।
(iii) इस आन्दोलन के दौरान स्वदेशी उद्यमों, राष्ट्रिय शिक्षा और भारतीय भाषाओँ के उपयोग को बढ़ावा दिया गया ।
प्रश्न 15: प्रथम विश्व युद्ध से लौटे सिपाही भारत में औपनिवेशिक शासन का विरोध क्यों करने लगे ?
उत्तर : उन्होंने ने ये अनुभव किया था कि कैसे साम्राज्यवादी शक्तियाँ एशिया और अफ्रीका में लोगों का शोषण कर रही थी यही कारण था कि प्रथम विश्व युद्ध से लौटे सिपाही भारत में औपनिवेशिक शासन का विरोध करने लगे ।
प्रश्न 16: भारतीय राष्ट्रवादियों को 1917 की रुसी क्रांति से कैसी प्रेरणा मिली ?
उत्तर : 1917 की रुसी क्रांति भारत ही नहीं अपितु विश्व के अधिकांश भागों को प्रभावित किया था । यह क्रांति किसानों और मजदूरों के संघर्ष की उस समय की प्रमुख घटना थी । इस घटना के बाद देश में समाजवादी विचार बड़े पैमाने पर फैलने लगे थे जिससे भारतीय राष्ट्रवादियों को नई प्रेरणा मिलने लगी ।
प्रश्न 17: भारतियों ने रोलेट कानून का विरोध क्यों किया ?
उत्तर : भारतियों का रोलेट कानून के विरोध के निम्नलिखित कारण था -
(i) अंग्रेजों द्वारा यह कानून लोगों के अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचलने के लिए लाया गया था ।
(ii) यह कानून लोगों के मुलभुत अधिकारों पर अंकुश लगाता था ।
(iii) लोगों के खिलाफ यह कानून पुलिस को और अधिक अधिकार देता था ।
प्रश्न 18: खिलाफत आन्दोलन क्यों चलाया गया ?
उत्तर : 1920 में विश्व युद्ध हारने के बाद तुर्की को युद्ध अपराधी मानते हुए अंग्रेजों ने तुर्की के सुल्तान (खलीफा) पर बहुत सख्त संधि थोप दी थी । क्योंकि प्रथम विश्व युद्ध में तुर्की भी एक पक्ष था । इस घटना का भारतीय मुसलमानों में भारी गुस्सा था । भारतीय मुसलमान चाहते थे कि पुराने ऑटोमन साम्राज्य में स्थित पवित्र मुस्लिम स्थानों पर खलीफा का नियंत्रण बना रहना चाहिए ।
प्रश्न 19: सभी जगहों पर लोगों ने असहयोग आन्दोलन को अपने स्थानीय मुददों के साथ जोड़कर आगे बढाया । तीन उदाहरण देकर समझाइए ।
उत्तर : असहयोग आन्दोलन को लोगों ने अपने स्थानीय मुददों के साथ जोड़कर आगे बढाया यह कथन सत्य है, इसके निम्नलिखित उदाहरण हैं :
(i) खेडा, गुजरात में पाटीदार किसानों ने अंग्रेजों द्वारा थोप दिए गए भारी लगान के खिलाफ अहिंसक अभियान चलाया ।
(ii) तटीय आन्ध्र प्रदेश और तमिलनाडु के भीतरी भागों में शराब की दुकानों की घेराबंदी की गई ।
(iii) आन्ध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में आदिवासी और गरीब किसानों ने बहुत सारे "वन सत्याग्रह" किए ।
प्रश्न 20: गाँधी जी ने असहयोग आन्दोलन वापस क्यों ले लिया ?
उत्तर : महात्मा गाँधी हिंसक आन्दोलनों के विरुद्ध थे, फरवरी 1922 की चौरी-चौरा की घटना ने गाँधी जी को झकझोर के रख दिया । किसानों के शांतिपूर्ण जुलुस पर पुलिस वालों ने गोलियाँ चला दी जिससे किसान बेकाबू हो गए । इससे किसानों ने चौरी-चौरा पुलिस थाने पर हमला कर दिया और इसमें 22 पुलिस वाले मारे गए । इससे दुखी होकर गाँधी जी ने असहयोग आन्दोलन वापस ले लिया ।
प्रश्न 21: दांडी मार्च क्या है ? राष्ट्रिय आन्दोलन में इसकी भूमिका का वर्णन कीजिए ।
उत्तर : गांधीजी और उनके अनुयायियों ने साबरमती से 240 किलोमीटर दूर स्थित दांडी तट पर बिखरा नमक इक्कट्ठा करते हुए नमक कानून का सार्वजानिक रूप से उलंघन किया । गांधीजी के इसी यात्रा को इतिहास में दांडी मार्च के नाम से जाना जाता है ।
राष्ट्रिय आन्दोलन में दांडी मार्च भूमिका :
(i) इस यात्रा ने भारतीय समाज के सभी तरह के लोगों अमीर और गरीब सभी को राष्ट्रिय आन्दोलन से जोड़ा यात्रा ने भारतीय समाज के सभी तरह के लोगों अमीर और गरीब सभी को राष्ट्रिय आन्दोलन से जोड़ा ।
(ii) इस आन्दोलन के बाद अंग्रेजी शासन हिल गई और वह मानने लगी की भारत अब स्वतंत्र हुए बिना नहीं रह सकता ।
(iii) इस आन्दोलन में स्त्री-पुरुष ने बढ़ चढ़कर भाग लिया । बहुत से लोगों ने गाँधी जी के समर्थन में स्थानीय स्तर पर विरोध किया ।
प्रश्न 22: 1870 और 1880 के दशकों में लोग ब्रिटिश शासन से क्यों असंतुष्ट थे ?
उत्तर : 1870 और 1880 के दशकों में लोग ब्रिटिश शासन से असंतुष्ट होने के निम्नलिखित कारण थे :
(i) 1887 में पास आर्म्स एक्ट जिसके जरिए भारतियों द्वारा अपने पास हथियार रखने का अधिकार छीन लिया गया ।
(ii) इसी दशक में वर्नाकुलर प्रेस एक्ट लाया गया जो प्रेस पर सेंसरशिप लगाने के लिए लाया गया था |
(iii) अंग्रेजी शासन द्वारा इल्बर्ट बिल जो अंग्रेजों और भारतीय न्यायधीशों के बीच समानता स्थापित करने के लिए लाया जाना था जिसे अंग्रेज लोगों के दबाव में वापस ले लिया गया था |
(iv) इसके बाद बहुत से रानजीतिक संगठनों की स्थापना हुई जो अंगेजी नीतियों के विरोध में थी|
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