NCERT Solutions for Class 7 – Complete Chapter-wise Study Material
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6. नगर, व्यापारी और शिल्पिजन - Class 7 History Hindi NCERT Solutions
6. नगर, व्यापारी और शिल्पिजन
अध्याय - समीक्षा:
- 1000 साल पहले चोल राजाओ की राजधानी तंजावूर थी।
- बारहों महीने कावेरी नदी तंजावूर के पास से बहती थी।
- तंजावूर नगर का वास्तुकार, कुंजर मल्लन राजराज पेरू थच्चन ( मंदिर के दीवार पर उत्कीर्ण ) था।
- तंजावूर के निकटवर्ती नगर उरैयूर में सालीय बुनकर के कपड़े व स्वामी मलाई में कांस्य मूर्तियाँ बनाई जाती थी।
- तंजावूर एक मंदिर नगर का भी उदहारण है।
- यह बारहवीं शताब्दी में चौहान राजाओं की राजधानी।
- मुगलों के शासन में यह ' सूबा ' मुख्यालय बन गया।
- बारहवीं शताब्दी में सुप्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा मुयनुद्दीन चिस्ती यहाँ बस गए थे।
- व्यापारी काफिले बनाकर यात्रा करते थे और अपने हितो के लिए व्यापर संघ यानि गिल्ड बनाते थे।
- दक्षिण भारत में आठवीं शताब्दी में सबसे प्रसिद्ध मणिग्रामम और नानादेशी संघ थे।
- ये व्यापार संघ प्रायद्वीप के भीतर और दक्षिण-पूर्व एशिया तथा चीन के साथ भी व्यापार करते थे।
- चेट्टियार और माडवाडी ओसवाल जैसे समुदाय आगे चलकर देश के प्रमुख/प्रधान व्यापारी समूह बन गए।
- गुजरातियों में हिन्दू बनियाँ और मूसलिम बोहरा लाल सागर, फारस की खाड़ी , पूर्वी अफ्रीका, दक्षिण तथा पूर्व एशिया तथा चीन में कपड़े मसाले का व्यापर करते थे। बदले में अफ्रका से सोना और हाथी दाँत एवं दक्षिण-पूर्वी एशिया और चीन से मसाले, टिन , मिटटी के नील बर्तन और चाँदी लाते थे।
- सूरत एक सर्व देशीय नगर था , जहां सभी जातियों और धर्मों के लोग रहते थे।
- सत्रहवीं शताब्दी में वहाँ पुर्तगालियों, डचों और अंग्रेजों के कारखाने एवं मालगोदाम थे।
- सूरत से जारी की गयी हुंडियो को दूर-दूर तक मिस्श्र में काहिरा, इराक में बसरा और बेल्जियम में एंटवर्प के बाजारों में मान्यता प्राप्त थी।
- अठारहवीं शताब्दी में बम्बई , कलकत्ता और मद्रास नगरों का उदय हुआ जो आज प्रमुख महानगर है।
- ब्लैक यानी देशी व्यापारियों और शिल्पकारों को इन ' ब्लैक टाउन्स में सीमित कर दिया गया।
- गोर शासको ने मद्रास में फोर्ट सेंत जॉर्ज और कलकत्ता में फोर्ट सेंत विलियम की शानदार कोठियों में अपने आवास बनाए।
6. नगर, व्यापारी और शिल्पिजन
अभ्यास - प्रश्न:
प्रश्न: रिक्त स्थानों की पूर्ति करें:
(क) राजराजेश्वर मंदिर ____________ में बनाया गया था|
(ख) अजमेर सूफी संत _____________ से संबंधित है|
(ग) हम्पी _______________ साम्राज्य की राजधानी थी|
(घ) हॉलैंडवासियों ने आंध्र प्रदेश में ______________ पर अपनी बस्ती बसाई|
उत्तर:
(क) तंजावूर
(ख) ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती
(ग) विजयनगर
(घ) मसूलीपट्टनम
प्रश्न: बताएँ क्या सही हैं और क्या गलत:
(क) हम राजराजेश्वर मंदिर के मूर्तिकार (स्थापति) का नाम एक शिलालेख से जानते हैं|
(ख) सौदागर लोग काफ़िलों में यात्रा करने की बजाय अकेले यात्रा करना अधिक पसंद करते थे|
(ग) काबुल हाथियों के व्यापार का मुख्य केंद्र था|
(घ) सूरत बंगाल की खाड़ी पर स्थित एक महत्त्वपूर्ण व्यापारिक पत्तन था|
उत्तर:
(क) सही
(ख) गलत
(ग) गलत
(घ) सही
प्रश्न: तंजावूर नगर को जल की आपूर्ति कैसे की जाती थी?
