सुषमा स्वराज 1952-2019
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सुषमा स्वराज 1952-2019
सुषमा स्वराज 1952-2019

सुषमा स्वराज 1952-2019
Updated On:2022-11-10 15:55:49
प्रारम्भिक जीवन
पूर्व विदेश मंत्री, प्रखर वक्ता सुषमा स्वराज जी का जन्म 14 फ़रवरी 1952 को हरियाणा राज्य के अम्बाला प्रान्त में हुआ था | उनके पिता का नाम हरदेव शर्मा व माता का नाम लक्ष्मी देवी था | उनके पिता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख कार्यकर्ता थे | वे मूलरूप से धरमपुरा लाहौर पकिस्तान के निवासी थे | उन्होंने अम्बाला में सनातन धर्म कॉलेज से संस्कृत और राजनीती में स्नातक किया | उन्हें सर्वश्रेष्ठ छात्रा का सम्मान भी कॉलेज से प्राप्त हुआ | उन्होंने पंजाब विश्वविधालय से विधि की शिक्षा प्राप्त की | सुषमा स्वराज जी सर्वोच्च न्यायालय में 1973 में अधिवक्ता के पद पर कार्यरत हुई | उनका विवाह स्वराज कौसल जी के साथ हुआ |कौसल राज्य सभा के संसद और सर्वोच्च न्यायालय में सुषमा जी के साथ अधिवक्ता थे | स्वराज कौशल जी मिजोरम राज्य के राज्यपाल भी नियुक्त हुए थे | सुषमा जी की एक बेटी है जिनका नाम बासुरी है जो लन्दन में वकालत की पढाई कर रही है | सुषमा जी का अचानक स्वस्थ ख़राब होने और दिल का दौरा पड़ने की वजह से 67 वर्ष की आयु में 6 अगस्त 2019 को रात्रि 11.24 बजे दिल्ली में निधन हो गया |
आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही है, लेकिन एक समय था जब महिलाओं को घर बाहर तक निकलने नहीं दिया जाता था। लेकिन कहते हैं बदलाव जरुर आता है। आज महिलाएं घर के साथ-साथ देश के विकास में भी योगदान दे रही है।
भारत की राजनीति में भी महिलाओं का उतना ही योगदान है जितना की पुरुषों का। जिन महिलाओं को घर को भी लड़ाई में नहीं भेजा जाता था। जिन्हें विदेश जाना तो दूर घर से बाहर नहीं जाने दिया जाता था। वो देश संभाल रही है। और इसे बेहतर उदाहरण क्या हो सकता कि आज हमारे देश की रक्षा मंत्री भी एक महिला थी और विदेश मंत्री भी महिला थी।
प्रमुख उपलब्धियाँ
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1977 में ये देश की प्रथम केन्द्रीय मंत्रीमंडल सदस्या बनी वह भी 25 वर्ष की आयु में|
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1979 में 27 वर्ष की आयु में जनता पार्टी, हरियाणा की राज्य अध्यक्षा बनी|
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स्वराज भारत की किसी राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी की प्रथम महिला प्रवक्ता बनी|
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ये भाजपा की प्रथम महिला मुख्यमंत्री, केंन्द्रीय मंत्री, महासचिव, प्रवक्ता, विपक्ष की नेता व विदेश मन्त्री बनी |
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ये भारतीय संसद की प्रथम एवं एक मात्र ऐसी महिला सदस्य है जिन्हें आउटस्टैंडिंग पार्लियामेंटीयन सम्मान मिला है|
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इन्होने चार राज्यों में 11 बार सीधे चुनाव लड़ी है|

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