उत्तर: तंजावूर नगर को बारहमासी नदी कावेरी से जल की आपूर्ति की जाती थी| कुओं और तालाबों से भी शहर में जल की आपूर्ति की जाती है|
प्रश्न: मद्रास जैसे बड़े नगरों में स्थित 'ब्लैक टाउन' में कौन रहता था?
उत्तर: मद्रास स्थित ब्लैक टाउन में देशी व्यापारी, शिल्पकार, व्यवसायी और दस्तकार जैसे लोग रहते थे|
प्रश्न: आपके विचार से मंदिरों के आस-पास नगर क्यों विकसित हुए?
उत्तर: मंदिरों के आस-पास नगर विकसित होने के निम्न कारण थे|
(i) मंदिर प्राय: अर्थव्यवस्था और समाज के केंद्र होते थे|
(ii) मंदिरों का निर्माण करवाने वाले राजा बड़े धार्मिक अनुष्ठानों के लिए भूमि और धन दान करते थे, साथ-ही साथ यात्रियों और पुरोहितों का पेट पालते थे|
(iii) पुरोहित, कामगार, शिल्पी और व्यापारी|
प्रश्न: मंदिरों के निर्माण तथा उसके रख रखाव के लिए शिल्पिजन कितने महत्त्वपूर्ण थे?
उत्तर:
1. मंदिरों के निर्माण के लिए शिल्पी काफी महह्त्व्पूर्ण थे - शिल्पियों में सुनार, कसेरे, लोहार, राजमिस्त्री और बढ़ी शामिल थे|
2. शिल्पकार मंदिरों को संदुर बनाने में काफी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते थे| शिल्पकार ही मंदिरों के विभिन्न भागों को निर्मित करते थे|
3. मंदिरों को कलात्मक रूप से सजाने का कार्य शिल्पकार ही करते थे|
प्रश्न: लोग दूर - दूर करे देशों - प्रदेशों में सूरत क्यों आते थे?
उत्तर: सूरत नगर में लोगों के दूर - दूर प्रदेशों से आने के कारण -
1. सूरत अरब सागर के तट पर्स थित एक बंदरगाह नगर था, जहाँ से पश्चिमी एशिया के देशों से व्यापार होता था|
2. सूरत को मक्का का प्रस्थान द्वारा भी कहा जाता था, क्योंकि संख्या बहुत से हज यात्री जहाज से कहीं से रवाना होते थे|
3. सूरत शिल्प उद्योग का प्रमुख केंद्र था, जिससे काफी संख्या में लोगों को रोजगार मिला हुआ था|
4. सूरत एक व्यापारिक नगर था, जहाँ पर कई वस्तुओं के थोक और फुटकर बाज़ार थे|
प्रश्न: कलाल्त्ता जैसे नगरों में शिल्प उत्पादन तंजावूर जैसे नगरों के शिल्प उत्पादन से किस प्रकार भिन्न था?
उत्तर: तंजावूर कलकत्ता से पहले का विकसित नगर हैं, इसलिए तंजावूर में शिल्प का उत्पादन कलकत्ता से पहले हो गया था| सोनों नगरों में शिल्प उत्पादन में काफी भिन्नता थी -
1. कलकत्ता में मुख्यत: शिल्प उत्पादन सूती, रेशमी व जूट उत्पादन तक सिमित था|
2. तंजावूर में सूती वस्त्रों के अतिरिक्त कांस्य मूर्तियों, धातु के दीपदान, मदिरों के घंटे, आभूषणों आदि का निर्माण बड़े पैमाने पर होता था, क्योंकि तंजावूर एक मंदिर नगर था|
प्रश्न: इस अध्याय में वार्णित किसी एक नगर की तुलना आप, अपने परिचित किसी कसबे या गाँव से करे| क्या दोनों के बीच कोई समानता या अंतर हैं?
उत्तर: सूरत (नगर) और टोकरी (कास्बा) की तुलना:
सूरत:
(i) सूरत एक व्यापारिक नगर हैं| यहाँ पर लोगों को आवश्यकता की अधिकाँश वस्तुएंप्राप्त हो जाती हैं|
(ii) सूरत एक महानगर हैं जिसकी आबादी 28 लाख से रूप में विकसित हो जुका हैं|
टेकारी (गया) बिहार:
(i) टेकारी एक छोटा - सा कस्बा हैं, जो ग्रामीण क्षेत्रों की आवश्यकता की पूर्ति करता हैं|
(ii) टेकारी की आब्दी 20,000 से भी कम हैं|
(iii) टेकारी ग्रामीण क्षेत्र का एक प्रखंड हैं|
प्रश्न: सौदागरों को किन - किन समस्याओं का सामना करना पड़ता था? आपके विचार से क्या वैसी कुछ समस्याएँ आज भी बनी हुई हैं?
उत्तर: सौदागरों को निम्नलिखित समस्याओं का सामना करना पड़ता था -
1. व्यापारियों को अनेक राज्यों तथा जंगलों में से होकर गुजरना पड़ता था, इसलिए वे आमतौर पर काफिले बनाकर एक साथ यात्रा करते थे|
2. सौदागर अपने हितों की रक्षा के लिए व्यापार संघ (गिल्ड) बनाते थे|
3. उन्हें विभिन्न प्रकार के कर चुकाने पड़ते थे|
4. प्राचीन व मध्यकाल में यातयात के रूप में बैलगाड़ी, घोदागादी, नावे आदि प्रमुख थे| अर्थात यातायात के साधन भी पर्याप्त मात्रा में नहीं थे|
वर्तमान संत में भी सौदागरों को व्यापार संघ बनाने पड़ते हैं| उन्य्हें विभिन्न कर चुकाने पड़ते हैं तथा व्यापार के लिए दूर - दूर तक यात्राएँ करनी पड़ती हैं|
6. नगर, व्यापारी और शिल्पिजन
अतिरिक्त - प्रश्न:
प्रश्न: चोल वंश की विशेषताएँ लिखिए?
उत्तर:
1. 1000 साल पहले चोल राजाओ की राजधानी तंजावूर थी।
2. बारहों महीने कावेरी नदी तंजावूर के पास से बहती थी।
3. तंजावूर नगर का वास्तुकार, कुंजर मल्लन राजराज पेरू थच्चन ( मंदिर के दीवार पर उत्कीर्ण ) था।
4. तंजावूर के निकटवर्ती नगर उरैयूर में सालीय बुनकर के कपड़े व स्वामी मलाई में कांस्य मूर्तियाँ बनाई जाती थी।
5. तंजावूर एक मंदिर नगर का भी उदहारण है।
6. चोल कालीन कांस्य मूर्तियां 'लुप्टमोम' तकनीक से बनाई जाती थी।
प्रश्न: अजेमर (राजस्थान) की विशेषताएँ क्या हैं?
उत्तर:
1. यह बारहवीं शताब्दी में चौहान राजाओं की राजधानी।
2. मुगलों के शासन में यह 'सूबा' मुख्यालय बन गया।
3. बारहवीं शताब्दी में सुप्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा मुयनुद्दीन चिस्ती यहाँ बस गए थे।
4. अजमेर के पास ही पुष्कर सरोवर है।
प्रश्न: इतिहास में व्यापरी की क्या भूमिका थी?
उत्तर:
1. व्यापारी काफिले बनाकर यात्रा करते थे और अपने हितो के लिए व्यापर संघ यानि गिल्ड बनाते थे।
2. दक्षिण भारत में आठवीं शताब्दी में सबसे प्रसिद्ध मणिग्रामम और नानादेशी संघ थे।
3. ये व्यापार संघ प्रायद्वीप के भीतर और दक्षिण-पूर्व एशिया तथा चीन के साथ भी व्यापार करते थे।
4. चेट्टियार और माडवाडी ओसवाल जैसे समुदाय आगे चलकर देश के प्रमुख/प्रधान व्यापारी समूह बन गए।
5. गुजरातियों में हिन्दू बनियाँ और मूसलिम बोहरा लाल सागर, फारस की खाड़ी , पूर्वी अफ्रीका, दक्षिण तथा पूर्व एशिया तथा चीन में कपड़े मसाले का व्यापर करते थे। बदले में अफ्रका से सोना और हाथी दाँत एवं दक्षिण-पूर्वी एशिया और चीन से मसाले, टिन , मिटटी के नील बर्तन और चाँदी लाते थे।
प्रश्न: नगरों में शिल्प की विशेषताएँ?
उत्तर:
1. बीदर ( कर्नाटक ) ताँबे तथा चाँदी के जड़ाई प्रसिद्ध था। इसलिए इस शिल्प का नाम बिदरी पड़ गया।
2. पांचाल अर्थात विश्वकर्मा समुदाय जिसमे सुनार, कसेरे, लुहार, राजमिस्त्री और बढ़ई शामिल थे।
3. सलीपार या कैक्कोलार जैसे बुनकर समुदाय मंदिरो को भारी दान दक्षिणा करते थे।
प्रश्न: हमपीनगर किन कारणों से विख्यात था?
उत्तर:
1. कृष्णा और तुंगभद्रा नदियों की घाटी में स्थित है।
2. हम्पी के किले का निर्माण गारे चूने से न करके शिलाखंडों को आपस में फसाकर किया गया था।
3. यह नगर 1336 में स्थापित विजयनगर साम्राज्य का केंद्र स्थल था।
4. हम्पी में भवनों में भव्य मेहराब और गुम्बद, स्तम्भों वाले कई विशाल कक्ष जिनमे मूर्तियों के रखने वाले आले , बाग़-बगीचे थे।
5. हम्पी के बाजारों में मूरो ( मुस्लिम सौदागरों ), चेट्टियो, और पुर्तगालियो जैसे यूरोपियो के एजेंटो का जमाहट लगा रहता था।
6. हम्पी में विरुपाक्ष ( शिव मंदिर ) एवं विठ्ठल जैसे मंदिर स्थित है।
7. विरुपाक्ष मंदिर में देवदासियों राजा एवं प्रजाजनों के समक्ष नृत्य कराती थी।
8. 1565 में दक्कनी सुल्तानों-गोलकुंडा, बीजापुर, अहमदनगर , बरार और बीदर के शासको के हाथों विजयनगर की पराजय के बाद हम्पी का विनाश हो गया।
प्रश्न: सूरत राज्य की विशेषताएँ लिखिए?
उत्तर:
1. सूरत मुगलकाल में कैम्बे आज के खम्भात और अहमदाबाद पश्चिमी व्यापार का केंद्र बन गया।
2. सूरत ओरमुज की खाड़ी से होकर पश्चिमी एशिया के साथ व्यापार करने के लिए मुख्य द्वार था।
3. सूरत को मक्का प्रस्थान द्वार भी जाता था।
4. सूरत एक सर्व देशीय नगर था , जहां सभी जातियों और धर्मों के लोग रहते थे।
5. सत्रहवीं शताब्दी में वहाँ पुर्तगालियों, डचों और अंग्रेजों के कारखाने एवं मालगोदाम थे।
6. सूरत से जारी की गयी हुंडियो को दूर-दूर तक मिस्श्र में काहिरा, इराक में बसरा और बेल्जियम में एंटवर्प के बाजारों में मान्यता प्राप्त थी।
7. हुंडी - एक ऐसा दस्तावेज जिसमे एक व्यक्ति द्वारा जमा कराई रकम दर्ज रहती है। हुंडी को कहीं अन्यत्र प्रस्तुत करके जमा की गई राशि प्राप्त की जा सकती है।
8. पुर्तगालियों द्वारा समुद्री मार्गो पर नियंत्रण और मुम्बई में 1668 में अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी का मुख्यालय बनने से सत्रहवीं शताब्दी में सूरत का पतन हो गया।
9. आज सूरत एक महत्वपूर्ण वाणिज्यिक केंद्र है।
प्रश्न: क्रिस्टोफर कोलंबस कौन थे?
उत्तर: ईटलीवासी क्रिस्टोफर कोलम्बस ने भारत पहुंचने का मार्ग खोजने के लिए अटलांटिक महासागर को पार करके पश्चिम की ओर यात्रा करने का निश्चय किया। उसका मानना था कि पृथ्वी गोल है, इसलिए वह पश्चिम की ओर से भी भारत पहुँच सकता है। वह 1492 में वेस्टइंडीज के तट पर पहुंचा ( बेस्टंडीज का नाम इसी भ्रान्ति के कारण पड़ा)।
प्रश्न: नए नगर और व्यापारी की स्थापन किस प्रकार हुई?
उत्तर:
1. अठारहवीं शताब्दी में बम्बई, कलकत्ता और मद्रास नगरों का उदय हुआ जो आज प्रमुख महानगर है।
2. ब्लैक यानी देशी व्यापारियों और शिल्पकारों को इन ' ब्लैक टाउन्स में सीमित कर दिया गया।
3. गोर शासको ने मद्रास में फोर्ट सेंत जॉर्ज और कलकत्ता में फोर्ट सेंत विलियम की शानदार कोठियों में अपने आवास बनाए।
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